'वो मुझे बार-बार किस करता रहा':मुन्नाभाई MBBS में दिखीं एक्ट्रेस प्रिया बापट ने अनुभव शेयर किया, बोलीं- किसिंग सीन में अनकंफर्टेबल हुई थी

एक्ट्रेस प्रिया बापट ने हाल ही में बताया कि अपनी शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन में वह अनकंफर्टेबल हो गई थीं। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में प्रिया ने कहा, ‘फिल्म में सिर्फ एक किसिंग सीन था। स्क्रिप्ट रीडिंग के समय से ही मुझे उसे लेकर डाउट था। मैं लगातार डायरेक्टर से पूछती थी कि इसकी जरूरत क्या है। मेरा सवाल किस करने या न करने को लेकर नहीं था, बल्कि यह था कि कहानी में इसे कैसे सही ठहराया जा रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘डायरेक्टर इस सीन को लेकर काफी जोर दे रहे थे। आखिर में मैंने सोचा कि अपनी झिझक तोड़नी चाहिए और सीन कर लिया। मैंने पूरी फिल्म में सिर्फ एक किस के लिए हामी भरी थी।’ को-स्टार किस करता रहा प्रिया ने कहा, ‘इसके बाद गाने की शूटिंग के दौरान एक्टर बार-बार इम्प्रोवाइज करने लगा और मुझे किस करता रहा। उस समय मैं अपने लिए आवाज नहीं उठा पाई, क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इस स्थिति से कैसे निपटूं।’ उन्होंने बताया, ‘हम एक ही होटल में ठहरे थे, हालांकि कमरे अलग थे, लेकिन वह लगातार मैसेज करता था। कभी स्विमिंग सिखाने की बात करता, कभी डिनर और ब्रेकफास्ट के लिए बुलाता। मैं बार-बार मना करती रही। मेरे साथ पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था।’ प्रिया ने बताया कि वह हर रात अपने पति उमेश कामत से बात कर पूरी स्थिति शेयर करती थीं। बाद में उनके पति शूटिंग लोकेशन पर पहुंचे और कुछ दिनों तक उनके साथ रहे। एक्ट्रेस ने कहा कि उनके करियर में यह इकलौता ऐसा अनुभव था। ‘मुन्नाभाई MBBS’ में नजर आई थीं प्रिया प्रिया बापट मराठी सिनेमा और ओटीटी की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। वो ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर’ और ‘मुन्नाभाई MBBS’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। मराठी फिल्म ‘मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय!’ से उन्हें पहचान मिली। उन्होंने 2011 में एक्टर उमेश कामत से शादी की थी। एक्ट्रेस को दो महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समेत कई सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें फिल्मफेयर मराठी और अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में भी कई बार नॉमिनेशन मिला है।
'वो मुझे बार-बार किस करता रहा':मुन्नाभाई MBBS में दिखीं एक्ट्रेस प्रिया बापट ने अनुभव शेयर किया, बोलीं- किसिंग सीन में अनकंफर्टेबल हुई थी

एक्ट्रेस प्रिया बापट ने हाल ही में बताया कि अपनी शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन में वह अनकंफर्टेबल हो गई थीं। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में प्रिया ने कहा, ‘फिल्म में सिर्फ एक किसिंग सीन था। स्क्रिप्ट रीडिंग के समय से ही मुझे उसे लेकर डाउट था। मैं लगातार डायरेक्टर से पूछती थी कि इसकी जरूरत क्या है। मेरा सवाल किस करने या न करने को लेकर नहीं था, बल्कि यह था कि कहानी में इसे कैसे सही ठहराया जा रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘डायरेक्टर इस सीन को लेकर काफी जोर दे रहे थे। आखिर में मैंने सोचा कि अपनी झिझक तोड़नी चाहिए और सीन कर लिया। मैंने पूरी फिल्म में सिर्फ एक किस के लिए हामी भरी थी।’ को-स्टार किस करता रहा प्रिया ने कहा, ‘इसके बाद गाने की शूटिंग के दौरान एक्टर बार-बार इम्प्रोवाइज करने लगा और मुझे किस करता रहा। उस समय मैं अपने लिए आवाज नहीं उठा पाई, क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इस स्थिति से कैसे निपटूं।’ उन्होंने बताया, ‘हम एक ही होटल में ठहरे थे, हालांकि कमरे अलग थे, लेकिन वह लगातार मैसेज करता था। कभी स्विमिंग सिखाने की बात करता, कभी डिनर और ब्रेकफास्ट के लिए बुलाता। मैं बार-बार मना करती रही। मेरे साथ पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था।’ प्रिया ने बताया कि वह हर रात अपने पति उमेश कामत से बात कर पूरी स्थिति शेयर करती थीं। बाद में उनके पति शूटिंग लोकेशन पर पहुंचे और कुछ दिनों तक उनके साथ रहे। एक्ट्रेस ने कहा कि उनके करियर में यह इकलौता ऐसा अनुभव था। ‘मुन्नाभाई MBBS’ में नजर आई थीं प्रिया प्रिया बापट मराठी सिनेमा और ओटीटी की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। वो ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर’ और ‘मुन्नाभाई MBBS’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। मराठी फिल्म ‘मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय!’ से उन्हें पहचान मिली। उन्होंने 2011 में एक्टर उमेश कामत से शादी की थी। एक्ट्रेस को दो महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समेत कई सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें फिल्मफेयर मराठी और अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में भी कई बार नॉमिनेशन मिला है।
बॉलीवुड एक्टर्स का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन:ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ; अतुल कुलकर्णी ने मांगी माफी, कहा- हमारी पीढ़ी से गलतियां हुईं

पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन 6 जून को शुरू हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील पर बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। इस प्रदर्शन को बॉलीवुड से भी समर्थन मिला है। एक्टर अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से अपनी पीढ़ी की गलतियों के लिए माफी मांगी है, वहीं ऋचा चड्ढा, कुनिका सदानंद, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने भी छात्रों की इस मुहिम का समर्थन किया है। ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर सपोर्ट किया है। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं अभी खूबसूरत ऑकलैंड में हूं, जहां शायद दुनिया की सबसे साफ हवा है। लेकिन मेरा मन दिल्ली में है। मेरी प्यारी दिल्ली-मेरे बचपन, मेरे स्कूल और कॉलेज का शहर… जहां बड़े-बड़े पार्क और पुराने, अच्छे पेड़ हैं। मैं अपने देश के युवाओं को प्यार भेजता हूं। उम्मीद है कि आप दिखावटी देशभक्त बनने के बजाय सच्चे देशभक्त बनेंगे। आप दयालु, शांत और समझदार बनें। मैं दिल से आपके साथ हूं। अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से मांगी माफी अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने युवाओं से माफी मांगते हुए लिखा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां सही से नहीं निभाईं। उन्होंने गलतियां कीं और युवाओं के लिए चुनौतियों का अंबार छोड़ दिया, जिसका सामना अब आज की पीढ़ी को करना पड़ रहा है। अतुल ने युवाओं से कहा कि वे पूरी उम्मीदों के साथ खड़े हैं और सत्यनिष्ठा के साथ इस देश का पुनर्निर्माण करें। कुनिका ने कहा- जागरूक नागरिकों से चलेगा देश एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखकर इस आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता, विचारधारा या धर्म का नहीं होता। यह उन नागरिकों का है जो स्वतंत्र रूप से सोचते हैं और निडर होकर सवाल पूछते हैं। कुनिका ने कहा कि लोकतंत्र बिना सोचे-समझे वफादारी दिखाने से नहीं, बल्कि जागरूकता और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असल बदलाव भाषणों से नहीं, बल्कि काम और नतीजों से तय होता है। जब आवाज नहीं सुनी जाती, तो ऐसे तरीके जरूरी कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उन मुद्दों को उठाया है, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो अपनी बात पहुंचाने के लिए ऐसे तरीके अपनाने पड़ते हैं ताकि सोए हुए सिस्टम तक बात पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छात्र बाहर निकलकर इसका समर्थन कर रहे हैं। इस मुहिम ने लोगों के अंदर आवाज उठाने की हिम्मत दी है। कुनिका ने जनता से सवाल भी पूछा कि क्या पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है या सिर्फ लीडरशिप बदलने से काम हो जाएगा। प्रकाश राज और सोनम वांगचुक भी आंदोलन के साथ इस आंदोलन को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और एक्टर प्रकाश राज का भी साथ मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही एक वीडियो जारी कर कहा था कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। पेपर लीक के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है, जिसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के सभी युवाओं से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी।
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पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन 6 जून को शुरू हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील पर बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। इस प्रदर्शन को बॉलीवुड से भी समर्थन मिला है। एक्टर अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से अपनी पीढ़ी की गलतियों के लिए माफी मांगी है, वहीं ऋचा चड्ढा, कुनिका सदानंद, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने भी छात्रों की इस मुहिम का समर्थन किया है। ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर सपोर्ट किया है। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं अभी खूबसूरत ऑकलैंड में हूं, जहां शायद दुनिया की सबसे साफ हवा है। लेकिन मेरा मन दिल्ली में है। मेरी प्यारी दिल्ली-मेरे बचपन, मेरे स्कूल और कॉलेज का शहर… जहां बड़े-बड़े पार्क और पुराने, अच्छे पेड़ हैं। मैं अपने देश के युवाओं को प्यार भेजता हूं। उम्मीद है कि आप दिखावटी देशभक्त बनने के बजाय सच्चे देशभक्त बनेंगे। आप दयालु, शांत और समझदार बनें। मैं दिल से आपके साथ हूं। अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से मांगी माफी अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने युवाओं से माफी मांगते हुए लिखा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां सही से नहीं निभाईं। उन्होंने गलतियां कीं और युवाओं के लिए चुनौतियों का अंबार छोड़ दिया, जिसका सामना अब आज की पीढ़ी को करना पड़ रहा है। अतुल ने युवाओं से कहा कि वे पूरी उम्मीदों के साथ खड़े हैं और सत्यनिष्ठा के साथ इस देश का पुनर्निर्माण करें। कुनिका ने कहा- जागरूक नागरिकों से चलेगा देश एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखकर इस आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता, विचारधारा या धर्म का नहीं होता। यह उन नागरिकों का है जो स्वतंत्र रूप से सोचते हैं और निडर होकर सवाल पूछते हैं। कुनिका ने कहा कि लोकतंत्र बिना सोचे-समझे वफादारी दिखाने से नहीं, बल्कि जागरूकता और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असल बदलाव भाषणों से नहीं, बल्कि काम और नतीजों से तय होता है। जब आवाज नहीं सुनी जाती, तो ऐसे तरीके जरूरी कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उन मुद्दों को उठाया है, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो अपनी बात पहुंचाने के लिए ऐसे तरीके अपनाने पड़ते हैं ताकि सोए हुए सिस्टम तक बात पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छात्र बाहर निकलकर इसका समर्थन कर रहे हैं। इस मुहिम ने लोगों के अंदर आवाज उठाने की हिम्मत दी है। कुनिका ने जनता से सवाल भी पूछा कि क्या पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है या सिर्फ लीडरशिप बदलने से काम हो जाएगा। प्रकाश राज और सोनम वांगचुक भी आंदोलन के साथ इस आंदोलन को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और एक्टर प्रकाश राज का भी साथ मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही एक वीडियो जारी कर कहा था कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। पेपर लीक के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है, जिसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के सभी युवाओं से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी।
बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।
बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।
'हर महिला सम्मान की हकदार है':'पेड्डी' में जाह्नवी के किरदार पर आपत्ति के बाद डायरेक्टर ने मांगी माफी, बोले- आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे

फिल्म पेड्डी में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर उठे विवाद के बीच डायरेक्टर बुची बाबू सना ने पब्लिकली माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर दर्शकों ने फिल्म में महिला किरदार के प्रेजेंटेशन पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद डायरेक्टर ने रिएक्शन देते हुए महिलाओं के सम्मान की बात कही और विवादित सीन्स में बदलाव की बात कही। डायरेक्टर बुची बाबू सना ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था। लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं। सीन में बदलाव की बात करते हुए उन्होंने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है। दुनियाभर में 150.49 करोड़ की कमाई हुई पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन भारत में 26.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 96.40 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 114.49 करोड़ रुपए हो चुका है। ओवरसीज मार्केट में भी ‘पेड्डी’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन फिल्म ने विदेशों में 8 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 36 करोड़ रुपए हो गया है। दुनियाभर में ‘पेड्डी’ की कमाई 150.49 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… राम चरण से मिलकर रो पड़ा फैन: स्टेज पर एक्टर की तरफ भागा था, घबरा गई थीं जाह्नवी कपूर; बॉडीगार्ड ने उठाकर बाहर निकाला था फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन इवेंट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें राम चरण जैसा दिखने वाला एक फैन सुरक्षा घेरा तोड़कर स्टेज की तरफ दौड़ पड़ा था। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत रोक लिया था। पूरी खबर पढ़ें
'हर महिला सम्मान की हकदार है':'पेड्डी' में जाह्नवी के किरदार पर आपत्ति के बाद डायरेक्टर ने मांगी माफी, बोले- आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे

फिल्म पेड्डी में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर उठे विवाद के बीच डायरेक्टर बुची बाबू सना ने पब्लिकली माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर दर्शकों ने फिल्म में महिला किरदार के प्रेजेंटेशन पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद डायरेक्टर ने रिएक्शन देते हुए महिलाओं के सम्मान की बात कही और विवादित सीन्स में बदलाव की बात कही। डायरेक्टर बुची बाबू सना ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था। लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं। सीन में बदलाव की बात करते हुए उन्होंने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है। दुनियाभर में 150.49 करोड़ की कमाई हुई पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन भारत में 26.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 96.40 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 114.49 करोड़ रुपए हो चुका है। ओवरसीज मार्केट में भी ‘पेड्डी’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन फिल्म ने विदेशों में 8 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 36 करोड़ रुपए हो गया है। दुनियाभर में ‘पेड्डी’ की कमाई 150.49 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… राम चरण से मिलकर रो पड़ा फैन: स्टेज पर एक्टर की तरफ भागा था, घबरा गई थीं जाह्नवी कपूर; बॉडीगार्ड ने उठाकर बाहर निकाला था फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन इवेंट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें राम चरण जैसा दिखने वाला एक फैन सुरक्षा घेरा तोड़कर स्टेज की तरफ दौड़ पड़ा था। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत रोक लिया था। पूरी खबर पढ़ें
कॉर्न रोस्टिंग रेसिपी: ठेले वाले भुट्टे के हैं शौकीन, तो अब अँगीठी या कोयले का झंझट खत्म, कुकर में इस 1 ट्रिक से रोस्ट करें देसी कॉर्न

6 जून 2026 को 12:35 IST पर अद्यतन किया गया मकई भूनने की विधि: घर पर गैस की सीधी आंच पर भुट्टा भूनने से वह बार-बार जलती है। इसके साथ ही वह अंदर से रॉ राह जाता है। इसलिए लोग इसे लेबल कर खाते हैं, लेकिन मसाले वाले मक्के में भुने हुए भुट्टे जैसा सोंधा स्वाद नहीं मिलता है। अगर आप घर पर बिल्कुल थेले जैसा रोस्टेड भुट्टा खाना चाहते हैं, तो बिना रेत और बिना झंझट के स्वादिष्ट कुकर में इसे बनाना इस आसान तरीके से आपका बहुत काम आ गया है। यहां देखें ये अनोखी ट्रिक। अनुसरण करना : एलायंस भट्टों के उभरते हुए लुक और उनके ऊपर दिखने वाले रेशों को साफ करें। इसके बाद भुट्टों को बीच से लेकर बैंट लें, ताकि यह आपकी भूमिका कुकर में आसानी से फिट हो जाए। छवि: ऐ देसी घी लें और उसे चारों तरफ से बढ़िया ताली दें। ऐसा करने से भुट्टे कुकर की सतह से चिपककर जलते नहीं हैं। इसके बाद भुट्टे के प्रोत्साहन को कुकर के अंदर रख दें। छवि: ऐ मोटा सूती कपड़ा या साफ कॉटन तौलिया लें। कपड़े को कुकर के अंदर रखे हुए भुट्टों के ऊपर इस तरह से फैलाया गया आइटम कि पूरे तरह से बेकार। यह डेयरी उत्पाद कुकर के अंदर जरूरी स्टाक बनाए रखा गया है। छवि: ऐ कपड़े धोने के बाद प्लास्टिक कुकर का शटर बंद कर दें और इसे गैस पर रख दें। अब भुट्टों पर करीब एक मिनट के लिए खाना बनाने का काम शुरू हो गया है। इस पूरी प्रक्रिया में कुकर में सिटी नहीं बजाना है। छवि: ऐ अमेरिकन क्रेमा फैक्ट्रियों को खत्म किया गया और भुट्टे को आउट आउट लिया गया। आपके बिना जले बिल्कुल अंगीठी जैसे भुने हुए भुट्टे तैयार हैं। अब इन पर नींबू का रस, काला नमक और चाट मसाला लगाएं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 6 जून 2026 12:35 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)भुट्टा भूनने के हैक(टी)कुकर में बिना रेत के भुट्टे कैसे भूनते हैं(टी)भुने हुए मक्के की रेसिपी(टी)प्रेशर कुकर हैक्स(टी)भुट्टा के लिए किचन टिप्स(टी)सॉफ्ट रोस्टेड कॉर्न ट्रिक(टी)मानसून स्नैक्स इंडिया
बंगाल विधानसभा विद्रोह के बाद क्या संसद में भी पनप रही है टीएमसी की बगावत? पार्टी सांसद ने दिया बड़ा संकेत | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 10:26 IST अनुभवी टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के घटनाक्रम का असर संसद पर भी पड़ सकता है। ममता का संकट गहराया: वरिष्ठ टीएमसी सांसद ने लोकसभा में संभावित विद्रोह की चेतावनी दी। फ़ाइल चित्र/पीटीआई पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियाँ राज्य विधानसभा तक सीमित नहीं हो सकती हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायकों के एक बड़े वर्ग द्वारा विद्रोह के बाद, अटकलें तेज हो रही हैं कि पार्टी के संसदीय रैंकों के भीतर भी इसी तरह का घटनाक्रम सामने आ सकता है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा और राज्यसभा दोनों में टीएमसी सांसदों का एक वर्ग राज्य विधानसभा में बागी विधायकों द्वारा उठाए गए कदम के समान कदम पर विचार कर सकता है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पार्टी के 80 में से लगभग 60 विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी का समर्थन किया। एक बड़ी चेतावनी? अनुभवी टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने चेतावनी दी कि विधानसभा के घटनाक्रम का असर संसद पर भी पड़ सकता है। पीटीआई ने उनके हवाले से कहा, ”मैंने इतने कम समय में लगभग 60 विधायकों को छोड़ते हुए कभी नहीं देखा। लोकसभा में भी इसी तरह की प्रतिक्रिया होने की संभावना है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जब पूछा गया कि क्या राज्यसभा में भी ऐसा ही घटनाक्रम हो सकता है, तो रॉय ने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन संकेत दिया कि संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि, पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने एक अलग आकलन पेश किया। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि विधानसभा में घटनाक्रम केवल एक अस्थायी झटका था और उन सुझावों को खारिज कर दिया कि पार्टी टूटने के करीब थी। उन्होंने कहा, “भाजपा टीएमसी की लोकसभा और राज्यसभा शाखाओं में वैसा ही ऑपरेशन करने की कोशिश कर सकती है, जैसा पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुआ था। लेकिन ममता बनर्जी ने बड़ी लड़ाई लड़ी है और वह वापसी करेंगी।” ममता के लिए चुनौती! कांग्रेस से अलग होने के बाद 1998 में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की। तब से, वह पार्टी में केंद्रीय व्यक्ति और पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बनी हुई हैं। मौजूदा संकट को उनके सामने सबसे बड़ी आंतरिक चुनौतियों में से एक के रूप में देखा जा रहा है, कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से असहमति व्यक्त की है। यहां तक कि बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार सहित वफादार माने जाने वाले कुछ नेताओं ने भी पार्टी नेतृत्व के बारे में चिंता व्यक्त की है। बागी टीएमसी विधायक अभी भी ममता के नेतृत्व का समर्थन करते हैं विपक्ष के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन करने के बावजूद, कई बागी विधायक ममता बनर्जी के प्रति वफादारी व्यक्त करते रहे हैं। गुरुवार को एक बैठक के दौरान, ऋतब्रत ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि ममता पुनर्गठित विधायक दल की “मुख्य सलाहकार” बन सकती हैं। कई बागी विधायक इस प्रस्ताव से असहज थे. बागी विधायक गुलशन मलिक ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”हमें बताया गया कि पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व में जारी रहेगी। वह महज एक सलाहकार नहीं हैं। हम चाहते हैं कि पार्टी उनके नेतृत्व में काम करे।” उन्होंने कहा, “अगर ममता बनर्जी को सर्वोच्च नेता के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है, तो हमें सोचना होगा कि हमें इस गुट में रहना चाहिए या नहीं।” एक अन्य बागी विधायक संगीता रॉय बसुनिया ने भी ममता को पार्टी का सर्वोच्च नेता बताया। बसुनिया ने कहा, “वह सलाहकार नहीं हो सकतीं। वह हमारी नेता हैं।” टिप्पणियों से पता चलता है कि विधायक दल के कामकाज में अभिषेक बनर्जी के प्रभाव को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कई विद्रोहियों के बीच ममता के प्रति वफादारी मजबूत बनी हुई है। पीटीआई के मुताबिक, ममता बनर्जी ने असंतुष्टों के साथ संचार चैनल फिर से खोलने के प्रयास में पार्टी के कई विधायकों और सांसदों से बात की है। टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने एजेंसी को बताया कि विद्रोह को दिल्ली तक फैलने से रोकने के लिए संसद में भी इसी तरह के प्रयास चल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो भरोसेमंद सांसदों, प्रत्येक सदन से एक, को सहकर्मियों तक पहुंचने का काम सौंपा गया है। इस बीच, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में रीताब्रत बनर्जी की नियुक्ति के खिलाफ सोमवार को अदालत जाएगी। उन्होंने नियुक्ति को “अवैध” बताते हुए कहा, “हम उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर करेंगे।” शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास पर पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में केवल आठ विधायक और छह सांसद शामिल हुए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया बंगाल विधानसभा विद्रोह के बाद क्या संसद में भी पनप रही है टीएमसी की बगावत? पार्टी सांसद ने दिया बड़ा संकेत अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी राजनीतिक संकट(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी विधायकों की बगावत(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा की राजनीति(टी)ऋतब्रत बनर्जी विपक्षी नेता(टी)टीएमसी सांसद लोकसभा(टी)राज्यसभा टीएमसी संकट(टी)अभिषेक बनर्जी का प्रभाव





