घंटों कान में ईयरफोन, ईयरबड लगाकर तेज आवाज में सुनते हैं गाना, न करें कान के साथ खिलवाड़? ईयर को हेल्दी रखेंगे ये टिप्स

Last Updated:April 30, 2026, 21:43 IST आजकल जिसे देखो उसके कानों में ईयरफोन, ईयरबड्स लगे रहते हैं और तेज आवाज में घंटों गाना सुना करते हैं. इस म्यूजिक का साउंड इतना तेज होता है कि आसपास मौजूद लोगों को भी सुनाई देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये आदत आपके कान को कितना नुकसान पहुंचा रही है. कम उम्र में ही आपके सुनने की क्षमता तक प्रभावित हो सकती है. ऐसे में इस आदत को जितनी जल्दी हो छोड़ दें और अपने कानों को हेल्दी रखने के लिए कुछ टिप्स फॉलो करें. कान की सुनने की क्षमता प्रभावित कर सकता है ईयरफोन, ईयरबड्स. कान हमारे शरीर का बेहद अहम हिस्सा हैं, लेकिन अक्सर हम उनकी देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. दुनियाभर में 5 से 19 साल के करीब 95 मिलियन से अधिक बच्चे सुनने की समस्या से जूझ रहे हैं, जो एक बड़ा चिंता का विषय है. डब्लूएचओ (WHO) लोगों से अपील करता है कि वे अपनी सुनने की क्षमता की रक्षा करें और कानों की सेहत को प्राथमिकता दें. तेज आवाजों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है. तेज आवाज से बचाव है जरूरीWHO के अनुसार, छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम लंबे समय तक अपनी सुनने की क्षमता को सुरक्षित रख सकते हैं. वॉल्यूम हमेशा 60% से कम रखें.शोर-शराबे वाले माहौल में इयरप्लग का इस्तेमाल करें.तेज आवाजों से दूरी बनाकर रखें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. म्यूजिक सुनते समय रखें ये सावधानियां संगीत पसंद करने वाले रखें खास ध्यान स्पीकर से थोड़ी दूरी बनाकर रखेंबीच-बीच में कानों को आराम देंशोर वाली जगहों पर इयरप्लग का इस्तेमाल करेंकिसी ईवेंट के बाद कानों को रिकवर करने के लिए एक दिन का आराम देंसाउंड लेवल ट्रैक करने के लिए स्मार्टफोन ऐप्स का उपयोग करें गेमिंग के दौरान भी रहें सतर्क गेम खेलने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए.सुरक्षित सुनने वाले फीचर्स वाले डिवाइस चुनेंनॉइज-कैंसलिंग हेडफोन का इस्तेमाल करेंलगातार हेडफोन इस्तेमाल से बचेंस्क्रीन टाइम सीमित रखें नियमित जांच है बेहद जरूरी समय-समय पर अपनी सुनने की क्षमता की जांच कराते रहनी चाहिए.अगर सुनने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.जरूरत पड़ने पर सहायक उपकरणों का इस्तेमाल करें.सुनने में दिक्कत वाले लोगों का करें सम्मान. जिन लोगों को सुनने में समस्या है, उन्हें सहयोग और सम्मान देना बहुत जरूरी है. यह समस्या उनकी जीवन गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए संवेदनशीलता और समझदारी दिखाना बेहद अहम है. यदि आप टीनएजर हैं तो इस आदत को जितनी जल्दी छोड़ देंगे, उतना ही आपके कान की सेहत के लिए अच्छा होगा. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 30, 2026, 21:43 IST
महिला कैदी ने साड़ी से फंदा बनाकर की आत्महत्या:रायसेन जेल में बैरक के वेंटीलेशन से लगाई फांसी, दहेज प्रताड़ना के मामले में थी बंद

रायसेन जिला जेल में गुरुवार शाम एक महिला कैदी ने आत्महत्या कर ली। घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई। महिला ने अपनी साड़ी का फंदा बनाकर बैरक की खिड़की के वेंटिलेशन से लटककर जान दे दी। जेल कर्मचारियों ने महिला को फंदे पर लटका देखा तो उसे तत्काल नीचे उतारा और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तीन महीने पहले हुई सजा घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल अपनी टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान 36 वर्षीय देवकी बंजारा के रूप में हुई है। वह अपनी देवरानी की आत्महत्या के मामले में जेल में सजा काट रही थी। महिला को तीन महीने पहले ही आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के मामले में सजा हुई। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह मजिस्ट्रियल जांच के उपरांत महिला का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
उज्जैन में नौका विहार महोत्सव शुरू:राधा-कृष्ण ने किया सरोवर में नौका विहार, उमड़े श्रद्धालु

धार्मिक नगरी उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में श्री श्री राधा-कृष्ण के दिव्य नौका विहार महोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है। 30 अप्रैल से शुरू हुआ यह विशेष महोत्सव प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक चलता है। इसमें भगवान श्री राधा-कृष्ण पवित्र सरोवर में नौका विहार करते हैं। लगभग 25 से 30 फीट के सरोवर में 12 फीट लंबी और 5 फीट चौड़ी सुसज्जित नौका में विराजमान भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महोत्सव का शुभारंभ ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के वरिष्ठ शिष्य श्रीमद लोकनाथ स्वामी महाराज के करकमलों द्वारा किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए निरंतर प्रसाद वितरण किया जा रहा है। यह महोत्सव उस प्राचीन परंपरा का प्रतीक है, जब ग्रीष्म ऋतु में राधा-कृष्ण नौका विहार किया करते थे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से घर से भोग बनाकर अर्पित करने और इस दिव्य उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है। भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण और राधा को विशेष शीतलता प्रदान की जा रही है। इसके तहत मंदिर में एसी लगाए गए हैं और ओडिशा के मलय पर्वत से लाए गए चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है। भगवान को ठंडक प्रदान करने के लिए रोजाना चार लोग चंदन का लेप तैयार करते हैं। अब तक लगभग 30 किलो चंदन का लेप भगवान को लगाया जा चुका है, जिससे उन्हें तपती गर्मी में शीतलता मिल सके।
डॉक्टरों पर लापरवाही से मरीज कोमा में गया:बालाघाट के सरदार पटेल अस्पताल में एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया; दो पर केस

बालाघाट पुलिस ने शहर के सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के दो डॉक्टरों डॉ. हितेश कावडे और डॉ. श्रृष्टि जैन पर बीएनएस की धारा 125(बी) के तहत केस दर्ज किया है। यह मामला इलाज में लापरवाही से जुड़ा है, जिसके कारण एक मरीज कोमा में चला गया। एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया यह पूरा मामला मरीज विवेक तिरपुड़े (36) के इलाज से संबंधित है। उनके हाथ में चोट लगने के बाद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान उन्हें एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया, जिसके कारण विवेक तिरपुड़े पिछले दो महीने से कोमा में हैं और उनका इलाज नागपुर में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप 12 अप्रैल को परिजनों ने विवेक के ऑपरेशन के बाद कोमा में जाने पर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय चिकित्सकों की एक टीम बनाकर मामले की जांच कराई थी। जांच टीम में डॉ. नागोराव रंगारे, डॉ. अंकित राणा और डॉ. प्रशांत चौरे शामिल थे। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई जांच टीम ने पाया कि डॉ. हितेश कावडे और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. श्रृष्टि जैन की लापरवाही के कारण ही मरीज तिरपुड़े कोमा की स्थिति में पहुंचे हैं। किम्स-किंग्सवे हॉस्पिटल नागपुर की एमआरआई रिपोर्ट में भी ब्रेन में ग्लोबल हायपॉक्सी इंजरी पाई गई। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
आंधी से उड़ा टेंट, लोगों ने पाइप पकड़कर लटके:खिलचीपुर मेला ग्राउंड में तेज हवाओं से उड़ता रहा सामान, पेड़ों की टहनियां गिरीं

राजगढ़ जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर 40.5 डिग्री की झुलसाती गर्मी झेलने के बाद शाम होते-होते तेज धूलभरी आंधी और तूफान ने हालात बदल दिए। करीब 5 बजे आसमान में काले बादल छाने लगे और कुछ ही देर में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। करीब 5:30 बजे के आसपास खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहगढ़ और जीरापुर क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ धूलभरी हवाएं चलने लगीं। करीब आधे घंटे तक चली इस आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, पेड़ जोर-जोर से हिलते नजर आए और कई जगह उनकी डालियां टूटकर गिर गईं। मेला ग्राउंड में टेंट गिरा, लोगों ने संभाला ढांचा खिलचीपुर नगर के बड़े मेला ग्राउंड में सौंधिया समाज के सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट तेज हवा के कारण गिर गया। मौके पर मौजूद सम्मेलन समिति के लोग बड़े पांडाल के लोहे के पाइपों को गिरने से बचाने के लिए पकड़कर खड़े नजर आए, ताकि बाकी ढांचा सुरक्षित रह सके। वहीं नगर के बस स्टैंड के पास फूल माली समाज का सम्मेलन प्रस्तावित है। यहां आयोजन समिति ने आंधी के दौरान एहतियात बरतते हुए तंबू के अंदर लगे पार्टिशन पर्दों को खोल दिया, ताकि हवा का दबाव कम किया जा सके और टेंट को नुकसान से बचाया जा सके। पेड़ों की टहनियां गिरीं आंधी के दौरान तेज हवाओं की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे पड़ी पॉलिथीन और हल्का सामान हवा में उड़ता नजर आया। कई जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद आई इस आंधी ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने सतर्क रहने की जरूरत भी बता दी।
गर्मी में टैनिंग से परेशान? इस्तेमाल करें ये हर्बल फेस स्क्रब और ग्लोइंग तेल, देगा नेचुरल निखार

होमफोटोलाइफ़फैशन गर्मी में टैनिंग से परेशान? इस्तेमाल करें ये हर्बल फेस स्क्रब और ग्लोइंग तेल Last Updated:April 30, 2026, 20:50 IST Summer skin care tips: इत्र नगरी कन्नौज सदियों से अपनी खुशबू और प्राकृतिक उत्पादों के लिए जानी जाती है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कन्नौज के व्यापारी विवेक नारायण मिश्रा ने एक अनोखा हर्बल फेस स्क्रब और ग्लोइंग तेल तैयार किया है. यह स्क्रब खासतौर पर गर्मियों में होने वाली त्वचा समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है. आज जब लोग केमिकल युक्त उत्पादों से दूर रहना चाहते हैं, ऐसे में यह प्राकृतिक स्क्रब और ग्लोइंग तेल लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस हर्बल फेस स्क्रब की सबसे बड़ी खासियत है इसकी प्राकृतिक संरचना. इसमें चंदन पाउडर, गुलाब पाउडर, मसूर दाल, दालचीनी, मुल्तानी मिट्टी और चीनी जैसे घरेलू और आयुर्वेदिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया है. ये सभी सामग्री त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. मसूर दाल स्किन को एक्सफोलिएट करती है, मुल्तानी मिट्टी गहराई से सफाई करती है और दालचीनी त्वचा में निखार लाने में मदद करती है. गर्मियों में धूप के कारण त्वचा पर टैनिंग होना आम समस्या है. यह स्क्रब खासतौर पर टैनिंग हटाने में मददगार साबित हो रहा है. नियमित उपयोग से यह त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन को हटाकर नई और साफ त्वचा को सामने लाता है. इससे चेहरा न केवल साफ दिखता है बल्कि उसका रंग भी निखरता है. वही इस स्क्रब के साथ व्यापारी ने केसर, पिस्ता और चिरौंजी फेस ऑयल भी तैयार किया है जो त्वचा को अंदरूनी निखार और मॉइश्चराइजर पहुंचते हैं. यह स्क्रब सिर्फ सफाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि त्वचा को पोषण भी देता है. इसके इस्तेमाल से त्वचा मुलायम, स्मूद और नेचुरली ग्लोइंग बनती है. चीनी के छोटे कण स्किन को हल्के से स्क्रब करते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है. यह तेल चेहरे पर ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं, जिससे चेहरा और भी ज्यादा खूबसूरत, चमकदार हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google आज के समय में केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स से त्वचा को नुकसान होने का खतरा रहता है, लेकिन यह हर्बल फेस स्क्रब पूरी तरह केमिकल फ्री है. यही कारण है कि इसे हर प्रकार की त्वचा के लिए सुरक्षित माना जा रहा है, चाहे त्वचा ड्राई हो, ऑयली हो या सेंसिटिव इसका प्रयोग हर व्यक्ति कर सकता है. विवेक नारायण मिश्रा का यह प्रयास न सिर्फ लोगों को प्राकृतिक विकल्प दे रहा है, बल्कि कन्नौज के स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान दिला रहा है. यह स्क्रब धीरे-धीरे बाजार में अपनी जगह बना रहा है और लोगों का भरोसा जीत रहा है. अगर आप भी अपनी त्वचा को बिना किसी साइड इफेक्ट के स्वस्थ और खूबसूरत बनाना चाहते हैं, तो यह हर्बल फेस स्क्रब त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. यह न सिर्फ आपकी त्वचा को साफ और चमकदार बनाएगा, बल्कि आपको प्रकृति के करीब भी लाएगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : April 30, 2026, 20:50 IST
‘बैलेट बॉक्स चाकू की कोशिश’, टीएमसी का बड़ा आरोप, कोलकाता में धरना, जारी किया सीसीटीवी वीडियो

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर से राजनीति गरमा गई है। कट्टरपंथियों के नेता शशि पांजा और कम्युनिस्ट घोषाल इंटरमीडिएट इंदौर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग रूम के सामने चित्र पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और ईसीआई अधिकारी पार्टी के संबंधित सहयोगियों से संपर्क किए बिना बैलेट बॉक्स पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं। टीएमसी ने बैलेट बॉक्स बैलेट का आरोप लगाया सांसद घोष ने कहा, ‘आप चुनाव आयोग की लाइवस्ट्रीमिंग और सीसीटीवी कैमरों में देख सकते हैं कि अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं। हमारा कोई भी प्रतिनिधि अंदर नहीं है…वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। वे हमसे अन्य नामों से बात करने के लिए कह रहे हैं। हम दूसरे बिश्नोई की जिम्मेदारी क्यों लें?’ शशि पांजा ने कहा, ‘हमें चिंता है. कोई बदलाव नहीं होना चाहिए. हमें यह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है?’ राहुल ने जारी किया सीसीटीवी वीडियो टीएमसी नेता ने दावा किया है कि उन्हें शक है कि स्ट्रैंग-रूम के अंदर से आतंकियों की कोई नापाक साजिश रची जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि स्ट्रांग-रूम के अंदर अंतिम चरण क्या चल रहा है। ❗️चिंताजनक❗️ यह दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या है. सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा @बीजेपी4इंडियाके साथ सक्रिय मिलीभगत में @ECISVEEPकिसी भी संबंधित पार्टी हितधारकों की उपस्थिति के बिना मतपेटियाँ खोल रहा है। यह घोर चुनावी धोखाधड़ी है जो खुलेआम की जा रही है… pic.twitter.com/aSe36kGKPI – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 30 अप्रैल 2026 ममता बनर्जी ने ईवीएम से उम्मीदवारों की आपदा की संभावना जताई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो संदेश जारी करने के कुछ ही घंटे बाद शुरू हुआ। उस संदेश में ममता बनर्जी ने मोस्ट से स्ट्रॉंग-रूम की शिपरी करने की पोस्टिंग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह 4 मई की सुबह से शुरू होकर दोपहर के भोजन के बाद सैंडविच पर उतरकर स्ट्रैंग-रूम की दीवार पर चढ़ गए। उत्तरी कोलकाता की बेलियाघाटा विधानसभा सीट से इस बार ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस के उम्मीदवार घोष के, खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्ट्रांग-रूम के सामने स्थित ओल्ड कांग्रेस के कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे तक मौजूद थे। टीएमसी के चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप घोष ने आगे कहा, ‘दोपहर में सेंट्रल सेन्ट्रल ने उन्हें वहां से हटा दिया।’ इसी बीच, अचानक मुझे एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया कि स्ट्रैंग-रूम शाम 4.00 बजे फिर से खोला गया। टैब हमने पार्टी वैयक्तिकता से संपर्क पर फोन किया। हमने अनुरोध किया कि वे अभी भी कहीं भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वे वहां से जा चुके हैं. तब हम दोनों तत्काल उस स्थान के लिए प्रस्थान हो गए। अब वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं, जबकि बीजेपी के लोग अंदर बुला रहे हैं।’ शशि पांजा ने कहा कि इस चुनाव में स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी का मित्र अत्यंत प्रिय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्ट्रांग-रूम खोला गया था, तो हर राजनीतिक दल को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गयी? (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता
भारत में मिलने वाले ये 10 गर्मियों के फल, जिन्हें आप भुला चुके हैं, फायदे और स्वाद में जबरदस्त, आपके फलों की लिस्ट में हैं शामिल?

Forgotten summer fruits from india: खानपान में मौसमी चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. सर्दियों में जो फल-सब्जियां मिलती हैं, उसे जरूर खाना चाहिए. उसी तरह गर्मियों में मिलने वाले फलों, हरी सब्जियों को भी अपनी डाइट में हर दिन शामिल करना जरूरी है. गर्मी के मौसम में कई ऐसे फल होते हैं, जो पानी से भरपूर होते हैं. जैसे खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, खीरा, लीची, आम आदि. इन फलों का सेवन तो आप हर दिन करते हैं, लेकिन गर्मियों में मिलने वाली फलों की लिस्ट यहीं समाप्त नहीं होती है. कई ऐसे फल भी हैं, जिनको लोग भूल चुके हैं. इनमें से कुछ तो मार्केट में मिलते भी हैं, लेकिन लोग इन्हें कम ही खरीदते हैं. आपको यहां कुछ ऐसे फलों के बारे में बता रहे हैं, जो गर्मियों के लिए बेस्ट और बेहद ही फायदेमंद साबित होते हैं, लेकिन लोग इनका सेवन न के बराबर करते हैं. फालसा- डार्क बैंगनी रंग का फालसा फल गर्मियों में खाए जाने वाला फल है, लेकिन काफी लोग इसके बारे में नहीं जानते या इसे बेकार समझ कर खरीदते नहीं हैं. फालसा शरीर को ठंडक देता है. स्वाद में खट्टा-मीठा फालसा खाने से पाचन दुरुस्त रहता है. शरीर को कई फायदे मिलते हैं. लसोड़ा- शायद आपने इस फल का नाम ना सुना हो, लेकिन ये गर्मियों में खाया जाने वाला फल है. इसे इंग्लिश में ग्लू बेरी (Glue berry) कहते हैं. लसोड़ा की तासीर ठंडी होती है. ऐसे में गर्मियों में ये शरीर को ठंडक प्रदान करता है. गैस दूर करता है, पेट को हेल्दी रखता है. पेट की गर्मी, कब्ज आदि को दूर करता है. ये देखने में हरे रंग का गोल और छोटा सा एक जंगली फल है. इससे अचार और सब्जी बनती है. हालांकि, यह सिर्फ दो महीने मई और जून में ही मिलता है. भोजन में इसके कम उपयोग के कारण शहरों में ये बहुत अधिक नजर नहीं आता है. लसोड़ा फल सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. जंगली जलेबी- जलेबी की तरह टेढ़ी-मेढ़ी दिखने वाली जंगली जलेबी एक जंगली फल है. इसके अंदर काला बीज होता है. इसके अंदर मीठा, सफेद रंग का गूदा होता है. ये एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस आदि से भरपूर होती है. इसे खाने से पाचन सही रहता है. इम्यूनिटी बूस्ट होती है. हड्डियां मजबूत होती हैं. हालांकि, अब जंगली जलेबी की खेती बहुत कम होती है, जिससे ये नॉर्मल मार्केट में नहीं मिलती है. जंगली जलेबी करोंदा- यह छोटा सा अंडाकार और रंग में सफेद-गुलाबी होता है, जिसका अचार भी बनता है. स्वाद में खट्टे करोंदे को भारत की जंगली क्रैनबेरी भी कहते हैं. हालांकि, इसका सेवन अब अचार तक ही सीमित हो गया है. वैसे आपको ठेले पर करोंदा दिखे तो जरूर खरीद कर इसे खाएं. सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है ये फल. गर्मियों में आप सब्जी, चटनी बनाकर सेवन कर सकते हैं. विटामिन सी, आयरन से भरपूर करोंदा, पाचन तंत्र, इम्यूनिटी, ब्लड प्रेशर को सही रखता है. शहतूत- इस फल का रंग डार्क बैंगनी होता है. इसका स्वाद मीठा होता है. ये फल जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए मार्केट में ये जल्दी नहीं दिखाई देता है. गर्मियों में ये पाचन सही रखता है. इम्यूनिटी बूस्ट करता है. खून की कमी दूर करता है. कोलेस्ट्रॉल को नॉर्मल करता है. हार्ट डिजीज, कैंसर, शुगर लेवल हाई होने से बचाता है. आपको कहीं भी इस मौसम में शहतूत दिखे तो इसे जरूर खाएं. शहतूत फल कमरख- काटने पर सितारे जैसी बनावट में दिखने वाला कमरख यानी स्टार फ्रूट स्वाद में खट्टा-मीठा होता है. गर्मियों में इसे खाने से शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहता है. हालांकि, कमरख का सेवन लोग बहुत ही कम करते हैं. यह विटामिन सी, फाइबर से भरपूर होता है. पाचन तंत्र के लिए हेल्दी है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. रामफल- ये फल सीताफल (custard apple) का ही एक रिश्तेदार. यह फल तब अधिक पकता है, जब गर्मी अपने चरम पर होती है. इसकी बनावट सीताफल जैसी होती है, लेकिन यह कम मीठा और अधिक मिट्टी जैसा स्वाद वाला होता है. ऐसा माना जाता है कि यह शरीर को भीषण गर्मी और धूप से होने वाली एलर्जी से निपटने में मदद करता है. रामफल खिरनी- ये फल भी गर्मियों का है, जो पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है. यह भारतीय जंगलों में पाया जाता है. पीले-नारंगी रंग का ये छोटा सा फल स्वाद में मीठा होता है. फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये फल गर्मियों में मई के महीने में कुछ ही दिनों के लिए मिलता है. संभवत: इसलिए भी अधिकतर लोग इस फल के बारे में नहीं जानते होंगे. यह फल जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए व्यावसायिक रूप से ये फल बहुत कम दिखाई देता है. कोकम – यह चमकीला लाल फल गर्मियों में मिलने वाला एक दुर्लभ फ्रूट है. स्वाद में ये बेहद खट्टा होता है. यह कुछ ही दिनों में खराब हो जाता है. गर्मियों में इससे एनर्जी ड्रिंक, शरबत बनाकर पी सकते हैं. कोकम (Garcinia indica) एक प्राकृतिक शीतलक है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक, हाइड्रेशन प्रदान करता है. लू से बचाता है. पाचन दुरुस्त रखता है. वजन घटाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है. कोकम फल चलता – पूर्वी भारत के दलदलों और जंगलों में पाया जाने वाला यह फल कठोर, कुरकुरे कवर से सुरक्षित रहता है. इसका स्वाद खट्टा-कड़वा होता है. चटनी और दाल में इसका उपयोग अभी भी होता है, लेकिन आजकल गर्मियों में कच्चे फल के रूप में इसकी खपत तेजी से घट रही है.
श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका महिला टीम ने सिलहट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश को 21 रन से हराकर 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 154 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश निर्धारित ओवर में 5 विकेट पर रन ही बना सकी। हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंद पर 49 रन बनाए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 22 रन पर ही हसीनी परेरा का विकेट गंवा दिया। वह 11 गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुई। दूसरे विकेट के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी के बीच 44 रन की साझेदारी हुई। इमेशा ने 25 गेंद पर 27 रन, जबकि अटापट्टू ने 37 गेंद पर 42 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी 4 ओवर में 60 रन बनाए। इस दौरान हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए। नीलाक्षिका सिल्वा ने नाबाद 22 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से फारिहा, सुल्ताना, नाहिदा और रितु ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने बांग्लादेश ने घुटने टेके बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर और जुएरिया फर्दोस की ओपनिंग जोड़ी ने 46 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने रन गति को धीमा रखा। 7 से 14 ओवर तक बांग्लादेश सिर्फ 39 रन ही जोड़ सकी और 4 विकेट गवां दिए। इसके बाद जरुरी रन रेट बढ़ता ही गया और बांग्लादेश मैच हार गई। शर्मीन अख्तर ने 47 गेंद पर नाबाद 44 रन की धीमी पारी खेली और बांग्लादेश की टॉप स्कोरर रही। श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिल्हारी ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। स्पिनर्स के 12 ओवर में सिर्फ 50 रन ही बने। पहले मैच में श्रीलंका ने 25 रन से जीत दर्ज की थी। 2 मई को सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगा:ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखे थे, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका महिला टीम ने सिलहट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश को 21 रन से हराकर 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 154 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश निर्धारित ओवर में 5 विकेट पर रन ही बना सकी। हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंद पर 49 रन बनाए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 22 रन पर ही हसीनी परेरा का विकेट गंवा दिया। वह 11 गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुई। दूसरे विकेट के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी के बीच 44 रन की साझेदारी हुई। इमेशा ने 25 गेंद पर 27 रन, जबकि अटापट्टू ने 37 गेंद पर 42 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी 4 ओवर में 60 रन बनाए। इस दौरान हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए। नीलाक्षिका सिल्वा ने नाबाद 22 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से फारिहा, सुल्ताना, नाहिदा और रितु ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने बांग्लादेश ने घुटने टेके बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर और जुएरिया फर्दोस की ओपनिंग जोड़ी ने 46 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने रन गति को धीमा रखा। 7 से 14 ओवर तक बांग्लादेश सिर्फ 39 रन ही जोड़ सकी और 4 विकेट गवां दिए। इसके बाद जरुरी रन रेट बढ़ता ही गया और बांग्लादेश मैच हार गई। शर्मीन अख्तर ने 47 गेंद पर नाबाद 44 रन की धीमी पारी खेली और बांग्लादेश की टॉप स्कोरर रही। श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिल्हारी ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। स्पिनर्स के 12 ओवर में सिर्फ 50 रन ही बने। पहले मैच में श्रीलंका ने 25 रन से जीत दर्ज की थी। 2 मई को सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगा:ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखे थे, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…








