Sunday, 27 Sep 2026 | 02:54 PM

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कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा- पायलट ने लापरवाहीपूर्वक क्रूज चलाया, जिसके कारण हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने मंगलवार को कहा कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 तथा धारा 110 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग किसी अनहोनी की स्थिति में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। जान बचाने वालों की सराहना भी की अदालत ने कहा कि अब तक इस घटना को लेकर किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ FIR भी दर्ज नहीं की है। इसके साथ कोर्ट ने जबलपुर पुलिस को निर्देश दिए कि संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कर दो दिन के भीतर न्यायालय को सूचित किया जाए। कोर्ट ने क्रूज में सवार पर्यटकों की जान बचाने वाले लोगों की सराहना भी की। सबसे पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… 3 कर्मचारी बर्खास्त, एक सस्पेंड किया गया था मामले में क्रूज के को- पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेश ही हादसे के पहले क्रूज चला रहे थे। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। को-पायलट बोला- क्रूज का एक इंजन स्लो था को-पायलट महेश पटेल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि 3 साल पहले क्रूज का मेंटेनेंस हुआ था, लेकिन इसका एक इंजन स्लो था। हादसे के पहले इसने काम करना बंद कर दिया था। पटेल ने ये भी कहा था कि हमें ऊपर से किसी भी तरह का कोई निर्देश नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या यलो अलर्ट जारी है। इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए जाते तो हम कभी भी क्रूज को पानी में नहीं उतारते। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… क्रूज हादसे की पीड़िता बोलीं- दवा नहीं, पहले बिल थमाया मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे की चश्मदीद और पीड़िता वाराणसी की सविता वर्मा ने हादसे के बाद के हालात और सिस्टम की संवेदनहीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हम मौत को छूकर वापस आए थे, लेकिन अस्पताल में हमारी हालत से ज्यादा बिल की चिंता दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…

फिल्म प्रोड्यूसर आरबी चौधरी की सड़क हादसे में मौत:ब्यावर-पिंडवाड़ा रोड पर टकराई कार, बेटा जीवा भी साउथ का मशहूर एक्टर

फिल्म प्रोड्यूसर आरबी चौधरी की सड़क हादसे में मौत:ब्यावर-पिंडवाड़ा रोड पर टकराई कार, बेटा जीवा भी साउथ का मशहूर एक्टर

ब्यावर जिले में सड़क हादसे में साउथ फिल्मों के प्रोड्यूसर आर. के. चौधरी (76) की मौत हो गई। हाईवे पर गाय को बचाने के चक्कर में स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर झूठा गांव चौराहे के पास हुआ। गंभीर घायल ड्राइवर को जोधपुर रेफर किया गया है। चौधरी रायपुर के लीलाम्बा गांव स्थित पिपलिया बेरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव सोजत रोड लौट रहे थे। रायपुर थाने के एएसआई मनोहर लाल खोजा ने बताया-आर.बी. चौधरी रायपुर के लीलाम्बा गांव स्थित पिपलिया बेरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव सोजत रोड लौट रहे थे। इसी दौरान ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर झूठा गांव के पास अचानक सड़क पर गाय आ जाने से उनकी स्कॉर्पियो का संतुलन बिगड़ गया। गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना गंभीर था कि आर.बी. चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर एनएचएआई (NHAI) की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें रायपुर के उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाएंगे शव घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंचे। आर.बी. चौधरी के रिश्तेदार वीरेंद्र चौधरी ने बताया- पोस्टमॉर्टम के बाद शव को जयपुर ले जाया जाएगा। वहां से एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में 98 फिल्में बनाई पाली जिले के सोजत रोड के रिसानिया गांव निवासी आर.बी. चौधरी दक्षिण भारतीय फिल्म प्रोड्यूसर होने के साथ ही तमिलनाडु सीरवी महासभा के अध्यक्ष थे। उन्होंने साउथ के कई बड़े अभिनेताओं के साथ फिल्म बनाई थी। उन्होंने ‘सुपर गुड फिल्म्स’ के बैनर तले तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में 98 फिल्में बना चुके थे। 99वीं फिल्म बनकर तैयार है, रिलीज होनी थी। 100 फिल्म रिलीज करने का टारगेट था। उनकी प्रमुख फिल्मों में नट्टमई (1994), सूर्यावंशम (1997), थुल्लाधा मनमम थुल्लुम (1999), आनंदम (2001) और जिला (2014) हैं।

टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी | तमिलनाडु पावर गेम में विजय को बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा

टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी | तमिलनाडु पावर गेम में विजय को बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा

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असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर शराब पीनी चाहिए या नहीं? जानिए इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय

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Last Updated:May 05, 2026, 19:29 IST Alcohol and Soft Drinks Combo: कई लोग शराब में कोल्ड ड्रिंक मिलाकर पीते हैं, लेकिन बिल्कुल ऐसा नहीं करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब को कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पीना सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है. इस कॉम्बिनेशन से पूरी तरह बचना चाहिए. शराब भी शरीर के लिए बेहद खतरना है. इसे भी अवॉइड करना चाहिए. डॉक्टर की मानें तो शराब और कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन खतरनाक होता है. Mixing Alcohol with Cold Drinks: शराब में कई लोग पानी मिलाकर पीते हैं, तो कुछ लोग कोल्ड ड्रिंक के साथ शराब पीना पसंद करते हैं. आजकल शराब और कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा देखा जा रहा है. खासकर पार्टियों या सोशल गैदरिंग्स में लोग इसे स्वाद बढ़ाने का तरीका मानते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है. शराब और कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन शरीर पर अलग-अलग तरीके से असर डालता है, जिससे कई समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. शराब अपने आपमें नुकसानदायक है और कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलकर नुकसान दोगुना हो जाता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के गैस्ट्रो एंड लिवर डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया शराब में अल्कोहल होता है, जो लिवर के लिए बेहद खतरनाक है. शराब का सेवन हार्ट को भी नुकसान पहुंचाता है और इससे शरीर के सभी ऑर्गन्स बुरी तरह प्रभावित होते हैं. लोगों को शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए. कोल्ड ड्रिंक्स के साथ मिलाने से शराब का नुकसान और ज्यादा बढ़ जाता है. कोल्ड ड्रिंक में बहुत अधिक मात्रा में शुगर और कार्बोनेशन होता है. जब इसे शराब के साथ मिलाया जाता है, तो शराब का असर शरीर पर और तेजी से होने लगता है. व्यक्ति को नशा जल्दी महसूस होता है और वह अपनी लिमिट का सही अंदाजा नहीं लगा पाता. यही कारण है कि ओवरड्रिंकिंग का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर अरोड़ा के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक और शराब मिलाने से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. लिवर ही शराब को प्रोसेस करता है और जब उसमें ज्यादा शुगर और केमिकल्स जुड़ जाते हैं, तो उसका काम और कठिन हो जाता है. लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है और फैटी लिवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा यह कॉम्बिनेशन शरीर को डिहाइड्रेट भी कर सकता है. शराब वैसे ही शरीर में पानी की कमी करती है और कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कैफीन और शुगर इस असर को और बढ़ा सकते हैं. इससे सिरदर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. एक्सपर्ट की मानें तो दिल की सेहत पर भी इस कॉम्बिनेशन का बुरा असर पड़ सकता है. कोल्ड ड्रिंक में मौजूद हाई शुगर और शराब दोनों ही हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं. लगातार सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टर की राय साफ है कि शराब को कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पीना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है. अगर कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है, तो उसे भी अवॉइड करना चाहिए. शराब सेहत की दुश्मन है और इससे बचना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

विजय ने तमिलनाडु में जातिविहीन वोट की शुरुआत की | विजय थलपति | तमिलनाडु की राजनीति | साफ़ बोलो

विजय ने तमिलनाडु में जातिविहीन वोट की शुरुआत की | विजय थलपति | तमिलनाडु की राजनीति | साफ़ बोलो

विजय ने कथित तौर पर तमिलनाडु में “जातिविहीन वोट” डालने के बाद व्यापक चर्चा छेड़ दी है, यह एक प्रतीकात्मक इशारा है जिसे राज्य में समानता, पहचान और चुनावी राजनीति के भविष्य पर एक संदेश के रूप में समझा जा रहा है। इस अधिनियम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, समर्थकों ने इसे सामाजिक एकता के लिए एक स्टैंड के रूप में देखा है, जबकि आलोचक तमिलनाडु की जटिल जाति गतिशीलता के संदर्भ में इसके राजनीतिक संदेश पर बहस करते हैं। n18oc_politicsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 05 मई, 2026, 19:18 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)चेन्नई समाचार(टी)भारत वोट(टी)भारतीय राजनीति समाचार(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)थलपति विजय

भोपाल-इंदौर मेट्रो में ₹7000 में प्री-वेडिंग शूट:फिल्म की शूटिंग, बर्थ-डे सेलिब्रेशन भी कर सकेंगे; 15 दिन पहले करानी होगी बुकिंग

भोपाल-इंदौर मेट्रो में ₹7000 में प्री-वेडिंग शूट:फिल्म की शूटिंग, बर्थ-डे सेलिब्रेशन भी कर सकेंगे; 15 दिन पहले करानी होगी बुकिंग

भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब आप प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे सेलिब्रेशन भी करा सकेंगे। इसके लिए आपको 1 घंटे के 5 से 7 हजार रुपए तक खर्च करना पड़ेगा। 15 दिन पहले बुकिंग होगी। हालांकि, नियम और टाइमिंग दोनों का ही पालन करना पड़ेगा। सेलिब्रेशन में न तो शराब ले जा सकेंगे और न ही बीड़ी-सिगरेट। पटाखें ले जाने पर भी मनाही रहेगी। पहले स्टेशन पर चेकिंग होगी। भोपाल में मेट्रो का शुभारंभ पिछले साल 20 दिसंबर को हुआ था, जबकि 21 दिसंबर से आम लोगों के लिए मेट्रो दौड़ने लगी थी। वहीं, इंदौर में 31 मई 2025 से मेट्रो ट्रैक पर दौड़ने लगी थी। शुरुआत में ही अच्छी संख्या में लोग सफर करते रहे, लेकिन वर्तमान में मेट्रो के हाल बुरे हैं। भोपाल में स्थिति यह है कि एक दिन में 100 यात्री भी सफर नहीं करते, जबकि हर रोज का खर्च 8 लाख रुपए तक है। यही कारण है कि अब मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मेट्रो में अब ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ की शुरुआत की है। यानी, बर्थ-डे हो या प्री-वेडिंग, फिल्म की शूटिंग और इवेंट्स, मेट्रो अब नया डेस्टिनेशन बनेगा। महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में चल रही मेट्रो में भी ये सुविधा है। लोगों को मेट्रो के करीब लाने का प्रयास नए प्रयास पर मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने कहा कि ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ पहल भोपाल और इंदौर की जीवंत संस्कृति, तेजी से बढ़ते शहरी परिवेश और नागरिकों की बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यह पहल मेट्रो को आमजन के और करीब लाने का एक प्रयास है। जिससे लोग अपने विशेष अवसरों को मेट्रो जैसे सुरक्षित और आधुनिक वातावरण में मना सकें। इससे मेट्रो सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। अभी कर सकते हैं सेलिब्रेशन मेट्रो में इन नई सुविधा की शुरुआत मंगलवार से कर दी गई है। यानी, लोग आने वाले दिनों में सेलिब्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। भोपाल-इंदौर में यहां चल रही मेट्रो

उग्र भाजपा पर ममता बनर्जी ने लगाया आरोप, कहा- आजाद भारत में पहली बार…

उग्र भाजपा पर ममता बनर्जी ने लगाया आरोप, कहा- आजाद भारत में पहली बार...

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद मंगलवार (5 अप्रैल 2026) को पद छोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि यह चुनावी नतीजे जनता का वास्तविक परिणाम नहीं, बल्कि एक कथानक का नतीजा है। बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने चुनाव से इनकार कर दिया है. बीजेपी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया विपक्ष के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘सत्ता से गठबंधन, दोस्ती और पवित्रता का भी अपराधी अपमान कर रहे हैं।’ यह पूरी तरह से संवैधानिक व्यवस्था का चरमराना है।’ ममता बुनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने बीजेपी के लिए काम किया. ममता बनर्जी ने अस्वीकार्य रूप से त्यागपत्र दे दिया उन्होंने कहा, ‘मेरी बर्बादी का सवाल ही नहीं, क्योंकि हमारी हार जनता के असंतोष से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है।’ मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। वे संवैधानिक संवैधानिक के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं।’ मठाधीश ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी में लगभग 100 सीटों पर ‘लूट’ हुई और उनकी पार्टी में बड़े पैमाने पर स्नातक की उपाधि प्राप्त की गई। चुनाव आयोग पर बरेली ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर जनता के लोकतांत्रिक अधिकार को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित इलाकों का दौरा करने और जमीन की स्थिति का आकलन करने के लिए 10 बुनियादी ढांचे के निर्माण समिति के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने 2021 चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को निराधार बताया. बनर्जी ने कहा कि चुनावी नतीजों के बाद ऑर्गेनिक आश्रमों के इंडिया एलायंस के कई नेताओं ने एकजुटता गठबंधन से संपर्क किया। ये भी पढ़ें : ‘मैं हारी नहीं तो क्यों छोड़ दूं’, बंगाल रिजल्ट के बाद एडिन ममता बनर्जी, EC को बताया बड़ा विलेन (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026(टी)ममता बनर्जी समाचार(टी)ममता बनर्जी सीएम(टी)सीएम ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी सीएम इस्तीफा(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी सीएम(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल चुनाव परिणाम(टी)ममता बनर्जी सीट(टी)भवानीपुर

‘मैं अब एक स्वतंत्र पक्षी हूं’: बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी का भावनात्मक संबोधन | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:05 मई, 2026, 18:05 IST टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि अब उनके पास कोई आधिकारिक पद नहीं है और अब वह विपक्ष के इंडिया ब्लॉक के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेंगी। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। (एएनआई) हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार झेलने के बाद, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को लोगों के लिए काम करना जारी रखने और विपक्ष को मजबूत करने की कसम खाई और दावा किया कि वह “अब एक स्वतंत्र पक्षी हैं।” एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि वह अब कोई आधिकारिक पद नहीं रखती हैं और अब विपक्ष के भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेंगी। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य बहुत स्पष्ट है। मैं भारतीय टीम को मजबूत करूंगी… मेरे पास अब कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम नागरिक हूं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोई वेतन या पेंशन नहीं ली है। भबनीपुर से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से हारने वाले टीएमसी नेता ने बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए चुनाव परिणाम का जोरदार विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया गया और इस प्रक्रिया को “अभूतपूर्व” बताया। बनर्जी ने कहा, ”मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि नतीजे कुछ और दिखा सकते हैं, लेकिन उनकी पार्टी ने ”नैतिक रूप से” चुनाव जीत लिया है। उन्होंने आगे मतदाताओं का नाम हटाने, प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग और मतदान और गिनती के दौरान हस्तक्षेप का आरोप लगाया। बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और मतगणना एजेंटों को धमकाया गया और उन पर हमला किया गया और उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। टीएमसी प्रमुख ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी ने एक शक्तिशाली “मशीनरी” के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र में शीर्ष नेतृत्व का हस्तक्षेप था। झटके के बावजूद, बनर्जी ने कहा कि वह राजनीतिक रूप से सक्रिय रहेंगी और अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम उनकी यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा निर्णायक जीत हासिल करने, दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए 206 सीटें जीतने और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत करने के एक दिन बाद आई है। चुनाव आयोग के मंगलवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार, अंतिम आंकड़ों में भगवा पार्टी 206 सीटें जीत रही है, जबकि टीएमसी 80 सीटों और एक निर्वाचन क्षेत्र में मामूली बढ़त के साथ पिछड़ गई है। 294 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 148 है। परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा और वैचारिक संतुलन में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है। दशकों में पहली बार, पश्चिम बंगाल उसी पार्टी द्वारा शासित होने की ओर अग्रसर है जो केंद्र में सत्ता रखती है, इस विकास के दूरगामी प्रशासनिक और राजनीतिक परिणाम होने की संभावना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैं अब एक स्वतंत्र पक्षी हूं’: बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी का भावनात्मक संबोधन अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम(टी)ममता बनर्जी की हार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)बीजेपी की जीत पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी हार 2026(टी)भारत गठबंधन विपक्ष(टी)चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप(टी)सुवेंदु अधिकारी भबानीपुर