Tuesday, 15 Sep 2026 | 08:31 PM

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मेजबान श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर:आज जिम्बाब्वे जीता तो भारत भी बाहर; वेस्टइंडीज पर भी टिकीं टीम इंडिया की उम्मीदें

मेजबान श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर:आज जिम्बाब्वे जीता तो भारत भी बाहर; वेस्टइंडीज पर भी टिकीं टीम इंडिया की उम्मीदें

मेजबान श्रीलंका टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। टीम को न्यूजीलैंड ने सुपर-8 में 61 रन से हरा दिया। ग्रुप-2 से इंग्लैंड ने नॉकआउट स्टेज में क्वालिफाई कर लिया। अब न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को हरा दिया तो पाकिस्तान भी बाहर हो जाएगा। ग्रुप-1 में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दोपहर 3 बजे से साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज भिड़ेंगे। वहीं शाम 7 बजे से भारत का सामना जिम्बाब्वे से होगा। इस मुकाबले को हारने वाली टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी। क्या भारत क्वालिफाई करेगा? ग्रुप-1 में बाकी टीमों के क्या समीकरण हैं? इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, श्रीलंका बाहर ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप सुपर-8 में आज भारत के सामने जिम्बाब्वे:हारने वाली टीम बाहर होगी, टीम इंडिया को वेस्टइंडीज की हार का भी इंतजार टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का 8वां मैच आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7 बजे से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू होगा। टॉस शाम 6.30 बजे होना है। पूरी खबर

48 घंटे में खंगाले 300 CCTV, बाइक सवार बदमाश पकड़े:टोल पर फायरिंग करने वाले निकले स्टूडेंट, पुराना विवाद था, गुमराह करने जोड़ा हाईवे का मसला

48 घंटे में खंगाले 300 CCTV, बाइक सवार बदमाश पकड़े:टोल पर फायरिंग करने वाले निकले स्टूडेंट, पुराना विवाद था, गुमराह करने जोड़ा हाईवे का मसला

ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालकर आखिरकार बरैठा टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाशों अश्वनी भदौरिया, निखिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी भिंड एमपी और दूसरा गाजीपुर यूपी का है। असल में दोनों ही स्टूडेंट हैं और बड़ागांव पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से बुलेट बाइक, पिस्टल, कारतूस, गमछा बरामद हो गए हैं। इनको सात नंबर चौराहा मुरार के एक होटल से पकड़ा गया है। एक आरोपी का एक साल पहले अपने पिता के साथ बरैठा टोल से निकलने के दौरान टोल प्लाजा के ऑपरेटर से विवाद हो गया था। जिसको लेकर उसमें आक्रोश था। बदला लेने उसने यह वारदात की, लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंचे और पुलिस को गुमराह करने यह ग्वालियर-भिंड हाइवे को सिक्स लेन करने की चिट्‌ठी फेंक गए थे। ऐसे समझिए पूरा मामला ग्वालियर-भिंड हाइवे के बॉर्डर पर बरैठा टोल प्लाजा है। सोमवार शाम को टोल प्लाजा के बूथ नंबर-07 पर टोल कलेक्टर नहीं था। जिस पर आगरा निवासी कर्मचारी रोहित कुमार वहां बैठा था। इसी समय एक बुलेट बाइक पर 02 अनजान युवक मुंह से गमछा बांधे हुए एवं हेलमेट पहने भिण्ड से ग्वालियर की ओर निकले जो कुछ दूरी पर जाकर बाइक रोककर खड़े हो गए और पीछे बैठा व्यक्ति पैदल चलकर रोहित कुमार पास बूथ पर आया जिसके हाथ में पिस्टल थी। उसने रोहित को एक हस्त लिखित पेज दिया और बोला कि अपने मैनेजर को बता देना कि हाईवे नहीं बनेगा तो टोल नहीं चलने दूंगा। मैं तुम्हे जान से खत्म कर दूँगा और उस व्यक्ति ने हाथ में लिए पिस्टल से कई राउण्ड फायर किए। जिससे रोहित कुमार कुर्सी से नीचे गिर गया गोलियां कम्प्यूटर में जाकर लगी। उसके बाद वह अपने साथी के साथ मौके पर गोलियां चलाता हुआ भाग गया। 300 से ज्यादा CCTV कैमरे देखे तो मिला सुराग घटना के बाद मौके पर मिली चिट्‌ठी में लिखा था कि ग्वालियर-भिंड हाइवे नहीं बनेगा तो ऐसे ही वारदात करेंगे। सरकार अंधी हो गई है। नेताओं के फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन अब हाइवे निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। अब कोई आकाश नहीं मरेगा। इस चिट्‌ठी से यह फायरिंग की घटना और भी संवेदनशील हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने घटना स्थल के आसपास से लेकर ग्वालियर शहर की ओर जहां बदमाश भागे थे 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले। इसके बाद पुलिस को बदमाश भिंड रोड से डीडी नगर, पिंटो पार्क टंकी तिराहा से होते हुए सात नंबर चौराहा की तरफ आते हुए दिखे थे। पर पूरे रास्ते पर कहीं भी उन्होंने फेस से नकाब नहीं हटाया था। आखिर में पुलिस ने बुलेट बाइक की पहचान कर दो आरोपियों को पकड़ा है। एक साल पुराने झगड़े का बदला लिया टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले बदमाश छात्र निकले हैं। दोनों की पहचान 22 वर्षीय अश्वनी पुत्र योगेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी वीरेन्द्र नगर सिटी कोतवाली भिण्ड हाल निवास बैंक कॉलोनी बड़ागॉंव मुरार, जबकि दूसरे बदमाश की पहचान 19 वर्षीय निखिल पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम टिल्डा जिला गाजीपुर (उ.प्र.) के रूप में हुई है। एक साल पहले अश्वनी अपने पिता के साथ टोल प्लाजा से निकल रहा था। तब उसकी टोल प्लाजा पर बहस हो गई थी। उस घटना के बाद से वह आक्रोशित था। वह बदला लेने का बहाना तलाश रहा था। उसने हाइवे पर गोलियां चलाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए हाइवे निर्माण का मुद्दा उससे जोड़ दिया। घटना में गोलियां भी अश्वनी भदौरिया ने चलाई थीं। इनकी रही खुलासे में भूमिका सिर्फ 48 घंटे में थाना प्रभारी महाराजपुरा यशवंत गोयल, बरेठा चौकी प्रभारी एसआई सौरभ श्रीवास्तव, रजनी रघुवंशी, मनोज परमार, विश्वीर जाट, देवेन्द्र लोधी, सउनि विनोद छारी, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र राजावत, अशोक माबई, रामबरन लोधी, नरवीर राणा, जितेन्द्र तोमर, आरक्षक रूस्तम सिंह, भानु सिकरवार, अनिल गुर्जर, राघवेन्द्र भदौरिया, दिनेश शर्मा, आनंद यादव, धर्मेन्द्र, शिवराज, प्रदीप, नागेश शर्मा, बृजेन्द्र चौहान, गौरव परमार, ध्रुव गुर्जर, योगेन्द्र गुर्जर, विकास माहौर, सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आकाश पांडेय, सुमित भदौरिया, अरूण कुमार, लोकेन्द्र दादौरिया, आरक्षक चालक हरे मुरारी, हरीओम सिकरवार की सराहनीय भूमिका रही। एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। दोनों छात्र है। एक साल पहले टोल पर झगड़े का बदला लेने यह हमला किया गया है, जबकि पुलिस को गुमराह करने के लिए यह हाइवे का मुद्दा उसमें डाल दिया।

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पूर्व सरपंच के संस्कार में जर्मनी से आए उसके भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूर्व सरपंच का भाई अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपनी स्कॉर्पियो में घर आ रहा था। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर उनकी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो 90 डिग्री तक घूम गई। इसमें कार चला रहे पूर्व सरपंच के भाई NRI गुरदीप सिंह (60) ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि उनके साथ बैठे गांव के ही जगविंदर सिंह जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह उनके शव को बाहर निकाला। साथ ही घायल जगविंदर को भी बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया गया है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….

गुझिया बनाने की युक्तियाँ: बिना किसी मिनट में एक साथ प्रभाव 7 गुझिया, होली पर ये रहस्य तरीका आने वाला काम

गुझिया बनाने की युक्तियाँ: बिना किसी मिनट में एक साथ प्रभाव 7 गुझिया, होली पर ये रहस्य तरीका आने वाला काम

25 फरवरी 2026 को 18:25 IST पर अद्यतन किया गया गुझिया बनाने के टिप्स: होली पर गुझिया बनाना सबसे बड़ा काम होता है। लेकिन कोई ऐसी ट्रिक पता चले, जिससे एक साथ कई सारी गुझिया बनाई जा सके, तो मजा ही आ जाएगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली गुझिया रेसिपी(टी)घर पर गुजिया बनाने के टिप्स(टी)आसान गुजिया ट्रिक(टी)होली मिठाई रेसिपी 2026(टी)बिना फफूंदी वाली गुजिया कैसे बनाएं(टी)पारंपरिक होली मिठाई(टी)गुजिया डिजाइन विचार

ईशान किशन टी-20 बैटर्स की रैंकिंग में नंबर-5 पर आए:बॉलर्स में बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई, सिकंदर रजा टॉप ऑलराउंडर

ईशान किशन टी-20 बैटर्स की रैंकिंग में नंबर-5 पर आए:बॉलर्स में बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई, सिकंदर रजा टॉप ऑलराउंडर

ICC की ताजा टी-20 रैंकिंग में भारतीय ओपनर ईशान किशन 3 स्थान की छलांग लगाकर 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान का उछाल लेते हुए 8वां स्थान हासिल किया है। ICC ने बुधवार को टी-20 इंटरनेशनल खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की। भारतीय ओपनर ईशान किशन को शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला है। वे 742 रेटिंग अंक के साथ 8वें से 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अभिषेक शर्मा टॉप पर कायम अभिषेक शर्मा खराब प्रदर्शन के बावजूद टी-20 बैटर्स की रैंकिंग की टॉप पोजिशन पर कायम हैं। वर्ल्ड कप में साधारण शुरुआत के बावजूद वे इंग्लैंड के फिल सॉल्ट से 62 अंक आगे हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 2 पायदान के फायदे के साथ नंबर-3 पर आ गए हैं। फरहान के 810 रेटिंग पॉइंट्स हैं। बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई है। पिछले हफ्ते 15वें नंबर पर रहे बुमराह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेने के बाद 669 अंक के साथ 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। कॉर्बिन बॉश 21 स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर आ गए हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती नंबर-1 गेंदबाज बने हुए हैं। सिकंदर रजा नंबर-1 ऑलराउंडर बने ऑलराउंडरों में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा फिर से नंबर-1 बन गए हैं। शिवम दुबे दो स्थान ऊपर चढ़कर 7वें नंबर पर पहुंचे हैं। वहीं, अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी 8वें स्थान पर पहुंचकर टॉप-10 में शामिल हो गए हैं। ———————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————– टी-20 क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, आज श्रीलंका-न्यूजीलैंड के लिए करो या मरो मुकाबला इंग्लैंड टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। टीम ने मंगलवार को ग्रुप-2 में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया और नॉकआउट राउंड में एंट्री की। 2010 और 2022 की चैंपियन टीम ने लगातार पांचवें एडिशन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पढ़ें पूरी खबर

'बड़े नेता-अफसर समुदाय विशेष को टारगेट नहीं कर सकते':सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म या जाति के आधार पर बदनाम करने का अधिकार नहीं

'बड़े नेता-अफसर समुदाय विशेष को टारगेट नहीं कर सकते':सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म या जाति के आधार पर बदनाम करने का अधिकार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि ऊंचे संवैधानिक पदों पर बैठे नेता-अफसर किसी समुदाय को धर्म-जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर निशाना नहीं बना सकते। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संविधान के खिलाफ है। किसी भी माध्यम से समुदाय को बदनाम करना अस्वीकार्य है। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुसार राज्य या गैर-राज्य अभिनेता सहित कोई भी व्यक्ति भाषण, मीम, कार्टून या दृश्य कला जैसे किसी भी माध्यम से किसी समुदाय को बदनाम या अपमानित नहीं कर सकता। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुयान की बेंच ने नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर रोक की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अलग से यह टिप्पणी की। बेंच ने 19 फरवरी को फिल्म निर्माता नीरज पांडे के हलफनामे को रिकॉर्ड में लेकर याचिका खत्म कर दी। अदालत ने उम्मीद जताई कि विवाद अब खत्म हो जाएगा। जस्टिस भुयान ने अपने 39 पन्नों के अलग फैसले में कहा कि संविधान की प्रस्तावना में सभी नागरिकों के बीच भाईचारा बढ़ाने और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का वादा किया गया है। मामले से जुड़ी पिछली सुनवाई- 19 फरवरी : SC के आदेश पर ‘घूसखोर पंडत’ नाम हटाया गया, नीरज पांडेय बोले- नया टाइटल अभी तय नहीं मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत का नाम बदल दिया गया है। फिल्ममेकर नीरज पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करके इसकी जानकारी दी। जिसमें बताया गया कि फिल्म का विवादित टाइटल हटा दिया गया है। अब इसका कहीं इस्तेमाल नहीं होगा। नया नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन जो भी रखा जाएगा, वह पुराने नाम जैसा या उससे मिलता-जुलता नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी को टीजर के साथ फिल्म के नाम का ऐलान हुआ था नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी 2026 को मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ का ऐलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। ब्राह्मण समाज ने फिल्म का विरोध किया अलग-अलगह जगहों पर ब्राह्मण समाज ने नेटफ्लिक्स की ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा मुंबई के वकील आशुतोष दुबे का आरोप है कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है। नोटिस में कहा गया है कि यह फिल्म जानबूझकर एक समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है।

बसपा के एकमात्र मौजूदा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग का छापा | राजनीति समाचार

New Zealand vs Sri Lanka Live Cricket Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Stay updated with NZ vs SL Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Colombo. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2026, 16:24 IST सूत्रों ने कहा कि यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन और चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच से जुड़ी है विधायक उमाशंकर सिंह (न्यूज18 हिंदी) उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ, बसपा के एकमात्र मौजूदा विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ आवास पर आयकर विभाग की सुबह-सुबह छापेमारी ने राज्य के पहले से ही तनावपूर्ण माहौल में नई राजनीतिक गर्मी पैदा कर दी है। तलाशी अभियान बुधवार सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ जब 50 से अधिक आयकर अधिकारी, लखनऊ पुलिस कर्मियों के साथ, कई वाहनों में गोमती नगर में सिंह के आवास पर पहुंचे। टीम ने परिसर की घेराबंदी कर दी और घर के अंदर और बाहर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। तलाशी के दौरान अधिकारियों को फाइलों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच करते देखा गया। सूत्रों ने कहा कि यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन और चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच से जुड़ी है। हालाँकि, आयकर विभाग ने अभी तक छापे के दायरे या निष्कर्षों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब सिंह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। बलिया जिले के रसड़ा से तीन बार विधायक रहे, उनका कैंसर का इलाज चल रहा है। उनकी पहले ही दो बड़ी सर्जरी हो चुकी हैं और हाल ही में वह रक्त संबंधी चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरकर संयुक्त राज्य अमेरिका से लौटे हैं। वर्तमान में, वह अपने चल रहे उपचार के हिस्से के रूप में अपने लखनऊ आवास पर अलगाव में हैं। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब सिंह को अपनी संपत्ति को लेकर जांच का सामना करना पड़ा है। करीब 11 महीने पहले सतर्कता विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच शुरू की थी. जांच कथित तौर पर उनकी पत्नी पुष्पा सिंह, बेटे युकेश और बेटी यामिनी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों तक फैली हुई है। जांच में भूमि, आवासीय घर, फ्लैट, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और कृषि संपत्तियां शामिल थीं। विजिलेंस अधिकारियों ने पंजीकृत संपत्तियों के संबंध में जानकारी के लिए आईजी प्रयागराज को पत्र लिखने सहित कई विभागों से विवरण मांगा था। जांच के हिस्से के रूप में वाराणसी जैसे जिलों में उप-पंजीयक कार्यालयों से भी रिकॉर्ड एकत्र किए गए थे। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान दायर सिंह के हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 54.05 करोड़ रुपये है। इसमें से 18.05 करोड़ रुपये चल संपत्ति है, जबकि 35.99 करोड़ रुपये अचल संपत्ति के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने करीब 13 करोड़ रुपये की देनदारी भी घोषित की है. उनकी पत्नी पुष्पा सिंह सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक हैं। सिंह का बहुजन समाज पार्टी में विशेष महत्व है क्योंकि वह वर्तमान उत्तर प्रदेश विधानसभा में इसके एकमात्र विधायक हैं। 2022 के चुनाव में रसड़ा से उनकी जीत के जरिए ही बसपा अपना खाता खोलने में कामयाब रही. उनकी लगातार चुनावी सफलता ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी स्थिति मजबूत कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती से उनकी नजदीकियां राजनीतिक तौर पर भी चर्चित रही हैं। अतीत में, मायावती ने सार्वजनिक रूप से उन्हें राखी बांधी थी, जो एक करीबी रिश्ते का प्रतीक था। 5 मार्च को, जब सिंह की तबीयत बिगड़ गई, तो वह व्यक्तिगत रूप से उनका हाल जानने के लिए उनके आवास पर गईं और उनके परिवार के सदस्यों से मिलीं। 12वीं पास नेता सिंह ने अपना राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू किया। 1990 में, वह बलिया के एएसी कॉलेज में छात्र संघ के महासचिव चुने गए। बाद में वह अपनी जमीनी उपस्थिति को मजबूत करते हुए 2000 में बलिया के जिला पंचायत अध्यक्ष बने। वह 2011 में बसपा में शामिल हुए और 2012 में पहली बार रसड़ा से विधायक चुने गए। उस वर्ष बसपा की सीटों में उल्लेखनीय गिरावट के बावजूद, सिंह ने 84,000 से अधिक वोट हासिल किए और अपने समाजवादी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराया। उन्होंने लगातार तीन जीत दर्ज करते हुए 2017 और 2022 में सीट बरकरार रखी। सिंह का राजनीतिक करियर विवादों से रहित नहीं रहा है। 14 जनवरी 2017 को तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत अयोग्य घोषित कर दिया था. इस मामले में अपने नाम पर सरकारी ठेके हासिल करने का आरोप शामिल था। लोकायुक्त जांच में आरोपों में सच्चाई पाई गई और अदालत के निर्देशों और चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद, उनकी विधानसभा सदस्यता पूर्वव्यापी रूप से समाप्त कर दी गई – कथित तौर पर उत्तर प्रदेश में ऐसा पहला मामला था। पहले प्रकाशित: 25 फरवरी, 2026, 16:24 IST समाचार राजनीति बसपा के एकमात्र मौजूदा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग ने छापा मारा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)उत्तर प्रदेश में आयकर छापा(टी)उमाशंकर सिंह की संपत्ति(टी)बसपा विधायक लखनऊ पर छापा(टी)उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव(टी)वित्तीय जांच राजनेता भारत(टी)उमाशंकर सिंह स्वास्थ्य(टी)बीएसपी राजनीतिक विवाद(टी)मायावती उमाशंकर सिंह

संजय लीला भंसाली को हार्ट अटैक की खबर गलत:टीम ने बताया- वह पूरी तरह स्वस्थ, केवल रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे

संजय लीला भंसाली को हार्ट अटैक की खबर गलत:टीम ने बताया- वह पूरी तरह स्वस्थ, केवल रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे

फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को लेकर हाल ही में खबरें आईं कि उन्हें हार्ट अटैक के बाद मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन खबरों को गलत बताते हुए बुधवार को उनके परिवार ने बयान जारी कर कहा कि वह बिल्कुल ठीक हैं और सिर्फ रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल गए थे। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मंगलवार को उनके 63वें जन्मदिन के दिन भंसाली को हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि परिवार ने अब हार्ट अटैक की बात की पुष्टि नहीं की। परिवार की तरफ से कहा गया, “संजय लीला भंसाली बिल्कुल ठीक हैं। वह रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। सभी के प्यार और दुआओं के लिए धन्यवाद।” फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं संजय लीला भंसाली इन दिनों वह अपनी अगली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं। इसमें आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल नजर आएंगे। संजय लीला भंसाली ने अपने करियर की शुरुआत विदु विनोद चोपड़ा के साथ असिस्टेंट के रूप में की। डायरेक्शन में उनकी पहली फिल्म ‘खामोशी: द म्यूज़िकल’ रही, जिसे समीक्षकों ने खूब सराहा। उन्हें असली पहचान ‘हम दिल दे चुके सनम’ से मिली। इसके बाद ‘देवदास’ आई, जो बड़ी हिट साबित हुई। भंसाली ने ‘ब्लैक’ जैसी संवेदनशील और प्रभावशाली फिल्म बनाई, जिसने कई पुरस्कार जीते। हालांकि ‘सांवरिया’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ जैसी ऐतिहासिक फिल्में भी बनाईं। इसके अलावा, 2024 में उन्होंने वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया।

सेहत और रिश्तों के लिए वरदान हैं खुशी के आंसू:13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था, एक्सपर्ट के अनुसार यह दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाते हैं

सेहत और रिश्तों के लिए वरदान हैं खुशी के आंसू:13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था, एक्सपर्ट के अनुसार यह दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाते हैं

कई बार दोस्तों की शादी, किसी की बहादुरी की कहानी या किसी अजनबी की मदद करना जैसे खुशी के मौके पर भी आंखें भर आती हैं। वैज्ञानिकों ने इसे नाम ‘काम मुत’ दिया है। यह शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका मतलब है प्यार से अभिभूत होना। इसे हफ्ते में औसतन दो बार महसूस कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिकों ने इसे करीब 13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था। एक्सपर्ट के अनुसार, यह भावना न केवल हमें सुकून देती है, बल्कि हमें दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाती है। रिसर्च के अनुसार, ‘काम मुत’ जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाता है और हमें छोटी परेशानियों से ऊपर उठकर सोचने में मदद करता है। जर्मन वैज्ञानिकों ने पाया कि इस दौरान शरीर की हलचल कम हो जाती है, जिससे हम खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्थिर और शांत महसूस करते हैं। राजनीतिक दूरियां मिटाती है खुशी के आंसुओं वाली भावना 2023 की एक अमेरिकी स्टडी में पाया गया कि जब लोगों ने तूफान पीड़ितों की मदद करने वाले स्वयंसेवकों का भावुक वीडियो देखा, तो उनमें अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति नफरत कम हुई। काम मुत महसूस करने वाले नागरिकों में विरोधियों के लिए अधिक गर्मजोशी और भरोसा देखा गया। साफ है कि जितनी गहराई से हम इस भावना को महसूस करते हैं, उतनी ही सामाजिक और राजनीतिक दूरियां कम होती हैं। काम मुत के साथ महसूस होने वाले शारीरिक संकेत रिसर्च के अनुसार, ‘कामा मुत’ महसूस होने पर गले में भारीपन, गर्दन और पीठ के पीछे हल्की झनझनाहट, शरीर पर रोंगटे खड़े होना और छाती के भीतर एक सुखद गर्माहट का अहसास शामिल है। रिश्तों का अचानक गहरा होना सबसे बड़ा ट्रिगर अध्ययनों के अनुसार, ‘रिश्तों में अचानक आई गहराई ‘काम मुत’ का मुख्य कारण है। जैसे सैनिक की घर वापसी देख परिवारवाले भावुक होते हैं, क्योंकि खोने के डर के मुकाबले सुरक्षित लौटने की खुशी और राहत अधिक प्रभावी होती है। काम मुत कैसे बढ़ाएं? एक अध्ययन के अनुसार, जब दो लोग सक्रिय बातचीत करते हैं, यानी एक-दूसरे को पूरी एकाग्रता के साथ सुनते हैं, तो दोनों में काम मुत की भावना जागृत हो सकती है।

फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर रोक नहीं:SC बोला- निगेटिव मैसेज नहीं, क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है

फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर रोक नहीं:SC बोला- निगेटिव मैसेज नहीं, क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि फिल्म के नाम में ऐसा कोई शब्द नहीं है, जिससे यादव समाज की छवि खराब होती हो। विश्व यादव परिषद के प्रमुख ने याचिका में कहा था कि फिल्म का नाम यादव समाज को गलत तरीके से दिखाता है। साथ ही फिल्म में यादव समाज की एक हिंदू लड़की और एक मुस्लिम लड़के की प्रेम कहानी दिखाई गई है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा, “क्या किसी हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?” कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडित’ मामले से अलग बताया बेंच ने हाल में ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म से जुड़े आदेश से इस मामले को अलग बताया। कोर्ट ने कहा कि ‘घूसखोर’ शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है, जो सीधे तौर पर नकारात्मक अर्थ जोड़ता है। जबकि मौजूदा फिल्म के नाम में ऐसा कोई नकारात्मक संकेत नहीं है। कोर्ट ने कहा- रिलीज के बाद आपत्ति हो तो फिर आएं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि फिल्म खुद को एक सच्ची कहानी पर आधारित बताती है। इस पर कोर्ट ने जवाब दिया, “फिल्म बैंडिट क्वीन में भी गुर्जर समुदाय को गलत तरीके से दिखाने की बात उठी थी, तब भी कोर्ट ने बैन से इनकार किया था।” वकील ने कहा कि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है और अगर रिलीज के बाद कुछ आपत्तिजनक लगे तो वे फिर कोर्ट आ सकते हैं। इस पर बेंच ने कहा, “जरा सहनशील बनिए। यह फिक्शन है। एक हफ्ते में सब खत्म हो जाएगा। आजकल लोग थिएटर नहीं, मोबाइल पर देख रहे हैं।” फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म यादव जी की लव स्टोरी 27 फरवरी को रिलीज होनी है। इसमें प्रगति तिवारी मुख्य अभिनेत्री हैं, जो ‘सिंपल यादव’ का किरदार निभा रही हैं। विशाल मोहन ‘वसीम अख्तर’ की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के निर्देशक अंकित भड़ाना हैं और निर्माता संदीप तोमर हैं। कई शहरों में फिल्म को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं फिल्म को लेकर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में विरोध हो रहा है। कई यादव संगठन इसके नाम और कहानी पर आपत्ति जता रहे हैं। विरोध का मुख्य कारण फिल्म की कहानी बताई जा रही है। संगठनों का कहना है कि फिल्म में यादव समाज की एक हिंदू लड़की और मुस्लिम युवक की प्रेम कहानी दिखाई गई है। यादव समाज के कुछ लोगों का कहना है कि इससे उनकी छवि खराब हो रही है और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। उनका आरोप है कि फिल्म का नाम और कहानी खास तौर पर यादव समाज को निशाना बनाती है। प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि ऐसी कहानी समाज की संस्कृति, आस्था और इतिहास के खिलाफ है। कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए भी आपत्ति जताई है। फिल्म के नाम पर भी सवाल उठाए गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि ‘यादव जी’ शब्द का इस्तेमाल जानबूझकर प्रचार के लिए किया गया है और इससे जातिगत पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उनका कहना है कि इससे यादव समाज की छवि पर बुरा असर पड़ सकता है। —————— ये खबर भी पढ़ें… ‘घूसखोर पंडत’ के बाद ‘यादवजी की लव स्टोरी’ पर बवाल:खेसारी लाल बोले-टाइटल बदलने यहां भी दिखाएं एकजुटता, सही-गलत का पैमाना एक जैसा हो फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। इसमें एक विशेष जाति का जिक्र है। फिल्म के नाम को लेकर विवाद बढ़ने पर खेसारी लाल यादव ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। भोजपुरी के ट्रेडिंग स्टार खेसारी लाल यादव भड़क गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…