UAE बोला- अमेरिका अब ईरान पर हमला न करे:वरना लड़ाई महंगी पड़ेगी; पाकिस्तानी आर्मी चीफ जंग खत्म कराने की कोशिश में तेहरान गए

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई न करने की अपील की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने ट्रम्प से कहा है कि युद्ध की जगह कूटनीति को मौका दिया जाए। UAE ने ट्रम्प से बातचीत में कहा कि ईरान पर हमला कर अमेरिका अपने मकसदों को हासिल नहीं कर पाएगा। उल्टा उससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और आर्थिक संकट बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE का रुख पहले की तुलना में बदला हुआ दिख रहा है। इससे पहले UAE ईरान के खिलाफ ज्यादा सख्त रुख अपनाता रहा था। हालिया युद्ध के दौरान भारी नुकसान झेलने के बाद अब अबू धाबी खुलकर तनाव कम करने की बात कर रहा है। इससे पहले सऊदी अरब और कतर भी ट्रम्प से ऐसी अपील कर चुके हैं। हालांकि तीनों खाड़ी देशों के बीच इस बात पर मतभेद हैं कि अमेरिका को ईरान के साथ किस तरह का समझौता करना चाहिए और तेहरान पर कितना दबाव बनाना चाहिए। लेकिन सभी देश इस बात से सहमत हैं कि युद्ध दोबारा नहीं होना चाहिए। इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर शुक्रवार को तेहरान रवाना हो गए। ऐसे समय में यह दौरा हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना बढ़ती दिख रही है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. EU होर्मुज बंद कराने वालों पर प्रतिबंध लगाएगा: EU ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। ये प्रतिबंध उन ईरानी अधिकारियों और लोगों पर लगाए जा सकते हैं, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट बंद कराने के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। 2. होर्मुज खोलने के लिए फ्रांस का नया प्लान: फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय मिशन तैनात कर जहाजों की आवाजाही बहाल करना है। 3. UAE बोला- समझौते की संभावना 50-50: UAE के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगाश ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना अभी ‘50-50’ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिर से संघर्ष बढ़ता है तो इससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ेगी। 4. कतर की टीम ईरान पहुंची: रॉयटर्स के मुताबिक ईरान से जंग खत्म करने को लेकर बातचीत के लिए अमेरिकी की तरफ से कतर की एक टीम शुक्रवार को तेहरान पहुंची है। 5. होर्मुज से 35 जहाज गुजरे: ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना की निगरानी में पिछले 24 घंटों के दौरान 35 जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली:कहा- जिसे पसंद हो, वो बनाए, अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अधूरा प्यार और बिछड़ने का दर्द दिखेगा

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली:कहा- जिसे पसंद हो, वो बनाए, अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अधूरा प्यार और बिछड़ने का दर्द दिखेगा

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना
अंजुम शर्मा ने रणवीर सिंह की तारीफ:कहा- वो बहुत कमाल और सिक्योर एक्टर हैं; ‘धुरंधर’ में रहमान के रोल को भी सराहा

एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों वेब सीरीज ‘कप्तान’ में अपने किरदार ‘मुन्ना’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला के बाद अंजुम ने इस बार एक बिल्कुल अलग और मस्तमौला किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अंजुम शर्मा ने इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के संघर्ष, स्टार्स की इनसिक्योरिटी, ओटीटी के बदलते दौर पर बात की। सवाल: क्या ओटीटी ने बॉलीवुड और मेनस्ट्रीम सिनेमा की कहानी कहने का तरीका बदल दिया है? जवाब: बिल्कुल। ओटीटी मेनस्ट्रीम सिनेमा का ही एक्सटेंशन है। वही फिल्ममेकर आए, जिन्होंने फिल्मों का अनुभव लेकर ‘मिर्जापुर’, ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी सीरीज बनाई। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां लॉन्ग फॉर्मेट मिला, इसलिए कहानियों को ज्यादा गहराई और खुलकर दिखाया जा सका। सवाल: इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से कभी इनसिक्योरिटी या पॉलिटिक्स फेस करनी पड़ी? जवाब:कभी-कभी ऐसा भी होता है कि किसी फिल्म या किरदार में कास्टिंग का पूरा मामला कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है। मैं इसमें किसी को दोष नहीं देता। कई बार मेकर्स ये देखते हैं कि दो कलाकार स्क्रीन पर साथ कैसे दिखेंगे, चाहे सामने बड़ा स्टार हो या कोई और एक्टर। ऐसे में अगर किसी एक कलाकार की प्रेजेंस या परफॉर्मेंस ज्यादा डोमिनेटिंग लगती है, तो हो सकता है कि वो उस किरदार या कहानी के लिए सही फिट न हो। कई बार कहानी को ऐसे एक्टर की जरूरत होती है, जो दूसरे किरदार पर हावी न पड़े और स्क्रीन पर बैलेंस बना रहे। मेरे साथ भी शुरुआत में एक-दो बार ऐसा हुआ, लेकिन मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि जिन लोगों के साथ काम किया, उन्होंने हमेशा बहुत सुरक्षित और सहयोग वाला माहौल दिया। चाहे ‘मिर्जापुर’ में अली फजल हों, पंकज त्रिपाठी जी हों या विजय वर्मा। मैं उस वक्त काफी नया था, जबकि वो लोग काफी अनुभवी थे, लेकिन उन्हें देखकर मुझे लगा कि जितना सहज हो सकते हो, उतना सहज हो जाओ। क्योंकि सामने वाला कलाकार पूरी तरह सिक्योर होकर काम कर रहा है, आपको सपोर्ट कर रहा है और एप्रिशिएट भी कर रहा है। मुझे हमेशा ऐसा महसूस हुआ कि वो लोग आपको नीचे नहीं दिखाना चाहते, बल्कि अपने साथ लेकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। सवाल: लेकिन इंडस्ट्री में ऐसा भी सुनने को मिलता है कि अच्छे सीन्स काट दिए जाते हैं या अच्छे एक्टर्स को रिप्लेस कर दिया जाता है? जवाब: बहुत पहले की बात है। एक फिल्म में एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया गया था, जो पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे और इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे, लेकिन जिस लहजे और जिस जोन के किरदार के लिए उन्हें चुना गया था, उससे वो पूरी तरह वाकिफ नहीं थे। मुझे बिना ज्यादा कुछ बताए बुलाया गया और कहा गया कि उनकी आवाज डब करनी है। मैंने बिना यह पूछे कि क्यों, कैसे या कितने पैसे मिलेंगे, तुरंत हां कर दी। मैंने सोचा कि बुलाया है, तो जरूर कोई वजह होगी। मैंने डबिंग की और बाद में जब फिल्म रिलीज हुई, तो मैंने देखा कि फाइनल डबिंग काफी हद तक वैसी ही थी जैसी मैंने की थी। तब लगा कि शायद मेरी डबिंग को रेफरेंस की तरह इस्तेमाल किया गया होगा। ऐसे अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं। खासकर अगर आप इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यहां मौके खुद आपके पास नहीं आते, आपको खुद उन्हें बनाना पड़ता है। सवाल: धुरंधर 2 में ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: धुरंधर 2 देखकर मुझे बहुत समय बाद ऐसा लगा कि इतनी लंबी, करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म को मैं दोबारा देखना चाहूंगा। खासकर रणवीर सिंह का गांव वाला शुरुआती सीक्वेंस आपको पूरी तरह बांध लेता है। फिल्म में वो सारी चीजें हैं, जो अच्छे सिनेमा को यादगार बनाती हैं। सवाल: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसे मेकर्स के साथ काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। संदीप रेड्डी वांगा, विशाल भारद्वाज, आदित्य धर जैसे मेकर्स के साथ काम करने का बहुत मन है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी बहुत कुछ एक्सप्लोर होना बाकी है। सही डायरेक्टर और सही कहानी आपकी एनर्जी को सही दिशा देते हैं। सवाल: ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा, जिसे आप करना चाहते? जवाब: नहीं, मतलब यह तो मैं नहीं कह सकता कि मैं अलग फ्लेवर डाल सकता था। मुझे धुरंधर के पार्ट वन में रहमान डकैत एक ऐसा कैरेक्टर था, जिसको देख कर लगा कि मतलब बखूबी उन्होंने निभाया है। अक्षय खन्ना ने बहुत अच्छे से किया है। उनको देख कर आपको लगता है कि अरे, यह आप करते तो इसमें दो-चार चीजें आप और एड कर सकते थे। रणवीर सिंह ने तो कमाल किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि वो बहुत सिक्योर एक्टर हैं। वो कहानी और बाकी किरदारों के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं। सवाल: क्या आज इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा पीआर और सोशल मीडिया को अहमियत मिलती है? जवाब: देखिए, मैं ये नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री पूरी तरह ऐसी है, लेकिन हां, आज एक गैप जरूर आ गया है। एक तरफ आपका टैलेंट, क्राफ्ट और काम है और दूसरी तरफ ये बात कही जाती है कि आपकी पीआर बहुत स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, आपको खुद को मार्केट करना आना चाहिए। मेरा मानना है कि एक्टर या किसी भी क्रिएटिव इंसान का असली काम अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करना है। अगर आपने तमाम मुश्किलों के बावजूद अच्छा काम किया है, तो वही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। आपकी पहचान आपके टैलेंट, क्रेडिबिलिटी और क्राफ्ट के आधार पर बननी चाहिए।
अंजुम शर्मा ने रणवीर सिंह की तारीफ:कहा- वो बहुत कमाल और सिक्योर एक्टर हैं; ‘धुरंधर’ में रहमान के रोल को भी सराहा

एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों वेब सीरीज ‘कप्तान’ में अपने किरदार ‘मुन्ना’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला के बाद अंजुम ने इस बार एक बिल्कुल अलग और मस्तमौला किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अंजुम शर्मा ने इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के संघर्ष, स्टार्स की इनसिक्योरिटी, ओटीटी के बदलते दौर पर बात की। सवाल: क्या ओटीटी ने बॉलीवुड और मेनस्ट्रीम सिनेमा की कहानी कहने का तरीका बदल दिया है? जवाब: बिल्कुल। ओटीटी मेनस्ट्रीम सिनेमा का ही एक्सटेंशन है। वही फिल्ममेकर आए, जिन्होंने फिल्मों का अनुभव लेकर ‘मिर्जापुर’, ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी सीरीज बनाई। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां लॉन्ग फॉर्मेट मिला, इसलिए कहानियों को ज्यादा गहराई और खुलकर दिखाया जा सका। सवाल: इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से कभी इनसिक्योरिटी या पॉलिटिक्स फेस करनी पड़ी? जवाब:कभी-कभी ऐसा भी होता है कि किसी फिल्म या किरदार में कास्टिंग का पूरा मामला कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है। मैं इसमें किसी को दोष नहीं देता। कई बार मेकर्स ये देखते हैं कि दो कलाकार स्क्रीन पर साथ कैसे दिखेंगे, चाहे सामने बड़ा स्टार हो या कोई और एक्टर। ऐसे में अगर किसी एक कलाकार की प्रेजेंस या परफॉर्मेंस ज्यादा डोमिनेटिंग लगती है, तो हो सकता है कि वो उस किरदार या कहानी के लिए सही फिट न हो। कई बार कहानी को ऐसे एक्टर की जरूरत होती है, जो दूसरे किरदार पर हावी न पड़े और स्क्रीन पर बैलेंस बना रहे। मेरे साथ भी शुरुआत में एक-दो बार ऐसा हुआ, लेकिन मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि जिन लोगों के साथ काम किया, उन्होंने हमेशा बहुत सुरक्षित और सहयोग वाला माहौल दिया। चाहे ‘मिर्जापुर’ में अली फजल हों, पंकज त्रिपाठी जी हों या विजय वर्मा। मैं उस वक्त काफी नया था, जबकि वो लोग काफी अनुभवी थे, लेकिन उन्हें देखकर मुझे लगा कि जितना सहज हो सकते हो, उतना सहज हो जाओ। क्योंकि सामने वाला कलाकार पूरी तरह सिक्योर होकर काम कर रहा है, आपको सपोर्ट कर रहा है और एप्रिशिएट भी कर रहा है। मुझे हमेशा ऐसा महसूस हुआ कि वो लोग आपको नीचे नहीं दिखाना चाहते, बल्कि अपने साथ लेकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। सवाल: लेकिन इंडस्ट्री में ऐसा भी सुनने को मिलता है कि अच्छे सीन्स काट दिए जाते हैं या अच्छे एक्टर्स को रिप्लेस कर दिया जाता है? जवाब: बहुत पहले की बात है। एक फिल्म में एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया गया था, जो पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे और इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे, लेकिन जिस लहजे और जिस जोन के किरदार के लिए उन्हें चुना गया था, उससे वो पूरी तरह वाकिफ नहीं थे। मुझे बिना ज्यादा कुछ बताए बुलाया गया और कहा गया कि उनकी आवाज डब करनी है। मैंने बिना यह पूछे कि क्यों, कैसे या कितने पैसे मिलेंगे, तुरंत हां कर दी। मैंने सोचा कि बुलाया है, तो जरूर कोई वजह होगी। मैंने डबिंग की और बाद में जब फिल्म रिलीज हुई, तो मैंने देखा कि फाइनल डबिंग काफी हद तक वैसी ही थी जैसी मैंने की थी। तब लगा कि शायद मेरी डबिंग को रेफरेंस की तरह इस्तेमाल किया गया होगा। ऐसे अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं। खासकर अगर आप इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यहां मौके खुद आपके पास नहीं आते, आपको खुद उन्हें बनाना पड़ता है। सवाल: धुरंधर 2 में ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: धुरंधर 2 देखकर मुझे बहुत समय बाद ऐसा लगा कि इतनी लंबी, करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म को मैं दोबारा देखना चाहूंगा। खासकर रणवीर सिंह का गांव वाला शुरुआती सीक्वेंस आपको पूरी तरह बांध लेता है। फिल्म में वो सारी चीजें हैं, जो अच्छे सिनेमा को यादगार बनाती हैं। सवाल: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसे मेकर्स के साथ काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। संदीप रेड्डी वांगा, विशाल भारद्वाज, आदित्य धर जैसे मेकर्स के साथ काम करने का बहुत मन है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी बहुत कुछ एक्सप्लोर होना बाकी है। सही डायरेक्टर और सही कहानी आपकी एनर्जी को सही दिशा देते हैं। सवाल: ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा, जिसे आप करना चाहते? जवाब: नहीं, मतलब यह तो मैं नहीं कह सकता कि मैं अलग फ्लेवर डाल सकता था। मुझे धुरंधर के पार्ट वन में रहमान डकैत एक ऐसा कैरेक्टर था, जिसको देख कर लगा कि मतलब बखूबी उन्होंने निभाया है। अक्षय खन्ना ने बहुत अच्छे से किया है। उनको देख कर आपको लगता है कि अरे, यह आप करते तो इसमें दो-चार चीजें आप और एड कर सकते थे। रणवीर सिंह ने तो कमाल किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि वो बहुत सिक्योर एक्टर हैं। वो कहानी और बाकी किरदारों के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं। सवाल: क्या आज इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा पीआर और सोशल मीडिया को अहमियत मिलती है? जवाब: देखिए, मैं ये नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री पूरी तरह ऐसी है, लेकिन हां, आज एक गैप जरूर आ गया है। एक तरफ आपका टैलेंट, क्राफ्ट और काम है और दूसरी तरफ ये बात कही जाती है कि आपकी पीआर बहुत स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, आपको खुद को मार्केट करना आना चाहिए। मेरा मानना है कि एक्टर या किसी भी क्रिएटिव इंसान का असली काम अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करना है। अगर आपने तमाम मुश्किलों के बावजूद अच्छा काम किया है, तो वही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। आपकी पहचान आपके टैलेंट, क्रेडिबिलिटी और क्राफ्ट के आधार पर बननी चाहिए।
हैदराबाद ने एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए:कोहली की टी-20 में 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप, विराट-हेड ने हाथ नहीं मिलाया; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। मैच में कई मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. कोहली 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे कोहली ने हैदराबाद के खिलाफ 211वीं बार टी-20 में फिफ्टी पार्टनरशिप की। उन्होंने राजीव गांधी स्टेडियम में वेंकटेश अय्यर के साथ पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। वे टी-20 में सबसे ज्यादा बार फिफ्टी रन की साझेदारी का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 210 साझेदारी है। 2. एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने बेंगलुरु के खिलाफ 4 विकेट खोकर 255 रन बनाए, जो इस सीजन टीम का नौवां 200+ स्कोर है। इससे पहले ये रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार यह कारनामा किया था। 3. भुवनेश्वर सबसे ज्यादा बार 50+ रन देने वाले गेंदबाज बने भुवनेश्वर IPL में संयुक्त रुप से सबसे ज्यादा बार एक स्पेल (4 ओवर) में 50+ रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने मोहम्मद शमी बराबरी की, जिन्होंने 9 बार पचास से ज्यादा रन दिए हैं। भुवनेश्वर ने हैदराबाद के खिलाफ 51 रन दिए। इस लिस्ट में मोहम्मद सिराज 8 बार के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 4. क्लासन ने मिडिल ऑर्डर में एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए क्लासन ने IPL के एक सीजन में नंबर 4 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हुए 606 रन बनाए हैं। उन्होंने ऋषभ पंत को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 2018 में 579 रन बनाए थे। 5. हैदराबाद ने IPL में छठवीं बार 250+ का स्कोर बनाया हैदराबाद ने शुक्रवार को छठवीं बार 250 या उससे रन का स्कोर खड़ा किया। वह सबसे ज्यादा बार यह आंकड़ा पार करने वाली टीम है। इस लिस्ट में पंजाब और बेंगलुरु संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 3-3 बार यह कारनामा किया है। 6. अभिषेक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे भारतीय अभिषेक एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने बेंगलुरु के खिलाफ 5 सिक्स लगाए। अभिषेक ने इस सीजन 43 छक्के लगाते हुए खुद को पीछे छोड़ा। उन्होंने 2024 में 42 सिक्स लगाए थे। इस लिस्ट में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने इस सीजन 53 छक्के जड़े हैं। 7. नंबर-4 या नीचे बैटिंग करते हुए क्लासेन ने 6वीं फिफ्टी लगाई क्लासेन ने इस सीजन नंबर 4 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए छठवीं बार 50+ का स्कोर बनाया। उन्होंने बेंगलुरू के खिलाफ 51 रन बनाए। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा बार ऐसा करने वाले ऋषभ पंत और ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी की। पंत ने 2018 और मैक्सवेल ने 2021 में 6 फिफ्टी लगाई थी। 8. पहली 2 गेंद पर सिक्स लगाने वाले टीम के तीसरे बल्लेबाज नीतीश ने बेंगलुरु के खिलाफ अपनी पहली 2 गेंदों पर लगातार 2 छक्के लगाए। वे हैदराबाद के लिए पारी की पहली 2 गेंदों पर सिक्स लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले राशिद खान ने 2018 और पैट कमिंस ने 2025 में यह कारनामा किया था। 9. बेंगुलरु के 3 गेंदबाज ने 50+ रन दिए बेंगलुरु के 3 गेंदबाजों ने मैच में 50 या उससे ज्यादा रन दिए। एक मैच में सबसे ज्यादा 50+ रन देने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में नंबर एक पर बेंगलुरु ही है। 2024 में बेंगलुरु के 4 गेंदबाजों ने एक मैच में फिफ्टी का आंकड़ा छुआ था। दिल्ली (2024) और राजस्थान (2024) के 3 गेंदबाजों ने पचास से ज्यादा रन दिए। सभी मौकों पर विरोधी टीम हैदराबाद थी। 10. ईशान ने बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चौथी फिफ्टी लगाई ईशान किशन ने बेंगलुरु के खिलाफ 2024 से 2026 तक लगातार चौथी फिफ्टी लगाई। उन्होंने शुक्रवार को 79 रन की पारी खेली। वे बेंगलुरु के खिलाफ यह कारनामा करने वाले न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच लगातार 7 फिफ्टी लगाई। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. अभिषेक शर्मा ने सिक्स लगाकर खाता खोला बेंगलुरु के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने सिक्स लगाकर अपना खाता खोला। उन्होंने मैच के पहले ओवर में भुवनेश्वर की पांचवी गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ दिया। यह पारी का उनका पहला रन था। 2. वेंकटेश ने अभिषेक का कैच छोड़ा हैदराबाद की पारी के छठवें ओवर में वेंकटेश अय्यर ने अभिषेक का कैच छोड़ दिया। ओवर की चौथी गेेंद रसिख सलाम डार ने शॉर्ट-लेंथ डाली। अभिषेक ने उसपर फ्लैट पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप स्क्वायर लेग पर पर खड़े वेंकटेश की ओर गई। उन्होंने दाईं ओर भागते हुए कैच लपकने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गया। 3. कोहली-हेड के बीच नोंकझोंक, मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच किसी बात को लेकर नोंक-झोंक हुई। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए।
हैदराबाद ने एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए:कोहली की टी-20 में 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप, विराट-हेड ने हाथ नहीं मिलाया; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। मैच में कई मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. कोहली 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे कोहली ने हैदराबाद के खिलाफ 211वीं बार टी-20 में फिफ्टी पार्टनरशिप की। उन्होंने राजीव गांधी स्टेडियम में वेंकटेश अय्यर के साथ पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। वे टी-20 में सबसे ज्यादा बार फिफ्टी रन की साझेदारी का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 210 साझेदारी है। 2. एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने बेंगलुरु के खिलाफ 4 विकेट खोकर 255 रन बनाए, जो इस सीजन टीम का नौवां 200+ स्कोर है। इससे पहले ये रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार यह कारनामा किया था। 3. भुवनेश्वर सबसे ज्यादा बार 50+ रन देने वाले गेंदबाज बने भुवनेश्वर IPL में संयुक्त रुप से सबसे ज्यादा बार एक स्पेल (4 ओवर) में 50+ रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने मोहम्मद शमी बराबरी की, जिन्होंने 9 बार पचास से ज्यादा रन दिए हैं। भुवनेश्वर ने हैदराबाद के खिलाफ 51 रन दिए। इस लिस्ट में मोहम्मद सिराज 8 बार के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 4. क्लासन ने मिडिल ऑर्डर में एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए क्लासन ने IPL के एक सीजन में नंबर 4 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हुए 606 रन बनाए हैं। उन्होंने ऋषभ पंत को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 2018 में 579 रन बनाए थे। 5. हैदराबाद ने IPL में छठवीं बार 250+ का स्कोर बनाया हैदराबाद ने शुक्रवार को छठवीं बार 250 या उससे रन का स्कोर खड़ा किया। वह सबसे ज्यादा बार यह आंकड़ा पार करने वाली टीम है। इस लिस्ट में पंजाब और बेंगलुरु संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 3-3 बार यह कारनामा किया है। 6. अभिषेक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे भारतीय अभिषेक एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने बेंगलुरु के खिलाफ 5 सिक्स लगाए। अभिषेक ने इस सीजन 43 छक्के लगाते हुए खुद को पीछे छोड़ा। उन्होंने 2024 में 42 सिक्स लगाए थे। इस लिस्ट में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने इस सीजन 53 छक्के जड़े हैं। 7. नंबर-4 या नीचे बैटिंग करते हुए क्लासेन ने 6वीं फिफ्टी लगाई क्लासेन ने इस सीजन नंबर 4 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए छठवीं बार 50+ का स्कोर बनाया। उन्होंने बेंगलुरू के खिलाफ 51 रन बनाए। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा बार ऐसा करने वाले ऋषभ पंत और ग्लेन मैक्सवेल की बराबरी की। पंत ने 2018 और मैक्सवेल ने 2021 में 6 फिफ्टी लगाई थी। 8. पहली 2 गेंद पर सिक्स लगाने वाले टीम के तीसरे बल्लेबाज नीतीश ने बेंगलुरु के खिलाफ अपनी पहली 2 गेंदों पर लगातार 2 छक्के लगाए। वे हैदराबाद के लिए पारी की पहली 2 गेंदों पर सिक्स लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले राशिद खान ने 2018 और पैट कमिंस ने 2025 में यह कारनामा किया था। 9. बेंगुलरु के 3 गेंदबाज ने 50+ रन दिए बेंगलुरु के 3 गेंदबाजों ने मैच में 50 या उससे ज्यादा रन दिए। एक मैच में सबसे ज्यादा 50+ रन देने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में नंबर एक पर बेंगलुरु ही है। 2024 में बेंगलुरु के 4 गेंदबाजों ने एक मैच में फिफ्टी का आंकड़ा छुआ था। दिल्ली (2024) और राजस्थान (2024) के 3 गेंदबाजों ने पचास से ज्यादा रन दिए। सभी मौकों पर विरोधी टीम हैदराबाद थी। 10. ईशान ने बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चौथी फिफ्टी लगाई ईशान किशन ने बेंगलुरु के खिलाफ 2024 से 2026 तक लगातार चौथी फिफ्टी लगाई। उन्होंने शुक्रवार को 79 रन की पारी खेली। वे बेंगलुरु के खिलाफ यह कारनामा करने वाले न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच लगातार 7 फिफ्टी लगाई। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. अभिषेक शर्मा ने सिक्स लगाकर खाता खोला बेंगलुरु के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने सिक्स लगाकर अपना खाता खोला। उन्होंने मैच के पहले ओवर में भुवनेश्वर की पांचवी गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ दिया। यह पारी का उनका पहला रन था। 2. वेंकटेश ने अभिषेक का कैच छोड़ा हैदराबाद की पारी के छठवें ओवर में वेंकटेश अय्यर ने अभिषेक का कैच छोड़ दिया। ओवर की चौथी गेेंद रसिख सलाम डार ने शॉर्ट-लेंथ डाली। अभिषेक ने उसपर फ्लैट पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद डीप स्क्वायर लेग पर पर खड़े वेंकटेश की ओर गई। उन्होंने दाईं ओर भागते हुए कैच लपकने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गया। 3. कोहली-हेड के बीच नोंकझोंक, मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच किसी बात को लेकर नोंक-झोंक हुई। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए।
प्रोसेस्ड फ़ूड: रोज़ खा रहे हैं खटाई वाली खाने की चीज़ें? जान लें इसके नुकसान, स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े लाभ हाथ में हो सकते हैं

22 मई 2026 को 23:55 IST पर अद्यतन किया गया पैकेट फूड के साइड इफेक्ट्स: सच में हम बार-बार अपनी भूख हड़ताल के लिए ‘पैकेट वाली खाने की आदत’ का सहारा लेते हैं। चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट फैक्टर्स, रेडी-टू-ईट माइल्स और कोल्ड ड्रिंक्स हमारी रोजमर्रा की आदतें शामिल हैं। लेकिन रोजाना खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
अमेरिका में खुफिया विभाग चीफ तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दिया:पति हड्डी के कैंसर से जूझ रहे, कहा- मुश्किल वक्त में साथ रहना चाहती हूं

अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, उन्होंने यह फैसला अपने पति की गंभीर बीमारी के कारण लिया है। बताया गया है कि उनके पति एक बेहद दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और गैबार्ड इस मुश्किल समय में उनके साथ रहना चाहती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी। ऑफिस ऑफ डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) में उनका आखिरी दिन 30 जून होने की उम्मीद है। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा कि राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। गबार्ड बोलीं- पति सबसे मजबूत सहारा गबार्ड ने अपने 11 साल के वैवाहिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि अब्राहम (पति) हमेशा उनके सबसे मजबूत सहारे रहे हैं। उन्होंने लिखा, “पूर्वी अफ्रीका में मेरी तैनाती हो, कोई राजनीतिक अभियान हो या फिर इस पद पर मेरी सेवा। हर मुश्किल समय में वे मजबूती से मेरे साथ खड़े रहे।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी ताकत और प्यार ने मुझे हर चुनौती से लड़ने की शक्ति दी है। ऐसे में मैं उनसे यह उम्मीद नहीं कर सकती कि वह इस कठिन लड़ाई का अकेले सामना करें जबकि मैं इतने व्यस्त और जिम्मेदारी वाले पद पर बनी रहूं।” गबार्ड ने यह भी कहा कि उन्होंने ऑफिस ऑफ डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) में काम करते हुए खुफिया तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उसकी विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में अहम प्रगति की है। हालांकि उन्होंने माना कि अभी भी कई महत्वपूर्ण काम बाकी हैं। तुलसी गबार्ड के 5 बड़े काम
मसाला स्वीट कॉर्न रेसिपी: तला-भुना नहीं, घर में ऐसे बनाएं 20 रुपये की चटनी से मेकर स्वीट कॉर्न,बनाना भी है आसान

सामग्री: 1 छोटी चम्मच, 1 छोटी चम्मच काली मिर्च, 1/2 छोटी चम्मच काली मिर्च, 1/2 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1/2 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी चम्मच काली मिर्च का रस, 1/2 छोटी चम्मच हरी धनिया छवि: फ्रीपिक सबसे पहले छल्ली से मकई के दाने निकाले। अब एक पोएट्री में पानी गर्म करें और कॉर्नस्टैंड 5 से 7 मिनट तक का हिस्सा लें। जब कॉर्न नैचुरल हो जाए, तो पानी गुडकर क्वे एक बाउल में निकाल लें। छवि: एआई अब इसमें शामिल करें ताकि मक्के का स्वाद और भी बढ़ जाए। अब जमे हुए मक्के में काला नमक, चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च के मसाले से मिश्रण करें। छवि: फ्रीपिक इसके ऊपर नींबू का रस और हरा धनिया मिला दिया गया। आपका चटपटा मसाला स्वीट कॉर्न तैयार है। अगर आपको ज्यादातर मसालों का स्वाद पसंद है, तो इसमें रंगीन कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं। छवि: एआई चीज पसंद करने वाले लोग ऊपर से छोटी कद्दूकस की हुई चीज मशीनरी इसे और भी टेस्टी बना सकते हैं। मीठे मकई में विटामिन और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। छवि: एआई यह पेट लंबे समय तक भरा रहता है और जल्दी भूख भी नहीं लगती। बाजार के स्वाद-भुने समुद्र तट की जगह अगर आप घर का बना मसाला मीठा मक्का खाएंगे, तो स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहेगी। छवि: फ्रीपिक सिर्फ 20 रुपये प्रति किलो से आप घर के बाजार में पिज्जा जैसे स्वीट कॉर्न तैयार कर सकते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, इसका स्वाद हर किसी को पसंद आता है। छवि: फ्रीपिक (टैग अनुवाद करने के लिए)मसालेदार स्वीट कॉर्न रेसिपी(टी)मसाला स्वीट कॉर्न(टी)मसाला स्वीट कॉर्न रेसिपी(टी)स्नैक रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ता(टी)स्वस्थ आहार(टी)स्वीट कॉर्न रेसिपी(टी)मसालेदार स्वीट कॉर्न(टी)स्वीट कॉर्न स्नैक रेसिपी घर पर







