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दिल्ली एनसीआर प्रदूषण से परेशान लोग बॉडी डिटॉक्स के लिए पंचकर्म की ओर बढ़ रहे हैं, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में मांग 50 फीसदी बढ़ी, नया पंचकर्म अस्पताल बनेगा
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण कोई नई बात नहीं है. यहां पर हर साल प्रदूषण की वजह से खराब होते जा रहे हालातों की वजह से दिल्ली एनसीआर के लोगों को उनकी सेहत के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. यही वजह है कि दिल्ली एनसीआर के लोग अपने अंदर से प्रदूषण और गंदगी के साथ-साथ पूरी बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए आयुर्वेद की मशहूर पद्धति जिसे पंचकर्म कहते हैं. इसका सहारा ले रहे हैं. यह जानकारी दी है अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने.
उन्होंने बताया कि पंचकर्म अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में लगातार बढ़ता जा रहा है. हालत यह है कि पंचकर्म की बढ़ती मांग की वजह से एक नया पंचकर्म अस्पताल भी बनाया जा रहा है. इसके अलावा पंचकर्म का समय भी बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि लोग अपनी बॉडी को डिटॉक्स करना चाहते हैं और इसके लिए पंचकर्म से बेहतर तरीका कोई नहीं है, इसलिए हर किसी को साल में एक बार पंचकर्म जरूर करवाना चाहिए.
50% बढ़ गई है पंचकर्म की मांग
निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि लगभग 50% तक लोग अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में सिर्फ पंचकर्म करवाने के लिए आ रहे हैं. जो कि एक बड़ी संख्या है. उन्होंने बताया कि पंचकर्म के जरिए पूरी बॉडी की यानी आपके शरीर के अंदर मौजूद पूरी गंदगी को बाहर निकालने का काम किया जाता है, जिस वजह से आपका शरीर तरोताजा बना रहता है. कोई भी बीमारी पंचकर्म करवाने के बाद आपके शरीर को छू भी नहीं सकती. उन्होंने बताया कि पंचकर्म में कई तरह के तरीके अपनाए जाते हैं, जिस वजह से बॉडी के अंदर मौजूद गंदगी को बाहर निकाला जाता है. इसलिए लोग इस पुरानी पद्धति को अपना रहे हैं और यहां पर पंचकर्म करने वालों की भीड़ तीन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.
इन बीमारियों के इलाज के लिए आ रहे मरीज
निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में इन दिनों किडनी, डायबिटीज, लाइफस्टाइल बीमारियां और मेटाबॉलिज्मबीमारियों के साथ-साथ बुजुर्गों में पैरालिसिस और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर बहुत बढ़ गया है. इस तरह के मरीज आ रहे हैं और तो और स्किन की बीमारियां भी लोगों में तेजी से बढ़ रही है, जिस वजह से ओपीडी फुल हो रही है. हवा में फैला प्रदूषण और खाने से लेकर पानी तक में मिले हुए केमिकल की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं. यही वजह है कि इन सभी दिक्कतों को दूर करने के लिए लोग पंचकर्म का सहारा ले रहे हैं. जिस वजह से उन्हें काफी फायदा भी हो रहा है. वैसे तो साल में इसे एक बार करवाना चाहिए लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो हर 6 महीने में से करवा रहे हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें












































