अमीषा पटेल@51, जन्म पर देखने पहुंचीं इंदिरा गांधी:दादा के नाम पर रोड, कभी झगड़े में ममता कुलकर्णी ने कहा- तुम्हारी औकात क्या है, जानिए करियर स्टोरी

9 जून 1975 अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर हुआ। मां और पिता का नाम जोड़कर उन्हें अमीषा नाम दिया गया। 5 की उम्र में उन्हें भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई। उनके दादाजी रजनी पटेल मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस के बड़े राजनेता थे। उनके नाम पर 1986 में मुंबई की रोड का नाम बैरिस्टर रजनी पटेल मार्ग रखा गया है। मनीष पॉल के पॉडकास्ट में अमीषा ने बताया था कि उनके दादाजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक बनने वाले थे। वो इंदिरा गांधी के करीबी थे। इंदिरा गांधी, अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी में भी पहुंची थीं। उन्होंने खुद शादी ऐसी डेट पर रखी, जिस दिन वो काम में व्यस्त न हों और शादी अटेंड कर सकें। यहां तक की जब अमीषा का जन्म हुआ, इंदिरा गांधी वो पहली शख्स थीं, जो अस्पताल पहुंची थीं। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के साथ बोर्डिंग स्कूल में पढ़ चुके बचपन के दोस्त राकेश रोशन भी पहुंचे थे। जब अमीषा ने बिंदास अंदाज में डांस करना शुरू किया तो राकेश रोशन की उन पर नजर पड़ गई। वो सीधे उनके पिता के पास पहुंचे और पूछा- ये कौन है। गर्लफ्रेंड? जवाब मिला- नहीं राकेश, ये मेरी बेटी है अमीषा। अभी अभी बोस्टन से पढ़ाई कर लौटी है। राकेश ने उनसे कहा- जब मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा। पिता ने कहा- नहीं, वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। शुरुआती पढ़ाई के बाद अमीषा ने बोस्टन की TUFT यूनिवर्सिटी से बायो जेनेटिक इंजीनियरिंग की और बाद में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की। अमीषा के पिता अमित पटेल का अक्सर फिल्मी दुनिया के लोगों के साथ उठना-बैठना होता था। एक दिन उन्होंने बॉस्टन में रह रहीं अमीषा को कॉल कर बताया कि विनोद अंकल (विनोद खन्ना) चाहते हैं कि तुम उनके बेटे अक्षय खन्ना की डेब्यू फिल्म हिमालय पुत्र से फिल्मों में डेब्यू करो, लेकिन हमने इनकार कर दिया। हम नहीं चाहते कि तुम्हारी पढ़ाई पर असर पड़े। अमीषा ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि फिल्मों में आने का उन्होंने खुद भी कभी सोचा नहीं था। कुछ दिन बीते, तो पिता ने फिर बताया फिरोज खान ने भी उन्हें बेटे फरदीन खान की फिल्म प्रेम अगन ऑफर की है, लेकिन इस बार भी उन्होंने इनकार कर दिया। जब वो फाइनल ईयर में बॉम्बे लौटीं, तो एक दिन राकेश रोशन ने उन्हें लंच पर इनवाइट किया। अमीषा पिता-मां के साथ गईं। वहां राकेश के बेटे ऋतिक भी मौजूद थे। उन्होंने पढ़ाई की खूब बातें कीं, अमीषा ने अपना सीवी और अमेरिका के मॉर्गन स्टेनली बैंक से मिली जॉब का लेटर भी दिखाया। कुछ देर बाद जब अमीषा वॉशरूम गईं तो राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक से पूछा कि क्या उन्हें अपकमिंग फिल्म कहो न प्यार है में कास्ट करना चाहिए। ऋतिक की हामी मिलने पर राकेश ने अमीषा के आते ही उन्हें फिल्म ऑफर कर दी। दरअसल, उस समय राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन और करीना कपूर के साथ फिल्म कहो न प्यार है शुरू की थी, लेकिन करीना ने राकेश रोशन और मां बबीता की अनबन होने पर फिल्म छोड़ दी थी। ऑफर मिलने पर अमीषा ने पूछा- आपकी फिल्म में तो हीरोइन फाइनल हो चुकी है। इस पर राकेश ने कहा- नहीं, मैं तुम्हें हीरोइन बनाना चाहता हूं। ये सुनकर अमीषा ने हामी भर दी। उन्होंने सोचा कि अगर पहली फिल्म फ्लॉप हुई, तो वो इकोनॉमिक्स में नौकरी शुरू कर देंगी, लेकिन खुशकिस्मती से फिल्म सुपरहिट रही और अमीषा पटेल एक स्टार बन गईं और आज भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं। आज अमीषा पटेल 51 साल की हो चुकी है। उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए, उनकी जिंदगी से जुड़ी रोचक कहानी, कुछ मजेदार किस्सों के साथ- कहो न प्यार है करते हुए मिली गदर, 12 घंटों तक दिया स्क्रीनटेस्ट अमीषा पटेल ने कुछ दिनों की एक्टिंग ट्रेनिंग लेने के बाद कहो न प्यार है की शूटिंग शुरू की। इसी समय उन्हें अनिल शर्मा की फिल्म गदर के ऑडिशन की जानकारी मिली। वो ऑडिशन के लिए गईं, जिसके लिए पहले ही 500 लड़कियां ऑडिशन दे चुकी थीं। 22 लड़कियों को स्क्रीनटेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें अमीषा भी शामिल हुईं। उनका स्क्रीनटेस्ट 12 घंटे तक चला। आखिरकार अनिल शर्मा ने उन्हें गदर में कास्ट कर लिया। सिलेक्शन के बाद अमीषा पटेल को गदर साइन करने पर ताने मिले। सभी का मानना था कि करियर की शुरुआत में अमीषा को मां का रोल नहीं करना चाहिए, लेकिन वो ये रोल करने पर अड़ी थीं। अमीषा ने एक साथ कहो न प्यार है और गदर की शूटिंग की। एक फिल्म में वो चुलबुली लड़की थीं और दूसरी में एक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए दंगों की सर्वाइवर। सबसे पहले उनकी फिल्म कहो न प्यार है रिलीज हुई। हर किसी ने राकेश रोशन को सलाह दी कि वो न्यूकमर ऋतिक और अमीषा की इस फिल्म को शाहरुख खान की फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और आमिर खान की फिल्म मेला के आसपास रिलीज न करें। कहो न प्यार है 14 जनवरी 2000 में रिलीज हुई, जबकि मेला 7 जनवरी 2000 और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी 21 जनवरी 2000 को रिलीज हुई। बड़े क्लैश के बावजूद कहो न प्यार है ब्लॉकबस्टर रही और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। इसके बाद रिलीज हुई अमीषा पटेल की फिल्म गदर भी ब्लॉकबस्टर रही और उनकी गिनती टॉप एक्ट्रेस में होने लगी। गदर में अमीषा ने पाकिस्तानी सकीना का किरदार निभाया, जिसमें सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया था। दोनों की जोड़ी काफी पसंद की गई थी। कुछ सालों बाद अमीषा पटेल को सनी देओल के भाई बॉबी देओल के साथ हमराज फिल्म मिली। फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में अमीषा को अक्षय खन्ना को गोली मारकर, बॉबी से गले लगना था। फिल्म की शूटिंग जयपुर के किले में हुई, जहां शूटिंग देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही अमीषा ने बॉबी
अमीषा पटेल@51, जन्म पर देखने पहुंचीं इंदिरा गांधी:दादा के नाम पर रोड, कभी झगड़े में ममता कुलकर्णी ने कहा- तुम्हारी औकात क्या है, जानिए करियर स्टोरी

9 जून 1975 अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर हुआ। मां और पिता का नाम जोड़कर उन्हें अमीषा नाम दिया गया। 5 की उम्र में उन्हें भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई। उनके दादाजी रजनी पटेल मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस के बड़े राजनेता थे। उनके नाम पर 1986 में मुंबई की रोड का नाम बैरिस्टर रजनी पटेल मार्ग रखा गया है। मनीष पॉल के पॉडकास्ट में अमीषा ने बताया था कि उनके दादाजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक बनने वाले थे। वो इंदिरा गांधी के करीबी थे। इंदिरा गांधी, अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी में भी पहुंची थीं। उन्होंने खुद शादी ऐसी डेट पर रखी, जिस दिन वो काम में व्यस्त न हों और शादी अटेंड कर सकें। यहां तक की जब अमीषा का जन्म हुआ, इंदिरा गांधी वो पहली शख्स थीं, जो अस्पताल पहुंची थीं। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के साथ बोर्डिंग स्कूल में पढ़ चुके बचपन के दोस्त राकेश रोशन भी पहुंचे थे। जब अमीषा ने बिंदास अंदाज में डांस करना शुरू किया तो राकेश रोशन की उन पर नजर पड़ गई। वो सीधे उनके पिता के पास पहुंचे और पूछा- ये कौन है। गर्लफ्रेंड? जवाब मिला- नहीं राकेश, ये मेरी बेटी है अमीषा। अभी अभी बोस्टन से पढ़ाई कर लौटी है। राकेश ने उनसे कहा- जब मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा। पिता ने कहा- नहीं, वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। शुरुआती पढ़ाई के बाद अमीषा ने बोस्टन की TUFT यूनिवर्सिटी से बायो जेनेटिक इंजीनियरिंग की और बाद में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की। अमीषा के पिता अमित पटेल का अक्सर फिल्मी दुनिया के लोगों के साथ उठना-बैठना होता था। एक दिन उन्होंने बॉस्टन में रह रहीं अमीषा को कॉल कर बताया कि विनोद अंकल (विनोद खन्ना) चाहते हैं कि तुम उनके बेटे अक्षय खन्ना की डेब्यू फिल्म हिमालय पुत्र से फिल्मों में डेब्यू करो, लेकिन हमने इनकार कर दिया। हम नहीं चाहते कि तुम्हारी पढ़ाई पर असर पड़े। अमीषा ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि फिल्मों में आने का उन्होंने खुद भी कभी सोचा नहीं था। कुछ दिन बीते, तो पिता ने फिर बताया फिरोज खान ने भी उन्हें बेटे फरदीन खान की फिल्म प्रेम अगन ऑफर की है, लेकिन इस बार भी उन्होंने इनकार कर दिया। जब वो फाइनल ईयर में बॉम्बे लौटीं, तो एक दिन राकेश रोशन ने उन्हें लंच पर इनवाइट किया। अमीषा पिता-मां के साथ गईं। वहां राकेश के बेटे ऋतिक भी मौजूद थे। उन्होंने पढ़ाई की खूब बातें कीं, अमीषा ने अपना सीवी और अमेरिका के मॉर्गन स्टेनली बैंक से मिली जॉब का लेटर भी दिखाया। कुछ देर बाद जब अमीषा वॉशरूम गईं तो राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक से पूछा कि क्या उन्हें अपकमिंग फिल्म कहो न प्यार है में कास्ट करना चाहिए। ऋतिक की हामी मिलने पर राकेश ने अमीषा के आते ही उन्हें फिल्म ऑफर कर दी। दरअसल, उस समय राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन और करीना कपूर के साथ फिल्म कहो न प्यार है शुरू की थी, लेकिन करीना ने राकेश रोशन और मां बबीता की अनबन होने पर फिल्म छोड़ दी थी। ऑफर मिलने पर अमीषा ने पूछा- आपकी फिल्म में तो हीरोइन फाइनल हो चुकी है। इस पर राकेश ने कहा- नहीं, मैं तुम्हें हीरोइन बनाना चाहता हूं। ये सुनकर अमीषा ने हामी भर दी। उन्होंने सोचा कि अगर पहली फिल्म फ्लॉप हुई, तो वो इकोनॉमिक्स में नौकरी शुरू कर देंगी, लेकिन खुशकिस्मती से फिल्म सुपरहिट रही और अमीषा पटेल एक स्टार बन गईं और आज भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं। आज अमीषा पटेल 51 साल की हो चुकी है। उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए, उनकी जिंदगी से जुड़ी रोचक कहानी, कुछ मजेदार किस्सों के साथ- कहो न प्यार है करते हुए मिली गदर, 12 घंटों तक दिया स्क्रीनटेस्ट अमीषा पटेल ने कुछ दिनों की एक्टिंग ट्रेनिंग लेने के बाद कहो न प्यार है की शूटिंग शुरू की। इसी समय उन्हें अनिल शर्मा की फिल्म गदर के ऑडिशन की जानकारी मिली। वो ऑडिशन के लिए गईं, जिसके लिए पहले ही 500 लड़कियां ऑडिशन दे चुकी थीं। 22 लड़कियों को स्क्रीनटेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें अमीषा भी शामिल हुईं। उनका स्क्रीनटेस्ट 12 घंटे तक चला। आखिरकार अनिल शर्मा ने उन्हें गदर में कास्ट कर लिया। सिलेक्शन के बाद अमीषा पटेल को गदर साइन करने पर ताने मिले। सभी का मानना था कि करियर की शुरुआत में अमीषा को मां का रोल नहीं करना चाहिए, लेकिन वो ये रोल करने पर अड़ी थीं। अमीषा ने एक साथ कहो न प्यार है और गदर की शूटिंग की। एक फिल्म में वो चुलबुली लड़की थीं और दूसरी में एक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए दंगों की सर्वाइवर। सबसे पहले उनकी फिल्म कहो न प्यार है रिलीज हुई। हर किसी ने राकेश रोशन को सलाह दी कि वो न्यूकमर ऋतिक और अमीषा की इस फिल्म को शाहरुख खान की फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और आमिर खान की फिल्म मेला के आसपास रिलीज न करें। कहो न प्यार है 14 जनवरी 2000 में रिलीज हुई, जबकि मेला 7 जनवरी 2000 और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी 21 जनवरी 2000 को रिलीज हुई। बड़े क्लैश के बावजूद कहो न प्यार है ब्लॉकबस्टर रही और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। इसके बाद रिलीज हुई अमीषा पटेल की फिल्म गदर भी ब्लॉकबस्टर रही और उनकी गिनती टॉप एक्ट्रेस में होने लगी। गदर में अमीषा ने पाकिस्तानी सकीना का किरदार निभाया, जिसमें सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया था। दोनों की जोड़ी काफी पसंद की गई थी। कुछ सालों बाद अमीषा पटेल को सनी देओल के भाई बॉबी देओल के साथ हमराज फिल्म मिली। फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में अमीषा को अक्षय खन्ना को गोली मारकर, बॉबी से गले लगना था। फिल्म की शूटिंग जयपुर के किले में हुई, जहां शूटिंग देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही अमीषा ने बॉबी
पंजाब में योग्यता आधारित भर्ती 67,000 के पार, मुख्यमंत्री मान ने 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे | भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 22:26 IST भगवंत सिंह मान ने 355 नियुक्ति पत्र सौंपे, कहा कि आप ने बिना पेपर लीक के 67,037 योग्यता आधारित नौकरियां दी हैं, 65,000 संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कानून की योजना बना रहे हैं; आईटीआई का विस्तार करें मिशन रोज़गार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कहते हैं, “पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए केवल योग्यता ही आधार है” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को चंडीगढ़ में कई सरकारी विभागों में 355 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिससे 2022 में सत्ता संभालने के बाद से आम आदमी पार्टी सरकार की कुल योग्यता-आधारित भर्ती संख्या 67,037 हो गई। मान ने कहा कि उनमें से हर एक नियुक्ति राजनीतिक सिफारिशों, रिश्वतखोरी या पक्षपात के बिना की गई थी, और आप सरकार के सत्ता संभालने के बाद से पंजाब में एक भी परीक्षा पेपर लीक दर्ज नहीं किया गया है। नियुक्तियों में तकनीकी शिक्षा, सहयोग, स्थानीय सरकार, जल आपूर्ति और स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास और शहरी विकास और अन्य विभागों में चयनित उम्मीदवार शामिल थे। सभा को संबोधित करते हुए, मान ने राष्ट्रीय परीक्षा परिदृश्य के साथ सीधा अंतर बताया। उन्होंने कहा, “2017 के बाद से, देश भर में लगभग 93 परीक्षाओं के पेपर कथित तौर पर लीक हो गए हैं। एनईईटी समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश और हतोत्साहित किया है। 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद, पंजाब में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है।” मान ने कार्यक्रम के बाद एक्स पर पोस्ट किया: “आज, 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक प्रदान की गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सभी नौकरियां पूरी तरह से योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में एनईईटी जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदार भर्ती सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश में शीर्ष स्थान हासिल करके एक उदाहरण स्थापित किया है।” 67,000 से अधिक नौकरियाँ, और कुछ उम्मीदवारों ने एक से अधिक नौकरियां एकत्र कीं सोमवार को पत्र प्राप्त करने वालों में वे उम्मीदवार भी शामिल थे जिन्होंने विभिन्न भर्ती चक्रों में कई विभागों में प्लेसमेंट हासिल करते हुए एक से अधिक बार प्रतिस्पर्धी सरकारी परीक्षाएं उत्तीर्ण की थीं। मान ने इसे सबूत के तौर पर उद्धृत किया कि प्रक्रिया में वास्तविक विश्वसनीयता थी। नियुक्त किए गए लोगों में से एक, एक चौकीदार का बेटा, को केवल योग्यता के आधार पर चौथी सरकारी नौकरी का प्रस्ताव मिला। उन्होंने सभा को बताया कि पारदर्शी प्रक्रिया ने उनके कई एनआरआई दोस्तों को पंजाब लौटने और सरकारी पदों के लिए आवेदन करने पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है। धूरी, पटियाला, अमृतसर और मोहाली के नवनियुक्त उम्मीदवारों ने कार्यक्रम में दर्शकों को बताया कि उन्होंने किसी को भुगतान किए बिना या किसी राजनीतिक संपर्क को बुलाए बिना प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। अमृतसर की मनप्रीत कौर ने कहा कि वर्षों की तैयारी के बाद आखिरकार उनकी कड़ी मेहनत का फल मिला। मोहाली की परमीत कौर ने कहा कि वह अपने परिवार में सरकारी नौकरी पाने वाली पहली महिला बन गई हैं। पटियाला के गांव बूटा सिंह वाला के सेवानिवृत्त सैनिक काला सिंह ने कहा कि उनकी भर्ती में हेरफेर की कोई गुंजाइश नहीं है। 65,000 संविदा कर्मचारी नियमितीकरण की कतार में मान ने यह भी घोषणा की कि पंजाब सरकार वर्तमान में राज्य के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से लगे 65,000 से अधिक संविदा कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार का मार्ग बनाने के लिए दो नए कानून लाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित ढांचे के तहत, पांच साल की आउटसोर्स सेवा पूरी करने वाले श्रमिकों को सीधे राज्य रोजगार के तहत लाया जाएगा। दस साल की संविदा सेवा के बाद, वे नियमित स्वीकृत पदों पर अवशोषण के लिए पात्र हो जाते हैं। मान ने कहा, “इन कर्मचारियों ने राज्य के लिए अथक परिश्रम किया है। आगे चलकर, उनके और राज्य सरकार के बीच कोई ठेकेदार खड़ा नहीं होगा।” 25 नए आईटीआई, सिंगापुर और फिनलैंड में शिक्षक प्रशिक्षण कौशल विकास के मोर्चे पर, मान ने कहा कि वर्तमान में पंजाब भर में 25 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण चल रहा है, जबकि 13 मौजूदा आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। सरकार ने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, और अलग से 23 करोड़ रुपये नंगल में कैप्टन अमोल कालिया उत्कृष्टता केंद्र की ओर जा रहे हैं, जिसे मान ने उन्नत कौशल विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के लिए एक केंद्र के रूप में वर्णित किया है। छात्रों को स्नातक होने से पहले सीधे उद्योग का अनुभव देने के लिए राज्य के सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एक सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है। मान ने सिख क्रांति के तहत सरकार के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की ओर भी इशारा किया। पंजाब के प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रमुख शिक्षकों ने आईआईएम अहमदाबाद में उन्नत कार्यक्रमों में भाग लिया। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को फ़िनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय भेजा गया। मान ने कहा कि सरकार ने इन सरकारी संस्थानों में निजी स्कूल के छात्रों के प्रवेश का हवाला देते हुए राज्य भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना की है, जो यह दर्शाता है कि राज्य की स्कूली शिक्षा के बारे में धारणा कैसे बदल गई है। उन्होंने कहा कि जब 2022 में AAP ने नीति आयोग की रैंकिंग का हवाला देते हुए केरल को पछाड़कर पहले स्थान पर कब्जा कर लिया, तो पंजाब स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 27वें स्थान से आगे बढ़ गया था। मान कहते हैं, ”रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो गया है।” मान ने कहा कि युवा पंजाबी जो विदेश चले गए थे, अब घर में रोजगार की संभावनाओं के कारण वापस लौट रहे हैं। उन्होंने यह दावा पहले भी किया है और इसे सरकार की नौकरियों और शिक्षा प्रोत्साहन के इच्छित परिणामों में से एक बताया है। उन्होंने कहा, “आप सरकार युवाओं के विदेश प्रवास को रोकने और उन्हें पंजाब में ही प्रगति के अवसर और
सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे से टीएमसी में उथल-पुथल गहरा गई, 20 सांसदों ने कथित तौर पर एनडीए से आगे बढ़ने की मांग की | पश्चिम बंगाल

पूर्व टीएमसी दिग्गज सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफा देने के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो गई है, जिससे पार्टी के अंदर विद्रोह के नए दावे शुरू हो गए हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि लगभग 20 लोकसभा सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व और टीएमसी के भविष्य पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। नाटकीय घटनाक्रम बंगाल की राजनीति को नया आकार दे सकता है और संभावित रूप से संसद में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। जैसे-जैसे संभावित विभाजन की अटकलें बढ़ती जा रही हैं, सभी की निगाहें अब ममता बनर्जी के अगले कदम पर हैं और क्या तृणमूल कांग्रेस आंतरिक संकट को नियंत्रित कर पाएगी। -हार्ड-फैक्ट्स n18oc_india n18oc_politics न्यूज18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट

Hindi News Sports Cricket India Women Cricket, West Indies Women Cricket, T20 World Cup Warm up, Bharti Fullmali Fifty, Shreyanka Patil Four Wickets, Women Cricket News, India Vs West Indies स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय विमेंस टीम ने बल्लेबाजों और स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहले वार्म-अप मैच में वेस्टइंडीज को 26 रन से हरा दिया। सोमवार को कार्डिफ में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 179 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की 8 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। भारती ने नाबाद 56 रन बनाए भारत को शेफाली वर्मा और कप्तान स्मृति मंधाना ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 5.2 ओवर में 59 रन जोड़े। मंधाना 23 गेंदों पर 39 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि शेफाली ने 13 गेंदों में 29 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद जेमिमा रोड्रिज सिर्फ 7 रनबना सकीं। हालांकि यास्तिका भाटिया और भारती फुलमाली ने चौथे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। यास्तिका 26 गेंदों पर 36 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुईं, जबकि फुलमाली ने 40 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए। भारती फुलमाली ने 40 गेंदों पर नाबाद 56 रन की पारी खेली। फ्लेचर ने 4 विकेट लिए वेस्टइंडीज की ओर से अफी फ्लेचर सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 4 विकेट झटके। फ्लेचर ने ऋचा घोष, राधा यादव और श्रेयंका पाटिल को भी आउट कर भारतीय बल्लेबाजी पर ब्रेक लगाया। करिश्मा रामहरैक और आलिया एलेन ने एक-एक विकेट लिया, जबकि डिएंड्रा डॉटिन को भी एक सफलता मिली। 63 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप 180 रन के टारगेट का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत संभली हुई रही। डिएंड्रा डॉटिन और शेमाइन कैंपबेल ने पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कैंपबेल 22 गेंदों पर 25 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुईं, जबकि डॉटिन ने 44 गेंदों में 49 रन की पारी खेली। हालांकि इसके बाद वेस्टइंडीज के लगातार विकेट गिरते रहे। कियाना जोसेफ (5), जहजारा क्लैक्सटन (6), आलिया एलेन (13) और कप्तान चिनेल हेनरी (1) बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। जेनेलिया ग्लासगो ने 18 गेंदों पर 19 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत की ओर नहीं ले जा सकीं। भारत के लिए श्रेयांका पाटिल ने 4 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट झटके। राधा यादव को भी 3 विकेट मिला। शेफाली वर्मा और श्री चरणी ने भी किफायती गेंदबाजी की। श्रेयांका पाटिल (बाएं) ने 4 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट झटके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
शिगेला संक्रमण के लक्षण: केरल में शिगेला बीमारी का खतरा, जानिए क्या हैं उपाय, लक्षण और बचाव के उपाय

केरल में शिगेला संक्रमण: केरल में एक बार फिर स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कोज़ोकोड में शिगेला संक्रमण से एक 4 साल के बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से ठीक है। छोटे बच्चों में इस बीमारी के गंभीर होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए सभी माता-पिता को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तो जानें कि आखिर ये शिगेला क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और हम अपने परिवार को इससे कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। शिगेला संक्रमण क्या है? शिगेला एक अत्यंत संक्रामक निरपेक्ष संक्रमण है, जो मुख्य रूप से हमारे बड़े आंत को नुकसान पहुंचाता है। यह बीमारी दुनिया भर में डायरिया से जुड़ी प्रमुख वैज्ञानिक चुनौती में से एक है। यह रेस्तरां बहुत तेजी से विकसित होता है। छोटी सी भी गंदगी, सुपरमार्केट पानी या किसी पैट व्यक्ति के संपर्क में आकर यह आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। जिन स्थानों पर साफ-सफाई की कमी होती है, वहां इस बीमारी के दुष्प्रभाव का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। शिगेला के मुख्य लक्षण अगर किसी को होता है शिगेला का संक्रमण तो आमतौर पर दिखते हैं ये लक्षण। दस्त: यह इसका सबसे आम लक्षण है। कुछ गंभीर मामलों में दस्त के साथ खून भी आ सकता है। पेट में दर्द: पेट में तेज ऐंठन और मरोड़ उठना। बुख़ार और कमज़ोरी: तेज बुखार के साथ जी मिचलाना और उल्टी होना। डिहाइड्रेशन: लगातार उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है, जो खतरनाक साबित हो सकती है और मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस बीमारी से सबसे ज्यादा खतरा होता है। केरल में अभी क्या हालात हैं? राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के अनुसार, केरल में अब तक शिगेला के 126 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। कोज़ोकोड मेडिकल कॉलेज में तीन बच्चों की भर्ती की गई थी। इनमें से दो बच्चे ठीक होकर घर जा चुके हैं, लेकिन थलाकुलथुर की रहने वाली एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। वायनाड और सुल्तान बथेरी जैसे 164 छात्रों में भी उल्टे-दस्त के लक्षण मिलते हैं। हालाँकि, अभी जांच की जा रही है कि यह शिगेला ही है या कोई अन्य पेट का संक्रमण है। केरल में बार-बार संक्रामक रोग क्यों फैलते हैं? निपाह वायरस, ब्रेन-ईटिंग अमीबा, लेप्टोस्पायरोसिस, मेडिकल-ए और अब शिगेला केरल में लगातार ऐसी खतरनाक बीमारी क्यों आती है? विशेषज्ञ के अनुसार इसके कुछ मुख्य कारण हैं। मासूम और इंसानी जादू की दूरबीन: दक्षिण भारत में वनों की कटाई और तेजी से हो रही शहरी प्रकृति के कारण जंगली जानवर और इंसान बहुत करीब आ गए हैं। इससे जुड़े में मैथ्यू वाले वायरस और दुष्ट इंसानों तक आसानी से पहुंच रहे हैं। बहस और मौसम: यहां के मौसम और बारिश भारी के कारण मच्छर, स्कूटर और अन्य संक्रमण फैलने वाले वाहक तेजी से बढ़ते और फैलते हैं। डिज़र्व के क्या उपाय हैं? शिगेला से डरने की नहीं, बल्कि निर्वाह की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को रोकने के लिए कुछ बेहद आसान लेकिन जरूरी सावधानियां बताई हैं। पानी की खुराक: हमेशा पानी को अच्छी तरह से पसंद करें और उसे ठंडा करके ही पिएं। साफ-सफाई का खास ध्यान रखें: अपने आस-पास के गोदाम न जमा होने दें। शौच के बाद और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह से बदलें। निःसंदेह से अस्वीकृत: बाहर का खुला पानी, कोलोराडो जल भंडार और भंडारगृह में भोजन का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित। यह अवश्य पढ़ें: देसी Vs हाईब्रिड खीरा: बाजार में धोखा तो नहीं खा रहे? इन 3 सबसे आसान मासूम से झट से पहचानें देसी और संकर खीरा; जानिए फायदे अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं।
PoK में हिंसा, 11 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 20 सांसदों के एनडीए में शामिल होने से तृणमूल कांग्रेस को बड़े पैमाने पर पलायन का सामना करना पड़ा | साफ़ बोलो

एक आश्चर्यजनक राजनीतिक उथल-पुथल में, तृणमूल कांग्रेस के 28 में से 20 सांसद एनडीए में शामिल हो गए हैं, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व के संभावित अंत का संकेत है। यह सामूहिक पलायन, राज्यसभा में इस्तीफों के साथ, इंडिया ब्लॉक के भविष्य और टीएमसी की स्थिरता पर सवाल उठाता है। उन रिपोर्टों के बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 28 में से 20 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति के भविष्य और विपक्षी खेमे की स्थिरता के बारे में अटकलें तेज हो गई हैं। हालिया इस्तीफों और आंतरिक उथल-पुथल के साथ कथित पलायन ने टीएमसी की ताकत और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी भूमिका पर बहस छेड़ दी है। n18oc_India18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 08 जून, 2026, 18:40 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)भारतीय राजनीतिक समाचार(टी)ममता बनर्जी समाचार(टी)विपक्षी एकता(टी)राजनीतिक विश्लेषण(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राज्य सभा समाचार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
चौलाई का चीला रेसिपी: खाने में टेस्टी और लाजवाब है चौलाई का चीला, बनाना भी है 10 मिनट का काम; नोट करें रेसिपी

सामग्री: लाई के पत्ते, 1 कप बेसन, 2 बड़े चम्मच सूजी, 1 प्याज, 1 हरी मिर्च, 1/2 बड़ा अदरक का पेस्ट, 1/2 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/4 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 बड़ा मसाला, नमक, आवश्यक अनुसार पानी, तेल छवि: एआई बनाने की विधि: बेसन और सूजी में एक बड़ा पोज़िशन। इसमें चौलाई के कटे हुए पत्ते, प्याज, हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट शामिल है। अब हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अजवायन और नमक का अच्छी तरह से मिश्रण करें। छवि: एआई मिक्स में धीरे-धीरे-धीरे-धीरे पानी डाला हुआ एक ब्लॉगर बैटर तैयार हो गया। ध्यान रखें कि नासा न अधिक नमकीन हो और न ही बहुत नमकीन हो। एक नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और उस पर प्रभाव वाले तेल का उत्पादन करें। छवि: एआई अब एक करछी बैटर नामांकित गोल आकार में फैला हुआ है। चीले के सामान पर थोड़ा सा तेल और मध्यम आंच पर सोना होने तक। फिर पलटकर दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंक लें। छवि: एआई जब चीला दोनों तरफ से कुरकुरा और सोनार हो जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बाकी चीजें भी तैयार कर लें। चौलाई के दुकानदारों का गरमागर्म चीला हरी चटनी, दही या टमाटर की दुकान के साथ। छवि: एआई शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिलती है। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जादुई है। छवि: एआई वजन के लिए एक कार्मिक स्थिति है। शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करने में मदद मिलती है। अगर आप रोज़ाना के लिए कुछ नया और डिजिटल सामान बनाना चाहते हैं, तो चौलाई के दुकानदारों का यह चीला जरूर बताएं। छवि: सोशल मीडिया







