Wednesday, 16 Sep 2026 | 05:08 PM

Trending :

EXCLUSIVE

दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुए डायरेक्टर शकील नूरानी:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दीं, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला

दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुए डायरेक्टर शकील नूरानी:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दीं, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला

गोविंदा की फिल्म जोरू का गुलाम डायरेक्ट कर चुके 73 साल के शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। 33 साल की एक्ट्रेस ने उन पर शोषण, ब्लैकमेलिंग समेत कई संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, ये मामला 2016 का है। घटना 2016 की, केस अब दर्ज हुआ मुंबई पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, एक्ट्रेस की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान हुई थी। उन्होंने उनसे आने वाले एक प्रोजेक्ट के बारे में बात की और काम के लिए संपर्क करने को कहा था। शिकायत के मुताबिक, बाद में एक्ट्रेस स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए शकील नूरानी के मालवानी स्थित घर गई थीं। वहां नूरानी ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने को दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। होश आने पर वीडियो दिखाकर धमकाने का आरोप एक्ट्रेस ने FIR में आरोप लगाया कि होश आने के बाद शकील नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल पर एक्ट्रेस का वीडियो दिखाया। उन्होंने धमकी दी कि पुलिस से संपर्क करने या परिवार को जानकारी देने पर वह वीडियो सर्कुलेट कर देंगे। एक्ट्रेस का आरोप है कि नूरानी ने इसी कथित वीडियो के जरिए उन्हें धमकाया और कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी कहा कि यौन संबंधों के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां देते थे। पुलिस ने सतारा के फार्महाउस किया गिरफ्तार FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि नूरानी सतारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस में रह रहे हैं। मालवानी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद नूरानी 40 दिन तक छिपे रहे। पुलिस टीम ने अंधेरी के लोखंडवाला स्थित उनके बेटे के घर की तलाशी भी ली, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अधिकारी ने कहा, “टेक्निकल मदद से हमने उन्हें सतारा जिले के मेधा स्थित एक फार्महाउस में खोजा। मेधा पुलिस स्टेशन के हमारे साथियों ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद हमारी टीम ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।” 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजे गए पुलिस ने शकील नूरानी को शनिवार को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। नूरानी को मालवानी पुलिस ने दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक घटना 2016 की है और मामला अब दर्ज हुआ। डीसीपी (जोन 2) संदीप घुगे ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद से पुलिस टीम जानकारी जुटा रही है। नूरानी के वकील विकास सिंह ने टीओआई से कहा कि उनके क्लाइंट को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए इस पर आगे कोई कॉमेंट नहीं करेंगे। नूरानी ने 1991 से 2000 के बीच फिल्में बनाईं शकील नूरानी ने 1990 और 2000 के शुरुआती दशक में फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों में ‘विष्णु देवा’ (1991), ‘श्रीमान आशिक’ (1993), ‘बड़े दिलवाला’ (1999) और ‘जोरू का गुलाम’ (2000) शामिल हैं। संजय दत्त से पुराना विवाद रहा शकील नूरानी इससे पहले संजय दत्त से विवाद को लेकर चर्चा में रहे थे। मुंबई की एक अदालत ने शकील नूरानी को धमकाने के मामले में संजय दत्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

एक्टर तेज सप्रू ने हाल ही में बताया कि राजेश खन्ना ने कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गालियां दी थीं। ‘द रेडिफ’ के पॉडकास्ट में तेज सप्रू ने बताया कि इस घटना से उनका दिल बुरी तरह टूट गया था, क्योंकि वो राजेश खन्ना की बहुत इज्जत करते थे। तेज सप्रू ने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। राजेश खन्ना की पर्सनैलिटी पर बात करते हुए तेज सप्रू ने कहा कि जब कोई शिखर पर होता है, तो कई बार उसके आसपास के लोग ही उसका दिमाग ज्यादा खराब कर देते हैं। हालांकि, राजेश खन्ना की दूसरी क्वालिटी बहुत खास थी। तेज के मुताबिक, “इतने बड़े दिल वाला मैंने शायद ही देखा है किसी को।” इसके बाद उन्होंने कश्मीर में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई घटना का जिक्र किया। सप्रू ने बताया, “एक बार हम साथ काम कर रहे थे। तभी अचानक पीछे से किसी की मुझे गालियां देते हुए आवाज सुनाई दी। मैंने मुड़कर देखा तो पाया कि वह काका जी थे।” तेज सप्रू ने बताया कि जब राजेश खन्ना ने उन्हें गालियां दीं, तब वह फिल्म की एक एक्ट्रेस के साथ थे। उन्होंने यह नहीं बताया कि राजेश खन्ना ने उन्हें गाली क्यों दी थी। सप्रू ने कहा कि इस घटना ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया था। उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना की पहली फिल्म उनके पिता डीके सप्रू के साथ थी और वह उनका बहुत सम्मान करते थे। तेज सप्रू ने कहा, “मैं सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि खुद से सीनियर और मेरे पिता के साथ काम करने वाले हर शख्स का सम्मान करता हूं। चाहे वह बड़ा एक्टर हो या छोटा, जब तक वह बैठ नहीं जाता, मैं खुद कुर्सी पर नहीं बैठता।” उन्होंने आगे बताया, “इतना सम्मान करने के बावजूद न जाने क्या हुआ कि उन्होंने पीछे से मुझे गाली दे दी। मैं इस बात से बहुत परेशान हो गया था।” राजेश खन्ना ने अगले दिन मांगी माफी तेज सप्रू ने बताया कि अगले दिन दोनों का साथ में शूट था। कश्मीर में बर्फ के बीच एक सीक्वेंस की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने राजेश खन्ना को हाय, हैलो या नमस्ते कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप एक कुर्सी लगाकर बर्फ में बैठ गए। तेज सप्रू ने बताया कि वह उस वक्त भी पिछली घटना से नाराज थे। वह राजेश खन्ना से कोई बातचीत नहीं करना चाहते थे। शूटिंग शुरू हुई और दोनों अपने-अपने शॉट में व्यस्त हो गए। इसके बाद राजेश खन्ना उनके पास आए और बात शुरू की। तेज सप्रू के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनसे कहा, “हे टॉल बॉय, चल भूल जा।” इस पर तेज सप्रू ने जवाब दिया, “सर, आपने गाली दे दी थी मुझे।” राजेश खन्ना ने इसके बाद कहा, “नहीं नहीं, हो गया यार, आजा आजा।” तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद राजेश खन्ना ने उन्हें शाम को अपने साथ चलने के लिए कहा। तेज सप्रू उनके साथ जाने के लिए मान गए। शूटिंग खत्म होने के बाद दोनों साथ गए। तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने कहा, “फुल रात काका जी और मैंने बैठ के पिया, खाया।”

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

एक्टर तेज सप्रू ने हाल ही में बताया कि राजेश खन्ना ने कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गालियां दी थीं। ‘द रेडिफ’ के पॉडकास्ट में तेज सप्रू ने बताया कि इस घटना से उनका दिल बुरी तरह टूट गया था, क्योंकि वो राजेश खन्ना की बहुत इज्जत करते थे। तेज सप्रू ने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। राजेश खन्ना की पर्सनैलिटी पर बात करते हुए तेज सप्रू ने कहा कि जब कोई शिखर पर होता है, तो कई बार उसके आसपास के लोग ही उसका दिमाग ज्यादा खराब कर देते हैं। हालांकि, राजेश खन्ना की दूसरी क्वालिटी बहुत खास थी। तेज के मुताबिक, “इतने बड़े दिल वाला मैंने शायद ही देखा है किसी को।” इसके बाद उन्होंने कश्मीर में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई घटना का जिक्र किया। सप्रू ने बताया, “एक बार हम साथ काम कर रहे थे। तभी अचानक पीछे से किसी की मुझे गालियां देते हुए आवाज सुनाई दी। मैंने मुड़कर देखा तो पाया कि वह काका जी थे।” तेज सप्रू ने बताया कि जब राजेश खन्ना ने उन्हें गालियां दीं, तब वह फिल्म की एक एक्ट्रेस के साथ थे। उन्होंने यह नहीं बताया कि राजेश खन्ना ने उन्हें गाली क्यों दी थी। सप्रू ने कहा कि इस घटना ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया था। उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना की पहली फिल्म उनके पिता डीके सप्रू के साथ थी और वह उनका बहुत सम्मान करते थे। तेज सप्रू ने कहा, “मैं सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि खुद से सीनियर और मेरे पिता के साथ काम करने वाले हर शख्स का सम्मान करता हूं। चाहे वह बड़ा एक्टर हो या छोटा, जब तक वह बैठ नहीं जाता, मैं खुद कुर्सी पर नहीं बैठता।” उन्होंने आगे बताया, “इतना सम्मान करने के बावजूद न जाने क्या हुआ कि उन्होंने पीछे से मुझे गाली दे दी। मैं इस बात से बहुत परेशान हो गया था।” राजेश खन्ना ने अगले दिन मांगी माफी तेज सप्रू ने बताया कि अगले दिन दोनों का साथ में शूट था। कश्मीर में बर्फ के बीच एक सीक्वेंस की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने राजेश खन्ना को हाय, हैलो या नमस्ते कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप एक कुर्सी लगाकर बर्फ में बैठ गए। तेज सप्रू ने बताया कि वह उस वक्त भी पिछली घटना से नाराज थे। वह राजेश खन्ना से कोई बातचीत नहीं करना चाहते थे। शूटिंग शुरू हुई और दोनों अपने-अपने शॉट में व्यस्त हो गए। इसके बाद राजेश खन्ना उनके पास आए और बात शुरू की। तेज सप्रू के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनसे कहा, “हे टॉल बॉय, चल भूल जा।” इस पर तेज सप्रू ने जवाब दिया, “सर, आपने गाली दे दी थी मुझे।” राजेश खन्ना ने इसके बाद कहा, “नहीं नहीं, हो गया यार, आजा आजा।” तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद राजेश खन्ना ने उन्हें शाम को अपने साथ चलने के लिए कहा। तेज सप्रू उनके साथ जाने के लिए मान गए। शूटिंग खत्म होने के बाद दोनों साथ गए। तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने कहा, “फुल रात काका जी और मैंने बैठ के पिया, खाया।”

रिपोर्ट-होर्मुज खोलने पर ईरान से समझौता कर सकता है अमेरिका:बदले में ट्रम्प परमाणु समझौते की मांग छोड़ सकते हैं; सीजफायर की तैयारी

रिपोर्ट-होर्मुज खोलने पर ईरान से समझौता कर सकता है अमेरिका:बदले में ट्रम्प परमाणु समझौते की मांग छोड़ सकते हैं; सीजफायर की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होर्मुज खोलने के बदलने परमाणु समझौते की मांग छोड़ सकते हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प चाहते हैं ईरान होर्मुज पूरी तरह खोल दें। इससे ईरान के साथ फिर से सीजफायर का रास्ता भी बन सकता है। ट्रम्प समझौते के बिना पीछे हटने को तैयार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रम्प प्रशासन कई हफ्तों से इसके तैयार कर रहा है। उन्होंने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी बातचीत में कहा है कि वे ईरान के साथ नया परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। ईरान ने भी होर्मुज खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिक नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना और इलाके से अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल है। ईरान ने प्रतिबंध हटाने और उसकी जब्त संपत्तियां लौटाने की मांग भी की है। खबर अपडेट हो रही है…

‘रामायणम्’ की रिलीज का महा प्लान:विदेशों में 50 हजार और भारत में 9 हजार स्क्रीन पर होगी रिलीज

‘रामायणम्’ की रिलीज का महा प्लान:विदेशों में 50 हजार और भारत में 9 हजार स्क्रीन पर होगी रिलीज

नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ रिलीज से पहले ही ग्लोबल स्तर पर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। फिल्म को भारत में करीब 9 हजार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज करने की योजना है। यह किसी भारतीय फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज होगी। मेकर्स ने फिल्म का इंग्लिश लिप-सिंक ट्रेलर जारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय रिलीज के बड़े प्लान की जानकारी दी है। भारत और विदेशों के स्क्रीन काउंट को मिलाकर ‘रामायणम्’ की कुल ग्लोबल स्क्रीन संख्या 59 हजार के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि यह आंकड़ा रिलीज के अंतिम समय में बदल सकता है। ‘पुष्पा 2’ और ‘RRR’ से कई गुना बड़ा है रिलीज का प्लान अगर तय स्क्रीन काउंट लागू होता है तो ‘रामायणम्’ हाल की बड़े भारतीय ब्लॉकबस्टर्स से काफी आगे निकल जाएगी। ‘पुष्पा 2: द रूल’ करीब 12-13 हजार और ‘RRR’ करीब 10-11 हजार स्क्रीन्स पर दुनियाभर में रिलीज हुई थीं। ‘रामायणम्’ का प्रस्तावित इंटरनेशनल रिलीज स्केल हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों से भी तुलना खींच रहा है। ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ की रिलीज करीब 52 हजार स्क्रीन्स पर बताई गई थी। ऐसे में ‘रामायणम्’ का संभावित स्क्रीन काउंट इसे नए स्तर पर पहुंचा सकता है। 50 भाषाओं में भी रिलीज होगी, AI लिप-सिंक का हुआ है यूज फिल्म ‘रामायणम्’ को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इसे 50 भाषाओं में रिलीज किया जा सकता है। इसके लिए नमित मल्होत्रा की DNEG की ओर से तैयार की गई AI तकनीक ‘ब्रह्मा AI’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंग्लिश ट्रेलर में इसी तकनीक की झलक देखने को मिली है, जिसमें कलाकारों की मूल आवाज को बरकरार रखते हुए उनके संवादों को लिप-सिंक किया गया है। बता दें कि यह फिल्म 8 नवंबर को भारत में रिलीज होगी। हालांकि उससे दो दिन पहले 6 नवंबर को विदेशों में ग्रैंड लेवल पर रिलीज की जाएगी।

अगस्त के पहले-हफ्ते में FPI ने ₹12,921 करोड़ निवेश किए:जुलाई में भारतीय बाजार में ₹20,200 करोड़ आए थे, वजह- क्रूड सस्ता हुआ

अगस्त के पहले-हफ्ते में FPI ने ₹12,921 करोड़ निवेश किए:जुलाई में भारतीय बाजार में ₹20,200 करोड़ आए थे, वजह- क्रूड सस्ता हुआ

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अगस्त के पहले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में ₹12,921 करोड़ का भारी निवेश किया है। भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की बेहतर होती स्थिति, अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीद, कच्चे तेल के गिरते दाम और स्थिर रुपए के कारण विदेशी निवेशकों की लिवाली जारी है। जुलाई में हुए ₹20,200 करोड़ के निवेश के बाद लगातार दूसरे महीने भारतीय बाजार में पॉजिटिव फंड फ्लो देखा जा रहा है। लगातार 4 महीने की बिकवाली के बाद ट्रेंड बदला जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में ₹1.17 लाख करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बिकवाली के बाद जुलाई से बाजार में ट्रेंड बदला है। CDSL के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से जून तक लगातार चार महीनों की बिकवाली से पहले FPIs ने फरवरी में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था। इसके बाद जुलाई में ₹20,200 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया, जिससे भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली है। 2026 में अब तक ₹2.41 लाख करोड़ निकाले हालिया खरीदारी के बावजूद, विदेशी निवेशक 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी में कुल मिलाकर नेट सेलर बने हुए हैं। इस साल अब तक FPIs भारतीय शेयर बाजार से ₹2.41 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। यह आंकड़ा पूरे साल 2025 में हुई ₹1.66 लाख करोड़ रुपए की कुल बिकवाली से भी ज्यादा हो चुका है। सेकेंडरी मार्केट और लिस्टेड कंपनियों में रुचि बढ़ी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते ने बताया कि हालिया निवेश बाजार में सुधरते सेंटिमेंट का नतीजा है। अमेरिका में रेट कट की उम्मीद, कच्चे तेल की घटती कीमतें और स्थिर रुपए ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। वेदांत गुप्ते ने कहा कि RBI द्वारा ग्रोथ और महंगाई को लेकर दिए गए बेहतर आउटलुक ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। भारतीय शेयरों में विदेशी हिस्सेदारी फिलहाल निचले स्तर पर है, जिससे नए फंड्स के लिए काफी गुंजाइश बची हुई है। इसके अलावा, हालिया खरीदारी का बड़ा हिस्सा सिर्फ IPO के बजाय सेकेंडरी मार्केट से आ रहा है, जो लिस्टेड कंपनियों में विदेशी निवेशकों की गहरी रुचि को दर्शाता है। भू-राजनीतिक तनाव घटने से सेंटिमेंट सुधरा बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का मानना है कि FIIs और DIIs की ओर से लगातार जारी खरीदारी के पीछे भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव का कम होना एक मुख्य वजह है। तनाव कम होने से वैश्विक निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है, जिससे भारतीय शेयर बाजार को मजबूत सहारा मिला है। ऑटो-हेल्थकेयर सेक्टर बने पहली पसंद जिओजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने बताया कि FPIs की खरीदारी में एक खास ट्रेंड देखा जा रहा है। विदेशी निवेशक ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं और इनमें तेजी से अलॉटमेंट बढ़ा रहे हैं। डेट मार्केट में भी पैसा लगा रहे विदेशी निवेशक शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय डेट मार्केट में भी लगातार बना हुआ है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान FPIs ने जनरल रूट के जरिए भारतीय डेट मार्केट में ₹622 करोड़ का निवेश किया है। क्या होता है फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट? ऐसे विदेशी निवेशक या संस्थाएं जो किसी देश के शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या डेट मार्केट में वित्तीय लाभ के लिए पैसा लगाते हैं। वे कंपनियों में सीधे मैनेजमेंट या ऑपरेशनल कंट्रोल नहीं लेते। क्या होता है सेकेंडरी मार्केट? वह वित्तीय बाजार जहां पहले से लिस्टेड शेयरों की खरीद-बिक्री निवेशकों के बीच होती है (जैसे BSE या NSE)। इसमें पैसा सीधे कंपनी को न जाकर बेचने वाले निवेशक के पास जाता है।

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर… 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत…यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी… पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर… 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत…यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी… पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते हफ्ते देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 1.43 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। हफ्ते के दौरान मार्केट कैप बढ़ाने वाली 4 कंपनियों में SBI के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहीं। SBI के मार्केट कैप में ₹63,922.03 करोड़ की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बैंक की कुल मार्केट वैल्युएशन बढ़कर ₹10.12 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। रिलायंस की वैल्यू ₹32,816 करोड़ बढ़ी वहीं रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गई। इसके अलावा TCS की वैल्यू में ₹31,875.35 करोड़ का उछाल आया और इसका टोटल मार्केट कैप ₹8.87 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं LT का मार्केट कैप ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया है। LIC को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ दूसरी तरफ टॉप-10 में शामिल अन्य 6 बड़ी कंपनियों की वैल्युएशन कुल मिलाकर ₹1.23 लाख करोड़ घटी है। यह 6 कंपनियां भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते हफ्ते देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 1.43 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। हफ्ते के दौरान मार्केट कैप बढ़ाने वाली 4 कंपनियों में SBI के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहीं। SBI के मार्केट कैप में ₹63,922.03 करोड़ की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बैंक की कुल मार्केट वैल्युएशन बढ़कर ₹10.12 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। रिलायंस की वैल्यू ₹32,816 करोड़ बढ़ी वहीं रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गई। इसके अलावा TCS की वैल्यू में ₹31,875.35 करोड़ का उछाल आया और इसका टोटल मार्केट कैप ₹8.87 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं LT का मार्केट कैप ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया है। LIC को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ दूसरी तरफ टॉप-10 में शामिल अन्य 6 बड़ी कंपनियों की वैल्युएशन कुल मिलाकर ₹1.23 लाख करोड़ घटी है। यह 6 कंपनियां भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।