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बाइक निकालने पर विवाद, आधा दर्जन घायल VIDEO:इंदौर के छत्रीपुरा में दो पक्ष भिड़े; पत्थरबाजी भी की, थाने के बाहर किया हंगामा

बाइक निकालने पर विवाद, आधा दर्जन घायल VIDEO:इंदौर के छत्रीपुरा में दो पक्ष भिड़े; पत्थरबाजी भी की, थाने के बाहर किया हंगामा

इंदौर के छत्रीपुरा क्षेत्र में बाइक निकालने की बात पर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी तक पहुंच गया। घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल कराकर मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक ओटकर परिवार और दूसरे पक्ष के बीच रास्ते से बाइक निकालने को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद के बाद एक पक्ष के लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसमें दूसरे पक्ष के करीब चार लोग घायल हो गए, जबकि ओटकर परिवार का एक सदस्य भी सिर में चोट लगने से घायल हुआ है। रात में थाने के बाहर हंगामा, बाद में समझौता किया घटना के बाद माता महारानी नगर के लोग थाने पहुंच गए और वहां भी जमकर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। खुफिया शाखा के जवानों ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया। जानकारी के मुताबिक, देर रात दोनों पक्षों के बीच एफआईआर दर्ज होने के बाद लिखित समझौता हो गया। फिलहाल पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। तस्वीरों में देखें…

वॉशिंगटन हिल्टन होटल में 45 साल बाद हिस्ट्री रिपीट:हीरोइन को इम्प्रेस करने के लिए शख्स ने राष्ट्रपति रीगन पर चलाई थी गोली

वॉशिंगटन हिल्टन होटल में 45 साल बाद हिस्ट्री रिपीट:हीरोइन को इम्प्रेस करने के लिए शख्स ने राष्ट्रपति रीगन पर चलाई थी गोली

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में शनिवार रात सालाना व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान फायरिंग हो गई। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे। यह घटना वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई। करीब 60 साल पुराना यह होटल अपने एम (M) आकार के डिजाइन के लिए जाना जाता है। यहां लंबे समय से व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर होता आ रहा है। इसके अलावा फर्स्ट लेडी लंच और नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट जैसे बड़े कार्यक्रम भी यहीं आयोजित होते हैं। इस होटल का इतिहास भी काफी चर्चित रहा है। करीब 45 साल पहले यहीं तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह हमला जॉन डब्ल्यू हिंकली जूनियर ने किया था। उसने एक फिल्म अभिनेत्री को प्रभावित करने के लिए राष्ट्रपति पर छह गोलियां चला दी थीं। रीगन पांच बार बचे, छठी गोली का निशाना बने घटना 30 मार्च 1981 की है। रीगन वाशिंगटन डीसी में एक मीटिंग में शामिल होने के बाद अपनी कार की तरफ जा रहे थे। उनके चारों तरफ मीडिया और लोगों की भीड़ थी। अचानक उसी भीड़ से निकलकर एक शख्स ने रीगन पर फायरिंग शुरू कर दी। रीगन पर पांच गोलियां दागी गईं, लेकिन वे हर गोली से बच गए। छठी गोली से भी वे बच ही गए थे, लेकिन वह बुलेटप्रूफ कार के शीशे से टकराकर फिर से रीगन के पास लौटी और उनके सीने में जा धंसी। रीगन जमीन पर गिर गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनके सीने से गोली समय पर निकाल ली जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना में रीगन के 3 सहयोगियों को भी गोली लगी, लेकिन वे भी रीगन की तरह बच गए। गोली चलाने वाले जॉन हिंक्ली को मौके पर ही पकड़ लिया गया। हिंक्ली ने 18 बार टैक्सी ड्राइवर फिल्म देखी थी गोली चलाने वाला हिंकली लंबे समय से मानसिक समस्याओं से जूझ रहा था। उसे पहचान बनाने और मशहूर होने की बहुत इच्छा थी। वह 1976 में आई फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ ने उस पर खूब असर डाला था। इस फिल्म का एक किरदार प्रेसिडेंशियल कैंडिटेट को मारने की कोशिश करता है। चूंकि उसने एक भ्रष्ट नेता को मारने की कोशिश की थी, लोगों की नजर में एक हीरो बन जाता है। उसने यह फिल्म 18 बार देखी थी। वह फिल्म की अभिनेत्री जोड़ी फोस्टर का दीवाना हो गया। वह उसे प्रभावित करना चाहता था। उसने उसे कई चिट्ठियां लिखीं, फोन किए, यहां तक कि उसका पीछा भी किया, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। धीरे-धीरे उसने यह सोच बना ली कि अगर वह किसी बड़े नेता पर हमला करेगा, तो वह दुनियाभर में चर्चित हो जाएगा और जोड़ी फोस्टर को इम्प्रेस कर पाएगा। पहले राष्ट्रपति कार्टर को मारने की कोशिश की हिंकली ने 1980 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रेसिडेंट जिमी कार्टर का पीछा किया। इस दौरान वह अलग-अलग रैलियों में उन्हें मारने के मकसद से जाता रहा। टेनेसी के एक कार्यक्रम में वह कार्टर के बिल्कुल करीब पहुंच गया था। लेकिन उसके हाथ में एक बैग देख पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने तलाशी ली तो उसमें 3 हैंडगन रखी हुई थीं। इसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। उस पर गैरकानूनी हथियार रखने का मामला बना, लेकिन यह सीधे ‘राष्ट्रपति पर हमला’ करने का केस नहीं बन पाया, क्योंकि उसने गोली चलाने की कोशिश नहीं की थी। उसे कुछ समय के लिए हिरासत में रखा गया, लेकिन बाद में जमानत मिल गई। जेल से निकलने के बाद रीगन पर हमला किया जेल से निकलने के बाद अमेरिका में सत्ता बदल चुकी थी। रोनाल्ड रीगन राष्ट्रपति बन चुके थे। उसने रीगन पर ही हमला करने का फैसला किया। हालांकि उसके पकड़े जाने के बाद वकील ने कोर्ट में अपनी दलीलों से यह साबित कर दिया कि हिंक्ली मानसिक रूप से ठीक नहीं है और राष्ट्रपति पर हमला करने का दोषी सिर्फ हिंकली नही, वह फिल्म भी है। कोर्ट ने मानसिक रूप से अस्थिर मानते हुए जेल भेजने के बजाय मानसिक अस्पताल में रखा। वहां वह करीब 30-35 साल तक इलाज और निगरानी में रहा। उसे 2016 में सख्त शर्तों के साथ अस्पताल से बाहर रहने की इजाजत दी गई।

केजरीवाल बोले- जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय की उम्मीद खत्म:उनके बेटे को केंद्र से सबसे ज्यादा केस मिले, शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट नहीं जाऊंगा

केजरीवाल बोले- जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय की उम्मीद खत्म:उनके बेटे को केंद्र से सबसे ज्यादा केस मिले, शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट नहीं जाऊंगा

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाले मामले में हाईकोर्ट में पेश होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट चुकी है। मैं हाईकोर्ट में पेश नहीं हूंगा, न ही कोई दलील रखूंगा। मैंने अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनते हुए महात्मा गांधी के सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस स्वर्णकांता के बच्चों का केंद्र सरकार के वकील पैनल में होना हितों का टकराव है। उनके बेटे को केंद्र से हजारों केस मिले, जिससे उन्होंने करोड़ों रुपए कमाए। केजरीवाल ने पहले जस्टिस स्वर्णकांता को लेटर लिखा, फिर वीडियो जारी कर अपनी बात कही। केजरीवाल ने क्या कहा, बड़ी बातें… जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा था- मैं हटी तो संदेश जाएगा दबाव डालकर जज हटा सकते हैं इससे पहले 20 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को मामले से अलग करने की मांग वाली केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा था कि मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज हटा सकते हैं। दरअसल, केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता पर पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जज RSS से जुड़े संगठन के कार्यक्रम में कई बार गई हैं। उनके बच्चे केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर समेत अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। केजरीवाल ने पहले भी कहा था- जज के बच्चे SG मेहता के साथ काम करते हैं 15 अप्रैल को कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसके अनुसार, जस्टिस स्वर्णकांता के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए। केजरीवाल ने कहा- 9 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। तब मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———– ये खबर भी पढ़ें… जज को केस से हटाने वाली केजरीवाल की याचिका खारिज:जस्टिस स्वर्णकांता बोलीं- मैं हटी तो संदेश जाएगा दबाव डालकर जज हटा सकते हैं दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति केस से जुड़े पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें जज के केस से हटने की मांग की गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

रायसेन में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा, 43.6 डिग्री तापमान:8वीं तक स्कूल 30 अप्रैल तक बंद; मौसम बदलने से अनाज भीगने का डर

रायसेन में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा, 43.6 डिग्री तापमान:8वीं तक स्कूल 30 अप्रैल तक बंद; मौसम बदलने से अनाज भीगने का डर

रायसेन जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। इस पारे ने अप्रैल माह में पिछले तीन सालों की गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 30 अप्रैल तक की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। दिनभर की तपन के बाद देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई, जिससे खरीदी केंद्रों पर खुले में रखे हजारों क्विंटल अनाज के भीगने का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार सुबह से ही तेज धूप खिली है और मौसम विभाग ने आज भी लू चलने के साथ बारिश का अनुमान जताया है। अप्रैल में 3 साल बाद ऐसी गर्मी, शाम को हुई बूंदाबांदी रविवार को 43.6 डिग्री तापमान के साथ लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। इससे पहले अप्रैल के महीने में तीन साल पहले इतनी गर्मी पड़ी थी। हालांकि, दिनभर की तपन के बाद देर शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ जिले के कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन सोमवार सुबह से फिर तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। लू का अलर्ट, 8वीं तक के बच्चों की 30 अप्रैल तक छुट्टी भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य के मद्देनजर नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं, मौसम विभाग ने सोमवार को भी लू चलने, तापमान में और बढ़ोतरी होने तथा गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई है। मौसम बदलने से डरे किसान, खुले में रखा है हजारों क्विंटल अनाज मौसम के इस बार-बार बदलते मिजाज ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। तेज हवाएं चलने और आसमान में बादल छाने से किसानों को नुकसान का डर सता रहा है। दरअसल, जिले के खरीदी केंद्रों के बाहर अभी भी हजारों क्विंटल अनाज खुले में पड़ा हुआ है, जो बारिश होने की स्थिति में पूरी तरह भीग कर खराब हो सकता है।

बेटे की फिल्म का गाना देख रो पड़े आमिर खान:म्यूजिकल इवेंट में दो बार नेचर्स कॉल का इशारा किया, गर्लफ्रेंड गौरी भी बेटे के साथ पहुंचीं

बेटे की फिल्म का गाना देख रो पड़े आमिर खान:म्यूजिकल इवेंट में दो बार नेचर्स कॉल का इशारा किया, गर्लफ्रेंड गौरी भी बेटे के साथ पहुंचीं

आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस में बनी उनके बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी स्टारर फिल्म एक दिन 1 मई को रिलीज हो रही है। रविवार को मुंबई में फिल्म का म्यूजिकल इवेंट रखा गया था, जिसमें आमिर की गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट भी बेटे के साथ पहुंची थीं। फिल्म देख रो पड़े आमिर खान म्यूजिकल इवेंट में आमिर खान ने एक्ट्रेस साई पल्लवी और बेटे जुनैद खान के साथ बैठकर फिल्म देखी। इस बीच एक्टर काफी भावुक नजर आए। एक हिस्से में गाना देखकर आमिर रो पड़े और वहीं बैठे-बैठे अपनी टी-शर्ट से आंसू पोछते दिखे। कुछ देर बाद उन्होंने फिल्म का गाना भी गुनगुनाया। इसके अलावा भी इवेंट से आमिर खान का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो मंच पर माइक थामे खड़े हैं। इवेंट के होस्ट उन्हें कुछ कहते हैं, तभी आमिर, नेचर्स कॉल का इशारा करते हुए कहते हैं, ‘दो मिनट जाकर आऊं?’ ये देख वहां मौजूद हर कोई हंस पड़ा। यही नही, इवेंट के बीच का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें भी आमिर नेचर्स कॉल का इशारा कर झुककर इवेंट से निकलते नजर आ रहे हैं। आमिर खान ने साई पल्लवी को कहा, देश की बेस्ट एक्ट्रेस इवेंट में फिल्म पर बात करते हुए आमिर खान ने फिल्म एक दिन की लीड एक्ट्रेस साई पल्लवी को देश की बेस्ट एक्ट्रेस कहा है। उन्होंने कहा, अगर मैं आज अपने दिल पर हाथ रखकर कहूं तो मेरे लिए साई कंट्री की बेस्ट एक्ट्रेस हैं। इवेंट में आमिर खान की गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट भी बेटे के साथ पहुंची थीं। उन्होंने बेटे का हाथ थामे एंट्री ली और उसे संभालती नजर आईं। 1 मई को रिलीज होगी फिल्म फिल्म एक दिन से साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं। मंसूर खान और आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म को सुनील पांडे ने डायरेक्ट किया है। फिल्म को 1 मई को हिंदी के अलावा तेलुगु और तमिल भाषा में रिलीज किया जाएगा।

बेटे की फिल्म का गाना देख रो पड़े आमिर खान:म्यूजिकल इवेंट में दो बार नेचर्स कॉल का इशारा किया, गर्लफ्रेंड गौरी भी बेटे के साथ पहुंचीं

बेटे की फिल्म का गाना देख रो पड़े आमिर खान:म्यूजिकल इवेंट में दो बार नेचर्स कॉल का इशारा किया, गर्लफ्रेंड गौरी भी बेटे के साथ पहुंचीं

आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस में बनी उनके बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी स्टारर फिल्म एक दिन 1 मई को रिलीज हो रही है। रविवार को मुंबई में फिल्म का म्यूजिकल इवेंट रखा गया था, जिसमें आमिर की गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट भी बेटे के साथ पहुंची थीं। फिल्म देख रो पड़े आमिर खान म्यूजिकल इवेंट में आमिर खान ने एक्ट्रेस साई पल्लवी और बेटे जुनैद खान के साथ बैठकर फिल्म देखी। इस बीच एक्टर काफी भावुक नजर आए। एक हिस्से में गाना देखकर आमिर रो पड़े और वहीं बैठे-बैठे अपनी टी-शर्ट से आंसू पोछते दिखे। कुछ देर बाद उन्होंने फिल्म का गाना भी गुनगुनाया। इसके अलावा भी इवेंट से आमिर खान का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो मंच पर माइक थामे खड़े हैं। इवेंट के होस्ट उन्हें कुछ कहते हैं, तभी आमिर, नेचर्स कॉल का इशारा करते हुए कहते हैं, दो मिनट जाकर आऊं। ये देख वहां मौजूद हर कोई हंस पड़ा। यही नही, इवेंट के बीच का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें भी आमिर नेचर्स कॉल का इशारा कर झुककर इवेंट से निकलते नजर आ रहे हैं। आमिर खान ने साई पल्लवी को कहा, देश की बेस्ट एक्ट्रेस इवेंट में फिल्म पर बात करते हुए आमिर खान ने फिल्म एक दिन की लीड एक्ट्रेस साई पल्लवी को देश की बेस्ट एक्ट्रेस कहा है। उन्होंने कहा, अगर मैं आज अपने दिल पर हाथ रखकर कहूं तो मेरे लिए साई कंट्री की बेस्ट एक्ट्रेस हैं। इवेंट में आमिर खान की गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट भी बेटे के साथ पहुंची थीं। उन्होंने बेटे का हाथ थामे एंट्री ली और उसे संभालती नजर आईं। 1 मई को रिलीज होगी फिल्म फिल्म एक दिन से साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं। मंसूर खान और आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म को सुनील पांडे ने डायरेक्ट किया है। फिल्म को 1 मई को हिंदी के अलावा तेलुगु और तमिल भाषा में रिलीज किया जाएगा।

सतना में 43.6 डिग्री पर पारा, हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट:इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा संडे, ट्रेन ट्रैक की पेट्रोलिंग शुरू

सतना में 43.6 डिग्री पर पारा, हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट:इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा संडे, ट्रेन ट्रैक की पेट्रोलिंग शुरू

सतना में रविवार चालू सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, जब अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने सतना समेत पूरे रीवा संभाग के लिए हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे रहे और गर्म हवाओं के कारण दिन भर शहर की व्यस्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लू का असर रात के तापमान पर भी पड़ा, जिससे रात्रिकालीन तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम दिशा से आ रही गर्म हवाओं के कारण लू चल रही है, जिससे पिछले तीन दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अनुमान है कि 28 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक पश्चिमी विक्षोभ आएगा। वर्तमान में दक्षिण उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य मध्य प्रदेश में हवा में ऊपरी चक्रवात बना हुआ है। इसी के प्रभाव से 27 अप्रैल के बाद रीवा संभाग में बादलों की सक्रियता बढ़ जाएगी। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी और बारिश होने की संभावना है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर रेलवे ने मुंबई-हावड़ा रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रेल पटरियों की पेट्रोलिंग आवश्यक हो जाती है, क्योंकि अत्यधिक गर्मी से पटरियों के जॉइंट टूटने की आशंका बढ़ जाती है। रेल पटरियों पर अधिकतम तापमान लगभग 58 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।

2022 में राघव चड्ढा ने दल-बदल के दरवाजे बंद करने की कोशिश की. 4 साल बाद, वह इसके माध्यम से बाहर चला गया | भारत समाचार

AP SSC Results 2026 LIVE: Manabadi Class 10 Date & Time soon.

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 08:22 IST वर्तमान कानून (दसवीं अनुसूची) के तहत, किसी पार्टी में दो-तिहाई बहुमत वाले विधायक अयोग्यता का सामना किए बिना अलग हो सकते हैं और किसी अन्य पार्टी में विलय कर सकते हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (तस्वीर में) बीजेपी में शामिल हो गए हैं. राघव चड्ढा और छह अन्य आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसदों के नाटकीय निकास ने न केवल दलबदल के बारे में, बल्कि चड्ढा द्वारा प्रस्तावित सुधार के बारे में भी राजनीतिक और कानूनी बहस शुरू कर दी है। विवाद के मूल में एक विरोधाभास है: यदि दल-बदल विरोधी नियमों को कड़ा करने के लिए चड्ढा का अपना विधेयक पारित हो गया होता, तो उनके द्वारा उठाया गया कदम संभव नहीं होता। प्रस्ताव द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, राघव चड्ढा ने 2022 में एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया था, जिसमें पार्टी के विधायकों के “कानूनी विभाजन” की सीमा को दो-तिहाई से बढ़ाकर तीन-चौथाई करने की मांग की गई थी। यह भी पढ़ें | AAP का नुकसान, बीजेपी का फायदा: पंजाब में राघव चड्ढा फैक्टर को समझना वर्तमान कानून (दसवीं अनुसूची) के तहत, किसी पार्टी में दो-तिहाई बहुमत वाले विधायक अयोग्यता का सामना किए बिना अलग हो सकते हैं और किसी अन्य पार्टी में विलय कर सकते हैं। समय के साथ, यह अपवाद, जो मूल रूप से वास्तविक राजनीतिक पुनर्गठन की अनुमति देने के लिए था, अक्सर तकनीकी रूप से कानून के भीतर रहते हुए बड़े पैमाने पर दलबदल करने के लिए उपयोग किया जाता है। व्यावहारिक रूप से, जिस सदन में AAP के 10 सांसद थे, चड्ढा को सुरक्षित रूप से पार्टी छोड़ने के लिए सात सांसदों (दो-तिहाई) की आवश्यकता थी, जो उन्होंने हासिल कर लिया। लेकिन उनके अपने प्रस्ताव के तहत, उन्हें कम से कम आठ सांसदों की आवश्यकता होगी, जिससे संभवतः यह कदम और अधिक कठिन हो जाएगा। बाहर जाएं पिछले हफ्ते, चड्ढा ने आप के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ घोषणा की थी कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय कर रहे हैं। इसे व्यक्तिगत दलबदल के रूप में नहीं बल्कि समूह विलय के रूप में तैयार किया गया था, जो कानून के तहत महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में AAP के 10 सांसद थे. जैसे ही सात लोग एक साथ चले, दो-तिहाई का आंकड़ा पार करते हुए, इसने उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत सुरक्षा का दावा करने की अनुमति दी। यह भी पढ़ें | क्यों संदीप पाठक का जाना AAP के लिए राघव चड्ढा से भी बड़ा झटका है? कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सोचा-समझा कदम था, जिसे संवैधानिक ढांचे के भीतर पूरी तरह से फिट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, यह देखते हुए कि अगर चड्ढा अकेले चले जाते, तो उन्हें अपनी सीट गंवानी पड़ती। लेकिन अब, एक समूह में छोड़ने से उसे इसे बनाए रखने में मदद मिलती है। कानून क्या कहता है दसवीं अनुसूची में भारत का दल-बदल विरोधी कानून राजनीतिक खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए था। हालाँकि, इसका एक प्रमुख अपवाद है: यदि कोई विधायक दल बदल लेता है तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाता है, लेकिन यदि विधायक दल के दो-तिहाई सदस्य किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं तो उसे अयोग्य नहीं ठहराया जाता है। यह कानून के पैराग्राफ 4 में संहिताबद्ध है। कानून में इससे भी अधिक महत्वपूर्ण “माननीय प्रावधान” है, जिसका अर्थ है कि यदि दो-तिहाई सहमत होते हैं, तो इसे कानूनी रूप से पार्टी विलय के रूप में माना जाता है, भले ही मूल पार्टी का विलय न हुआ हो। आउटलुक के अनुसार, कानून (1985 के संशोधन के माध्यम से) सत्ता या कार्यालय द्वारा प्रेरित दलबदल को रोकने के लिए बनाया गया था। लेकिन व्यवहार में, यह एक विरोधाभास पैदा करता है जहां व्यक्तिगत दलबदल को दंडित किया जाता है लेकिन सामूहिक दलबदल को संरक्षित किया जाता है। जैसा कि एक विश्लेषण में कहा गया है, कानून व्यक्तिगत असहमति पर समन्वित निकास को पुरस्कृत करता है। चड्ढा क्यों हुए शिफ्ट? जबकि कानूनी मार्ग ने इस कदम को संभव बनाया, राजनीतिक ट्रिगर भीतर से आए। News18 ने AAP नेतृत्व के भीतर बढ़ती दरार के बारे में रिपोर्ट की थी, जिसके कारण अंततः चड्ढा को इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा के उपनेता के पद से हटा दिया गया और उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया। विडंबना यह है कि मित्तल उस गुट का हिस्सा थे जिसने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़ दी और भाजपा से हाथ मिला लिया। यह भी पढ़ें | कांग्रेस की पंजाब पहेली: राघव चड्ढा का जाना, AAP की मुश्किलें जश्न का कारण क्यों नहीं जैसा कि चड्ढा ने दावा किया कि पार्टी “गलत रास्ते पर आगे बढ़ रही है” और दिल्ली से बाहर निकलने के कारणों में से एक के रूप में भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया, AAP ने दबाव की रणनीति और प्रलोभन का आरोप लगाया, और नेताओं को लुभाने के लिए भाजपा द्वारा ‘ऑपरेशन लोटस’ का उपयोग करने के अपने दावों को दोहराया। हालाँकि, भाजपा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया और बाहर निकलने को स्वैच्छिक राजनीतिक पुनर्गठन बताया। AAP की चुनौती काम क्यों नहीं कर सकती? आप ने सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की है, लेकिन उसे कानूनी बाधा का सामना करना पड़ रहा है: दो-तिहाई नियम पहले ही पूरा हो चुका है और विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अयोग्यता की संभावना नहीं है। हालाँकि, टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, अभी भी कुछ संदेहास्पद मुद्दे बहस के अधीन हैं: क्या विलय के लिए मूल पार्टी की मंजूरी की आवश्यकता है? क्या सिर्फ एक सदन के सांसद विलय का दावा कर सकते हैं? ये प्रश्न अभी भी कानूनी रूप से अनसुलझे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 27 अप्रैल, 2026, 08:20 IST न्यूज़ इंडिया 2022 में राघव चड्ढा ने दल-बदल के दरवाजे बंद करने की कोशिश की. 4 साल बाद, वह इससे बाहर चला गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को

हमले की आशंका इसलिए खामेनेई का अंतिम संस्कार रोका:भोपाल में ईरान के प्रतिनिधि का दावा; यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग, बातचीत से पीछे हटने का आरोप

हमले की आशंका इसलिए खामेनेई का अंतिम संस्कार रोका:भोपाल में ईरान के प्रतिनिधि का दावा; यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग, बातचीत से पीछे हटने का आरोप

ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में देरी को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार को भोपाल में कहा कि सुरक्षा खतरे के कारण अंतिम संस्कार अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर लाखों लोग जुटते हैं तो उन पर हमला हो सकता है। मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार इसलिए टाला गया है क्योंकि हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। यदि अंतिम संस्कार आयोजित होता है तो ईरान के शहर मशहद में 2 करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, तो उन पर हमला किया जा सकता है। लेबनान में एक दिन में दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। वैसी स्थिति दोबारा बन सकती है। इसलिए हम हालात पूरी तरह शांत और सुरक्षित होने का इंतजार कर रहे हैं। मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही भोपाल में कोहेफिजा स्थित एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रविवार को आयोजित ‘इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसा’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग मौलाना इलाही ने कहा कि यह युद्ध ईरान ने नहीं छेड़ा, बल्कि यह डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की निजी जंग है। इससे न अमेरिका को फायदा है, न इजराइल को। ईरान ने कभी युद्ध नहीं चाहा। हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध हुआ तो इसका असर कई देशों पर पड़ेगा। हमने बातचीत की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ही हमला किया। ईरान के पास 5,000 साल से अधिक की सभ्यता है, बहुत अच्छे लोग हैं, कारखाने हैं और सब कुछ है। लेकिन दुर्भाग्य से 147 साल पहले से कुछ दूसरे देशों ने ईरान के खिलाफ बहुत सारे प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंध बनाए। 3 दिन में ईरान गिराने की योजना थी, अमेरिकी भी इस युद्ध के खिलाफ मौलाना इलाही ने दावा किया कि अमेरिका को भरोसा था कि वह तीन दिनों में ईरान की सरकार गिरा सकता है। युद्ध के बाद ईरान का नक्शा बदलने की बात कही गई थी। ईरान को पांच हिस्सों में बांटने की योजना थी। युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। 1 लाख से अधिक घर तबाह, कई अस्पताल, विश्वविद्यालय और प्रयोगशालाएं नष्ट, कई कारखाने क्षतिग्रस्त, बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है। अब ईरान अपने घायलों के इलाज के लिए भारत से दवाइयां खरीद रहा है। अमेरिकियों को इस युद्ध से कोई लाभ नहीं है, अमेरिकी सीनेटरों ने इस युद्ध की निंदा की है। आप न्यूयॉर्क के मेयर के बयान पर जाइए, जो मूल रूप से भारतीय हैं। अमेरिकी थोंपने लगे थे अपनी शर्तें, इसलिए विफल हुई वार्ता मौलाना इलाही ने बताया कि ईरान ने कभी भी किसी देश से यह नहीं कहा कि वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बने। कोई ईरान नहीं गया, कोई ईरान से नहीं आया। बल्कि, कुछ देश अपनी मर्जी से आगे आए और उन्होंने हमारे और अमेरिका के बीच बातचीत की पहल कर दी। ओमान और जिनेवा में बातचीत शुरू हुई थी और शुरुआती संकेत सकारात्मक थे। पहले अमेरिका ने 15-सूत्रीय प्रस्ताव दिया, जिसे ईरान ने खारिज किया। इसके बाद ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया। लेकिन अंतिम दौर में अमेरिका ने नई और असामान्य शर्तें रख दीं। उन्होंने कहा, जब यह साफ हो गया कि वे अपनी बात से पीछे हट रहे हैं, तो बातचीत विफल हो गई। होर्मुज अस्थायी रूप से बंद, लेकिन जल्द ही खुल जाएगा भारतीय जहाजों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के पीछे सुरक्षा ही सबसे बड़ा कारण है। जब कुछ अन्य देश इस जलडमरूमध्य के रास्ते अपने युद्धपोत भेजना चाहते थे, तब ईरान को यह कदम उठाना पड़ा। यह कदम किसी एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। उन्होंने विश्वास जताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पहले की तरह सभी देशों के लिए खुल जाएगा, जैसा कि 28 फरवरी से पहले था। यह रोक अस्थायी है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। तीन साल की मासूम ने रोते हुए उतार दी अपनी बाली मौलाना इलाही ने युद्ध के असर को लेकर एक भावुक घटना भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान तीन साल की बच्ची रोते हुए उनके पास आई और अपनी सोने की बाली उतारकर दे दी। बच्ची ने कहा, मैंने सुना है लड़कियों के स्कूल पर बमबारी हुई, कृपया यह ले लो। वह बच्ची यह नहीं जानती थी कि वे बच्चियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैं भावुक हो गया। बाली वापस करते हुए कहा, यह तुम्हारे लिए उपहार है, और उसकी कीमत का दोगुना देने की बात कही। ईरान-भारत संबंध 5,000 साल पुराने, भारतीय दयालु भारत-ईरान संबंधों पर कहा, ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं, बहुत मजबूत हैं। मुझे यकीन है कि ईरान और भारत के बीच संबंध बेहतर हो जाएंगे और विभिन्न पहलुओं शिक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में विस्तारित होंगे। हमारा और अधिक संबंध और मित्रता होनी चाहिए। वास्तव में यहां आने से पहले मैंने भारत के बारे में बहुत कुछ सुना और पढ़ा था कि भारतीय बहुत दयालु, वफादार, बुद्धिमान, ईमानदार और उदार होते हैं। लेकिन वह सब केवल किताबी जानकारी थी। जब भारत को अपनी आंखों से देखा तो महसूस किया कि भारत के लोग दूसरों से अलग हैं। उन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 75 से अधिक देशों की यात्रा की है। वे विश्वविद्यालयों में व्याख्याता और प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के सेमिनारों और सम्मेलनों में व्याख्यान देने के लिए दुनिया भर से आमंत्रित किया गया। उनके अनुसार, इतना बड़ा अनुभव होने के बावजूद उन्होंने जैसी दयालुता, ईमानदारी और मानसिकता भारत में देखी, वैसी किसी और देश में नहीं देखी। यह खबर भी पढ़ें… मौलाना इलाही ने पंडित नेहरू की किताब ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को बताया अद्भुत, छात्रों को पढ़ने की दी सलाह ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भारत

हमले की आशंका में खामेनेई का अंतिम संस्कार रोका:भोपाल में ईरान के प्रतिनिधि का दावा; यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग, बातचीत से पीछे हटने का आरोप

हमले की आशंका इसलिए खामेनेई का अंतिम संस्कार रोका:भोपाल में ईरान के प्रतिनिधि का दावा; यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग, बातचीत से पीछे हटने का आरोप

ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में देरी को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार को भोपाल में कहा कि सुरक्षा खतरे के कारण अंतिम संस्कार अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर लाखों लोग जुटते हैं तो उन पर हमला हो सकता है। मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार इसलिए टाला गया है क्योंकि हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। यदि अंतिम संस्कार आयोजित होता है तो ईरान के शहर मशहद में 2 करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, तो उन पर हमला किया जा सकता है। लेबनान में एक दिन में दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। वैसी स्थिति दोबारा बन सकती है। इसलिए हम हालात पूरी तरह शांत और सुरक्षित होने का इंतजार कर रहे हैं। मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही भोपाल में कोहेफिजा स्थित एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रविवार को आयोजित ‘इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसा’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग मौलाना इलाही ने कहा कि यह युद्ध ईरान ने नहीं छेड़ा, बल्कि यह डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की निजी जंग है। इससे न अमेरिका को फायदा है, न इजराइल को। ईरान ने कभी युद्ध नहीं चाहा। हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध हुआ तो इसका असर कई देशों पर पड़ेगा। हमने बातचीत की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ही हमला किया। ईरान के पास 5,000 साल से अधिक की सभ्यता है, बहुत अच्छे लोग हैं, कारखाने हैं और सब कुछ है। लेकिन दुर्भाग्य से 147 साल पहले से कुछ दूसरे देशों ने ईरान के खिलाफ बहुत सारे प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंध बनाए। 3 दिन में ईरान गिराने की योजना थी, अमेरिकी भी इस युद्ध के खिलाफ मौलाना इलाही ने दावा किया कि अमेरिका को भरोसा था कि वह तीन दिनों में ईरान की सरकार गिरा सकता है। युद्ध के बाद ईरान का नक्शा बदलने की बात कही गई थी। ईरान को पांच हिस्सों में बांटने की योजना थी। युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। 1 लाख से अधिक घर तबाह, कई अस्पताल, विश्वविद्यालय और प्रयोगशालाएं नष्ट, कई कारखाने क्षतिग्रस्त, बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है। अब ईरान अपने घायलों के इलाज के लिए भारत से दवाइयां खरीद रहा है। अमेरिकियों को इस युद्ध से कोई लाभ नहीं है, अमेरिकी सीनेटरों ने इस युद्ध की निंदा की है। आप न्यूयॉर्क के मेयर के बयान पर जाइए, जो मूल रूप से भारतीय हैं। अमेरिकी थोंपने लगे थे अपनी शर्तें, इसलिए विफल हुई वार्ता मौलाना इलाही ने बताया कि ईरान ने कभी भी किसी देश से यह नहीं कहा कि वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बने। कोई ईरान नहीं गया, कोई ईरान से नहीं आया। बल्कि, कुछ देश अपनी मर्जी से आगे आए और उन्होंने हमारे और अमेरिका के बीच बातचीत की पहल कर दी। ओमान और जिनेवा में बातचीत शुरू हुई थी और शुरुआती संकेत सकारात्मक थे। पहले अमेरिका ने 15-सूत्रीय प्रस्ताव दिया, जिसे ईरान ने खारिज किया। इसके बाद ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया। लेकिन अंतिम दौर में अमेरिका ने नई और असामान्य शर्तें रख दीं। उन्होंने कहा, जब यह साफ हो गया कि वे अपनी बात से पीछे हट रहे हैं, तो बातचीत विफल हो गई। होर्मुज अस्थायी रूप से बंद, लेकिन जल्द ही खुल जाएगा भारतीय जहाजों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के पीछे सुरक्षा ही सबसे बड़ा कारण है। जब कुछ अन्य देश इस जलडमरूमध्य के रास्ते अपने युद्धपोत भेजना चाहते थे, तब ईरान को यह कदम उठाना पड़ा। यह कदम किसी एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। उन्होंने विश्वास जताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पहले की तरह सभी देशों के लिए खुल जाएगा, जैसा कि 28 फरवरी से पहले था। यह रोक अस्थायी है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। तीन साल की मासूम ने रोते हुए उतार दी अपनी बाली मौलाना इलाही ने युद्ध के असर को लेकर एक भावुक घटना भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान तीन साल की बच्ची रोते हुए उनके पास आई और अपनी सोने की बाली उतारकर दे दी। बच्ची ने कहा, मैंने सुना है लड़कियों के स्कूल पर बमबारी हुई, कृपया यह ले लो। वह बच्ची यह नहीं जानती थी कि वे बच्चियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैं भावुक हो गया। बाली वापस करते हुए कहा, यह तुम्हारे लिए उपहार है, और उसकी कीमत का दोगुना देने की बात कही। ईरान-भारत संबंध 5,000 साल पुराने, भारतीय दयालु भारत-ईरान संबंधों पर कहा, ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं, बहुत मजबूत हैं। मुझे यकीन है कि ईरान और भारत के बीच संबंध बेहतर हो जाएंगे और विभिन्न पहलुओं शिक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में विस्तारित होंगे। हमारा और अधिक संबंध और मित्रता होनी चाहिए। वास्तव में यहां आने से पहले मैंने भारत के बारे में बहुत कुछ सुना और पढ़ा था कि भारतीय बहुत दयालु, वफादार, बुद्धिमान, ईमानदार और उदार होते हैं। लेकिन वह सब केवल किताबी जानकारी थी। जब भारत को अपनी आंखों से देखा तो महसूस किया कि भारत के लोग दूसरों से अलग हैं। उन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 75 से अधिक देशों की यात्रा की है। वे विश्वविद्यालयों में व्याख्याता और प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के सेमिनारों और सम्मेलनों में व्याख्यान देने के लिए दुनिया भर से आमंत्रित किया गया। उनके अनुसार, इतना बड़ा अनुभव होने के बावजूद उन्होंने जैसी दयालुता, ईमानदारी और मानसिकता भारत में देखी, वैसी किसी और देश में नहीं देखी। यह खबर भी पढ़ें… मौलाना इलाही ने पंडित नेहरू की किताब ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को बताया अद्भुत, छात्रों को पढ़ने की दी सलाह ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भारत