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14 साल के श्रेय ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीती:90 सेकेंड में 32 शब्द सी लिखे, लगातार पांचवीं बार भारतीय मूल का छात्र विजेता बना

14 साल के श्रेय ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीती:90 सेकेंड में 32 शब्द सी लिखे, लगातार पांचवीं बार भारतीय मूल का छात्र विजेता बना

अमेरिका की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रतियोगिता ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी’ का खिताब 14 साल के भारतीय-अमेरिकी छात्र श्रेय पारिख ने जीत लिया है। कैलिफोर्निया के श्रेय पारिख ने न्यू जर्सी के 12 साल ईशान गुप्ता को हराकर यह खिताब जीता। कैलिफोर्निया के रैंचो कुकामोंगा निवासी श्रेय पारिख आठवीं कक्षा के छात्र हैं। स्पेलिंग बी के नियमों के अनुसार यह उनका आखिरी साल था, क्योंकि आठवीं कक्षा के बाद प्रतियोगी हिस्सा नहीं ले सकते। जीत के साथ उन्हें 50 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि और प्रतिष्ठित स्क्रिप्स कप मिला। यह लगातार पांचवीं बार है जब किसी भारतीय मूल के छात्र ने स्पेलिंग बी का खिताब जीता है। 9वें राउंड तक नहीं मिला कोई विजेता इस बार मुकाबला इतना कड़ा था कि 9 राउंड के बाद भी विजेता तय नहीं हो सका। श्रेय ने Philepitta (फिलेपिट्टा) और ईशान ने Ertebolle (एर्टेबोले) शब्द सही लिखे, जिसके बाद निर्णायकों ने स्पेल-ऑफ कराया। स्पेल-ऑफ में 90 सेकंड के भीतर ज्यादा से ज्यादा शब्दों की सही स्पेलिंग बतानी होती है। श्रेय ने 35 में से 32 शब्द सही बताए और नया रिकॉर्ड बना दिया। ईशान ने 25 शब्द सही लिखे। एक विजेता तय करने के लिए 2021 में स्पेल-ऑफ नियम शुरू किया गया था। इसमें एक प्रतियोगी मंच पर स्पेलिंग बताता है, जबकि दूसरा अलग कमरे में हेडफोन लगाकर बैठता है। बाद में दोनों से वही शब्द उसी क्रम में पूछे जाते हैं। ‘नेशनल स्पेलिंग बी’ की शुरुआत 1925 में वॉशिंगटन डीसी में हुई थी। पहली प्रतियोगिता में सिर्फ 9 बच्चों ने हिस्सा लिया था। 11 साल के फ्रैंक न्यूहॉसर पहले विजेता बने थे और उन्हें 500 डॉलर के सोने के सिक्के पुरस्कार में मिले थे। स्पेलिंग बी भारतीय मूल के बच्चों का दबदबा बालू नटराजन स्पेलिंग बी जीतने वाले पहले भारतवंशी बालू नटराजन नाम के पहले भारतवंशी छात्र ने 1985 में इस खिताब को जीता था। इसके बाद रागेश्री रामचंद्रन ने 1988 में जीत हासिल की। 1999 में नुपूर लाला के जीतने के बाद से सिर्फ पांच बार ऐसा हुआ जब भारतीय मूल के छात्र यह ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। साल 2008 में समीर मिश्रा की जीत के साथ भारतीय-अमेरिकियों का लगातार 12 साल तक इस प्रतियोगिता में वर्चस्व कायम करने का सिलसिला शुरू हुआ था। यह सिलसिला साल 2021 में टूटा जब पहली अफ्रीकी अमेरिकी प्रतिभागी जैला अवंत-गार्डे ने यह प्रतियोगिता जीती। इसके अगले साल 2022 में, हरिनी लोगन ने प्रतियोगिता जीती, जिससे भारतीय-अमेरिकियों द्वारा स्पेलिंग बी जीतने का एक और चरण शुरू हुआ।

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