जैवलिन थ्रो छोड़ रग्बी में चमकीं अमनदीप कौर:ऑक्शन में 11 घंटे नहीं चुनी गईं, फिर बनीं बेस्ट प्लेयर; लक्ष्य भारत को गोल्ड जिताना

पंजाब की 24 वर्षीय अमनदीप कौर कभी जैवलिन थ्रो में करियर बनाने के लिए मेहनत करती थीं, लेकिन इस खिलाड़ी ने हाल ही में आयोजित रग्बी प्रीमियर लीग 2026 में ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ का खिताब जीत लिया है। हालांकि, ऐसा करना आसान नहीं था। अप्रैल में इस लीग के पहले सीजन की नीलामी के दिन अमनदीप को सुबह 9 बजे से रात 8 बजे जब किसी टीम ने नहीं चुना, तो वह काफी निराश हो गईं। लेकिन तभी रात करीब 8 बजे उनकी एक दोस्त ने इंस्टाग्राम पर देखकर खुशखबरी दी कि उन्हें ‘चेन्नई बुल्स’ ने खरीद लिया है। 1.6 लाख रुपए की बोली के साथ वह नीलामी में संयुक्त रूप से तीसरी सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं। उनका यह चयन सही साबित हुआ, क्योंकि उनके शानदार खेल की बदौलत चेन्नई बुल्स लीग चरण में शीर्ष पर रही और टूर्नामेंट की उपविजेता बनी। अमनदीप का रग्बी तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं था। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब की श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में ग्रेजुएशन करने वाली अमनदीप शुरुआत में एक जैवलिन थ्रोअर थीं। लेकिन आर्थिक चुनौतियों और अपने कोच के सेंटर बदल जाने के कारण उन्हें ट्रेनिंग में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान न्यूजीलैंड की स्टार प्लेयर पोर्टिया वुडमैन की ताकत और खेल में दिखने वाली आक्रामकता ने उन्हें रग्बी की ओर खींचा। अमनदीप ने रग्बी के मैदान को अपना गुस्सा और ऊर्जा निकालने का जरिया माना। हालांकि, परिवार को समझाना मुश्किल था। उनके भाई, जो खुद एक पहलवान हैं, चाहते थे कि अमनदीप किसी टीम गेम की बजाय व्यक्तिगत खेल पर ध्यान दें। रग्बी खेलते हुए अमनदीप को काफी चोटें आईं। कभी सिर में टांके लगे तो कभी हाथ में फ्रैक्चर हुआ। उन्होंने अपनी चोटें और सर्जरी की बात परिवार से छिपाई, क्योंकि उन्हें डर था कि घरवाले खेलने से रोक देंगे। लेकिन अब परिवार का नजरिया पूरी तरह से बदल चुका है। अमनदीप के हौसले भी बुलंद हैं और उनका अगला लक्ष्य अब आगामी एशियन गेम्स में भारत को मेडल जिताना है। जिनके वीडियो देखकर खेल सीखा, उन्हीं की कप्तानी में खेलीं 2025 में अमनदीप को पहली बार भारतीय टीम के नेशनल कैंप में बुलाया गया। जब चीन और श्रीलंका दौरे के लिए अंतिम 14 खिलाड़ियों का चयन होना था, तो मीटिंग में सबसे पहला नाम अमनदीप का ही पुकारा गया। चीन में एशियन रग्बी सेवन सीरीज में उन्होंने पहली बार भारत की जर्सी पहनी। इस दौरान उन्हें अपनी आदर्श और भारतीय कप्तान शिखा यादव के साथ खेलने का मौका भी मिला, जिनके वीडियो देखकर वह खेल सीखा करती थीं।
सुशांत केस से ट्रॉमा से रिकवर नहीं हुईं रिया चक्रवर्ती:कहा- ये ट्रॉमा ऐसी चीज है, जिससे उबर नहीं सकते; 27 दिन जेल में रही थीं एक्ट्रेस

रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हुए ट्रॉमा पर बात की है। उन्होंने बताया है कि वो पूरी तरह इससे रिकवर नहीं कर सकी हैं। इसके अलावा एक्ट्रेस ने अपनी वायरल टी-शर्ट पर भी बात की है। नेहा धूपिया और अंगद बेदी से बातचीत के दौरान रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत और ट्रॉमा पर बात की है। नेहा धूपिया ने रिया से पूछा कि एक इंटरव्यू में आपकी मां ने सवाल किया था कि मेरी बेटी इससे कैसे हील करेगी, क्या आपने इससे पूरी तरह रिकवर कर लिया है? तो जवाब में एक्ट्रेस ने कहा, ‘यह कोई ऐसी चीज नहीं है जिससे आप कभी पूरी तरह उबर सकें। यह ट्रॉमा है। अगर दिमाग में न भी रहे, तो भी इसका असर शरीर में बना रहता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इसमें PTSD (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) जैसी स्थिति हो सकती है। आप थेरेपी लेते हैं और धीरे-धीरे इससे निपटने की कोशिश करते हैं। क्योंकि हमारी चीज पब्लिक में है, तो लोग इसके बारे में बात करते हैं, सोचते हैं।’ सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस के समय रिया चक्रवर्ती द्वारा एक टी-शर्ट भी काफी सुर्खियों में रही थी, जिसमें पैट्रियारकी खत्म करने से जुड़ी एक लाइन लिखी गई थी। अब रिया ने वो टी-शर्ट पहनने के फैसले पर कहा है, ‘वो टी-शर्ट मैंने इसलिए पहनी, क्योंकि वो मेरे पहले अध्याय का हिस्सा थी। जब मैं अरेस्ट हुई, तब मैंने वो टी-शर्ट पहनी थी, जिसमें लिखा था,”Roses are red, violets are blue, let’s smash the patriarchy, me and you.”, उस टी-शर्ट ने मेरे लिए बात की, जब कोई भी मेरी तरफ से बात नहीं कर रहा था। मैंने कहा था कि ऐसी और टी-शर्ट बनाओ, जो उन लोगों की मदद कर सके, जिनके लिए कोई नहीं बोलता।’ रिया ने कहा कि यही वजह है कि उन्होंने भाई शौविक के साथ क्लोदिंग ब्रांड (चैप्टर-2) शुरू किया, जिसमें वो टी-शर्ट बना रही हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद 27 दिन जेल में रहीं सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके पिता ने रिया चक्रवर्ती पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए थे। इसके अलावा ड्रग्स से जुड़ी बात सामने आने के बाद नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भी एक्ट्रेस और उनके भाई शौविक को जांच के दायरे में लिया था। केस के चलते रिया चक्रवर्ती 27 दिनों तक जेल में रही थीं। CBI ने 22 मार्च 2025 को अपनी क्लोजर रिपोर्ट में रिया और उनके परिवार को क्लीन चिट दे दी।
सऊदी अरब में भारतीय भी खरीद सकेंगे अपना घर:ऑयल इकोनॉमी पर निर्भरता घटाने का बड़ा फैसला; 24 लाख प्रवासियों को सीधा फायदा

सऊदी अरब ने अपने रियल एस्टेट सेक्टर को विदेशियों के लिए खोल दिया है। ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ नाम के नए डिजिटल पोर्टल के जरिए अब विदेशी नागरिक, कंपनियां और निवेशक वहां प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह कदम जनवरी, 2026 में लागू हुए विदेशी रियल एस्टेट स्वामित्व कानून के तहत उठाया गया है। इस बदलाव से सबसे अधिक फायदा करीब 24 लाख उन भारतीयों को हो सकता है जो सऊदी अरब में रहते और काम करते हैं। अब तक भारतीय केवल किराए पर मकान ले सकते थे। लेकिन नई व्यवस्था के तहत वे वहां प्रॉपर्टी के मालिक भी बन सकते हैं। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (रेगा) ने बताया कि ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ पोर्टल पूरी तरह डिजिटल है। इसके जरिए आप अपनी पात्रता जांच सकते हैं, आवेदन कर सकते हैं, और अपने आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं। हालांकि दो पवित्र शहरों मक्का और मदीना के लिए नियम अब भी सख्त हैं। इन दोनों शहरों में प्रॉपर्टी का मालिकाना हक केवल सऊदी कंपनियों और मुस्लिम प्रवासियों/नागरिकों को ही दिया जाएगा। 6.8 लाख करोड़ रुपए का है सऊदी अरब का रियल एस्टेट मार्केट (2025)। 2034 तक करीब 13 लाख करोड़ होने का अनुमान है। जानिए नए नियमों के तहत सऊदी अरब में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कैसे कर सकते हैं निवेश भारतीय खरीदारों के लिए कितना बड़ा मौका? रियल एस्टेट कन्सल्टेंसी फर्म एनारॉक ग्रुप के सीईओ (रिटेल) अनुज केजरीवाल ने कहा, ‘किंगडम में भारतीय प्रवासियों की बड़ी आबादी है। नए नियमों के चलते सांस्कृतिक रूप से परिचित होने और किराए की मांग अच्छी होने की वजह से खास तौर पर प्राइम और बिजनेस-लिंक्ड लोकेशंस में भारतीय खरीदारों की दिलचस्पी काफी बढ़ सकती है।’ दुबई से कितना अलग है? केजरीवाल के मुताबिक, सऊदी का बाजार नया होने के कारण कई खरीदार अब भी दुबई जैसे परखे हुए मार्केट्स को तरजीह दे सकते हैं। दुबई का बाजार पुराना और भारतीयों का जाना-पहचाना है। शुरुआत में भारतीयों की मांग थोड़ी सीमित भी रह सकती है क्योंकि नियम अभी बन रहे हैं। वैसे सऊदी में विजन 2030 के तहत बड़े शहरी और पर्यटन प्रोजेक्ट चल रहे हैं। लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ की उम्मीद है। ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ पोर्टल पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? यह पोर्टल विदेशी खरीदारों के लिए ‘वन-स्टॉप शॉप’ है, जहां वे उपलब्ध प्रॉपर्टी और निवेश के मौके ब्राउज कर सकते हैं, अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं, मालिकाना हक के कानूनी रास्तों की जानकारी ले सकते हैं। आवेदन करने के साथ ही स्टेटस भी लाइव ट्रैक कर सकते हैं। किन-किन शहरों में विदेशी प्रॉपर्टी कर सकते हैं? मक्का, मदीना को छोड़कर पूरे सऊदी अरब के विकसित इलाकों, नियोम, रेड सी प्रोजेक्ट, दीरिया और अल-उला जैसे गीगा-प्रोजेक्ट्स में विदेशी निवेशक प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे। कौन खरीद सकता है? सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और विदेश में रहने वाले एनआरआई, दोनों आवेदन कर सकते हैं। सऊदी में रहने वाले रेजिडेंसी नंबर से सीधे आवेदन कर सकेंगे, विदेश में रहने वाले एनआरआई को पहले सऊदी दूतावास से डिजिटल आईडी लेनी होगी। क्या कंपनी के जरिए निवेश कर सकते हैं? भारतीय कंपनियां ‘इन्वेस्ट सऊदी’ प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन और नेशनल यूनिफाइड नंबर लेने के बाद आवेदन कर सकती हैं। अभी निवेश करना चाहिए? इस समय अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण रियल एस्टेट मंदी से जूझ रही है। मार्च 2025 में दुबई में आवासीय बिक्री करीब 20% गिर गई थी। ऐसे में सऊदी अरब एक नया विकल्प बनकर उभर रहा है।
पेरू की पहली महिला राष्ट्रपति, 19 वर्ष में संभाली जिम्मेदारी:पढ़ाई छूटी, जेल गईं और बंकर में काटी रातें, केइको ने बिखरने नहीं दी पार्टी

पेरू में पहली बार कोई महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। यहां चौथी बार चुनाव लड़ रही दक्षिणपंथी नेता केइको फुजीमोरी (51) ने जीत हासिल की है। केइको को करीब 50.1% वोट मिले, जबकि वामपंथी उम्मीदवार रोबर्टो सांचेज को 49.9% वोट मिले। केइको 28 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी। वह पूर्व राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजीमोरी की बेटी हैं। चुनावी फंडिंग मामले में केइको 2018 से 2020 तक जेल में भी रह चुकी हैं। अब उनके सामने अपराध, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता से देश को संभालने की चुनौती होगी। पढ़िए केइको के जीवन से जुड़े किस्से… धमाकों के बीच भी पिता स्कूल भेजते 1990 के दशक में केइको के पिता अल्बर्टो फुजीमोरी राष्ट्रपति थे। तब पेरू उग्रवादी संगठन सेंडेरो लुमिनोसो के हमलों से दहल रहा था। उस समय राष्ट्रपति भवन भी उग्रवादियों के निशाने पर था, इसलिए बेटी केइको और उनके भाई-बहनों को सुरक्षा के लिए लंबे समय तक बंकरों में रहना पड़ता था। रात में धमाकों और हमलों की खबरें आतीं तो बच्चे डर जाते और स्कूल न जाने की जिद करते। लेकिन पिता अल्बर्टो फुजीमोरी का नियम था कि हालात जैसे भी हों, पढ़ाई नहीं रुकेगी। संकट के बीच सामान्य जीवन जीना उन्होंने यहीं सीखा। छात्रा से फर्स्ट लेडी बनीं 1994 में केइको अमेरिका की स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं। तभी उनके माता-पिता में विवाद के बाद दोनों अलग हो गए। उनकी मां सुजाना हिगुची ने अल्बर्टो के सहयोगियों पर भ्रष्टाचार व राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगाए। विवाद के बीच केइको को पढ़ाई छोड़कर पेरू लौटना पड़ा। महज 19 की उम्र में पिता ने सुजाना को हटाकर केइको को फर्स्ट लेडी की जिम्मेदारी सौंपी। तब वे दुनिया की सबसे कम उम्र की फर्स्ट लेडी में गिनी जाने लगीं। उस दौरान केइको ने राष्ट्रपति भवन के कुछ हिस्सों को अपने पसंदीदा गुलाबी रंग से सजवा दिया था। उन्हें अनुभवहीन किशोरी कहकर आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन केइको ने इसे सामान्य बात बताया। बेटियों को हिम्मत देने के लिए जेल से लिखती थीं चिट्ठी केइको की दो बेटियां हैं। 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग व चुनावी फंडिंग मामले में केइको जेल गईं। उस दौरान वे जेल से बेटियों को चिट्ठियां लिखती थीं, जिनमें पढ़ाई पर ध्यान देने, हिम्मत बनाए रखने और परिवार का ख्याल रखने की सलाह देती थीं। ये पत्र बेटियों के साथ खुद केइको के लिए भी मुश्किल दौर में मानसिक सहारा बने। करीब 13 महीने बाद वे रिहा हुई और राजनीति में सक्रिय हुईं।
सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकता है भारतीय बाजार:गिफ्टी निफ्टी में 150 अंकों की कमजोरी; 8% टूटा दक्षिण कोरिया का कोस्पी

मुहर्रम की छुट्टी के कारण आज 26 जून को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। लेकिन वैश्विक बाजारों में मंदी के कारण सोमवार को ये गिरावट के साथ खुल सकता है। आज दक्षिण कोरिया का बाजार कोस्पी 8% नीचे हैं और गिफ्ट निफ्टी 150 अंकों से ज्यादा टूट गया है। इससे पहले, गुरुवार को भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच मामूली बढ़त रही थी। सेंसेक्स 109 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक (0.14%) बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स अपने डे हाई से 703 अंक टूट गया था। विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में ₹2 हजार करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे 25 जून को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय बाजारों से ₹384 करोड़ की नेट खरीदारी की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी ₹5,748 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इस साल के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो FIIs अब तक लगभग ₹3.46 लाख करोड़ के नेट सेलर्स रहे हैं, जबकि DIIs ने ₹4.57 लाख करोड़ की खरीदारी की है। नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। एशियाई बाजारों में कोस्पी 8% टूटा, निक्केई में भी 5% की गिरावट AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण ग्लोबल मार्केट्स में टेक शेयरों में बिकवाली आई है। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी 8% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3% गिरा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी नीचे हैं। अमेरिकी बाजारों में मिला जुला कारोबार, एपल का शेयर 6% टूटा डाउ जोंस में भले ही 0.14% की बढ़त रही, लेकिन टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट 0.46% गिरकर बंद हुआ। टेक कंपनी एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे आ गए। सबसे ज्यादा नुकसान एपल को हुआ, जिसके शेयर 6% टूट गए। कंपनी ने आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, ताकि मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके। इस गिरावट से एपल की मार्केट वैल्यू करीब 250 बिलियन डॉलर घट गई। अब इसका मार्केट कैप 4.04 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। हालांकि, सेमीकंडक्टर सेक्टर से कुछ अच्छे संकेत भी मिले। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के तिमाही नतीजे अनुमान से बेहतर रहने के बाद उसका शेयर 16% चढ़ गया। इसके साथ ही सैनडिस्क में 22% की तेजी आई। क्वालकॉम, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट जैसी कंपनियां भी बढ़त रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई घटेगी सप्लाई से जुड़ी चिंताएं दूर होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से टैंकरों की आवाजाही फिर से सामान्य होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है। ब्रेंट क्रूड 2% गिरकर लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद आई मामूली तेजी के बावजूद कच्चे तेल के दामों में गिरावट रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस कमी से भारत जैसे बड़ी मात्रा में तेल आयात करने वाले देश को महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। नॉलेज पार्ट :
सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकता है भारतीय बाजार:गिफ्टी निफ्टी में 150 अंकों की कमजोरी; 8% टूटा दक्षिण कोरिया का कोस्पी

मुहर्रम की छुट्टी के कारण आज 26 जून को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। लेकिन वैश्विक बाजारों में मंदी के कारण सोमवार को ये गिरावट के साथ खुल सकता है। आज दक्षिण कोरिया का बाजार कोस्पी 8% नीचे हैं और गिफ्ट निफ्टी 150 अंकों से ज्यादा टूट गया है। इससे पहले, गुरुवार को भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच मामूली बढ़त रही थी। सेंसेक्स 109 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक (0.14%) बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स अपने डे हाई से 703 अंक टूट गया था। विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में ₹2 हजार करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे 25 जून को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय बाजारों से ₹384 करोड़ की नेट खरीदारी की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी ₹5,748 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इस साल के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो FIIs अब तक लगभग ₹3.46 लाख करोड़ के नेट सेलर्स रहे हैं, जबकि DIIs ने ₹4.57 लाख करोड़ की खरीदारी की है। नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। एशियाई बाजारों में कोस्पी 8% टूटा, निक्केई में भी 5% की गिरावट AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण ग्लोबल मार्केट्स में टेक शेयरों में बिकवाली आई है। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी 8% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3% गिरा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी नीचे हैं। अमेरिकी बाजारों में मिला जुला कारोबार, एपल का शेयर 6% टूटा डाउ जोंस में भले ही 0.14% की बढ़त रही, लेकिन टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट 0.46% गिरकर बंद हुआ। टेक कंपनी एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे आ गए। सबसे ज्यादा नुकसान एपल को हुआ, जिसके शेयर 6% टूट गए। कंपनी ने आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, ताकि मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके। इस गिरावट से एपल की मार्केट वैल्यू करीब 250 बिलियन डॉलर घट गई। अब इसका मार्केट कैप 4.04 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। हालांकि, सेमीकंडक्टर सेक्टर से कुछ अच्छे संकेत भी मिले। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के तिमाही नतीजे अनुमान से बेहतर रहने के बाद उसका शेयर 16% चढ़ गया। इसके साथ ही सैनडिस्क में 22% की तेजी आई। क्वालकॉम, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट जैसी कंपनियां भी बढ़त रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई घटेगी सप्लाई से जुड़ी चिंताएं दूर होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से टैंकरों की आवाजाही फिर से सामान्य होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है। ब्रेंट क्रूड 2% गिरकर लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद आई मामूली तेजी के बावजूद कच्चे तेल के दामों में गिरावट रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस कमी से भारत जैसे बड़ी मात्रा में तेल आयात करने वाले देश को महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। नॉलेज पार्ट :
शाहरुख खान के बॉलीवुड में 34 साल पूरे:मैंग्लोर इवेंट में बचपन की तस्वीर लेकर पहुंचे, कहा- भले ही ये अटपटी है, लेकिन इकलौती तस्वीर है, कन्नड़ बोली

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को आज फिल्म इंडस्ट्री में 34 साल हो चुके हैं। उनकी पहली फिल्म दीवाना 34 साल पहले आज के ही दिन 26 जून को रिलीज हुई थी। इस खास मौके पर शाहरुख खान मैंगलोर के एक इवेंट का हिस्सा बने, जहां आइकॉनिक पोज, हिट गानों में डांस करते हुए एक्टर ने मैंगलोर की बचपन की याद पर भी बात की है। इस दौरान एक्टर ने कन्नड़ में फैंस से बात कर हर किसी का ध्यान खींच लिया। शाहरुख खान इस इवेंट में बचपन की एक तस्वीर लेकर पहुंचे थे। इवेंट के बीच उन्होंने जेब में रखी वो तस्वीर निकालकर ऑडियंस को दिखाई, जो उनके अनुसार, उनके बचपन की इकलौती तस्वीर है। शाहरुख ने तस्वीर दिखाते हुए कहा, ‘भले ही इस समय यह तस्वीर थोड़ी अटपटी लगे, क्योंकि मैं इसमें बिना कपड़ों के हूं। ये मेरे पास मेरे बचपन की इकलौती तस्वीर है, जो मैंगलोर में ली गई थी। मैं बिना कपड़ों के बाल्टी में हूं।’ बता दें कि शाहरुख खान का जन्म नई दिल्ली में हुआ था, हालांकि उन्होंने बचपन के शुरुआती 5 साल अपने दादा जी इफ्तिखार अहमद के साथ मैंगलोर में ही बिताए हैं। इवेंट में शाहरुख खान ने फैंस को कन्नड़ में ग्रीट किया है, जिसके बाद उन्होंने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के गानों, झूमें जो पठान और छम्मक छल्लो जैसे गानों पर परफॉर्मेंस दी है। देखिए इवेंट से शाहरुख खान की तस्वीरें- फिल्म दीवाना में बने विलेन, संयोग से मिली थी ये फिल्म फिल्मों से पहले शाहरुख खान ने कई टीवी शोज में काम किया था, जिसके बाद उन्हें फिल्म दीवाना एक संयोग से मिली। इस फिल्म में राजा सहाय के रोल के लिए पहले अरमान कोहली को फाइनल किया गया था, लेकिन किसी वजह से एक्टर ने यह फिल्म करने से मना कर दिया था। इसी समय शेखर कपूर ने प्रोड्यूसर गुड्डू धनोआ को शाहरुख से मिलने के लिए दिल्ली भेजा। वो कनोट प्लेस में मिले। गुड्डू धनोआ ने एक इंटरव्यू में बताया था, “तब तक, अभिनेता की कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। फिर भी उन्होंने मुझसे कहा, ‘मैं आपकी फिल्म नहीं कर सकता। मैं पहले से ही 5 फिल्में कर रहा हूं।’ ये सुनते ही मुझे झटका लगा। पूछने पर अभिनेता ने बताया कि वो हेमा मालिनी की ‘दिल आशना है’ (1992), ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ (1992), ‘चमत्कार’ (1992), ‘किंग अंकल’ (1993) और ‘कभी हां कभी ना’ (1994) में काम कर रहे हैं। मैंने फिर भी रिक्वेस्ट किया, कि उन्हें एक बार स्टोरी जरुर सुननी चाहिए। शाहरुख ने फिर मुझे अगले दिन दोपहर 12 बजे अपने घर आने के लिए कहा था।” गुड्डू धनोआ ने बताया, “अगले दिन मिलने पर शाहरुख को स्टोरी का सेकेंड हाफ इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा, ‘गुड्डू, मैं आपकी फिल्म कर रहा हूं।’ पर तभी जब मेरी बाकी फिल्मों की डेट्स आगे बढ़ जाए या फिर कैंसिल हो जाएं। किस्मत देखिए जिस फिल्म के लिए डेट्स नहीं थी, वो फिल्म सबसे पहले रिलीज हो गई और सुपरहिट भी साबित हुई।” पहली फिल्म में इतनी थी शाहरुख की फीस एक ऐसी फिल्म, जिसमें एक्ट्रेस की एंट्री सेकेंड हाफ में हुई थी। फिर भी लोगों को शाहरुख की एक्टिंग खूब पसंद आई। गुड्डू धनोआ ने बताया कि किंग खान को इस फिल्म के लिए 11 हजार साइनिंग अमाउंट और 1.50 लाख रुपए एक्टिंग फीस दी गई थी। ऋषि कपूर को फिल्म का गाना ‘ऐसी दीवानगी’ इतना पसंद आया था कि वो खुद इस गाने को करना चाहते थे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। गाना शाहरुख पर फिल्माया गया था। इस फिल्म से शाहरुख खान ने इडंस्ट्री में खास पहचान बना ली और आगे हिट देते हुए टॉप एक्टर्स में शामिल हुए। आज शाहरुख बॉलीवुड के सबसे कामयाब एक्टर हैं, जिनकी गिनती दुनिया के सबसे रईस एक्टर्स में भी होती है।
श्रीलंका पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 पर ऑलआउट:वेस्टइंडीज से जस्टिन ग्रेव्स ने 3 विकेट झटके, धनंजय डी सिल्वा का शतक

श्रीलंका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 रन बनाए हैं। गुरुवार को मैच के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज अपना खाता भी नहीं खोल सकी है। टीम के ओपनर्स नाबाद लौटे हैं। तीसरे सेशन में कैरेबियाई पारी का पहला ओवर समाप्त होने के बाद अंपायर्स ने बेल्स उठा लिए। ओपनर जॉन कैंपबेल 6 बॉल खेलकर नाबाद रहे। जबकि ब्रैंडन किंग ने एक भी बॉल नहीं फेस की। इससे पहले जॉयडन सेल्स ने श्रीलंकाई टीम का आखिरी विकेट झटका। उन्होंने असिथा फर्नांडो को अल्जारी जोसेफ के हाथों कैच कराया। सेल्स को श्रीलंकाई पारी में एक विकेट ही मिला। श्रीलंका की खराब शुरुआत, 50 के अंदर 3 विकेट गंवाए टॉस हारकर बैटिंग कर रही श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 50 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए थे। केमार रोच ने पहले ओवर की आखिरी बॉल पर पाथुम निसांका को 2 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा दिया। उसके बाद 10वें ओवर में अल्जारी जोसेफ ने निशान मदुष्का (23 रन) और कामिंदु मेंडिस (जीरो) को लगातार बॉल पर आउट किया। चंडीमल और डी सिल्वा ने पारी संभाली निसांका के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे दिनेश चांदीमल ने धनंजय डी सिल्वा के साथ पारी संभाली। दोनों ने 94 बॉल पर 68 रनों की साझेदारी की। वे चौथे विकेट के रूप में आउट हुए। उन्हें शमार जोसेफ ने बोल्ड कर दिया। चांदीमल 67 बॉल पर 54 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 8 चौके लगाए। डी सिल्वा का शतक, स्कोर 250 पार पहुंचाया 110 के स्कोर पर चांदीमल का विकेट गंवाने के बाद धनंजया डी सिल्वा ने श्रीलंकाई पारी को 250 पार पहुंचाया। डी सिल्वा ने 168 गेंद पर 120 रन की शतकीय पारी खेली। इस पारी में 17 चौके लगाए। उन्होंने लोअर ऑर्डर में 2 अर्धशतकीय साझेदारियां कीं। इनमें सोनल दिनुषा (43 रन) के साथ 150 गेंद पर 99 रन और मिलन रथनायके के साथ 85 गेंद पर 64 रन की साझेदारी शामिल रही। ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा विकेट, 3 बॉलर्स को 2-2 विकेट वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। उनके अलावा, 3 अन्य गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल किए। इनमें केमार रोच, अल्जारी जोसेफ और शमार जोसेफ के नाम शामिल रहे। एक विकेट जॉयडन सेल्स को मिला। ———————————————–
श्रीलंका पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 पर ऑलआउट:वेस्टइंडीज से जस्टिन ग्रेव्स ने 3 विकेट झटके, धनंजय डी सिल्वा का शतक

श्रीलंका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 रन बनाए हैं। गुरुवार को मैच के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज अपना खाता भी नहीं खोल सकी है। टीम के ओपनर्स नाबाद लौटे हैं। तीसरे सेशन में कैरेबियाई पारी का पहला ओवर समाप्त होने के बाद अंपायर्स ने बेल्स उठा लिए। ओपनर जॉन कैंपबेल 6 बॉल खेलकर नाबाद रहे। जबकि ब्रैंडन किंग ने एक भी बॉल नहीं फेस की। इससे पहले जॉयडन सेल्स ने श्रीलंकाई टीम का आखिरी विकेट झटका। उन्होंने असिथा फर्नांडो को अल्जारी जोसेफ के हाथों कैच कराया। सेल्स को श्रीलंकाई पारी में एक विकेट ही मिला। श्रीलंका की खराब शुरुआत, 50 के अंदर 3 विकेट गंवाए टॉस हारकर बैटिंग कर रही श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 50 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए थे। केमार रोच ने पहले ओवर की आखिरी बॉल पर पाथुम निसांका को 2 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा दिया। उसके बाद 10वें ओवर में अल्जारी जोसेफ ने निशान मदुष्का (23 रन) और कामिंदु मेंडिस (जीरो) को लगातार बॉल पर आउट किया। चंडीमल और डी सिल्वा ने पारी संभाली निसांका के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे दिनेश चांदीमल ने धनंजय डी सिल्वा के साथ पारी संभाली। दोनों ने 94 बॉल पर 68 रनों की साझेदारी की। वे चौथे विकेट के रूप में आउट हुए। उन्हें शमार जोसेफ ने बोल्ड कर दिया। चांदीमल 67 बॉल पर 54 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 8 चौके लगाए। डी सिल्वा का शतक, स्कोर 250 पार पहुंचाया 110 के स्कोर पर चांदीमल का विकेट गंवाने के बाद धनंजया डी सिल्वा ने श्रीलंकाई पारी को 250 पार पहुंचाया। डी सिल्वा ने 168 गेंद पर 120 रन की शतकीय पारी खेली। इस पारी में 17 चौके लगाए। उन्होंने लोअर ऑर्डर में 2 अर्धशतकीय साझेदारियां कीं। इनमें सोनल दिनुषा (43 रन) के साथ 150 गेंद पर 99 रन और मिलन रथनायके के साथ 85 गेंद पर 64 रन की साझेदारी शामिल रही। ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा विकेट, 3 बॉलर्स को 2-2 विकेट वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रेव्स ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। उनके अलावा, 3 अन्य गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल किए। इनमें केमार रोच, अल्जारी जोसेफ और शमार जोसेफ के नाम शामिल रहे। एक विकेट जॉयडन सेल्स को मिला। ———————————————–
कच्चा-तेल ईरान युद्ध से पहले वाले भाव 72 डॉलर पर:एक्सपर्ट ने कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दशहरे तक ही संभव

ईरान युद्ध से पहले कच्चे तेल की जो कीमतें थीं, गुरुवार को वैश्विक बाजार में दाम उसी स्तर पर आ गए हैं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह वही भाव (72.29 डॉलर) है, जो युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले 27 फरवरी को था। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटा लिए। इसके बाद होर्मुज रूट से गुजरने वाले जहाज की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार के बाद से करीब 80 जहाज इस होर्मुज से गुजर चुके हैं। हालांकि यह संख्या युद्ध से पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाजों से कम है। हालांकि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल पंपों पर दाम दशहरे तक ही कम हो सकते हैं। कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई कर सकती हैं पेट्रोलियम की कीमतों में राहत मिलने की कितनी उम्मीद है? एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल जैसे प्रोडक्ट्स जो अभी हम खरीद रहे हैं, उन्हें तैयार करने के लिए जो कच्चा तेल इस्तेमाल हो रहा है, उसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल थी। भारतीय रिफाइनरियों के लिए ये करीब 125 डॉलर प्रति बैरल थे। 72 डॉलर के क्रूड से बने पेट्रोल, डीजल कब तक पंपों पर पहुंचेंगे? इसमें करीब ढाई महीने लगेंगे। मौजूदा भाव का तेल स्रोत देशों के बंदरगाहों पर जहाजों में लोड होने में 15-20 दिन लगेंगे। उन्हें भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने में 55-60 दिन लगेंगे। वहां से रिफाइनरी और फिर पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में भी समय लगेगा। यह पूरा चक्र 75-80 दिनों का होता है। तो क्या ढाई महीने बाद फौरन कीमतें कम हो जाएंगी? इसकी संभावना कम है। अभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर नुकसान हो रहा है। सरकार ने भी एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी। कुछ दिन इसकी भरपाई की जा सकती है। उसके बाद ही पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना है। कब तक राहत मिल सकती है? दशहरे के आसपास पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने लगेंगे। ये भी उम्मीद कर सकते हैं कि अगस्त के आखिर तक या सितंबर की शुरुआत से कुछ राहत मिलने लगे। क्या कच्चे तेल के दाम फिर बढ़ेंगे? मुझे नहीं लगता है कि निकट भविष्य में कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे। ऐसी आशंका अब बेहद कम है।






