कच्चा-तेल ईरान युद्ध से पहले वाले भाव 72 डॉलर पर:एक्सपर्ट ने कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दशहरे तक ही संभव

ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटा लिए। इसके बाद होर्मुज रूट से गुजरने वाले जहाज की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार के बाद से करीब 80 जहाज इस होर्मुज से गुजर चुके हैं। हालांकि यह संख्या युद्ध से पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाजों से कम है। हालांकि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर दाम दशहरे तक ही कम हो सकते हैं। कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई कर सकती हैं पेट्रोलियम की कीमतों में राहत मिलने की कितनी उम्मीद है? एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल जैसे प्रोडक्ट्स जो अभी हम खरीद रहे हैं, उन्हें तैयार करने के लिए जो कच्चा तेल इस्तेमाल हो रहा है, उसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल थी। भारतीय रिफाइनरियों के लिए ये करीब 125 डॉलर प्रति बैरल थे। 72 डॉलर के क्रूड से बने पेट्रोल, डीजल कब तक पंपों पर पहुंचेंगे? इसमें करीब ढाई महीने लगेंगे। मौजूदा भाव का तेल स्रोत देशों के बंदरगाहों पर जहाजों में लोड होने में 15-20 दिन लगेंगे। उन्हें भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने में 55-60 दिन लगेंगे। वहां से रिफाइनरी और फिर पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में भी समय लगेगा। यह पूरा चक्र 75-80 दिनों का होता है। तो क्या ढाई महीने बाद फौरन कीमतें कम हो जाएंगी? इसकी संभावना कम है। अभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर नुकसान हो रहा है। सरकार ने भी एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी। कुछ दिन इसकी भरपाई की जा सकती है। उसके बाद ही पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना है। कब तक राहत मिल सकती है? दशहरे के आसपास पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने लगेंगे। ये भी उम्मीद कर सकते हैं कि अगस्त के आखिर तक या सितंबर की शुरुआत से कुछ राहत मिलने लगे। क्या कच्चे तेल के दाम फिर बढ़ेंगे? मुझे नहीं लगता है कि निकट भविष्य में कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे। ऐसी आशंका अब बेहद कम है।
कच्चा-तेल ईरान युद्ध से पहले वाले भाव 72 डॉलर पर:एनर्जी एक्सपर्ट ने कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दशहरे तक ही संभव

ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटा लिए। इसके बाद होर्मुज रूट से गुजरने वाले जहाज की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार के बाद से करीब 80 जहाज इस होर्मुज से गुजर चुके हैं। हालांकि यह संख्या युद्ध से पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाजों से कम है। हालांकि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर दाम दशहरे तक ही कम हो सकते हैं। कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई कर सकती हैं पेट्रोलियम की कीमतों में राहत मिलने की कितनी उम्मीद है? एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल जैसे प्रोडक्ट्स जो अभी हम खरीद रहे हैं, उन्हें तैयार करने के लिए जो कच्चा तेल इस्तेमाल हो रहा है, उसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल थी। भारतीय रिफाइनरियों के लिए ये करीब 125 डॉलर प्रति बैरल थे। 72 डॉलर के क्रूड से बने पेट्रोल, डीजल कब तक पंपों पर पहुंचेंगे? इसमें करीब ढाई महीने लगेंगे। मौजूदा भाव का तेल स्रोत देशों के बंदरगाहों पर जहाजों में लोड होने में 15-20 दिन लगेंगे। उन्हें भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने में 55-60 दिन लगेंगे। वहां से रिफाइनरी और फिर पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में भी समय लगेगा। यह पूरा चक्र 75-80 दिनों का होता है। तो क्या ढाई महीने बाद फौरन कीमतें कम हो जाएंगी? इसकी संभावना कम है। अभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर नुकसान हो रहा है। सरकार ने भी एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी। कुछ दिन इसकी भरपाई की जा सकती है। उसके बाद ही पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना है। कब तक राहत मिल सकती है? दशहरे के आसपास पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने लगेंगे। ये भी उम्मीद कर सकते हैं कि अगस्त के आखिर तक या सितंबर की शुरुआत से कुछ राहत मिलने लगे। क्या कच्चे तेल के दाम फिर बढ़ेंगे? मुझे नहीं लगता है कि निकट भविष्य में कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे। ऐसी आशंका अब बेहद कम है। ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा: इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। पूरी खबर पढ़ें…
विशेष | वर्तमान प्रावधान के तहत, विलय में समस्या हो सकती है: हरीश साल्वे | एन18वी

विशेष | वर्तमान प्रावधान के तहत, विलय में समस्या हो सकती है: हरीश साल्वे | N18V “यदि लगभग सभी सांसद जाना चाहते हैं तो क्या वे आपकी पार्टी के नहीं हैं? इन मामलों को पार्टी के भीतर हल किया जाना चाहिए। दलबदल विरोधी कानून की वर्तमान संरचना में शायद कोई समस्या है। तर्क यह है कि, यदि बहुत बड़ी संख्या में सांसद चले जाते हैं तो क्या वे आपकी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं?: हरीश साल्वे, एफएमआर एसजी, सांसदों के अन्य दलों के साथ विलय पर”, एफएमआर एसजी, सांसदों के अन्य दलों के साथ विलय पर मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 26 जून, 2026, 09:00 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)संवैधानिक नैतिकता(टी)लिंग न्याय(टी)महाराष्ट्र विधायक सना मलिक(टी)मुस्लिम पर्सनल लॉ(टी)पर्सनल लॉ बहस(टी)पर्सनल लॉ इंडिया(टी)राजनीतिक दल और पर्सनल लॉ(टी)बहुविवाह विवाद(टी)मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत बहुविवाह(टी)प्रगतिशील आदर्श(टी)प्रगतिशील राजनीति(टी)सना मलिक(टी)सना मलिक का बचाव बहुविवाह(टी)सना मलिक विधायक(टी)सना मलिक बहुविवाह टिप्पणी(टी)धर्मनिरपेक्ष मूल्य(टी)धर्मनिरपेक्षता भारत(टी)यूसीसी(टी)यूसीसी बहस भारत(टी)समान नागरिक संहिता(टी)महिला अधिकार
लैथम -कॉन्वे के शतक से न्यूजीलैंड तीसरे टेस्ट में मजबूत:पहले दिन न्यूजीलैंड के 361 रन; आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड ने मजबूत शुरुआत की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 361 रन बनाए। ओपनर डेवोन कॉन्वे (157) और कप्तान टॉम लैथम (151) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने इसी साल माउंट माउंगानुई में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले विकेट के लिए 323 रन की साझेदारी भी की थी, जो उनकी सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी है। हालांकि, आखिरी सेशन में इंग्लैंड ने मैच में वापसी करते हुए 44 रन के भीतर 4 विकेट झटक दिए। स्टंप्स के समय क्रीज पर हेनरी निकोल्स और नाइटवॉचर विल ओ’रूर्के मौजूद थे। लैथम ने मार्टिन क्रो की बराबरी की लाथम का यह टेस्ट करियर का 17वां शतक है। इसके साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन क्रो के टेस्ट शतकों की बराबरी कर ली। दूसरी ओर, कॉन्वे ने अपने टेस्ट करियर का आठवां शतक पूरा किया। चोटों से परेशान न्यूजीलैंड को टॉस जीतने से मिली बड़ी राहत मैच से ठीक पहले न्यूजीलैंड की टीम को दो बड़े झटके लगे थे। पिछले हफ्ते द ओवल टेस्ट में 11 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे तेज गेंदबाज मैट हेनरी (पैर की चोट) और पहली पारी में शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स (साइड स्ट्रेन) चोट के कारण मैच से बाहर हो गए। उनकी जगह मिचेल सैंटनर और बेन सियर्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। ऐसे में कप्तान टॉम लाथम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का सही फैसला किया, जिससे टीम को इस झटके से उबरने और सपाट पिच पर बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल गया।, कॉन्वे और लैथम को मिले जीवनदान न्यूजीलैंड की बड़ी साझेदारी के दौरान इंग्लैंड ने कई मौके गंवाए। पारी के शुरुआती ओवरों में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप कॉर्डन में बदलाव के तुरंत बाद टॉम लाथम का कैच उसी खाली जगह से निकल गया। इसके बाद स्पिनर शोएब बशीर की गेंद पर 71 रन के स्कोर पर डेवोन कॉन्वे एलबीडब्ल्यू थे, लेकिन इंग्लैंड ने डीआरएस नहीं लिया। रिप्ले में गेंद सीधे स्टंप्स पर लगती दिखी। वहीं, 129 रन पर गस एटकिंसन की गेंद पर विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने लाथम का लेग साइड पर आसान कैच छोड़ दिया। इन दोनों जीवनदानों का न्यूजीलैंड ने पूरा फायदा उठाया और कॉन्वे-लाथम ने पहले विकेट के लिए 317 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी न्यूजीलैंड एक समय बिना किसी नुकसान के 317 रन बनाकर पूरी तरह हावी नजर आ रही थी, लेकिन दिन के अंतिम सेशन में इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 13वें ओवर में टॉम लाथम को आउट कर 317 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। इसके सिर्फ सात गेंद बाद जो रूट ने डेवोन कॉन्वे को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराकर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने से कुछ मिनट पहले गस एटकिंसन ने रचिन रवींद्र को पवेलियन भेजा, जबकि आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने हेनरी निकोल्स (14) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर न्यूजीलैंड का चौथा विकेट गिराया। इस तरह इंग्लैंड ने 44 रन के भीतर चार विकेट लेकर मुकाबले में दमदार वापसी की। हालांकि, मेजबान टीम के लिए चिंता की बात यह रही कि तेज गेंदबाज जोश टंग हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण तीसरे सेशन में सिर्फ एक ओवर ही फेंक सके।
लैथम -कॉन्वे के शतक से न्यूजीलैंड तीसरे टेस्ट में मजबूत:पहले दिन न्यूजीलैंड के 361 रन; आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड ने मजबूत शुरुआत की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 361 रन बनाए। ओपनर डेवोन कॉन्वे (157) और कप्तान टॉम लैथम (151) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने इसी साल माउंट माउंगानुई में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले विकेट के लिए 323 रन की साझेदारी भी की थी, जो उनकी सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी है। हालांकि, आखिरी सेशन में इंग्लैंड ने मैच में वापसी करते हुए 44 रन के भीतर 4 विकेट झटक दिए। स्टंप्स के समय क्रीज पर हेनरी निकोल्स और नाइटवॉचर विल ओ’रूर्के मौजूद थे। लैथम ने मार्टिन क्रो की बराबरी की लाथम का यह टेस्ट करियर का 17वां शतक है। इसके साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन क्रो के टेस्ट शतकों की बराबरी कर ली। दूसरी ओर, कॉन्वे ने अपने टेस्ट करियर का आठवां शतक पूरा किया। चोटों से परेशान न्यूजीलैंड को टॉस जीतने से मिली बड़ी राहत मैच से ठीक पहले न्यूजीलैंड की टीम को दो बड़े झटके लगे थे। पिछले हफ्ते द ओवल टेस्ट में 11 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे तेज गेंदबाज मैट हेनरी (पैर की चोट) और पहली पारी में शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स (साइड स्ट्रेन) चोट के कारण मैच से बाहर हो गए। उनकी जगह मिचेल सैंटनर और बेन सियर्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। ऐसे में कप्तान टॉम लाथम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का सही फैसला किया, जिससे टीम को इस झटके से उबरने और सपाट पिच पर बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल गया।, कॉन्वे और लैथम को मिले जीवनदान न्यूजीलैंड की बड़ी साझेदारी के दौरान इंग्लैंड ने कई मौके गंवाए। पारी के शुरुआती ओवरों में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप कॉर्डन में बदलाव के तुरंत बाद टॉम लाथम का कैच उसी खाली जगह से निकल गया। इसके बाद स्पिनर शोएब बशीर की गेंद पर 71 रन के स्कोर पर डेवोन कॉन्वे एलबीडब्ल्यू थे, लेकिन इंग्लैंड ने डीआरएस नहीं लिया। रिप्ले में गेंद सीधे स्टंप्स पर लगती दिखी। वहीं, 129 रन पर गस एटकिंसन की गेंद पर विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने लाथम का लेग साइड पर आसान कैच छोड़ दिया। इन दोनों जीवनदानों का न्यूजीलैंड ने पूरा फायदा उठाया और कॉन्वे-लाथम ने पहले विकेट के लिए 317 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी न्यूजीलैंड एक समय बिना किसी नुकसान के 317 रन बनाकर पूरी तरह हावी नजर आ रही थी, लेकिन दिन के अंतिम सेशन में इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 13वें ओवर में टॉम लाथम को आउट कर 317 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। इसके सिर्फ सात गेंद बाद जो रूट ने डेवोन कॉन्वे को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराकर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने से कुछ मिनट पहले गस एटकिंसन ने रचिन रवींद्र को पवेलियन भेजा, जबकि आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने हेनरी निकोल्स (14) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर न्यूजीलैंड का चौथा विकेट गिराया। इस तरह इंग्लैंड ने 44 रन के भीतर चार विकेट लेकर मुकाबले में दमदार वापसी की। हालांकि, मेजबान टीम के लिए चिंता की बात यह रही कि तेज गेंदबाज जोश टंग हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण तीसरे सेशन में सिर्फ एक ओवर ही फेंक सके।
इक्वाडोर ने 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हराया:20 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा, जर्मनी लगातार 11 जीत के बाद हारी

24वीं रैंक की टीम इक्वाडोर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शुक्रवार को 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हरा दिया है। इस जीत से टीम ने राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली। इक्वाडोर 2006 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची है। ग्रुप-ई में तीसरे स्थान पर रहते हुए चार अंक हासिल करने वाला इक्वाडोर अब अगले राउंड में मैक्सिको से भिड़ सकता है। वहीं, पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी जर्मनी की लगातार 11 मैचों की जीत का सिलसिला भी इस हार के साथ टूट गया है। मेटलाइफ स्टेडियम में इस मैच के दौरान 80,663 फैंस मौजूद रहे। फीफा के अनुसार इस वर्ल्ड कप के 56वें मैच तक कुल दर्शकों की संख्या 35,87,539 पहुंच गई, जो 1994 वर्ल्ड कप के पूरे टूर्नामेंट के रिकॉर्ड से अधिक है। शुरुआती बढ़त के बावजूद हारा जर्मनी जर्मनी ने मुकाबले की तेज शुरुआत करते हुए दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने के गोल से बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के पास पर साने ने गोल दागा। हालांकि, इक्वाडोर ने 9वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। मिडफील्ड में गेंद छीनने के बाद पेड्रो वीटे ने निल्सन अंगुलो को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह टूर्नामेंट में इक्वाडोर का पहला गोल भी था। प्लाटा ने निर्णायक गोल दागा दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए। 77वें मिनट में पेड्रो वीटे के कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज ने हेडर लगाया, जिसे गोलकीपर मैनुएल नोयर पकड़ने ही वाले थे कि गोंजालो प्लाटा ने पैर बढ़ाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे उसने अंत तक कायम रखा। मैच 55: कुराकाओ Vs आइवरी कोस्ट, स्कोरलाइन 0-2 पेपे के डबल गोल से जीता आइवरी कोस्ट, पहली बार नॉकआउट में निकोलस पेपे के डबल गोल से आइवरी कोस्ट ने ग्रुप-ई मैच में कुराकाओ को 2-0 से हराकर पहली बार नॉकआउट में जगह बना ली। अब आइवरी कोस्ट 30 जून को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप आई की उपविजेता टीम (फ्रांस या नॉर्वे) से भिड़ेगा। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में आइवरी कोस्ट ने 7वें मिनट में बढ़त बना ली। 19 साल यान डियोमांडे ने कुराकाओ के डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए गेंद निकोलस पेपे को पास की, जिन्होंने आसान गोल के साथ टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। फिर 64वें मिनट में पेपे ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा और टीम का दूसरा गोल दागा। इसके बाद टीम ने कुराकाओ को वापसी का मौका नहीं दिया। —————————————
इक्वाडोर ने 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हराया:20 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा, जर्मनी लगातार 11 जीत के बाद हारी

24वीं रैंक की टीम इक्वाडोर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शुक्रवार को 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हरा दिया है। इस जीत से टीम ने राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली। इक्वाडोर 2006 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची है। ग्रुप-ई में तीसरे स्थान पर रहते हुए चार अंक हासिल करने वाला इक्वाडोर अब अगले राउंड में मैक्सिको से भिड़ सकता है। वहीं, पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी जर्मनी की लगातार 11 मैचों की जीत का सिलसिला भी इस हार के साथ टूट गया है। मेटलाइफ स्टेडियम में इस मैच के दौरान 80,663 फैंस मौजूद रहे। फीफा के अनुसार इस वर्ल्ड कप के 56वें मैच तक कुल दर्शकों की संख्या 35,87,539 पहुंच गई, जो 1994 वर्ल्ड कप के पूरे टूर्नामेंट के रिकॉर्ड से अधिक है। शुरुआती बढ़त के बावजूद हारा जर्मनी जर्मनी ने मुकाबले की तेज शुरुआत करते हुए दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने के गोल से बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के पास पर साने ने गोल दागा। हालांकि, इक्वाडोर ने 9वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। मिडफील्ड में गेंद छीनने के बाद पेड्रो वीटे ने निल्सन अंगुलो को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह टूर्नामेंट में इक्वाडोर का पहला गोल भी था। प्लाटा ने निर्णायक गोल दागा दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए। 77वें मिनट में पेड्रो वीटे के कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज ने हेडर लगाया, जिसे गोलकीपर मैनुएल नोयर पकड़ने ही वाले थे कि गोंजालो प्लाटा ने पैर बढ़ाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे उसने अंत तक कायम रखा। मैच 55: कुराकाओ Vs आइवरी कोस्ट, स्कोरलाइन 0-2 पेपे के डबल गोल से जीता आइवरी कोस्ट, पहली बार नॉकआउट में निकोलस पेपे के डबल गोल से आइवरी कोस्ट ने ग्रुप-ई मैच में कुराकाओ को 2-0 से हराकर पहली बार नॉकआउट में जगह बना ली। अब आइवरी कोस्ट 30 जून को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप आई की उपविजेता टीम (फ्रांस या नॉर्वे) से भिड़ेगा। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में आइवरी कोस्ट ने 7वें मिनट में बढ़त बना ली। 19 साल यान डियोमांडे ने कुराकाओ के डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए गेंद निकोलस पेपे को पास की, जिन्होंने आसान गोल के साथ टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। फिर 64वें मिनट में पेपे ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा और टीम का दूसरा गोल दागा। इसके बाद टीम ने कुराकाओ को वापसी का मौका नहीं दिया। मैच 57: जापान Vs स्वीडन, स्कोरलाइन 1-1 जापान और स्वीडन ने ड्रॉ खेला, दोनों नॉकआउट में जापान और स्वीडन ने ग्रुप-एफ से नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है। दोनों के बीच का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। जापान ग्रुप में दूसरे और स्वीडन पहले स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंचा। जापान ने तीसरी और स्वीडन ने चौथी बार नॉकआउट में प्रवेश किया है। डलास स्टेडियम में पहला हाफ गोल रहित रहने के बाद 56वें मिनट में रित्सु दोआन के पास पर दाइजेन माएदा ने गोल करके जापान को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर नहीं टिकी और 62वें मिनट में एंथनी एलांगा ने बॉक्स के बाहर से शानदार बाएं पैर का शॉट लगाकर स्वीडन को 1-1 की बराबरी दिला दी। उन्होंने इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल दागा। एलांगा के गोल के साथ जापान ने एक एडिशन में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। टीम इस वर्ल्ड कप में 7 गोल कर चुकी है। उसने 2018 वर्ल्ड कप में छह गोल किए थे। —————————————
सचिन तेंदुलकर का एक रिकॉर्ड तोड़ सकते वैभव सूर्यवंशी:भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज: 3 नंबर जर्सी में उतरेंगे सूर्यवंशी, इंटरनेशनल डेब्यू का मिल सकता मौका

वैभव सूर्यवंशी आज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। उन्हें आज भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है। 15 साल के सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम में जगह दी गई है। आज वैभव के सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू की उम्मीद है। अगर आज उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वैभव सचिन को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। आयरलैंड में आज शाम 7 बजे मैच खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। यह फैसला ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के कारण लिया है, जिसे ICC ने इसे 2019 में लागू किया था। वैभव को लेकर यूरोप में टिकटों की भारी डिमांड वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड के खिलाफ संभावित इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त उत्साह है। पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव (बॉबजी) ने बताया कि बेलफास्ट के 7,000 क्षमता वाले स्टॉर्मोंट ग्राउंड के लिए टिकटों की भारी मांग है और यूरोप के कई देशों से फैंस मैच देखने पहुंच सकते हैं। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी दी गई है। सूर्यवंशी को जर्सी भारतीय टीम में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने सौंपी थी। सूर्यवंशी ने सबसे पहले रघु के पैर छूए और उन्हें प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। उन्होंने कहा कि ‘इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस दिन पहली बार बल्ला थामकर मैदान पर कदम रखा था, आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे अब तक के करियर का सबसे बड़ा कदम है और इस अहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।’ वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय बन सकते हैं वैभव शेफाली ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेल लिया था। वहीं, सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। वैभव को अगर इंग्लैंड-आयरलैंड टूर या एशियन गेम्स में एक भी मैच खेलने का मौका मिल जाता है तो वे शेफाली और सचिन दोनों को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया हाल ही में उन्होंने भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली।
सचिन तेंदुलकर का एक रिकॉर्ड तोड़ सकते वैभव सूर्यवंशी:भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज: 3 नंबर जर्सी में उतरेंगे सूर्यवंशी, इंटरनेशनल डेब्यू का मिल सकता मौका

वैभव सूर्यवंशी आज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। उन्हें आज भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है। 15 साल के सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम में जगह दी गई है। आज वैभव के सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू की उम्मीद है। अगर आज उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वैभव सचिन को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। आयरलैंड में आज शाम 7 बजे मैच खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। यह फैसला ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के कारण लिया है, जिसे ICC ने इसे 2019 में लागू किया था। वैभव को लेकर यूरोप में टिकटों की भारी डिमांड वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड के खिलाफ संभावित इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त उत्साह है। पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव (बॉबजी) ने बताया कि बेलफास्ट के 7,000 क्षमता वाले स्टॉर्मोंट ग्राउंड के लिए टिकटों की भारी मांग है और यूरोप के कई देशों से फैंस मैच देखने पहुंच सकते हैं। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी दी गई है। सूर्यवंशी को जर्सी भारतीय टीम में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने सौंपी थी। सूर्यवंशी ने सबसे पहले रघु के पैर छूए और उन्हें प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। उन्होंने कहा कि ‘इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस दिन पहली बार बल्ला थामकर मैदान पर कदम रखा था, आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे अब तक के करियर का सबसे बड़ा कदम है और इस अहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।’ वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय बन सकते हैं वैभव शेफाली ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेल लिया था। वहीं, सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। वैभव को अगर इंग्लैंड-आयरलैंड टूर या एशियन गेम्स में एक भी मैच खेलने का मौका मिल जाता है तो वे शेफाली और सचिन दोनों को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया हाल ही में उन्होंने भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली।
ईरान बोला-NATO देशों ने जंग में अमेरिका का साथ दिया:इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए; होर्मुज में जहाज पर हमला, पुल को नुकसान

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले में साथ देने वाले NATO मेंबर देशों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO चीफ मार्क रुट ने खुद माना है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया था। बघेई ने कहा कि इन्हें अपने नागरिकों और पूरी दुनिया को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। होर्मुज स्ट्रेट में एक कॉमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल (हमलावर हथियार) से हमला हुआ। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इसकी जानकारी दी है। जहाज ओमान के तट के पास था, तभी प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज के ब्रिज (जहां से जहाज को कंट्रोल किया जाता है) को नुकसान पहुंचा। जहाज के कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान ने होर्मुज में नए रूट पर आपत्ति जताई : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए समुद्री रास्ते (इवैक्यूएशन लेन) बनाने की बात कही गई थी। 2. होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका आमने-सामने: ईरान ने कहा कि बिना नियम माने गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई होगी। अमेरिका ने साफ किया कि होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा। 3. ट्रम्प ने युद्ध खर्च के लिए ₹8.3 लाख करोड़ मांगे: ट्रम्प सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (₹8.322 लाख करोड़) की अतिरिक्त फंडिंग मांगी। यह रकम युद्ध खर्च, सेना की तैयारी और हथियारों के भंडार के लिए इस्तेमाल होगी। 4. लेबनान में इजराइली हमले जारी: नाबातियेह के पास कार पर हमले में 3 लोगों की मौत और 1 व्यक्ति घायल हुआ। इजराइली सेना ने हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। 5. ईरान ने अमेरिका विरोधी नारों पर रोक की खबर खारिज की: ईरान ने कहा कि ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताया। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….






