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घर बैठे करें कान की जांच, QR स्कैन करते ही शुरू होगी टेस्टिंग, कुछ मिनट में रिपोर्ट, जानिए कैसे

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Last Updated:May 21, 2026, 15:50 IST Kanpur News : यह तकनीक ऐसे लोगों के लिए वरदान है जिन्हें धीरे-धीरे कम सुनाई देना शुरू हो गया है, लेकिन वे समय पर जांच नहीं करा पाते. आजकल ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल, तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण की वजह से लोगों में सुनने की समस्या तेजी से बढ़ रही है. लोकल 18 से शोधकर्ता डॉ. याजुषी देओल बताती हैं कि यह तकनीक लोगों को शुरुआती स्तर पर ही सुनने की समस्या पहचानने में मदद करेगी. इससे समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा, ताकि वह आगे चलकर गंभीर दिक्कतों में न बदले. गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा. कानपुर. यूपी स्थित कानपुर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है. अब कान की सुनने की क्षमता जांचने के लिए अस्पतालों के लंबे चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने मिलकर एक खास एआई ऑडियोमीटर टूल तैयार किया है, जिससे लोग अपने मोबाइल फोन से ही सुनने की जांच कर सकेंगे. यह तकनीक खासतौर पर उन लोगों के लिए मददगार होगी जिन्हें धीरे-धीरे कम सुनाई देना शुरू हो गया है, लेकिन वे समय पर जांच नहीं करा पाते. अब सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करना होगा या वेब लिंक खोलना होगा. इसके बाद मोबाइल सीधे एआई टूल से जुड़ जाएगा और जांच शुरू हो जाएगी. इतने हर्ट्ज तक जांच इस नए सिस्टम में व्यक्ति को अलग-अलग ध्वनियां सुनाई जाएंगी. जैसे ही आवाज साफ सुनाई देगी, मोबाइल स्क्रीन पर क्लिक करना होगा. इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार होकर सेव हो जाएगी. यह जांच 500 से 2000 हर्ट्ज की ध्वनि आवृत्ति तक सुनने की क्षमता को माप सकेगी. शोधकर्ता डॉ. याजुषी देओल ने बताया कि यह तकनीक लोगों को शुरुआती स्तर पर ही सुनने की समस्या पहचानने में मदद करेगी. इससे समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा और गंभीर दिक्कतों से बचाव होगा. इनके लिए भी फायदेमंद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. एस के कनौजिया ने बताया कि यह एआई आधारित टूल नवजात बच्चों, बुजुर्गों और कम सुनने वाले मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा. इससे अस्पतालों की ओपीडी में भी मरीजों की स्क्रीनिंग तेजी से की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि आजकल ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल, तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण की वजह से लोगों में सुनने की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में यह तकनीक समय रहते समस्या पकड़ने में बड़ी भूमिका निभाएगी. कब से इस्तेमाल इस रिसर्च प्रोजेक्ट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का भी समर्थन मिला है. रिसर्च टीम के मुताबिक यह टूल करीब 80 प्रतिशत तक सटीक परिणाम देने में सफल रहा है. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इसे पूरी तरह इस्तेमाल के लिए तैयार कर दिया जाएगा. डॉक्टरों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक कान की बीमारियों की जांच और इलाज की प्रक्रिया को काफी आसान बना देगी. खासतौर पर गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh

High BP symptoms| हाई बीपी है ‘साइलेंट किलर’ लेकिन ये 6 लक्षण हैं पुख्ता सबूत, तुरंत पकड़ में आ जाएगी बीमारी, डॉक्टर ने बताई काम की बात

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Last Updated:May 21, 2026, 15:24 IST High Blood Pressure Symptoms and signs: हाई बीपी को साइलेंट क‍िलर कहा जाता है लेक‍िन डॉ पूजा त्रेहन ने हाई बीपी के 6 प्रमुख लक्षण बताए हैं, ज‍िन्‍हें पहचान कर हार्ट अटैक जैसी बीमार‍ियों से बचा जा सकता है. अक्‍सर लोग इन लक्षणों को नींद की कमी या थकान समझकर इग्‍नोर कर देते हैं. हाई ब्‍लड प्रेशर के क्‍या लक्षण होते हैं, कैसे पहचानें और हार्ट अटैक के खतरे को कम करें ? High BP ke lakshan: हाई ब्लड प्रेशर अक्सर लोगों को होता है लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता है, यही वजह है कि इस बीमारी को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है. इसके लक्षण होते भी हैं लेकिन थकान और नींद कम आने से मिले जुले होने के कारण लोग इन्हें अक्सर इग्नोर कर देते हैं, लिहाजा ये पता करना मुश्किल होता है कि किसी को हाइपरटेंशन या हाई बीपी की समस्या हो चुकी है. हालांकि डॉक्टरों की मानें तो हाई बीपी के 6 लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें अगर इग्नोर न किया जाए तो इस समस्या को तत्काल पहचाना जा सकता है और हार्ट अटैक या अन्य गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर की कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट और जोनल चीफ ऑफ लैब्स डॉ. पूजा त्रेहन कहती हैं कि हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि कई लोगों को लंबे समय तक इसका कोई साफ लक्षण महसूस ही नहीं होता.क्लिनिकल प्रैक्टिस में अक्सर मरीज कहते हैं, “हमें तो बिल्कुल ठीक लग रहा था,” लेकिन यही बात इसे और खतरनाक बनाती है. जब तक लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक कई बार शरीर के अंदर नुकसान शुरू हो चुका होता है. पूजा आगे कहती हैं कि आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, देर रात तक जागना, कम नींद, ज्यादा स्क्रीन टाइम, बाहर का खाना, स्मोकिंग, शराब, मोटापा, तनाव और एक्सरसाइज की कमी हाई BP के मामलों को तेजी से बढ़ा रहे हैं. पहले इसे उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30–40 साल के युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर काफी देखा जा रहा है. इसकी वजह से हार्ट की बीमारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. हालांकि कई लोगों को बीपी की समस्या होती हैं लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं दिखाई देते. फिर भी कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे बार-बार सिर दर्द होना, चक्कर आना, जल्दी थकान लगना, धुंधला दिखना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना, सांस फूलना या सीने में भारीपन डॉ. पूजा कहती हैं कि लोग अक्सर इन्हें तनाव, थकावट या नींद की कमी समझकर टाल देते हैं. जबकि ये हाई बीपी के सबसे मजबूत संकेत हैं. जिन पर बारीकी से ध्यान देना जरूरी है. क्या किया जाना चाहिए? डॉ. पूजा बताती हैं कि इससे बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. नियमित BP चेक कराना बेहद जरूरी है. कम नमक वाला संतुलित खाना खाएं रोजाना थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी, वजन कंट्रोल में रखना, अच्छी नींद लेना, स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाना तनाव कम करना बहुत जरूरी है. डॉ. पूजा कहती हैं कि सही समय पर पहचान और लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं. इसलिए इन संकेतों को समय पर पहचानना जरूरी है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

क्या गर्मियों में खाना चाहिए अंडा? हां या ना… जान लीजिए डॉक्टर की जुबानी

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Last Updated:May 21, 2026, 15:20 IST Mirzapur News: कहा जाता है कि गर्मियों के दिनों में अंडा नहीं खाना चाहिए… पर क्या सच में ? यही जानने के लिए हमने डाइटीशियन से बात की. उन्होंने सारा भ्रम दूर किया और बताया कि अंडा खाना चाहिए या नहीं. मिर्जापुर: अक्सर आपके मन में सवाल रहता है कि गर्मियों में अंडे खाने चाहिए या नहीं. कई बार कुछ लोग गर्मियों के मौसम में अंडे को खाना ही छोड़ देते हैं. दरअसल, कहा जाता है कि गर्मियों के दिनों में अंडा नहीं खाना चाहिए. अब इस बात में कोई सच्चाई है भी या नहीं… ये आज हम आपको बताने वाले हैं. लोकल 18 की टीम ने मंडलीय अस्पताल की डाइटीशियन से इस बारे में बात की तो पता चला कि अंडा से गर्मी होने जैसी बात में कोई सच्चाई नहीं है. बिना किसी चिंता के अंडा खा सकते हैं. डाइटीशियन डॉ. ज्योति सिंह ने कहा कि अंडा किसी भी सीजन में खा सकते हैं. अंडे में सबसे ज्यादा प्रोटीन मिलता है. इसे प्रोटीन का बेहतर सोर्स माना जाता है, जो लोग भी अंडे खाते हैं वह खा सकते हैं. अक्सर मन में चलता रहता है कि गर्मियों में अंडे खाने से गर्मी होती है. यह नुकसान पहुंचाता है. हालांकि, ऐसा नहीं है. अंडे को खाने के बाद डाइजेस्ट होने में थोड़ा वक्त लगता है. यहीं वजह है कि लोग कहते हैं कि अंडा खाने से गर्मी होती है बाकी ऐसा कुछ नहीं है. यह आपके के लिए ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक है. दो अंडे हैं पर्याप्तडॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि किसी भी संतुलित आहार के साथ दो अंडे ले सकते हैं. जब भी हाई प्रोटीन रिच चीजों को लेते हैं तो ऐसे में हाइड्रेटेड रहना फायदेमंद रहता है. अंडे में क्युरीन नामक पदार्थ होता है. ऐसे में जब भी अंडे खाएं तो पानी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पिएं. अन्यथा यह गठिया जैसी बीमारी का कारक हो सकता है. अंडे खाने के बाद नींद अच्छी लें. नींद पूरी न होने पर वेस्ट बनकर बाहर निकल जाता है. कोई फायदा हमारे शरीर को नहीं मिलता है. अगर आप अंडे खाने को लेकर सोच रहे हैं तो ये बेस्ट जगह है. अंडे खाए पर ज्यादा मात्रा में न खाए. यह नुकसानदेह हो सकता है. About the Author काव्‍या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mirzapur,Uttar Pradesh

अंडे और पनीर की भुर्जी में क्या अंतर है, आपकी सेहत के लिये कौन है ज्यादा फायदेमंद? जानिये

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अंडे और पनीर दोनों ही पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं और भारतीय रसोई में इनकी भुर्जी बेहद लोकप्रिय है. लेकिन जब सवाल आता है कि दोनों में से कौन ज्यादा फायदेमंद है, तो इसका जवाब सीधा नहीं होता. यह आपके शरीर की जरूरत, जीवनशैली और खान-पान की आदतों पर निर्भर करता है. आइए विस्तार से समझते हैं. अंडे की भुर्जी के फायदेअंडे को “सुपरफूड” माना जाता है क्योंकि इसमें लगभग सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. हाई क्वालिटी प्रोटीन: अंडे में ऐसा प्रोटीन होता है जो शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाता है. यह मसल्स बनाने और बॉडी रिपेयर में मदद करता है. कम कैलोरी: एक अंडे में लगभग 70–80 कैलोरी होती है, जिससे यह वजन कम करने वालों के लिए अच्छा विकल्प बनता है.विटामिन्स और मिनरल्स: इसमें विटामिन B12, D, आयरन और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिमाग और हड्डियों के लिए फायदेमंद हैं. आसानी से पचता है: अंडे की भुर्जी हल्की होती है और जल्दी पच जाती है, इसलिए बीमार या रिकवरी कर रहे लोगों के लिए अच्छी मानी जाती है. जो लोग जिम करते हैं, फिटनेस पर ध्यान देते हैं या वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए अंडे की भुर्जी ज्यादा लाभकारी होती है. पनीर भुर्जी के फायदेपनीर खास तौर पर शाकाहारी लोगों के लिए एक बेहतरीन प्रोटीन स्रोत है. प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत: पनीर हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है.ऊर्जा और तृप्ति: यह धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है.वजन बढ़ाने में मददगार: इसमें फैट की मात्रा अंडे की तुलना में अधिक होती है, जो कमजोर या दुबले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है.शाकाहारी विकल्प: जो लोग अंडा नहीं खाते, उनके लिए पनीर एक बेहतरीन विकल्प है. बच्चों, बुजुर्गों और उन लोगों के लिए जो ताकत बढ़ाना चाहते हैं, पनीर भुर्जी अच्छी रहती है. किसके लिए क्या बेहतर है?वजन कम करना चाहते हैं: अंडे की भुर्जी बेहतर है क्योंकि इसमें कम कैलोरी और ज्यादा प्रोटीन होता है.वजन या ताकत बढ़ाना चाहते हैं: पनीर भुर्जी फायदेमंद है.शाकाहारी हैं: पनीर सबसे अच्छा विकल्प है.जल्दी पचने वाला भोजन चाहिए: अंडा बेहतर है.हड्डियों की मजबूती: पनीर ज्यादा लाभकारी है क्योंकि इसमें कैल्शियम अधिक होता है. ध्यान रखने वाली बातेंअंडे ज्यादा मात्रा में खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में सेवन करें.पनीर ज्यादा खाने से वजन और फैट बढ़ सकता है, खासकर अगर आप पहले से ही कम एक्टिव हैं.दोनों को कम तेल और मसालों के साथ बनाना ज्यादा हेल्दी रहता है. तो इन सभी बातों का ध्यान में रखते हुये हम कह सकते हैं, अंडे और पनीर दोनों ही अपने-अपने तरीके से बेहद फायदेमंद हैं. अंडे की भुर्जी हल्की, जल्दी पचने वाली और फिटनेस के लिए बेहतर है, जबकि पनीर भुर्जी ज्यादा ऊर्जा और कैल्शियम देती है और शाकाहारियों के लिए बढ़िया विकल्प है.

पाकिस्तान में आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या:पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था, 2022 में UAPA के तहत आतंकी घोषित हुआ

पाकिस्तान में आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या:पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था, 2022 में UAPA के तहत आतंकी घोषित हुआ

पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि POK में अज्ञात हमलावरों ने हमजा बुरहान को निशाना बनाकर कई गोलियां चलाईं। हमले के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और POK में सक्रिय था। उसे 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रचने वालों में शामिल माना जाता था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। भारत सरकार ने 2022 में हमजा बुरहान को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था।

वायरल कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट भारत में रोका गया, संस्थापक ने लॉन्च किया नया हैंडल | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:21 मई, 2026, 15:04 IST 200K से अधिक फॉलोअर्स हासिल करने के बाद भारत में कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट बंद कर दिया गया, संस्थापक अभिजीत डुबके ने एक नया हैंडल बनाने की घोषणा की। भारत में कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट पर प्रतिबंध और नए हैंडल की घोषणा का स्क्रीनग्रैब। (स्रोत: एक्स) देश की जेन जेड के बीच बढ़ती लोकप्रियता के बीच कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट गुरुवार को भारत में रोक दिया गया। एक्स पर अकाउंट बैन करने की पुष्टि करते हुए पार्टी के संस्थापक अभिजीत डुपके ने एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसमें दिखाया गया कि अकाउंट को भारत में बैन कर दिया गया है। पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”जैसा कि उम्मीद थी, कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट भारत में रोक दिया गया है।” संस्थापक ने आगे दावा किया कि खाते पर प्रतिबंध लगा दिया गया था क्योंकि उसके 200K से अधिक अनुयायी थे। उन्होंने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट 16 मई को शुरू किया गया था। 4 दिनों के भीतर अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया गया क्योंकि इसे 200K से ज्यादा फॉलोअर्स मिल गए थे।” कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट 16 मई को शुरू हुआ था। 4 दिन के अंदर ही अकाउंट को 200K से ज्यादा फॉलोअर्स मिलने के कारण बैन कर दिया गया। pic.twitter.com/q93MTXIbrm – अभिजीत डुपके (@abhajet_dipke) 21 मई 2026 एक घंटे के भीतर डुपके ने घोषणा की कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कॉकरोच जनता पार्टी का एक नया अकाउंट बनाया है। यह भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर मारा जैकपॉट, 5 दिनों में बने 11 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त वृद्धि के बीच एक्स पर कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। कॉकरोच जनता पार्टी क्या है? “कॉकरोच जनता पार्टी” शब्द की उत्पत्ति हाल ही में एक अदालती सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा कथित तौर पर की गई टिप्पणी पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के रूप में हुई थी। कार्यवाही के दौरान, सीजेआई ने कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” के रूप में संदर्भित किया था, जिसकी ऑनलाइन व्यापक आलोचना हुई थी। कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया पर एक मेम-संचालित विरोध अभियान के रूप में जो शुरू हुआ वह तेजी से एक वायरल डिजिटल आंदोलन में विकसित हो गया है, जो बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, राजनीतिक बयानबाजी और संस्थागत जवाबदेही के आसपास के सवालों से निराश युवाओं के साथ दृढ़ता से गूंज रहा है। यह भी पढ़ें: कौन हैं अभिजीत डुबके? वायरल कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे का दिमाग अपने व्यंग्यपूर्ण लहजे के बावजूद, समूह के घोषणापत्र में कई गंभीर राजनीतिक मांगें शामिल हैं। इनमें पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा पद स्वीकार करने से रोकना, चुनाव आयोग की जवाबदेही बढ़ाना, संसद और मंत्री पदों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना और मीडिया स्वामित्व और रोजगार अधिकारों से संबंधित सुधार पेश करना शामिल है। इस आंदोलन ने हास्य, मीम्स और तीखी राजनीतिक टिप्पणियों पर बहुत अधिक भरोसा किया है, जिससे इसे कम समय में ऑनलाइन बड़े पैमाने पर लोकप्रियता हासिल करने में मदद मिली है। जैसे-जैसे इस चलन ने गति पकड़ी, सोशल मीडिया प्रभावितों द्वारा लॉन्च किया गया “इंडियन नेशनल कॉकरोचेस” नामक एक और पैरोडी संगठन भी ऑनलाइन सामने आया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया वायरल कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट भारत में रोका गया, संस्थापक ने नया हैंडल लॉन्च किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कॉकरोच जनता पार्टी(टी)एक्स अकाउंट रोक दिया गया(टी)सोशल मीडिया प्रतिबंध भारत(टी)जेन जेड राजनीतिक आंदोलन(टी)व्यंग्यात्मक राजनीतिक पार्टी(टी)मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत टिप्पणी(टी)वायरल डिजिटल विरोध(टी)बेरोजगारी और युवा सक्रियता

मेलोडी टॉफ़ी रेसिपी: बाज़ार में चिप्स मिल रही मेलोडी? घर पर मिनट में तैयार करें क्लासिक ही चौको टॉफी, नोट करें आसान रेसिपी

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21 मई 2026 को 14:56 IST पर अद्यतन किया गया मेलोडी टॉफी रेसिपी: बाजार में मिलने वाली बच्चों और बड़ों की पसंदीदा ‘मेलोडी’ चॉकलेट टॉफी अब आप बेहद आसानी से और कम खर्च में घर पर ही तैयार कर सकते हैं। अगर बाजार के दाम आपकी जेब पर भारी हैं, तो इस सिंपल रेसिपी की मदद से आप मिंटों में बिल्कुल सही चॉकलेट-चॉकलेट साधारण घर की रसोई में ला सकते हैं। अनुसरण करना : आप यहां ‘मेलोडी घर इतनी चॉकलेटी क्यों है’ वाला स्वाद पा सकते हैं। यह बच्चों के लिए सुरक्षित और आपके बजट के लिए उपयुक्त है। दूध और कोको पाउडर, मक्खन, दूध, कंडेनड मिल्क, कैरामेल मसाला, चीनी आदि लें। छवि: मेटा एआई एक मक्खन वाले पैन में मक्खन। इसमें दूध और चीनी मिट्टी के बरतन पर आधारित जब तक चीनी खो न जाए। अब इसमें मिल्क पाउडर और कोको पाउडर डालें और लगातार बनाते रहें। छवि: मेटा एआई अब इसमें कैंडीड और मिल्क वेनिला एसेंस मिलाएं। यह टॉफी को वह खास बाजार जैस और पिज्जानेस देता है। छवि: मेटा एआई एक छोटे पैन में कैरामेल सॉस और एक दूध गर्म करके पिज्जा और स्टिक ग्लास तैयार कर लें। यही वो राज है जो आपकी टॉफी को ‘चॉकलेटी’ बनाता है। छवि: मेटा एआई हाथों पर घी और मिश्रण का छोटा हिस्सा लेकर गोल करें। बीच में कैरेमल स्थान और टॉफ़ी का वज़न आकार। टॉफियों को 1 घंटे के लिए फ़िरोज़ में सेट किया गया। बटर पेपर में लपेटकर एयरटाइट में जगह। छवि: मेटा एआई टॉफ़ी को फ़िरोज़ में रखने से यह 15 दिन तक रहता है और फिर मेलोडी खायी और खुद जान जाती है। छवि: इंस्टाग्राम द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 21 मई 2026 14:56 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)पीएम मोदी इटली यात्रा(टी)जियोर्जिया मेलोनी मेलोडी वीडियो(टी)मोदी मेलोनी वायरल वीडियो(टी)मेलोडी चॉकलेट टॉफी रेसिपी(टी)घर पर बनी कॉफी टॉफी(टी)घर पर मेलोडी चॉकलेट कैसे बनाएं(टी)10 मिनट की कॉफी टॉफी रेसिपी(टी)कंडेंस्ड मिल्क टॉफी रेसिपी(टी)ट्रेंडिंग मेलोडी चॉकलेट न्यूज(टी)इजी चॉकलेट रेसिपी हिंदी में

पार्क-मैदानों में दिखने वाली इस मामूली हरी घास में छिपा है सेहत का बड़ा राज, इसके फायदे जान चौंक जाएंगे

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Last Updated:May 21, 2026, 14:04 IST Summer Health Tips: गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने के लिए लोग न जाने कितने तरह के महंगे प्रोडक्ट्स और ड्रिंक्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर के आस-पास उगने वाली एक मामूली सी हरी घास औषधीय गुणों का खजाना है. आयुर्वेद में इसे एक बेहतरीन हेल्थ टॉनिक माना गया है, जो बिना किसी खर्च के शरीर को अंदर से एकदम कूल रखता है. आखिर क्या है यह चीज और इसके इस्तेमाल का सही तरीका क्या है, आइए जानते हैं. Summer Health Tips: चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग अक्सर महंगे ठंडे पेय पदार्थों और पैकेज्ड जूस का सहारा लेते हैं. लेकिन हमारे आस-पास ही प्रकृति ने कई ऐसी अनमोल चीजें दी हैं, जो बेहद कम खर्च में शरीर को न सिर्फ ठंडा रखती हैं बल्कि बीमारियों से भी बचाती हैं. ऐसी ही एक प्राकृतिक और गुणकारी चीज है दूब घास (दूर्वा). आम तौर पर लोग इसे सिर्फ पूजा-पाठ या बगीचे की हरियाली तक ही सीमित समझते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए वरदान माना गया है. ऋषिकेश के डॉ राजकुमार (आयुष) ने इस साधारण सी दिखने वाली घास के कुछ ऐसे अचूक फायदे बताए हैं, जो गर्मियों में आपके बड़े काम आ सकते हैं. शरीर को अंदर से ठंडा रखता है दूब का रस डॉ राजकुमार के अनुसार, दूब घास में प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाले गुण मौजूद होते हैं. तेज गर्मी और लू के मौसम में इसका रस पीना बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर के तापमान को संतुलित रखता है और अंदरूनी गर्मी को शांत करता है. गांव और पहाड़ी इलाकों में आज भी बुजुर्ग सुबह खाली पेट दूब घास का रस पानी में मिलाकर पीते हैं. यह एक ऐसा देसी और आसान उपाय है, जो शरीर को लू के हानिकारक असर से सुरक्षित रखता है. यह भी पढ़ें : वजन कंट्रोल से लेकर मजबूत हड्डियों तक, गर्मी में मिलेट्स खाने के कई फायदे, सेवन का तरीका जान लें हर्बल ड्रिंक की तरह करें इस्तेमाल, शरीर रहेगा हाइड्रेटदूब घास का उपयोग सिर्फ रस निकालने तक ही सीमित नहीं है. इसे पानी में अच्छी तरह उबालकर और फिर ठंडा करके एक बेहतरीन हर्बल ड्रिंक की तरह भी पिया जा सकता है. यह ड्रिंक चिलचिलाती गर्मी में शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने में मदद करती है. बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले कोल्ड ड्रिंक्स के मुकाबले यह प्राकृतिक ड्रिंक शरीर को बिना किसी नुकसान के ताजगी और हल्कापन महसूस कराती है. यही वजह है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लोग आज भी पैकेज्ड चीजों के बजाय इस पारंपरिक नुस्खे पर भरोसा करते हैं. ओस से भीगी घास पर नंगे पैर चलने के फायदेदूब घास का एक और बेहतरीन उपयोग है सुबह के समय इस पर नंगे पैर टहलना. सुबह की ताजी ओस से भीगी हुई दूब घास पर चलने से पैरों को गजब की ठंडक मिलती है. आयुर्वेद और घरेलू मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से मानसिक तनाव बहुत कम होता है और मन को गहरी शांति मिलती है. दिन की एक सकारात्मक शुरुआत करने के लिए पहाड़ों और गांवों में आज भी लोग सुबह-सुबह पार्कों या खेतों के किनारे दूब घास पर टहलना पसंद करते हैं. इसके अलावा यह त्वचा की छोटी-मोटी समस्याओं को दूर करने में भी मददगार मानी जाती है. हालांकि, हर किसी का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें. About the Author Seema Nath सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand

DU PG कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू:82 कोर्स में ले सकते हैं एडमिशन, जानें पूरी एप्लीकेशन प्रोसेस

DU PG कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू:82 कोर्स में ले सकते हैं एडमिशन, जानें पूरी एप्लीकेशन प्रोसेस

दिल्ली विश्वविद्यालय यानी DU ने 2026-27 सत्र के लिए पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए 16 मई से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। रजिस्टर करने की आखिरी तारीख 7 जून है। यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों में पीजी कोर्स में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्र अब ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल पर अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रार ऑफिस के मुताबिक, जो छात्र अभी अपने ग्रेजुएशन के तीसरे या चौथे साल में पढ़ रहे हैं, वे दो साल के मास्टर्स प्रोग्राम में अप्लाई कर सकते हैं। DU PG कोर्स में एडमिशन के लिए 50% मार्क्स जरूरी DU में PG कोर्स के लिए अप्लाई कर रहे UR/OBC-NCL/EWS कैटेगरी के छात्रों को UG क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 50% टोटल मार्क्स या उसके बराबर ग्रेड होना जरूरी है। वहीं, SC/ST/PwBD कैटेगरी के छात्रों के लिए क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 45% टोटल मार्क्स या उसके बराबर ग्रेड होना चाहिए। स्टूडेंट्स को जिस कोर्स में एडमिशन लेना है, उसकी एलिजिबिलिटी पूरी करने के साथ ही पीजी एडमिशन के लिए होने वाला कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET (PG)- 2026 एग्जाम देना जरूरी है। DU मास्टर्स में 82 कोर्स ऑफर कर रहा DU की टोटल 16 फैकल्टीज में करीब 6.5+ लाख स्टूडेंट्स हर साल पढ़ते हैं। यूनिवर्सिटी में 86 डिपार्टमेंट और 91 कॉलेज हैं। DU मास्टर्स में 82 कोर्स ऑफर करती है। पूरे कोर्स और फैकल्टी की लिस्ट देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। 250 रुपए एप्लीकेशन फीस लगेगी अनारक्षित, OBC और EWS कैटेगरी के लिए अप्लीकेशन फीस 250 रुपए प्रति कोर्स है। SC/ST और PwBD के लिए एप्लीकेशन फीस 100 रुपए प्रति कोर्स ली जाएगी। इस बार यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। अब DigiLocker/API Setu प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों की जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी, जेंडर, माता-पिता का नाम और CUET स्कोर अपने-आप जुड़ जाएंगे। DU के PG CSAS 2026 पोर्टल पर ऐसे करें रजिस्टर नोट: नए नियमों के मुताबिक, सारी डिटेल्स की बजाय सिर्फ डिजिलॉकर या API SETU के लिंक करने को कहा जा सकता है। इससे पोर्टल पर जरूरी जानकारी जैसे कैंडिडेट का नाम, D.O.B, CUET स्कोर, अपने आप अपलोड हो जाएगी। ये 4 डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें पोर्टल पर एडमिशन के आवेदन के 10 स्‍टेप्‍स यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है कि नई शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत शुरू किए गए एक साल के PG प्रोग्राम्स के लिए जल्द ही अलग पोर्टल पर एप्लीकेशन शुरू होंगे। छात्रों को अपडेट के लिए admission.uod.ac.in वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है। DU में 27% OBC और SC/ST स्टूडेंट्स के लिए 22.5% सीटें आरक्षित DU के कॉलेजों में 27% सीटें OBC (सेंट्रल लिस्ट में नॉन क्रिमी लेयर) के लिए आरक्षित हैं। SC/ST के लिए टोटल 22.5% आरक्षित है, इनमें भी SC को 15% और ST को 7.5%। EWS कोटा के लिए भी 10% सीटें आरक्षित हैं, लेकिन EWS सर्टिफिकेट 31 मार्च 2026 के बाद का अपडेटेड होना चाहिए। PwBD कैंडिडेट्स के लिए हर कोर्स में 5% सीटों आरक्षित हैं। इनके लिए अलग से सीट एलोकेशन रिजल्ट डिकलेयर किया जाएगा। स्टोरी – सोनाली राय ——————— ये खबर भी पढ़ें… कीड़ों की तरह रेंगकर शिक्षा मंत्री आवास पहुंचे कैंडिडेट्स:यूपी 69000 शिक्षक भर्ती रिजर्वेशन घोटाले के खिलाफ कैंडिडेट्स का अनोखा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडिडेट्स कीड़ों की तरह रेंगकर यूपी शिक्षा मंत्री के आवास पहुंच रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। कैंडिडेट्स यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कैंडिडेट्स इस तरह से चीफ जस्टिस के ‘कॉकरोज’ वाले बयान का भी प्रतिकात्मक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कीड़ा समझा, इसीलिए रेंग कर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

शहर से प्रत्येक जीतने वाले उम्मीदवार को प्रमुख विस्तार में एक मंत्रालय मिलता है

शहर से प्रत्येक जीतने वाले उम्मीदवार को प्रमुख विस्तार में एक मंत्रालय मिलता है

तमिलनाडु में तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) द्वारा सरकार बनाने के कुछ दिनों बाद, मुख्यमंत्री विजय 21 मई को 23 नए मंत्रियों को शामिल करने के साथ अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने के लिए तैयार हैं। राज्यपाल कार्यालय की घोषणा के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे चेन्नई के राजभवन में होने वाला है, जहां राज्यपाल आरएन रवि अर्लेकर नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाएंगे। यह विस्तार हाल के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके द्वारा 108 सीटें हासिल करने और कांग्रेस, वामपंथी दलों, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के समर्थन से सरकार बनाने के बाद हुआ है। विजय ने इस महीने की शुरुआत में शपथ ली: विजय ने 10 मई को चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में मंत्रियों के प्रारंभिक समूह के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसमें एन आनंद, सेनगोट्टैयन, अधव अर्जुन, निर्मल कुमार, वेंकटरमणन और अरुणराज शामिल थे। जबकि मंत्रियों के पहले बैच को विभाग आवंटित किए गए थे, बड़े कैबिनेट विस्तार की प्रत्याशा में कई विभाग जानबूझकर खाली छोड़ दिए गए थे। मंत्रिमंडल में शामिल होंगे कांग्रेस नेता: नवीनतम विस्तार औपचारिक रूप से दशकों में पहली बार कांग्रेस को तमिलनाडु कैबिनेट में लाएगा। शपथ लेने वालों में विजय के करीबी सहयोगी और थूथुकुडी विधायक श्रीनाथ के साथ-साथ दो कांग्रेस विधायक भी शामिल हैं। मेलूर कांग्रेस विधायक विश्वनाथन मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में से एक हैं। उनका शामिल होना विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि वह एक सामान्य निर्वाचन क्षेत्र से जीते थे। अनुसूचित जाति के नेताओं के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व: कैबिनेट विस्तार के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक अनुसूचित जाति समुदायों के नेताओं को बड़ा प्रतिनिधित्व दिया जाना है। अनुसूचित जाति के छह विधायक मंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं, जिनमें अराक्कोनम विधायक गांधीराज, अविनाशी विधायक कमली, रासीपुरम विधायक लोकेश तमीज़सेल्वन, ओट्टापिदारम विधायक मदनराज, श्रीपेरंबुदूर विधायक थेन्नारासु और मेलूर कांग्रेस विधायक विश्वनाथन शामिल हैं। इससे पहले, राज मोहन, जिन्हें स्कूल शिक्षा विभाग सौंपा गया था, पहले ही कैबिनेट में शामिल किए जा चुके हैं और वह भी अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। छह नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ, टीवीके के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में अब अनुसूचित जाति समुदायों से सात मंत्री होंगे। वीसीके को एक मंत्री पद मिलने की भी उम्मीद है, जिससे तमिलनाडु कैबिनेट में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व कुल मिलाकर आठ मंत्रियों तक बढ़ जाएगा। विस्तारित तमिलनाडु कैबिनेट में कुल 32 मंत्री होंगे, जिनमें पहले ही पदभार ग्रहण कर चुके नौ मंत्री और गुरुवार को शपथ लेने वाले 23 मंत्री शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि मंत्री सेंगोट्टैयन और कांग्रेस विधायक राजेशकुमार को छोड़कर, नए मंत्रिमंडल में लगभग सभी मंत्री पहली बार मंत्री बने हैं जिन्होंने हाल ही में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह कदम अनुभवी राजनीतिक दिग्गजों पर बहुत अधिक भरोसा करने के बजाय एक नई नेतृत्व टीम पेश करने के टीवीके के प्रयास को दर्शाता है। विरुधुनगर जिले में पहले से ही मंत्री कीर्तन के माध्यम से प्रतिनिधित्व है। अब जगदीश्वरी के मंत्री बनने के साथ, जिले को कैबिनेट में दूसरा स्थान मिलेगा। चेन्नई का प्रतिनिधित्व भी बढ़ रहा है. राजधानी शहर में पहले से ही पांच मंत्री हैं – विजय, एन आनंद, अधव अर्जुन, राजमोहन और वेंकटरमणन। अब, आरके नगर विधायक मारिया विल्सन और वेलाचेरी विधायक कुमार के भी मंत्रालय में शामिल होने की उम्मीद है, जिससे कैबिनेट में चेन्नई की उपस्थिति और मजबूत होगी। नई कैबिनेट में अल्पसंख्यक समुदायों के तीन मंत्री भी शामिल होंगे, जो विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रशासन के भीतर व्यापक सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बनाए रखने के प्रयास का संकेत है। इस विस्तार पर बारीकी से नजर रखी जा रही है क्योंकि टीवीके दशकों में तमिलनाडु की पहली प्रमुख गठबंधन-शैली सरकार को आकार देते हुए जाति, क्षेत्रीय और गठबंधन प्रतिनिधित्व को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिनेता विजय(टी)चेन्नई समाचार(टी)कांग्रेस पार्टी समाचार(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु सरकार(टी)तमिलनाडु सरकार(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)टीवीके