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विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित किया, 144 विधायकों ने टीवीके सरकार का समर्थन किया | भारत समाचार

US President Donald Trump waves prior boarding Air Force One at Joint Base Andrews, Maryland, on May 12, 2026 as he departs for a 3-day state visit to China. (Photo: AFP)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 11:57 IST राज्यपाल आरवी आर्लेकर के 13 मई या उससे पहले इसे आयोजित करने के निर्देशों के अनुरूप, सदन में विश्वास मत आयोजित किया गया था। तमिलनाडु विधानसभा में सीएम जोसेफ विजय. (एक्स) टीवीके फ़्लोर टेस्ट: सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में महत्वपूर्ण फ्लोर टेस्ट पास कर लिया क्योंकि 234 सदस्यीय विधानसभा में 144 विधायकों ने टीवीके सरकार का समर्थन किया। 22 विधायकों ने सरकार के खिलाफ वोट किया और पांच तटस्थ रहे. महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी की चेतावनी के बावजूद अन्नाद्रमुक के बागी गुटों द्वारा उनके लिए मतदान करने के बाद विजय के लिए बहुमत की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई। लाइव अपडेट का पालन करें राज्यपाल आरवी आर्लेकर के 13 मई या उससे पहले इसे आयोजित करने के निर्देशों के अनुरूप, सदन में विश्वास मत आयोजित किया गया था। मतदान से पहले, मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार और मंगलवार को सहयोगियों, प्रतिद्वंद्वियों एआईएडीएमके और डीएमके और कटु आलोचक एनटीके संस्थापक सीमन के साथ बैक-टू-बैक बैठकें कीं। टीवीके सरकार का समर्थन किसने किया? सत्तारूढ़ टीवीके को 144 विधायकों का समर्थन मिला. टीवीके की कुल ताकत 107 है। सत्ता पक्ष को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिला. सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके और आईयूएमएल- ने भी दो-दो विधायकों के साथ अभिनेता से नेता बने अभिनेता की सरकार को समर्थन दिया। विशेष रूप से, वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सी वे शनमुगम के नेतृत्व में और पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी के विरोधी 26 एआईएडीएमके विधायकों ने भी सरकार का समर्थन किया। और पढ़ें: ‘यह सरकार कब तक चलेगी’: डीएमके ने तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट के दौरान विजय सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए कार्यवाही के दौरान बोलते हुए, वीसीके विधायक वन्नी अरासु ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष दलों ने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है और विश्वास जताया है कि सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी। वन्नी अरासु ने कहा कि राज्यपाल शासन लाने के भाजपा के कथित अप्रत्यक्ष प्रयास को रोकने के लिए समर्थन दिया गया और राज्य के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के पदभार संभालने के बाद विपक्षी नेताओं से मिलने और उनका अभिनंदन करने की भी सराहना की और इसे राजनीतिक सभ्यता का सकारात्मक उदाहरण बताया. अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएएमके) के एकमात्र विधायक एस कामराज, जिन्हें एक दिन पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, ने भी सत्तारूढ़ टीवीके सरकार को अपना समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “मैंने कल तमिलागा वेट्ट्री कज़गम सरकार का समर्थन किया था, मैं आज भी इसका समर्थन करता हूं, और मैं अगले पांच वर्षों तक इसका समर्थन करना जारी रखूंगा। सीएम विजय पूरे राज्य की रक्षा कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि वह मुझे भी नहीं छोड़ेंगे। मुझे यकीन है कि हमारा विजय मेरी रक्षा करेगा और मुझे भी बचाएगा।” डीएमके का वाकआउट; पीएमके, बीजेपी वोटिंग से दूर रहे इस बीच, एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) आज तमिलनाडु विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान मतदान से अनुपस्थित रही। सदन को संबोधित करते हुए, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने नवनिर्वाचित सरकार पर निशाना साधा और कहा कि राज्य के लोग पहले से ही सवाल कर रहे थे कि सरकार कितने समय तक चलेगी और उन्हें लगता है कि उन्होंने इसके लिए मतदान करके “गंभीर त्रुटि” की है। और पढ़ें: ‘विज्ञान पर ध्यान दें’: निजी ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त किए जाने के बाद वीसीके, डीएमडीके ने सीएम विजय पर निशाना साधा पार्टी के फैसले की घोषणा करते हुए, उदयनिधि ने कहा कि डीएमके वॉकआउट करेगी और विश्वास मत में भाग नहीं लेगी। इस बीच, तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राजग का हिस्सा भाजपा और पीएमके ने मतदान में भाग नहीं लिया। तमिलनाडु सरकार का गठन कैसे हुआ? विजय की टीवीके हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन 234 सदस्यीय सदन में बहुमत के आंकड़े 118 से 10 सीटें कम रह गई। हालाँकि, चूंकि विजय ने दो सीटें जीतीं और उन्होंने उनमें से एक से इस्तीफा दे दिया, इसलिए कमी 11 हो गई। तब से, अभिनेता से नेता बने अभिनेता ने कांग्रेस (5), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (2), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (2), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (2) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (2) से समर्थन प्राप्त कर लिया है, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन की ताकत 120 हो गई है और पिछले सप्ताह सरकार बनाई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित किया, 144 विधायकों ने टीवीके सरकार का समर्थन किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीवीके फ्लोर टेस्ट(टी)तमिलनाडु विधानसभा विश्वास मत(टी)सी जोसेफ विजय सरकार(टी)टीवीके सरकार बहुमत(टी)एआईएडीएमके विधायकों का समर्थन(टी)डीएमके वॉकआउट फ्लोर टेस्ट(टी)तमिलनाडु गठबंधन सरकार(टी)विश्वास मत तमिलनाडु

जम्मू-कश्मीर में जैश को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार:एक साथी भी पकड़ाया; पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर, एक घायल

जम्मू-कश्मीर में जैश को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार:एक साथी भी पकड़ाया; पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने सरकारी स्कूल के एक शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को पनाह, खाना और दूसरी मदद देने का आरोप है। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान मशकूर अहमद के रूप में हुई है। वह इंदरवाल के एक सरकारी स्कूल में तैनात है। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, वह चटरू इलाके में आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। यह मामला 4 फरवरी 2026 को डिच्छर-चटरू में हुए एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें आतंकी आदिल मारा गया था। इधर, पुंछ के मेंढर स्थित कृष्णा घाटी सेक्टर में LoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई। अधिकारियों ने एक आतंकी के मारे जाने का दावा किया है, जबकि एक के घायल होने की आशंका है। जैश कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था जांच एजेंसियों के मुताबिक, मशकूर अहमद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के घर से सैफुल्लाह की एक तस्वीर मिली, जिसमें उसे नोटों की माला पहनाई गई थी। जांच एजेंसियां इसे आतंकी संगठन से करीबी संबंध के तौर पर देख रही हैं। जैश कमांडर सैफुल्लाह 22 फरवरी 2026 को चटरू में सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ में दो विदेशी आतंकियों के साथ मारा गया था। कौन था जैश का कमांडर सैफुल्लाह कहा जाता है कि सैफुल्लाह ने लगभग पांच साल पहले जम्मू और कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह सिक्योरिटी फोर्सेस पर कई जानलेवा हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें चार सैनिक मारे गए थे। किश्तवाड़ में सेना के ऑपरेशन में 7 आतंकी मारे गए थे भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने 25 फरवरी को X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा था- 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ में उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF समेत सेना की इंटेलीजेंस एजेंसी भी शामिल रहीं। 2026 में सेना के 2 ऑपरेशन ऑपरेशन त्राशी-1: यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई थी। चतरू में 3 आतंकियों के खात्मे के साथ यह खत्म हो गया है। ऑपरेशन ‘किया: व्हाइट नाइट कोर ने 4 फरवरी को CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए। ————— ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जैश के 3 आतंकी ढेर:सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को ब्लास्ट किया; 4 फरवरी को भी 3 आतंकी मारे थे जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। आधिकारियों ने 3 आतंकियों के ढेर होने की पुष्टि की है। सुरक्षाबलों ने उस ठिकाने को ही ब्लास्ट कर दिया, जहां आतंकी छिपे हुए थे। एनकाउंटर अभी भी जारी है। पूरी खबर पढ़ें…

रियल बेटिस 20 साल बाद चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई:स्पेनिश लीग ला लीगा में एल्चे को 2-1 से हराया, पेत्रोत को रेड कार्ड

रियल बेटिस 20 साल बाद चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई:स्पेनिश लीग ला लीगा में एल्चे को 2-1 से हराया, पेत्रोत को रेड कार्ड

स्पेनिश क्लब रियल बेटिस ने 20 साल बाद फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता UEFA चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रच दिया है। मंगलवार को स्पेनिश लीग ला लीगा में बेटिस ने एल्चे को 2-1 से हराकर 5वां स्थान और चैंपियंस लीग का अंतिम स्पॉट पक्का कर लिया। एल्चे रेलीगेशन के करीब है। रियल बेटिस ने आखिरी बार 2005-06 सीजन में चैंपियंस लीग खेली थी। मैनुअल पेलेग्रिनी की टीम ने जीत के साथ छठे स्थान पर मौजूद सेल्टा विगो पर 7 अंकों की बढ़त बना ली है। लीग में अब केवल दो दौर के मैच बाकी हैं। बेटिस के प्रशंसकों के लिए यह इमोशनल पल है, क्योंकि 2 दशक बाद उनकी टीम यूरोप के सबसे बड़े मंच पर खेलेगी। बेटिस ने इस पोस्ट के जरिए फैंस को जानकारी दी फोटो में सेलिब्रेशन देखिए… पेत्रोत को रेड कार्ड, एल्चे को 10 प्लेयर्स से खेलना पड़ा बेटिस के लिए कुचो हर्नांडेज ने 9वें मिनट में गोल कर बढ़त दिलाई थी। हाफ-टाइम से पहले एल्चे के हेक्टर फोर्ट ने स्कोर बराबर कर दिया। 49वें मिनट में एल्चे के लियो पेत्रोत को रेड कार्ड मिला। इसके बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही एल्चे के खिलाफ पाब्लो फोर्नाल्स ने 68वें मिनट में विनिंग गोल दागकर बेटिस की जीत और चैंपियंस लीग का टिकट तय कर दिया। एटलेटिको मैड्रिड की भी जीत एक अन्य मुकाबले में चौथे स्थान पर काबिज एटलेटिको मैड्रिड ने ओसासुना को 2-1 से हराया। एटलेटिको के लिए एडेमोला लुकमैन और अलेक्जेंडर सोरलॉथ ने गोल किए। 79वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे को रेड कार्ड मिलने के बाद टीम को अंत में 10 खिलाड़ियों के साथ संघर्ष करना पड़ा। ला लीगा की ताजा स्थिति बार्सिलोना ने मैड्रिड को हराकर जीता टाइटल ला लिगा के मौजूदा सीजन का खिताब बार्सिलोना ने जीता। उसने पॉइंट टेबल में 14 अंकों के भारी अंतर के साथ ला लिगा का खिताब अपने नाम किया। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को 2-0 से हराया। 97 साल बाद ‘एल क्लासिको’ से लीग का विजेता तय हुआ। —————————————————–

राजस्थान के CM के काफिले में कम हुईं गाड़ियां:PM की अपील का असर, 5 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे; मंत्री-अधिकारियों को भी निर्देश

राजस्थान के CM के काफिले में कम हुईं गाड़ियां:PM की अपील का असर, 5 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे; मंत्री-अधिकारियों को भी निर्देश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। बुधवार (आज) सुबह दिल्ली जाने के लिए सांगानेर एयरपोर्ट जाते समय उनके कारकेड (कॉन्वॉय) में गाड़ियों की संख्या 5 रह गई थी। प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद भजनलाल शर्मा ने मिसल पेश की है। पहले सीएम के काफिले में 10 से 12 गाड़ियां रहती थीं। अब गाड़ियों की संख्या आधी कर दी गई है। इससे पहले देर रात सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी मंत्रियों, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को भी काफिले में कम वाहनों के इस्तेमाल करने और वाहनों के अनवाश्यक प्रयोग से बचने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा- राज्य के सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अपने वाहनों का इस्तेमाल काफी सोच-विचार कर करें। अनावश्यक गाड़ियों को साथ लेकर न चलें। PM ने की थी 7 अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद (तेलंगाना) और वडोदरा (गुजरात) में जनसभाओं को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने के लिए जनता से 7 अपील की थी। इसमें पेट्रोल-डीजल बचाना भी शामिल था। ईंधन की बचत- पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें। इसके लिए अधिक से अधिक मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक (ईवी) वाहनों का उपयोग करें। वर्क फ्रॉम होम- कोरोना काल की तरह कंपनियां और कर्मचारी जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता दें। ताकि यात्रा और ईंधन का खर्च घटे। सोना खरीदने से बचें- मुद्रा नुकसान को रोकने के लिए आगामी एक साल तक अनावश्यक सोना न खरीदें। विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग टालें- मध्यम वर्ग से अपील की गई है कि वे कम से कम एक साल तक विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग की योजनाओं को टालें और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें। खाने के तेल की खपत कम करें- खाने के तेल के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाने और स्वास्थ्य के लिहाज से इसका सीमित उपयोग करें। स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता- ‘वोकल फॉर लोकल’ आंदोलन को मजबूत करने के लिए विदेशी ब्रांड्स के बजाय ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदें। प्राकृतिक खेती अपनाएं- किसानों से रासायनिक उर्वरकों (केमिकल फर्टिलाइजर) पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती (नेचुरल फार्मिंग) अपनाने का आग्रह किया गया है।

‘वायनाड अगला अमेठी होगा’: वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा के बीच केरल में राहुल, प्रियंका के खिलाफ पोस्टर | भारत समाचार

US President Donald Trump waves prior boarding Air Force One at Joint Base Andrews, Maryland, on May 12, 2026 as he departs for a 3-day state visit to China. (Photo: AFP)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 10:03 IST पोस्टरों में वेणुगोपाल की भी आलोचना की गई, उन्हें “राहुल के थैले ढोने वाले से ज्यादा कुछ नहीं” कहा गया और सुझाव दिया गया कि अगर उन्हें पार्टी नेतृत्व का समर्थन मिलता है तो विरोध तेज हो जाएगा। केरल को अपने अगले मुख्यमंत्री का नाम बुधवार को पता चलने की संभावना है। केरल सीएम सस्पेंस: एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में उभरने की तीव्र अटकलों के बीच वायनाड में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधने वाले पोस्टर दिखाई दिए हैं। वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास लगाए गए पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि अगर कांग्रेस आलाकमान वेणुगोपाल का समर्थन करता है तो “वायनाड अगला अमेठी होगा”। कुछ संदेशों में सीधे तौर पर राहुल और प्रियंका पर भी निशाना साधा गया और कहा गया कि केरल उनके मूर्खतापूर्ण फैसलों को माफ नहीं करेगा। पोस्टरों में गांधी भाई-बहनों को “वायनाड को भूल जाने” की चेतावनी दी गई, जिसमें दावा किया गया कि वे इस निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नहीं जीतेंगे। पोस्टरों में वेणुगोपाल की भी आलोचना की गई, उन्हें राहुल के “बैग ढोने वाले से ज्यादा कुछ नहीं” कहा गया और सुझाव दिया गया कि अगर उन्हें पार्टी नेतृत्व का समर्थन मिलता है तो विरोध तेज हो जाएगा। यह पार्टी के एक वर्ग के भीतर बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी आलाकमान का परामर्श जारी है। वायनाड, केरल: यूडीएफ की चुनावी जीत के बाद केरल के अगले मुख्यमंत्री पर चल रहे सस्पेंस के बीच वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधने वाले पोस्टर दिखाई दिए हैं। pic.twitter.com/z62QGaq9Rb– आईएएनएस (@ians_india) 13 मई 2026 केरल में क्या हो रहा है? कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिससे एक दशक के बाद ऐतिहासिक वापसी हुई और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। हालाँकि, जीत ने जल्द ही अंदरूनी कलह को जन्म दे दिया, क्योंकि प्रमुख राजनेताओं के समर्थकों ने शीर्ष पद के लिए अपना जोर तेज कर दिया। केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे हैं, वे हैं वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। इस स्थिति में क्लासिक कांग्रेस सत्ता संघर्ष के सभी तत्व मौजूद हैं – संगठनात्मक प्रभुत्व बनाम विधायी नेतृत्व, पीढ़ीगत बदलाव बनाम अनुभव, और दिल्ली का प्रभाव बनाम राज्य इकाई की प्राथमिकता। इस बीच, तीखी खींचतान के बीच, राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के पूर्व अध्यक्षों से मुलाकात की ताकि उनके विचार जान सकें और लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को खत्म करने में मदद मिल सके। सूत्रों ने कहा कि मंगलवार को महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान पार्टी नेतृत्व द्वारा दिल्ली बुलाए गए केरल के नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की पसंद पर अपने विचार व्यक्त किए, वेणुगोपाल, सतीसन और चेन्निथला के नाम परामर्श में प्रमुखता से शामिल थे क्योंकि आलाकमान ने विचार-विमर्श जारी रखा। केपीसीसी के पूर्व प्रमुख के मुरलीधरन ने गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि पार्टी को बुधवार तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने की उम्मीद है। एक अन्य पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीएम सुधीरन ने कहा कि उन्होंने राहुल के साथ केरल की राजनीतिक स्थिति और राज्य में जनता के मूड पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय लेगा। कब होगा सीएम का ऐलान? केरल को अपने अगले मुख्यमंत्री का नाम बुधवार को पता चलने की संभावना है, ऐसे संकेत हैं कि कांग्रेस आलाकमान दोपहर से पहले इसकी घोषणा कर सकता है। पार्टी पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की और उनके विचार जानने के बाद भी अनिश्चितता जारी रहने के कारण पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व व्यापक विचार-विमर्श कर रहा है, जिसके बाद नेतृत्व ने पद के तीन मुख्य दावेदारों और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ के साथ चर्चा की। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : वायनाड, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘वायनाड अगला अमेठी होगा’: वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा के बीच केरल में राहुल, प्रियंका के खिलाफ पोस्टर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री(टी)केरल के सीएम सस्पेंस(टी)केसी वेणुगोपाल केरल(टी)राहुल गांधी वायनाड(टी)प्रियंका गांधी के पोस्टर(टी)कांग्रेस सत्ता संघर्ष(टी)यूडीएफ की जीत केरल(टी)वीडी सतीसन

भूल जाएंगे ग्लूकोज और नींबू पानी… सिर्फ चबा लें इस पेड़ की दो पत्तियां; गर्मी में बॉडी रहेगी अंदर से बर्फ की तरह ठंडी!

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Last Updated:May 13, 2026, 09:27 IST Sheesham Leaves Benefits: शीशम का पेड़ न केवल मजबूत लकड़ी बल्कि बेहतरीन आयुर्वेदिक गुणों के लिए भी जाना जाता है. गर्मी के मौसम में इसकी 2-3 कोमल पत्तियां चबाने से शरीर अंदर से ठंडा रहता है और लू से बचाव होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्व पाचन सुधारने, त्वचा की जलन कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. हालांकि, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसके सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है. ग्रामीण बुजुर्गों का यह पारंपरिक अनुभव रहा है कि यदि इसकी पत्तियों को नियमित रूप से चबाया जाए, तो यह न केवल शरीर को आंतरिक शीतलता प्रदान करती हैं, बल्कि लू के हानिकारक प्रभाव से बचाने में भी कारगर साबित होती हैं. शीशम के पत्ते पेट के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं. अक्सर गर्मियों के मौसम में लोगों को गैस, अपच और कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में शीशम की कोमल पत्तियों का सेवन पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाने का कार्य करता है. इसके अतिरिक्त, ये पत्तियां शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर डिटॉक्स करने में भी काफी मददगार साबित होती हैं. शीशम के पत्ते शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को सुदृढ़ करने में भी काफी सहायक माने जाते हैं. अक्सर बदलते मौसम के दौरान होने वाले वायरल संक्रमण और शारीरिक कमजोरी से बचने के लिए ग्रामीण इलाकों में लोग इसे एक प्रभावी घरेलू नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी आयुर्वेदिक उपचार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google त्वचा संबंधी विकारों के निवारण में भी शीशम के पत्तों का उपयोग अत्यंत गुणकारी माना गया है. करौली के आयुर्वेद चिकित्सालय के डॉ. महेश जंगम बताते हैं कि शीशम का पेड़ केवल अपनी कीमती लकड़ी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी विशिष्ट स्थान रखता है. इस वृक्ष की लकड़ी, पत्तियां और छाल, सभी आयुर्वेद के गुणों से भरपूर होते हैं. इसके पत्तों का लेप लगाने से खुजली, दाद और त्वचा की जलन में त्वरित राहत मिल सकती है. साथ ही, भीषण गर्मी के कारण होने वाली शरीर की जलन और अत्यधिक पसीने की समस्या को नियंत्रित करने में भी इसके औषधीय गुण बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार शीशम की पत्तियों का सेवन हमेशा सीमित और संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को डॉक्टरी परामर्श के बिना इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. यदि सही मात्रा और उचित विधि से इसका उपयोग किया जाए, तो यह देसी पेड़ भीषण गर्मी में शरीर को शीतलता और राहत प्रदान करने वाला एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है. इन्हीं प्रभावशाली वनस्पतियों में से एक शीशम का पेड़ है. आयुर्वेद के अनुसार शीशम के पत्ते स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी माने गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग सुबह खाली पेट इसकी 2-3 कोमल पत्तियां चबाने की परंपरा का पालन करते हैं, जिससे शरीर को प्राकृतिक ठंडक प्राप्त होती है और कई रोगों से बचाव होता है. औषधीय विज्ञान की दृष्टि से देखें तो शीशम के पत्तों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने यानी विषैले तत्वों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. भीषण गर्मी के मौसम में शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. तेज धूप, चिलचिलाती लू और लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोग अक्सर जल्दी थकान, शारीरिक कमजोरी और पाचन संबंधी विकारों का शिकार होने लगते हैं. ऐसी विषम परिस्थितियों में, ग्रामीण अंचलों में आज भी बड़ी संख्या में लोग गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने के लिए पारंपरिक देसी और आयुर्वेदिक उपचारों पर अटूट भरोसा जताते हैं.

‘हिम्मत न हारें, मजबूत बने रहें…’ चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने टीएमसी कंसोल को दे दिया ये बड़ा मैसेज

'हिम्मत न हारें, मजबूत बने रहें...' चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने टीएमसी कंसोल को दे दिया ये बड़ा मैसेज

कैथोलिक कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपनी पार्टी के शौचालयों को हार पर आधारित कर दिया, लेकिन जुझारू शास्त्रीय प्रतिक्रिया देते हुए “बहादुर” शीर्षक वाली एक कविता साझा की, जिसमें विचारधारा से विपरीत प्रशांत महासागर में साहस, गरिमा और आंतरिक शक्ति बनाए रखने की वकालत की गई है। ममता ने कविता की शुरुआत “हिम्मत न हारें, मजबूत बने रहो” पंक्ति से की। उन्होंने लिखा, ”अगर आप कहेंगे कि आपके साथी हमेशा से हैं, तो आप कुछ नहीं बोल सकते.” कविता में बार-बार दृढ़ता, अकेलापन और नैतिक विश्वास जैसे विषयों का ज़िक्र किया गया है। ममता ने लिखा, “जब तुम पैदा हुए थे, अकेले आए थे और जब मृत्यु होगी, तब भी अकेले ही जाओगे। कर्म अच्छे को हमेशा याद किया जाएगा।” यह भी पढ़ें: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भड़के पूर्व सीएम पर कहा, ‘पश्चिम बंगाल में बीजेपी तो थी ही नहीं, आपने…’ कविता की अंतिम पंक्ति में अलौकिक सुप्रीमो ने लिखा है, “हिम्मत न हारें। अंततः तुम्हें लाभ होगा, यह विश्वास रखता है”। बंगाल में बीजेपी की सरकार पश्चिम बंगाल में हाल ही में आए समाजवादी पार्टी ने प्रचंड को बहुमत दिलाया और राज्य में पहली बार सरकार बनाई। 15 संतों से लेकर 100 आश्रमों तक की मान्यता। यह भी पढ़ें: शशि थरूर ऑन एसआईआर: बंगाल में कैसे हुई बंपर जीत? शशि थरूर ने बताया क्यों राहुल गांधी, ममता बनर्जी दोनों हो जाएंगे खुश! (टैग्सटूट्रांसलेट)इलेक्शन(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी(टी)इलेक्शन(टी)बीजेपी(टी)कोलकाता(टी)नरेंद्र मोदी

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का लखनऊ में निधन:मौत की वजह अभी पता नहीं, 38 साल के थे, पत्नी अपर्णा भाजपा नेता

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का लखनऊ में निधन:मौत की वजह अभी पता नहीं, 38 साल के थे, पत्नी अपर्णा भाजपा नेता

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सूत्रों के मुताबिक सुबह 6 बजे उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रतीक राजनीति से दूर थे। उनका रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। प्रतीक लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से एक जिम के मालिक थे। प्रतीक ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था भी चलाते थे। संस्था की तरफ से स्ट्रीट डॉग्स का इलाज, देखभाल, भोजन और रेस्क्यू किया जाता है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ हर हाल में जंग जीतेंगे:वे समझौता करेंगे या तबाह हो जाएंगे; अमेरिका ने युद्ध में $29 अरब डॉलर खर्च किए

ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ हर हाल में जंग जीतेंगे:वे समझौता करेंगे या तबाह हो जाएंगे; अमेरिका ने युद्ध में $29 अरब डॉलर खर्च किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में अमेरिका हर हाल में जीतेगा। चीन रवाना होने से पहले ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि ईरान या तो समझौता करेगा या फिर तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास हालात संभालने के लिए हर विकल्प मौजूद है। ट्रम्प ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बातचीत में ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट पर भी चर्चा होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि व्यापार दोनों नेताओं की बैठक का मुख्य मुद्दा रहेगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 74 दिनों की जंग में अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। यह खर्च सिर्फ हथियारों और सैन्य उपकरणों पर हुआ है। इसमें सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का खर्च शामिल नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ कांग्रेस पहुंचे और अतिरिक्त रक्षा बजट की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे प्रभावी सैन्य ताकत बने रहने के लिए अमेरिका को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका के पास अभी भी कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं, जिनमें संघर्ष बढ़ाना भी शामिल है। इससे पहले ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान के साथ मौजूदा युद्धविराम वेंटिलेटर पर है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

रेगिस्तान का ‘अमृत’ है पीलू: भीषण लू में भी शरीर को रखता है कूल, पीलिया और दांतों के रोगों में है रामबाण औषधि

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Last Updated:May 13, 2026, 06:21 IST Pilu Fruit Benefits: राजस्थान के मारवाड़ में 50 डिग्री तापमान के बीच ‘पीलू’ का फल ‘रेगिस्तान के अंगूर’ के रूप में चर्चा में है. ‘जाल’ के पेड़ पर उगने वाला यह फल भीषण गर्मी में और भी मीठा हो जाता है. इसे ‘प्राकृतिक AC’ कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को शीतल रखता है और लू से बचाता है. औषधीय गुणों से भरपूर पीलू दांतों, लीवर और पीलिया के इलाज में सहायक है. यह पेड़ अपने आसपास का तापमान 8 डिग्री तक कम कर सकता है, जिससे इसे घरों के पास लगाना शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. ख़बरें फटाफट Desert Fruit Pilu: जहाँ सूरज की तपिश पत्थर पिघलाने पर उतारू हो, जहाँ लू के थपेड़े आसमान को झुलसा रहे हों और पारा 50 डिग्री को छूने लगे. ऐसी भीषण परिस्थितियों में भी प्रकृति अपना करिश्मा दिखाना नहीं भूलती. राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के अंदर इन दिनों ‘जाल’ के पेड़ों पर एक छोटा-सा फल लद गया है, जिसे स्थानीय लोग बड़े चाव से ‘पीलू’ कहते हैं. पीलू को स्थानीय भाषा में ‘रेगिस्तान का अंगूर’ या ‘मावा’ कहा जाता है. यह फल मुख्य रूप से ‘जाल’ के पेड़ पर उगता है. इस फल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रेगिस्तान में गर्मी जितनी प्रचंड होती है, पीलू का स्वाद उतना ही मीठा और रसीला होता जाता है. जब लू के कारण अन्य वनस्पतियां कुम्हलाने लगती हैं, तब पीलू जीवन का रस बनकर खिलता है और तपते मारवाड़ को राहत पहुँचाता है. आयुर्वेद में पीलू को एक अत्यंत शीतल फल माना गया है. इसके औषधीय गुणों के कारण इसे ‘प्रकृति का अपना AC’ भी कहा जाता है. पीलू के फायदों की सूची काफी लंबी है. रेगिस्तान के इस मेवे के बारे में यह प्रसिद्ध है कि यह पौष्टिकता से भरपूर होता है और इसे खाने से लू नहीं लगती. साथ ही इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण भी होते हैं. इसी कारण मारवाड़ की महिलाएं पीलू को एकत्र कर सुखा लेती हैं और इसे प्रिजर्व (Preserve) कर लेती हैं, ताकि ऑफ-सीजन में भी जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. यह फल न केवल स्वाद में मीठा होता है, बल्कि यह शरीर को भीतर से इतना ठंडा रखता है कि इसे ‘रेगिस्तान का अमृत’ भी कहा जाता है. सेहत के लिए रामबाण और पानी की कमी का समाधानपीलू (जिसे कई जगह डूंगर भी कहा जाता है) एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है. इसका वनस्पतिक नाम ‘डाइओरपाइरोस कांडीफोलिया’ है. यह फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ पीलिया जैसे गंभीर रोगों में रामबाण का काम करता है. इसकी छाल का काढ़ा लीवर से संबंधित विकारों में भी बेहद फायदेमंद पाया गया है. इसके पत्ते खट्टे-मीठे होते हैं और यह एक शुद्ध कुदरती पौधा है जो बिना किसी विशेष देखभाल के रेगिस्तान की आग में पनपता है. न केवल इंसान, बल्कि पक्षी भी इस फल को काफी पसंद करते हैं और भीषण गर्मी में इससे अपनी प्यास और भूख मिटाते हैं. हैरान कर देने वाले औषधीय और प्राकृतिक गुणपीलू के फल की कई ऐसी विशेषताएं हैं जो आधुनिक तकनीक को भी पीछे छोड़ देती हैं: दातुन (Miswak): पीलू की टहनियों का उपयोग ‘मिसवाक’ के रूप में किया जाता है. यह दांतों के रोगों से बचाव करने और मुंह की दुर्गंध को जड़ से खत्म करने में बहुत असरदार है. रेगिस्तानी संजीवनी: यह तपती गर्मी में अपने नीचे के तापमान को सामान्य से 5-8 डिग्री तक कम करने की क्षमता रखता है. सर्दी-खांसी में राहत: इसके पत्तों का काढ़ा श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे सर्दी और खांसी में औषधि की तरह काम करता है. पशु-पक्षियों का आधार: अकाल और भीषण सूखे के समय भी यह पेड़ हरा-भरा रहकर रेगिस्तान के पशु-पक्षियों के लिए जीवन का एकमात्र सहारा बनता है. सुख-समृद्धि और कुदरती ठंडक का प्रतीकस्थानीय अनुभवों के आधार पर यह माना जाता है कि जेठ की तपती दोपहर में यदि कोई व्यक्ति पीलू के फल का सेवन कर ले, तो उसे भयंकर लू के थपेड़े भी बीमार नहीं कर सकती. यही कारण है कि अब लोग इन पौधों को अपने घरों के आंगन या बगीचों में लगाने के प्रति उत्साहित रहते हैं, ताकि बिना बिजली के कुदरती ठंडक का आनंद लिया जा सके. इन पेड़ों का घर के पास होना मारवाड़ में सुख-समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. यह पेड़ जलते आसमान के नीचे भी जीवन की मिठास को बरकरार रखने की अद्भुत शक्ति रखता है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pali,Pali,Rajasthan