Sunday, 20 Sep 2026 | 07:22 AM

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10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

टोटो, दुनिया की सबसे छोटी जनजाति है। पश्चिम बंगाल के टोटोपारा गांव में इस जनजाति के आखिरी बचे 1700 लोग रहते हैं। गांव अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, इकलौते स्कूल में एक अतिरिक्त कमरे की जरूरत थी। खानपान को बचाने के लिए महिलाएं कैफे खोलना चाहती थीं। टोटोपारा से 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों का 14 सदस्यीय दल बीते साल इस गांव की विजिट पर आया। अपने 10 दिन के टूर में छात्रों ने महिलाओं के साथ मिलकर कैफे का प्राइसिंग मॉडल-मेन्यू बनाया। छात्रों की इस यात्रा से गांव को 6 लाख रु. की कमाई हुई। इससे स्कूल का कमरा तैयार हो गया, कैफे भी खुल गया। ‘लोकल नैरेटिव्स’ ने गांवों में पर्यटन को मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लर्निंग से जोड़ दिया। जापान-ऑस्ट्रेलिया के 10 संस्थान जुड़े ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू कासल, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और जापान में टोक्यो व नागोया के 8 स्कूलों के बच्चे इसे सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के 50 गांव मेजबानी के लिए तैयार वैष्णवी बताती हैं, लोकल नैरेटिव्स की शुरुआत 2021 में हुई। कम्युनिटी आधारित पर्यटन का उद्देश्य लोकल की तरह गांव में रहकर जनजीवन समझना-सीखना है। इसमें 50 गांवों को मेजबानी के लिए तैयार किया है। इससे गांवों को भी फायदा हो रहा है। उत्तराखंड के सुनकिया में छात्रों की यात्रा के बाद वहां देश की पहली कम्युनिटी टूरिज्म प्लेबुक तैयार हुई। इससे पर्यटन में मदद मिल रही है। एक अन्य यात्रा में गोवा के असनोरा में बुनकर महिलाओं को खरीदारों से जोड़ा, इससे उनकी कमाई बढ़ी। वैष्णवी सोमानी फाउंडर- लोकल नैरेटिव्स IIM बेंगलुरु ने इसे क्रेडिट प्रोग्राम के रूप में अप्रूव किया वैष्णवी कहती हैं, हमने पर्यटन को लर्निंग से जोड़ा। इसके लिए 5 दिन का करिकुलम बनाया। इसमें लोकल नैरेटिव्स को-फैकल्टी था। IIM बेंगलुरु ने इस कोर्स को अप्रूव किया। यानी गांवों में सामाजिक उद्यमिता सीखने के बाद छात्रों को 3 क्रेडिट मतलब मार्क्स भी मिल रहे हैं। – जैसा रोमेश साहू को बताया

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

टोटो, दुनिया की सबसे छोटी जनजाति है। पश्चिम बंगाल के टोटोपारा गांव में इस जनजाति के आखिरी बचे 1700 लोग रहते हैं। गांव अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, इकलौते स्कूल में एक अतिरिक्त कमरे की जरूरत थी। खानपान को बचाने के लिए महिलाएं कैफे खोलना चाहती थीं। टोटोपारा से 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों का 14 सदस्यीय दल बीते साल इस गांव की विजिट पर आया। अपने 10 दिन के टूर में छात्रों ने महिलाओं के साथ मिलकर कैफे का प्राइसिंग मॉडल-मेन्यू बनाया। छात्रों की इस यात्रा से गांव को 6 लाख रु. की कमाई हुई। इससे स्कूल का कमरा तैयार हो गया, कैफे भी खुल गया। ‘लोकल नैरेटिव्स’ ने गांवों में पर्यटन को मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लर्निंग से जोड़ दिया। जापान-ऑस्ट्रेलिया के 10 संस्थान जुड़े ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू कासल, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और जापान में टोक्यो व नागोया के 8 स्कूलों के बच्चे इसे सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के 50 गांव मेजबानी के लिए तैयार वैष्णवी बताती हैं, लोकल नैरेटिव्स की शुरुआत 2021 में हुई। कम्युनिटी आधारित पर्यटन का उद्देश्य लोकल की तरह गांव में रहकर जनजीवन समझना-सीखना है। इसमें 50 गांवों को मेजबानी के लिए तैयार किया है। इससे गांवों को भी फायदा हो रहा है। उत्तराखंड के सुनकिया में छात्रों की यात्रा के बाद वहां देश की पहली कम्युनिटी टूरिज्म प्लेबुक तैयार हुई। इससे पर्यटन में मदद मिल रही है। एक अन्य यात्रा में गोवा के असनोरा में बुनकर महिलाओं को खरीदारों से जोड़ा, इससे उनकी कमाई बढ़ी। वैष्णवी सोमानी फाउंडर- लोकल नैरेटिव्स IIM बेंगलुरु ने इसे क्रेडिट प्रोग्राम के रूप में अप्रूव किया वैष्णवी कहती हैं, हमने पर्यटन को लर्निंग से जोड़ा। इसके लिए 5 दिन का करिकुलम बनाया। इसमें लोकल नैरेटिव्स को-फैकल्टी था। IIM बेंगलुरु ने इस कोर्स को अप्रूव किया। यानी गांवों में सामाजिक उद्यमिता सीखने के बाद छात्रों को 3 क्रेडिट मतलब मार्क्स भी मिल रहे हैं। – जैसा रोमेश साहू को बताया

करिश्मा कपूर ने बताई वेब सीरीज 'ब्राउन' की चुनौतियां:कॉप रीटा की भूमिका मेरे करियर में सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली रही

करिश्मा कपूर ने बताई वेब सीरीज 'ब्राउन' की चुनौतियां:कॉप रीटा की भूमिका मेरे करियर में सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली रही

करिश्मा कपूर अब ओटीटी पर अपने नए अवतार में नजर आ रही हैं। जी-5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में उन्होंने अपने किरदार, कोलकाता में मुश्किलों से भरी शूटिंग आदि पर खुलकर बात की… इस प्रोजेक्ट का हिस्सा कैसे बनीं? शुरुआत में मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए साफ मना कर दिया था। कहानी और किरदार पसंद आए थे लेकिन 50-60 दिन कोलकाता में शूटिंग करने को लेकर मैं सहज नहीं थी। उस दौरान जी स्टूडियोज की टीम बार-बार मुझसे मिलती रही। मैं महबूब स्टूडियो में शूट कर रही थी, तब भी वे पहुंचे। आखिरकार मैंने 20 मिनट निकालकर निर्देशक अभिनय देव और टीम से बात की। रीटा ब्राउन के किरदार के बारे में सुनते ही मेरा नजरिया बदल गया और मैंने तुरंत हां कह दिया। रीटा ब्राउन जैसा किरदार निभाने के लिए कैसी तैयारी करनी पड़ी? रीटा मुझसे बिल्कुल अलग है। वह अल्कोहलिक है, चेन स्मोकर है और दवाइयों पर निर्भर रहती है। हमारा मकसद एक ऐसी महिला को दिखाना था जो अंदर से पूरी तरह टूट चुकी है। हमने मेकअप तक का इस्तेमाल नहीं किया। लगातार सिगरेट पीने की वजह से उसके होंठ तक खराब दिखाए गए हैं। यह मेरे करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली भूमिका रही। यह वर्दीधारी रोल बाकी पुलिस किरदारों से कितना अलग है? यह कोई टिपिकल फिट और एक्शन से भरपूर पुलिस अधिकारी नहीं है। शुरुआत में रीटा इतनी अनफिट है कि ठीक से दौड़ भी नहीं पाती। हमने दिखाया है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से कितनी टूटी हुई है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और मर्डर मिस्ट्री खुलती है, उसका व्यक्तित्व भी बदलता है। उसका खुद को फिर से संभालना और मजबूत बनना ही इस कहानी की आत्मा है। कोलकाता में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? सच कहूं तो हम कोलकाता की सर्दियां, क्रिसमस का माहौल और शहर की खूबसूरती को कैमरे में कैद करना चाहते थे लेकिन कोविड की वजह से पूरा शेड्यूल बदल गया और जब हम वहां पहुंचे, तब भीषण गर्मी पड़ रही थी। तापमान 48 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच था। उस मौसम में रियल लोकेशंस पर शूटिंग करना आसान नहीं था। हमें लंबे-लंबे चेज सीक्वेंस, इन्वेस्टिगेशन वाले सीन और घंटों बाहर रहकर शूट करना पड़ता था। क्या यह कोलकाता को करीब से देखने का आपका पहला अनुभव था? मैं पहले भी कई बार इवेंट्स और प्रमोशन के लिए कोलकाता गई हूं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के दौरान जिस तरह हमने शहर को जिया और अलग-अलग लोकेशंस पर शूट किया, वह अनुभव बिल्कुल नया और यादगार था। आपकी प्राथमिकताएं आज के दौर में कितनी बदली हैं? मुझे लगता है कि समय के साथ हर कलाकार की सोच और उसकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं। 90 के दशक में हमारा सिनेमा अलग था, वहां स्टारडम, गाने, बड़े सेट और कमर्शियल अपील का अपना महत्व था। मैंने उस दौर को भी पूरी तरह जिया और दर्शकों से बहुत प्यार पाया लेकिन आज का समय कंटेंट और किरदारों का है, जहां कलाकारों को खुद को नए तरीके से एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। आज मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसे रोल मिल रहे हैं।

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:8 दिन में ₹22 हजार की गिरावट; सोना आज ₹3470 टूटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.45 लाख गिर चुकी, सोना आज ₹3,470 टूटा; 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी 8 जून को सोने-चांदी के दाम में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 3,470 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए हो गया है। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 15,748 रुपए कम होकर 2.41 लाख रुपए पर आ गई है। 31 मई को चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते लोग मार्केट से पैसा निकालकर अपने पास कैश रख रहे हैं। ऑलटाइम हाई से 1.45 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 25 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 130 दिन में चांदी 1.45 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 130 दिन में ₹25 हजार और चांदी ₹1.45 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

5 स्टार इलेक्ट्रोनिकी डेकोरेटरी में सीलिंग फैन क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे का मॉडल वाला सच

5 स्टार इलेक्ट्रोनिकी डेकोरेटरी में सीलिंग फैन क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे का मॉडल वाला सच

जब भी हम किसी 5-स्टार या विला होटल में स्टेस्ट का प्लान बनाते हैं, तो वहां मिलने वाली प्रॉपर्टी और शाही किराए का एक अलग ही मजा होता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि तीसरी मंज़िल और पैलेस में एयर कंसीलर तो होता है, लेकिन छत पर पंखा वास्तव में नहीं होता है? इसके पीछे की वजह क्या है? क्या यह सिर्फ कमरे को एक ‘आधुनिक लुक’ देने के लिए दिया गया है, या इसके पीछे कुछ अत्यधिक व्यावहारिक और सुरक्षा संबंधी कारण हैं? आइए जानते हैं। एयर कंडीशनिंग सिस्टम और सेंट्रल कूलिंग सर्बिया में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। यह सिस्टम पूरे कमरे के तापमान को एक समान और नियंत्रित करता है। जब कमरे से पहले ही पूरी तरह से वायु कंडीशन होता है, तो कोरिया की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाती है। पार्टियों को आराम देने के लिए यह सिस्टम अधिक प्रभावशाली और सशक्त होता है। विज़न का ‘लग्जरी’ डिज़ाइन होटल के दस्तावेज़ को एक विशेष सौंदर्य के साथ डिज़ाइन किया गया है। एक शानदार जूमर या फ़ॉल्स सीलिंग के साथ फ़ेला रूम का लुक कहीं न कहीं ‘डाउन’ करता है। होटल युनिवर्सिटी देना रूम को एक प्रीमियम और शानदार लुक देना चाहते हैं, जिसमें पंखा फिट नहीं है। सफाई करने में परेशानी वफ़ा की सफाई करना एक बड़ी चुनौती है। यदि छत पर पंजाब लगे हों, तो उन पर जमीं कूड़े को नियमित रूप से साफ करना है। हर चेक-आउट के बाद माउंटेन को चमकाना होटल स्टाफ के लिए काफी समय लेने वाला काम है। साथ ही, धूल उड़ने से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है, जिससे बचाव के लिए धूल को पूरी तरह से दूर किया जा सकता है। बिना यूरोप की बनी रहेगी शांति होटल अपने सामान को ‘शांति’ और ‘सुखद नींद’ का वादा करते हैं। कई बार यूक्रेन रिवाइवल लाइट आवाज आती है। जो एक सार्वभौम एबाइनेंट बुरा हो सकता है। वहीं, आधुनिक एसी सिस्टम बहुत ही शांत तरीके से काम करते हैं, जिससे कमरा बिल्कुल शांत बना रहता है। सुरक्षा और दुर्घटना का डर समुद्री तट पर रहने का समय या उनका पुराना हो जाने पर खतरा रहता है। इसके अलावा, दुर्भाग्यवश, आत्महत्या जैसे गलत उदाहरणों का उपयोग कई बार किया जा सकता है। अफ़गानिस्तान की क़ीमती मूर्तियाँ एक बड़े होटल में सैकड़ों कमरे हैं। प्लांटा, फिर उनकी वायरिंग करना और लगातार मेंटेनेंस का खर्च उठाना एक बड़ी लागत है। हालाँकि यह मुख्य कारण नहीं है, लेकिन किसी की जगह बेहतर एयर कंडीशनिंग में निवेश करने के लिए और अधिक कमाल होता है। ये भी पढ़ें – निर्जला एकादशी 2026 तिथि: 24 या 25 जून कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट: 23 विपक्षी दल आज दिल्ली में आगे की राह पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। क्या DMK, TVK शामिल होंगे?

इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट: 23 विपक्षी दल आज दिल्ली में आगे की राह पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। क्या DMK, TVK शामिल होंगे?

इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट: इंडिया ब्लॉक की आज होने वाली बैठक में दिल्ली में लगभग 23 विपक्षी दलों के नेताओं के एक साथ आने की उम्मीद है क्योंकि गठबंधन हाल के विधानसभा चुनाव में कई क्षेत्रीय सहयोगियों से मिली असफलताओं के बाद अपनी रणनीति पर चर्चा करेगा। यह सभा, जिसे “जनबंधन” बैठक कहा जा रहा है, विपक्षी गठबंधन की भविष्य की दिशा और आगामी राज्य चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए इसकी तैयारियों पर सवालों के बीच हो रही है। चर्चा में कई मुद्दों के हावी रहने की उम्मीद है, जिसमें गठबंधन सहयोगियों के बीच समन्वय और समूह के भीतर मतभेदों को दूर करने के प्रयास शामिल हैं। क्या DMK भाग लेगी? बैठक में इस बात पर दिलचस्पी पैदा हो गई है कि कौन सी पार्टियां भाग लेंगी और भविष्य के गठबंधन निर्णयों में प्रमुख क्षेत्रीय खिलाड़ी क्या भूमिका निभाएंगे। आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही सार्वजनिक रूप से खुद को इस गुट से अलग कर चुकी है। इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने पहले घोषणा की थी कि कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में उसके साथ संबंध समाप्त करने और तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के बाद वह बैठक का बहिष्कार करेगी। इस बारे में भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या टीवीके को अंततः गठबंधन ढांचे में शामिल किया जा सकता है। शीर्ष नेताओं के आज दिल्ली में आने की उम्मीद इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक से पहले उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ विपक्षी हस्तियों के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने की संभावना है। अपेक्षित लोगों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और शिव सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं। वामपंथी दलों और कई छोटे क्षेत्रीय दलों के नेताओं के भी भाग लेने की संभावना है। 2029 की रणनीति पर फोकस? विपक्षी गठबंधन की बैठक में आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले भाजपा के खिलाफ समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। नेताओं के राज्य चुनावों की योजनाओं के साथ-साथ 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) की आखिरी आधिकारिक बैठक लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले 1 जून, 2024 को नई दिल्ली में हुई। इसके बाद, लगभग 50 गठबंधन नेताओं ने चुनावी हेरफेर के आरोपों पर चर्चा की। संसद सत्र से पहले अलग-अलग परामर्श भी आयोजित किए गए। जैसे ही इंडिया ब्लॉक की बैठक दिल्ली में शुरू होगी, ध्यान प्रमुख दलों की भागीदारी और आने वाले वर्षों के लिए गठबंधन के रोडमैप पर रहेगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडिया ब्लॉक मीटिंग लाइव(टी)इंडिया ब्लॉक मीट लाइव अपडेट्स(टी)इंडिया जनबंधन मीटिंग लाइव(टी)इंडिया अलायंस मीटिंग आज(टी)विपक्ष मीटिंग लाइव अपडेट्स(टी)राहुल गांधी लाइव(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)ममता बनर्जी(टी)अखिलेश यादव(टी)उद्धव ठाकरे(टी)कांग्रेस लाइव अपडेट्स(टी)इंडिया ब्लॉक न्यूज(टी)विपक्ष गठबंधन बैठक(टी)इंडिया ब्लॉक लीडर्स मीटिंग(टी)कांग्रेस टीएमसी एसपी मीटिंग(टी)इंडिया ब्लॉक दिल्ली मीटिंग(टी)भारत जनबंधन

हरियाणवी कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन:38 की उम्र में दिल का दौरा पड़ा; स्टेज पर नागिन डांस में सपना चौधरी को हराया था

हरियाणवी कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन:38 की उम्र में दिल का दौरा पड़ा; स्टेज पर नागिन डांस में सपना चौधरी को हराया था

हरियाणवी लोक कलाकार व रागनी गायक पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पेप्सी शर्मा 38 साल के थे। उनके 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा है। भाई रिशिपाल ने बताया कि रविवार सुबह ही पेप्सी शर्मा अपने पैतृक गांव पतला पहुंचे थे। क्योंकि उसको कहीं किसी शो के लिए जाना था। गांव आने के बाद वह अपनी मां के पास रुके और उनसे मुलाकात की। बाद में वह अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सीने और शरीर में दर्द महसूस हुआ। दर्द की शिकायत के बाद उनके दोस्त उन्हें स्थानीय अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने जांच कर दवा दी और घर भेज दिया। इसके बाद वो मां के पास बैठकर बातचीत करने लगे। तभी फिर से उन्हें दर्द हुआ और दोबारा अस्पताल जाते वक्त उनकी मौत हो गई। उनका असली नाम यशपाल शर्मा था, लेकिन स्टेज पर पेप्सी शर्मा के नाम से मशहूर हुए। मूलरूप से गाजियाबाद के पतला गांव के रहने वाले थे। हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में स्टेज परफॉर्मेंस के जरिये खास पहचान बनाई। हरियाणा में गोशालाओं में होने वाले रागनी कंपीटिशन में उनकी खास भूमिका रहती थी। उनकी पहचान केवल एक गायक के रूप में ही नहीं बल्कि मंच पर अपने मजाकिया अंदाज और कॉमिक टाइमिंग के लिए भी थी। वे रागिनी कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों को हंसाने और मनोरंजन करने की अनोखी कला रखते थे। मशहूर हरियाणवी स्टेज परफॉर्मर सपना चौधरी के साथ उनके कई कार्यक्रम हुए। एक बार स्टेज पर नागिन डांस में उन्होंने सपना चौधरी को भी हरा दिया था। यह वीडियो एक म्यूजिक कंपनी ने बकायदा रिलीज किया, जिसे 6 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले थे। पेप्सी शर्मा के निधन पर हरियाणवी कलाकारों ने गहरा शोक जताया है। सपना चौधरी के साथ रागनी गाते पेप्सी शर्मा के PHOTOS… हरियाणवी लोक कलाकार पेप्सी शर्मा के बारे में जानिए… जज की एक टिप्पणी से पड़ा ‘पेप्सी शर्मा’ नाम यशपाल शर्मा को परिवार और गांव में बचपन से ही प्यार से “पैप्पी” कहकर बुलाया जाता था। उनके भाई के अनुसार करीब 20 साल पहले जब उन्होंने गायकी की दुनिया में कदम रखा था, उसी दौरान एक झगड़े के मामले में उनकी अदालत में पेशी थी। कोर्ट में दूसरी पार्टी के व्यक्ति का नाम “लौकी” था। जब जज ने दोनों के नाम सुने तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पैप्पी से अच्छा नाम “पेप्सी” रख लो और लौकी का नाम बदलकर “चुकंदर” रख दो। इसके बाद यशपाल शर्मा ने अपने नाम के साथ पेप्सी जोड़ लिया और धीरे-धीरे वह पूरे हरियाणा में पेप्सी शर्मा के नाम से मशहूर हो गए। बाद में वह मामला भी समाप्त हो गया था। पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै… से फेमस हुए पेप्सी शर्मा ने हरियाणवी संगीत जगत की प्रसिद्ध कलाकारों के साथ लंबे समय तक काम किया। उन्होंने हरियाणवी डांसर एवं गायिका सपना चौधरी के साथ कई लाइव स्टेज शो किए, जबकि हरियाणवी गायिका राजबाला के साथ भी अनेक रागनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी गायकी का जादू बिखेरा। पेप्सी शर्मा की कई रागिनी खूब पसंद की गई। खासकर पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै बहुत हिट हुई। इस रागिनी पर सपना चौधरी ने कई स्टेज पर परफॉर्म किया। इस पर 15 मिलियन से ज्यादा व्यूज आए थे।

सलीम कुमार के अंतिम संस्कार में पैपराजी पर भड़के बेटे:बोले- हमें शांति से अंतिम विदाई देने दें; पीएम मोदी ने जताया दुख

सलीम कुमार के अंतिम संस्कार में पैपराजी पर भड़के बेटे:बोले- हमें शांति से अंतिम विदाई देने दें; पीएम मोदी ने जताया दुख

नेशनल फिल्म अवार्ड विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सलीम कुमार का निधन शनिवार को हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वहां भारी भीड़ और पेपराजी की मौजूदगी से उनके बड़े बेटे चंदू असहज हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, चंदू ने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और कैमरामैन पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से पीछे हटने और परिवार को शांति से अंतिम विदाई देने की अपील की। अंतिम संस्कार के समय कैमरामैन पर भड़के बेटे सलीम कुमार के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके रिश्तेदारों, करीबी दोस्तों और प्रशंसकों की भारी भीड़ उत्तरी परवूर स्थित उनके घर पर जमा हुई थी। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ और कैमरों से घिरे होने के कारण अभिनेता के बड़े बेटे चंदू काफी परेशान हो गए। उन्होंने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स से दूरी बनाने को कहा। चंदू ने तेज आवाज में मीडिया से अपील की कि वे पीछे हट जाएं ताकि परिवार के लोग शांति से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें। शनिवार की हुआ था निधन सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया था। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने ‘आदामिन्टे मकन अबू’, ‘पुलिवाल कल्याणम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘मीसा माधवन’ और ‘मायावी’ जैसी कई मलयालम फिल्मों में काम किया था। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। पीएम मोदी और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सलीम कुमार के निधन पर दुख जताया। वहीं केरलम सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में एक्ट किया। साथ ही कुछ तमिल (मरयां) और ओडिया (ऊंगा) फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे। डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी। इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी। यह खबर भी पढ़ें… फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन:सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, गोविंदा को ब्रेक दिया था; शोला और शबनम, आंखें जैसी फिल्में बनाईं फिल्म प्रोड्यूसर और CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के अध्यक्ष रहे पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में 4 जून को निधन हो गया है। वह कई दिनों से बीमार थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

सलीम कुमार के अंतिम संस्कार में पैपराजी पर भड़के बेटे:बोले- हमें शांति से अंतिम विदाई देने दें; कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ था

सलीम कुमार के अंतिम संस्कार में पैपराजी पर भड़के बेटे:बोले- हमें शांति से अंतिम विदाई देने दें; कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ था

नेशनल फिल्म अवार्ड विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सलीम कुमार का निधन शनिवार को हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वहां भारी भीड़ और पेपराजी की मौजूदगी से उनके बड़े बेटे चंदू असहज हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, चंदू ने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और कैमरामैन पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से पीछे हटने और परिवार को शांति से अंतिम विदाई देने की अपील की। अंतिम संस्कार के समय कैमरामैन पर भड़के बेटे सलीम कुमार के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके रिश्तेदारों, करीबी दोस्तों और प्रशंसकों की भारी भीड़ उत्तरी परवूर स्थित उनके घर पर जमा हुई थी। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ और कैमरों से घिरे होने के कारण अभिनेता के बड़े बेटे चंदू काफी परेशान हो गए। उन्होंने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स से दूरी बनाने को कहा। चंदू ने तेज आवाज में मीडिया से अपील की कि वे पीछे हट जाएं ताकि परिवार के लोग शांति से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें। पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम मोदी ने अभिनेता सलीम कुमार को एक ऐसे बेहतरीन कलाकार के रूप में याद किया जो हर तरह के रोल में आसानी से ढल जाते थे। एक्स (ट्विटर) पर अपनी बात साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा: “दिग्गज एक्टर श्री सलीम कुमार जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाकर और अपनी यादगार एक्टिंग से लोगों के दिलों पर एक खास छाप छोड़ी। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और उनके अनगिनत चाहने वालों के साथ हैं। ओम शांति।” शनिवार की हुआ था निधन सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया था। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने ‘आदामिन्टे मकन अबू’, ‘पुलिवाल कल्याणम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘मीसा माधवन’ और ‘मायावी’ जैसी कई मलयालम फिल्मों में काम किया था। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सलीम कुमार के निधन पर दुख जताया। वहीं केरलम सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में एक्ट किया। साथ ही कुछ तमिल (मरयां) और ओडिया (ऊंगा) फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे। डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी। इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी। यह खबर भी पढ़ें… फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन:सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, गोविंदा को ब्रेक दिया था; शोला और शबनम, आंखें जैसी फिल्में बनाईं फिल्म प्रोड्यूसर और CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के अध्यक्ष रहे पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में 4 जून को निधन हो गया है। वह कई दिनों से बीमार थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

सीजफायर के बाद ईरान ने इजराइल पर फिर मिसाइलें दागीं:लेबनान में हमले के जवाब में कार्रवाई; ट्रम्प ने नेतन्याहू से पलटवार रोकने को कहा

सीजफायर के बाद ईरान ने इजराइल पर फिर मिसाइलें दागीं:लेबनान में हमले के जवाब में कार्रवाई; ट्रम्प ने नेतन्याहू से पलटवार रोकने को कहा

ईरान ने अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद पहली बार इजराइल पर मिसाइल हमला किया है। ईरान ने इसे लेबनान में इजराइली हमले का जवाब बताया। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को इजराइल की ओर मिसाइलें दागे जाने की पुष्टि की। हमले के बाद इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजे और लाखों लोग बंकरों की ओर भागे।इजराइली सेना ने कहा कि मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया गया। हालांकि उत्तरी इजराइल में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर तत्काल जवाबी हमला न करने को कहा। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ट्रम्प ने फिलहाल नेतन्याहू को कार्रवाई टालने के लिए मना लिया है। इससे कुछ घंटे पहले इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हमला किया था, जिसमें दो लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे। यह हमला ऐसे समय हुआ जब लेबनान और इजराइल की सरकारें अमेरिकी मध्यस्थता में सीजफायर पर सहमत हुई थीं, लेकिन हिजबुल्लाह ने समझौते को खारिज कर दिया था। इजराइल पर ईरान के हमले का वीडियो… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…