Monday, 08 Jun 2026 | 08:23 PM

Trending :

LPG Cylinder Subsidy Cut | 4 Cylinders Now, PMUY Price Hike News विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट शिगेला संक्रमण के लक्षण: केरल में शिगेला बीमारी का खतरा, जानिए क्या हैं उपाय, लक्षण और बचाव के उपाय PoK में हिंसा, 11 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 20 सांसदों के एनडीए में शामिल होने से तृणमूल कांग्रेस को बड़े पैमाने पर पलायन का सामना करना पड़ा | साफ़ बोलो
EXCLUSIVE

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
गौतम अडाणी पर अमेरिकी में दर्ज केस हट सकते हैं:ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

May 14, 2026/
10:52 pm

भारतीय अरबपति और अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग ने दावा...

विदिशा में बेतवा मैराथन आज:21 किमी दौड़ में विजेता को मिलेंगे 21 हजार रुपए; पर्यटन को बढ़ावा देने आयोजन

February 21, 2026/
12:05 am

विदिशा जिले में 21 फरवरी शनिवार को बेतवा मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले के ऐतिहासिक...

Mamata Banerjee Slams Exit Polls; TMC Confidence High

April 30, 2026/
5:53 pm

नई दिल्ली/कोलकाताकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार शाम वीडियो मैसेज जारी कर...

Jinping to meet Kim Jong in rare visit to North Korea

June 6, 2026/
2:09 pm

बीजिंग/प्योंगयांग7 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते उत्तर कोरिया के दौरे पर जाएंगे और वहां...

क्या आप भी टैल्मटोल की आदत से परेशान हैं? मोटिवेशनल स्टार्स के ये 5 स्टेप्स तुरंत बढ़ा देंगे आपकी प्रोडक्टिविटी

April 18, 2026/
11:42 am

टालमटोल: क्या आप भी रोज़ के ज़रूरी सुझावों को बार-बार टालते रहते हैं। क्या आपको भी बाद में कोई काम...

अमेरिका फर्स्ट की नीति आप्रवासियों का रहना कठिन बना रही:बच्चों की डे-केयर जैसी सेवाएं घटीं; स्वास्थ्य और वित्तीय सुविधाएं तक रोकी जा रहीं‎

June 2, 2026/
4:58 pm

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर ट्रम्प प्रशासन‎ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। पिछले एक‎ साल में ऐसे कई कदम...

MI vs RR Live Score: Follow Mumbai Indians vs Rajasthan Royals match updates and scorecard from Mumbai. (Picture Credit: X/@IPL)

May 24, 2026/
3:38 pm

आखरी अपडेट:24 मई, 2026, 15:38 IST किशोर, जिनकी पार्टी 2025 के बिहार चुनाव में एक भी सीट हासिल करने में...

अब RAS मेंस एग्जाम-2023 की आंसर-बुक देख सकेंगे कैंडिडेट्स:30 जून तक डाउनलोड का मौका, जानिए ऑनलाइन आवेदन कब से कब तक कर सकेंगे

February 12, 2026/
9:11 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा 2023 के उम्मीदवारों को एक...

राजनीति

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.