ज्यादा उम्र में भी दिखना है जवां, तो आज से ही खाएं ये 2 चीजें, 45 में भी दिखेंगी 25 जैसी

Wrinkle-Free Skin Naturally: कम उम्र में ही गाल ढीली हो गए हैं? आंखों के नीचे झुर्रियां, माथे पर महीन लाइंस नजर आने लगी हैं तो आज ही अलर्ट हो जाएं वरना देर होने पर ये समस्याएं स्थायी हो जाएंगी. कई बार स्किन लूज कोलेजन की कमी से भी होती है. कोलेजन बनने की प्रक्रिया और कमी 25 की उम्र के बाद से ही शुरू हो जाती है. कोलेजन स्किन की नींव होती है. कोलेजन मजबूत होगी तो स्किन भी हेल्दी, टाइट और रिंकल-फ्री बनी रहती है. कोलेजन की कमी फ्रीरैडिकल्स के कारण भी होता है. आप चाहते हैं कि स्किन हमेशा टाइट, जवां और हेल्दी रहे, तो आपको अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना है जो कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाएं, फ्री रैडिकल्स को न्यूट्रलाइज करे. इसके लिए आप आंवला और अखरोट खाना शुरू कर दें. यूट्यूब चैनल Healthy Hamesha पर डॉ. सलीम जैदी ने एक वीडियो शेयर करके झुर्रियों को कम करने, स्किन को हेल्दी रखने और कोलेजन बूस्ट करने के तरीके बताए हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘काला नमक राइस’ के आगे हर वेरायटी है फेल, एक-एक दाने में सेहत का खजाना, जबरदस्त हैं इस चावल के फायदे

Kalanamak rice ke fayde: भारत देश में चावल एक मुख्य भोजन है. हर दिन लाखों-करोड़ों लोग चावल-दाल जरूर खाते हैं. कई तरह के वेरायटी में चावल मिलता है. लोग अपनी पसंद से चावल मार्केट से खरीदते हैं. आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं. इसी कारण वे साधारण चावल की जगह हेल्दी विकल्प ढूंढ रहे हैं. हेल्दी ऑप्शन में जो सबसे पहला नाम आता है वो है ‘काला नमक चावल’ है. ये चावल बेहद ही पौष्टिक और सुगंधित होता है. इसे ‘बुद्धा राइस’ या ‘महात्मा बुद्ध का महाप्रसाद’ भी कहा जाता है. प्राकृतिक सुगंध और शानदार स्वाद काला नमक चावल अपनी खास खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है. इसकी प्राकृतिक सुगंध खाने को और भी लजीज बना देती है. इसे दाल, सब्जी या सलाद के साथ खाया जा सकता है, वहीं इसकी खिचड़ी भी बेहद पौष्टिक मानी जाती है. पोषक तत्वों से भरपूर इस चावल में आयरन, जिंक, प्रोटीन और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को स्वस्थ रखने और ऊर्जा देने में अहम भूमिका निभाते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डायबिटीज के लिए फायदेमंद काला नमक चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे इसे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता. यही वजह है कि डायबिटीज के मरीज इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, हालांकि डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. वजन नियंत्रण में सहायक इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. इससे वजन बढ़ने की संभावना कम होती है और वजन घटाने में मदद मिलती है. पाचन तंत्र को मजबूत बनाए फाइबर की अच्छी मात्रा के कारण यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. नियमित सेवन से कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है और पेट स्वस्थ रहता है. दिल के लिए लाभकारी आयरन और जिंक शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं और रक्त संचार को सुधारते हैं. इससे हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. बच्चों और महिलाओं के लिए उपयोगी यह चावल बच्चों और महिलाओं के लिए भी खास फायदेमंद है. आयरन एनीमिया से बचाव में मदद करता है, जिंक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. ध्यान रखने वाली बात हालांकि, काला नमक चावल सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन किसी भी नए खाद्य पदार्थ को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना बेहतर होता है.
हिमाचल में तूफान में हादसा, 4 महिला टीचर्स की मौत:आनी में पेड़ गिरने से खाई में गिरी बोलेरो गाड़ी, 3 गंभीर, दो IGMC शिमला रेफर

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के अंतर्गत आते आनी क्षेत्र में शनिवार शाम एक हृदयविदारक हादसा पेश आया। शमशर-गुगरा मार्ग पर अचानक आए तूफान के कारण एक विशालकाय चीड़ का पेड़ चलती बोलेरो गाड़ी पर गिर गया। इस हादसे में गाड़ी में सवार चार महिला शिक्षकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। 200 फीट गहरी खाई में गिरी अनियंत्रित गाड़ी जानकारी के अनुसार, बोलेरो (नंबर HP01K-4621) में स्कूल से छुट्टी के बाद 6 महिला शिक्षक और चालक सवार होकर घर लौट रहे थे। शाम करीब 5:30 बजे आए तेज तूफान के कारण एक भारी पेड़ चलती गाड़ी के ऊपर आ गिरा। पेड़ गिरने से गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क से करीब 200 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने चलाया बचाव अभियान हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबी महिला शिक्षकों और चालक को बाहर निकालकर सिविल अस्पताल आनी पहुंचाया गया। हादसे का शिकार हुए मृतक और घायल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चार शिक्षिकाओं को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो गंभीर रूप से घायल शिक्षिकाओं को प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी (IGMC) शिमला रेफर किया गया है। चालक का उपचार आनी अस्पताल में चल रहा है। मृतकों की सूची: स्नेह लता (38): पत्नी टीका नंद, निवासी पारलीधार, आनी। बंती कौंडल: पत्नी हेम दत्त, निवासी लामीसेरी, आनी। उषा कुमारी (43): पत्नी मदन लाल, निवासी तराला, आनी। सीमा आजाद (54): पत्नी जिया लाल आजाद, निवासी रोपड़ी, आनी। घायलों के नाम: सुरेश चंद (चालक): पुत्र देश राज, निवासी रोपड़ी। तारा देवी: पत्नी रविंद्र कुमार, निवासी रोपड़ी। रीना कुमारी: पत्नी प्रेम सागर, निवासी सरकाघाट (मंडी)। बाल-बाल बची यात्रियों से भरी बस चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के वक्त मार्ग से एक बस और अन्य वाहन भी गुजर रहे थे। गनीमत यह रही कि पेड़ सीधे बोलेरो पर गिरा, अन्यथा बस की चपेट में आने से मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता था। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर पहुंच गई थीं। प्रशासन द्वारा फौरी राहत की घोषणा एसडीएम आनी, लक्ष्मण कनेट ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये और घायलों को 5-5 हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की गई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर शोक व्यक्त किया मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आनी क्षेत्र में हुए हादसे में चार लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ईरान जंग के 2 महीने, पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ी:3,600+ मौतें, इनमें 1700+ नागरिक; जीत–हार का फैसला नहीं, 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान

ईरान के खिलाफ शुरू हुई जंग को दो महीने हो चुके हैं, लेकिन इसका कोई साफ अंत अभी तक नजर नहीं आ रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे छोटी और निर्णायक लड़ाई बताया था, लेकिन अब हालात उलट दिख रहे हैं। जंग रुकी जरूर है, पर खत्म नहीं हुई। IMF के मुताबिक, जंग से पहले उम्मीद थी कि इस साल वैश्विक महंगाई 4.1% से घटकर 3.8% हो जाएगी। लेकिन अब उल्टा हो गया है, महंगाई 4.4% तक पहुंचने का अनुमान है। इस जंग की सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुका रहे हैं। ईरान के मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, अब तक 3,600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 1,700 से ज्यादा नागरिक हैं। वहीं हार्वर्ड की इकोनॉमिस्ट लिंडा बिल्म्स का अनुमान है कि इस युद्ध की कुल लागत 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है। यानी दुनिया भर में महंगाई का दबाव और बढ़ना तय है। एक्सपर्ट- इस जंग में कोई असली विजेता नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार कह चुके है कि इस जंग में अमेरिका कई मायनों में जीत हासिल कर चुका हैं। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट की सीनियर फेलो मेलानी सिसन ने CNN से कहा कि इस जंग में कोई असली विजेता नहीं है। अमेरिका को भी कोई बड़ा रणनीतिक फायदा नहीं मिला है। वहीं, यह संघर्ष अब सीमित नहीं रहा और इसका असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को हुआ है। ईरान, लेबनान और खाड़ी देशों से लेकर अमेरिका और पूरी दुनिया के लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं। साथ ही, ईरान की सरकार ने भी अंदरूनी विरोध पर सख्ती बढ़ा दी है। साल की शुरुआत से अब तक 600 से ज्यादा लोगों को फांसी दी जा चुकी है। देश में आठ हफ्तों से इंटरनेट बंद है और अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। ईरान में आम जनता पर सरकार की सख्ती ईरान के लोग बाहर से भी हमलों का सामना कर रहे हैं और देश के अंदर से भी दबाव झेल रहे हैं। अमेरिका और इजराइल ने ईरान में हजारों जगहों पर हमले किए हैं, जिनमें कुछ हमले आम नागरिकों से जुड़े ढांचे (जैसे बिजली, पानी आदि) पर भी हुए। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में सरकार पहले से ज्यादा सख्त नजर आ रही है और किसी भी विरोध को कुचलने का मैसेज दे रही है। इससे पहले दिसंबर और जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान भी हजारों लोग मारे गए थे। साथ ही देश अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिससे नौकरियां जा रही हैं और गरीबी बढ़ रही है। लेबनान में भी भारी तबाही लेबनान के लोग कई दशकों से हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष में फंसे हुए हैं। फरवरी तक एक नाजुक सीजफायर बना हुआ था, लेकिन हालात तब बिगड़ गए जब इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिया। इसके बाद हिजबुल्लाह ने इजराइल पर हमले शुरू कर दिए। जवाब में इजराइल ने लेबनान पर जोरदार एयरस्ट्राइक और जमीनी कार्रवाई शुरू की, जिसका मकसद हिजबुल्लाह को खत्म करना बताया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 2500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आया है कि इजराइल वही रणनीति अपना रहा है, जो उसने पहले गाजा में अपनाई थी। यानी पूरे के पूरे गांवों को तबाह करना। हालात इतने खराब हैं कि दक्षिणी लेबनान से करीब 6 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। इजराइल ने साफ कहा है कि जब तक हिजबुल्लाह से उत्तरी इजराइल को खतरा खत्म नहीं होता, तब तक इन लोगों को वापस घर लौटने नहीं दिया जाएगा। खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर असर खाड़ी के कई देश भी इस जंग की चपेट में आ गए हैं। सबसे ज्यादा असर UAE पर पड़ा है। यहां ईरान ने सबसे ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि ज्यादातर हमले रोक दिए गए, लेकिन भारी नुकसान हुआ है और इससे UAE की एक बड़े बिजनेस और टूरिज्म हब वाली छवि को झटका लगा है। वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से इराक, कतर और कुवैत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। ये देश अपने तेल, गैस और दूसरे सामान की सप्लाई के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भी इन देशों की आर्थिक ग्रोथ के अनुमान घटा दिए हैं और माना है कि इस साल इराक, कतर और कुवैत की अर्थव्यवस्था सिकुड़ सकती है। अमेरिका में महंगाई, आम अमेरिकयों पर असर इस जंग का असर आम अमेरिकियों की जेब पर साफ दिख रहा है। पेट्रोल, हवाई टिकट और कई सर्विसेज महंगी हो गई हैं, क्योंकि कंपनियां अब कीमतों में फ्यूल सरचार्ज जोड़ रही हैं। महंगाई दर फरवरी के 2.4% से बढ़कर मार्च में 3.3% हो गई है, और लोगों का भरोसा (कंज्यूमर सेंटिमेंट) तेजी से गिर रहा है। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट के मुताबिक, अमेरिका की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल पर निर्भर है। वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी (जैसे सोलर, विंड) में निवेश अभी भी कम है और यही अब कमजोरी बन रही है। चीन और रूस को इस जंग से फायदा चीन इस जंग से अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में दिख रहा है। चीन ने पहले ही तेल के भंडार जोड़ रखे थे और वैकल्पिक ऊर्जा पर भी कई दशकों पहले से ध्यान दे रहा था। साथ ही, अमेरिका की छवि कमजोर होने से उसे कूटनीतिक फायदा मिला है। चीन की तेल और गैस कंपनियां भी मुनाफा कमा रही हैं। CNN के मुताबिक, 6 बड़ी कंपनियां इस साल 94 अरब डॉलर तक का फायदा कमा सकती हैं। इसके अलावा इस जंग से रूस की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलता दिख रहा है। तेल और खाद की ऊंची कीमतों की वजह से रूस की कमाई बढ़ी है। साथ ही जब तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं, तब अमेरिका ने समुद्र में मौजूद रूसी तेल पर कुछ समय के लिए पाबंदियां ढीली कर दीं, जिससे सप्लाई बढ़ सके, इससे रूस को और फायदा हुआ। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, मार्च में रूस की एनर्जी कमाई करीब दोगुनी होकर 19 अरब डॉलर पहुंच गई, जो फरवरी में 9.75 अरब
धनबाद-कोयला खदान में स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत:कोल वाशरी में स्लरी लोडिंग कर रहे थे, मलबे का बड़ा हिस्सा गिरने से हादसा

झारखंड के धनबाद में शनिवार को कोयला स्लरी (कोयले का पाउडर) धंस गई, जिससे 4 मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी मजदूर मुनीडीह में BCCL की कोल वाशरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मलबा गिर गया। आसपास के मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव काम शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। मलबा हटाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक की पहचान प्रेम बाउरी, माणिक बाउरी, दीपक बाउरी और नारायण यादव के रूप में की गई है। घटना की 4 तस्वीरें… परिजन ने BCCL प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाया घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन ने BCCL प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है….
इंश्योरेंस सेक्टर में 100% FDI को सरकार की मंजूरी:ऑटोमैटिक रूट से विदेशी निवेश का रास्ता साफ; LIC में लिमिट 20% ही रहेगी

केंद्र सरकार ने शनिवार (2 मई) को इंश्योरेंस सेक्टर में 100% फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी FDI को मंजूरी दे दी है। अब विदेशी निवेशक ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी ले सकेंगे, हालांकि LIC के लिए निवेश की सीमा 20% पर ही बरकरार रखी गई है। इंश्योरेंस कंपनियों के लिए क्या हैं शर्तें सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश बीमा अधिनियम-1938 के प्रावधानों के अधीन होगा। निवेश प्राप्त करने वाली कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बीमा और संबंधित गतिविधियों के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) से आवश्यक लाइसेंस या मंजूरी प्राप्त करें। इसके साथ ही नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस भारतीय बीमा कंपनी में विदेशी निवेश होगा, उसके बोर्ड के चेयरपर्सन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) या चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) में से कम से कम एक व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए। LIC के लिए अलग नियम और 20% की सीमा इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज को भी मिला फायदा दिसंबर में पास हुआ था बिल वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने फरवरी में ही इस संबंध में जानकारी दी थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में संसद ने ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025’ पारित किया था। इस कानून के जरिए बीमा क्षेत्र से जुड़े तीन प्रमुख कानूनों—बीमा अधिनियम 1938, एलआईसी अधिनियम 1956 और IRDAI अधिनियम 1999 में जरूरी बदलाव किए गए हैं। सीमावर्ती देशों के लिए नियमों में ढील सरकार ने मार्च में भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले FDI के नियमों को भी आसान बना दिया है। कैबिनेट ने ‘प्रेस नोट 3’ फ्रेमवर्क में संशोधन किया है। अब सीमावर्ती देशों से 10% तक की नॉन-कंट्रोलिंग हिस्सेदारी (बिना नियंत्रण वाली हिस्सेदारी) के निवेश के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी, यह ऑटोमैटिक रूट के तहत आएगा। क्या है ऑटोमैटिक रूट? इसमें विदेशी निवेशकों को निवेश से पहले सरकार या RBI की पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। क्या है प्रेस नोट 3? यह नियम उन देशों से निवेश को रेगुलेट करता है जिनकी सीमाएं भारत से लगती हैं (जैसे चीन, पाकिस्तान), ताकि निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ये खबर पढ़ें… चीन समेत पड़ोसी देशों के लिए भारत में निवेश आसान: फॉरेन इन्वेस्टमेंट के नियम बदले; 10% से कम हिस्सेदारी पर बिना मंजूरी निवेश कर सकेंगे केंद्र सरकार ने चीन समेत भारत के साथ बॉर्डर शेयर करने वाले यानी पड़ोसी देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
इंश्योरेंस सेक्टर में 100% FDI को सरकार की मंजूरी:ऑटोमैटिक रूट से विदेशी निवेश का रास्ता साफ; LIC में लिमिट 20% ही रहेगी

केंद्र सरकार ने शनिवार (2 मई) को इंश्योरेंस सेक्टर में 100% फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी FDI को मंजूरी दे दी है। अब विदेशी निवेशक ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी ले सकेंगे, हालांकि LIC के लिए निवेश की सीमा 20% पर ही बरकरार रखी गई है। इंश्योरेंस कंपनियों के लिए क्या हैं शर्तें सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश बीमा अधिनियम-1938 के प्रावधानों के अधीन होगा। निवेश प्राप्त करने वाली कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बीमा और संबंधित गतिविधियों के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) से आवश्यक लाइसेंस या मंजूरी प्राप्त करें। इसके साथ ही नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस भारतीय बीमा कंपनी में विदेशी निवेश होगा, उसके बोर्ड के चेयरपर्सन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) या चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) में से कम से कम एक व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए। LIC के लिए अलग नियम और 20% की सीमा इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज को भी मिला फायदा दिसंबर में पास हुआ था बिल वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने फरवरी में ही इस संबंध में जानकारी दी थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में संसद ने ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025’ पारित किया था। इस कानून के जरिए बीमा क्षेत्र से जुड़े तीन प्रमुख कानूनों—बीमा अधिनियम 1938, एलआईसी अधिनियम 1956 और IRDAI अधिनियम 1999 में जरूरी बदलाव किए गए हैं। सीमावर्ती देशों के लिए नियमों में ढील सरकार ने मार्च में भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले FDI के नियमों को भी आसान बना दिया है। कैबिनेट ने ‘प्रेस नोट 3’ फ्रेमवर्क में संशोधन किया है। अब सीमावर्ती देशों से 10% तक की नॉन-कंट्रोलिंग हिस्सेदारी (बिना नियंत्रण वाली हिस्सेदारी) के निवेश के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी, यह ऑटोमैटिक रूट के तहत आएगा। क्या है ऑटोमैटिक रूट? इसमें विदेशी निवेशकों को निवेश से पहले सरकार या RBI की पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। क्या है प्रेस नोट 3? यह नियम उन देशों से निवेश को रेगुलेट करता है जिनकी सीमाएं भारत से लगती हैं (जैसे चीन, पाकिस्तान), ताकि निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ये खबर पढ़ें… चीन समेत पड़ोसी देशों के लिए भारत में निवेश आसान: फॉरेन इन्वेस्टमेंट के नियम बदले; 10% से कम हिस्सेदारी पर बिना मंजूरी निवेश कर सकेंगे केंद्र सरकार ने चीन समेत भारत के साथ बॉर्डर शेयर करने वाले यानी पड़ोसी देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
ED की 2025-26 में सबसे ज्यादा 2,892 रेड:गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच, ₹32 हजार करोड़ लौटाए

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साल 2025-26 में इतिहास में सबसे ज्यादा छापेमारी की। एजेंसी ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। ED की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं संपत्ति अटैचमेंट और पीड़ितों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ED ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171% ज्यादा है। ये अटैचमेंट PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ED की गिरफ्तारियों में करीब 27% की कमी आई है। ED ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछले साल यह संख्या 214 और इससे पहले 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। पीड़ितों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीड़ितों को संपत्ति लौटाना रही। FY26 में ED ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी। इसमें PACL पोंजी स्कैम केस का बड़ा योगदान रहा, जहां अकेले 15,582 करोड़ रुपए लौटाए गए। केस रजिस्ट्रेशन और चार्जशीट में भी रिकॉर्ड केस रजिस्ट्रेशन 39% बढ़कर 1,080 हो गए हैं। वहीं इस साल 812 चार्जशीट दाखिल की गईं जो पिछले साल 457 थीं। एजेंसी का दावा है कि अब केस की जांच अवधि 3-4 साल से घटकर 1-1.5 साल रह गई है। विदेशों से कानूनी सहयोग बढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ा है। वहीं भारत को विदेशों से 246 रिक्वेस्ट मिले, जिनमें सबसे ज्यादा UK (79) से हैं। 31 मार्च 2026 तक 353 MLAT/LR रिक्वेस्ट लंबित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED को गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और संपत्ति अटैच करने के व्यापक अधिकार हैं। इस कानून के तहत जमानत मिलना भी मुश्किल होता है।
रिपोर्ट- ED ने ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की:लोगों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए; गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, छापेमारी दोगुनी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं छापों, संपत्ति अटैचमेंट और पीड़ितों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ED ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171% ज्यादा है। ये अटैचमेंट PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ED की गिरफ्तारियों में करीब 27% की कमी आई है। ED ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि FY25 में यह संख्या 214 और FY24 में 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। रेड की संख्या दोगुनी हुई साल 2025-26 में ED ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। हालांकि एजेंसी अब सिर्फ फिजिकल रेड पर निर्भर नहीं है, बल्कि डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन ट्रैकिंग और रियल-टाइम फाइनेंशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रही है। पीड़ितों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीड़ितों को संपत्ति लौटाना रही। FY26 में ED ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी। इसमें PACL पोंजी स्कैम केस का बड़ा योगदान रहा, जहां अकेले 15,582 करोड़ रुपए लौटाए गए। केस रजिस्ट्रेशन और चार्जशीट में भी रिकॉर्ड केस रजिस्ट्रेशन 39% बढ़कर 1,080 हो गए हैं। वहीं इस साल 812 चार्जशीट दाखिल की गईं जो पिछले साल 457 थीं। एजेंसी का दावा है कि अब केस की जांच अवधि 3-4 साल से घटकर 1-1.5 साल रह गई है। विदेशों से कानूनी सहयोग बढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ा है। वहीं भारत को विदेशों से 246 रिक्वेस्ट मिले, जिनमें सबसे ज्यादा UK (79) से हैं। 31 मार्च 2026 तक 353 MLAT/LR रिक्वेस्ट लंबित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED को गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और संपत्ति अटैच करने के व्यापक अधिकार हैं। इस कानून के तहत जमानत मिलना भी मुश्किल होता है।
मुंबई महिला लीग ऑक्शन- इरा जाधव सबसे महंगी खिलाड़ी:आकाश टाइगर्स ने 10 लाख में खरीदा, U-19 में तिहरा शतक लगाया

16 साल की इरा जाधव पहली मुंबई महिला लीग नीलामी की सबसे महंगी खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें शनिवार को आकाश टाइगर्स ने 10 लाख रुपए में खरीदा। इरा ने पिछले साल अंडर-19 क्रिकेट में तिहरा शतक लगाया था। उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की ऑक्शन में कुल 363 विमेंस प्लेयर्स पर बोली लगी। इनमें से 50 खिलाड़ियों को तीन फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम में शामिल किया। फ्रेंचाइजी ने कुल 1.47 करोड़ रुपए खर्च किए। लीग में शामिल होने वाली तीन टीमें- सोबो मुंबई फाल्कन्स, ठाणे स्काई राइजर्स और आकाश टाइगर्स हैं। जगमोहन डालमिया ट्रॉफी जीत चुकी हैं इरा इरा जाधव का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्हें ‘नमन अवॉर्ड्स 2026’ में बेस्ट घरेलू क्रिकेटर के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया गया था। सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। अब वे इस लीग में प्रदर्शन करके WPL के अगले सीजन के लिए दावा मजबूत करना चाहती हैं। सयाली, साइमा और हुमैरा बनीं ‘आइकन प्लेयर’ MCA ने लीग के पहले सीजन के लिए तीन अनुभवी खिलाड़ियों को ‘आइकन प्लेयर’ के तौर पर चुना है। भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकीं सयाली सतघरे ‘सोबो मुंबई फाल्कन्स’ की आइकन होंगी, जबकि साइमा ठाकुर ‘ठाणे स्काई राइजर्स’ और हुमैरा काजी ‘आकाश टाइगर्स’ का प्रतिनिधित्व करेंगी। इन खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अनुभव लीग के स्तर को और ऊंचा ले जाएगा। नाइक बोले- यह मुंबई क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक शुरुआत MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि यह लीग भारत में महिला क्रिकेट के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। नीलामी के लिए कुल 2,411 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से अंतिम छंटनी के बाद पुरुष और महिला खिलाड़ियों की नीलामी एक साथ आयोजित की गई। जल्द ही शुरू होने वाली इस लीग से मुंबई के फैंस को रोमांचक क्रिकेट देखने की उम्मीद है। ——————————————————– महिला क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जिताने वालीं कप्तान हरमनप्रीत कौर को ही टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना को ही वाइस कैप्टन बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर






