Wednesday, 02 Sep 2026 | 07:09 AM

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होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से बढ़ा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तेल सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता हो सकता है। इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत करने में रोड्रिगेज की लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका रही है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के सहयोग को और आगे बढ़ाएगी। अमेरिका ने 4 जनवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से रोड्रिगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। होर्मुज संकट की वजह से भारत वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है। वेनेजुएला तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना एनर्जी ट्रैक करने वाली एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक, मई 2026 में वेनेजुएला ने तेल सप्लाई के मामले में सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ने ही उससे ज्यादा तेल सप्लाई किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है। अमेरिका ने जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद वहां के तेल निर्यात पर कुछ ढील दी थी। उसी के बाद अप्रैल से भारत में फिर से वेनेजुएला का तेल आना शुरू हुआ। करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश माना जाता है। यह भंडार सऊदी अरब और अमेरिका से भी ज्यादा है। अब अमेरिका और वेनेजुएला दोनों कोशिश करेंगे कि भारत के साथ ऐसा समझौता हो, जिससे वेनेजुएला से तेल निर्यात में आई यह तेजी आगे भी जारी रह सके। पहले भी भारत के बड़े सप्लायर्स में शामिल रहा है वेनेजुएला वेनेजुएला भारत के बड़े तेल सप्लायर्स में शामिल रहा है। 2012 में यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना था और कई साल तक टॉप-5 में रहा। 2019 तक वेनेजुएला हर साल करीब 1.6 करोड़ टन कच्चा तेल भारत भेज रहा था। उसी दौरान दोनों देशों का व्यापार बढ़कर 6.4 अरब डॉलर पहुंच गया था, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा तेल कारोबार का था। हालांकि, अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला के तेल खरीदारों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत ने करीब एक साल तक वहां से तेल खरीद बंद कर दी थी। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार घटकर 67.9 करोड़ डॉलर रह गया। भारत की रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद है वेनेजुएलाई तेल वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी और ज्यादा सल्फर वाला होता है। इसे प्रोसेस करना आसान नहीं माना जाता। हालांकि, भारत की आधुनिक रिफाइनरियां इस तरह के तेल को डीजल और जेट फ्यूल जैसे उत्पादों में बदल सकती हैं। यह तेल तुलनात्मक रूप से सस्ता भी पड़ता है। इसी वजह से भारतीय रिफाइनरियां इसे आर्थिक रूप से फायदे का सौदा मानती हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। उन्होंने बताया कि भारत की सरकारी तेल कंपनियों का वहां निवेश भी है। भारत सरकार के मुताबिक, भारतीय सरकारी कंपनियों की वेनेजुएला के तेल सेक्टर में अच्छी हिस्सेदारी है और वे आगे भी वहां निवेश बढ़ाने के मौके तलाश रही हैं। रोड्रिगेज तेल मंत्री रहते भी भारत आ चुकी हैं रिपोर्ट्स के मुताबिक डेल्सी रोड्रिगेज छठी बार भारत आई हैं। इससे पहले फरवरी 2025 में भी भारत आई थीं। तब वे वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री थीं। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एनर्जी वीक’ में हिस्सा लिया था। इस दौरान भारत और वेनेजुएला के बीच तेल सप्लाई बढ़ाने, रिफाइनिंग सहयोग और ऊर्जा निवेश पर बातचीत हुई थी। उस समय अमेरिकी प्रतिबंधों में आंशिक ढील के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से वेनेजुएलाई तेल खरीद बढ़ाने में रुचि दिखाई थी।

शरद पवार की पोती की शादी लखानी परिवार में, बीजेपी-आरएसएस संबंधों पर बनी सुर्खियां | राजनीति समाचार

Sanju Samson (left) and Suryakumar Yadav (PTI Photo)

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 11:59 IST महाराष्ट्र के प्रमुख परिवारों के बीच गठबंधन को कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस द्वारा सुगम बनाया गया था, जो दोनों नागपुर से आते हैं। शरद पवार की पोती रेवती सुले और बीजेपी नेता अरुण लखानी के बेटे सारंग शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। (एक्स) जैसा कि राजनीतिक हलकों में शरद पवार की पोती रेवती सुले और भाजपा नेता अरुण लखानी के बेटे सारंग की आगामी शादी पर चर्चा जारी है, नया ध्यान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के साथ लखानी परिवार के लंबे समय से जुड़ाव की ओर गया है। दोनों परिवारों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बार-बार तंज कसने के बीच भी इस घटनाक्रम को महत्व मिला है, खासकर तब जब आगामी चुनावों के लिए एमएलसी की भाजपा सूची में लखानी का नाम शामिल है। लखानी वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के दो प्रमुख परिवारों के बीच गठबंधन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस द्वारा किया गया था, जो दोनों नागपुर से हैं और लखानी और पवार परिवारों के साथ लंबे समय से संबंध साझा करने के लिए जाने जाते हैं। कौन हैं अरुण लखानी? महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के मलकापुर से एमटेक स्नातक, अरुण लखानी आरएसएस परंपरा में गहराई से जुड़े परिवार से आते हैं। उनके पिता, जिन्होंने 1934 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से एमटेक की डिग्री हासिल की थी, सक्रिय रूप से संघ से जुड़े थे, जबकि उनके बड़े भाई वर्तमान में मलकापुर के संघचालक के रूप में कार्यरत हैं। लखानी 1999 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के संयुक्त कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, यह पद उन्होंने दिसंबर 2023 में ग्रहण किया था। राजनीति से परे, उन्होंने खेल प्रशासन में प्रमुख भूमिका निभाई है। वह 2014 से महाराष्ट्र बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष, 2016 से भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और 2022 से राष्ट्रीय निकाय के कोषाध्यक्ष हैं। उन्हें 2026 में महाराष्ट्र ओलंपिक एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। लखानी सामाजिक और शैक्षिक पहलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने 2016 से 2026 तक आरएसएस से जुड़े लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। ट्रस्ट विदर्भ के आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 1,000 एकल-शिक्षक स्कूल चलाता है और विभिन्न शैक्षिक आउटरीच कार्यक्रम चलाता है। इससे पहले, उन्होंने नरकेसरी प्रकाशन का नेतृत्व किया, जो नागपुर से मराठी दैनिक तरुण भारत प्रकाशित करता है। उन्होंने 1998 से 2003 तक साईं मंदिर, नागपुर के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। आगामी शादी ने काफी राजनीतिक दिलचस्पी पैदा कर दी है, पर्यवेक्षकों ने कहा कि यह महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक और संघ परिवार और भाजपा के साथ गहरे संगठनात्मक और वैचारिक संबंधों वाले परिवार को एक साथ लाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : नागपुर, भारत, भारत समाचार राजनीति शरद पवार की पोती की शादी लखानी परिवार में होने वाली है, बीजेपी-आरएसएस संबंधों पर चर्चा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शरद पवार की पोती की शादी(टी)रेवती सुले की शादी(टी)अरुण लखानी के बेटे सारंग(टी)लखानी परिवार आरएसएस लिंक(टी)बीजेपी महाराष्ट्र की राजनीति(टी)नितिन गडकरी की भूमिका(टी)देवेंद्र फड़नवीस नागपुर(टी)महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण नाम वापस लिया, रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण नाम वापस लिया, रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस

भारत के सीनियर बैटर विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। न्यूज एजेंसी PTI ने BCCI के एक सूत्र के हवाले से कोहली के सीरीज से बाहर होने की पुष्टि की है। हालांकि, BCCI ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी ने लिखा- ‘कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हैं।’ विराट को दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटर्स में गिना जाता है। 37 साल के कोहली ने RCB को लगातार दूसरा खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने फाइनल मैच में नाबाद 75 रन की पारी खेली थी। 14 जून को खेला जाएगा पहला वनडे मैच अफगानिस्तान का भारत दौरा 6 जून से शुरू हो रहा है। टीम मुल्लांपुर स्टेडियम पर 6 जून से सिंगल टेस्ट मैच खेलेगी। उसके बाद 14 जून से 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी नजरें कोहली के अलावा, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सस्पेंस है। उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने की शर्त पर टीम में शामिल किया गया था। रोहित को चोट के कारण IPL के कुछ मैचों से बाहर रहना पड़ा था। रोहित की फिटनेस पर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस, 13 जून को पहला वनडे खेलेगी टीम इंडिया

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस, 13 जून को पहला वनडे खेलेगी टीम इंडिया

भारत के सीनियर बैटर विराट कोहली हैमस्ट्रिंग, यानी पैर की नस में खिंचाव की वजह से अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। न्यूज एजेंसी PTI ने BCCI के एक सूत्र के हवाले से कोहली के सीरीज से बाहर होने की पुष्टि की है। हालांकि, BCCI ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी ने लिखा- ‘कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हैं।’ विराट को दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटर्स में गिना जाता है। 37 साल के कोहली ने RCB को लगातार दूसरा IPL खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने फाइनल मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 75 रन की नाबाद पारी खेली थी। 13 जून को खेला जाएगा पहला वनडे मैच अफगानिस्तान का भारत दौरा 6 जून से शुरू हो रहा है। टीम मुल्लांपुर स्टेडियम पर 6 जून से सिंगल टेस्ट मैच खेलेगी। उसके बाद 13 जून से 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी नजरें कोहली के अलावा, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सस्पेंस है। उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने की शर्त पर टीम में शामिल किया गया था। रोहित को चोट के कारण IPL के कुछ मैचों से बाहर रहना पड़ा था। रोहित की फिटनेस पर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। सीरीज की व्यूअरशिप पर असर पड़ेगा कोहली और रोहित की गैरमौजूदगी से अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज की व्यूअरशिप पर असर पड़ेगा। क्योंकि, ये दोनों स्टार केवल वनडे क्रिकेट ही खेलते हैं। दोनों ने टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया है। ————————————- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दावा- सूर्यकुमार यादव से टी-20 कप्तानी छिनेगी; 3 महीने पहले वर्ल्डकप जिताया था सूर्यकुमार यादव को भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी से हटाया जा सकता है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उनकी टीम में जगह भी खतरे में है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले BCCI, टीम मैनेजमेंट और चयन समिति नया कप्तान बनाने पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर

मुकेश अंबानी से आगे निकले टिकटॉक के सह-संस्थापक:यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने, अंबानी तीसरे नंबर पर खिसके

मुकेश अंबानी से आगे निकले टिकटॉक के सह-संस्थापक:यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने, अंबानी तीसरे नंबर पर खिसके

टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, झांग की संपत्ति अब 8.9 लाख करोड़ रुपए (93 बिलियन डॉलर) हो गई है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी की संपत्ति 8.31 लाख करोड़ रुपए (86 बिलियन डॉलर) रह गई है। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी हैं। एशिया के टॉप 5 सबसे अमीर व्यक्ति एआई चैटबॉट डौबाओ के सफलता से बढ़ी झांग की दौलत झांग की दौलत बाइडांस की वैल्युएशन बढ़ने और एआई चैटबॉट डौबाओ की सफलता से बढ़ी है। यह भारत और दुनियाभर में मशहूर ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनाई जैसा ही एडवांस्ड एआई असिस्टेंट है। चीन में इस चैटबॉट के 30 करोड़ यूजर्स हैं। 7 सालों में 7 गुना बढ़ी संपत्ति झांग 2019 में 1.24 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक थे। बीते 7 साल में उनकी संपत्ति सात गुना ये ज्यादा बढ़ चुकी है। अमेरिका में टिकटॉक का बिजनेस बिकने से कंपनी का संकट दूर हो गया। ब्लूमबर्ग ने इसकी वैल्यू में 25% कटौती घटाकर 10% कर दी है। इससे ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे निवेशकों के विश्लेषण के बाद झांग की संपत्ति 2.30 लाख करोड़ रुपए बढ़ी है। कंपनी एआई सेक्टर में इस साल 6.7 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। बहरहाल, गौतम अदाणी 11.19 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इलॉन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क की कुल संपत्ति 69 लाख करोड़ रुपए (726 बिलियन डॉलर) है। वहीं इस मामले में दूसरे नंबर पर गूगल के फाउंडर लैरी पेज और तीसरे पर लैरी एलिशन हैं।

मुकेश अंबानी से आगे निकले टिकटॉक के सह-संस्थापक:यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने, अंबानी तीसरे नंबर पर खिसके

मुकेश अंबानी से आगे निकले टिकटॉक के सह-संस्थापक:यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने, अंबानी तीसरे नंबर पर खिसके

टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, झांग की संपत्ति अब 8.9 लाख करोड़ रुपए (93 बिलियन डॉलर) हो गई है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी की संपत्ति 8.31 लाख करोड़ रुपए (86 बिलियन डॉलर) रह गई है। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी हैं। एशिया के टॉप 5 सबसे अमीर व्यक्ति एआई चैटबॉट डौबाओ के सफलता से बढ़ी झांग की दौलत झांग की दौलत बाइडांस की वैल्युएशन बढ़ने और एआई चैटबॉट डौबाओ की सफलता से बढ़ी है। यह भारत और दुनियाभर में मशहूर ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनाई जैसा ही एडवांस्ड एआई असिस्टेंट है। चीन में इस चैटबॉट के 30 करोड़ यूजर्स हैं। 7 सालों में 7 गुना बढ़ी संपत्ति झांग 2019 में 1.24 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक थे। बीते 7 साल में उनकी संपत्ति सात गुना ये ज्यादा बढ़ चुकी है। अमेरिका में टिकटॉक का बिजनेस बिकने से कंपनी का संकट दूर हो गया। ब्लूमबर्ग ने इसकी वैल्यू में 25% कटौती घटाकर 10% कर दी है। इससे ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे निवेशकों के विश्लेषण के बाद झांग की संपत्ति 2.30 लाख करोड़ रुपए बढ़ी है। कंपनी एआई सेक्टर में इस साल 6.7 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। बहरहाल, गौतम अदाणी 11.19 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इलॉन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क की कुल संपत्ति 69 लाख करोड़ रुपए (726 बिलियन डॉलर) है। वहीं इस मामले में दूसरे नंबर पर गूगल के फाउंडर लैरी पेज और तीसरे पर लैरी एलिशन हैं।

सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:74,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक चढ़ा; ऑटो और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:74,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक चढ़ा; ऑटो और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 4 जून को बढ़त है। सेंसेक्स 100 अंक की बढ़त के साथ 74,400 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 50 अंक की तेजी है, ये 23,400 के स्तर पर है। आज ऑटो, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल में ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में भी आज गिरावट कल अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने कल 5,617 करोड़ के शेयर बेचे कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 3 जून को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 303 अंक की गिरावट के साथ 74,346 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 77 अंकों की गिरावट रही, ये 23,405 पर बंद हुआ था।

कुवैत पर ईरानी हमले से भड़के खाड़ी देश:कहा- ऐसे कायराना हमले से तनाव बढ़ा; ट्रम्प बोले- ईरान पर अटैक मेरा फैसला

कुवैत पर ईरानी हमले से भड़के खाड़ी देश:कहा- ऐसे कायराना हमले से तनाव बढ़ा; ट्रम्प बोले- ईरान पर अटैक मेरा फैसला

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने बुधवार को कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों को लेकर ईरान की कड़ी आलोचना की। संगठन ने इन हमलों को कायराना बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने कहा कि ईरान लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जो खाड़ी देशों की सुरक्षा, स्थिरता और संप्रभुता के लिए खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के हालिया हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन हैं। ऐसे कदमों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सख्त रुख अपनाना चाहिए। खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC में कुवैत, कतर, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान और UAE शामिल हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला उन्होंने खुद लिया था। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ऐसा करने के लिए प्रभावित किया था। एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा, किसी ने मुझे बहकाया नहीं। यह फैसला मेरा अपना था। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन-मिसाइल हमला: हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई, 63 लोग घायल हुए। एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा और उड़ानें अस्थायी रूप से रोकनी पड़ीं। 2. ईरान ने कुवैत और बहरीन को चेतावनी दी: तेहरान ने कहा कि अगर किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। 3. ट्रम्प ने कहा- ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने की शर्त मानी: अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि प्रस्तावित समझौते में ईरान परमाणु बम नहीं बनाने का वादा करेगा। 4. नेतन्याहू पर ट्रम्प भड़के, ‘पागल’ तक कहा: रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान में इजराइली हमलों और बढ़ते तनाव को लेकर ट्रम्प ने नेतन्याहू से नाराजगी जताई। 5. लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई तेज: हिजबुल्लाह ने 13 हमलों का दावा किया, जबकि इजराइल ने कई इलाकों पर हवाई हमले किए और लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

उनके जन्मदिन पर, सभी की निगाहें अन्नामलाई के अगले कदम पर हैं: क्या वह आज एक राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे? | भारत समाचार

New Delhi: Firefighters at the site after a fire broke out at a bed-and-breakfast in a five-storey building (Photos: PTI)

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 05:32 IST कोयंबटूर और मदुरै सहित तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अन्नामलाई के समर्थन वाले पोस्टर सामने आए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अन्य भाजपा नेताओं की तस्वीर नहीं है। अन्नामलाई 2020 में भाजपा में शामिल हुए और 10 महीने के भीतर, पार्टी की तमिलनाडु इकाई के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए। (एक्स) तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई गुरुवार को 42 साल के हो गए, इन अटकलों के बीच कि वह एक नई राजनीतिक पार्टी या आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं, संभावित रूप से भारतीय जनता पार्टी के बाहर एक स्वतंत्र राजनीतिक पाठ्यक्रम तैयार कर सकते हैं। यह चर्चा 2 जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अन्नामलाई की मुलाकात के कुछ दिनों बाद आई है। हालांकि बैठक के बाद कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन रिपोर्टों से पता चलता है कि भाजपा नेतृत्व ने उनसे अपने इस्तीफे की योजना को रोकने के लिए कहा था। न्यूज18 ने पहले खबर दी थी कि अन्नामलाई ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के दौरान पार्टी से अपना इस्तीफा सौंप दिया है. पूर्व आईपीएस अधिकारी ने खुद को राजनीतिक संकट में पाया है क्योंकि भाजपा ने उनकी जगह तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के रूप में नैनार नागेंद्रन को नियुक्त किया है और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अन्नाद्रमुक के साथ अपने गठबंधन को पुनर्जीवित किया है। अटकलों को और हवा देते हुए, अन्नामलाई ने हाल ही में संवाददाताओं से कहा कि वह दो दिनों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, “कृपया इंतजार करें। हम दो दिन में बैठेंगे और बात करेंगे।” यह भी पढ़ें | नीली आंखों वाले लड़के से अकेले योद्धा तक: भाजपा में अन्नामलाई का उत्थान और पतन अन्नामलाई की बीजेपी यात्रा अन्नामलाई 2020 में भाजपा में शामिल हुए और 10 महीने के भीतर, पार्टी की तमिलनाडु इकाई के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए। हालाँकि वह 2021 का विधानसभा चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने राज्य में भाजपा के पदचिह्न का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में, पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में चार सीटें जीतीं, जिससे दो दशकों के बाद तमिलनाडु विधानसभा में उसकी वापसी हुई। उन्हें तमिलनाडु में 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के वोट शेयर को 2019 में 3.66 प्रतिशत से बढ़ाकर 11.24 प्रतिशत करने का श्रेय भी दिया गया। इसके विपरीत, पार्टी नैनार नागेंद्रन के नेतृत्व में 2026 के चुनावों में केवल एक सीट जीतने में सफल रही। पोस्टरों ने अटकलों को जन्म दिया साज़िश को बढ़ाते हुए, कोयंबटूर और मदुरै सहित तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अन्नामलाई का समर्थन करने वाले पोस्टर सामने आए हैं, जिनमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी या अन्य भाजपा नेताओं की तस्वीर नहीं है। कुछ पोस्टरों में अन्नामलाई को अभिनेता रजनीकांत और अजित के साथ दिखाया गया है, जिससे इन अटकलों को बल मिलता है कि उनके समर्थक एक स्वतंत्र राजनीतिक मार्ग का समर्थन कर रहे हैं। कोयंबटूर, तमिलनाडु: कोयंबटूर में भाजपा नेता के अन्नामलाई के समर्थन वाले पोस्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अन्य भाजपा नेताओं की छवियों के बिना दिखाई दिए हैं। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि वह 4 जून को अपने जन्मदिन पर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। pic.twitter.com/p9cJfs7GQi– आईएएनएस (@ians_india) 2 जून, 2026 अनिश्चितता ने भाजपा के भीतर चिंता पैदा कर दी है। कई पार्टी कार्यकर्ताओं, विशेषकर युवा मोर्चा ने, नेतृत्व से अन्नामलाई की स्थिति स्पष्ट करने और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम को रोकने का आग्रह किया है। भाजपा युवा मोर्चा के राज्य सचिव आर योगेश ने कहा, “अन्नामलाई के बाहर निकलने की अफवाहों के बाद, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भ्रम की स्थिति का सामना कर रही है। कई लोग चिंतित हैं, और कुछ खुद को पार्टी से दूर करने पर भी विचार कर रहे हैं।” इस बेचैनी के परिणाम पहले ही दिखने लगे हैं। अन्नामलाई के भविष्य पर अटकलें तेज होने पर भाजपा मछुआरा विंग के प्रदेश अध्यक्ष एमसी मुनुसामी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। समर्थकों के उनके अगले कदम का इंतजार करने और भाजपा नेतृत्व के चुप्पी बनाए रखने के साथ, सभी की निगाहें अब इस पर हैं कि क्या अन्नामलाई अपने जन्मदिन का उपयोग एक बड़ी राजनीतिक घोषणा करने के लिए करते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया उनके जन्मदिन पर, सभी की निगाहें अन्नामलाई के अगले कदम पर हैं: क्या वह आज एक राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)के अन्नामलाई नई राजनीतिक पार्टी(टी)के अन्नामलाई बीजेपी(टी)तमिलनाडु बीजेपी राजनीति(टी)अन्नामलाई इस्तीफे की अटकलें(टी)बीजेपी एआईएडीएमके गठबंधन(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी नेतृत्व संकट(टी)राजनीतिक पोस्टर तमिलनाडु

पीएम को सलाह देने के सवाल पर मनोज बाजपेयी बोले:मैं इन सब चक्करों में नहीं पड़ता, हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी और विशेषज्ञता होती है

पीएम को सलाह देने के सवाल पर मनोज बाजपेयी बोले:मैं इन सब चक्करों में नहीं पड़ता, हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी और विशेषज्ञता होती है

फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ के प्रमोशन के दौरान अभिनेता मनोज बाजपेयी ने राजनीति और नेतृत्व से जुड़े सवाल पर संतुलित जवाब दिया। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री को एक सलाह देनी हो तो वह क्या देंगे, तो उन्होंने कहा कि वह खुद को ऐसी स्थिति में नहीं मानते कि प्रधानमंत्री को कोई सलाह दे सकें। मनोज बाजपेयी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री को क्या सलाह दूंगा? मैं उस स्थिति में नहीं हूं। मैं इन सब चक्करों में नहीं पड़ता हूं।” इससे स्पष्ट था कि वह राजनीतिक बहसों और टिप्पणियों से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। बातचीत के दौरान मनोज ने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी और विशेषज्ञता का क्षेत्र होता है। उनका मानना है कि आर्थिक संकट, नीतिगत फैसले और देश चलाने जैसे मुद्दों पर फैसला लेने का काम उसी क्षेत्र के विशेषज्ञों का है। इंटरव्यू में 1991 के आर्थिक संकट और मौजूदा वैश्विक हालात पर सवाल पूछे जाने पर मनोज ने कहा कि ऐसे मामलों में आम आदमी या कलाकार की भूमिका सीमित होती है। अर्थव्यवस्था को संभालने और संकट से निकालने का काम विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं का है। मनोज ने कहा, “आपको पत्रकार की जिम्मेदारी निभानी आती है, मुझे अभिनेता की जिम्मेदारी निभानी आती है। इसके अलावा हम सिर्फ पढ़ सकते हैं और समझने की कोशिश कर सकते हैं कि देश और दुनिया में क्या हो रहा है।” उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में आम लोग खर्च कम करके और आर्थिक रूप से सतर्क रहकर परिस्थितियों का सामना करते हैं। उनके मुताबिक, कई लोग भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए बड़े खर्चों से बच रहे हैं और बचत सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। मनोज बाजपेयी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञता का सम्मान होना चाहिए। इसलिए वह राजनीतिक या आर्थिक फैसलों पर सार्वजनिक रूप से सलाह देने से बचते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है और वही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्क फ्रंट पर मनोज बाजपेयी जल्द ही फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ में नजर आएंगे। फिल्म 1991 के आर्थिक संकट की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें एक आरबीआई गवर्नर के सामने आने वाली चुनौतियों को दिखाया गया है। मनोज का कहना है कि यह सिर्फ अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, दबाव और कठिन परिस्थितियों में फैसले लेने की कहानी भी है। _________________________________ मनोज बाजपेयी का यह इंटरव्यू भी पढ़ें… आर्थिक संकट में देश संभालना बड़ी जिम्मेदारी:मनोज बाजपेयी बोले- आम आदमी खर्च नियंत्रित कर सकता है, लेकिन देश को संकट से एक्सपर्ट्स ही निकालते हैं 1991 के आर्थिक संकट पर बनी फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ को लेकर मनोज बाजपेयी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक आरबीआई गवर्नर के देश की उम्मीद बनने और देश को संकट से निकालने की जंग दिखाई गई है। मनोज ने इसे ‘इकोनॉमिक थ्रिलर’ बताया। उन्होंने वैश्विक हालात, ईरान-यूएस तनाव, आम आदमी की परेशानियों, ओटीटी और थिएटर की कमी पर भी राय रखी।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..