विदिशा जिले में अवैध दवा बिक्री और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में अब तक 22 दवा दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, जबकि 20 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। राजस्व, स्वास्थ्य विभाग और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने ब्लॉक स्तर पर जांच की। इस दौरान ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स रूल 1945 के कई उल्लंघन सामने आए। ड्रग इंस्पेक्टर जॉन प्रवीण कुजूर ने बताया कि थोक दवा विक्रेताओं द्वारा अवैध रूप से खुदरा बिक्री और बिना पंजीकरण के दवाखाने संचालित करने की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। इन ब्लॉकों में हुई कार्रवाई
निरस्त किए गए लाइसेंसों में विदिशा ब्लॉक की 1, बासौदा की 10, सिरोंज की 9 और कुरवाई व लटेरी की 1-1 दुकान शामिल हैं। वहीं, बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री और रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर विदिशा में 7, बासौदा में 4, सिरोंज में 7 और कुरवाई में 2 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगे भी जारी रहेगी सख्ती
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थोक दवा लाइसेंसधारियों की सूची तैयार कर नियमित जांच की जाए। साथ ही, एक ही स्थान पर दुकान और क्लिनिक संचालित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के दवा कारोबारियों को नियमों का पालन करने का सख्त संदेश मिला है।











































