Tuesday, 22 Sep 2026 | 03:55 PM

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अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

हर माता-पिता और छात्र का सपना होता है- परीक्षा में अच्छे अंक। लेकिन, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक ऐतिहासिक फैसले में अंडरग्रेजुएट कोर्सों में ‘ए’ ग्रेड सीमित कर दिए हैं। 2027 से किसी भी क्लास में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड मिलेगा। इसके पक्ष में 458 फैकल्टी मेंबर्स ने वोट दिया, जबकि 201 विरोध में थे। तर्क है कि ग्रेड इन्फ्लेशन के कारण अंक असली क्षमता की पहचान का भरोसेमंद पैमाना नहीं रहे। सबका ‘ए’ ग्रेड होगा तो असाधारण प्रतिभा कैसे पहचानेंगे? दरअसल, हार्वर्ड में 2005 में करीब 24% छात्र ग्रेड ‘ए’ कैटेगरी में थे। 2025 में ये आंकड़ा 60% से ऊपर चला गया। पिछले अकादमिक सत्र में उच्चतम जीपीए पुरस्कार के लिए 55 छात्र बराबरी पर थे। यानी इतने ‘टॉपर’ थे कि ‘असली टॉपर’ की पहचान मुश्किल हो गई। येल में ‘ए’ और ‘ए माइनस’ ग्रेड 80% तक पहुंच गए। ब्राउन यूनिवर्सिटी में दो तिहाई छात्र ‘ए’ ग्रेड में थे। यानी ‘असाधारण’ धीरे-धीरे सामान्य होता गया। पिछले दो दशकों में विश्वविद्यालयों पर दबाव बढ़ा है कि छात्र खुश रहें, ताकि कोर्स इवैल्यूएशन अच्छे आएं और संस्थान प्रतियोगिता में न पिछड़े। ऐसे में, ग्रेडिंग लगातार नरम होती गई। हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक स्टीवन पिंकर कहते हैं कि ग्रेड इन्फ्लेशन ने विश्वविद्यालयों को मजाक बना दिया। प्रोफेसर दबाव में थे कि मानक ढीले नहीं रखे तो छात्र उनके कोर्सों से दूर हो जाएंगे। वहीं, हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फर्मन और डेविड लैब्सन कहते हैं, ‘ज्यादातर शिक्षक सख्त ग्रेडिंग चाहते थे, पर अकेले ऐसा करने से डरते थे। छात्रों के खराब फीडबैक, कम नामांकन से उनके कॅरिअर पर असर पड़ सकता था। इसलिए पूरी फैकल्टी ने नियम बनाया।’ उनके मुताबिक, आसान ‘ए’ ग्रेड्स सीखने की प्रेरणा घटाते हैं। जब अंक तालिका छात्रों की मेधावी क्षमता में फर्क बताना बंद कर दे तो नियोक्ता रसूख और इंटर्नशिप जैसे कारकों पर ध्यान देते हैं। इससे मेरिट के बजाय विशेषाधिकार को लाभ मिलता है। एआई से औसत काम भी ‘परफेक्ट’ लग सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि अगर विश्वविद्यालय असली प्रवीणता, मौलिकता और विश्लेषणात्मक सोच की पहचान नहीं कर पाएगा तो उसकी डिग्री पर भरोसा कमजोर होगा। दिलचस्प ये है कि प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी ने 2000 के दशक में ऐसी ही पॉलिसी लागू की थी, लेकिन छात्रों और फैकल्टी के दबाव में 2014 में हटानी पड़ी थी। हार्वर्ड में भी छात्र इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक सर्वे में 94% छात्रों ने विरोध जताया। छात्रों की दलील है कि सीमित ‘ए’ ग्रेड्स प्रतिस्पर्धा को जहरीला बना देंगे। कम ग्रेड के जोखिम के बीच छात्र कठिन विषय लेने से बचेंगे। हार्वर्ड तीन साल बाद इस नीति की समीक्षा करेगा। ग्रेड इन्फ्लेशन, नौकरी में मार्कशीट को तवज्जो नहीं जॉब मार्केट में ग्रेड इन्फ्लेशन का असर दिख रहा है। प्लॉस वन के अध्ययन के मुताबिक ऊंचे ग्रेड से जीपीए की ‘सिग्नलिंग वैल्यू’ कमजोर हो रही है। नियोक्ता समझ नहीं पाते कि छात्र ने वाकई महारत हासिल की है या आसान ग्रेडिंग का लाभ मिला है। कंपनियां मार्कशीट से आगे स्किल देख रही हैं। एनएसीई के सर्वे के मुताबिक, 90% नियोक्ता समस्या समाधान की योग्यता और 80% टीमवर्क के प्रमाण चाहते हैं।

नारियल में पानी कम है या ज़्यादा? बिना काटे एक मिनट में ऐसे पहचाने; बस नोट कर लें ये 6 आसान ट्रिक्स

मीठे और पानी वाले नारियल की पहचान करें

22 मई 2026 को 11:21 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों के मौसम में सेहत और ताजगी के लिए नारियल का पानी सबसे अच्छा विकल्प है। लेकिन अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं कि किस तट में पानी ज्यादा होगा। इस लेख में बिना केट मीठा और भरपूर पानी वाला क्रिस्टोफर पैट्रिक की 6 आसान ट्रिक्स बताई गई हैं। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : नारियल सहयोग समय उसे अपने कान के पास पसंद और अच्छी तरह हिलाएं। अगर नारियल से ‘छप-छप’ की तेज आवाज आती है तो इसमें आधा खाली है। विशालकाय पानी वाले नारियल से बहुत कम या बिल्कुल आवाज नहीं आती है। छवि: फ्रीपिक कई बार बड़े दिखने वाले नारियल के अंदर से पतले होते हैं। इसलिए हमेशा आकार पर जाने के बजाय दो समान आकार के नारियल हाथों में चित्र। जो मोटे तौर पर बड़े पैमाने पर भारी लगता है, उसे ही चुनें। छवि: फ्रीपिक यदि आप हरा नारियल खरीद रहे हैं, तो ध्यान दें कि उसका रंग कैसा होना चाहिए या चमकीला हरा होना चाहिए। अगर कोको पर बहुत ज्यादा पीले या भूरे रंग के धब्बे दिख रहे हैं, तो समझ लें कि उसने कितना भुगतान किया है। छवि: फ्रीपिक जो कोल्‍ड पूरी तरह से गोल होते हैं, उनमें पानी के सामान मलाई बनने की संभावना अधिक होती है। हमेशा के लिए भरपूर पानी के लिए लंबे समय तक या सीमित पानी का चुनाव करें। छवि: फ्रीपिक अगर आप पूजा या मंदिर वाले नारियल ले रहे हैं और उसमें पानी भी शामिल है, तो उसके ऊपर की तीन ‘आंखों’ को जरूर देखें। अगर ये आकृतियाँ आकर्षक और आकर्षक हैं, तो नारियल अंदर से अच्छा है। छवि: फ्रीपिक नारियल हरे को नीचे की तरफ से निकोलस से छोटा पेट देखें। यदि वह बहुत अधिक स्पाइनल या दबा हुआ महसूस करता है, तो इसका मतलब है कि मैनचेस्टर यूनाइटेड ने भुगतान किया है और उसका पानी सुख रहा है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 22 मई 2026 11:21 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)नारियल पानी खरीदने का सही तरीका टिप्स(टी)सबसे अच्छा नारियल पानी खरीदने के विक्रेता रहस्य(टी)बिना खोले नारियल पानी कैसे चेक करें(टी)नारियल पानी कैसे लें(टी)ज्यादा पानी कैसे नारियल में होता है(टी)पानी वाला सही नारियल पानी कैसे चुनें

आतंकी हमजा बुरहान की हत्या का आरोपी हथियार सहित गिरफ्तार:2 संदिग्ध फरार; हमजा आज इस्लामाबाद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा

आतंकी हमजा बुरहान की हत्या का आरोपी हथियार सहित गिरफ्तार:2 संदिग्ध फरार; हमजा आज इस्लामाबाद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा

पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या के मामले में मुजफ्फराबाद के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने अब्दुल्ला कमाल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। अब्दुल्ला कमाल पाकिस्तान के वाह कैंट का रहने वाला है। CTD ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से हथियार भी बरामद किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दौरान मौजूद दो अन्य संदिग्ध मौके से भाग निकले। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं। मामले में आरोपी अब्दुल्ला कमाल की एक्सक्लूसिव फोटो भी सामने आई है। हमजा बुरहान 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल था। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। हमजा बुरहान को आज इस्लामाबाद के बर्मा टाउन स्थित फातिमा स्कूल में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। जनाजे की नमाज भारतीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे होगी। सिर में तीन गोलियां लगने से हमजा की मौत न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक हमजा पर गुरुवार को मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन उसके सिर में लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था। वह पहले आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था और बाद में अल बराक के लिए काम करने लगा। वह मुजफ्फराबाद के चीला बांदी इलाके में भारी सुरक्षा के बीच रह रहा था। उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ गाड़ी और एस्कॉर्ट वाहन भी थे। भारत ने 2022 में उसे UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी माना जाता था। उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी करीबी संबंध थे। भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा हमजा सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा। पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV बसों से टकरा दी थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि दो बसों के परखच्चे उड़ गए और 40 जवान शहीद हो गए। जांच में सामने आया कि हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को कई इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे, लेकिन आतंकी साजिश को रोका नहीं जा सका। बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मास्टरमाइंड बताया था। इसके अलावा हमजा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के काकापोरा इलाके में 18 नवंबर 2020 को हुए आतंकी हमले में भी शामिल था। तब आतंकियों ने बंकर पर ग्रेनेड हमला किया था। हालांकि ग्रेनेड अपने निशाने से चूककर सड़क पर फट गया, जिससे 12 नागरिक घायल हो गए। बुरहान वानी का करीबी था हमजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। बुरहान मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर मारा गया। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था। बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बना था। वह 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था। 4 महीने में पाकिस्तान के 4 बड़े आतंकियों की मौत पाकिस्तान में पिछले 4 महीने में 4 बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इनके पीछे अज्ञात हमलावर का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 1. लश्कर आतंकी- मोहम्मद कासिम गुज्जर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर की फरवरी 2026 में पाकिस्तान के पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर हमला किया था। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। कासिम गुज्जर उर्फ सलमान/सुलेमान को भारत सरकार ने 2024 में UAPA के तहत घोषित आतंकवादी घोषित किया था। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और जम्मू-कश्मीर में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहा था। उस पर आतंकियों को हथियार और फंडिंग पहुंचाने, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती करने और कई आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के आरोप थे। 2. जैश-ए-मोहम्मद कमांडर- सलमान अजहर अप्रैल 2026 में पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के सीनियर कमांडर सलमान अजहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वो एक ‘हिट-एंड-रन’ जैसी घटना का शिकार हुआ। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स इसे टारगेट किलिंग बताया गया था। इसकी भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। सलमान अजहर को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता था। जैश-ए-मोहम्मद वही आतंकी संगठन है जिसे भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं। सलमान अजहर संगठन के ऑपरेशनल नेटवर्क और भर्ती अभियान से जुड़ा हुआ था। बहावलपुर को लंबे समय से जैश का प्रमुख ठिकाना माना जाता रहा है। 3. लश्कर कमांडर- शेख यूसुफ अफरीदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अप्रैल 2026 को अज्ञात

बच्चों में हीट स्ट्रोक कितना घातक? दिखें ये लक्षण तो न करें इग्नोर, इन बातों का रखें खास ध्यान

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Heat stroke in small kids: देशभर में इस समय भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. वहीं, 25 मई से 2 जून तक नौतपा शुरू होने वाला है, जिसके चलते गर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना है. ऐसे में भारत सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. खासकर, शिशुओं और 5-6 साल के बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें. इन्हें घर से बाहर न निकलने दें. शिशुओं को भी तेज धूप में न ले जाएं. जानें, किस तरह से रखें अपने बच्चे को हीट स्ट्रोक से बचाकर और कैसे नजर आते हैं बच्चों में हीट स्ट्रोक के लक्षण… छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, नवजात शिशु और छोटे बच्चे हीट स्ट्रोक के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं. तेज गर्मी में थोड़ी सी लापरवाही भी उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों का शरीर बहुत जल्दी गर्म हो जाता है और उनमें पसीना भी कम निकलता है. इसकी वजह से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जो हीट स्ट्रोक का कारण बनता है. बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां गर्मी के मौसम में बच्चों की विशेष देखभाल बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ आसान उपाय अपनाकर बच्चों को हीट स्ट्रोक से बचाया जा सकता है. बच्चों को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखें.उन्हें तेज धूप या बंद और गर्म कमरे में अकेला न छोड़ें.शरीर का तापमान समय-समय पर चेक करते रहें.बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पिलाते रहें.छोटे बच्चों को समय-समय पर मां का दूध जरूर पिलाएं.कपड़ों और साफ-सफाई का रखें ध्यान विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को गर्मी में हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाने चाहिए. ज्यादा कपड़े पहनाने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती. इसके अलावा बच्चों को ठंडे पानी से नहलाना या गीले कपड़े से शरीर साफ करना भी फायदेमंद रहता है. इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें यदि बच्चा लगातार रो रहा हो, चिड़चिड़ा हो जाए, ज्यादा नींद आए, उल्टी करे, तेज बुखार हो या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि शिशुओं में हीट स्ट्रोक के लक्षण जल्दी समझ में नहीं आते, इसलिए पेरेंट्स को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. दोपहर में बाहर ले जाने से बचें डॉक्टरों की सलाह है कि बच्चों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर न ले जाएं. इस दौरान गर्मी और धूप सबसे ज्यादा होती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

BSF ने बॉर्डर पर 2 पाकिस्तानी नागरिक पकड़े:गाड़ी लेकर भारत में घुसने की कोशिश करते दबोचा; सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी

BSF ने बॉर्डर पर 2 पाकिस्तानी नागरिक पकड़े:गाड़ी लेकर भारत में घुसने की कोशिश करते दबोचा; सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) जवानों ने अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए 2 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एक गाड़ी भी बरामद की गई है। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। जानकारी के अनुसार दोनों व्यक्ति पाकिस्तान के कसूर इलाके में दुकानों पर अलग-अलग सामान सप्लाई करने का काम करते थे। इसी दौरान वे अपनी निजी गाड़ी में सीमा पार करते हुए भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए, जहां बीएसएफ जवानों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। दोनों लाहौर के रहने वाले गिरफ्तार नागरिकों की पहचान मोहम्मद सलीम पुत्र नजीर अहमद (60), निवासी नास्टर कॉलोनी, फिरोजपुर रोड, लाहौर और अमीर नवाज पुत्र मोहम्मद नवाज (40 ), निवासी जसहीन टाउन, गज्जी रोड लाहौर के रूप में हुई है। हर एंगल से जांच कर रही बीएसएफ BSF अधिकारियों ने जीरो लाइन पर पाकिस्तानी रेंजर्स को भी इस संबंध में जानकारी दे दी है। फिलहाल दोनों आरोपियों से अमृतसर सेक्टर में BSF अधिकारी बारीकी से पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारी यह भी जांच रहे है कि कहीं यह गलती से तो भारत में दाखिल नहीं हुए।

सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 75,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 90 अंक ऊपर 23,750 पर आया; बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 75,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 90 अंक ऊपर 23,750 पर आया; बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

आज यानी शुक्रवार, 22 मई को सेंसेक्स 300 अंक (0.42%) की तेजी के साथ 75,500 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 90 अंकों (0.39%) की तेजी है, ये 23,750 पर पहुंच गया है। आज के कारोबार में बैंक और रियल्टी शेयरों में खरीदारी है। एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कोरोबार कल अमेरिकी बाजारों में भी तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 1891 करोड़ के शेयर बेचे कल सेंसेक्स 135 अंक गिरकर बंद हुआ था

बादाम और किशमिश खाने का क्या है सबसे सही तरीका, दिन भर में कितने खाने चाहिए?

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ड्राई फ्रूट्स में बादाम और किशमिश का सेवन लोग खूब करते हैं. इनका इस्तेमाल भी कई तरह के मीठे, नमकीन व्यंजनों में भी होता है. कुछ लोग तो मुट्ठी भर-भर कर बादाम और किशमिश खा लेते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी बादाम और किशमिश के सेवन की सलाह देते हैं. इनमें ढेरों पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं. हालांकि, इनके पोषण गुण अलग-अलग होते हैं. ये फायदे दो ढेरों पहुंचाते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन से नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में ये जरूर जान लेना चाहिए कि एक दिन में कितने बादाम और किशमिश का सेवन आमतौर पर करना फायदेमंद है. बादाम में मुख्य पोषक तत्वबादाम में प्रोटीन, हेल्दी फैट (मोनोअनसैचुरेटेड फैट), फाइबर, विटामिन E, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन आदि मौजूद होते हैं. बात करें 100 ग्राम बादाम की तो इसमें औसतन प्रोटीन 21 ग्राम, फैट 49 ग्राम, फाइबर 12 ग्राम तक मौजूद हो सकता है. किशमिश में मुख्य पोषक तत्वकिशमिश में नेचुरल ग्लूकोज और फ्रक्टोज होता है. यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है. आयरन, पोटैशियम, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, कैल्शियम, कॉपर और मैंगनीज आदि होते हैं. औसतन 100 ग्राम किशमिश में एनर्जी 300 कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट 79 ग्राम, फाइबर 3–4 ग्राम, आयरन 1.5–2 मि.ग्रा. मौजूद हो सकते हैं. बादाम-किशमिश साथ खाने के फायदे-जब आप बादाम और किशमिश को एक साथ खाते हैं तो ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाने में मदद मिलती है.-कमजोरी और थकान कम करने में सहायक होते हैं. ऐसे में आप इन्हें साथ में जरूर खा सकते हैं.-हड्डियों और दिल की सेहत को लाभ पहुंचाते हैं. यदि आपको हड्डियों में दर्द रहता है तो आप बादाम और किशमिश का सेवन साथ कर सकते हैं.-वजन बढ़ाने या स्वस्थ स्नैक के रूप में उपयोगी हैं. बादाम और किशमिश के सेवन का सही तरीकाहेल्थ डाइट एंड न्यूट्रिशन क्लिनिक की आहार विशेषज्ञ डॉ. सुगिता मुत्रेजा के अनुसार, आप एक दिन में 5 से 10 बादाम खा सकते हैं. इससे अधिक नुकसान पहुंचा सकता है. वहीं, किशमिश आप 10-15 खाएं. किशमिश और बादाम को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना भी अच्छा माना जाता है. आप बादाम को छिलका उतार कर भी खा सकते हैं. इन दोनों सूखे मेवों को जब आप पानी में भिगोकर खाते हैं तो इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है. हार्ट हेल्दी रहता है. शरीर को ताकत और मजबूती मिलती है. बादाम और किशमिश कब खाने चाहिए?बादाम और किशमिश खाने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है. सुबह उठक आप चाय पीने की बजाय खाली पेट भीगे हुए बादाम और किशमिश कुछ दिनों तक खाकर देखें. आपको दिन भर भरपूर एनर्जी मिलेगी. मेटाबॉलिज्म बूस्ट होगा. जो लोग वर्कआउट करते हैं, वे व्यायाम से पहले बादाम और किशमिश खा सकते हैं. इसे आप ब्रेकफास्ट में भी कई तरीके से शामिल कर सकते हैं. इनके सेवन से हार्ट हेल्दी रहता है. आयरन की कमी नहीं होती है. बादाम स्किन और बालों को भी पोषण देता है. बादाम दिमाग को हेल्दी रखता है, याद्दाश्त मजबूत होती है. बादाम बच्चों को जरूर खिलाएं.

ईएसबी और पीएससी के भर्ती नियमों में बदलाव करेगी सरकार:दोनों ही एजेंसियों के लिए ड्राफ्ट तैयार, 5 जून तक लिए जाएंगे सुझाव

ईएसबी और पीएससी के भर्ती नियमों में बदलाव करेगी सरकार:दोनों ही एजेंसियों के लिए ड्राफ्ट तैयार, 5 जून तक लिए जाएंगे सुझाव

राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती करने वाली दो एजेंसियों के भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग और मप्र कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है और पांच जून से इसको लेकर प्रदेश के लोगों से सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को छोड़कर सभी सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने 5 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड पर होगी भर्ती नियमों में बदलाव के लिए तैयार ड्राफ्ट में कहा गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया “पात्रता परीक्षा” और “स्कोर कार्ड सिस्टम” पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा जो सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा के रूप में होंगी। पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए किया जा सकेगा। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा। एक स्कोर से कई भर्तियों में आवेदन नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया गया है। ऐसा होगा परीक्षा पैटर्न सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान एवं योजनाएं, गणित, तार्किक क्षमता, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे, जिनमें 25 प्रश्न सामान्य विषयों से और 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से होंगे। पीएससी परीक्षा के नियम तैयार, लागू करने से पहले मांगे सुझाव उधर राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नए प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026” अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते हैं। समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

राजस्थान की देसी सुपरफूड राबड़ी, जो 45 डिग्री गर्मी में भी आपको रखेगी कूल और फिट, Video

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X राजस्थान की देसी सुपरफूड राबड़ी, जो 45 डिग्री गर्मी में भी आपको रखेगी कूल   Traditional Rabdi Recipe: बाड़मेर सहित पश्चिमी राजस्थान में ‘राबड़ी’ आधुनिक फास्ट फूड को कड़ी टक्कर दे रही है. बाजरा-ज्वार और छाछ से बनी यह राबड़ी भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन में भी सहायक है. बुजुर्ग इसे एक ‘देसी सुपरफूड’ मानते हैं जो डायबिटीज और बीपी जैसी बीमारियों से बचाने में कारगर है. घंटों की मेहनत से तैयार होने वाली राबड़ी आज भी राजस्थान की संस्कृति और सेहत का आधार बनी हुई है. रेगिस्तानी इलाकों में जब तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब राबड़ी शरीर को ठंडक पहुंचाने और लू के असर को कम करने में रामबाण का काम करती है. ग्रामीण अंचलों में ज्येष्ठ सुदी चतुर्थी को ‘राबड़ी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जहां परिवार के लोग एक साथ बैठकर इस पारंपरिक भोजन का आनंद लेते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

खेल मंत्री का ममेरा भाई स्विमिंग पूल में डूबा, मौत:सोनीपत स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हादसा, क्रिकेट में पीजी डिप्लोमा कर रहा था; दिल्ली में रहता है परिवार

खेल मंत्री का ममेरा भाई स्विमिंग पूल में डूबा, मौत:सोनीपत स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हादसा, क्रिकेट में पीजी डिप्लोमा कर रहा था; दिल्ली में रहता है परिवार

हरियाणा के सोनीपत की राई स्थित हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में गुरुवार रात स्विमिंग पूल में डूबने से छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान निशांत गौतम निवासी पलवल के रूप में हुई। वह यूनिवर्सिटी में क्रिकेट के पीजी डिप्लोमा फाइनल ईयर का छात्र था। हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। निशांत, खेल मंत्री गौरव गौतम का ममेरा भाई था। खेल मंत्री के मीडिया सलाहकार नितिन शर्मा के मुताबिक, निशांत गौतम दिल्ली का रहने वाला है। निशांत के मामा गांव चिरावटा में हैं और खेल मंत्री गौरव गौतम भी चिरावटा गांव के ही रहने वाले हैं। मगर, खेल मंत्री के परिवार का इसे डायरेक्ट कोई रिश्ता नहीं है। हालांकि, निशांत गौतम की मौत की खबर सुनने के बाद गांव में दुख का महौल है। उधर, घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पूल हाल ही में दोबारा शुरू किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कहीं सुरक्षा में लापरवाही तो नहीं बरती गई। पुलिस पूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की मौजूदगी और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।