अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

मियामी में 50 करोड़ रुपए का वॉटरफ्रंट अपार्टमेंट हो, न्यूयॉर्क में पेंटहाउस हो या नैशविले में इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी। अमेरिका के इन टॉप-एंड रियल एस्टेट बाजार में अब एक नया चेहरा दिख रहा है। और यह चेहरा युवा महिलाओं का है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के मुताबिक अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स की हिस्सेदारी 21% है, जबकि सिंगल पुरुष खरीदार महज 9% ही हैं। इतना ही नहीं, सिंगल महिला होमबायर्स में 29 वर्ष की युवतियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 35% पहुंच गई है। 2 करोड़ से ज्यादा सिंगल महिलाएं अमेरिका में घर की मालकिन हैं। पुरुषों के मामले में यह संख्या 1.4 करोड़ है। जहां बात 40 करोड़ से ऊपर की प्रॉपर्टी की हो, वहां तस्वीर और भी दिलचस्प है। कोल्डवेल बैंकर की रिपोर्ट कहती है कि 50 लाख डॉलर (करीब ~ 48 करोड़) नेटवर्थ वाली महिलाएं 15% लग्जरी घरों की मालकिन हैं। सिर्फ घर नहीं, पूरे ‘लाइफस्टाइल इकोसिस्टम’ पर बढ़ा फोकस मैनहट्टन में प्राइवेट इक्विटी बैकग्राउंड की जेन शी ने अपनी बिल्डिंग पांच बार विजिट करने के बाद खरीदारी का फैसला किया और वह भी फिनिशिंग देखने नहीं, बल्कि यह जांचने कि रोज की जिंदगी कैसे चलती है। महिलाएं उस ‘इनविजिबल वैल्यू’ को ज्यादा समझती हैं जो अच्छे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर से आती है। मियामी के फोर सीजन्स प्राइवेट रेसिडेंस (कीमत 50 करोड़ से शुरू) में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर क्रिस्टीन मार्टिनेज डे कास्त्रो कहती हैं, ‘अगर वाइफ को फोर सीजन्स पसंद आ गया, तो बस। फिर कोई बातचीत नहीं होती। ’नंबरों में देखिए महिलाओं की बढ़ती ताकत कैटेगरी – आंकड़ा अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स – 21% सिंगल पुरुष होमबायर्स – 9% घर की मालकिन सिंगल महिलाएं – 2 करोड़+ घर के मालिक सिंगल पुरुष – 1.4 करोड़ 42 करोड़+नेटवर्थ महिलाओं का लग्जरी होम शेयर – 15% अमीर महिला खरीदार क्या चाहती हैं ? फुल-सर्विस बिल्डिंग – बटलर, कंसियर्ज, हाउसकीपिंग वेलनेस अमेनिटी – स्पा, पूल, योगा सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर – कम्युनिटी स्पेस, एंटरटेनिंग एरिया लॉन्ग-टर्म वैल्यू – जेनरेशनल वेल्थ की सोच प्राइवेसी, सिक्योरिटी – 24/7 सुरक्षा, मैनेज्ड इकोसिस्टम
पेट्रोल-डीजल पर VAT घटा सकते हैं राज्य:तेलंगाना में सबसे ज्यादा लगता है टैक्स, ₹10 तक एक्साइज ड्यूटी घटा चुका केंद्र

केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) कम करने की अपील कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा शासित 22 राज्यों में वैट में कटौती की पूरी संभावना है। डीजल की कीमतों को नियंत्रित करना प्राथमिकता है, क्योंकि इसका सीधा असर परिवहन, खेती और उद्योग जगत पर पड़ता है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की बढ़ रही हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.9% बढ़कर $104.52 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। ऐसे में बढ़ती महंगाई से लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। हालांकि, इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.90 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। सचिवों के समूह ने की ईरान युद्ध के असर पर चर्चा ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर हाल ही में सचिवों के एक अधिकार प्राप्त ग्रुप की बैठक हुई। इस बैठक में चर्चा की गई कि महंगे कच्चे तेल के बोझ को कम करने के लिए वैट में कटौती जरूरी है। केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर घटाकर शून्य कर दी थी, जबकि पेट्रोल पर ₹3 की कटौती की गई थी। अब केंद्र चाहता है कि राज्य भी अपनी ओर से टैक्स कम करें। डीजल पर फोकस, क्योंकि इसका सीधा असर महंगाई पर अधिकारियों के मुताबिक, भाजपा शासित राज्य सबसे पहले डीजल पर टैक्स कम करने पर विचार कर सकते हैं। भारत में हर साल करीब 9.47 करोड़ टन डीजल की खपत होती है, जो किसी भी अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से कहीं ज्यादा है। पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादातर निजी वाहनों के लिए होता है, लेकिन डीजल का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट, खेती और इंडस्ट्री में होता है। अगर डीजल सस्ता होता है तो माल ढुलाई सस्ती होगी, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम गिरेंगे। अप्रैल में थोक महंगाई दर 42 महीने के उच्च स्तर 8.3% पर पहुंच गई थी। 2022 का फॉर्मूला फिर दोहराने की तैयारी अगर भाजपा शासित राज्य वैट कम करते हैं, तो यह साल 2022 की स्थिति जैसा होगा। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। तब भी केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाई थी और राज्यों से वैट कम करने को कहा था। वर्तमान में भाजपा और उसके सहयोगी दल देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में हैं। भारत में अलग-अलग राज्यों में वैट की दरें 1 से 27% तक लगता हैं। इसमें कटौती होने से तेल की कीमतों में बड़ा अंतर आ सकता है। एक्सपर्ट बोले- जनता के जीवन स्तर को बचाना जरूरी प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, “ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतें 50% से ज्यादा बढ़ी हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ 4% के करीब बढ़े हैं। केंद्र ₹10 की एक्साइज ड्यूटी घटा चुका है, अब राज्यों की बारी है। हमें साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि आम नागरिक के जीवन स्तर पर कोई बुरा असर न पड़े। राज्यों को अपने खजाने पर ज्यादा असर डाले बिना यह कदम उठाना चाहिए।” राज्यों की कमाई और तेल कंपनियों का घाटा विपक्ष का पलटवार: ‘कीमतें बढ़ाने की जमीन तैयार हो रही’ दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता रंजीत रंजन ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्यों से वैट घटाने के लिए कहना इस बात का संकेत है कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी की जमीन तैयार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर अपना खजाना भरा और जनता को लाभ नहीं दिया।
'आईपीएल में बिहार की भी अपनी टीम होनी चाहिए':वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने उठाई मांग, CM सम्राट बोले- निश्चित ही सकारात्मक निर्णय लेंगे

आईपीएल 2026 में बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे वह पटना की ईशान किशन हो, समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी या फिर गोपालगंज के साकिब हुसैन। सभी अपने शानदार परफॉर्मेंस से चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार के अपनी खुद की टीम बनाने की मांग की है। बिहार के अनिल अग्रवाल ने कहा कि, ‘अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए- अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, ‘क्या आपको नहीं लगता चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए? बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI डबल सेंचुरी लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।’ बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी- अनिल अग्रवाल बिहार की अपनी आईपीएल क्रिकेट टीम नहीं होने को लेकर अफसोस जाहिर करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा, ‘एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही, जिसके हम हकदार हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट बिहार में ही मिलना चाहिए।’ अनिल अग्रवाल ने विश्वास जताते हुए कहा कि, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।’ हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे – अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूं। बिहार की क्रिकेट टीम और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से कंडीशनल सपोर्ट दूंगा। बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक इमोशन है। और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ सीएम सम्राट ने क्रिकेट टीम को लेकर दिया भरोसा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडियो एक्स पर पोस्ट कर सीएम सम्राट ने लिखा, ‘आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूं। बिहार के क्रिकेट “इमोशन” के लिए सरकार स्पष्ट “विजन” के साथ “मिशन” मोड में कार्यरत है। आपके सहयोग से निश्चित ही बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।’
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…
रेसलर विनेश फोगाट मामले में हाईकोर्ट से WFI को फटकार:कहा- मशहूर खिलाड़ियों को छूट मिलती रही है, विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों?

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट का आकलन करने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को “बदले की भावना” से काम नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से बताया गया कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से कहा कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर विनेश की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह ट्रायल में हिस्सा ले सकें। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की गई है। यहां पढ़िए विनेश के वकील ने क्या दीं दलीलें…. दिल्ली हाईकोर्ट हरियाणा की रेसलर विधायक विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को सिंगल बैंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद इस वर्ष के एशियाई खेलों के लिए 30-31 मई को होने वाले सिलेक्शन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी के मुद्दे पर उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया था। विनेश फोगाट के सीनियर वकील ने पीठ से उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि 9 मई को, गोंडा में एक घरेलू कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से एक दिन पहले, उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस दर्शाता है कि कोई उन्हें पद से हटाने के लिए बेबुनियाद कोशिश कर रहा है। हाईकोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए दावा किया कि पेरिस ओलंपिक में फोगाट की अयोग्यता राष्ट्रीय शर्म थी और सवाल उठाया कि यह क्यों नहीं माना जाना चाहिए कि डब्ल्यूएफआई ने उसके लिए चयन मानदंड बदल दिए थे। विनेश के वकील ने ये उठाए सवाल 3 पॉइंट्स में जानिए विवाद क्या… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। विनेश ने पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण पर फिर आरोप लगाए थे इसके बाद विनेश फोगाट ने 3 मई को WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा था- यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर कॉम्पिटीशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा। कहा था- मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक हैं। बृजभूषण भाजपा के पूर्व सांसद हैं। वर्तमान में उनका एक बेटा यूपी से सांसद और एक विधायक है। विनेश ने वीडियो जारी ये बातें कहीं थीं… पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी ताजा विवाद के बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था- आप सब को नमस्कार। जैसा कि सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रही हूं। बड़ी ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं। देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीने पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो यूपी का गोंडा जिला है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ी नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। केस कोर्ट में पेंडिंग
गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर रहेंगे कूल-कूल

X गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव महुआ की राब: महुआ से बनने वाली कई चीज है, जिससे कई पोषक तत्वों से भरपूर चीजें बनाई जाती है. इन्हीं में से एक राब. जी हां महुआ की राब, जो ताकत का खजाना, पोषण का केंद्र और औषधीय गुणों से भरपूर है. बालाघाट में महुआ के फूलों से तैयार की जाती है. महुए की राब एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो महुआ के ताजे फूल या सूखे फूलों के रस को निकालकर पकाया जाता है. इससे शरीर को ऊर्जा के साथ ठंडक भी मिलती है. वहीं, स्वाद काफी अच्छा होता है. बुजुर्ग बताते है कि इसमें प्राकृतिक मिठास होती है. ऐसे में इसका सेवन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए. महुए की राब में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और औषधीय तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देती है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में गर्मी और थकान से बचने के लिए पिया जाता है. ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ग्रामीण अंचलों में प्रसव के बाद मां को शक्ति देने के लिए हर दिन एक चम्मच पिलाया जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।
आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।
अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

हर माता-पिता और छात्र का सपना होता है- परीक्षा में अच्छे अंक। लेकिन, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक ऐतिहासिक फैसले में अंडरग्रेजुएट कोर्सों में ‘ए’ ग्रेड सीमित कर दिए हैं। 2027 से किसी भी क्लास में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड मिलेगा। इसके पक्ष में 458 फैकल्टी मेंबर्स ने वोट दिया, जबकि 201 विरोध में थे। तर्क है कि ग्रेड इन्फ्लेशन के कारण अंक असली क्षमता की पहचान का भरोसेमंद पैमाना नहीं रहे। सबका ‘ए’ ग्रेड होगा तो असाधारण प्रतिभा कैसे पहचानेंगे? दरअसल, हार्वर्ड में 2005 में करीब 24% छात्र ग्रेड ‘ए’ कैटेगरी में थे। 2025 में ये आंकड़ा 60% से ऊपर चला गया। पिछले अकादमिक सत्र में उच्चतम जीपीए पुरस्कार के लिए 55 छात्र बराबरी पर थे। यानी इतने ‘टॉपर’ थे कि ‘असली टॉपर’ की पहचान मुश्किल हो गई। येल में ‘ए’ और ‘ए माइनस’ ग्रेड 80% तक पहुंच गए। ब्राउन यूनिवर्सिटी में दो तिहाई छात्र ‘ए’ ग्रेड में थे। यानी ‘असाधारण’ धीरे-धीरे सामान्य होता गया। पिछले दो दशकों में विश्वविद्यालयों पर दबाव बढ़ा है कि छात्र खुश रहें, ताकि कोर्स इवैल्यूएशन अच्छे आएं और संस्थान प्रतियोगिता में न पिछड़े। ऐसे में, ग्रेडिंग लगातार नरम होती गई। हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक स्टीवन पिंकर कहते हैं कि ग्रेड इन्फ्लेशन ने विश्वविद्यालयों को मजाक बना दिया। प्रोफेसर दबाव में थे कि मानक ढीले नहीं रखे तो छात्र उनके कोर्सों से दूर हो जाएंगे। वहीं, हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फर्मन और डेविड लैब्सन कहते हैं, ‘ज्यादातर शिक्षक सख्त ग्रेडिंग चाहते थे, पर अकेले ऐसा करने से डरते थे। छात्रों के खराब फीडबैक, कम नामांकन से उनके कॅरिअर पर असर पड़ सकता था। इसलिए पूरी फैकल्टी ने नियम बनाया।’ उनके मुताबिक, आसान ‘ए’ ग्रेड्स सीखने की प्रेरणा घटाते हैं। जब अंक तालिका छात्रों की मेधावी क्षमता में फर्क बताना बंद कर दे तो नियोक्ता रसूख और इंटर्नशिप जैसे कारकों पर ध्यान देते हैं। इससे मेरिट के बजाय विशेषाधिकार को लाभ मिलता है। एआई से औसत काम भी ‘परफेक्ट’ लग सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि अगर विश्वविद्यालय असली प्रवीणता, मौलिकता और विश्लेषणात्मक सोच की पहचान नहीं कर पाएगा तो उसकी डिग्री पर भरोसा कमजोर होगा। दिलचस्प ये है कि प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी ने 2000 के दशक में ऐसी ही पॉलिसी लागू की थी, लेकिन छात्रों और फैकल्टी के दबाव में 2014 में हटानी पड़ी थी। हार्वर्ड में भी छात्र इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक सर्वे में 94% छात्रों ने विरोध जताया। छात्रों की दलील है कि सीमित ‘ए’ ग्रेड्स प्रतिस्पर्धा को जहरीला बना देंगे। कम ग्रेड के जोखिम के बीच छात्र कठिन विषय लेने से बचेंगे। हार्वर्ड तीन साल बाद इस नीति की समीक्षा करेगा। ग्रेड इन्फ्लेशन, नौकरी में मार्कशीट को तवज्जो नहीं जॉब मार्केट में ग्रेड इन्फ्लेशन का असर दिख रहा है। प्लॉस वन के अध्ययन के मुताबिक ऊंचे ग्रेड से जीपीए की ‘सिग्नलिंग वैल्यू’ कमजोर हो रही है। नियोक्ता समझ नहीं पाते कि छात्र ने वाकई महारत हासिल की है या आसान ग्रेडिंग का लाभ मिला है। कंपनियां मार्कशीट से आगे स्किल देख रही हैं। एनएसीई के सर्वे के मुताबिक, 90% नियोक्ता समस्या समाधान की योग्यता और 80% टीमवर्क के प्रमाण चाहते हैं।







