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‘बकरी को उल्टा लटकाया गया’: NCP नेता का आरोप, अजित पवार की मौत से पहले बारामती में किया गया था ‘काला जादू’ | भारत समाचार

Union Home Minister Amit Shah (PTI File)

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 09:35 IST राकांपा के अमोल मितकारी ने दावा किया कि विद्या प्रतिष्ठान एआई भवन के निर्माण स्थल के पास एक “अघोरी पूजा” आयोजित की गई थी, जो कि स्थल पर पवार के निर्धारित आगमन से एक दिन पहले थी। 66 साल के अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे में मौत हो गई थी बारामती में एक विमान दुर्घटना में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजीत पवार की मृत्यु के महीनों बाद, पार्टी के नेता अमोल मिटकारी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन क्षेत्र में विद्या प्रतिष्ठान के पास “काला जादू” हुआ था। अनुभवी राजनेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की 28 जनवरी को चार अन्य लोगों के साथ बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। राज्य विधान परिषद के सदस्य मितकारी ने दावा किया कि विद्या प्रतिष्ठान एआई भवन के निर्माण स्थल के पास पवार के निर्धारित आगमन से एक दिन पहले “अघोरी पूजा” आयोजित की गई थी। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, मितकारी ने लिखा, “विद्या प्रतिष्ठान एआई भवन निर्माण के पास आधी रात को यह भयानक अघोरी पूजा आयोजित की गई। दादा को भवन निर्माण का निरीक्षण करने के लिए सुबह यहां आना था।” 28 दिसंबर 2025 रोजी विद्या प्रतिष्ठान ए आय भवन बांधकामजवळ मध्य रात्रि मंडलेली ही अघोरी पूजा !!दा सकादाळी इथेच भवन बांधकाम पाहणी करण्यासाथी येनार होते।#भयवाह pic.twitter.com/H01JpwtRYM– ए. अमोल गोदावरी रामकृष्ण मिटकरी (@amolmitbari22) 24 अप्रैल 2026 एक अन्य पोस्ट में, राकांपा नेता ने स्थानीय लोगों का हवाला देते हुए दावा किया कि दुर्घटना से पहले खटलापट्टा काटेवाड़ी में पवार के आवास के सामने एक बकरी को उल्टा लटका दिया गया था। उन्होंने कहा, ”खटलापट्टा काटेवाड़ी इलाके में दादा के बंगले के सामने यह भयावह दृश्य, स्थानीय निवासियों का कहना है कि विमान दुर्घटना से पहले, इस स्थान पर एक बकरी को उल्टा लटका दिया गया था और नीचे एक भयानक अनुष्ठान किया गया था।” खातापट्टा कटेवाडी परिसर दादांच्या बंगल्यासमोरिल हे भयंकर दृश्य 🥹विमान अपघाटा पूर्व या ठिकानि बोकड उलटे टांगून खाली अघोरी पूजा केल्याचेइल संग्रहालयात लोकानि सांगितले।चार महिन्यानंतर आशा अवस्थेत हे सर्व आढळलन।अंधश्रद्धा नकाराणाऱ्या दादांचा अंधश्रद्धा मनाना। लोकानि कसा घाट… pic.twitter.com/6Hy136tRqr– ए. अमोल गोदावरी रामकृष्ण मिटकरी (@amolmitbari22) 23 अप्रैल 2026 जांचकर्ताओं से जवाबदेही का आह्वान करते हुए, मितकारी ने कहा, “अंधविश्वास में विश्वास करने वाले लोगों ने दादा पर हमला कैसे किया, जो अंधविश्वास को खारिज करते हैं? यह भयानक सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। डर यहीं खत्म नहीं होता है।” अजित पवार की मौत की जांच अभी भी जारी है. मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है, लेकिन आदेश का इंतजार है. सुनेत्रा पवार ने अजित की मौत पर जताया संदेह बारामती में एक चुनावी रैली के दौरान सुनेत्रा पवार ने अपने पति अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत पर संदेह जताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी को जवाब मिलना चाहिए और अगर किसी की गलती है तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। सुनेत्रा पवार बारामती विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं, जहां अजीत पवार की मृत्यु के बाद उपचुनाव जरूरी हो गया था। विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) और कांग्रेस द्वारा दिवंगत नेता के सम्मान में अपने उम्मीदवार वापस लेने के बाद चुनाव को काफी हद तक एकतरफा मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 09:31 IST न्यूज़ इंडिया ‘बकरी को उल्टा लटकाया गया’: NCP नेता का आरोप, अजित पवार की मौत से पहले बारामती में किया गया था ‘काला जादू’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अजित पवार विमान दुर्घटना(टी)अजित पवार की मौत(टी)बारामती विमान दुर्घटना(टी)एनसीपी नेता के आरोप(टी)काला जादू अनुष्ठान(टी)अघोरी पूजा विवाद(टी)विद्या प्रतिष्ठान एआई बिल्डिंग(टी)सुनेत्रा पवार बारामती

सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 77,000 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 150 अंक नीचे, 24000 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 77,000 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 150 अंक नीचे, 24000 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज यानी शुक्रवार, 24 अप्रैल को सेंसेक्स 600 अंक (0.80%) की गिरावट के साथ 77,000 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 150 अंकों (0.60%) की गिरावट है, ये 24,000 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में रियल्टी में सबसे ज्यादा खरीदारी है, जबकि आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से गिरा बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीजफायर की 22 अप्रैल की डेडलाइन को आगे तो बढ़ा दिया है, लेकिन तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी अब भी जारी रखी है, वहीं ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है। दोनों देशों के बीच बातचीत का पिछला दौर किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाया था, जिसके बाद उम्मीद थी कि पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत होगी। हालांकि, अब निवेशकों को ऐसी किसी भी बातचीत की उम्मीद नहीं है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा भी टल गई है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार अमेरिकी बाजार में 23 अप्रैल को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 23 अप्रैल को 3200 करोड़ के शेयर बेचे इस महीने विदेशी निवेशकों ने 47 हजार करोड़ के शेयर बेचे कच्चा तेल 100 डॉलर के पार ट्रेड कर रहा ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है। एक दिन पहले सेंसेक्स 852 अंक गिरकर 77,664 पर बंद हुआ था सेंसेक्स 23 अप्रैल को 852 अंक (1.09%) गिरकर 77,664 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 205 अंकों (0.84%) की गिरावट रही, ये 24,173 पर आ गया। कल के कारोबार में फार्मा और मीडिया शेयरों में खरीदारी रही, जबकि ऑटो में सबसे ज्यादा बिकवाली।

सीहोर चांदबड़ गांव में खुलेआम बिक रहा गांजा:वीडियो सामने आया, सीएसपी बोलीं- कार्रवाई करेंगे

सीहोर चांदबड़ गांव में खुलेआम बिक रहा गांजा:वीडियो सामने आया, सीएसपी बोलीं- कार्रवाई करेंगे

सीहोर जिले के मंडी थाना क्षेत्र के ग्राम चांदबड़ में अवैध गांजे की बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, चांदबड़ गांव में एक निश्चित स्थान पर यह अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। वीडियो सामने आने के बावजूद मंडी थाना पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि गांव में एक तय जगह पर गांजे का अवैध व्यापार हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस नशे के कारोबार से क्षेत्र के युवा प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस पर उठे सवाल ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुलिस को इस अवैध कारोबार की जानकारी नहीं है, या जानबूझकर इसकी अनदेखी की जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और इलाके को नशा मुक्त बनाने की मांग की है। सीएसपी करेंगे कार्रवाई इस संबंध में सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है। वीडियो में चांदबड़ गांव में एक महिला मादक पदार्थ बेचती दिख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वीडियो का संज्ञान लेकर टीम गठित कर कार्रवाई की जा रही है।

प्रदूषण से बचने के लिए दिल्ली वाले कर रहे पंचकर्म, AIIMS के डॉक्टर बोले- हर कोई साल में एकबार जरूर कराएं

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Last Updated:April 24, 2026, 08:49 IST दिल्ली एनसीआर प्रदूषण से परेशान लोग बॉडी डिटॉक्स के लिए पंचकर्म की ओर बढ़ रहे हैं, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में मांग 50 फीसदी बढ़ी, नया पंचकर्म अस्पताल बनेगा ख़बरें फटाफट नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण कोई नई बात नहीं है. यहां पर हर साल प्रदूषण की वजह से खराब होते जा रहे हालातों की वजह से दिल्ली एनसीआर के लोगों को उनकी सेहत के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. यही वजह है कि दिल्ली एनसीआर के लोग अपने अंदर से प्रदूषण और गंदगी के साथ-साथ पूरी बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए आयुर्वेद की मशहूर पद्धति जिसे पंचकर्म कहते हैं. इसका सहारा ले रहे हैं. यह जानकारी दी है अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने. उन्होंने बताया कि पंचकर्म अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में लगातार बढ़ता जा रहा है. हालत यह है कि पंचकर्म की बढ़ती मांग की वजह से एक नया पंचकर्म अस्पताल भी बनाया जा रहा है. इसके अलावा पंचकर्म का समय भी बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि लोग अपनी बॉडी को डिटॉक्स करना चाहते हैं और इसके लिए पंचकर्म से बेहतर तरीका कोई नहीं है, इसलिए हर किसी को साल में एक बार पंचकर्म जरूर करवाना चाहिए. 50% बढ़ गई है पंचकर्म की मांग निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि लगभग 50% तक लोग अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में सिर्फ पंचकर्म करवाने के लिए आ रहे हैं. जो कि एक बड़ी संख्या है. उन्होंने बताया कि पंचकर्म के जरिए पूरी बॉडी की यानी आपके शरीर के अंदर मौजूद पूरी गंदगी को बाहर निकालने का काम किया जाता है, जिस वजह से आपका शरीर तरोताजा बना रहता है. कोई भी बीमारी पंचकर्म करवाने के बाद आपके शरीर को छू भी नहीं सकती. उन्होंने बताया कि पंचकर्म में कई तरह के तरीके अपनाए जाते हैं, जिस वजह से बॉडी के अंदर मौजूद गंदगी को बाहर निकाला जाता है. इसलिए लोग इस पुरानी पद्धति को अपना रहे हैं और यहां पर पंचकर्म करने वालों की भीड़ तीन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इन बीमारियों के इलाज के लिए आ रहे मरीज निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में इन दिनों किडनी, डायबिटीज, लाइफस्टाइल बीमारियां और मेटाबॉलिज्मबीमारियों के साथ-साथ बुजुर्गों में पैरालिसिस और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर बहुत बढ़ गया है. इस तरह के मरीज आ रहे हैं और तो और स्किन की बीमारियां भी लोगों में तेजी से बढ़ रही है, जिस वजह से ओपीडी फुल हो रही है. हवा में फैला प्रदूषण और खाने से लेकर पानी तक में मिले हुए केमिकल की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं. यही वजह है कि इन सभी दिक्कतों को दूर करने के लिए लोग पंचकर्म का सहारा ले रहे हैं. जिस वजह से उन्हें काफी फायदा भी हो रहा है. वैसे तो साल में इसे एक बार करवाना चाहिए लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो हर 6 महीने में से करवा रहे हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 24, 2026, 08:47 IST

विदिशा में 20 दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित:22 के लाइसेंस निरस्त, अवैध बिक्री पर प्रशासन ने लिए एक्शन

विदिशा में 20 दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित:22 के लाइसेंस निरस्त, अवैध बिक्री पर प्रशासन ने लिए एक्शन

विदिशा जिले में अवैध दवा बिक्री और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में अब तक 22 दवा दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, जबकि 20 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। राजस्व, स्वास्थ्य विभाग और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने ब्लॉक स्तर पर जांच की। इस दौरान ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स रूल 1945 के कई उल्लंघन सामने आए। ड्रग इंस्पेक्टर जॉन प्रवीण कुजूर ने बताया कि थोक दवा विक्रेताओं द्वारा अवैध रूप से खुदरा बिक्री और बिना पंजीकरण के दवाखाने संचालित करने की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। इन ब्लॉकों में हुई कार्रवाई निरस्त किए गए लाइसेंसों में विदिशा ब्लॉक की 1, बासौदा की 10, सिरोंज की 9 और कुरवाई व लटेरी की 1-1 दुकान शामिल हैं। वहीं, बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री और रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर विदिशा में 7, बासौदा में 4, सिरोंज में 7 और कुरवाई में 2 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगे भी जारी रहेगी सख्ती कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थोक दवा लाइसेंसधारियों की सूची तैयार कर नियमित जांच की जाए। साथ ही, एक ही स्थान पर दुकान और क्लिनिक संचालित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के दवा कारोबारियों को नियमों का पालन करने का सख्त संदेश मिला है।

बृजभूषण बोले-हम भार लगते हैं तो एक बार कह दो:2027 या 2029 के चुनाव में दम दिखा देंगे, अब समझाने का वक्त नहीं

बृजभूषण बोले-हम भार लगते हैं तो एक बार कह दो:2027 या 2029 के चुनाव में दम दिखा देंगे, अब समझाने का वक्त नहीं

‘आज सरकार की नजरों में हमारा कोई अस्तित्व नहीं है। हम अनुपयोगी लगते हैं। अगर किसी को ऐसा लगता है कि हम भार बन चुके हैं तो बस एक बार कह दो कि हमारी जरूरत नहीं। 2027 में कह दो। 2029 में कह दो। जब भी मन करे आकर कह दो। हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है या नहीं।’ चुनौती भरे लहजे में ये बातें कैसरगंज सीट से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को बिहार के भागलपुर में कहीं। यहां बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के दौरान बृजभूषण सिंह ने मंच से क्षत्रियों को राजनीति में नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा- अब समय ज्यादा समझाने का नहीं रह गया है। अब समय अपनी ताकत पहचानने का है। ये हमारी गलती है कि जब-जब हमें दबाया गया, हम मौन रहे। यही वजह है कि हमें तवज्जो नहीं दी जाती। ये हमारी कमी है कि हम अपने महापुरुषों कुंवर सिंह, महाराजा देवी बक्श सिंह, झांसी की रानी, बिरसा मुंडा को उचित स्थान नहीं दिलवा सके। ‘हमारा अपराध कि हम अपने महापुरुषों को सम्मान नहीं दिला सके’ बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- देश की आजादी का श्रेय केवल कुछ लोगों तक सीमित कर दिया। कई क्रांतिकारियों को नजरअंदाज किया गया। झांसी की रानी, कुंवर सिंह, महाराजा देवी बक्श सिंह, बिरसा मुंडा, किसी को भी श्रेय नहीं दिया गया। सिर्फ एक ही नारा गूंजा- साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल। बृजभूषण ने एक दोहा पढ़ा- नहीं पाप का भागी केवल व्याध, केवल जो तटस्थ है, जो मौन है, समय लिखेगा उनका भी अपराध। उन्होंने कहा- उस समय समाज का मौन रहना घातक साबित हुआ। ये हमारा अपराध है कि हम अपने महापुरुषों को उनका उचित सम्मान न दिला सके। संविधान का श्रेय अकेले बाबा साहब को ही क्यों? बृजभू‌षण ने कहा- संविधान निर्माण को लेकर भी गलत धारणा बनाई गई। संविधान सभा में 242 सांसद थे, केवल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर नहीं थे। आज एक बार फिर बिहार की धरती पर खड़ा होकर जिम्मेदारी से कहता हूं कि उस समय संविधान सभा में बिहार के लोगों की संख्या सबसे अधिक थी। लेकिन, बिहारियों को श्रेय नहीं मिला। जिसको बुरा लगा हो, आओ चर्चा कर लो। ‘सरकारों की नजरों में आपका कोई अस्तित्व नहीं’ समाज से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए बृजभूषण ने कहा- अगर आप भगवान राम के बताए रास्ते पर चले होते, बप्पा रावल के बताए रास्ते पर चले होते या महाराणा प्रताप के रास्ते पर चले होते, तो आज आप अनुपयोगी न होते। आज सरकारों की नजरों में आपका कोई अस्तित्व नहीं है। ‘2023 में मेरे खिलाफ विश्वव्यापी षड्यंत्र हुआ’ अपने खिलाफ हुए विवादों का जिक्र करते हुए बृजभूषण ने कहा- 2023 में मेरे साथ एक विश्वव्यापी षड्यंत्र हुआ था, लेकिन मैं झुका नहीं। मैं सामने वाले को नहीं जानता था, लेकिन अपने आप को जानता था। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता पढ़ी-है कौन काम ऐसा जग में टिक सके आदमी के मन में… जिसने मरना सीख लिया है जीने का अधिकार उसी को। इसके साथ ही उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई भी पढ़ी- जय हनुमान ज्ञान गुण सागर…। उन्होंने कहा- रामधारी सिंह दिनकर को मानने वाला, बजरंगबली को पूजने वाला व्यक्ति कहां झुकेगा? वीर कुंवर सिंह का अनुयायी कहां झुकेगा? समय समझाने का नहीं, अपनी ताकत पहचानने का बृजभूषण ने अपने संबोधन के अंत में उन्होंने क्षत्रिय समाज से आह्वान करते हुए कहा- आज हमें अपनी कमी तलाशनी है। बल, बुद्धि और विद्या अर्जित करनी है। ये तीन चीज हर हाल में अर्जित करनी होंगी। समाज को न निराश होने की जरूरत है और न ही डरने की। यह समय ज्यादा समझाने का नहीं, बल्कि अपनी ताकत पहचानने का है। पहले भी दबदबा दिखाते रहे हैं बृजभूषण ——————————– भास्कर सर्वे… यूपी- 403 में से 256 सीटों पर भाजपा पहली पसंद:सपा को 135 सीटें; NDA के सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा नुकसान यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर एप के सबसे बड़े सर्वे में फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। यूपी की 403 सीटों में 256 पर भाजपा पहली पसंद बनी। 135 सीटों पर सपा मजबूत दिख रही है। सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा की सहयोगी पार्टियों को होता दिख रहा है। ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा अपनी सभी 6 सीटों पर पिछड़ती दिख रही है। पूरी खबर पढ़िए

ट्रम्प ने लेबनान-इजराइल में 3 हफ्ते का सीजफायर कराया:कहा- ईरान के साथ कोई जल्दबाजी नहीं है, परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार

ट्रम्प ने लेबनान-इजराइल में 3 हफ्ते का सीजफायर कराया:कहा- ईरान के साथ कोई जल्दबाजी नहीं है, परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार

डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में इजराइल और लेबनान के राजदूत स्तर की दूसरी बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर को तीन हफ्तों के लिए बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वह जल्द ही इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन को व्हाइट हाउस बुलाने की योजना बना रहे हैं। ईरान के साथ समझौते को लेकर ट्रम्प ने कहा कि कोई भी डील तभी होगी जब वह अमेरिका के हित में होगी। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में कोई तय समय सीमा नहीं है और वह जल्दबाजी में फैसला नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक पारंपरिक (नॉन-न्यूक्लियर) हमलों से ही ईरान को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है, इसलिए परमाणु हथियारों की जरूरत नहीं है। पिछले 24 घंटे के 3 बड़े अपडेट्स 1. भारत की एडवाइजरी: भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों को हवाई और जमीनी दोनों रास्तों से ईरान जाने से बचना चाहिए। 2. भारतीय जहाज अभी भी फंसे: भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत के 10 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं, जबकि 14 जहाज अब भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। 3. निर्वासित क्राउन प्रिंस का विरोध: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी पर बर्लिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलते वक्त लाल रंग फेंका गया।

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में कहां हुई सबसे बड़ी वोटिंग, कहां हुई सबसे कम? ये रही पूरी लिस्ट

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में कहां हुई सबसे बड़ी वोटिंग, कहां हुई सबसे कम? ये रही पूरी लिस्ट

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित भाजपा प्रत्याशी तमिलसाई सुंदरराजन ने चुनाव आयोग के प्रमुख की भूमिका निभाई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को 234 पिज्जा वाली विधानसभा के लिए सुबह 7 बजे से जारी मतदान पूरा हो चुका है। तमिलनाडु में फेस्टिवल का रंग हरे रंग के चेहरे पर नजर आया, फिर बिछुआ वह पुरुष हो, महिला हो, बुजुर्ग हो, अवशेष हो या पहली बार अपने फ्रैंचाइज़ का इस्तेमाल करने वाले युवा हो। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव आयुक्त के बाद इसे ऐतिहासिक चुनाव कहा है। उन्होंने कहा, ‘आजादी के बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज्यादा प्रतिशत इस बार के चुनाव में दिखा है। चुनाव आयोग बंगाल और तमिल के हर मतदाता को सलाम करता है।’ चुनाव आयोग ने जारी किये टेम्प्लेट चुनाव आंकड़े उन्होंने कहा कि इस बार तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत प्रतिशत ने वोट डाले हैं, जिसमें पुरुषों की संख्या 83.57 प्रतिशत, महिलाओं की संख्या 85.76 प्रतिशत और जेंडर की संख्या 60.49 प्रतिशत शामिल हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में कुल 5.73 करोड़ से 2.80 करोड़ पुरुष अभिनेता, 2.93 करोड़ महिला कलाकार और 7,728 करोड़ जेंडर के मतदाता शामिल हैं। कुल मतदान विलंब से शुरू हुई थी वोट न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी गतिविधियां देखने को मिलीं, जिसके कारण मतदान शुरू होने में देर हो गई। बूथों पर वोटों की गिनती की सूचना पर चुनाव अधिकारियों ने तत्काल प्रभावकारी कदम उठाए, बिना किसी वोटिंग के वोटिंग की प्रक्रिया जारी रखी। इस दौरान बड़ी संख्या में वोटर्स पोलिंग बूथों के बाहर कतारें लगी रहीं। तमिल में कितने बजे मतदान का पात्र क्या रहा? हालांकि, चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ आंकड़ों में आई चुनौतियों के बावजूद, सुबह 9 बजे से 17.69 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं, सुबह 11 बजे तक यह आंकड़ा 37.56 प्रतिशत हो गया था। दोपहर 3 बजे से 70 प्रतिशत और शाम 5 बजे तक तमिल के 82.24% लोग अपना वोट डाल चुके थे। यह भी पढ़ें: ‘मुसलमान टीएमसी की निजी संपत्ति नहीं’, आसनसोल में कार पर हमले के बाद उग्र बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल भाजपा उम्मीदवार तमिलसाई सुंदरराजन ने चुनाव आयोग की सराहना की तमिल में जारी मतदानराज के दौरान मल्लापुर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार तमिलसाई सुंदरन ने अपना वोट डाला। इसके बाद न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार ने चुनाव आयोग के सलाहकार की बात कही। उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव के लिए बहुत अच्छे आंकड़े दिए हैं।’ उन्होंने यह सुनिश्चित किया है. सर की वजह से सभी फर्जी वोट हटा दिए गए हैं।’ सर ने इस दौरान बताया कौन सा नाम, कुल कलाकार कितने? तमिलनाडु में मुख्य पहलवान द्रविड़ मुनेत्र गमकड यानी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडगम यानी एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच है। राज्य में एक ही चरण की वोटिंग हुई, जिसमें 5.73 करोड़ से अधिक 4,000 से अधिक जनसंख्या के भाग्य का निर्णय होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, तमिलनाडु में एस लहर प्रक्रिया से पहले कुछ 6.41 करोड़ थे। सर के दौरान राज्य के मतदाता सूची से 1.02 करोड़ यानि 15.85 प्रतिशत जिले का नाम हटा दिया गया और जिले का आंकड़ा 5.67 करोड़ रह गया। हालाँकि, SIR में कुल मतदाताओं की संख्या 5.73 करोड़ से अधिक हो गई। यह भी पढ़ें: बंगाल में सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला! बोले- अब खेला ख़त्म, विकास करने का वक्त शुरू

बड़वानी में श्री सांवलियाजी पाटोत्सव का समापन:शोभायात्रा और महाप्रसादी में उमड़ी भीड़; गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करने के अभियान

बड़वानी में श्री सांवलियाजी पाटोत्सव का समापन:शोभायात्रा और महाप्रसादी में उमड़ी भीड़; गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करने के अभियान

बड़वानी के रानीपुरा स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर परिसर में श्री सांवलियाजी पाटोत्सव और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। खरगोन के साद परिवार की ओर से पूर्वजों की स्मृति में आयोजित इस धार्मिक उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन की शुरुआत गुरुवार देर शाम विधि-विधान से पूजन और भजन संध्या के साथ हुई। गुरुवार को भगवान श्री सांवलियाजी का अभिषेक, पूजन-अर्चन और स्थापना की गई। इसके बाद एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शाम को संध्या आरती हुई, जिसके बाद रात में महाप्रसादी का वितरण किया गया। गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान यह महाप्रसादी वितरण देर रात तक चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन के दौरान महाप्रसादी स्थल पर गाय को राष्ट्र माता घोषित करने के समर्थन में एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसमें उपस्थित भक्तों से हस्ताक्षर करवाए गए। पूरे आयोजन को सफल बनाने में भगवान श्री सांवलियाजी मंदिर निर्माण और संचालन समिति, साद परिवार तथा विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों और युवाओं का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुवेंदु को जहां दौड़-दौड़कर पीटा, बंगाल चुनाव में वहां हुई बंपर वोट, ये रही पूरी लिस्ट

सुवेंदु को जहां दौड़-दौड़कर पीटा, बंगाल चुनाव में वहां हुई बंपर वोट, ये रही पूरी लिस्ट

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित शेष 142 पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को विधानसभा चुनाव के पहले चरण का ऐतिहासिक वोटर टर्न आउट के साथ पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग के मुख्य इलेक्ट्रोनिक कमिश्नर (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि तमिल और पश्चिम बंगाल (फेज-1) में आजादी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा बैलेट पार्टिसिपेशन रिकॉर्ड किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, लोगों ने बिना डरे मतदान किया और आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हर निवासियों को सलाम करता है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद पहली बार 92.68% वोटिंग दर्ज की गई है। राज्य के 16 अचर्चों की संख्या 3 करोड़ 60 लाख से अधिक है, चुनाव के पहले चरण में अपने फ्रैंचाइज़ का उपयोग किया गया है, जिसमें पुरुषों की संख्या 1.84 करोड़ से अधिक है, महिलाओं की संख्या 1.76 करोड़ से अधिक है और प्रमुख जेंडर के अचर्चों की संख्या 465 है। बंगाल के 16 राज्यों में सबसे ज्यादा वोट टर्न आउट कुटजबिहार जिले में 95.53 प्रतिशत दर्ज किया गया है। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बदलाव या प्रेमिका की वापसी? आज़ादी के बाद रिकॉर्ड वोटिंग, ममता और शाह ने किया ये दावा 16 आदर्श में क्या रहा वोटर टर्न आउट का पात्र चुनाव आयोग के वोटर टर्न आउट ऐप में रात 10 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कुल वोटर टर्न आउट 92.68 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, अगर प्लास्टिक के खाते से बात करें तो, अलीपुरद्वार – 92.03%, बैंकुड़ा – 91.94%, भूबीरम – 94.42%, कुशबिहार – 95.53%, दक्षिण दिनाजपुर – 95.37%, दार्जिलिंग – 88.68%, जलपाईगुड़ी – 94.38%, झारग्राम – 92.11%, कालिमपोंग – 83.01%, मालदा – 93.81%, मुर्शिदाबाद – 93.48%, पश्चिम बर्धमान – 90.26%, पश्चिम मेदिनीपुर – 92.10%, पूर्व मेदिनीपुर – 90.85%, पुरुलिया – 90.61% और उत्तर प्रदेश में 93.89% वोट आउट हुए। दक्षिणी दिनाजपुर में सुवेंदु सरकार के साथ वोट के दौरान मुजफ्फरपुर भी की गई थी। लोगों ने बिना डरे वोटिंग की सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज पूरा हो गया है। 152 विधानसभा में 45 हज़ार वोटिंग में वोटिंग हुई। जोसेफ को सील किया जा रहा है और क्विन स्ट्रांग रूम में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने इस बार बिना किसी डॉक्टर को वोट दिए। रिपोर्ट मुझे मिली है कि राज्य के चारो आयोग की ओर से रखे गए मित्र से काफी खुश थे। अब पश्चिम बंगाल के शेष 142 विधानसभा क्षेत्र में अगले चरण का मतदान अगले सप्ताह शनिवार (29 अप्रैल, 2026) को एडवेंचर क्लास को किया जाएगा और इसके बाद 4 मई, 2026 को लीडरशिप की गिनती और उग्रवाद की घोषणा की जाएगी। यह भी पढ़ें: आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोट, जानें क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार