पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना जिले में बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा के परिवार वालों ने एक युवक पर उसे परेशान करने और खुदकुशी के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार, 28 अप्रैल को छात्रा के पिता ने पन्ना एसपी को इस मामले में शिकायत की है। 21 साल की पुष्पा अहिरवार अमानगंज के पुरैना गांव की रहने वाली थी। वह पन्ना के साइंस कॉलेज में पढ़ाई करती थी और वहां किराए का कमरा लेकर रह रही थी। परिवार का आरोप है कि विकास अहिरवार नाम का युवक उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। धमकी से और बढ़ गया तनाव छात्रा के पिता गुटियां अहिरवार ने बताया कि जब उन्होंने इस बात की शिकायत युवक के परिवार से की, तो वे सुधरने के बजाय गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। इससे छात्रा और ज्यादा तनाव में आ गई। आखिरी फोन पर बयां किया था दर्द पुष्पा की मां सुनीता ने बताया कि 16 अप्रैल को पुष्पा ने अपने पिता को फोन किया था। उसने रोते हुए बताया कि विकास ने उसका जीना मुश्किल कर दिया है और वह अब पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने उसी शाम फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। न्याय की गुहार पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी बेटी को मौत के लिए उकसाने वाले आरोपी विकास पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।
मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।
मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति ने घरेलू मार्केट में 5.38 लाख गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति ने Q4 में सबसे ज्यादा 2.47 लाख मिनी+कॉम्पैक्ट गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।
पेंच टाइगर रिजर्व में जुगनी बाघिन का कूल अंदाज:4 शावकों के साथ पानी में मस्ती करती दिखी; पर्यटकों ने बनाया VIDEO

सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व से खूबसूरत नजारा सामने आया है। यहां के खबासा बफर इलाके में मशहूर बाघिन ‘जुगनी’ अपने चार नन्हे शावकों के साथ पानी में अठखेलियां करती नजर आई। कड़ाके की गर्मी के बीच बाघिन और उसके बच्चों की यह मस्ती सैलानियों के लिए यादगार बन गई। वीडियो एक दिन पुराना है, जो मंगलवार को सामने आया है। जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों ने इस खास पल को अपने कैमरों में कैद कर लिया। वीडियो में दिख रहा है कि जुगनी बाघिन अपने चारों बच्चों के साथ एक जल स्रोत में आराम कर रही है। नन्हे शावक कभी पानी में उछल-कूद कर रहे हैं, तो कभी अपनी मां के पास जाकर लाड जता रहे हैं। चिलचिलाती धूप से बचने के लिए बाघ परिवार का यह अंदाज लोगों को खूब लुभा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में एक बाघिन का अपने चार शावकों के साथ इस तरह खुलेआम पानी में दिखना बहुत कम होता है, इसलिए यह नजारा और भी खास हो जाता है। वन्यजीवों का घर है पेंच मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर फैला पेंच टाइगर रिजर्व अपनी खूबसूरती और बाघों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां सिर्फ बाघ ही नहीं, बल्कि तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते और कई तरह के हिरण भी देखने को मिलते हैं। जुगनी और उसके बच्चों के इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पेंच का जंगल वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।
टीटी नगर में शेड पर कब्जे को लेकर विवाद:शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

भोपाल के टीटी नगर इलाके में एक शेड को लेकर विवाद सामने आया है। सुदामा नगर निवासी ओम प्रकाश कटियार ने आरोप लगाया है कि 18 मार्च 2026 को शेड का ताला तोड़कर उसमें रखा कीमती सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। उन्होंने कृष्णकांत राय और सपना राय पर यह आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। आवेदक ओम प्रकाश कटियार के मुताबिक, संबंधित शेड उनके द्वारा सालों पहले संघ कार्यालय के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था, जहां घरेलू और कार्यालय से जुड़ा सामान रखा जाता था। उनका कहना है कि शेड की देखरेख उनके छोटे भाई करते थे। कटियार ने आरोप लगाया कि हाल ही में आवंटित आवास के पास स्थित इस शेड पर सपना राय और उनके बेटे कृष्णकांत राय ने दावा जताया और शेड खाली करने का दबाव बनाया। इसके बाद 18 मार्च 2026 को कथित रूप से शेड का ताला तोड़कर अंदर रखा सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। थाने में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं पुलिस को दिए आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने शेड को अपने मकान में मिलाते हुए दीवार और गेट में बदलाव कर लिया। ओम प्रकाश का दावा है कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त को आवेदन देकर जांच की मांग की कटियार ने पुलिस आयुक्त को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
biryani-tarbooj| ayurveda aahar| कभी तरबूज-बिरयानी तो कभी आम-कोल्ड ड्रिंक से मौत! आयुर्वेद में कुछ कॉम्बो कहलाते हैं जहर, क्या ये इन्हीं में से हैं?

Last Updated:April 28, 2026, 16:12 IST मुंबई में हाल ही में तरबूज-बिरयानी खाने से एक परिवार के 4 सदस्यों की मौत का मामला सामने आया है. इससे पहले आम के साथ कोल्ड ड्रिंक और पंजाब में मोमोज- सोया चाप खाने के बाद भी मौतों की खबरें आई थीं, आखिर क्या सच में ये फूड कॉम्बो खतरनाक होते हैं और जान ले लेते हैं? आयुर्वेद में विरुद्धाहार से जुड़ा खतरा क्या कहता है? क्या सच में तरबूज और बिरयानी खाने से जान जा सकती है? आयुर्वेद क्या कहता है? हाल ही में मुंबई में तरबूज-बिरयानी खाने से हुई मौतों ने झकझोर दिया है. 4 सदस्यों की रहस्यमयी मौत के पीछे रात में तरबूज और बिरयानी का कॉम्बो बताया जा रहा है.कुछ दिन पहले भी एक ऐसी ही खबर आई थी जब आम और उसके ऊपर से कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ लोगों की मौत हो गई थी.इसके बाद एक और खबर पंजाब से आई जहां रात में मोमोज और सोया चाप खाने के बाद दो बहनों की सुबह तक मौत हो गई थी. ऐसे में हर किसी के मन में सवाल है कि क्या बिरयानी के बाद तरबूज या आम के बाद कोल्ड ड्रिंक या मोमोज खाने से किसी की मौत हो सकती है? क्या खाने के ऐसे कॉम्बो हैं जो वाकई शरीर में पहुंचकर जहर बन जाते हैं? इस सवाल पर मॉडर्न साइंस भले ही सबूतों और वैज्ञानिक शोधों का हवाला देकर जवाब दे लेकिन आयुर्वेद में कई ऐसे भोजन हैं जिन्हें प्रतिकूल या विरुद्ध आहार या निषेध बताया गया है. इस बारे में राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के सदस्य जाने-माने आयुर्वेदाचार्य डॉ. अच्युत त्रिपाठी ने यहां आयुर्वेद के अनुसार आहार पर विस्तार से जानकारी दी है. वैद्य त्रिपाठी कहते हैं कि आयुर्वेद में एक पूरा अध्याय है विधि विरुद्ध आहार का. जैसा कि बताया जा रहा है कि भोजन नुकसान कर गया तो संभव है कि इन लोगों ने भी जो भोजन किया है वो इसी के अंतर्गत आता हो. ‘जब हम कोई फल खाते हैं तरबूज आदि तो इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसमें इतना ज्यादा पानी होता है कि लिवर उसका संश्लेषण नहीं कर पाता है.जब उसके साथ कोई ऐसा खाद्य पदार्थ लेते हैं जो एल्कोहॉलिक या एसिडिक हो तो यह उस भोजन की विषाक्तता को दोगुना कर देता है और इससे दो बड़े नुकसान होते हैं. पहला इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और रोग होते हैं दूसरा ओज यानि कांति और चमक फीकी होती. लिहाजा खाना फायदे के बजाय शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है. विरुद्धाहार 9 तरह का होता हैवैद्य त्रिपाठी कहते हैं कि आयुर्वेद में विरुद्धाहार 9 तरह का होता है और इसे काफी विस्तार से बताया गया है लेकिन इसमें से कुछ चीजों को यहां उहाहरण के रूप में समझ सकते हैं. जैसे.. . दूध के साथ नमक या अचार का प्रयोग . चने भुने या तले के साथ मीट के टुकड़े या सलाद और साथ में अल्कोहल . मछली के साथ दूध का प्रयोग . दही के साथ मछली का उपयोग . ठंडा भोजन करने के बाद गर्म और गर्म के बाद ठंडा भोजन . फ्रिज में रखे भोजन को बार-बार गर्म करना . ऋतु विरुद्ध भोजन करना, जैसे सर्दी में कुल्फी का प्रयोग आदि . दही के साथ चावल और उड़द की दाल . तरबूज या फलों के ऊपर से पानी पी लेना किन अंगों को होता है नुकसान खराब या विधि विरुद्ध आहार लेने से किडनी, हार्ट, लिवर और लंग्स जैसे प्रमुख अंगों पर असर पड़ सकता है. किडनी शरीर में एक तरह की चलनी है और छानने का काम करती है. कई बार ऐसी कठोर चीजें जो हम खा लेते हैं जो मौसम के विरुद्ध होती हैं और प्रोटीन या उन टॉक्सिन्स और टॉक्सिकैंट्स को जिन्हें किडनी छान नहीं पाती तो ये ब्लड के माध्यम से हार्ट या फेंफड़ों में पहुंच जाते है. वे कहते हैं कि लिवर टॉक्सिन्स को दूर करने की अद्भुत क्षमता रखता है. यहां तक कि यह गांजा, एल्कोहॉल की विषाक्तता को काफी हद तक खत्म कर देता हैं. लिवर में हेपेरिन नाम का एल्केलाइड होता है जो टॉक्सिंस को खत्म करता है, अगर ये उन्हें खत्म नहीं कर पाता तो व्यक्ति की हेल्थ पर खराब असर पड़ता है. क्या विधि विरुद्धाहार लेने से मौत संभव है? वैद्य त्रिपाठी कहते हैं कि विधि विरुद्धाहार लेने से मौत भी हो जाती है. ऐसी कई घटनाएं हुई भी हैं. आमतौर पर लोग इसे समझ भी नहीं पाते हैं. कई बार यह क्रॉनिक तो कई बार एक्यूट असर भी देखने को मिलता है. सबसे बड़ी बात है कि उस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम अगर खराब है तो कोई भी प्रतिकूल ये चीजें उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं. जिस ऋतु में जो चीज होती है वह उस मौसम में अमृत तुल्य होती है लेकिन उसे दूसरी ऋतु में लेंगे तो वह नुकसान पहुंचाती है और वह प्रतिकूल आहार बन जाता है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra First Published : April 28, 2026, 16:12 IST
सिंगरौली में दो सांपों का 'कॉम्बैट डांस':VIDEO सामने आया, विशेषज्ञ बोले- प्रजनन या शक्ति प्रदर्शन के दौरान ऐसा होता

सिंगरौली जिले के कसर गांव में मंगलवार को एक खेत में दो सांपों को आपस में लिपटकर अजीब हरकतें करते देखा गया। स्कूल के पास हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट हो रहा है, जिसे देखकर गांव वाले हैरान भी हैं और डरे हुए भी। मंगलवार दोपहर गांव वालों ने बताया कि दोनों सांप काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे। वे बार-बार जमीन पर गिरते और फिर फन उठाकर खड़े हो जाते। पास मौजूद वीरेंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार ऐसा नजारा देखा। शुरुआत में तो लगा कि वे लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी हरकतें कुछ अलग ही थीं। गांव की महिलाओं और बच्चों में इस घटना को लेकर काफी डर है। विशेषज्ञ बोले- यह सांपों का डांस है वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र ने बताया कि यह कोई डरने वाली बात नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। गर्मियों के मौसम में सांप अक्सर प्रजनन के लिए या दो नर सांप अपनी ताकत दिखाने के लिए इस तरह लिपटे रहते हैं। इसे ‘कॉम्बैट डांस’ कहा जाता है। दूरी बनाए रखने की सलाह डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसा नजारा दिखने पर सांपों के करीब बिल्कुल न जाएं और न ही उन्हें परेशान करें। अगर उन्हें छेड़ा गया तो वे हमला कर सकते हैं। फिलहाल पूरे गांव में इन सांपों के डांस की ही चर्चा हो रही है।
नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर जिले में अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। चीचली थाना क्षेत्र के बारहा बड़ा गांव में एक किराना दुकान से खुलेआम शराब बेचे जाने का वीडियो सामने आया है। सामने आए वीडियो में दुकान पर देशी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब बिक्री होते दिखाई दे रही है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और शराब माफियाओं के हौसले भी बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे यह और भी संवेदनशील हो गया है। टीआई बोले-वीडियो की जांच के बाद केस दर्ज चीचली थाना प्रभारी अमित गोटिया ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

अशोकनगर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मंगलवार को दोपहर के समय दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसके कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम रही। इस सीजन में अधिकतम तापमान पहले ही 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्म हवाओं के कारण लू के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। लोग केवल आवश्यक काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग भी गर्मी से बचाव के लिए अपने चेहरे को कपड़े से ढककर चल रहे हैं। जिले में सोमवार और मंगलवार को सर्वाधिक गर्मी दर्ज की गई। इससे पहले से भी गर्मी पड़ रही है पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना था। जिन सड़कों पर सामान्य दिनों में भीड़भाड़ रहती थी, वहां वाहनों की संख्या आधे से भी कम रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जिले में अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं का असर शाम 7 बजे तक महसूस किया जा रहा है।
राजकोट के 2026 चुनाव में हारने वाले बड़े नाम

2026 राजकोट नगर निगम चुनाव के लिए मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से मतदान होने के दो दिन बाद 28 अप्रैल को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। 26 अप्रैल को 18 वार्डों की 72 सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें औसत मतदान प्रतिशत 51.1% था, और नतीजों ने गहन राजनीतिक रुचि पैदा कर दी है, खासकर कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों की हार के बाद। ध्यान आकर्षित करने वाले प्रमुख नामों में रवींद्र जड़ेजा की बहन नयनाबा जाडेजा, रेडियो पर्सनैलिटी आरजे आभा देसाई और प्रसिद्ध गुजराती लोक कलाकार माया भाई अहीर की बेटी सोनल डेर शामिल थीं। आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक भूपत भयानी, जो अब भारतीय जनता पार्टी में हैं, के लिए भी एक झटका था। सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबलों में से एक राजकोट के वार्ड नंबर 2 में था, जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने नयनाबा जड़ेजा को मैदान में उतारा था। क्रिकेटर रवींद्र जड़ेजा से उनके संबंध को देखते हुए उनकी उम्मीदवारी ने ध्यान खींचा था। हालाँकि, वार्ड में भारतीय जनता पार्टी पैनल ने क्लीन स्वीप किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी हार हुई। परिणाम के बाद, नयनाबा जडेजा ने निराशा व्यक्त की और पार्टी की स्थानीय संरचना और समर्थन प्रणाली की आलोचना करते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि संगठन को अभी भी मजबूत करने की जरूरत है और व्यक्तियों का नाम लिए बिना उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ नेता जिन्हें अभियान का समर्थन करना चाहिए था वे दूर रहें। उन्होंने हार के लिए कांग्रेस संगठन और स्थानीय नेतृत्व की कमियों को जिम्मेदार ठहराया। एक और उल्लेखनीय हार वार्ड नंबर 10 में हुई, जहां प्रसिद्ध रेडियो हस्ती आभा देसाई ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। भाजपा पैनल ने वार्ड जीत लिया, जिससे चुनाव में अधिक पहचाने जाने वाले नए चेहरों में से एक को झटका लगा। आरजे आभा अपना नामांकन दाखिल करने के बाद से ही सुर्खियों में थीं, राजनीति से परे उनकी लोकप्रियता के कारण उनकी दिलचस्पी बढ़ गई थी। इंस्टाग्राम पर 300,000 से अधिक फॉलोअर्स और रेडियो में 15 वर्षों में बनाई गई एक सार्वजनिक प्रोफ़ाइल के साथ, उन्होंने खुद को लोगों की रोजमर्रा की चिंताओं से निकटता से जुड़े उम्मीदवार के रूप में स्थापित किया। अभियान के दौरान, उन्होंने कहा था कि राजकोट के कई बुनियादी नागरिक मुद्दे अनसुलझे हैं, विशेष रूप से खराब सड़क की स्थिति, गड्ढे और उबड़-खाबड़ हिस्से, जिसके बारे में उनका तर्क था कि इससे निवासियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, जिसमें पीठ और रीढ़ की समस्याएं भी शामिल हैं। उन्होंने शहर के कुछ हिस्सों में लगातार पानी की कमी पर भी चिंता जताई थी, उन्होंने कहा कि इन मुद्दों ने जनता में असंतोष को बढ़ावा दिया है। उनके संचार अनुभव और लोकप्रियता के बावजूद, उनका चुनावी पदार्पण हार के साथ समाप्त हुआ। राजकोट के बाहर, एक और हाई-प्रोफाइल परिणाम अमरेली जिले से आया, जहां माया भाई अहीर की बेटी सोनल डेर स्थानीय निकाय चुनाव में हार गईं। सोनल ने लाठी तालुका पंचायत की चावंड सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर राजनीति में प्रवेश किया था और अभियान के दौरान काफी ध्यान आकर्षित किया था। उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है – उनके भाई जयराज अहीर पार्टी में सक्रिय रहे हैं, और उनकी खुद की राजनीतिक शुरुआत को महत्वपूर्ण माना गया था। हालाँकि, सोमवार को हुई मतगणना में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शांतिबेन डेर से हार गईं, जिससे निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़ा उलटफेर हुआ। जूनागढ़ जिले में एक और आश्चर्य हुआ, जहां आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए भूपत भयानी भेसन जिला पंचायत सीट हार गए। उन्हें लगभग 1,700 वोटों से हार का सामना करना पड़ा और आप के दिनेश रूपारेलिया विजयी रहे। इस नतीजे को इस सीट पर बीजेपी के लिए झटके के तौर पर देखा गया. भयानी ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट से AAP उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। दिसंबर 2023 में, उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पहले पार्टी और विधायक पद दोनों से इस्तीफा दे दिया। अप्रैल 2026 के स्थानीय स्वशासन चुनावों में, भाजपा ने उन्हें भेसन से मैदान में उतारा, लेकिन यह कदम जीत में तब्दील नहीं हुआ। (टैग्सटूट्रांसलेट)चुनाव परिणाम लाइव(टी)चुनाव परिणाम(टी)गुजरात(टी)गुजरात चुनाव(टी)गुजरात समाचार(टी)नगर निगम चुनाव(टी)राजकोट(टी)राजकोट समाचार






