Tuesday, 22 Sep 2026 | 07:48 AM

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एक दिन में शूट हुआ अक्षय के साथ सॉन्ग:भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह से फिल्म के इंट्रो सॉन्ग को लेकर खास बातचीत

एक दिन में शूट हुआ अक्षय के साथ सॉन्ग:भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह से फिल्म के इंट्रो सॉन्ग को लेकर खास बातचीत

हिंदी और साउथ के मेनस्ट्रीम मेकर्स भोजपुरी एक्टर्स और सिंगर्स के साथ लगातार कोलैब कर रहें हैं। अब ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए भी अक्षय ने अक्षरा सिंह के साथ एक गाना किया है। अक्षरा फिल्म के एक खास इंट्रो सॉन्ग में अक्षय के साथ थिरकती दिखेंगी। उनसे हुई खास बातचीत… ‘वेलकम टू द जंगल’ का यह ऑफर आपके पास कैसे आया? इस फिल्म का ऑफर सीधे मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य की तरफ से आया। मास्टर जी से मेरी बातचीत हमेशा होती रही है, लेकिन काफी समय पहले हम लोगों ने एक शो के दौरान साथ में काम किया था। उस वक्त उन्होंने स्टेज पर मेरा लाइव परफॉर्मेंस देखा था। मास्टर जी के जेहन में मेरा वो परफॉर्मेंस और मेरा हुनर हमेशा रहा। एक दिन अचानक उनका कॉल आया और उन्होंने कहा…‘अक्षरा, एक बहुत बड़ा गाना है अक्षय कुमार के साथ और वे लोग इसे तुम्हारे साथ करने के लिए उत्सुक हैं। आपका पहला रिएक्शन क्या था? मेरा पहला रिएक्शन तो यही था- ‘अरे बाप रे!’ मेरे मन में तुरंत यह ख्याल आया कि बॉलीवुड की इतनी बड़ी फिल्म के मेकर्स और खुद अक्षय सर ने ऐसा कैसे सोचा? पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री में से उन्होंने सिर्फ और सिर्फ मुझे ही क्यों चुना? मैंने अपनी यह दुविधा तुरंत मास्टर जी के सामने रख दी। इस पर उन्होंने जो मुझसे कहा, उसने मेरा हौसला सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा…’अक्षरा, तुम्हें खुद अंदाजा नहीं है कि तुम क्या हो!’ बस फिर क्या था मैं तुरंत इस गाने के लिए तैयार हो गई। आपके इस गाने के फ्लेवर क्या है? यह कोई हिप-हॉप सॉन्ग नहीं है। यह फिल्म का इंट्रो सॉन्ग है, जो कहानी और किरदारों को दर्शकों से रूबरू कराएगा। यह पूरी तरह से एक कमर्शियल, कलरफुल और धमाकेदार सेटअप पर फिल्माया गया है। इसमें आपको बॉलीवुड का वो आइकॉनिक और एवरग्रीन ‘सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे’ वाला असली देसी फ्लेवर देखने को मिलेगा। बैकग्राउंड से लेकर डांस मूव्स तक, सब कुछ बेहद पेप्पी है। शूटिंग के दौरान ब्रेक्स में अक्षय कुमार के साथ आपकी क्या बातचीत हुईं? अक्षय कुमार सर के साथ काम करने का अनुभव मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकती। सेट पर जाने से पहले मेरे मन में थोड़ा डर था कि इतने बड़े सुपरस्टार हैं, पता नहीं कैसे बिहेव करेंगे? लेकिन जब उनसे मिली तो महसूस हुआ कि वे बेहद डाउन-टू-अर्थ इंसान हैं। उन्होंने मुझसे बहुत गर्मजोशी से मुलाकात की और कहा…‘अक्षरा, तुम कितनी सुंदर हो, कब से इंडस्ट्री में काम कर रही हो?’ यह सुनकर मैं बेहद खुश हुई। सिर्फ अक्षय सर ही नहीं, बल्कि सेट पर मौजूद हर किसी ने मेरे काम की तारीफ की। अक्षय सर ने कई बार मुझसे पूछा कि तुम्हें यह गाना कैसा लग रहा है? उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छा काम करती हूं और इतने सालों से भोजपुरी सिनेमा को संभाल रही हूं, यह काबिले तारीफ है। उनके जैसे बड़े स्टार से इतनी इज्जत और प्यार मिलना मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं है। इस गाने की शूटिंग में कितने दिनों का समय लगा? शॉकिंग है कि पूरे गाने की शूटिंग को सिर्फ और सिर्फ एक ही दिन में पूरा कर लिया गया। जी हां, पूरा काम एक दिन के शेड्यूल में ही सिमट गया था। हम लोग सुबह-सुबह ही सेट पर पहुंच गए थे। गणेश आचार्य जी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि उनकी टेकिंग और काम करने की रफ्तार बहुत तेज और अलग है। सुबह की शिफ्ट से शुरू करके रात के करीब 9:10 बजे तक हम लोगों ने पूरा गाना शूट कर लिया था। सेट पर गाने की शूटिंग के समय कोई दिलचस्प किस्सा हुआ? इस गाने की पहले शुरुआती लाइन्स थी- ‘हमार लागल बा दिलवा प्लेबॉय से…’। पहले इस लाइन के आगे ही राइमिंग बिठाने के लिए एक मशहूर साबुन ब्रांड का नाम इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन शूटिंग के आखिरी पलों में मेकर्स और मास्टर जी को लगा कि किसी ब्रांड का नाम सीधे इस्तेमाल करना शायद ठीक नहीं होगा, इसलिए लास्ट मिनट पर उसे चेंज कर दिया। हालांकि गाना सुनने में अब भी उतना ही मजेदार है। भोजपुरी और बॉलीवुड के काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस किया? एक एक्टर के तौर पर हम हर दिन, हर सेट पर कुछ न कुछ नया सीखते हैं। बॉलीवुड के इस सेट पर जो तकनीकी बारीकियां मैंने देखीं, वे मेरे लिए बेहद नया अनुभव थीं। भोजपुरी में हम पहले पूरा गाना या सीन शूट कर लेते हैं, फिर वह फुटेज एडिटिंग टेबल पर जाती है और लगभग 15-20 दिनों के बाद हमें अपना काम देखने को मिलता है। ‘वेलकम टू द जंगल’ के सेट पर तकनीक का एक अलग ही लेवल था। वहां ऑन-द-स्पॉट ‘शॉट चेक’ और एडिटिंग की सुविधा थी। मास्टर जी गाना शूट कर रहे थे और मॉनिटर पर शॉट तुरंत एडिट हो रहा था।

ईपीएस नेतृत्व में दरार के कारण पार्टी छोड़ने के बाद एआईएडीएमके का चौथा दलबदलू विजय की टीवीके में शामिल हो गया | भारत समाचार

US Secretary of State Marco Rubio stressed that Quad cooperation continues beyond formal meetings.

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 16:44 IST ऐसा सी वे षणमुगम के विद्रोही खेमे के तीन विधायकों द्वारा पार्टी छोड़कर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की टीवीके पार्टी में शामिल होने के बाद हुआ। अंबासमुद्रम विधायक एसाक्की सुबया (फेसबुक) अंबासमुद्रम के विधायक एसाक्की सुबया, जिन्होंने मंगलवार को अन्नाद्रमुक से अपना इस्तीफा दे दिया, औपचारिक रूप से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाले तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) में शामिल हो गए, दो दिनों में पार्टी में शामिल होने वाले चौथे बागी अन्नाद्रमुक विधायक बन गए। सुब्बैया विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंपने के लिए स्पीकर जेसीडी प्रभाकर से मिलने पहुंचे। वह उन 25 अन्नाद्रमुक विधायकों में से थे, जिन्होंने पहले पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था और 13 मई के विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार का समर्थन किया था, जिससे पार्टी के भीतर गहरी दरारें उजागर हुईं। इससे पहले सोमवार को शनमुगम के बागी खेमे के तीन विधायकों ने पार्टी छोड़कर विजय खेमे में शामिल हो गए थे। अन्नाद्रमुक विधायक के मारागथम, डी जयकुमार और वी सत्यबामा ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए। अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ईपीएस नेतृत्व में दरार के कारण पार्टी छोड़ने के बाद एआईएडीएमके का चौथा दलबदलू विजय की टीवीके में शामिल हो गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अंबासमुद्रम विधायक इसाक्की सुब्बैया(टी)एआईएडीएमके इस्तीफा(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके जोसेफ विजय(टी)विद्रोही एआईएडीएमके विधायक(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)विश्वास मत 13 मई(टी)सत्तारूढ़ टीवीके सरकार

ग्रीन कार्ड आवेदन से पहले मूल देश लौटना होगा‎:अमेरिकी सरकार की नई नीतियों से मुश्किल में हजारों इमिग्रेंट्स

ग्रीन कार्ड आवेदन से पहले मूल देश लौटना होगा‎:अमेरिकी सरकार की नई नीतियों से मुश्किल में हजारों इमिग्रेंट्स

अमेरिकी सरकार की नई नीति ने हजारों ‎इमिग्रेंट्स को मुश्किल में फंसा दिया है। हाल ही में ‎सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेस एजेंसी ने‎ कहा है कि ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले‎ लोगों को पहले अपने मूल देश लौटना पड़ेगा। अब‎ आवेदक और इमिग्रेशन वकील समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बदलाव से स्थायी निवास‎ की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। एजेंसी का कहना ‎है कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही‎ अमेरिका में पहले से रह रहे लोगों को परमानेंट‎ रेसीडेंस की मंजूरी दी जाएगी। अमेरिका में स्थायी‎ तौर पर बसने के इच्छुक किसी अन्य व्यक्ति को‎ अपने गृह देश में अमेरिकन कौन्सुलेट में आवेदन‎ करना पड़ेगा।‎ इमिग्रेशन वकील चार्ल्स कुक ने कहा कि ‎बदलाव उन लोगों के लिए खासतौर से चिंताजनक है, जिन्होंने अमेरिकी नागरिकों से शादी की है और‎ वे स्थायी निवास चाहते हैं। ऐसे इमिग्रेंट्स को ग्रीन‎कार्ड लेने से पहले अपने इमिग्रेशन दर्जे को तय करने की जरूरत रहती है और आमतौर पर वे‎ अमेरिका में रहते हुए ऐसे मामलों को निपटा लेते‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ हैं। कुक कहते हैं, यह इमिग्रेशन की गति धीमी‎ करने और इमिग्रेशन को इतना जटिल और‎ असुविधाजनक बनाने का प्रयास है कि आप‎ अपने देश लौट जाएं।‎ नेशनल इमिग्रेशन लॉ सेंटर में कानूनी रणनीति‎ के वाइस प्रेसिडेंट एफरेन ओलिवरेस का कहना है,‎ नई नीति का उद्देश्य ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को‎ अस्त-व्यस्त करना है। ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पूरी होने‎ तक अधिकतर आवेदकों को अपने परिवारों के‎ साथ अमेरिका में रहने की अनुमति है, लेकिन अब‎ देश में बने रहना अपवाद होगा। ओलिवरेस कहते‎ हैं, पहले कई बार डिपोर्ट किए जा चुके या गंभीर ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎आपराधिक इतिहास जैसी असाधारण परिस्थितियों‎ में किसी को अपने देश से आवेदन के लिए कहा‎ जाता था।‎ कार्रवाई के भय से नाम न छापने की शर्त पर‎ कुछ इमिग्रेंट्स ने कहा कि वे भ्रमित और चिंतित हैं ‎कि इस बदलाव का उनके या उनके पार्टनर के‎ आवेदनों के लिए क्या मतलब होगा। इमिग्रेंट्स की‎ मदद करने वाले एक गैर लाभकारी संगठन‎ इमिग्रेशन प्रैक्टिस के मैनेजिंग डायरेक्टर कार्ला‎ ओस्टोलेजा कहते हैं, इस परिवर्तन का असर तुरंत‎ तो नहीं लेकिन बहुत ज्यादा महसूस किया जाएगा।‎ 2024 में 14 लाख लोगों को ग्नीन ‎कार्ड मिला इमिग्रेशन वकीलों और उनके समर्थक संगठनों‎ का कहना है कि नए नियमों से ग्रीन कार्ड‎ आवेदन कम होंगे। 2024 में 14 लाख ग्रीन ‎कार्ड जारी किए गए थे। कार्ड पाने वाले आठ‎ लाख से अधिक लोग अमेरिका में पहले से हैं‎ और प्रक्रिया के तहत उनका इमिग्रेशन दर्जा ‎बदला गया है।‎

गुल्लक के पैसे भेजने वाले बच्चों से मिले राजपाल यादव:गिफ्ट लेने से मना किया; शाहजहांपुर में बोले- इनका प्यार मेरे लिए अनमोल

गुल्लक के पैसे भेजने वाले बच्चों से मिले राजपाल यादव:गिफ्ट लेने से मना किया; शाहजहांपुर में बोले- इनका प्यार मेरे लिए अनमोल

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने गुल्लक से रुपए निकालकर भेजने वाले शाहजहांपुर के बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान राजपाल यादव भावुक नजर आए। बच्चे भी बहुत खुश थे। राजपाल यादव ने बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाईं। उन बेंचों पर भी बैठे, जहां बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। बच्चों ने राजपाल को तोहफा दिया, तो वह कहने लगे कि हमें गिफ्ट नहीं चाहिए। हम आपके लिए गिफ्ट लेकर आएंगे। राजपाल ने अपने जेल में बिताए समय को भी याद किया। कहा- वह ऐसा समय था, जब इन बच्चों का ‘भाव’ देखने को मिला था। इस स्नेह की कीमत अमूल्य है। जल्द ही बच्चों के इस भाव को लौटाएंगे। बच्चों के साथ आधा घंटा रहे राजपाल यादव राजपाल यादव मंगलवार दोपहर साढ़े 3 बजे गुरुकुल सेवा ट्रस्ट कोचिंग पहुंचे। यहां करीब आधा घंटा रहे। गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के संचालक कुमार सागर ने उनका वेलकम किया। बच्चे भी अपने फेवरेट अभिनेता को देखकर खुशी से झूम उठे। ग्रीटिंग कार्ड और शोपीस गिफ्ट किया राजपाल ने बच्चों के साथ फोटो खिंचवाई। बच्चों ने उन्हें अपने हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड और शोपीस गिफ्ट किए। जिन्हें देखकर राजपाल ने बच्चों की खूब तारीफ की। उन्हें थैंक्यू बोला। कहा- हमें आपसे गिफ्ट नहीं चाहिए। अब हम आपसे लगातार मिलते रहेंगे और आपके लिए गिफ्ट लेकर आएंगे। करीब 4 बजे राजपाल सभी को बाय बोलते हुए वहां से निकल गए। बच्चों से उन्होंने फिर आने का वादा भी किया। राजपाल बोले- मेरा पूरा जीवन ही बच्चों का है राजपाल यादव ने कहा- बच्चों के प्रति मेरा लगाव हमेशा से खास रहा है। वो ऐसा समय था (जेल जाने के दौरान का), जब बच्चों का भाव मेरे पास आया था। मेरा पूरा जीवन ही बच्चों का है। मुझे बच्चे हमेशा से बहुत प्यारे रहे हैं। ये हमारे शाहजहांपुर के बच्चे हैं। इनका जो स्नेह मिला, उसकी कोई कीमत नहीं है। कोशिश करेंगे कि इस प्यार को कैसे लौटाएं, यह अभी बताना नहीं चाहेंगे, लेकिन ये बच्चे हमारे अपने हैं। बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ करना सौभाग्य उन्होंने बताया- इस कोचिंग में 60 बच्चे निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सभी आसपास के क्षेत्रों से आते हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। शिक्षा को लेकर मेरा पूरा जीवन मिशन की तरह रहा है। बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ कर पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। हर बच्चा मेरे दिल के करीब राजपाल यादव ने कहा- एक-एक बच्चा मेरे दिल के बेहद करीब है। शाहजहांपुर के कटिया टोला में मेरा पहला स्कूल सरदार पटेल स्कूल था। इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज और ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में हमने 2 साल तक अप्रेंटिसशिप की। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय से पत्राचार से बीए किया। शाहजहांपुर की एक-एक गली में मैं पैदल घूम चुका हूं। इन बच्चों के लिए मेरा पूरा जीवन कुर्बान है। उन्होंने शाहजहांपुर को शहीदों, शिक्षा और प्यार-मोहब्बत की नगरी बताते हुए कहा कि इस शहर से उनका विशेष जुड़ाव है। अब जानिए क्यों जेल गए थे राजपाल यादव ————————- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में तूफान, 7 जिलों में आंधी-बारिश, सैकड़ों पेड़-पोल उखड़े, घरों की टंकियां उड़ीं; 2 दिन बाद पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट यूपी में नौतपा में मौसम बदल गया है। सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी और लू से लोग बेहाल रहे। देर रात आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। लखनऊ में 90 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफान आया। बदायूं, अयोध्या, उन्नाव, बस्ती, गोंडा, संभल और सीतापुर में आंधी के साथ बारिश हुई। बस्ती-गोंडा में पेड़-पोल उखड़ गए। सीतापुर में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

आप हाल के 3 ऑनलाइन विज्ञापन याद कर सकते हैं? शायद नहीं। लेकिन दोस्तों के साथ देखा गया आखिरी कॉन्सर्ट या कॉमेडी शो जरूर याद होगा। यही फर्क भारत के मार्केटिंग की दुनिया को बदल रहा है। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर ~14,500 करोड़ तक पहुंच गया। अब यह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सबसे तेज बढ़ने वाली कैटेगरी है। यह एक बड़े बदलाव का सिर्फ एक उदाहरण है। बुकमाईशो में पार्टनरशिप और रेवेन्यू हेड समृद्धा तिब्रेवाला फॉर्च्यून इंडिया से कहती हैं कि यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में ढांचागत बदलाव है। अनिरुद्ध रविचंदर के शो मिनटों में हाउसफुल हो जाते हैं, जाकिर खान 40 से ज्यादा शहरों में हॉल भर रहे हैं और ‘हमारे राम’ जैसे नाटक 500 शोज का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ब्रांड्स इस बदलाव को भांप चुके हैं। पहले सफलता का पैमाना था कि कितनी आंखों ने लोगो देखा। अब सवाल यह है कि दर्शक ने कितनी गहराई से ब्रांड को महसूस किया। बुकमाईशो की ईवाई-पार्थेनन के साथ तैयार रिपोर्ट बताती है कि लाइव इवेंट में ऑन-ग्राउंड अनुभव लेने वाले 59% दर्शकों को वहां मौजूद ब्रांड्स याद रहे। 63% ने माना कि ब्रांड्स ने उनका अनुभव बेहतर बनाया और 81% को यह एकीकरण स्वाभाविक लगा। कुछ दिलचस्प उदाहरण भी हैं। मसलन, एयरबीएनबी ने सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ मुंबई के अनुभवों को क्यूरेट किया। रुपे ने टिकट बुकिंग से लेकर इवेंट तक के पूरे सफर में फैन की परेशानियां दूर कीं। लेनोवो ने लोलापालूजा में एआई-जनरेटेड पर्सनलाइज्ड पोस्टर बनाने का मौका दिया। यहां हर अनुभव अलग, हर याद निजी है। तिब्रेवाला कहती हैं कि जेन जी (15-30 साल के युवा और किशोर) ब्रांड्स से बात सुनना नहीं चाहती। यह पीढ़ी चाहती है कि ब्रांड उनकी दुनिया का हिस्सा बने। इसीलिए सफल ब्रांड अब ग्राहकों के एक्सपीरियंस पर फोकस कर रहे हैं। तिब्रेवाला के मुताबिक आगे का रास्ता और चौड़ा है। कॉमेडी, रीजनल म्यूजिक, इमर्सिव आर्ट एग्जीबिशन और टियर-2,3 शहर- सब नए मोर्चे हैं। एआई-जनरेटेड कंटेंट की बाढ़ में लाइव एंटरटेनमेंट वह इंसानी अनुभव है, जिसकी नकल कोई एल्गोरिदम नहीं कर सकता। हजारों लोगों का एक साथ एक गाना गुनगुनाना- ये पल न रिकॉर्ड होता है, न दोहराया जा सकता है। जैसा तिब्रेवाला कहती हैं, ‘यादें वापस नहीं होतीं’ और यही वह जगह है, जहां असली मार्केटिंग हो रही है।’ पहुंच नहीं, भागीदारी बना सफलता का नया पैमाना पारंपरिक मार्केटिंग में ‘रीच’ और ‘इम्प्रेशन’ सफलता के पैमाने थे। अब ये सिर्फ न्यूनतम अपेक्षा हैं। ब्रांड्स अब ‘एंगेजमेंट डेप्थ’, दर्शक की भावनात्मक भागीदारी, इवेंट के बाद की चर्चा और टिकाऊ ब्रांड अफिनिटी को मापना चाहते हैं। लाइव इवेंट में एक दर्शक जो सहज रूप से ब्रांड का प्रचार अपने समुदाय में करे, वह करोड़ों की डिजिटल रीच से कहीं अधिक मूल्यवान है।

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

आप हाल के 3 ऑनलाइन विज्ञापन याद कर सकते हैं? शायद नहीं। लेकिन दोस्तों के साथ देखा गया आखिरी कॉन्सर्ट या कॉमेडी शो जरूर याद होगा। यही फर्क भारत के मार्केटिंग की दुनिया को बदल रहा है। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर ~14,500 करोड़ तक पहुंच गया। अब यह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सबसे तेज बढ़ने वाली कैटेगरी है। यह एक बड़े बदलाव का सिर्फ एक उदाहरण है। बुकमाईशो में पार्टनरशिप और रेवेन्यू हेड समृद्धा तिब्रेवाला फॉर्च्यून इंडिया से कहती हैं कि यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में ढांचागत बदलाव है। अनिरुद्ध रविचंदर के शो मिनटों में हाउसफुल हो जाते हैं, जाकिर खान 40 से ज्यादा शहरों में हॉल भर रहे हैं और ‘हमारे राम’ जैसे नाटक 500 शोज का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ब्रांड्स इस बदलाव को भांप चुके हैं। पहले सफलता का पैमाना था कि कितनी आंखों ने लोगो देखा। अब सवाल यह है कि दर्शक ने कितनी गहराई से ब्रांड को महसूस किया। बुकमाईशो की ईवाई-पार्थेनन के साथ तैयार रिपोर्ट बताती है कि लाइव इवेंट में ऑन-ग्राउंड अनुभव लेने वाले 59% दर्शकों को वहां मौजूद ब्रांड्स याद रहे। 63% ने माना कि ब्रांड्स ने उनका अनुभव बेहतर बनाया और 81% को यह एकीकरण स्वाभाविक लगा। कुछ दिलचस्प उदाहरण भी हैं। मसलन, एयरबीएनबी ने सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ मुंबई के अनुभवों को क्यूरेट किया। रुपे ने टिकट बुकिंग से लेकर इवेंट तक के पूरे सफर में फैन की परेशानियां दूर कीं। लेनोवो ने लोलापालूजा में एआई-जनरेटेड पर्सनलाइज्ड पोस्टर बनाने का मौका दिया। यहां हर अनुभव अलग, हर याद निजी है। तिब्रेवाला कहती हैं कि जेन जी (15-30 साल के युवा और किशोर) ब्रांड्स से बात सुनना नहीं चाहती। यह पीढ़ी चाहती है कि ब्रांड उनकी दुनिया का हिस्सा बने। इसीलिए सफल ब्रांड अब ग्राहकों के एक्सपीरियंस पर फोकस कर रहे हैं। तिब्रेवाला के मुताबिक आगे का रास्ता और चौड़ा है। कॉमेडी, रीजनल म्यूजिक, इमर्सिव आर्ट एग्जीबिशन और टियर-2,3 शहर- सब नए मोर्चे हैं। एआई-जनरेटेड कंटेंट की बाढ़ में लाइव एंटरटेनमेंट वह इंसानी अनुभव है, जिसकी नकल कोई एल्गोरिदम नहीं कर सकता। हजारों लोगों का एक साथ एक गाना गुनगुनाना- ये पल न रिकॉर्ड होता है, न दोहराया जा सकता है। जैसा तिब्रेवाला कहती हैं, ‘यादें वापस नहीं होतीं’ और यही वह जगह है, जहां असली मार्केटिंग हो रही है।’ पहुंच नहीं, भागीदारी बना सफलता का नया पैमाना पारंपरिक मार्केटिंग में ‘रीच’ और ‘इम्प्रेशन’ सफलता के पैमाने थे। अब ये सिर्फ न्यूनतम अपेक्षा हैं। ब्रांड्स अब ‘एंगेजमेंट डेप्थ’, दर्शक की भावनात्मक भागीदारी, इवेंट के बाद की चर्चा और टिकाऊ ब्रांड अफिनिटी को मापना चाहते हैं। लाइव इवेंट में एक दर्शक जो सहज रूप से ब्रांड का प्रचार अपने समुदाय में करे, वह करोड़ों की डिजिटल रीच से कहीं अधिक मूल्यवान है।

कांतारा विवाद, रणवीर सिंह चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे:मिमिक्री केस में हाई कोर्ट के आदेश के बाद किए दर्शन; एक दिन पहले लगा था बैन

कांतारा विवाद, रणवीर सिंह चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे:मिमिक्री केस में हाई कोर्ट के आदेश के बाद किए दर्शन; एक दिन पहले लगा था बैन

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने मंगलवार सुबह मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यह कदम उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया है, जो उनके खिलाफ दर्ज ‘कांतारा’ फिल्म के दैवा सीन की मिमिक्री मामले में दिया गया था। कोर्ट ने अप्रैल में उन्हें चार हफ्ते के भीतर मंदिर जाकर दर्शन करने का आदेश दिया था। रणवीर सिंह का यह मंदिर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने फिल्म ‘डॉन 3’ को छोड़ने के कारण उनके खिलाफ असहयोग निर्देश जारी किया है। आम भक्त की तरह कतार में लगकर किए दर्शन रणवीर सिंह मंगलवार सुबह मैसूर पहुंचे। इससे पहले सुबह जल्दी उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता ने किसी वीआईपी सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया। वे एक आम श्रद्धालु की तरह कतार में खड़े हुए और देवी चामुंडेश्वरी के दर्शन किए। गर्भगृह के प्रवेश द्वार तक उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था, जिसे अंदर जाने से पहले हटा दिया। वे बिना किसी पूजा सामग्री के खाली हाथ पहुंचे थे और मंदिर में विशेष प्रार्थना की। गोवा के फिल्म फेस्टिवल से शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद पिछले साल 30 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह से शुरू हुआ था। इस समारोह में रणवीर सिंह ने फिल्म ‘कांतारा’ के प्रसिद्ध ‘दैवा’ सीन की मिमिक्री की थी, जिसमें फिल्म के डायरेक्टर और लीड एक्टर ऋषभ शेट्टी नजर आए थे। इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कन्नड़ समुदाय के एक बड़े हिस्से ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हाई कोर्ट ने दिया था मंदिर जाने का आदेश मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद रणवीर सिंह ने फरवरी 2026 में राहत के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया था। तब कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अप्रैल में रणवीर ने कोर्ट में एक संशोधित हलफनामा दायर कर बिना किसी शर्त के माफी मांगी थी। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सफाई देते हुए लिखा था कि उनका इरादा सिर्फ ऋषभ शेट्टी की बेहतरीन एक्टिंग की सराहना करना था और वे सभी संस्कृतियों का सम्मान करते हैं। इस पर कोर्ट ने मामले को बंद करने के संकेत देते हुए उन्हें मंदिर जाने का आदेश दिया था। ‘डॉन 3’ विवाद के ठीक अगले दिन पहुंचे मैसूर रणवीर का यह मंदिर दौरा उस वक्त हुआ है जब वे एक और बड़े विवाद में घिरे हैं। सोमवार को ही फिल्म फेडरेशन FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (असहयोग निर्देश) जारी किया है। उन पर आरोप है कि वे फिल्म ‘डॉन 3’ के प्रोजेक्ट से ऐन वक्त पर पीछे हट गए, जिससे डायरेक्टर फरहान अख्तर और मेकर्स को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस बड़े फैसले के अगले ही दिन रणवीर मैसूर के मंदिर में प्रार्थना करते नजर आए।

कांतारा विवाद, रणवीर सिंह चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे:मिमिक्री केस में हाई कोर्ट के आदेश के बाद किए दर्शन; एक दिन पहले लगा था बैन

कांतारा विवाद, रणवीर सिंह चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे:मिमिक्री केस में हाई कोर्ट के आदेश के बाद किए दर्शन; एक दिन पहले लगा था बैन

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने मंगलवार सुबह मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यह कदम उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया है, जो उनके खिलाफ दर्ज ‘कांतारा’ फिल्म के दैवा सीन की मिमिक्री केस में दिया गया था। कोर्ट ने अप्रैल में उन्हें चार हफ्ते के भीतर मंदिर जाकर दर्शन करने का आदेश दिया था। रणवीर सिंह का यह मंदिर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने फिल्म ‘डॉन 3’ को छोड़ने के कारण उनके खिलाफ असहयोग निर्देश जारी कर उन्हें बैन कर दिया था। आम भक्त की तरह कतार में लगकर किए दर्शन रणवीर सिंह मंगलवार सुबह मैसूर पहुंचे। इससे पहले सुबह जल्दी उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता ने किसी वीआईपी सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया। वे एक आम श्रद्धालु की तरह कतार में खड़े हुए और देवी चामुंडेश्वरी के दर्शन किए। गर्भगृह के प्रवेश द्वार तक उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था, जिसे अंदर जाने से पहले हटा दिया। वे बिना किसी पूजा सामग्री के खाली हाथ पहुंचे थे और मंदिर में विशेष प्रार्थना की। गोवा के फिल्म फेस्टिवल से शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद पिछले साल 30 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह से शुरू हुआ था। इस समारोह में रणवीर सिंह ने फिल्म ‘कांतारा’ के प्रसिद्ध ‘दैवा’ सीन की मिमिक्री की थी, जिसमें फिल्म के डायरेक्टर और लीड एक्टर ऋषभ शेट्टी नजर आए थे। इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कन्नड़ समुदाय के एक बड़े हिस्से ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हाई कोर्ट ने दिया था मंदिर जाने का आदेश मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद रणवीर सिंह ने फरवरी 2026 में राहत के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया था। तब कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अप्रैल में रणवीर ने कोर्ट में एक संशोधित हलफनामा दायर कर बिना किसी शर्त के माफी मांगी थी। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सफाई देते हुए लिखा था कि उनका इरादा सिर्फ ऋषभ शेट्टी की बेहतरीन एक्टिंग की सराहना करना था और वे सभी संस्कृतियों का सम्मान करते हैं। इस पर कोर्ट ने मामले को बंद करने के संकेत देते हुए उन्हें मंदिर जाने का आदेश दिया था। ‘डॉन 3’ विवाद के ठीक अगले दिन पहुंचे मैसूर रणवीर का यह मंदिर दौरा उस वक्त हुआ है जब वे एक और बड़े विवाद में घिरे हैं। सोमवार को ही फिल्म फेडरेशन FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (असहयोग निर्देश) जारी किया है। उन पर आरोप है कि वे फिल्म ‘डॉन 3’ के प्रोजेक्ट से ऐन वक्त पर पीछे हट गए, जिससे डायरेक्टर फरहान अख्तर और मेकर्स को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस बड़े फैसले के अगले ही दिन रणवीर मैसूर के मंदिर में प्रार्थना करते नजर आए।

दही खीरा सूप रेसिपी: बिना गैस जलाए मिनटों में तैयार करें ‘कुकुंबर गजपाचो’, चिलचिलाती धूप में बॉडी बरकरार एकदम बच्चा

तस्वीर का विवरण

सूप बनाने के लिए दो कलियां, ताजा दही, लहसुन की गोलियां, एक छोटा प्याज, आठ से दस पुदीने की सब्जियां, एक बड़ा मसाला जैतून का तेल, एक बड़ा नमक का रस, नमक, काली मिर्च का पाउडर और ठंडा पानी लें। छवि: एआई सबसे पहले दोनों खेडों को अच्छी तरह धोकर छीलने के लिए पर्याप्त की तैयारी शुरू हो गई है। इसके बाद लहसुन, प्याज और लहसुन को छोटे-छोटे नमूनों में काट लें ताकि पीसने में आसानी हो। छवि: एआई अब एक मिक्सी जार में कटे हुए केकड़े, ताजा दही, कटा हुआ प्याज, लहसुन और पुदीने की चीजें। इन सभी एनल को तब तक अच्छे से सलाह दी जाए जब तक कि एक खिलौना और बेकल पेस्ट न बन जाए। छवि: एआई अब इसमें जैतून का तेल, नींबू का रस, नमक और काली मिर्च का पाउडर अच्छी तरह मिलाया जाता है। नरम या पतला करने के लिए आप ज़रूरत के हिसाब से थोड़ा ठंडा पानी मिला सकते हैं। छवि: एआई बेहतरीन स्वाद के लिए आप एक घंटे के लिए फर्म में जाकर खूब ठंडा कर लें। इसके बाद इसे सर्विंग बाउल में डालें और ऊपर से पुदीने की नाशवान वशीभूत के पेय पदार्थों से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। छवि: एआई शरीर को एक विशेषज्ञ बताता है और पेट को अंदर से ठंडक देता है। प्रभाव पड़ने के कारण यह बहुत जल्दी पच जाता है। यह सुपर लो कैलोरी और अत्यंत संरचनात्मक है, जो वजन को बनाए रखने में भी मदद करता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)दही खीरा सूप रेसिपी(टी)ककड़ी गज़्पाचो हिंदी में(टी)गर्मी में ठंडा सूप रेसिपी(टी)गर्मी में हाइड्रेटेड कैसे रहें(टी)स्वस्थ दही रेसिपी(टी)त्वरित गर्मी का नाश्ता(टी)वजन घटाने के लिए ग्रीष्मकालीन सूप(टी)ताज़ा हिंदी भोजन समाचार

एआईएडीएमके को एक और झटका, चौथे विधायक ने छोड़ी छुट्टी, विजय पार्टी में शामिल

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अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कशगम (अन्नाद्रमुक) के विधायक असाकी सुबाया ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसी डी राजदूत से मुलाकात कर अपना त्याग पत्र पुनः दिया, जिससे पिछले दो दिनों में वह पार्टी के चौथे नेता बन गए हैं। अंबासमुद्रम के विधायक ने सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्याग पत्र जारी किया। राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी नहीं दी, इसलिए इसे मंजूरी नहीं दी गई। इसके बाद सुबाया ने टाइप किया हुआ लेटर तुरंत वापस ले लिया और कुछ ही मिनटों में हस्तलिखित लेटर पेश किया जिसे लैबोरेटरी ने स्वीकार कर लिया। सुबाया उन बागी बिश्नामे में शामिल हैं राजा राज्य के पूर्व संग्रहालय सी. वी षणमुगम और एस. पी. वेलुमणि का समर्थन किया गया था और 13 मई को विधानसभा में विश्वास मत परीक्षण के दौरान तमिलगा वेत्री कशगम (टीवीके) सरकार के पक्ष में मतदान किया गया था। अन्नाद्रमुक के नेता मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यभामा और एस. जयकुमार पद से इस्तीफा देने के कुछ ही देर बाद सोमवार शाम टीवीके में शामिल हो गये. पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की ‘सीटी’ के लिए इन सीटों पर टीवी के टिकट मिलने की संभावना है।