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सेहत और रिश्तों के लिए वरदान हैं खुशी के आंसू:13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था, एक्सपर्ट के अनुसार यह दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाते हैं

सेहत और रिश्तों के लिए वरदान हैं खुशी के आंसू:13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था, एक्सपर्ट के अनुसार यह दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाते हैं

कई बार दोस्तों की शादी, किसी की बहादुरी की कहानी या किसी अजनबी की मदद करना जैसे खुशी के मौके पर भी आंखें भर आती हैं। वैज्ञानिकों ने इसे नाम ‘काम मुत’ दिया है। यह शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका मतलब है प्यार से अभिभूत होना। इसे हफ्ते में औसतन दो बार महसूस कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिकों ने इसे करीब 13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था। एक्सपर्ट के अनुसार, यह भावना न केवल हमें सुकून देती है, बल्कि हमें दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाती है। रिसर्च के अनुसार, ‘काम मुत’ जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाता है और हमें छोटी परेशानियों से ऊपर उठकर सोचने में मदद करता है। जर्मन वैज्ञानिकों ने पाया कि इस दौरान शरीर की हलचल कम हो जाती है, जिससे हम खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्थिर और शांत महसूस करते हैं। राजनीतिक दूरियां मिटाती है खुशी के आंसुओं वाली भावना 2023 की एक अमेरिकी स्टडी में पाया गया कि जब लोगों ने तूफान पीड़ितों की मदद करने वाले स्वयंसेवकों का भावुक वीडियो देखा, तो उनमें अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति नफरत कम हुई। काम मुत महसूस करने वाले नागरिकों में विरोधियों के लिए अधिक गर्मजोशी और भरोसा देखा गया। साफ है कि जितनी गहराई से हम इस भावना को महसूस करते हैं, उतनी ही सामाजिक और राजनीतिक दूरियां कम होती हैं। काम मुत के साथ महसूस होने वाले शारीरिक संकेत रिसर्च के अनुसार, ‘कामा मुत’ महसूस होने पर गले में भारीपन, गर्दन और पीठ के पीछे हल्की झनझनाहट, शरीर पर रोंगटे खड़े होना और छाती के भीतर एक सुखद गर्माहट का अहसास शामिल है। रिश्तों का अचानक गहरा होना सबसे बड़ा ट्रिगर अध्ययनों के अनुसार, ‘रिश्तों में अचानक आई गहराई ‘काम मुत’ का मुख्य कारण है। जैसे सैनिक की घर वापसी देख परिवारवाले भावुक होते हैं, क्योंकि खोने के डर के मुकाबले सुरक्षित लौटने की खुशी और राहत अधिक प्रभावी होती है। काम मुत कैसे बढ़ाएं? एक अध्ययन के अनुसार, जब दो लोग सक्रिय बातचीत करते हैं, यानी एक-दूसरे को पूरी एकाग्रता के साथ सुनते हैं, तो दोनों में काम मुत की भावना जागृत हो सकती है।

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कई बार दोस्तों की शादी, किसी की बहादुरी की कहानी या किसी अजनबी की मदद करना जैसे खुशी के मौके पर भी आंखें भर आती हैं। वैज्ञानिकों ने इसे नाम ‘काम मुत’ दिया है। यह शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका मतलब है प्यार से अभिभूत होना। इसे हफ्ते में औसतन दो बार महसूस कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिकों ने इसे करीब 13 साल पहले औपचारिक तौर पर पहचाना था। एक्सपर्ट के अनुसार, यह भावना न केवल हमें सुकून देती है, बल्कि हमें दूसरों के प्रति अधिक निस्वार्थ और दयालु भी बनाती है। रिसर्च के अनुसार, ‘काम मुत’ जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाता है और हमें छोटी परेशानियों से ऊपर उठकर सोचने में मदद करता है। जर्मन वैज्ञानिकों ने पाया कि इस दौरान शरीर की हलचल कम हो जाती है, जिससे हम खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्थिर और शांत महसूस करते हैं। राजनीतिक दूरियां मिटाती है खुशी के आंसुओं वाली भावना 2023 की एक अमेरिकी स्टडी में पाया गया कि जब लोगों ने तूफान पीड़ितों की मदद करने वाले स्वयंसेवकों का भावुक वीडियो देखा, तो उनमें अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति नफरत कम हुई। काम मुत महसूस करने वाले नागरिकों में विरोधियों के लिए अधिक गर्मजोशी और भरोसा देखा गया। साफ है कि जितनी गहराई से हम इस भावना को महसूस करते हैं, उतनी ही सामाजिक और राजनीतिक दूरियां कम होती हैं। काम मुत के साथ महसूस होने वाले शारीरिक संकेत रिसर्च के अनुसार, ‘कामा मुत’ महसूस होने पर गले में भारीपन, गर्दन और पीठ के पीछे हल्की झनझनाहट, शरीर पर रोंगटे खड़े होना और छाती के भीतर एक सुखद गर्माहट का अहसास शामिल है। रिश्तों का अचानक गहरा होना सबसे बड़ा ट्रिगर अध्ययनों के अनुसार, ‘रिश्तों में अचानक आई गहराई ‘काम मुत’ का मुख्य कारण है। जैसे सैनिक की घर वापसी देख परिवारवाले भावुक होते हैं, क्योंकि खोने के डर के मुकाबले सुरक्षित लौटने की खुशी और राहत अधिक प्रभावी होती है। काम मुत कैसे बढ़ाएं? एक अध्ययन के अनुसार, जब दो लोग सक्रिय बातचीत करते हैं, यानी एक-दूसरे को पूरी एकाग्रता के साथ सुनते हैं, तो दोनों में काम मुत की भावना जागृत हो सकती है।

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