Monday, 09 Nov 2026 | 04:27 AM

Trending :

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। इलेक्ट्रॉनिक्स से IT तक में रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल रेयर अर्थ मटेरियल 17 रासायनिक तत्वों का समूह है। इनका इस्तेमाल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मिलिट्री उपकरणों तक में होता है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा और कई आधुनिक तकनीकों में इनकी अहम भूमिका है। इनका इस्तेमाल IT, केमिकल और ऑयल रिफाइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में भी होता है। आधुनिक तकनीक और हाई-टेक उपकरणों में इनकी मांग लगातार बनी हुई है। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 4894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 4,307 नेपाली नागरिक और 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों, टूटे रास्तों और भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 1,356 लोगों की मौत हुई है। वहीं तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लापता हैं। नेपाल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीरें… नेपाल बाढ़ से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से जुड़े माने जा रहे लंदन के दो अपार्टमेंट बिक्री के लिए रखे गए हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों फ्लैट ब्रिटिश राजधानी में इजराइली दूतावास के पास हैं। ये लग्जरी पेंटहाउस 3ए पैलेस ग्रीन में हैं। इन्हें 2014 और 2016 में कुल £36 मिलियन यानी करीब ₹459.54 करोड़ में खरीदा गया था। दोनों प्रॉपर्टी में स्टाफ के रहने की जगह और निजी रूफ टेरेस हैं। पहला पेंटहाउस 5 बेडरूम वाला डुप्लेक्स है। यह छठी और सातवीं मंजिल पर 3,944 वर्गफीट में फैला है और इसे £12 मिलियन से कम यानी करीब ₹153.17 करोड़ में बेचा जा रहा है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने मजाकिया अंदाज में ऐसा करने से मना कर दिया। संजय दत्त और प्रताप सरनाईक मंच पर खड़े थे तभी मंत्री ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” रैली में संजय दत्त को शख्स ने दिया धक्का, एक्टर ने हाथ पकड़कर खींचा मंच पर कुछ समय रहने के बाद संजय दत्त अपनी टीम के साथ रवाना होने लगे। वह उतर रहे थे, तभी एक शख्स तेजी से उन्हें धक्का देते हुए पास से गुजरा। संजय दत्त ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और उस शख्स का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। जैसे ही शख्स ने देखा कि वह संजय दत्त हैं, उसने तुरंत माफी मांग ली। मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

'पंचायत' के दामाद पहुंचे बिग बॉस के घर:सलमान खान के पास रोए; बोले- सैफ-करीना की शादी में होटल के किचन में सफाई भी की

'पंचायत' के दामाद पहुंचे बिग बॉस के घर:सलमान खान के पास रोए; बोले- सैफ-करीना की शादी में होटल के किचन में सफाई भी की

‘पंचायत’ वेब सीरीज में दामाद का रोल निभाने वाले राजस्थान के आसिफ खान बिग बॉस में नजर आएंगे। बिग बॉस के मंच पर वे सलमान खान के पास रोने लग गए। इस दौरान उन्होंने कहा- अम्मी आज सलमान खान के साथ खड़ा हूं। आसिफ ने कहा- पढ़ाई में मन नहीं था, स्कूल में नाटक करता था। तब टीचर की तारीफ मिलती थी। इस बीच 2008 में पिता का निधन हो गया। प्राइवेट से सरकारी स्कूल में आ गया। घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए साथ-साथ काम किया। चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा से जयपुर आने का मौका मिला तो थिएटर किया। अभिनय की बारीकियां सीखीं। मुंबई आकर सपने पूरे हुए और पंचायत वेब सीरीज से लोगों का बहुत प्यार मिला। आसिफ ने अपने संघर्ष के दिनों में सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में होटल के किचन में बर्तन भी धोए। करीब एक साल पहले बीमारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर जिंदगी को लेकर एक भावुक संदेश साझा किया था। उन्होंने लिखा था- 6 घंटे तक एक चीज को देखनेस के बाद उन्हें एहसास हुआ कि जिंदगी बहुत छोटी है। एक दिन को सामान्य मानकर नहीं चलना चाहिए, क्योंकि सब कुछ पलभर में बदल सकता है। उन्होंने लोगों से अपनी जिंदगी में मौजूद चीजों के लिए आभार व्यक्त करने और यह याद रखने की बात कही थी। आसिफ ने अपने जीवन और करियर के बारे में कई बातें साझा की, पढ़िए- सलमान खान के सामने 16 साल पुराना संघर्ष बताया 35 साल के आसिफ ने बिग बॉस के मंच पर 16 साल पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब सलमान खान की फिल्म ‘रेडी’ बन रही थी। उस समय फिल्म के एक गाने में वह भी भीड़ के बीच बैक डांसर के तौर पर शामिल हुआ। उस समय शायद सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन वह उसी सलमान खान के सामने खड़े होंगे और उनके साथ मंच पर डांस करेंगे। बिग बॉस के मंच पर सलमान खान ने उसी गाने पर आसिफ के साथ डांस किया। यह पल आसिफ के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था। पढ़ाई से बचने के लिए नाटक करते थे आसिफ के पिता एक सीमेंट कंपनी में काम करते थे। मां गृहिणी थी। आसिफ ने बताया कि वे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था। जैसे-तैसे वह परीक्षा पास करते थे। पढ़ाई से बचने के लिए एनुअल फंक्शन में नाटक में हिस्सा लेते थे। इस छोटे से फैसले ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। पहली बार उन्हें दोस्तों के साथ-साथ उन टीचरों से भी तारीफ मिली, जो पढ़ाई के लिए कभी उनकी प्रशंसा नहीं करते थे। इसी के कारण अलग-अलग नाटक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे। धीरे-धीरे चित्तौड़गढ़ और आस-पास के इलाकों में उनकी पहचान एक अच्छे कलाकार के रूप में बनने लगी। पिता के निधन के बाद जीवन में आया संघर्ष आसिफ ने बताया कि पिता का निधन हुआ तब वह सातवीं क्लास में पढ़ते थे। परिवार पर आर्थिक संकट आ गया था। बड़े भाई पढ़ाई में अच्छे थे, इसलिए परिवार ने तय किया कि भाई अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे और वह घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करेंगे। निजी स्कूल की फीस भरना मुश्किल हो गया था। तब सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया था। परिवार की मदद के लिए काम करना भी शुरू कर दिया था। सुबह से दोपहर तक काम करने के बाद वह स्कूल जाते थे। स्कूल के बाद भी काम करते थे। करीब डेढ़-दो साल तक यह सिलसिला चलता रहा। इस दौरान उन्होंने कई नौकरियां कीं। कुछ समय अपने मामा के साथ स्टील फर्नीचर का काम भी किया। जयपुर से मुंबई गए, पंचायत में दामादजी का रोल मिल आसिफ ने जयपुर में कई साल तक थिएटर किया और यहीं से अभिनय की बारीकियां सीखीं। रंगमंच ने उन्हें मंच पर आत्मविश्वास दिया और अभिनय को पेशे के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा दिखाई। इसके बाद वे मुंबई गए, जहां शुरुआत में आर्थिक परेशानी और छोटे-मोटे कामों से गुजरना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें अभिनय के मौके मिलने लगे और उन्होंने फिल्मों, वेब सीरीज में काम करना शुरू किया। आसिफ खान को सबसे ज्यादा चर्चा लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ से मिली। सीरीज में उनके किरदार ने दर्शकों का ध्यान खींचा और उनके अभिनय को खास पहचान मिली। इसके बाद वह मनोरंजन जगत में एक पहचाना हुआ चेहरा बन गए।

अमेरिका में यात्री को फ्लाइट में टेप से बांधा:मारपीट और हंगामा कर रहा था, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी

अमेरिका में यात्री को फ्लाइट में टेप से बांधा:मारपीट और हंगामा कर रहा था, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी

अमेरिका में अमेरिकन एयरलाइंस की एक फ्लाइट में 67 साल के यात्री ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। उसने पहले फ्लाइट अटेंडेंट और दूसरे यात्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद पास बैठे यात्री पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आई एक महिला को भी धक्का दिया। हालात बिगड़ने पर तीन यात्रियों ने उसे काबू कर डक्ट टेप और जिप टाई से सीट पर बांध दिया। घटना के कारण फ्लाइट को बाल्टीमोर डायवर्ट करना पड़ा। यह घटना 3 सितंबर की रात अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 618 में हुई। विमान टेक्सास के डलास-फोर्ट वर्थ से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रहा था। जीसस और नरक की बातें करते हुए चिल्लाने लगा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के करीब दो घंटे बाद यात्री अचानक आक्रामक हो गया। वह जीसस और नरक में जाने की बातें करते हुए चिल्ला रहा था। उसने एक अश्वेत फ्लाइट अटेंडेंट के खिलाफ नस्लीय गाली दी और समलैंगिक लोगों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद वह पास बैठे यात्री से भिड़ गया। गवाहों के मुताबिक, उसने पहले उस यात्री के लैपटॉप पर वार किया और फिर उसका गला पकड़ लिया। एक महिला यात्री ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उसने उसकी तरफ भी हमला करने की कोशिश की। 3 यात्रियों ने मिलकर काबू किया आरोपी के हिंसक होने के बाद तीन पुरुष यात्री उसकी तरफ मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मिलकर उसे रोकने की कोशिश की। इनमें रिटायर्ड अफसर जुआन मेजिया भी शामिल थे। मेजिया के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में विमान का माहौल पूरी तरह बदल गया। पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन यात्री अचानक चिल्लाने और मारपीट करने लगा। आरोपी को रोकने की कोशिश के दौरान उसने मेजिया के हाथ पर काट लिया। इसके बाद फ्लाइट क्रू ने यात्रियों को डक्ट टेप और जिप टाई दीं। यात्रियों ने उसे सीट से बांध दिया और उसके हाथ जिप टाई से सुरक्षित कर दिए। बाल्टीमोर में उतरते ही गिरफ्तार फ्लाइट को बाल्टीमोर-वॉशिंगटन इंटरनेशनल थर्गूड मार्शल एयरपोर्ट डायवर्ट किया गया। विमान के उतरने के बाद मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान 67 वर्षीय आर्थर लेन लुंडीन के रूप में हुई है। वह एरिजोना के टक्सन का रहने वाला है। उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री असॉल्ट और डिसऑर्डरली कंडक्ट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लुंडीन के हाथ में एक खुला घाव भी था। उसे मौके पर पैरामेडिक्स ने देखा और इलाज के बाद यात्रा के लिए सुरक्षित बताया। कोर्ट ने रिहा किया, 19 अक्टूबर को सुनवाई स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के अलावा FBI भी मामले की जांच कर रही है। एजेंसी यह देख रही है कि घटना में संघीय कानून के तहत भी कोई मामला बनता है या नहीं। FAA भी घटना की जांच कर रही है। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, लुंडीन शुरुआती सुनवाई में पेश हुआ और उसे अपने मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उसकी अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को तय की गई है। रियल एस्टेट कंपनी ने नौकरी से हटाया लुंडीन एरिजोना की रियल एस्टेट कंपनी लॉन्ग रियलिटी में काम करता था। घटना के बाद कंपनी ने उसे हटा दिया और वेबसाइट से उसका प्रोफाइल भी डिलीट कर दिया। अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। लुंडीन के विमान से उतरने के बाद फ्लाइट ने नेवार्क के लिए अपनी यात्रा पूरी की

अमेरिका में यात्री को फ्लाइट में टेप से बांधा:मारपीट और हंगामा कर रहा था, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी

अमेरिका में यात्री को फ्लाइट में टेप से बांधा:मारपीट और हंगामा कर रहा था, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी

अमेरिका में अमेरिकन एयरलाइंस की एक फ्लाइट में 67 साल के यात्री ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। उसने पहले फ्लाइट अटेंडेंट और दूसरे यात्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद पास बैठे यात्री पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आई एक महिला को भी धक्का दिया। हालात बिगड़ने पर तीन यात्रियों ने उसे काबू कर डक्ट टेप और जिप टाई से सीट पर बांध दिया। घटना के कारण फ्लाइट को बाल्टीमोर डायवर्ट करना पड़ा। यह घटना 3 सितंबर की रात अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 618 में हुई। विमान टेक्सास के डलास-फोर्ट वर्थ से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रहा था। जीसस और नरक की बातें करते हुए चिल्लाने लगा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के करीब दो घंटे बाद यात्री अचानक आक्रामक हो गया। वह जीसस और नरक में जाने की बातें करते हुए चिल्ला रहा था। उसने एक अश्वेत फ्लाइट अटेंडेंट के खिलाफ नस्लीय गाली दी और समलैंगिक लोगों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद वह पास बैठे यात्री से भिड़ गया। गवाहों के मुताबिक, उसने पहले उस यात्री के लैपटॉप पर वार किया और फिर उसका गला पकड़ लिया। एक महिला यात्री ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उसने उसकी तरफ भी हमला करने की कोशिश की। 3 यात्रियों ने मिलकर काबू किया आरोपी के हिंसक होने के बाद तीन पुरुष यात्री उसकी तरफ मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मिलकर उसे रोकने की कोशिश की। इनमें रिटायर्ड अफसर जुआन मेजिया भी शामिल थे। मेजिया के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में विमान का माहौल पूरी तरह बदल गया। पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन यात्री अचानक चिल्लाने और मारपीट करने लगा। आरोपी को रोकने की कोशिश के दौरान उसने मेजिया के हाथ पर काट लिया। इसके बाद फ्लाइट क्रू ने यात्रियों को डक्ट टेप और जिप टाई दीं। यात्रियों ने उसे सीट से बांध दिया और उसके हाथ जिप टाई से सुरक्षित कर दिए। बाल्टीमोर में उतरते ही गिरफ्तार फ्लाइट को बाल्टीमोर-वॉशिंगटन इंटरनेशनल थर्गूड मार्शल एयरपोर्ट डायवर्ट किया गया। विमान के उतरने के बाद मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान 67 वर्षीय आर्थर लेन लुंडीन के रूप में हुई है। वह एरिजोना के टक्सन का रहने वाला है। उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री असॉल्ट और डिसऑर्डरली कंडक्ट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लुंडीन के हाथ में एक खुला घाव भी था। उसे मौके पर पैरामेडिक्स ने देखा और इलाज के बाद यात्रा के लिए सुरक्षित बताया। कोर्ट ने रिहा किया, 19 अक्टूबर को सुनवाई स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के अलावा FBI भी मामले की जांच कर रही है। एजेंसी यह देख रही है कि घटना में संघीय कानून के तहत भी कोई मामला बनता है या नहीं। FAA भी घटना की जांच कर रही है। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, लुंडीन शुरुआती सुनवाई में पेश हुआ और उसे अपने मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उसकी अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को तय की गई है। रियल एस्टेट कंपनी ने नौकरी से हटाया लुंडीन एरिजोना की रियल एस्टेट कंपनी लॉन्ग रियलिटी में काम करता था। घटना के बाद कंपनी ने उसे हटा दिया और वेबसाइट से उसका प्रोफाइल भी डिलीट कर दिया। अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। लुंडीन के विमान से उतरने के बाद फ्लाइट ने नेवार्क के लिए अपनी यात्रा पूरी की ———————– यह खबर भी पढ़ें… मेक्सिको में आतिशबाजी के दौरान धमाका, 10 की मौत:64 घायल; चर्च में सेलिब्रेशन चल रहा था, सैकड़ों लोग जमा थे मेक्सिको में धार्मिक उत्सव के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां आतिशबाजी के सामान में जोरदार धमाका होने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। पार्टी की प्रमुख मांगें और नीतियां: इमिग्रेशन पर रोक: पार्टी जर्मनी में आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करने और नियम कड़े करने की समर्थक है। शरणार्थियों पर सख्ती: पार्टी शरणार्थियों के लिए नियम कड़े करने और उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग कक्षाओं की मांग करती है। रूस से बेहतर रिश्ते: AfD रूस के साथ संबंध सुधारना चाहती है। यूक्रेन की मदद कम करना: पार्टी यूक्रेन को जर्मनी की सैन्य मदद कम करने की मांग करती है। यूरो से बाहर निकलना: AfD जर्मनी को यूरो मुद्रा से बाहर निकालने की बात करती रही है। पारंपरिक मूल्यों पर जोर: पार्टी स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों में पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहती है। रेनबो झंडे पर रोक: AfD स्कूलों में रेनबो झंडे लगाने पर रोक की समर्थक है। जर्मन पहचान पर जोर: पार्टी स्कूलों में रोज जर्मन झंडा फहराने और कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाने की मांग करती है। विंड फार्म पर रोक: पार्टी नए विंड फार्म बनाने का विरोध करती है। सरकारी मीडिया में बदलाव: AfD सरकारी प्रसारण व्यवस्था में भी बदलाव चाहती है। इन मुद्दों पर AfD को समर्थन क्यों मिल रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। सक्सोनी-आनहाल्ट में 44% वोट मिलना इसी बढ़ते समर्थन का बड़ा संकेत है। खबर अपडेट हो रही है…

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? जर्मनी में नाजी शासन के इतिहास की वजह से मुख्यधारा की पार्टियां लंबे समय से बहुत ज्यादा दक्षिणपंथी मानी जाने वाली पार्टियों से दूरी रखती हैं। AfD पर भी दक्षिणपंथी चरमपंथ के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए उसका किसी राज्य में सत्ता के करीब पहुंचना जर्मन राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। और बात सिर्फ इस एक राज्य की नहीं है। AfD राष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे लोकप्रिय पार्टी बन चुकी है। हालिया INSA सर्वे में उसे करीब 28% समर्थन मिला है, जबकि मर्ज की CDU/CSU करीब 20% पर है। AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। जर्मनी में AfD का समर्थन क्यों बढ़ रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। AfD ने इस चुनाव में 35 साल के उलरिश जिगमुंड को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नतीजे को ऐतिहासिक बताया। जिगमुंड ने कहा कि लोगों ने साफ कर दिया है कि वे राजनीतिक बदलाव चाहते हैं और इसके लिए AfD को मौका देना चाहते हैं। उन्होंने इसे 2029 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले अहम कदम बताया। खबर अपडेट हो रही है…

मेक्सिको में चर्च के उत्सव में आतिशबाजी का सामान फटा:धमाकों से मेले में दीवार भी गिरी; 10 की मौत, 64 घायल

मेक्सिको में चर्च के उत्सव में आतिशबाजी का सामान फटा:धमाकों से मेले में दीवार भी गिरी; 10 की मौत, 64 घायल

मेक्सिको में एक चर्च के धार्मिक उत्सव के दौरान आतिशबाजी के सामान में जोरदार धमाका हो गया। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और 64 लोग घायल हुए हैं। धमाके की वजह से एक दीवार भी गिर गई। हादसा शनिवार रात मेक्सिको के मेक्सिको राज्य के टेमास्कालसिंगो कस्बे में नुएस्त्रा सेन्योरा दे ला लूज चर्च के पास हुआ। सैकड़ों लोग आतिशबाजी देखने के लिए जमा हुए थे। विस्फोट की वजह सामने नहीं आई है। मेक्सिको स्टेट अटॉर्नी जनरल्स ऑफिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय बिशप ने बताया कि घायलों में दो पादरी भी शामिल हैं। टेमास्कालसिंगो की आबादी करीब 66 हजार है और यह जगह मेक्सिको सिटी से करीब 160 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में है। हादसे के 2 वीडियो… वायरल वीडियो में जान बचाकर भागते दिखे लोग… सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में विस्फोट के बाद का मंजर दिख रहा है। इसमें दर्जनों लोग धुएं और मलबे के बीच बचे हुए लोगों की तलाश करते नजर आ रहे हैं। मेक्सिको में आतिशबाजी से जुड़े विस्फोट आम हैं। सड़कों पर होने वाले समारोहों और धार्मिक उत्सवों में अक्सर आतिशबाजी का इस्तेमाल किया जाता है। करीब चार साल पहले मध्य मेक्सिको के हिडाल्गो राज्य के हुआहुत्ला नगरपालिका के एक गांव में भी तेज आतिशबाजी विस्फोट हुआ था। इसमें 17 लोग घायल हुए थे।