वर्ल्ड अपडेट्स:सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरास में गोलीबारी, 16 की मौत; बंदूकधारियों ने मजदूरों और पुलिसकर्मियों पर बरसाईं गोलियां

सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरास में गुरुवार को दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हमलों में 10 मजदूर और 6 पुलिसकर्मी मारे गए। पहला हमला उत्तरी होंडुरास के ट्रूजिलो नगर में एक प्लांटेशन पर हुआ। नेशनल पुलिस के प्रवक्ता एडगार्डो बाराहोना के मुताबिक, बंदूकधारियों ने वहां काम कर रहे मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मृतकों की सही संख्या अब भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि कुछ परिजन शव अपने साथ ले गए। रिपोर्ट के मुताबिक, यह इलाका लंबे समय से जमीन और खेती को लेकर संघर्ष का केंद्र रहा है। दूसरा हमला ग्वाटेमाला सीमा के पास कॉर्टेस विभाग के ओमोआ नगर में हुआ। यहां हमलावरों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसमें 6 पुलिसकर्मी मारे गए। मृतकों में एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, ये अधिकारी गैंग विरोधी अभियान में तैनात थे और राजधानी टेगुसिगाल्पा से ओमोआ जा रहे थे। होंडुरास के सुरक्षा मंत्रालय ने कहा है कि दोनों हमलों की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और अभियोजकों की टीमें बनाई जाएंगी। साथ ही प्रभावित इलाकों में पुलिस और सेना की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।
अमेरिकी पुलिस गुरुद्वारे में जूते पहनकर घुसी, VIDEO:सिर भी नंगा; गोलक को लेकर हुआ था झगड़ा; SGPC बोली- दोषियों पर कार्रवाई हो

अमेरिका की पुलिस एक गुरुद्वारे में जूते पहनकर ही अंदर घुस गई। जिस जगह पुलिस वाले खड़े थे, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पवित्र स्वरूप भी रखा हुआ था। इसका वीडियो सामने आते ही पंजाब में सिख संगठनों में गुस्सा है। उन्होंने इसे मर्यादा के उलट बताया है। पुलिस यहां गोलक को लेकर हुए विवाद के बाद आई थी। हालांकि इस बारे में अभी तक गुरुद्वारा कमेटी या अमेरिकी पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि अमेरिका में रहने वाले कुछ लोगों का दावा है कि जूते भी अमेरिकी पुलिस की यूनिफॉर्म का हिस्सा हैं। ऑन ड्यूटी होने पर वह इसे नहीं उतार सकते। वहीं SGPC ने इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से मामले की जांच करवाकर ऐसे हालात बनाने के दोषियों को तलब करने और उन पर कार्रवाई की मांग की है। जानिए क्या है पूरा मामला:- जानकारी के मुताबिक अमेरिका के फिलाडेल्फिया में गुरुद्वारा है। 19 मई को यहां पर गोलक में आए डॉलर और नोट गिने जा रहे थे। इस दौरान गिनती में अंतर को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया कि किसी ने फोन कर वहां अमेरिकी पुलिस बुला ली। पुलिस वाले सीधे गुरुद्वारे के अंदर आ गए। इस दौरान भी 2 पक्षों में वहां बहस होती दिखी। किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो रिकॉर्ड कर दिया। वीडियो में नजर आ रहा है कि जहां पर पुलिसकर्मी खड़ा है, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप भी हैं। वहीं पास में ही डॉलर और नोट भी जमीन पर गिरे हुए हैं। इस दौरान अमेरिकी पुलिस का जवान लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने सिख मर्यादा के मुताबिक सिर भी नहीं ढका जबकि दूसरे ने टोपी पहन रखी थी। मनजीत जीके बोले- गोलक का झगड़ा निंदनीय, दूसरों को क्या कहेंगे दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा- मैंने फिलाडेल्फिया का वीडियो देखा। यहां झगड़ा भी गोलक को लेकर हुआ। मैं समझता हूं कि इससे निंदनीय बात नहीं हो सकती कि गोलक का झगड़ा हो और उसके पीछे पुलिस आ जाए। पुलिस जूतों समेत नंगे सिर गुरुघर में आ जाती है। यही नहीं, श्री गुरू ग्रंथ साहिब के बिल्कुल आगे खड़ी हो जाती है, जहां हम माथा टेकते हैं। इस दौरान संगत उनसे गुजारिश करती है और प्रबंधक मौके से भाग जाते हैं। मुझे ये समझ नहीं आती, कि प्रबंधक गुरुघर के कस्टोडियन हैं। ये ऐसा काम क्यों करते हैं कि पुलिस अंदर आए। SGPC मेंबर बोले- सिख कौम की भावनाएं आहत हुईं इस बारे में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अमेरिका के फिलाडेल्फिया स्थित गुरुद्वारा साहिब में पुलिस कर्मियों के जूते पहनकर आना दुखदाई और चिंताजनक है। इस वीडियो ने पूरी सिख कौम की भावनाओं को आहत किया है। गुरुद्वारा साहिब, जो श्रद्धा और मर्यादा का केंद्र होता है, वहां इस प्रकार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रेवाल ने कहा कि चाहे यह मामला गुरुद्वारे के प्रबंधन, गोलक या आपसी विवाद से जुड़ा हो, लेकिन गुरु साहिब की हजूरी में पुलिस का जूतों सहित खड़ा होना सिख परंपराओं और मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे हालात क्यों बने और इसके लिए जिम्मेदार लोग कौन हैं। उन्होंने संगत से भी सहयोग की अपील की, ताकि भविष्य में किसी भी गुरुद्वारा साहिब में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो और गुरुघर की मर्यादा हमेशा कायम रहे।
लौकी की मिस्सी रोटी रेसिपी: नान-पराठा नहीं, मिनटों में असली लौकी वाली मिस्सी रोटी, खाते ही भूल जाएंगे होटल का स्वाद; विधि नोट करें

सामग्री: 1 कप आटे का आटा, 1/2 कप बेसन, 1 लोकी, 1 प्याज, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अजवायन, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, नमक, हरा धनिया, 1 छोटा चम्मच तेल, घी छवि: फ्रीपिक सबसे पहले एक बड़े पैमाने पर बर्तनों का आटा और बेसन पेश किया गया। अब इसमें कद्दू की हुई लौकी, प्याज, हरी मिर्च, अजवायन, हल्दी, लाल मिर्च, नमक और हरा धनिया गुड़िया से मिला लें। छवि: एआई ध्यान दें कि लौकी पानी छोड़ती है, इसलिए आटा गूंथते समय पानी बहुत कम लगता है। जरूरत है बस थोड़ी सी पानी की आपूर्ति। अब थोड़ा सा तरल तेल तैयार कर लें। छवि: एआई इसके बाद एसोसिएट्स के लो अवशेष मित्र हाथ से बेल लें। गैस पर तवा गरम करें और रोटी को दोनों तरफ से घी या तेल में लपेट कर सुनहरा होने तक सेंक लें। गर्मियों में यह ब्रेड पेट के लिए भी काफी आरामदायक मानी जाती है। छवि: एआई रोटी में कसूरी मेथी का स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है। इसे दही, लहसुन की चटनी या मिर्च के अचार के साथ बनायें। बच्चों के लिए इसमें छोटे-छोटे पनीर भी मिला सकते हैं। छवि: एआई लौकी खरगोश और पानी की सबसे अच्छी समानता है, जो पेट को प्रभावित करती है। वहीं बेसन प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। ऐसे में यह मिस्सी ब्रेड स्वादिष्ट होने के साथ-साथ वैगन भी बन जाती है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट) लोकी मिस्सी रोटी रेसिपी(टी)घर पर मिस्सी रोटी कैसे बनाएं(टी)घर पर बनी लौकी मिस्सी रोटी रेसिपी:(टी)लौकी की मिस्सी रोटी(टी)स्वस्थ रेसिपी(टी)बेसन की रोटी(टी)घीया मिस्सी रोटी(टी)लौकी
मूंग दाल हलवा रेसिपी: घर में बिना चीनी के स्वादिष्ट मूंग दाल का हलवा, अब स्वाद के साथ सेहत भी

मूंग दाल का हलवा ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। अगर आपको भी ये हलवा पसंद है लेकिन चीनी नहीं चाहिए तो आपके लिए एक आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं। छवि: फ्रीपिक मूंग दाल का हलवा बनाने की सामग्री- 1 कप मूंग दाल, देसी घी, 2 कप दूध, गुड़ का पाउडर या स्टीविया, हरी इलायची पाउडर, मिठाई छवि: फ्रीपिक मूंग दाल का हलवा बनाने के लिए मूंग दाल को 3-4 बार पानी से अच्छी तरह से खरीदें और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। अब इस दाल को एक मसाला में मध्यम आंच पर थोड़ी देर के लिए जबतक इसका पानी न सुख जाए। छवि: एआई जब ये भुनी हुई दाल यूनिवर्सल हो जाए तो इसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब पकौड़े में घी गरम कीजिये. पिसी दाल का पाउडर इसमें मिलाया जाता है और रासायनिक संरचना पर आधारित जबतक इसका रंग सुनहरा न हो जाए। छवि: एआई थोड़ा-थोड़ा करके इसमें फुल क्रीम दूध पकौड़े और लगातार शौकीन बने रहें ताकि पेट न पड़े। इसे तबतक पराक्रमी जबतक सारा दूध दाल ना सोख ले। छवि: एआई अब इस मिश्रण में गुड़ का पाउडर या स्टीविया पाउडर मिलाएं। ऊपर से कालीमिर्च पाउडर भी डालें। अब इस पूरे मिश्रण को तबतक बहादुर जबतक हलवा से घी न छोड़ना पड़ा। छवि: एआई जब आपका हलवा तैयार हो जाए तो उसमें काजू, बादाम, टेलेज़ल जैसे फ़्लोरिडा विज़नल्स डाल लें। आपका टेस्टी और कार्मिक मूंग दाल का हलवा तैयार है। छवि: एआई
Health Tips: गर्मी में अमृत समान हरा पुदीना, पेट, त्वचा और शरीर को देता है ठंडक व ताजगी, जाने इसके फायदे

गर्मी के मौसम में हरा पुदीना शरीर को ठंडक देने, पेट की समस्याओं से राहत पहुंचाने और ताजगी बनाए रखने में बेहद फायदेमंद माना जाता है. चटनी, शरबत और घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाला पुदीना त्वचा, सिरदर्द और मुंह की बदबू जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है.
ज्वार चीला रेसिपी: ज्वार चीला पकाने की विधि: 10 मिनट में तैयार करें ज्वार चीला; कम कैलोरी में भरेगा पेट

ज्वार चीला बनाने की सामग्री: 1 कप ज्वार का आटा, 1 प्याज, 1 छोटा, 1 हरी मिर्च कटी हुई, 2 बड़े दही, हरा धनियां, 1/2 छोटा मोटा जीरा, स्वादानुसार नमक, आवश्यक पानी, थोड़ा सा तेल छवि: फ्रीपिक सबसे पहले एक बड़ा तालाब में ज्वार का आटा लें। इसमें दही और धीरे-धीरे पानी मिलाकर तैयार कर लीजिए. ध्यान रखें कि ग्लूटामेट नमक या मैग्नेटिक क्लोराइड न हो। छवि: एआई अब इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनियां, जीरा और नमक अच्छी तरह मिक्स कर लें। इसके बाद गैस पर तवा गर्म करें और तेल के बर्तन पर प्रभाव डालें। अब एक करछी बैटर तवे पर मानक गोल आकार में विघटित। छवि: एआई चिली को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सोनाली और क्रिस्पी होने तक सेंक लें। जब चीला अच्छी तरह पक जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। गरमा-गरम ज्वार चीला हरी चटनी, दही या टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें। छवि: एआई जर्सजन मुक्त होता है और पेट के लिए हानिकारक माना जाता है। इसमें वृद्ध और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती। छवि: एआई गर्मियों में भी यह शरीर को प्रभावित और सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। यदि आप वजन नियंत्रित करना चाहते हैं या मिश्रण का पालन कर रहे हैं, तो यह नुस्खा आपके लिए बिल्कुल सटीक है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)ज्वार चीला रेसिपी(टी)ज्वार चिल्ला रेसिपी(टी)चिला रेसिपी(टी)चीला रेसिपी(टी)वजन घटाने की रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ता रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन नाश्ता रेसिपी
सुबह उठते ही एड़ी में होता है तेज दर्द? अपनाए ये घरेलू नुस्खे, सूजन और खिंचाव दोनों से मिलेगी राहत

Last Updated:May 21, 2026, 20:20 IST Heel Pain Treatment: एड़ी का दर्द अब हर उम्र के लोगों में आम समस्या बनता जा रहा है. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार के अनुसार लंबे समय तक कठोर सतह पर चलना, गलत जूते पहनना और वजन बढ़ना इसके प्रमुख कारण हैं. घरेलू उपाय जैसे नमक वाले गुनगुने पानी से सिकाई, हल्की मालिश और पैरों को आराम देने से राहत मिल सकती है. लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी बताया गया है. आजकल एड़ी में दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर सुबह उठते समय या लंबे समय तक खड़े रहने के बाद लोगों को एड़ी में तेज चुभन जैसा दर्द महसूस होता है. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार के अनुसार यह समस्या सामान्य थकान, गलत फुटवियर, मोटापा या प्लांटर फेशियाइटिस जैसी बीमारी का संकेत हो सकती है. प्लांटर फेशियाइटिस में एड़ी के नीचे मौजूद टिश्यू में सूजन आ जाती है, जिससे चलना-फिरना मुश्किल हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि सही जूते पहनना, नियमित स्ट्रेचिंग और समय पर इलाज कराने से इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है. उन्होंने बताया कि प्लांटर फेशियाइटिस तब होता है जब पैर के तलवे में मौजूद लिगामेंट में सूजन या खिंचाव आ जाता है. लंबे समय तक खड़े रहने, लगातार चलने, कठोर सतह पर काम करने और गलत जूते पहनने से यह परेशानी बढ़ सकती है. अधिक वजन और फ्लैट फुट वाले लोगों में भी इसका खतरा ज्यादा रहता है. डॉक्टर के अनुसार, यदि दर्द कई हफ्तों तक लगातार बना रहे, सूजन बढ़ जाए या चलने में ज्यादा दिक्कत होने लगे तो तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर इलाज और सही देखभाल से एड़ी के दर्द की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि घरेलू नुस्खे से अगर समस्या आसनी से खत्म हो रही है तो कुछ दिन और इन नुस्खे को जारी रखें, इससे दर्द का असर खत्म होने के साथ साथ लंबे समय तक वापस एड़ी में दर्द की समस्या नहीं आएगी. इस समस्या में सुबह के समय एड़ी का दर्द ज्यादा महसूस होना सबसे बड़ा संकेत माना जाता है. कई लोगों को बिस्तर से उठकर पहला कदम रखते ही तेज चुभन जैसा दर्द होता है. कुछ देर चलने के बाद दर्द में राहत मिल जाती है, लेकिन लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने पर परेशानी फिर बढ़ सकती है. डॉक्टरों के अनुसार समय रहते ध्यान नहीं देने पर सूजन और दर्द बढ़ सकता है, जिससे चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google घरेलू उपायों से भी एड़ी के दर्द में काफी राहत मिल सकती है. डॉक्टरों के अनुसार दिन में 2 से 3 बार 10 से 15 मिनट तक बर्फ से सिंकाई करना फायदेमंद माना जाता है, इससे सूजन और दर्द कम होता है. वहीं गुनगुने पानी में नमक डालकर पैरों की सिकाई करने से भी आराम मिलता है. सरसों या नारियल तेल से हल्की मालिश करने पर रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों को राहत मिलती है. हालांकि दर्द लगातार बना रहे तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. एड़ी के दर्द से राहत पाने के लिए पैरों को पर्याप्त आराम देना बेहद जरूरी माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार सुबह उठने के बाद पिंडली और तलवे की हल्की स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और दर्द में राहत मिलती है. इसके अलावा नरम और आरामदायक जूते पहनना भी जरूरी है, ताकि एड़ी पर दबाव कम पड़े. डॉक्टर हील पैड या कुशन वाले सोल इस्तेमाल करने की भी सलाह देते हैं, जिससे चलने के दौरान झटका कम लगता है और एड़ी को सहारा मिलता है. डॉ. अमित कुमार के अनुसार लंबे समय तक नंगे पैर कठोर फर्श पर चलने से एड़ी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द बढ़ सकता है. ऐसे में आरामदायक फुटवियर का इस्तेमाल जरूरी है. उन्होंने बताया कि रोजाना हल्का व्यायाम और वजन नियंत्रित रखना भी एड़ी के दर्द को कम करने में मददगार साबित होता है. इसके अलावा रात को सोने से पहले पैरों को थोड़ी ऊंचाई पर रखकर आराम करने से सूजन और खिंचाव में राहत मिल सकती है. लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. ऐसे में एड़ी के दर्द से राहत पाने के लिए पैरों को पर्याप्त आराम देना बेहद जरूरी माना जाता है. डॉ. अमित के अनुसार, सुबह उठने के बाद पिंडली और तलवे की हल्की स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और दर्द में राहत मिलती है. इसके अलावा नरम और आरामदायक जूते पहनना भी जरूरी है, ताकि एड़ी पर ज्यादा दबाव न पड़े. डॉक्टर एड़ी के नीचे हील पैड या कुशन लगाने की सलाह भी देते हैं, जिससे चलने के दौरान झटका कम लगता है और पैरों को बेहतर सहारा मिलता है. इससे सूजन और दर्द दोनों में राहत मिल सकती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विजय के नए मंत्रिमंडल में कई पहली बार: 7 दलित, 2 ब्राह्मण, 4 महिला मंत्री और अधिक | भारत समाचार

आखरी अपडेट:21 मई, 2026, 20:06 IST दलित मंत्रियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है – जो अब तक किसी भी तमिलनाडु कैबिनेट में समुदाय के लिए सबसे अधिक आनुपातिक प्रतिनिधित्व है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम में, विजय ने कैबिनेट में दो ब्राह्मण मंत्रियों को भी शामिल किया है – एक ऐसे राज्य में एक उल्लेखनीय प्रस्थान जहां द्रविड़ राजनीति ऐतिहासिक रूप से ब्राह्मण विरोधी बयानबाजी से आकार लेती रही है। (फोटो: एक्स/सीएमओतमिलनाडु) मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की नवगठित कैबिनेट के विस्तार ने तमिलनाडु की राजनीति में कई उल्लेखनीय पहलों को चिह्नित किया है, जिसमें जाति प्रतिनिधित्व, युवा नेतृत्व, लिंग विविधता और राजनीतिक संदेश का सावधानीपूर्वक संतुलित मिश्रण प्रदर्शित किया गया है। प्रारंभिक 10-सदस्यीय टीम से 33-सदस्यीय कैबिनेट तक मंत्रिपरिषद का विस्तार करके, तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) सरकार ने एक मजबूत “सामाजिक न्याय” कथा बनाने का प्रयास किया है, साथ ही तमिलनाडु के पारंपरिक द्रविड़-युग के राजनीतिक ढांचे से दूर जाने का संकेत भी दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले भाषण में, विजय ने घोषणा की कि राज्य में “वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय” का एक नया युग शुरू हो गया है, जो उनके प्रशासन की वैचारिक स्थिति को रेखांकित करता है। दलित प्रतिनिधित्व रिकॉर्ड करें कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अनुसूचित जाति समुदायों का प्रतिनिधित्व है। दलित मंत्रियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है – जो अब तक किसी भी तमिलनाडु कैबिनेट में समुदाय के लिए सबसे अधिक आनुपातिक प्रतिनिधित्व है। शामिल किए गए प्रमुख दलित चेहरों में पार्टी रणनीतिकार आधव अर्जुन और डॉक्टर केजी अरुणराज शामिल हैं, जिन्होंने टीवीके के माध्यम से राजनीति में प्रवेश करने से पहले भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) से इस्तीफा दे दिया था। दुर्लभ ब्राह्मण निरूपण | राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम में, विजय ने कैबिनेट में दो ब्राह्मण मंत्रियों को भी शामिल किया है – एक ऐसे राज्य में एक उल्लेखनीय प्रस्थान जहां द्रविड़ राजनीति ऐतिहासिक रूप से ब्राह्मण विरोधी बयानबाजी से आकार लेती रही है। चेन्नई के मायलापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक पी. वेंकटरमणन नए प्रशासन में प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं। समावेशन को व्यापक “सर्व-समावेशी” राजनीतिक ढांचे को पेश करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कैबिनेट में युवा चेहरों का दबदबा कैबिनेट में युवा नेतृत्व पर विजय के जोर को भी दर्शाया गया है। 33 मंत्रियों में से 11 की उम्र 40 साल से कम है। अनुभवी नेता केए सेनगोट्टैयन के अलावा, कैबिनेट के अधिकांश मंत्रियों के पास कोई पूर्व मंत्री पद का अनुभव नहीं है, जो राज्य की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के लिए सरकार के प्रयास को रेखांकित करता है। महिला प्रतिनिधित्व विस्तारित कैबिनेट में चार महिला मंत्री शामिल हैं, सरकार ने महिला नेताओं के बीच जमीनी स्तर के नेतृत्व और युवा भागीदारी पर प्रकाश डाला है। इनमें शिवकाशी से एस. कीर्तन भी शामिल हैं, जो वर्तमान में तमिलनाडु विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायक हैं। 59 साल बाद तमिलनाडु कैबिनेट में गठबंधन सहयोगी कैबिनेट विस्तार में दो कांग्रेस विधायकों के शामिल होने के साथ एक बड़ा राजनीतिक बदलाव भी हुआ। यह कदम औपचारिक रूप से सरकार को लगभग छह दशकों में तमिलनाडु के पहले गठबंधन प्रशासन में बदल देता है और 59 वर्षों के बाद राज्य मंत्रिमंडल में कांग्रेस पार्टी की वापसी का प्रतीक है। टीवीके की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के भी कैबिनेट में शामिल होने की संभावना है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चेन्नई (मद्रास), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया विजय के नए मंत्रिमंडल में कई पहली बार: 7 दलित, 2 ब्राह्मण, 4 महिला मंत्री और अधिक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)सी जोसेफ विजय(टी)दलित प्रतिनिधित्व(टी)ब्राह्मण मंत्री(टी)युवा नेतृत्व तमिलनाडु(टी)महिला मंत्री तमिलनाडु(टी)गठबंधन सरकार तमिलनाडु
धुरंधर सिंगर जैस्मीन सैंडलास के कॉन्सर्ट में अफरा-तफरी:दर्शकों के पास लगा बैरिकेड अचानक टूटा, लोग गिरे; सिंगर ने बीच में रोका परफॉर्मेंस

पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के देहरादून लाइव कॉन्सर्ट में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 20 मई को हुए इस कॉन्सर्ट के दौरान दर्शकों के एरिया के पास लगा एक बैरिकेड अचानक टूट कर गिर गया। इससे आगे खड़े कई लोग अपना संतुलन खोकर गिर पड़े। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि जैस्मीन सैंडलास स्टेज पर परफॉर्म कर रही थीं। तभी अचानक दर्शकों के बिल्कुल सामने वाले हिस्से का बैरिकेड टूट गया। घटना के बाद सिंगर ने तुरंत अपना परफॉर्मेंस रोक दिया और अपनी पर्सनल टीम को सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने को कहा। सिंगर ने सुरक्षाकर्मियों को बताया आक्रामक जैस्मीन ने स्टेज से माइक पर कहा, “मुझे बहुत दुख है कि ऐसा हो रहा है। क्या मेरी इंटरनल टीम इसे संभाल सकती है? मैं चाहती हूं कि मेरी पूरी टीम तुरंत आकर इस मामले को सुलझाए। यहां के सुरक्षाकर्मी काफी आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं।” इसके बाद सिंगर स्टेज पर ‘वाहेगुरु’ का नाम लेती हुई भी सुनाई दीं। जैस्मीन की टीम ने तुरंत दखल देकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए। ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी के गानों से मिली कामयाबी जैस्मीन सैंडलास इन दिनों ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी के गानों की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। इस फ्रेंचाइजी में उनके गाए गाने ‘शरारत’, ‘मैं और तू’ और ‘जाइए सजना’ को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इन गानों की कामयाबी के बाद वे एक बार फिर बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गई हैं। अमेरिका में बेहद तंगहाली में बीता बचपन जैस्मीन ने हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि जब उनका परिवार अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचा, तो उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी। उनके पिता ने स्थानीय स्कूल में उनका एडमिशन कराया। वे लोग एक बेडरूम के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते थे, जो कम आय वाले परिवारों के लिए था। उस घर में कुल 6 लोग रहते थे और उनका गुजारा फूड स्टैम्प पर होता था। भारत में टीचर रहीं उनकी मां वहां फैक्ट्री में काम करती थीं और चेरी तोड़ती थीं, जबकि उनके पिता गैस स्टेशन पर काम करते थे। बाद में कैलिफोर्निया जाने पर उनके पिता को कोर्ट में इंटरप्रेटर का काम मिला, तब जाकर जिंदगी थोड़ी बेहतर हुई। गुरुद्वारे में शबद गाकर सीखी गायकी जैस्मीन ने बताया कि बचपन में उनके पास म्यूजिक सीखने का कोई साधन नहीं था। वे सिर्फ गुरुद्वारे में जाकर शबद गाया करती थीं। उनके माता-पिता को उनके सिंगर बनने के सपने पर भरोसा नहीं था। मां इसे सिर्फ एक हॉबी मानती थीं और पिता का मानना था कि म्यूजिक में कोई करियर नहीं है। जैस्मीन ने अपने पिता से 6 महीने का समय मांगा था और कहा था कि अगर कामयाबी नहीं मिली तो वे गाना छोड़ देंगी। हालांकि 6 महीने में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2014 में सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
धुरंधर सिंगर जैस्मीन सैंडलास के कॉन्सर्ट में अफरा-तफरी:दर्शकों के पास लगा बैरिकेड अचानक टूटा, लोग गिरे; सिंगर ने बीच में रोका परफॉर्मेंस

पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के देहरादून लाइव कॉन्सर्ट में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 20 मई को हुए इस कॉन्सर्ट के दौरान दर्शकों के एरिया के पास लगा एक बैरिकेड अचानक टूट कर गिर गया। इससे आगे खड़े कई लोग अपना संतुलन खोकर गिर पड़े। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि जैस्मीन सैंडलास स्टेज पर परफॉर्म कर रही थीं। तभी अचानक दर्शकों के बिल्कुल सामने वाले हिस्से का बैरिकेड टूट गया। घटना के बाद सिंगर ने तुरंत अपना परफॉर्मेंस रोक दिया और अपनी पर्सनल टीम को सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने को कहा। सिंगर ने सुरक्षाकर्मियों को बताया आक्रामक जैस्मीन ने स्टेज से माइक पर कहा, “मुझे बहुत दुख है कि ऐसा हो रहा है। क्या मेरी इंटरनल टीम इसे संभाल सकती है? मैं चाहती हूं कि मेरी पूरी टीम तुरंत आकर इस मामले को सुलझाए। यहां के सुरक्षाकर्मी काफी आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं।” इसके बाद सिंगर स्टेज पर ‘वाहेगुरु’ का नाम लेती हुई भी सुनाई दीं। जैस्मीन की टीम ने तुरंत दखल देकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए। ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी के गानों से मिली कामयाबी जैस्मीन सैंडलास इन दिनों ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी के गानों की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। इस फ्रेंचाइजी में उनके गाए गाने ‘शरारत’, ‘मैं और तू’ और ‘जाइए सजना’ को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इन गानों की कामयाबी के बाद वे एक बार फिर बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गई हैं। अमेरिका में बेहद तंगहाली में बीता बचपन जैस्मीन ने हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि जब उनका परिवार अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचा, तो उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी। उनके पिता ने स्थानीय स्कूल में उनका एडमिशन कराया। वे लोग एक बेडरूम के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते थे, जो कम आय वाले परिवारों के लिए था। उस घर में कुल 6 लोग रहते थे और उनका गुजारा फूड स्टैम्प पर होता था। भारत में टीचर रहीं उनकी मां वहां फैक्ट्री में काम करती थीं और चेरी तोड़ती थीं, जबकि उनके पिता गैस स्टेशन पर काम करते थे। बाद में कैलिफोर्निया जाने पर उनके पिता को कोर्ट में इंटरप्रेटर का काम मिला, तब जाकर जिंदगी थोड़ी बेहतर हुई। गुरुद्वारे में शबद गाकर सीखी गायकी जैस्मीन ने बताया कि बचपन में उनके पास म्यूजिक सीखने का कोई साधन नहीं था। वे सिर्फ गुरुद्वारे में जाकर शबद गाया करती थीं। उनके माता-पिता को उनके सिंगर बनने के सपने पर भरोसा नहीं था। मां इसे सिर्फ एक हॉबी मानती थीं और पिता का मानना था कि म्यूजिक में कोई करियर नहीं है। जैस्मीन ने अपने पिता से 6 महीने का समय मांगा था और कहा था कि अगर कामयाबी नहीं मिली तो वे गाना छोड़ देंगी। हालांकि 6 महीने में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2014 में सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।







