बॉस ने नहीं दी सिक लीव, ऑफिस में ही मौत:2 बार मेडिकल भी दिखाया था; 29 साल की महिला ने वॉशरूम में दम तोड़ा

साउथ अफ्रिकन महिला सीना धलधला की ऑफिस में मौत ने कॉर्पोरेट वर्क कल्चर को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। रोजबैंक स्थित कार्ट ट्रैक कंपनी में सेंटर एजेंट के रूप में काम करने वाली सीना धलधला लंबे समय से बीमार थी और ऑफिस के वॉशरूम में उनकी मौत हो गई। हर बार रिजेक्ट हुई एप्लिकेशन परिवार के लोगों ने बताया कि उसने छुट्टी के लिए दो बार एप्लिकेशन दी लेकिन हर बार उसे रिजेक्ट कर दिया गया। यहां तक कि महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय उनके मैनेजर इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि इलाच का खर्च कौन उठाएगा। कर्मचारियों ने कंपनी पर लगाया लापरवाही का आरोप सीना के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने कंपनी पर सीना की बीमारी को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीना के साथ काम करने वाल एक व्यक्ति के अनुसार, मौत से एक दिन पहले सीना घुटनों के बल बैठकर रो रही थी। वह कह रही थी कि मैं बहुत बीमार हूं। उसके बाद भी मुझे शनिवार को भी आना है। वो भी तब जब मैंने बता दिया है कि मेरी तबियत बहुत खराब है। परिवार ने बुलाई प्राइवेट हॉस्पिटल से एंबुलेंस जिस दिन सीना की मौत हुई, उस दिन शाम को करीब साढ़े 6 बजे टीम लीडर ने उसे ऑफिस में बुलाया। जब वे वापिस आईं तो वे रो रही थीं। सीना की आंटी नोमुसा ने बताया कि उनकी भतीजी ने दो बार सिक लीव के लिए आवेदन किया था, जिसे ठुकरा दिया गया। वह फिजिकली और इमोशनली टूट चुकी थी। नोमुसा ने कहा कि मुझे खुद प्राइवेट हॉस्पिटल से एंबुलेंस बुलानी पड़ी। सीना के परिवार ने कंपनी पर लगाया आरोप सीना के परिवार का आरोप है कि मैनेजर ने एम्बुलेंस का इंतजार करने की बात कही, लेकिन उनके पास अस्पताल का कोई रेफरेंस नंबर भी नहीं था। वे सिर्फ ये कहते रहे कि नब्ज धीमी चल रही है लेकिन उन्होंने समय पर कोई कदम नहीं उठाया। सीना के रिक्वेस्ट करने पर कंपनी ने उससे यह कहा गया कि वह कंपनी की पॉलिसी का गलत इस्तेमाल कर रही है। लेबर एडवोकेट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि सीना की मौत एक वर्कप्लेस पर काम का प्रेशर होने का जीता जागता उदाहरण है। ये वही प्रेशर है जो कर्मचारियों के बीमार होने पर भी दिया जाता है। सीना की मौत ने ऑफिस की मेडिकल लीव पॉलिसीज पर भी सवाल खड़े किए हैं। ये खबर भी पढ़ें इंजीनियर की नौकरी बोरिंग लगी तो नूडल्स का स्टॉल लगाया:मेटा की नौकरी छोड़ी, मदद करती गर्लफ्रेंड के साथ वीडियो वायरल फाइनेंशियल एडवाइजर और कंटेंट क्रिएटर लुइसा ते ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो इंटरव्यू शेयर किया। ये इंटरव्यू एल्विन का है जो मेटा कंपनी से नौकरी छोड़ कर नूडल्स बेचने का काम कर रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें
पंजाब- ट्रक में घुसी कार, 4 दोस्तों की मौत:2 लाशें ड्राइविंग सीट पर फंसी, एक-दूसरे से चिपकीं, कटर से काटकर निकालीं

गुरदासपुर में नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह ऑल्टो कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इससे कार सवार 4 दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। 2 की लाशें ड्राइवर सीट पर फंस गईं। लोगों के अनुसार हादसे के दौरान जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद सुबह पुलिस को बुलाया गया, फिर लाशों को बाहर निकालने के लिए कार की बॉडी को कटर से काटा गया। शवों को निकालने में डेढ़ घंटे का समय लग गया। सभी एक दूसरे से चिपके हुए मिले। पुलिस जांच के अनुसार, तीन युवक हिमाचल प्रदेश के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र से रात को ही फरार हुए थे। केंद्र से भागने के बाद उन्होंने पठानकोट में रहने वाले चौथे दोस्त को कार समेत साथ लिया, जिसके बाद तड़के करीब 4 बजे यह हादसा हो गया। पुलिस अब उस ट्रक को ट्रेस करने में जुटी है, जिसके पीछे यह कार टकराई थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पॉस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इनमें से एक युवक 2 बच्चों का पिता था। बताया जा रहा है कि कार की स्पीड 80 से 100 के आसपास थी। चश्मदीद ने क्या बताया, 4 पॉइंट में पढ़िए… इन 4 युवकों की हुई मौत पुलिस के अनुसार हादसे में मारे गए युवकों की पहचान पठानकोट के भदरोआ स्थित टीचर कॉलोनी निवासी विक्रम उर्फ विक्की (31), गंदला लाहड़ी (सुजानपुर) निवासी नरेश कुमार, सरना निवासी विनोद कुमार और जम्मू निवासी राही के रूप में हुई है। हिमाचल में नशा मुक्ति केंद्र से भागे विनोद, राही और नरेश ने विक्रम से संपर्क किया था। इसके बाद विक्रम अपनी ऑल्टो कार लेकर उनके साथ चला गया। एक मृतक दो बच्चों का पिता था विक्रम उर्फ विक्की (31) के रूप में हुई है। वह पठानकोट में स्लीपवेल मैट्रेस के शोरूम में काम करता था और कुछ दिन पहले दोस्तों के साथ घूमने गया था। विक्की के 2 बच्चे हैं। पत्नी को फोन कर कहा था- लेट हो जाऊंगा विक्रम उर्फ विक्की ने देर रात को पठानकोट में अपनी पत्नी को फोन किया था। विक्की ने पत्नी को कहा था कि वो सुबह लेट हो जाएगा। काम पर जाना है। साथ ही उसने अपने कपड़े प्रेस करने के लिए भी कहा था। नशा मुक्ति केंद्र से भागे थे तीन युवक मामले की जांच कर रहे ASI बलजीत सिंह ने बताया कि 3 युवक हिमाचल प्रदेश में स्थित संजीवनी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती थे।। जहां से ये बीती रात चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने जब नशा मुक्ति केंद्र के मालिक से संपर्क साधा तो उसने पुष्टि की कि ये तीनों युवक रात के समय अपना बैग और सामान लेकर मोटरसाइकिल पर केंद्र से चुपके से निकल गए थे। गुरदासपुर-बटाला साइड से आ रहे थे प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये चारों युवक ऑल्टो कार में सवार होकर गुरदासपुर से बटाला साइड की तरफ जा रहे थे। नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्झा सिंह के पास एक ट्रक खड़ा था। जिसमें इनकी कार पीछे से टकरा गई। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया हम हाईवे और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे हैं, ताकि उस ट्रक को ट्रेस किया जा सके, जिसके पीछे कार टकराई थी। परिजनों के बयानों पर भी होगी कार्रवाई पुलिस के अनुसार युवक नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा को भेदकर वहां से बाहर कैसे निकले, इस बात की जांच संबंधित क्षेत्र की पुलिस करेगी। वहीं हादसे का शिकार हुए युवकों के परिजनों से भी संपर्क कर लिया गया है। परिवारों के बयानों पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। —— ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में 3 बच्चों की मां ने किया सुसाइड: मरने से पहले भाई को किया फोन; जेठ-जेठानी पर तंग करने का आरोप; पति विदेश में रहता लुधियाना के थाना मेहरबान के अंतर्गत आते गांव जीवनपुर में एक 32 वर्षीय विवाहिता ने ससुराल वालों से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान पूजा कौर के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा कल लगाए गए धरने (प्रदर्शन) के बाद पुलिस हरकत में आई और आज जेठ, जेठानी सहित 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। (पढ़ें पूरी खबर)









