Thursday, 01 Oct 2026 | 11:10 PM

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जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार

जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार

जालंधर के आबादपुरा की रहने वाली एक मां ने अपनी बेटी अंकिता की ओमान में हुई संदिग्ध मौत के लिए एक ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि एजेंट ने उसे धोखे से विदेश भेजा, जहां उसका शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया गया। 24 अप्रैल को अंकिता की मौत की खबर मिलने के बाद आरोपी एजेंट दफ्तर बंद कर फरार है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी के शव को वापस लाने की मांग की है। सुनहरे भविष्य का झांसा देकर बुना मौत का जाल आबादपुरा की निवासी मोनिका ने अपनी बेटी अंकिता के बेहतर भविष्य के लिए एक विज्ञापन देखकर एजेंट जसकरण सिंह से संपर्क किया था। अंबिका टावर स्थित ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ के मालिक जसकरण ने भरोसा दिलाया था कि अंकिता को ओमान में घरेलू काम के लिए 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इस झांसे में आकर परिवार ने 71,000 रुपये और पासपोर्ट सौंप दिए, जिसके बाद 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता को दिल्ली से ओमान भेज दिया गया। फोन पर रो-रोकर सुनाती थी प्रताड़ना ओमान पहुंचने के कुछ समय बाद ही अंकिता के साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। वह 22 अप्रैल तक अपनी मां के संपर्क में रही। फोन पर वह अकसर रोते हुए बताती थी कि वहां उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है और उसे बुरी तरह पीटा जाता है। मां ने जब एजेंट जसकरण से अपनी बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई, तो वह हर बार झूठे दिलासे देकर उन्हें टालता रहा। 24 अप्रैल को आई मौत की खबर अंकिता का संपर्क 22 अप्रैल के बाद अचानक टूट गया। इसके बाद ओमान में काम करने वाली एक अन्य महिला ने फोन कर परिवार को झकझोर देने वाली खबर दी। उसने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को अंकिता की मौत हो गई है। उस महिला ने भी पुष्टि की कि अंकिता को भारी शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। जैसे ही अंकिता की मौत की खबर फैली, आरोपी एजेंट जसकरण अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग बेटी को खो चुकी लाचार मां ने अब पुलिस कमिश्नर के पास इंसाफ की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि एजेंट को विदेश भागने से पहले गिरफ्तार किया जाए और अंकिता के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। यह घटना एक बार फिर उन फर्जी एजेंटों के काले सच को उजागर करती है जो मासूमों को सुनहरे सपनों के नाम पर मौत के कुएं में धकेल देते हैं।

गर्मियों में फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी: गर्मी में बिना चीनी के घर में बनी क्रीमी पसंद कस्टर्ड, बच्चे भी हो जाएंगे दीवाने; नोट करें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप दूध, 1 बड़ा चम्मच कस्टर्ड पाउडर, 1 कप कटे हुए फल, 5-6 खजूर या 2 नारियल शहद, 4-5 बादाम, 4-5 काजू, 2-3 इलायची। आप क्रूड तो केवल एक नमूना का उपयोग करके भी कस्टर्ड तैयार कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: एक पैन में दूध को मध्यम आंच पर गर्म करें। छोटे सा दूध के अलग-अलग हिस्सों में कस्टर्ड पाउडर नासा लें ताकि गुठलियां न रहें। छवि: फ्रीपिक जब दूध के मसाले लगें, तो इसमें कस्टर्ड वाला मिक्स और लगातार मसाले शामिल रहते हैं। 3-4 मिनट में दूध की उछाल होना। अब कटे हुए खजूर या रखे हुए नारियल। छवि: एआई गैस बंद करके कस्टर्ड को ठंडा होने दें। फिर इसे फ़र्ज़ी में 1-2 घंटे के लिए रख लें। सर्व करने से पहले इसमें कटे हुए चित्र शामिल करें और अच्छे से मिक्स करें। छवि: फ्रीपिक कूल-ठंडा डॉयलेक कस्टर्ड बाउल में शुरुआती और ऊपर से कुछ डॉक्युमेंट्री सहायक उपकरण सर्व कर सकते हैं। आप इसे कोचिंग के साथ भी खरीद सकते हैं। छवि: एआई अनानास या कीवी कास्ट जैसे बहुत से आद्योपांत फल को गोद में लेने से इसका स्वाद प्रभावित हो सकता है। हमेशा फल ठंडा होने के बाद ही, अन्य कस्टर्ड वसा प्राप्त की जा सकती है। छवि: फ्रीपिक यदि अधिक मात्रा में क्रीमी टेक्सचर चाहिए तो थोड़ी सी क्रीम भी मिल सकती है। गर्मी में यह बिना चीनी वाला लाइका कस्टर्ड न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी मज़ेदार है। छवि: फ्रीपिक इससे कस्टर्ड में शामिल हो जाएंगे और चीनी की जरूरत नहीं होगी। इलायची पाउडर और बैलेस्टिक्स स्टैमिना से स्टॉल। एक बार इसे घर पर जरूर बताएं, बच्चा ही नहीं बड़ा भी हो जाएगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी(टी)फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए कस्टर्ड रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन कस्टर्ड रेसिपी(टी)फ्रूट कस्टर्ड(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष रेसिपी(टी)स्वस्थ फल रेसिपी(टी)फ्रूट रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए मीठी डिश(टी)ठंडी रेसिपी

देवास कलेक्टर की कल पीपरी गांव में रात्रि चौपाल:ग्रामीणजनों से रूबरू होकर खुद सुनेंगे समस्याएं

देवास कलेक्टर की कल पीपरी गांव में रात्रि चौपाल:ग्रामीणजनों से रूबरू होकर खुद सुनेंगे समस्याएं

जनसेवा और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह कल (1 मई) तहसील उदयनगर की ग्राम पंचायत पीपरी में विकासखंड स्तरीय शिविर एवं रात्रि ग्राम चौपाल का आयोजन करेंगे। ग्राम पंचायत पीपरी में दोपहर को विकासखंड स्तरीय शिविर आयोजित होगा। इसमें सभी विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहेंगे और आवेदकों से सीधे आवेदन प्राप्त करेंगे। मौके पर ही दस्तावेजों का परीक्षण कर समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाएगा। शिविर के बाद शाम 7 बजे से ग्राम चौपाल का आयोजन होगा। चौपाल में कलेक्टर ऋतुराज सिंह उपस्थित जनसमूह और आवेदकों से रूबरू होंगे। कलेक्टर सिंह व्यक्तिगत रूप से आवेदकों की बात सुनकर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर को बता सकेंगे। शिविर एवं ग्राम चौपाल में समस्त जिला अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शासन की मंशा के अनुरूप, प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने के लिए सभी अधिकारी रात्रि भोजन के पश्चात ग्राम पीपरी में ही रात्रि विश्राम भी करेंगे।

पन्ना में तेज हवाओं से उखड़ गए पेड़:पन्ना-अमानगंज मार्ग हुआ बंद, कई गांवों में बिजली गुल

पन्ना में तेज हवाओं से उखड़ गए पेड़:पन्ना-अमानगंज मार्ग हुआ बंद, कई गांवों में बिजली गुल

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार 30 अप्रैल की शाम को तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और पन्ना-अमानगंज मार्ग मुख्य रूप से प्रभावित हुआ। पिपरवाह निवासी ध्रुव अवस्थी ने बताया कि द्वारी और पिपरवाह के बीच दर्जनों बिजली के खंभे और विशालकाय पेड़ गिर गए। इससे पन्ना-अमानगंज मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर लगभग 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्री फंसे रहे। ओम प्रकाश विश्वकर्मा के अनुसार, बिजली के खंभे गिरने से पिपरवाह सहित दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई ग्रामीणों के घरों की छतें (छप्पर और खपरैल) उड़ गईं। जगह-जगह गिरे पेड़ों ने रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। तूफान के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने मलबे और बिजली के तारों को हटाने के काम को और भी मुश्किल बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि जल्द से जल्द मार्ग से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा सके और क्षतिग्रस्त खंभों को ठीक कर बिजली बहाल की जा सके।

मोटापे की ये कैसी आहट, 14 में से 1 बच्चे का भी वजन कर रहा लिमिट क्रॉस, क्या होगा इसका परिणाम

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भारत में डायबिटीज, हाई बीपी और दिल की बीमारियों को लेकर चिंता पहले से बनी हुई है, लेकिन अब एक नई समस्या तेजी से सामने आ रही है. मोटापा अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, स्कूल जाने वाले लगभग हर 14 में से 1 बच्चे का वजन सामान्य सीमा से ज्यादा है. यानी बड़ी संख्या में बच्चे कम उम्र में ही मोटापे की चपेट में आ रहे हैं. यह सिर्फ दिखने का मामला नहीं, बल्कि आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है. TOI में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की जीवनशैली पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है. पहले बच्चे मैदान में खेलते थे, दौड़ते थे और ज्यादा एक्टिव रहते थे. अब उनका समय मोबाइल, टीवी, टैबलेट और वीडियो गेम में ज्यादा बीतता है. घंटों स्क्रीन के सामने बैठने से फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे कैलोरी बर्न नहीं होती और वजन बढ़ने लगता है. खानपान भी इस समस्या की बड़ी वजह बन चुका है. आजकल बच्चों को घर के ताजे खाने से ज्यादा पैकेट वाले स्नैक्स, चिप्स, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और मीठे ड्रिंक्स पसंद आने लगे हैं. इनमें कैलोरी ज्यादा होती है, लेकिन जरूरी पोषण कम मिलता है. बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना, मीठी चीजें ज्यादा लेना और समय पर भोजन न करना भी वजन बढ़ाने का कारण बनता है. कम नींद और पढ़ाई का दबाव भी बच्चों की सेहत पर असर डाल रहा है. कई बच्चे देर रात तक जागते हैं, सुबह जल्दी उठते हैं और पूरा आराम नहीं कर पाते. नींद पूरी न होने से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे भूख ज्यादा लग सकती है और वजन बढ़ने की संभावना रहती है. पढ़ाई और कोचिंग के कारण खेलकूद का समय भी कम हो गया है. डॉक्टरों के अनुसार, बचपन का मोटापा आगे चलकर बड़ी बीमारियों की वजह बन सकता है. ज्यादा वजन वाले बच्चों में कम उम्र में ही ब्लड शुगर बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस, फैटी लिवर, सांस फूलना, घुटनों पर दबाव और हार्मोनल गड़बड़ी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. यही बच्चे बड़े होकर डायबिटीज, दिल की बीमारी और हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार हो सकते हैं. यह समस्या अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहरों और कस्बों में भी बच्चों की जीवनशैली तेजी से बदल रही है. बाहर का खाना, कम खेलकूद और ज्यादा स्क्रीन टाइम हर जगह आम होता जा रहा है. इसलिए मोटापा अब देशभर में बढ़ती चुनौती बन गया है. इससे बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि बच्चों की दिनचर्या सुधारी जाए. रोज कम से कम एक घंटा आउटडोर खेल या फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है. घर का ताजा खाना, फल, सब्जियां, दाल, दूध और प्रोटीन वाली चीजें ज्यादा दें. मीठे ड्रिंक्स, पैकेज्ड स्नैक्स और जंक फूड सीमित करें. साथ ही बच्चों की नींद पूरी हो, यह भी ध्यान रखें. माता-पिता की भूमिका भी बहुत अहम है. अगर घर में सभी हेल्दी खानपान अपनाएंगे और एक्टिव रहेंगे, तो बच्चे भी वही सीखेंगे. उन्हें डांटने के बजाय प्यार से सही आदतें सिखाना जरूरी है.

पन्ना में अंधे हत्याकांड का खुलासा:दोस्त ने ही की की चाकू मारकर हत्या, पैसों को लेकर था विवाद

पन्ना में अंधे हत्याकांड का खुलासा:दोस्त ने ही की की चाकू मारकर हत्या, पैसों को लेकर था विवाद

पन्ना पुलिस ने ग्राम बम्हौरी में हुए एक हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पुराने पैसों के लेनदेन के विवाद में अपने दोस्त अनिल दहायत की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी आलोक सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। यह घटना 28 अप्रैल की शाम को सामने आई थी, जब ग्राम बम्हौरी के पास ‘भटवा की तलैया’ में अनिल दहायत का खून से लथपथ शव मिला था। मृतक के पिता बैजू दहायत की शिकायत पर अमानगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला (धारा 103(1) BNS) दर्ज किया गया था। थाना प्रभारी अमानगंज रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 30 अप्रैल को जांच शुरू की। जांच के दौरान गांव के ही आलोक सिंह राजपूत पर संदेह गहराया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आलोक सिंह, जो पैर से लंगड़ाकर चलता है, घायल अवस्था में कुदरा मोड़ के पास भागने की फिराक में था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी आलोक सिंह राजपूत ने बताया कि मृतक अनिल दहायत के साथ उसका पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 28 अप्रैल की शाम इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आलोक ने एक घरेलू चाकू से अनिल पर कई वार किए। इन वारों से अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू झरकुआ मोड़ पुलिया के पास से बरामद कर लिया है। इस अज्ञात कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी रवि सिंह जादौन, सउनि राघवेन्द्र प्रधान, प्र.आर. शिवम शर्मा, गणेश सिंह, देवनारायण शुक्ला, आरक्षक तुलसी, मेहरवान सिंह, विश्वास शुक्ला, अखिलेश पाल और मुनेन्द्र सिंह का विशेष योगदान रहा।

पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

ग्वालियर हाईकोर्ट में एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला सुनवाई के दौरान ही अप्रत्याशित मोड़ लेता नजर आया। पत्नी को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के गंभीर आरोपों के बीच जब महिला को कोर्ट में पेश किया गया तो पूरे मामले की दिशा ही बदल गई। दरअसल, पति लाखन कडेरे ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को प्रतिवादी पक्ष द्वारा जबरन अपने पास रखा गया है और उसे उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला को पेश करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के पालन में जब महिला को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया और न्यायालय ने उसकी स्वतंत्र इच्छा जाननी चाही, तो महिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं है। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से राकेश नामक व्यक्ति के साथ रह रही है और पति के साथ वापस नहीं जाना चाहती। अवैध बंधक बनाए जाने का आरोप कमजोर पड़ा महिला के इस बयान के बाद ‘अवैध बंधक’ बनाए जाने का आरोप स्वतः ही कमजोर पड़ गया और याचिका का मूल आधार खत्म हो गया। इसके बाद कोर्ट में ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई, जिसमें आपसी सहमति से विवाद को समाप्त करने का रास्ता निकाला गया। समझौते के तहत पति लाखन कडेरे ने पत्नी को तलाक देने पर सहमति जताई। हालांकि, उसने स्थायी गुजारा भत्ता (एलिमनी) न देने की शर्त रखी, जिसे महिला ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, दोनों के चार वर्षीय बेटे की कस्टडी पिता के पास रखने पर भी सहमति बनी। इस निर्णय पर महिला के पिता ने भी अपनी मंजूरी दे दी। हाईकोर्ट ने कहा- सुनवाई का औचित्य नहीं दोनों पक्षों के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब याचिका पर आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कोर्ट ने मामले को निष्फल मानते हुए निपटा दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवादों में अदालत का प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों की स्वतंत्र इच्छा और सहमति को महत्व देना होता है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि कई बार अदालत की प्रक्रिया के दौरान ही ऐसे मामलों का समाधान आपसी समझ और सहमति से निकल सकता है।

ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय के सपोर्ट में उतरा बॉलीवुड:फराह खान, सोनू सूद और अनुपम खेर बोले- हम आपके साथ

ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय के सपोर्ट में उतरा बॉलीवुड:फराह खान, सोनू सूद और अनुपम खेर बोले- हम आपके साथ

‘आशिकी’ फिल्म से फेमस हुए राहुल रॉय के मुश्किल वक्त में अब बॉलीवुड उनको सपोर्ट करता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ रील्स का मजाक उड़ाए जाने के बाद जब राहुल ने अपनी आर्थिक तंगी और काम न होने का दर्द साझा किया। अब इंडस्ट्री के कई बड़े एक्टर्स ने खुलकर उनका समर्थन किया है। फराह खान से लेकर सोनू सूद तक, कई हस्तियों ने राहुल के प्रति अपना सम्मान और सपोर्ट जताया है। फराह खान और सोनू सूद ने बढ़ाया हौसला राहुल रॉय के भावुक पोस्ट के बाद फिल्ममेकर फराह खान ने सबसे पहले कमेंट करते हुए उन्हें ‘गुड लक’ कहा। वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई बताते हुए लिखा- ‘कीप रॉकिंग ब्रदर’। एक्टर अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें ‘बेस्ट’ बताया। ‘मजाक उड़ाने के बजाय काम दिलाने में मदद करें’ पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल रॉय कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे के साथ कुछ इंस्टाग्राम वीडियोज में नजर आए। कुछ लोगों ने इन वीडियोज को ‘अजीब’ बताते हुए राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर राहुल ने जवाब देते हुए कहा, “मैं फिलहाल आर्थिक तंगी और कुछ कानूनी मामलों से जूझ रहा हूं। मेरी सादगी का मजाक उड़ाने के बजाय अगर लोग मुझे काम दिलाने में मदद करें, तो वह ज्यादा बेहतर होगा।” इन सितारों ने भी किया सपोर्ट राहुल के समर्थन में सपोर्ट करने वालों की लिस्ट कई बॉलीवुड एक्टर्स शामिल हैं। मनीष पॉल ने उन्हें ‘सम्मान और पावर’ भेजा। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा कि हमें वह करना चाहिए जो हमारे लिए जरूरी है, लोगों को बातें करने दें। इनके अलावा निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और माहिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार जताया। 2020 के ब्रेन स्ट्रोक के बाद से जारी है संघर्ष राहुल रॉय का फिल्मी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1990 में ‘आशिकी’ से मिली बेपनाह कामयाबी के बाद उनका करियर धीरे-धीरे धीमा पड़ता गया। 2007 में उन्होंने ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीता, जिससे वे दोबारा चर्चा में आए। हालांकि, 2020 में कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था। लंबी रिकवरी के बाद राहुल अब ठीक हैं, लेकिन बॉलीवुड में दोबारा अपनी जगह बनाने के लिए वे अब भी संघर्ष कर रहे हैं।

भैंसों को छुड़ाने एमपी पुलिस ने राजस्थान तक किया पीछा:60 भैंस चुराकर चंबल नदी पार की, बीहड़ में घिरे तो छोड़कर भागे

भैंसों को छुड़ाने एमपी पुलिस ने राजस्थान तक किया पीछा:60 भैंस चुराकर चंबल नदी पार की, बीहड़ में घिरे तो छोड़कर भागे

मुरैना में चंबल किनारे बसे गांव नगर का पुरा में चोर 60 भैंस चोरी कर ले गए। बुधवार रात चोर चार चरवाहों की भैंसों को लेकर चम्बल नदी पार कर राजस्थान के धौलपुर इलाके में घुस गए। भैंस चोरी की सूचना जब सिविल लाइन पुलिस को लगी तो तीन थानों की पुलिस ने चम्बल के जंगल में सर्चिंग शुरू की और जा पहुंचे राजस्थान सीमा में चारों तरफ से पुलिस से घिरता देख चोर भैंसों को चंबल के बीहड़ में छोड़ भाग गए। पुलिस अब भैंसों को मुरैना वापस ला रही है। फरियादी भी पुलिस टीम के साथ है उसने अपनी भैंसों की पहचान कर ली है। तीन थानों की पुलिस ने किया पीछा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नगर का पुरा गांव में बुधवार रात करीब 1 बजे अज्ञात चोरों के द्वारा चार किसानों की 60 भैंसों को चोरी कर चंबल नदी पार डांग बसई और नगर गांव के बीहड़ों के रास्ते जा पहुंचे। भैंस चोरी की सूचना पर एसपी समीर सौरभ के निर्देश पर तीन थाने सिविल लाइन,देवगढ़,सराय छोला की पुलिस टीआई उदयभान यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम चंबल के बीहड़ में सर्चिंग करती हुई भैंसों की तलाश में जुट गई। 18 घंटे की मेहनत और जंगल में सर्चिंग के बाद पुलिस चंबल नदी पार कर राजस्थान के डांग बसई और नगर गांव के बीहड़ से लावारिस खड़ी भैंसों को बरामद कर लाई। इनकी थी भैंसे पहाड़गढ़ क्षेत्र में पानी और चारे की कमी के कारण चार किसान अपनी भैंसों को लेकर सिविल लाइन क्षेत्र के नगर का पुरा गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आ गए। यह सभी दूध बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इनमें सिरमोद गुर्जर, सरनाम गुर्जर और जंडेल गुर्जर (सभी पिता नारायण गुर्जर) तथा ओतारी गुर्जर (पिता विशाल गुर्जर) शामिल हैं। सभी किसान गुर्जा ठाठीपुर, विकासखंड पहाड़गढ़ के निवासी हैं। बीहड़ में लावारिस खड़ी मिली भैंसें सिविल लाइन थान प्रभारी के अनुसार चोरी की सूचना पर एसपी महोदय के द्वारा दिये निर्देश पर पुलिस टीम के साथ रात से ही सर्चिंग बीहड़ में की गई। भैंसों के पैरों के निशान के साथ आगे बड़े और चम्बल नदी के उस पार राजस्थान के डांग बसई गांव और नगर गांव के बीच बीहड़ में भैंसे लावारिस खड़ी थी। फरियादी साथ में थे उन्होंने अपनी भैंसों को पहचान लिया तो सभी को वापस मुरैना लाया जा रहा है। संभवतः पुलिस दबाव के चलते बदमाश भाग गए। उनकी तलाश भी की जाएगी।

जबलपुर में बरगी डैम में क्रूज डूबा:30 से ज्यादा पयर्टक थे सवार; 15 तैरकर निकले, 4 शव मिले, 4 लापता

जबलपुर में बरगी डैम में क्रूज डूबा:30 से ज्यादा पयर्टक थे सवार; 15 तैरकर निकले, 4 शव मिले, 4 लापता

मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में गुरुवार शाम तेज हवा और तूफान के बीच पर्यटकों से भरा एक क्रूज डूब गया। हादसा खमरिया टापू के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक क्रूज में 30 से अधिक लोग सवार थे। इनमें से करीब 15 लोग तैरकर बाहर निकल आए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना हो गई है और लापता लोगों की तलाश जारी है। अब तक 4 शव मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार अचानक आए तेज तूफान के कारण क्रूज संतुलन खो बैठा और डूब गया। खबर लगातार अपडेट हो रही है।