Tuesday, 15 Sep 2026 | 10:41 PM

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कनाडा ने 2025 में 2,800 भारतीयों को निकाला:6500 भारतीय को निकालने की तैयारी; शरणार्थी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई

कनाडा ने 2025 में 2,800 भारतीयों को निकाला:6500 भारतीय को निकालने की तैयारी; शरणार्थी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई

कनाडा सरकार ने 2025 के पहले 10 महीनों में 2,831 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकाला है। ये जानकारी कनाडा की कैनेडियन बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के आंकड़ों से सामने आई है। इसके मुताबिक पिछले साल कुल 18,785 लोगों को कनाडा से निकाला गया, जिनमें भारतीय दूसरे नंबर पर हैं। सबसे ज्यादा 3,972 लोग मेक्सिको के थे। इतना ही नहीं, अभी 29,542 लोगों को निकालने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 6,515 भारतीय भी शामिल हैं। यानी आने वाले समय में और भारतीयों पर भी कार्रवाई हो सकती है। कनाडा सरकार ने बताया है कि जिन लोगों को निकाला गया, उनमें से कई पर क्रिमिनल मामले थे। लेकिन बड़ी संख्या उन लोगों की भी थी जिन्होंने शरणार्थी दावे से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया। कनाडा में तीन तरीके बाहर निकाला जाता है कनाडा में किसी को बाहर करने के तीन तरीके होते हैं- डिपार्चर ऑर्डर, एक्सक्लूजन ऑर्डर और डिपोर्टेशन ऑर्डर। कुछ लोगों को 30 दिन के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया जाता है। अगर वे नहीं जाते तो उन पर कड़ी कार्रवाई होती है। कुछ मामलों में एक साल या पांच साल तक दोबारा कनाडा आने पर रोक लगती है। वहीं डिपोर्टेशन ऑर्डर में बिना खास अनुमति के दोबारा एंट्री नहीं मिलती। कनाडा के इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार की कोशिश कनाडा में इमिग्रेशन इस समय बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। पिछले साल चुनाव के दौरान भी यही सबसे अहम मुद्दा था और अब भी सरकार और विपक्ष के बीच इसी पर बहस चल रही है। मुकाबला मुख्य रूप से लिबरल पार्टी और कंजर्वेटिव पार्टी के बीच है। लिबरल पार्टी के नेता पीएम मार्क कार्नी का कहना है कि इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक घरों की कमी की समस्या ठीक नहीं होती, तब तक इमिग्रेशन की संख्या को कंट्रोल में रखा जाएगा। 2025 के लिए करीब 3 लाख 95 हजार लोगों को स्थायी निवास देने का टारगेट रखा गया था, जो देश की आबादी के 1% से कम है। सीमा सुरक्षा को लेकर भी सरकार कड़े कदम उठा रही है। 1.3 बिलियन डॉलर की योजना के तहत सीमा पर ड्रोन और नई निगरानी तकनीक लगाई गई है। जून 2025 में सरकार ने स्ट्रांग बॉर्डर एक्ट नाम का नया कानून भी पेश किया, जिसका मकसद सीमा को और मजबूत करना और इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा सख्त बनाना है। कनाडा में हर चौथा व्यक्ति विदेशी मूल का कनाडा दुनिया के उन देशों में है जहाँ प्रवासियों (इमिग्रेंट) की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2021 की आधिकारिक जनगणना के मुताबिक, कनाडा में लगभग 83.6 लाख (8.3 मिलियन) लोग विदेश में जन्मे हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 23% है। यह आंकड़ा स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने जारी किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का खास रोल रही है, लेकिन हाल के सालों में इस मुद्दे पर बहस भी तेज हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 13 लाख (1.3 मिलियन) लोग रहते हैं। वहीं करीब 3 लाख (लगभग 3.03 लाख) लोग पाकिस्तानी मूल के हैं। कनाडा सरकार विदेशी छात्रों को PHD के लिए बुला रही कनाडा सरकार एक तरफ जहां शर्णार्थियों की संख्या कंट्रोल करना चाहती है, वहीं विदेशों से ज्यादा मास्टर्स और पीएचडी करने वाले छात्रों को बुलाना चाहती है। द ग्लोबल एंड मेल की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए इमिग्रेशन विभाग सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहा है। पोस्ट में बताया जा रहा है कि अगर छात्र कनाडा पढ़ने आएंगे तो उनके परिवार वाले भी साथ आने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पिछले एक साल में कनाडा आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या काफी कम हो गई है। ‘इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप कनाडा’ के मुताबिक 2025 में पिछले साल के मुकाबले 61% कम नए छात्र आए। जनवरी 2024 में सरकार ने विदेशी छात्रों की संख्या पर लिमिट लगा दी थी, जिसके बाद कुल छात्रों की संख्या करीब एक-तिहाई घट गई। —————– यह खबर भी पढ़ें… कनाडा के स्कूल में गोलीबारी, शूटर समेत 9 की मौत:25 घायल, स्कूल में 175 स्टूडेंट पढ़ते हैं; PM कार्नी ने जर्मनी दौरा रद्द किया कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के टम्बलर रिज शहर में मंगलवार को एक हाईस्कूल में गोलीबारी हुई। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 घायल हैं। अभी तक ये जानकारी नहीं आई है कि मरने वालों में कोई छात्र है या नहीं। स्कूल को एहतियातन बंद कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

इंटरनेट था स्‍लो, टीवी बार-बार कर रहा था बफरिंग, इतनी सी बात पर 15 साल के नाराज भतीजे ने चाची को मार डाला

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Last Updated:February 18, 2026, 16:28 IST महाराष्ट्र के वसई में स्मार्ट टीवी की स्लो बफरिंग और डांट से नाराज 15 वर्षीय किशोर ने अपनी 60 वर्षीय चाची की बांस के डंडे से हत्या कर दी.आरोपी ने दोस्त की मदद से शव को सोफा-कम-बेड में छिपा दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल तोड़ दिए. पुलिस ने बाथरूम की खिड़की के रास्ते घर में घुसकर शव बरामद किया और दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. महाराष्ट्र के वसई से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने, जहां महज एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया. एक 15 वर्षीय किशोर ने अपनी ही 60 वर्षीय चाची, दुर्गा बनसोड की बेरहमी से हत्या कर दी. यह सनसनीखेज घटना रविवार रात की है. आरोपी किशोर अपनी चाची के साथ ही रहता था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी और उसके एक दोस्त को हिरासत में लिया है. वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका की बेटी ने बोइसर से अपनी मां को फोन किया. बार-बार कॉल करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह घबरा गई. दरअसल, आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से मृतका के दोनों मोबाइल फोन तोड़ दिए थे. बेटी ने तुरंत अपने भाई को फोन कर मां का हाल जानने को कहा. जब बेटा घर पहुंचा तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था. खिड़की से झांकने पर उसे फर्श पर खून से लथपथ मां के पैर दिखाई दिए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. घर अंदर से पूरी तरह लॉक था और दरवाजों को पेचकस से जाम किया गया था. पुलिस टीम को घर में घुसने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. करीब तीन घंटे के ऑपरेशन के बाद बाथरूम की खिड़की के स्लैब हटाकर पुलिस अंदर दाखिल हुई. घर का नजारा भयावह था. बुजुर्ग महिला का सिर बांस के डंडे से कुचला गया था और फर्श पर चारों तरफ खून फैला हुआ था. हत्या की वजह और पुलिस कार्रवाईहत्या के पीछे का मुख्य कारण क्या था?पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. स्मार्ट टीवी के धीमे चलने (बफरिंग) को लेकर विवाद शुरू हुआ था. चाची ने भतीजे को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी जिससे नाराज होकर उसने डंडे से हमला कर दिया. आरोपी ने पकड़े जाने से बचने के लिए क्या किया?आरोपी ने अपने 15 वर्षीय दोस्त को बुलाकर शव को सोफा-कम-बेड के अंदर छिपा दिया. उन्होंने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन तोड़ दिए और दरवाजे अंदर से लॉक कर दिए. पुलिस को भतीजे पर शक कैसे हुआ?जांच के दौरान किशोर काफी घबराया हुआ था. वह बार-बार अपना चेहरा छिपा रहा था और उसी कमरे की ओर देख रहा था जहां शव छिपाया गया था. उसकी संदिग्ध हरकतों ने पुलिस का काम आसान कर दिया. About the Author Sandeep Gupta पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें Location : Vasai-Virar City,Thane,Maharashtra First Published : February 18, 2026, 16:28 IST

ईशान किशन टी-20 ICC बैटर रैंकिंग के टॉप 10 में:17 पायदान की छलांग लगाई, पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की आतिशी पारी का फायदा

ईशान किशन टी-20 ICC बैटर रैंकिंग के टॉप 10 में:17 पायदान की छलांग लगाई, पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की आतिशी पारी का फायदा

ICC ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ताजा टी-20 रैंकिंग जारी कर दी है। इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन टॉप-10 बैटर्स में शामिल हो गए हैं। उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्डकप में खेली गई 77 रनों की पारी का फायदा मिला। ईशान 17 पायदान चढ़कर बल्लेबाजों की लिस्ट में 8वें नंबर पर पहुंच गए हैं। लिस्ट में टॉप पर भारत के ही अभिषेक शर्मा हैं। गेंदबाजी में भारत के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती दुनिया के नंबर-1 टी-20 गेंदबाज बने हुए हैं। वहीं, ऑलराउंडर्स की लिस्ट में पाकिस्तान के सईम अयूब एक बार फिर नंबर-1 बन गए हैं। PAK के खिलाफ जीरो पर आउट होने वाले अभिषेक नंबर-1 भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ डक पर आउट होने के बाद भी T20I बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर बने हुए हैं। इंग्लैंड के फिल सॉल्ट दूसरे स्थान पर काबिज हैं। श्रीलंका के विस्फोटक बल्लेबाज पथुम निसंका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कैंडी में शानदार शतक जड़कर तीन स्थान की छलांग लगाई और तीसरे नंबर पर पहुंच गए। इंडिया के तिलक वर्मा भी एक पायदान की छलांग लगाते हुए चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। PAK बैटर साहिबजादा फरहान को नुकसान दूसरी तरफ पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 2 स्थान नीचे लुढ़क गए हैं। साहिबजादा अब 5वें स्थान पर खिसक गए हैं। इंग्लैंड के जोस बटलर को भी तीन स्थान का नुकसान हुआ है और अब वह 7वें पायदान पर खिसक गए हैं। न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट और ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड को भी एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है, बावजूद इसके दोनों बल्लेबाज टॉप-10 में बने हुए हैं। अब सीफर्ट 9वें जबकि हेड 10वें स्थान पर खिसक गए हैं। बॉलिंग में वरुण नंबर-1, राशिद खान दूसरे स्थान पर गेंदबाजों की ताजा रैंकिंग में भारत के वरुण चक्रवर्ती 787 रेटिंग पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर मजबूत बने हुए हैं। हालांकि, अफगानिस्तान के राशिद खान अब एक पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और वे वरुण के काफी करीब हैं। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस को वर्ल्ड कप में लगातार दो मैचों में 3-3 विकेट लेने का फायदा हुआ है। वे अब 10 पायदान की छलांग लगाकर करियर की बेस्ट 5वीं रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल भी 15वें और 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑलराउंडर्स में सईम अयूब ने सिकंदर रजा को पछाड़ा ऑलराउंडर्स की कैटेगरी में नंबर-1की कुर्सी के लिए सईम अयूब और सिकंदर रजा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। पाकिस्तान के सईम अयूब ने भारत के खिलाफ कोलंबो में 25 रन देकर 3 विकेट लिए थे,जिसके दम पर उन्होंने जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर पहला स्थान हासिल कर लिया है। भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर बरकरार हैं। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप सुपर-8 की 7 टीमें तय:नंबर-8 का फैसला आज, नामीबिया जीता तो पाकिस्तान बाहर हो जाएगा टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज की 7 टीमें तय हो चुकी हैं। आखिरी टीम का फैसला बुधवार को पाकिस्तान-नामीबिया मैच से होगा। अगर पाकिस्तान जीता तो टीम सुपर-8 के ग्रुप-2 में पहुंचेगा। अगर नामीबिया जीत गया तो अमेरिका ग्रुप-2 में पहुंच जाएगा। पूरी खबर

‘वह एक बड़ा आदमी है’: मंत्री एचसी महादेवप्पा की ‘कुत्ता’ टिप्पणी पर डीके शिवकुमार ने तोड़ी चुप्पी | राजनीति समाचार

Trump claimed the earlier trade measures had brought in “hundreds of billions of dollars” in revenue. (Image: Reuters/File)

आखरी अपडेट:18 फरवरी, 2026, 14:59 IST शिवकुमार ने एचसी महादेवप्पा की “पूंछ कुत्ते को नहीं हिला सकती” वाली टिप्पणी को अधिक तवज्जो नहीं दी और नेतृत्व के मुद्दों को हाईकमान पर छोड़ दिया। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार. (छवि: न्यूज18) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को राज्य के समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा की “पूंछ कुत्ते को हिला नहीं सकती” वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें “बड़ा आदमी” कहा। शिवकुमार की टिप्पणी राज्य की नेतृत्व स्थिरता के संबंध में महादेवप्पा के गूढ़ बयानों की एक श्रृंखला के बाद आई है, जिसने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके उपमुख्यमंत्री के बीच सत्ता-साझाकरण समझौते के बारे में नई अटकलें शुरू कर दी हैं। बेल्लारी रोड पर राज्य चुनाव आयोग में पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने विवादास्पद सादृश्य के संबंध में एक दृढ़ सीमा बनाए रखते हुए घर्षण को कम करने की मांग की। शिवकुमार ने विवाद को प्रभावी ढंग से एआईसीसी पर टालते हुए कहा, “एचसी महादेवप्पा एक बड़े आदमी हैं और अब वह हाईकमान का भी हिस्सा हैं। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता; पार्टी इस पर फैसला करेगी।” जब महादेवप्पा की विशिष्ट टिप्पणियों पर दबाव डाला गया – जहां मंत्री ने सुझाव दिया था कि नेतृत्व के संदर्भ में “पूंछ कुत्ते को हिला नहीं सकती” – शिवकुमार दृढ़ रहे, उन्होंने कहा, “मैं महादेवप्पा और अन्य को उनके बयानों के लिए जवाब देने के लिए तैयार नहीं हूं। जैसा कि पहले कहा गया है, नेतृत्व का मुद्दा हाई कमान, सिद्धारमैया और मेरे द्वारा तय किया जाने वाला मामला है।” ‘सिद्धारमैया और मेरे बीच कोई गुप्त बातचीत नहीं’: डीकेएस उपमुख्यमंत्री विशेष रूप से मुख्यमंत्री के साथ अपने संबंधों की पारदर्शिता पर जोर दे रहे थे, उन्होंने पर्दे के पीछे की चालबाजी या छिपे हुए एजेंडे की किसी भी धारणा को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “यह कोई गुप्त सौदा नहीं है। सिद्धारमैया और मेरे बीच कोई गुप्त बातचीत नहीं है।” “समय आने पर सिद्धारमैया खुद राज्य के लोगों को संदेश भेजेंगे। तब आपको फैसले के बारे में पता चल जाएगा।” भाषाई लड़ाई में एक परत जोड़ते हुए, BAMUL के अध्यक्ष डीके सुरेश ने अपने सदाशिवनगर निवास से पार्टी के वफादारों की जोरदार रक्षा की पेशकश की, कुत्ते के रूपक को सम्मान के बैज के रूप में पुनः प्राप्त किया। सुरेश ने मीडिया से कहा, “कुत्ता वफादारी का प्रतीक है। कट्टर कांग्रेसी वफादार कुत्ते हैं जो अपने मालिक का कर्ज याद रखते हैं और उसे चुकाने के लिए काम करते हैं।” यह पूछे जाने पर कि क्या बाहर से पार्टी में शामिल होने वालों को “आवारा कुत्ता” करार दिया जा रहा है, सुरेश ने स्पष्ट किया, “मैंने ऐसा नहीं कहा। चाहे वे आवारा कुत्ते हों या पालतू जानवर, वे अपने मालिक का कर्ज चुकाते हैं। यह वफादारी की प्रकृति है। लोग अपनी वफादारी के लिए कुत्तों को पालते हैं, और यहां तक ​​कि एक आवारा कुत्ते को भी खाना खिलाया जाता है क्योंकि यह कृतज्ञता दर्शाता है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 फरवरी, 2026, 14:59 IST समाचार राजनीति ‘वह एक बड़ा आदमी है’: डीके शिवकुमार ने मंत्री एचसी महादेवप्पा की ‘कुत्ता’ टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक राजनीतिक विवाद(टी)डीके शिवकुमार(टी)एचसी महादेवप्पा(टी)कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक(टी)सत्ता-साझाकरण समझौता कर्नाटक(टी)सिद्धारमैया डीके शिवकुमार संबंध(टी)कर्नाटक सरकार स्थिरता(टी)बीएएमयूएल अध्यक्ष डीके सुरेश

कमजोर हड्डियां लक्षण: शरीर में दिख रहे ये संकेत, हो सकते हैं कमजोर हड्डियों के कारण; जानिए शरीर में कैल्शियम की कमी कैसे पूरी होती है?

कमजोर हड्डियों के लक्षण, जानें शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए क्या खाएं, स्वस्थ आहार के टिप्स

तूफ़ान के लक्षण और उपाय | छवि: एआई मजबूत हड्डियों के स्वास्थ्य युक्तियाँ: आज का भाग भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और शारीरिक संबंध की वजह से जोड़ों की कमजोरी एक आम समस्या बनी हुई है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, जिससे धीरे-धीरे कमजोरी, दर्द और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसका संकेत पहचान लिया जाए, तो बड़ी समस्या से बचा जा सकता है। तो जानिए क्या हैं मजबूत फ्रैक्चर के लक्षण और कैल्शियम की कमी कैसे पूरी तरह से करें। तूफ़ान के मुख्य लक्षण क्या हैं? बार-बार पत्थरों में दर्द होना अगर आपको पीठ, पीठ, कमर या जोड़ों में लगातार दर्द रहता है, तो यह पीठ दर्द का संकेत हो सकता है। जल्दी थकान महसूस होना शरीर में थकावट का असर शरीर में कैल्शियम की कमी के लक्षण भी हो सकते हैं। एसोसिएशन में ऐंठन और कॉलेज रात के समय स्टाईलेट्स में क्रैम्प्स या फिर प्लास्टर में कैल्शियम की कमी से भी आराम पाया जा सकता है। दांतों की कमजोरी दांतों में दर्द, दांत निकलना या जल्दी टूटना भी दांतों के खराब होने का संकेत है, क्योंकि दांतों की दुकानों में भी कैल्शियम को मान्यता दी जाती है। बार-बार फ्रैक्चर होना चोट लगने पर भी हड्डी टूटना इस बात का संकेत है कि आपकी हड्डियाँ बात-बात पर गिर गई हैं। विश्वासघात का अविश्वास और टूटना अगर नाखून जल्दी टूटते हैं या ठीक हो जाते हैं, तो यह भी कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। शरीर में कैल्शियम की कमी क्यों होती है? दूध और ब्रांड उत्पादों के सेवन से कैल्शियम की कमी हो सकती है। धूप में विटामिन-डी की कमी के संकेत हो सकते हैं। ज्यादा चाय-कॉफी और जंक फूड का सेवन भी शरीर के लिए खतरनाक होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ कैल्शियम का अवशोषण कम होना। विशेष रूप से महिलाओं में सुपरमार्केट परिवर्तन भी कैल्शियम की कमी लेकर आ सकते हैं। कैल्शियम की कमी पूरी तरह से कैसे करें? कैल्शियम से भरपूर आहार लें इनके कुल में दूध, दही, पनीर, तिल, चिया बीज, बादाम और अखरोट, हरी पत्तीदार मसाले जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली, सोया और टोफू, रागी और बाज़ारा शामिल हैं। धूप जरूर लें रोजाना सुबह 15-20 मिनट धूप में बैठने से शरीर में विटामिन डी बनता है, जो कैल्शियम के लिए जरूरी है। नियमित व्यायाम करें वॉकिंग, योग, झूले घोड़े और झूले झूलों की मजबूत संरचनाएं हैं। चाय-कॉफ़ी और शीतल पेय कम करें इनका अधिक सेवन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल सकता है। डॉक्टर की सलाह से वास्तु लें यदि समसामयिक से पोटेशियम न मिल पाया जाए, तो डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन-डी की मात्रा ले सकते हैं। डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए? अगर कॉन्स्टेबल हड्डियों में दर्द, कमजोरी, बार-बार फ्रैक्चर या अत्यधिक थकान महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। समय पर इलाज से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। यह अवश्य पढ़ें: खट्टा दूध का उपयोग कैसे करें: खट्टा दूध हो गया है? रिवोल्यूशन के बजाय इन 5 का प्रयोग करें, नहीं होगा विनाश

चांदी आज ₹4 हजार बढ़कर ₹2.37 लाख पर पहुंची:सोना ₹291 सस्ता होकर ₹1.52 लाख हुआ, देखें अपने शहर में सोने के दाम

चांदी आज ₹4 हजार बढ़कर ₹2.37 लाख पर पहुंची:सोना ₹291 सस्ता होकर ₹1.52 लाख हुआ, देखें अपने शहर में सोने के दाम

चांदी की कीमत में आज यानी 18 फरवरी को बढ़त और सोने की कीमत में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 3,834 रुपए बढ़कर 2.37 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले कल ये 2.33 लाख रुपए पर थी। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 291 रुपए सस्ता होकर 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। 2025 में 57 हजार रुपए महंगा हुआ था सोना सर्राफा: सोना-चांदी 6 माह में कम से कम 10% और सस्ते हो सकते हैं इक्विनॉमिक्स रिसर्च के फाउंडर और एमडी जी. चोक्कालिंगम ने कहा कि सोने-चांदी के साथ ही कॉपर जैसे इंडस्ट्रियल मेटल्स अत्यधिक अस्थिर रहेंगे। अगले 6 महीनों में इनके दाम कम से कम 10% और घट सकते हैं। वैश्विक आर्थिक विकास में मंदी, क्रिप्टोकरेंसी और टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट जैसे जोखिम कमोडिटी की कीमतों पर असर डाल सकते हैं। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का निधन:परिवार ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, सलमान खान की फिल्म रेडी में नजर आई थीं

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का निधन:परिवार ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, सलमान खान की फिल्म रेडी में नजर आई थीं

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का मंगलवार को निधन हो गया। इस बात की जानकारी एक्ट्रेस के परिवार ने उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दी। जिसके बाद मंगलवार दोपहर मुंबई के अंधेरी स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक्ट्रेस समय से कैंसर से जूझ रही थीं। 2019 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा डायग्नोज हुआ था। बोन मैरो ट्रांसप्लांट के दौरान वे 17 दिन आइसोलेशन में रहीं। बता दें कि प्रवीना देशपांडे ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्म रेडी में शालिनी चौधरी का रोल प्ले किया था। इसके अलावा उन्होंने एक विलेन, गब्बर इज बैक और परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण जैसी फिल्मों में काम किया। हाल ही में वे इमरान हाशमी की वेब सीरीज ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’’ में कैमियो रोल में नजर आई थीं। CINTAA ने एक्ट्रेस को श्रद्धांजलि दी एक्ट्रेस के निधन पर सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “CINTAA प्रवीना देशपांडे जी (2008 से सदस्य) के निधन पर दुख व्यक्त करता है।” एक्टर पलाश दत्ता, जिन्होंने प्रवीना देशपांडे के साथ शॉर्ट फिल्म ‘थैंक्स मॉम’ में काम किया था, ने दुख जताते हुए लिखा कि प्रवीना जी एक बेहतरीन कलाकार और प्यारी इंसान थीं। पलाश ने बताया कि वे पिछले 22 साल से उन्हें जानते थे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘थैंक्स मॉम’ की शूटिंग के दौरान प्रवीना कैंसर से जूझ रही थीं, लेकिन दर्द और कीमोथेरेपी के बावजूद उन्होंने काम पूरा किया और इसके लिए पुरस्कार भी जीते।

सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन:इंस्टाग्राम पर पिता को याद कर एक्टर ने लिखा- पापा, आपकी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी विरासत

सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन:इंस्टाग्राम पर पिता को याद कर एक्टर ने लिखा- पापा, आपकी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी विरासत

एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन हो गया। इस बात की जानकारी मंगलवार शाम एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने पिता के साथ पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए श्रद्धांजलि दी और अपने पिता को याद किया। बता दें कि सिद्धार्थ के पिता सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन थे। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थ के पिता का शनिवार, 14 फरवरी को दिल्ली में निधन हुआ। सिद्धार्थ ने पिता की कई तस्वीरें कीं शेयर कीं सिद्धार्थ ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर पिता के साथ अपनी बचपन से लेकर हाल के समय तक की कई तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें पिता के साथ बिताए पल दिखे। तस्वीरों में पिता के साथ उनकी मां रीमा, भाई हर्षद और पत्नी कियारा आडवाणी भी नजर आईं। पोस्ट के कैप्शन में सिद्धार्थ ने लिखा कि उनके पिता ऐसे इंसान थे, जो हमेशा मूल्यों पर टिके रहे। वे अनुशासित थे, लेकिन सख्त नहीं; मजबूत थे, पर अहंकारी नहीं। जीवन की कठिन परीक्षाओं के दौरान भी उन्होंने पॉजिटिव सोच बनाए रखी। उन्होंने आगे लिखा, “मर्चेंट नेवी कैप्टन के रूप में समुद्रों का नेतृत्व करने से लेकर बीमारी का साहस से सामना करने तक, उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। स्ट्रोक के बाद व्हीलचेयर पर होने के बावजूद उनका हौसला अडिग रहा।” सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा, “पापा, आपकी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी विरासत है। आपकी ताकत मुझे हर दिन प्रेरित करती है। आप शांति से नींद में हमें छोड़ गए, लेकिन आपकी कमी अपार है। मैं जो भी हूं, आपकी वजह से हूं।” कियारा ने भी इमोशनल पोस्ट शेयर की सिद्धार्थ के पिता के निधन पर कियारा ने भी इमोशनल पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा कि शुरुआत से ही पापा ने उन्हें खुले दिल से अपनाया। उनका प्यार, समझदारी और स्नेह पूरे परिवार को संभाल कर रखने वाला था। कियारा ने कहा कि वे हमेशा परिवार के साथ खड़े रहे और बिना किसी अपेक्षा के सबको प्यार देते रहे। उनकी कहानियां, हंसी, सादगी और मजबूत व्यक्तित्व हमेशा याद रहेंगे। वर्कफ्रंट की बात करें तो सिद्धार्थ आखिरी बार फिल्म परम सुंदरी में नजर आए थे। पर्सनल लाइफ की बात करें, सिद्धार्थ और कियारा की पहली संतान, बेटी सरायाह मल्होत्रा का जन्म 15 जुलाई 2025 को मुंबई के रिलायंस अस्पताल में हुआ था।

भारतीय मूल के श्रेयस मोव्वा कनाडा टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज:जहां टर्फ विकेट तक नहीं, उस बर्फ की धरती पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेयस ने जिंदा रखा सपना

भारतीय मूल के श्रेयस मोव्वा कनाडा टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज:जहां टर्फ विकेट तक नहीं, उस बर्फ की धरती पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेयस ने जिंदा रखा सपना

जहां ‘आइस हॉकी’ सबसे लोकप्रिय खेल है और साल के छह महीने बर्फ की चादर बिछी रहती है, वहां एक भारतीय मूल का खिलाड़ी अपने क्रिकेट के सपनों को सींच रहा है। यह कहानी है श्रेयस मोव्वा की, जो कनाडा की टीम के भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और टी-20 वर्ल्ड कप में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। कनार्टक से अंडर-23 भी खेले कर्नाटक में जन्मे श्रेयस का सपना कर्नाटक राज्य की टीम के लिए खेलना था। उन्होंने 2015 में अंडर-23 क्रिकेट खेला, जहां उनके साथ अभिनव मनोहर और प्रवीण दुबे जैसे खिलाड़ी थे, जो बाद में IPL के सितारे बने। हालांकि, कर्नाटक की मुख्य टीम में जगह न मिल पाने के कारण श्रेयस ने मां का सपना पूरा करने की ठानी। साल 2016 में वे पढ़ाई के लिए कनाडा चले गए और मॉन्ट्रियल की कॉनकॉर्डिया यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया कनाडा के क्यूबेक प्रांत में क्रिकेट खेलना किसी संघर्ष से कम नहीं है। श्रेयस बताते हैं, ‘वहां गर्मी का मौसम मई से सितंबर-अक्टूबर तक ही रहता है। उसके बाद कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण हमें इंडोर नेट्स में अभ्यास करना पड़ता है, जहां मैच जैसी परिस्थितियां बनाना मुश्किल होता है। वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के टर्फ विकेट नहीं हैं। अब भी टर्फ विकेट की जरूरत है, क्योंकि अधिकतर मुकाबले मैटिंग विकेट पर खेले जाते हैं।’ इन बाधाओं के बावजूद, 2021 में श्रेयस 2009 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले क्यूबेक के पहले खिलाड़ी बने थे। 32 साल के श्रेयस सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं। दिन में क्रिकेट खेलते हैं और रात में करते हैं काम वे बताते हैं, ‘जब मैं टीम से बाहर था, तब मेरी नौकरी ने मुझे मानसिक रूप से टूटने से बचाया। मेरी कंपनी मुझे खेलने की अनुमति देती है और मैं अक्सर रात में काम करके इसकी भरपाई करता हूं। क्रिकेट मेरा जुनून है और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मेरा पेशा; मैं दोनों को जारी रखना चाहता हूं।’ कनाडा के लिए 24 वनडे और 26 टी-20 खेल चुके श्रेयस वर्ल्ड कप में खुद को साबित कर रहे हैं। अब उनकी टीम का आखिरी मैच अफगानिस्तान के खिलाफ है। चेन्नई की स्पिन पिचों पर श्रेयस के पास ‘क्लास’ दिखाने का अंतिम मौका है। उनके लिए यह वर्ल्ड कप केवल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उस जिद की जीत है जो कर्नाटक से शुरू होकर क्यूबेक की बर्फ को चीरते हुए वैश्विक मंच पर चमक रही है। —————————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें

केसर रसमलाई रेसिपी: घर पर असली हलवाई जैसी केसर की रसमलाई, फट ही मुंह में बदल जाएगी, बनाना भी है बेहद आसान

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18 फरवरी 2026 को 08:35 IST पर अपडेट किया गया केसर रसमलाई रेसिपी इन हिंदी: अब बाजार से छूट की जगह आप घर पर हलवाई जैसी स्वाद वाली रसमलाई घर पर तैयार कर सकते हैं। आखिरी मिनट में घर आए दुश्मनों के लिए यह रेसिपी आप टिकट जरूर लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)केसर रसमलाई रेसिपी(टी)केसर रसमलाई(टी)केसर रसमलाई रेसिपी इन हिंदी(टी)केसर रसमलाई बनाने का आसन तारिका(टी)केसर रसमलाई(टी)केसर रसमलाई रेसिपी