बंगाल के 15 बूथों पर आज दोबारा वोटिंग:काउंटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति के खिलाफ TMC की याचिका, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा वोटिंग कराने का फैसला किया है। 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान डायमंड हार्बर के 4 और मगराहट पश्चिम के 11 बूथों पर हिंसा, EVM से छेड़छाड़ और झड़प हुई थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को पश्चिम बंगाल चुनाव मामले में TMC की याचिका पर सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच गठित की है। यह याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें काउंटिंग में केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाने की बात कही गई थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जॉयमाल्या बागची की बेंच 2 मई को सुबह 10:30 बजे सुनवाई करेगी। कोलकाता के सात EVM स्ट्रॉन्गरूम में सिक्योरिटी बढ़ी कोलकाता के सात EVM स्ट्रॉन्गरूम में सिक्योरिटी सख्त कर दी गई है। पुलिस ने 200 मीटर के दायरे में 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकठ्ठा होने पर रोक लगा दी है| सेंट्रल ऑर्म्ड पुलिस फोर्सेस (CAPF) की करीब 700 कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रशासन ने यह फैसला खुदीराम अनुशीलन केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर गुरुवार रात TMC और BJP कार्यकर्ताओं के 5 घंटे विरोध-प्रदर्शन के बाद लिया गया है। वहीं, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार शाम 6.30 बजे कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में EVM स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे। इसी स्ट्रॉन्ग रूम में गुरुवार रात को सीएम ममता बनर्जी 4 घंटे बैठी रही थीं। पश्चिम बंगाल- 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा, 2 में TMC सरकार ————————————————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार:असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी; केरलम में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग शुरू:सेकेंड फेज में मगरहाट-डायमंड हार्बर सीट पर हिंसा और EVM से छेड़छाड़ हुई थी

पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर के 4 और मगरहाट पश्चिम के 11 बूथों पर दोबारा मतदान शुरू हो गया है। वोटिंग शाम 6 बजे तक होगी। चुनाव आयोग ने इन बूथों पर EVM से छेड़छाड़ और झड़प की शिकायत के बाद फिर से वोटिंग कराने का फैसला लिया था। सभी बूथ दक्षिण 24 परगना जिले में आते हैं। राज्य की सभी 294 सीटों पर रिकॉर्ड 92.84% वोटिंग हुई। 23 अप्रैल को फर्स्ट फेज की 152 सीटों पर 93.19% मतदान हुआ था। 29 अप्रैल को सेकेंड फेज की 142 सीटों पर 92.48% वोट पड़े। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। पश्चिम बंगाल- 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा, 2 में TMC सरकार दक्षिण 24 परगना की 2 विधानसभा सीटों पर हो रही दोबारा वोटिंग से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
ग्वालियर में सरकारी अस्पताल का कमाल:जटिल ऑपरेशन कर महिला की बच्चेदानी बचाई, डॉक्टरों ने बड़ी फाइब्रॉइड गांठ हटाकर दी नई जिंदगी

ग्वालियर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के मार्गदर्शन में जिले के चिकित्सक लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में सिविल अस्पताल हजीरा के डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 28 वर्षीय महिला की बच्चेदानी सुरक्षित बचा ली। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव के अनुसार, इटावा निवासी ज्योति सिंह लंबे समय से बच्चेदानी में बड़ी गांठ (फाइब्रॉइड) की समस्या से जूझ रही थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और असहनीय पेट दर्द के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा था। कई निजी अस्पतालों में परामर्श के दौरान उन्हें बच्चेदानी निकालने की सलाह दी गई, लेकिन महंगे इलाज के कारण वे परेशान थीं। आखिरकार उन्होंने हजीरा सिविल अस्पताल में संपर्क किया, जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत नायक के मार्गदर्शन में डॉ. राहुल श्रीवास्तव (जनरल सर्जन) और उनकी टीम ने विस्तृत जांच कर ऑपरेशन की योजना बनाई। गुरुवार को हुई सर्जरी में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक बड़ी गांठ निकाल दी और बच्चेदानी को सुरक्षित रखा। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. अनुपम कुलश्रेष्ठ की भी अहम भूमिका रही। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ निगरानी में सावधानीपूर्वक पूरी की गई। मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में इतनी बेहतर सुविधा और समर्पित सेवाएं मिलना सराहनीय है। अस्पताल प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि यहां आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा जटिल ऑपरेशन एवं उपचार उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाया जा सकता है।
भोपाल में टाॅवर पर चढ़ा युवक,रात में कांग्रेस का धरना:सुबह मानस भवन के पीछे से हटेंगी 27 झुग्गी; 8 SDM-तहसीलदार समेत 95 की ड्यूटी लगाई

भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन की बस्ती हटाने के विरोध में एक युवक पॉलिटेक्निक चौराहे पर टावर पर चढ़ गया। वहीं, झुग्गियों को हटाने के विरोध में कांग्रेस मैदान में उतर गई है। रात में ही लोगों के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम ने नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी समेत कई कांग्रेसी धरने पर बैठे हैं। जकी ने बताया कि झुग्गियां हटाए जाने को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, यहां बसे 27 झुग्गी परिवारों को शनिवार सुबह हटाया जा सकता है। इसके लिए एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने 4-4 एसडीएम, तहसीलदार समेत कुल 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। एक बार कार्रवाई कैंसिल हो चुकी है। कांग्रेस के विरोध के चलते यहां भारी-भरकम पुलिस अमला भी तैनात होगा। करीब चार महीने भी इन झुग्गियों को हटाने की कवायद हुई थी, लेकिन कांग्रेस हाईकोर्ट से स्टे ले आई थी। इसके बाद यहां जश्न मना था। इनकी ड्यूटी लगी बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय, एमपी नगर एसडीएम एलके खरे, शहर वृत्त एसडीएम दीपक पांडे और टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा तहसीलदार यशवर्धन सिंह, करुणा दंडोतिया, सौरभ वर्मा, अनुराग त्रिपाठी समेत 9 नायब तहसीलदार, 10 राजस्व निरीक्षक और 68 पटवारियों को भी तैनात किया गया है। जीतू पटवारी भी जा चुके बस्ती में बता दें कि पूर्व में जिला प्रशासन का परिवारों को मालीखेड़ी में शिफ्ट करने का प्लान था। 25 दिसंबर 2025 को इन्हें एसडीएम ने बेदखली के आदेश जारी किए थे। इस मुद्दे पर कांग्रेस भी मैदान में उतर गई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बस्ती में पहुंचे और उन्हें कार्रवाई का विरोध जताया था। यहां होना है कार्रवाई यहां पर खसरा नंबर-1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर नोईयत वन अंशभाग 5613 वर्ग फीट के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होना है। यह इस साल की बड़ी कार्रवाई होगी। पूर्व सीएम, प्रदेश अध्यक्ष तक उतर चुके मैदान में मानस भवन के पीछे झुग्गी में रहने वाले परिवारों की शिफ्टिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस सवाल खड़े कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध जताया था। प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाई थी। तीन जगहों पर शिफ्टिंग का अनुमान इन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर लोगों को निशुल्क, यानी बिना राशि लिए, ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। राशि पूर्व में ही जमा की जा चुकी है। 70 साल पुरानी है ये बस्ती यह बस्ती लगभग 70 साल पुरानी है। यहां 27 से अधिक आदिवासी और कुछ गैर-आदिवासी परिवार रहते हैं। शासन ने 25 अगस्त-25 को नोटिस जारी किया और कहा गया कि सात दिन में जगह खाली करें। यहां 27 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। दीवाली के दौरान शिफ्टिंग का विरोध भी हुआ था। कार्याध्यक्ष शर्मा ने कहा-हमने राशि भी जमा करवा दी पूर्व में जब कार्रवाई स्थगित हुई थी, तब मानस भवन के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा भास्कर से चर्चा में कहा था कि 27 परिवार में से आधे भी आदिवासी नहीं है। भार्गव, साहू, दांगी जैसे गोत्र वाले आदिवासी कैसे हो गए? हमने तो बस्ती वालों की मदद और उन्हें मकान का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन को 54 लाख रुपए जमा करा दिए। हमारी जमीन पर अनाधिकृत कब्जा है। वो हमें दी जाए। झुग्गियां हटे या नहीं, इसे लेकर हमें कोई लेना-देना नहीं है। जिस बिल्डिंग में मानस भवन, उसका लोकार्पण दिग्विजय ने किया तुलसी मानस प्रतिष्ठान का लोकार्पण 30 मार्च 2003 को हुआ था। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, राज्यपाल डॉ. भाई महावीर मुख्य अतिथि थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने की थी। विशिष्ठ अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, तत्कालीन संस्कृति मंत्री अजय सिंह थे। अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मानस भवन संस्था गरीबों के हितों में काम करती है।
Bad food combinations: गलती से भी तरबूज के साथ ना खाएं ये 4 चीजें, पेट में मच जाएगी खलबली, दिमाग पर भी होगा सीधा हमला

Bad food combinations with watermelon: एक-दो दिन पहले मुंबई से एक ऐसी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई. खबरों के अनुसार, पहले परिवार ने बिरयानी खाई और फिर तरबूज, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और मृत्यु हो गई. इस खबर से हर कोई सन्न है. जहां कुछ दिनों पहले तक लोग बड़े चाव से हर दिन गर्मियों के इस फल को खाते थे, अब उसे खाने में डर रहे हैं. पानी से भरपूर तरबूज वैसे तो सेहत को कई लाभ देता है. खासकर, गर्मियों में ये शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. पाचन सही रखता है. पेट साफ करता है. लेकिन, कुछ भी खाने का सही लाभ तभी मिलता है, जब उसे सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन के साथ खाया जाए. तरबूज भी आप खाएं, लेकिन उसे खाने का सही समय, तरीका और सही-गलत फूड कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखकर ही खाएं. तरबूज खाने का सही समय क्या है? खासकर गर्मियों के मौसम में खानपान पर और भी अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि अधिक तापमान से भोजन जल्दी खराब हो जाता है. कुछ लोग तरबूज का आधा खाते हैं और बाकी का आधा हिस्सा फ्रिज में रख देते हैं. यह दो दिनों तक ऐसे ही पड़ा रहता है. याद रखें, इस फल में नमी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं. ऐसे में कटे हुए तरबूज को देर तक बाहर भी न रखें, वरना इसमें साल्मोनेला या ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं. तरबूज को शाम या रात में खाने से परहेज करें. कभी भी हेवी भोजन करने के तुरंत बाद इसे ना खाएं. कोशिश करें सुबह या दिन में तरबूज खाएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. तरबूज को किन चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए? – तरबूज का सेवन कभी भी हाई प्रोटीन से भरपूर फूड्स के साथ नहीं करना चाहिए. इससे कुछ लोगों में पाचन संबंधित समस्याएं जैसे ब्लोटिंग, अपच, पेट फूलने की शिकायत शुरू हो जाती है. तरबूज आसानी से पचने वाला फल है, प्रोटीन को पचने और टूटने में समय लगता है. ऐसे में आप चिकन, मछली, अंडा, पनीर आदि के साथ या इन्हें खाते ही तुरंत बाद तरबूज न खाएं. -काफी लोग तरबूज खाने के तुरंत बाद ही पानी भरपेट पी लेते हैं. यह सही आदत नहीं है. पानी पिएंगे तो पेट फूल जाएगा. एक तो तरबूज खुद ही पानी से भरपूर फल होता है, ऐसे में आप ऊपर से और पानी पी लेंगे तो पेट फूला हुआ ही महसूस होगा. इससे पेट के पीएच लेवल पर भी नेगेटिव असर पड़ता है. -आप दही, दूध से बने अन्य पदार्थों के साथ भी तरबूज का सेवन करने से बचें. इस फल में अधिक पानी होने के कारण यह पेट में मौजूद एसिड को पतला कर देता है. इससे दूध से बने खाद्य पदार्थों को पचने में समस्या होती है. इन डेयरी प्रोडक्ट्स को पचने के लिए पर्याप्त एसिड की जरूरत होती है. इससे आपको पेट संबंधित कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. -अक्सर एक्सपर्ट भी बोलते हैं कि तरबूज को खट्टे फलों जैसे संतरा, मौसमी, नींबू आदि के साथ खाना अनहेल्दी हो सकता है. इससे आपको अपच की प्रॉब्लम हो सकती है. जिनकी पाचन शक्ति पहले से ही कमजोर है, वे तरबूज खाते समय इन फूड्स का सेवन बिल्कुल भी न करें.
गर्मियों में मेथी दाना खा रहे हैं? जरा संभल जाएं, गलत तरीके से सेवन किया तो बढ़ सकती हैं ये समस्याएं

Last Updated:May 01, 2026, 23:49 IST मेथी दाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है और कई लोग इसे शुगर कंट्रोल से लेकर पाचन सुधारने तक के लिए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन गर्मियों में इसकी गर्म तासीर शरीर पर अलग असर डाल सकती है. अगर इसे सही तरीके और सही मात्रा में न लिया जाए, तो पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. ख़बरें फटाफट मेथी दाना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. भारतीय रसोई में मौजूद कई मसाले सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है मेथी दाना, जिसे आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है. लोग इसे वजन नियंत्रण, पाचन सुधारने, शुगर लेवल संतुलित रखने और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. हालांकि गर्मियों के मौसम में इसका सेवन कैसे किया जाए, यह जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म मानी जाती है और गलत तरीके से लेने पर कुछ समस्याएं हो सकती हैं. आयुर्वेद के अनुसार मेथी दाना उष्ण प्रकृति का होता है, यानी यह शरीर में गर्माहट पैदा कर सकता है. यह वात और कफ दोष को संतुलित करने में मददगार माना जाता है. लेकिन गर्मियों में शरीर में पित्त पहले से ही बढ़ा हुआ रहता है, ऐसे में ज्यादा मात्रा में मेथी दाना लेने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. कुछ लोगों को इससे पेट में जलन, एसिडिटी, कब्ज या बेचैनी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. क्या गर्मियों में शुगर लेवल पर असर पड़ सकता हैमेथी दाना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है, इसलिए कई लोग इसे डायबिटीज में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन गर्मियों में शरीर की जरूरतें अलग होती हैं. अगर मेथी दाना अधिक मात्रा में लिया जाए या खाली पेट लिया जाए, तो कुछ लोगों में कमजोरी, लो शुगर या असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. गर्मियों में कैसे करें सेवनगर्म मौसम में मेथी दाना लेने का सबसे अच्छा तरीका है इसे रातभर पानी में भिगो देना. सुबह उस पानी को छानकर पिया जा सकता है. इससे मेथी के गुण भी मिलते हैं और इसकी गर्म तासीर कुछ हद तक कम हो जाती है. ध्यान रखें कि गर्मियों में इसे उबालकर या बहुत गर्म पानी के साथ लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त गर्मी बढ़ सकती है. पाउडर या दही के साथ भी ले सकते हैंअगर साबुत मेथी दाना पसंद नहीं है, तो इसका पाउडर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. मेथी पाउडर को दही या छाछ में मिलाकर लेने से इसकी गर्म प्रकृति संतुलित हो जाती है. साथ ही पाचन भी बेहतर होता है. छाछ के साथ मेथी लेने से पेट की जलन कम हो सकती है और शरीर को ठंडक भी मिलती है. यह तरीका गर्मियों में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
केरल के डिजिटल पोल में यूडीएफ की जीत, केसी वेणुगोपाल को सीएम बनाने पर कांग्रेस के अंदर उठ रहे सवाल

केरल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब 4 मई को आने वाले विपक्षियों पर टिकी हुई है। केरल में अधिकांश बहुमत पोल में कांग्रेस पार्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत नजर आ रही है। इसके साथ ही कांग्रेस के अंदर केरल के सीएम को लेकर हलचल भी तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक बबीता ने कहा कि अगर केसी वेणुगोपाल केरल के मुख्यमंत्री बने तो विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू पब्लिक) की जीत होने पर उन्हें जरूरी प्रक्रिया से जिला बनाना होगा। केरल में सीएम को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता केरल के पूर्व प्रभारी और बिहार के रिपब्लिकन से मिनियन तारिक के बयान से यह बात स्पष्ट हो गई है कि यू एफसी ने केरल में जीत हासिल की है और डिजिटल पोल से यह स्पष्ट है। उन्होंने शुक्रवार (1 मई 2026) को कहा, ‘केरल में कांग्रेस की जीत में कोई संदेह नहीं है।’ उन्होंने कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पार्टी की सर्वोच्च कमान ही सत्य निष्ठा के लिए उपयुक्त व्यक्ति का चयन है। तारिक अख्तर ने प्रक्रिया का विवरण देते हुए कहा कि आला कमान में एक नियुक्त पर्यवेक्षक, जो प्रमुख दल की बैठक बुलाएगा और अगर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदार पर सहमति बनती है तो इसकी सूचना अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (मंचएलसी) को दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अला आदेश अंतिम निर्णय.’ इस पद पर वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा करते हुए कहा गया है कि अगर कांग्रेस के नेता (संगठन) की मान्यता है, तो उन्हें आवश्यक प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने कहा, ‘अगर विधायक दल, आला कमान को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार देता है, तो इस पर विचार किया जाएगा।’ वोटों की गिनती की प्रक्रिया पूरी: चुनाव आयोग चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में पढ़े गए आरोपों की गणना से संबंधित सभी गड़बड़ियां पूरी कर ली गई हैं। केरल के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) रत्न यू.एस. केलकर ने एक बयान में कहा कि तृतीय चार मई को सुबह आठ बजे 43 स्थानों पर स्थित 140 नियुक्तियों पर काम शुरू होगा और इस प्रक्रिया में कुल 15,465 कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इन नामांकन में 140 चुनाव अधिकारी (आरओ), 1,340 सहायक चुनाव अधिकारी, 4,208 पर्यवेक्षक, 4,208 प्राथमिक सुपर इंजीनियर और 5,563 सहायक चुनाव अधिकारी शामिल हैं। सीईओ ने बताया कि वोटों की गिनती पोस्टकार्ड से शुरू होगी और एक चरण में ज्यादातर 14 बूथों की गिनती की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन कक्षों में मतदान सामग्री साझा की गई है, उन्हें शामिल किया गया है या उनके विशेष सचिव, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में खुलासा किया जाएगा और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। ये भी पढ़ें: 7 साल के लड़के ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, भारत से 29 KM के समुद्र तट से 10 घंटे में पार किया पार Input By : pl भाषा (टैग्सटूट्रांसलेट)केसी वेणुगोपाल(टी)तारिक अनवर(टी)यूडीएफ(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)तारिक बबासी(टी)यू फेसबुक (टी)केरल चुनाव 2026
‘कम से कम 10 बार खुल गया’, काउंटींग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम कंसोल पर सेमेस्टर ब्रेक; बीजेपी ने भी लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में गणना से पहले अर्थशास्त्र अपने उफान पर है। इस बार पैरा स्ट्रांगरूम को लेकर चढ़ा हुआ है। ऐसे में पहले चुनाव आयोग से जुड़ी कई खबरों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बीजेपी और मशीनरी में इंजीनियरिंग जंग जारी है। शुक्रवार को भी स्ट्रांगरूम में गड़बड़ी का आरोप सामने आया है. इस बार ये आम आदमी पार्टी की तरफ से जगह दी गई। इससे पहले गुरुवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर आपदा संकट के आरोप के बीच बंदूकधारी ने हमला कर दिया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शुक्रवार को बीजेपी नेताओं ने विधाननगर के सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मजबूत कमरा बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के खोला गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस मामले में छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है. बीजेपी नेता शरदवत मुखोपाध्याय ने क्या लगाया आरोप बीजेपी नेता और विधाननगर के उम्मीदवार शरदवत मुखोपाध्याय ने कहा है कि स्ट्रांग रूम को तय समय से पहले ही खोल दिया गया था. इसे कम से कम 10 बार खोला जा सकता था। मुखोपाध्याय ने कहा कि यहां हमारा एक मजबूत कमरा है। हमें एक योजना दी गई थी. इसमें बताया गया था कि इसे कब खोला जाएगा। उसी के अनुसार, हम सब समय पर वहाँ पहुँच गये। वहां पहुंचने पर देखा कि सबसे पहले स्ट्रॉन्ग रूम ही खुला था। उस समय वह खुल नहीं रहा था, बल्कि वह पहले ही खुल गया था। हमने सवाल उठाया कि जब काम ठीक से शुरू ही नहीं हुआ तो इसे इतनी जल्दी क्यों खत्म कर दिया गया? बाद में हमसे पूछताछ में बताया गया कि इस स्ट्रॉन्ग रूम को एक या दो बार नहीं, बल्कि इससे पहले कम से कम दस बार खोला जा सकता है। वह हमारे किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाए हैं। ग्राउंडओवर ने गुरुवार को हड़ताल की थी इससे पहले गुरुवार को बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. यह घटना मतदान के दूसरे और अंतिम चरण के ठीक एक दिन पहले हुई थी। यहां इंदौर ने सेंट्रल कोलकाता के कुछ स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसके बाद यूनिवर्सल घोष और शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र पर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरमार्केट के लाइव फुटेज में स्ट्रैंग रूम के अंदर बाहरी लोग दिखाई देते हैं। यह स्कूल में राखी बैलेट पेपर्स के साथ टिकट कर रहे थे। पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दोपहर 3.30 बजे तक स्ट्रॉन्गरूम के बाहर मौजूद थे। घोष ने बताया कि अचानक एक ईमेल भेजा गया था जिसमें बताया गया था कि स्ट्रॉन्गरूम शाम 4 बजे फिर से खोला गया था। हमने अपने लाइसेंस से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं. फिर हम यहां जल्दी से यहां पहुंचे। अब हमें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बीजेपी को बुलाया जा रहा है. ममता बनर्जी ने लगाया बड़ा आरोप इधर, इस पूरी घटना के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि आपको मातृभाषा शिक्षण की पहरेदारी करनी चाहिए। यदि आवश्यक हुआ, तो मैं भी अपने क्षेत्र की चौकीदारी कर सकता हूँ। बँगले को स्वयं पहरेदारी करनी चाहिए। जागते रहो. अगर मैं ऐसा कर सकता हूं, तो आप भी कर सकते हैं। ईवीएम के परिवहन के दौरान सुविधा को बदलने की एक योजना है। इसे उद्यम में न लें. मुझे पक्का पता है कि टेलीविजन पर विज्ञापन सर्वेक्षण के आंकड़े रविवार दोपहर 1.08 बजे भाजपा के एक कार्यालय से प्रसारित किये गये थे। मीडिया के एक वर्ग पर इसे प्रकाशित करने का दबाव डाला गया था। हमारी संख्या 230 तक भी पहुंच सकती है. हम निश्चित रूप से 226 के आंकड़े पार कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा चुनाव: 2 मई से 15 बजे तक मतदान, सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान
गर्मियों में कांजी वड़ा रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में घर पर बनाएं राजस्थानी कांजी वड़ा, न शौकीन लू, न होगी बदहजमी; शरीर रहेगा ठंडा-ठंडा

विवरण के लिए: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1-2 हरी मिर्च, 1/2 छोटा कद्दूकस, नमक स्वाद मसाला, तलने के लिए तेल छवि: मेटा एआई कांजी के लिए: 4 कप पानी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले वड़ा तैयार करेंगे। इसके लिए मूंग दाल 4-5 घंटे की छूट देती है। फिर इसे प्लास्टिक में पीसकर चाकू बैटर बना लें। इसमें हरी मिर्च, अदरक और नमक के टुकड़े से स्टॉल। छवि: एआई आटे में तेल गर्म करें और छोटे-छोटे वड़े तल लें। वड़ोदरा को 10 मिनट के लिए गुनगुने पानी में, फिर लम्बाई में पूरा पानी निकाल लें। छवि: एआई कांजी तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर एक बर्तन में पानी लें। इसमें नमक, लाल मिर्च, हल्दी, हींग और पीसी हुई राय कैथेड्रल बढ़िया से पकडे गये। अब तैयार हो जाओ वड्डे डाल डे में। छवि: एआई 2-3 दिन के लिए फ़्लोरिडा को उगाने या कमरे के तापमान पर रख दें, ताकि इसमें हल्के खटास आ जायें। जब कांजी में मसाले आ जाएं, तो इसे ठंडा करके सर्व कर सकते हैं। छवि: एआई यह स्वाद में बहुत ही ताजगी भरा लगता है और गर्मी से शरीर को तुरंत राहत मिलती है। यह शरीर को ठंडक देता है। इसके अलावा पाचन तंत्र भी बेहतर काम करता है। साथ ही, लू से बचाव करता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है। छवि: एआई कांजी को रोज एक बार हिलाते रहो ताकि स्वाद अच्छा बने। ज्यादा कट्टा पसंद हो तो 1 दिन और जगह। साफा और पोर्शन का ही इस्तेमाल करें। छवि: एआई
ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत:इंदौर में अस्पताल से भागी महिला ड्राइवर; गार्डन में जा रहा था खेलने

इंदौर के हीरानगर में रहने वाले 12 साल के एक बच्चे की हादसे में मौत हो गई। वह गार्डन में खेलने जा रहा था। इस दौरान सड़क पार करते समय उसे एक ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। आसपास के लोगों ने बच्चे को उठाया और ई-रिक्शा चला रही महिला के साथ उसे एमवाय अस्पताल पहुंचाया। यहां बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही महिला वहां से भाग गई। हीरानगर पुलिस के मुताबिक मृतक 12 वर्षीय करण पिता मुकेश डामोर निवासी रघुनंदन बाग है। शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे सड़क पार करते समय उसे ई-रिक्शा (MP09-AT5741) ने टक्कर मार दी। हादसे में करण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आसपास के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। करण के परिजनों ने बताया कि वह घर के सामने स्थित ग्लोवर गार्डन में दूसरे बच्चों के साथ खेलने जा रहा था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। करण का परिवार मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला है। उसके पिता इंदौर में मजदूरी करते हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है। पुलिस अब ई-रिक्शा चला रही महिला की तलाश कर रही है। इधर, सेज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ने किया सुसाइड वहीं, एक अन्य मामले में तेजाजी नगर इलाके में सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले इंजीनियरिंग के एक छात्र ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया। वह तबीयत खराब होने के कारण कॉलेज नहीं गया था। शाम को उसका दोस्त कमरे पर उसे देखने पहुंचा तो छात्र फंदे पर लटका मिला। मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को एमवाय अस्पताल भिजवाया है। तेजाजी नगर पुलिस के मुताबिक मृतक उत्कर्ष (21) ने सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फांसी लगाई। उसका दोस्त हिमांशु उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचा था। हिमांशु ने पुलिस को बताया कि उत्कर्ष मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला था और पिछले तीन साल से यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक उत्कर्ष शुक्रवार को कमरे से बाहर नहीं निकला था। उसने तबीयत खराब होने की बात कही थी। शुरुआती जांच में उसके डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि परिवार से संपर्क किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।





