Thursday, 24 Sep 2026 | 01:57 PM

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विदेश में पढ़ाई का अब नया फॉर्मूला:छात्र अब संस्थानों से पूछ रहे- ‘क्या इस महंगी डिग्री से नौकरी मिलेगी?’

विदेश में पढ़ाई का अब नया फॉर्मूला:छात्र अब संस्थानों से पूछ रहे- ‘क्या इस महंगी डिग्री से नौकरी मिलेगी?’

भारतीय छात्रों की पसंद के मामले में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की चमक अब फीकी पड़ती जा रही है। लीप ग्लोबल एजुकेशन की एक रिपोर्ट कहती है कि भारतीय छात्र अब इटली, फ्रांस और न्यूजीलैंड जैसे देशों में नर्सिंग, एआई और फाइनेंस जैसे कोर्स चुन रहे हैं। इन देशों में नौकरी का रास्ता सीधा और पढ़ाई का खर्च कम है। अब इनका नया मंत्र है- डिग्री नहीं, जॉब। यूरोप भारतीय छात्रों के नए पसंदीदा ठिकाने के रूप में उभर रहा है। 30 लाख छात्रों के सर्वे पर आधारित रिपोर्ट यूरोप, न्यूजीलैंड जैसे देशों में ब्रिटेन, यूएस सरीखे एजुकेशन हब से किफायती पढ़ाई करीब 30 लाख छात्रों के विश्लेषण पर आधारित लीप ग्लोबल एजुकेशन की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप के देशों में हेल्थकेयर, मास्टर ऑफ नर्सिंग साइंस, फिजियोथेरेपी, मास्टर ऑफ एआई प्रोग्राम जैसे कोर्सेज लिए आवेदन 37.6% से लेकर 33,800% तक बढ़े हैं। एआई कोर्सेज के मामले में भारतीय छात्र न्यूजीलैंड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पढ़ाई का खर्च अमेरिका और ब्रि​टेन जैसे पारंपरिक एजुकेशन हब से कम है।

विदेश में पढ़ाई का अब नया फॉर्मूला:छात्र अब संस्थानों से पूछ रहे- ‘क्या इस महंगी डिग्री से नौकरी मिलेगी?’

विदेश में पढ़ाई का अब नया फॉर्मूला:छात्र अब संस्थानों से पूछ रहे- ‘क्या इस महंगी डिग्री से नौकरी मिलेगी?’

भारतीय छात्रों की पसंद के मामले में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की चमक अब फीकी पड़ती जा रही है। लीप ग्लोबल एजुकेशन की एक रिपोर्ट कहती है कि भारतीय छात्र अब इटली, फ्रांस और न्यूजीलैंड जैसे देशों में नर्सिंग, एआई और फाइनेंस जैसे कोर्स चुन रहे हैं। इन देशों में नौकरी का रास्ता सीधा और पढ़ाई का खर्च कम है। अब इनका नया मंत्र है- डिग्री नहीं, जॉब। यूरोप भारतीय छात्रों के नए पसंदीदा ठिकाने के रूप में उभर रहा है। 30 लाख छात्रों के सर्वे पर आधारित रिपोर्ट यूरोप, न्यूजीलैंड जैसे देशों में ब्रिटेन, यूएस सरीखे एजुकेशन हब से किफायती पढ़ाई करीब 30 लाख छात्रों के विश्लेषण पर आधारित लीप ग्लोबल एजुकेशन की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप के देशों में हेल्थकेयर, मास्टर ऑफ नर्सिंग साइंस, फिजियोथेरेपी, मास्टर ऑफ एआई प्रोग्राम जैसे कोर्सेज लिए आवेदन 37.6% से लेकर 33,800% तक बढ़े हैं। एआई कोर्सेज के मामले में भारतीय छात्र न्यूजीलैंड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पढ़ाई का खर्च अमेरिका और ब्रि​टेन जैसे पारंपरिक एजुकेशन हब से कम है।

टाइम मैगजीन के शीर्ष 100 परोपकारियों में भारतीय और भारतवंशी:गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे नाडर; बच्चों को कुपोषण से निकाल लाए मेहता बंधु, शाह

टाइम मैगजीन के शीर्ष 100 परोपकारियों में भारतीय और भारतवंशी:गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे नाडर; बच्चों को कुपोषण से निकाल लाए मेहता बंधु, शाह

टाइम मैगजीन ने 2026 की टाइम 100 फिलैन्थ्रॉपी लिस्ट जारी की है। इसके मुताबिक दानवीर अब पारंपरिक समाज सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी अकूत दौलत से समाज और व्यवस्था की सूरत बदल रहे हैं। इसमें भारतीय व भारतवंशी भी हैं। मेहता बंधु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ झीलों-प्रकृति का संरक्षण कर रहे हैं, तो नाडर जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाकर अमेरिका तक भेज रहे हैं। भारतवंशी राजीव शाह बच्चों को शुद्ध खाना दिलवाने का प्रण ले चुके हैं, तो वहीं दीपक भार्गव बुनियादी अधिकारों की राह मजबूत कर रहे हैं। जानिए इन्हें… शिव नाडर- किसानों व मजदूरों के बच्चों को चुनकर मुफ्त में पढ़ा रहे एचसीएल टेक्नोलॉजीज के 80 वर्षीय फाउंडर का विजन ‘क्रिएटिव फिलैन्थ्रॉपी’ पर टिका है, जहां पारदर्शिता सबसे अहम है। शिक्षा को बदलाव की चाबी मानने वाले नाडर ‘विद्याज्ञान’ बोर्डिंग स्कूलों के जरिए यूपी के ग्रामीण इलाकों से गरीब किसानों-मजदूरों के होनहार बच्चों को चुनकर मुफ्त पढ़ाते हैं। इस साल दो बच्चों को अमेरिका भेजा। पिछले 5 वर्षों में 4 बार देश के ‘शीर्ष दानदाता’ रहे। 2025 में अकेले 2660 करोड़ रु. दिए। यूनिवर्सिटी, म्यूजियम व अस्पतालों को अब तक ₹14,000 करोड़ दे चुके हैं। सुधीर-समीर मेहता – पौने दो लाख बच्चों का हेल्थ चेकअप करवा चुके 1.17 लाख करोड़ से बड़े साम्राज्य वाले ‘टोरेंट ग्रुप’ के मालिक मेहता बंधुओं ने 2024 में पिता उत्तमभाई नत्थूलाल मेहता की जन्मशती पर 5 हजार करोड़ रु. दान करने का महा-संकल्प लिया था। इसी मुहिम के तहत अहमदाबाद में 30 हजार वर्गफुट का न्यूरो-रिहैबिलिटेशन केंद्र शुरू किया गया है। इनके ‘यूएनएम फाउंडेशन’ ने 10 साल में पौने दो लाख बच्चों की सेहत की जांच की, 70 हजार नौनिहालों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई है। बच्चों के लिए अस्पताल भी खोला है। राजीव शाह – 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ने का मिशन चला रहे राजीव जे. शाह भारतीय मूल के अमेरिकी नेता हैं, जो 2017 से 5.5 लाख करोड़ वाले रॉकफेलर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हैं। यूट्यूबर मि.बीस्ट के साथ मिलकर केन्या में स्कूल किचन खोला। 1 लाख भोजन थाली का लक्ष्य है। फाउंडेशन ने मिशन 300 शुरू किया है, इसमें 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ना और बच्चों के लिए 8 हजार करोड़ की राशि से पौष्टिक और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है। बराक ओबामा प्रशासन में यूएसएड के प्रमुख रहे शाह कहते हैं,‘हर जिंदगी कीमती है। दीपक भार्गव- दुनियाभर में परोपकार से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जुटे लंबे समय तक एक्टिविस्ट रहे। 2024 में ‘फ्रीडम टुगेदर फाउंडेशन’ की कमान संभाली। भारतीय मूल के भार्गव मानते हैं कि बुनियादी अधिकारों व लोकतंत्र पर मंडराते खतरों के इस दौर में परोपकार का तरीका भी असाधारण होना चाहिए। आमतौर पर ट्रस्ट संपत्ति का 5% ही दान करते हैं, पर भार्गव ने इसे 10% तक पहुंचाया। 2025 में संस्था ने ₹3,300 करोड़ रु. दिए, जिसमें 70% लोकतंत्र की मजबूती में लगा। मैकआर्थर फाउंडेशन के साथ मिलकर दुनियाभर में ‘दान की स्वतंत्रता’ की पैरवी कर रहे हैं।

कान्ये वेस्ट का दिल्ली कॉन्सर्ट कैंसिल:पहली बार भारत में परफॉर्म करने वाले थे रैपर, ऑर्गनाइजर बोले- सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

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इंटरनेशनल रैपर कान्ये वेस्ट (ये) का भारत में होने वाला कॉन्सर्ट कैंसिल कर दिया गया है। रैपर भारत में पहला कॉन्सर्ट 23 मई को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना था। इससे पहले यह शो 29 मार्च के लिए तय किया गया था, जिसे बाद में रीशेड्यूल किया गया था। इवेंट ऑर्गनाइजर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक बयान में कॉन्सर्ट कैंसिल करने की घोषणा की। बयान में कहा गया कि अधिकारियों के निर्देशों के कारण यह लाइव इन इंडिया इवेंट नहीं हो पाएगा। ऑर्गनाइजर ने कहा कि महीनों की तैयारी के बाद, यह भारत में अब तक के सबसे बड़े लाइव कॉन्सर्ट्स में से एक होने वाला था, लेकिन मौजूदा सेंसिटिव हालात को देखते हुए पब्लिक सेफ्टी को प्रायोरिटी दी गई है। पोस्ट में यह भी जानकारी दी गई कि टिकट खरीदने वाले लोगों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। वहीं, नई तारीख और वेन्यू को लेकर कान्ये वेस्ट की टीम के साथ बातचीत जारी है। कान्ये वेस्ट को 2003 में उनके गाने ‘थ्रू द वायर’ से पहचान मिली थी। उनका पहला एल्बम 2004 में रिलीज हुआ था। उनके फेमस गाने ‘नाइज इन पेरिस’, ‘बाउंड 2’ और ‘हरिकेन’ हैं। इससे पहले ग्लोबल सिंगर शकीरा का अप्रैल में होने वाला ‘फीडिंग इंडिया कॉन्सर्ट’ पोस्टपोन किया गया था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। शकीरा का मुंबई में 10-11 अप्रैल और दिल्ली में 15 अप्रैल को परफॉर्म करने का शेड्यूल था। अभी तक कॉन्सर्ट की नई तारीखों का एलान नहीं किया गया है। सुरक्षा कारणों से लिया गया था फैसला कॉन्सर्ट ऑर्गनाइजर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर लिखा था, ‘मौजूदा जियो पॉलिटिकल स्थिति और क्षेत्रीय तनाव के कारण शकीरा का कॉन्सर्ट अगले नोटिस तक पोस्टपोन किया जा रहा है। हमारे लिए फैंस, आर्टिस्ट और प्रोडक्शन टीम की सुरक्षा सबसे ऊपर है।’ ऑर्गनाइजर्स ने कहा था कि वे शकीरा की टीम के साथ मिलकर नई तारीखों पर काम कर रहे हैं और जैसे ही कुछ फाइनल होगा, उसकी जानकारी दी जाएगी। 32 हजार रुपए तक थी टिकट की कीमत शकीरा के इस कॉन्सर्ट को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज था, क्योंकि वे 2007 के बाद पहली बार भारत आने वाली थीं। इसके टिकट काफी महंगे बिके थे। मुंबई में सबसे महंगा ‘HSBC स्टारस्ट्रक लाउंज पास’ 32,000 रुपए का था। इसमें 28,500 रुपए की टिकट के साथ जीएसटी और बुकिंग फीस शामिल थी। वहीं, प्लैटिनम लाउंज का टिकट 24,500 रुपए और वीआईपी सेक्शन का टिकट 14,500 रुपए का था। दिल्ली में भी स्टारस्ट्रक लाउंज की कीमत करीब 30,500 रुपए रखी गई थी। जिन लोगों ने टिकट बुक किए थे, ऑर्गनाइजर्स ने उन्हें रिफंड का भरोसा दिया था। डिस्ट्रिक्ट की तरफ से कहा गया था कि जिन्होंने भी टिकट्स खरीदी थीं, उन्हें पूरा पैसा वापस मिलेगा। यह रिफंड उसी ‘ओरिजनल पेमेंट मोड’ में क्रेडिट किया जाएगा। किसी भी सवाल या समस्या के लिए ऑर्गनाइजर्स ने एक आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की है।

मालदीव में इटली के 5 गोताखोरों की मौत:समुद्र के नीचे गहरी गुफाओं की खोज में निकले थे, सिर्फ एक का शव मिला

मालदीव में इटली के 5 गोताखोरों की मौत:समुद्र के नीचे गहरी गुफाओं की खोज में निकले थे, सिर्फ एक का शव मिला

मालदीव के वावू एटोल में इटली के 5 गोताखोरों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है। सभी डाइवर्स 50 मीटर गहराई में मौजूद गुफाओं की खोज के लिए गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अब तक सिर्फ एक शव बरामद हुआ है। खराब मौसम और समुद्र की कठिन परिस्थितियों की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक बाकी चार डाइवर्स के शव अब भी गुफा के अंदर होने की आशंका है। सर्च ऑपरेशन शनिवार को फिर शुरू किया जाएगा। मालदीव सरकार ने मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की है। यह टीम ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की बोट से समुद्र में गई थी। यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे चार डाइवर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच में से कम से कम चार डाइवर्स इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे। जियानलुका बेनेडेट्टी यॉट पर बोट ऑपरेशंस मैनेजर थे। उनका शव ही अब तक बरामद किया जा सका है। मोनिका मोंटेफाल्कोने मरीन बायोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा में ट्रॉपिकल मरीन इकोलॉजी और अंडरवॉटर साइंस की प्रोफेसर थीं। इटली की मीडिया के मुताबिक वह मालदीव में एक आइलैंड मॉनिटरिंग कैंपेन की साइंटिफिक डायरेक्टर भी थीं। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी बेटी जॉर्जिया सोमाकाल को भी समुद्र और डाइविंग में दिलचस्पी थी। उन्होंने उसी यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। 31 साल की म्यूरियल ओडेनिनो मरीन बायोलॉजिस्ट और इकोलॉजिस्ट थीं। उन्होंने कई वैज्ञानिक रिसर्च पेपर भी लिखे थे। वहीं, 31 साल के फेडेरिको गुआल्तिएरी ने हाल ही में मरीन बायोलॉजी और इकोलॉजी में डिग्री पूरी की थी। वह सर्टिफाइड स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी थे। बेनेडेट्टी पहले बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में काम करते थे। बाद में उन्होंने डाइविंग के शौक के चलते 2017 में मालदीव शिफ्ट होने का फैसला किया और बोट ऑपरेशंस मैनेजर बन गए। खराब मौसम से रुका रेस्क्यू ऑपरेशन रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक बेनेडेट्टी का शव अंडरवॉटर केव सिस्टम के प्रवेश द्वार के पास मिला। बाकी डाइवर्स के गुफा के अंदर फंसे होने की आशंका है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, जिस केव सिस्टम में डाइवर्स गए थे, उसमें तीन बड़े चैम्बर्स हैं, जो पतले रास्तों से जुड़े हुए हैं। रेस्क्यू टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है। डायविंग की सुरक्षित समय सीमा की वजह से ऑपरेशन सीमित रखना पड़ा। मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद हुसैन शरीफ ने बताया कि शुक्रवार को आठ डाइवर्स ने सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया। वे जोड़ी बनाकर गुफा के गहरे हिस्सों तक पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने के बाद मिशन रोकना पड़ा। इसी बीच, इटली सरकार ने कहा है कि वह डाइवर्स अलर्ट नेटवर्क नाम की स्पेशलिस्ट डाइविंग संस्था के साथ मिलकर शवों को वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। मौत की वजह अब तक साफ नहीं डाइवर्स की मौत की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां और डाइविंग एक्सपर्ट्स कई संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। मालदीव पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या खराब मौसम की वजह से पानी के अंदर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के समय 25 से 30 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। इटली के अखबार ला रिपब्लिका के मुताबिक, खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी घटने से डाइवर्स गुफा के अंदर रास्ता भटक गए होंगे। मोनिका मोंटेफाल्कोने के पति कार्लो सोमाकाल ने इटली की मीडिया से कहा कि डायविंग के दौरान कोई अनपेक्षित घटना हुई होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी दुनिया की सबसे अनुभवी डाइवर्स में थीं और वह कभी अपनी बेटी या टीम को खतरे में नहीं डालतीं। जांचकर्ता इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि एक डाइवर कहीं फंस गया हो और बाकी साथी उसे बचाने की कोशिश में ऑक्सीजन खत्म होने या घबराहट का शिकार हो गए हों। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ डाइविंग एक्सपर्ट्स ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी की आशंका भी जता रहे हैं। यह स्थिति तब होती है, जब डाइविंग टैंक में मौजूद गैस का मिश्रण गहराई के हिसाब से सही नहीं होता और ज्यादा दबाव में ऑक्सीजन जहरीली हो जाती है। अंडरवॉटर केव डाइविंग क्यों खतरनाक मानी जाती है केव डाइविंग को बेहद तकनीकी और खतरनाक गतिविधि माना जाता है। इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग, एडवांस उपकरण और सख्त सुरक्षा नियमों की जरूरत होती है। डाइविंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंडरवॉटर गुफाओं में रास्ता भटकने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। हल्की सी मिट्टी या तलछट भी पानी में फैल जाए तो विजिबिलिटी लगभग शून्य हो सकती है। 50 मीटर की गहराई तक जाना सामान्य स्कूबा डाइविंग लिमिट से काफी ज्यादा माना जाता है। 40 मीटर से नीचे की डाइविंग को टेक्निकल डाइविंग कैटेगरी में रखा जाता है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग और खास उपकरण जरूरी होते हैं। मालदीव में सामान्य रिक्रिएशनल डाइविंग की सीमा 30 मीटर तय है। BBC के मुताबिक, मालदीव में डाइविंग और स्नॉर्कलिंग हादसे बहुत कम होते हैं।

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल ₹5 सस्ता हुआ:पेट्रोल ₹409.78 और हाई-स्पीड डीजल ₹409.58 लीटर मिल रहा, भारत में कल ₹3 महंगे हुए थे

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल ₹5 सस्ता हुआ:पेट्रोल ₹409.78 और हाई-स्पीड डीजल ₹409.58 लीटर मिल रहा, भारत में कल ₹3 महंगे हुए थे

पाकिस्तान सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की है। नई कीमतें आज यानी 16 मई से लागू हो गई हैं। इस कटौती के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत ₹409.78 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत ₹409.58 प्रति लीटर पर आ गई है। हाल के दिनों में लगातार बढ़ी कीमतों के बाद इस कमी से मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के बजट को थोड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पेट्रोल का सीधा असर मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी गाड़ियों पर पड़ता है। हर हफ्ते शुक्रवार रात को तय हो रहे दाम पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ समय से हर हफ्ते शुक्रवार रात को पेट्रोलियम कीमतों की समीक्षा कर रही है। दरअसल, 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध (जो फिलहाल थमा हुआ है) के बाद से ही देश में ईंधन संकट गहराया हुआ है। पिछले हफ्ते ही ₹15 तक बढ़ाए थे दाम: मार्च में लगा था ₹55 प्रति लीटर का बड़ा झटका भले ही सरकार ने ₹5 की राहत दी है, लेकिन ठीक एक हफ्ते पहले सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में ₹14.92 और डीजल में ₹15 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद, सरकार ने 6 मार्च को पेट्रोल-डीजल ₹55 प्रति लीटर महंगा कर दिया था। 2 अप्रैल को पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 55% की बढ़ोतरी की थी। भारत में भी पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे हुए भारत में 15 मई पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ी थीं। इससे दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं कंपनियों ने प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी कर दी हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे। देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

दिग्विजय सिंह बोले- मैं घोर सनातनी हूं:उषा ठाकुर से कहा-क्या तुमने नर्मदा परिक्रमा की है? पूर्व मंत्री बोलीं-पक्के सनातनी हैं, तो मानते क्यों नहीं

दिग्विजय सिंह बोले- मैं घोर सनातनी हूं:उषा ठाकुर से कहा-क्या तुमने नर्मदा परिक्रमा की है? पूर्व मंत्री बोलीं-पक्के सनातनी हैं, तो मानते क्यों नहीं

मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कह रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं। मेरे कहने के बाद ही आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया, पहले आप लोग सिर्फ हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार देर रात पूर्व मंत्री उषा ठाकुर से मुलाकात में यह बात कही। भोजशाला फैसले के बाद वे इंदौर पहुंचे थे। उषा ठाकुर बीजेपी विधायक और कट्टर हिंदुत्व छवि वाली नेता हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, “मैं जितना सनातनी हूं… क्या तुमने कभी नर्मदा परिक्रमा की है? क्या तुम एकादशी का व्रत करती हो?” इस पर ठाकुर ने कहा, “आप व्यक्तिगत रूप से तो पक्के सनातनी हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते।” जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से ही तो कह रहा हूं, अब और कैसे सार्वजनिक करूं? मैं सही सनातनी हूं।” दिग्विजय बोले- अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भोजशाला फैसले पर कहा था कि फैसले का अध्ययन किया जाएगा और देश के नियमों व प्रचलनों के अनुसार आगे कदम उठने चाहिए। जामिया मस्जिद, बनारस और अन्य तीन मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। भोजशाला एएसआई प्रोटेक्टेड साइट है, इसलिए वहां पूजा-अनुष्ठान की अनुमति का अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट ही करेगा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट में कई दावों का जिक्र नहीं है, इसलिए पूरे फैसले की गहराई से जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द के संकट के समय सिर्फ एक समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं। कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही सभी निर्णय होना चाहिए। अंतिम निर्णय सर्वोच्च न्यायालय का होगा। पढ़िए दिग्विजय और उषा ठाकुर के बीच की पूरी बातचीत… उषा ठाकुर : जी, बड़े भाई हैं ये। दिग्विजय सिंह : मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कह रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं। मेरे कहने के बाद आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया, पहले हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। मैंने इसकी शुरुआत की थी। उषा ठाकुर : हम अनादि काल से सनातनी हैं। दिग्विजय सिंह : अनादि काल से सनातनी तो तुम हो। हम उसके दुश्मन नहीं हैं। मैं जितना सनातनी हूं… तूने नर्मदा परिक्रमा की है क्या? उषा ठाकुर : नहीं करी। दिग्विजय सिंह : तू एकादशी का व्रत करती है क्या? उषा ठाकुर : आप बड़े भाई हैं। मैंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से पक्के सनातनी हैं, पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करते। दिग्विजय सिंह : मैं सार्वजनिक रूप से कह तो रहा हूं, और कैसे सार्वजनिक करूं? उषा ठाकुर : हां, मैं आपका धन्यवाद देती हूं। बहुत अच्छी बात है। दिग्विजय सिंह : मैं सही सनातनी हूं। उषा ठाकुर : तो आपको हाई कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना चाहिए। दिग्विजय सिंह : तूने कैसे मान लिया कि मैंने विरोध किया? उषा ठाकुर : अब ये किसी ने बोला। दिग्विजय सिंह : किसी ने बोला…! ये खबर भी पढ़ें… अयोध्या जाने के सवाल पर दिग्विजय बोले- अहं ब्रह्मस्मि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से भास्कर ने पूछा, आप राम मंदिर दर्शन के लिए कब जा रहे हैं? दिग्विजय बोले- अद्वैत वेदांत क्या है? अहं ब्रह्मास्मि, मेरे में ही ब्रह्म है। इसलिए मुझे कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। मेरे ह्रदय में ही नारायण विराजमान हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Hema Malini fitness secret: 77 की उम्र में हेमा मालिनी कैसे हैं इतनी फिट? ये है 1 राज

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Last Updated:May 16, 2026, 12:30 IST Hema Malini fitness secret: हेमा मालिनी 77 वर्ष की हैं, लेकिन इस उम्र में भी वे बेहद सुंदर, फिट, एक्टिव नजर आती हैं. उनकी त्वचा पर एक अलग सा ही ग्लो दिखाई देता है. आखिर क्या है इस ग्लो और सुंदरता का राज, क्या आप जानते हैं? दरअसल, हेमा मालिनी खुद को फिट रखने के लिए हर दिन योग का अभ्यास करती हैं. यही है उनके हेल्दी और फिट काया का राज. हेमा मालिनी के फिटनेस का राज योग. PC: instagram/dreamgirlhemamalini बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल दिग्गज अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ हेमा मालिनी 77 वर्ष की उम्र में भी उतनी ही खूबसूरत, फिट, एक्टिव नजर आती हैं, जितना कि वे अपनी फिल्मी करियर के दिनों में लगती थीं. आखिर इस फिटनेस का राज क्या है? किस तरह से हेमा मालिनी खुद को स्वस्थ रखती हैं. उनकी दमकती स्किन का सीक्रेट क्या है? शायद ही लोगों को ये पता होगा कि हेमा मालिनी हर दिन योग का अभ्यास करती हैं. इस बारे में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अपने इंस्टाग्राम ऑफिशियल अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें हेमा मालिनी अपने फिट रहने के सीक्रेट के बारे में बताती नजर आ रही हैं. हेमा मालिनी के फिटनेस का राज योगदरअसल, 21 जून को हर साल देश-दुनिया में ‘विश्व योग दिवस’ मनाया जाता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय अपने इंस्टाग्राम के आधिकारिक अकाउंट पर हर दिन कुछ ऐसे सेलिब्रिटीज के वीडियो शेयर कर रहा है, जो खुद भी योग करते हैं और इसे अपनाने की लोगों से अपील भी करते हैं. इससे पहले अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, योग गुरुओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के वीडियो भी साझा किए हैं. ये सभी योग के महत्व पर जोर देते नजर आ रहे हैं. ‘वर्ल्ड योग डे’ के नजदीक आने से कुछ दिनों पहले से ही आयुष मंत्रालय योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. मंत्रालय सोशल मीडिया के जरिए लोगों को विभिन्न योगासनों, उनके फायदे और सही अभ्यास के तरीकों के बारे में जानकारी दे रहा है. इसी कड़ी में अभिनेत्री और मथुरा सांसद हेमा मालिनी का एक प्रेरणादायक वीडियो भी शेयर किया है. योग फिट रहने का आसान तरीका आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर हेमा मालिनी का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में हेमा मालिनी कह रही हैं कि योग सिर्फ शारीरिक एक्सरसाइज नहीं, बल्कि मन, विचार और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है. उन्होंने अपनी फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल का श्रेय योग को दिया. वे आगे कहती हैं कि वे हर दिन योगाभ्यास करती हैं. योग ने उनके जीवन को बेहतर और समृद्ध बनाया है. उनके अनुसार, जीवन को पूरी क्षमता के साथ जीने के लिए नियमित योग बेहद जरूरी है और इसका अभ्यास हर किसी को जरूर करना चाहिए. View this post on Instagram

अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर को मारा:ट्रम्प बोले- वह दुनिया का सबसे एक्टिव आंतकी, अफ्रीका में घुसकर ऑपरेशन किया

अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर को मारा:ट्रम्प बोले- वह दुनिया का सबसे एक्टिव आंतकी, अफ्रीका में घुसकर ऑपरेशन किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकी संगठन ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर अफ्रीका में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि हमला अफ्रीका में कहां हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत ही प्लानिंग के साथ और बेहद मुश्किल तरीके से अंजाम दिया गया। वह छिपा हुआ था तभी उसे निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक यह आतंकी दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक था और उसे खत्म करने के लिए काफी समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। मिनाकी के और भी कई नाम बताए गए थे, जिनमें अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक भी शामिल थे। ट्रम्प के मुताबिक, मिनुकी के मारे जाने से आईएसआईएस के वैश्विक ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ भी लिखा। अमेरिका ने 3 साल पहले ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था। यह इलाका कैमरून, चाड और नाइजर की सीमा से लगता है। जून 2023 में बाइडेन सरकार ने मिनुकी को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया था। जब अमेरिका किसी व्यक्ति या संगठन को दुनिया के लिए खतरनाक आतंकवादी मान लेता है, तो उसे इस सूची में डाल देता है। जिस व्यक्ति या संगठन को यह दर्जा मिल जाता है, उसके ऊपर कई सख्त पाबंदियां लग जाती हैं। जैसे उसकी अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है, कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उससे लेन-देन नहीं कर सकती और उसे आर्थिक व वित्तीय तौर पर पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की जाती है। पिछले महीने ISIS ने नाइजीरिया के अदामावा राज्य में हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला गोम्बी लोकल गवर्नमेंट एरिया के गुयाकू इलाके में हुआ, जहां हथियारबंद हमलावरों ने स्थानीय लोगों को निशाना बनाया। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी अमेरिका ने नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम में ISIS के खिलाफ बड़ा हमला किया था। उस समय ट्रम्प ने कहा था कि यह कार्रवाई उन आतंकियों के खिलाफ थी, जो काफी समय से खासकर निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे। ट्रम्प ने उस वक्त धमकी दी थी कि अगर आतंकियों ने ईसाइयों की हत्या बंद नहीं की, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

गर्मियों में हाई बीपी से हैं परेशान, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर ने जानिए घरेलू और आसान उपाय

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अंबाला: देशभर में हाई ब्लड प्रेशर आज के समय की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है. चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. आमतौर पर लोग ब्लड प्रेशर बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं, जिससे बीपी मशीन में संख्या सामान्य दिखने लगती है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दवाओं से रक्तचाप नियंत्रित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसकी जड़ तक पहुंचकर खानपान और जीवनशैली में सुधार करना भी बेहद जरूरी है. गर्मी में क्यों बढ़ जाती है बीपी इसी विषय पर जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक डॉक्टर मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में हाई BP के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है. इसे नियंत्रित करने के लिए सबसे पहला कदम नमक का सेवन कम करना है. उन्होंने कहा कि भोजन में पकाते समय डाला गया नमक ही पर्याप्त होता है, इसलिए सलाद, दही या फलों पर ऊपर से अतिरिक्त नमक डालने की आदत तुरंत बंद कर देनी चाहिए. चाहें तो सामान्य नमक की जगह सीमित मात्रा में सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है. पैकेट फूड से बनाएं दूरी इसके साथ ही चिप्स, पापड़, नमकीन और अन्य पैकेटबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जो रक्तचाप बढ़ाने का प्रमुख कारण बन सकती है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में खीरा, ककड़ी, छाछ और नारियल पानी को हाई BP के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. इसके अलावा जौ का सत्तू गर्मियों में विशेष रूप से फायदेमंद होता है, क्योंकि यह शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने और अतिरिक्त नमक के प्रभाव को कम करने में मदद करता है. गर्मी में बीपी मरीज क्या खाएं उन्होंने कहा कि फलों में अंगूर और सेब को हाई BP के मरीजों के लिए उपयोगी बताया गया है. उनका कहना है कि भोजन के बाद अंगूर और सेब का नियमित सेवन लाभकारी हो सकता है. वहीं, गोंद कतीरा और गुलकंद जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ शरीर में मूत्र की मात्रा बढ़ाकर अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में सहायक माने जाते हैं. हल्दी-नीबू का पानी डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने हल्दी के सेवन को भी लाभकारी बताया. उन्होंने कहा कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. इसके लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा नींबू मिलाकर खाली पेट सेवन किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि हल्दी का अधिक सेवन पेट में जलन, गैस और एसिडिटी की समस्या पैदा कर सकता है. घरेलू उपायों से करें हाई BP को कंट्रोल विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपाय हाई BP को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी नए उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, सीमित नमक और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.