पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘महिलाओं से सर तक…’,किस करवट बैठागा घूमना, लालची सभाओं में छा रहा ये बड़ा मुद्दा

पश्चिम बंगाल प्रथम चरण का चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का नामांकन शोर-गुल था। अब राज्य में 23 अप्रैल को 152 मिनट पर वोट डाला जाएगा। ऐसे में पार्टी और ऑटोमोबाइल ने राज्य में जोरदार प्रचार किया है। एक तरफ बीजेपी ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. मोदी से लेकर अमित शाह समेत कई कद्दावर नेता देशभर के लिए प्रचार और रैली कर रहे हैं। यह पहला मतदान होगा, जब बीजेपी की तरफ से अनोखी महिला बिल्लिंग हाउस में गिर गई। इससे पहले बिहार में 17 बार चुनाव हो चुके हैं। यह राज्य का 18वाँ चुनाव है। 3.60 करोड़ के करीब 1,478 करोड़ की किस्मत का फैसला। सीएम ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में आने का रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य साध रही हैं। यह चुनाव उनकी राजनीतिक विरासत को बचाने का भी चुनाव है। हाल के दिनों में बंगाल में बीजेपी का जनाधार बढ़ा है. हालाँकि, बहुमत के आंकड़े कभी पार नहीं किये जा सकते। 2021 में बीजेपी ने 77 करोड़ रुपये की बुकिंग की थी. इस बार राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे. इस बार का चुनाव बीजेपी और उद्योगपतियों के बीच है। इसमें कांग्रेस और कम्युनिस्ट एक साथ चुनावी लड़ रहे हैं। पहले चरण का चुनाव उत्तरी बंगाल और सीमा से जुड़ा हुआ है। इसमें घुसपैठिए, पहचान और जनजातीय राजनीतिक मुद्दे हावी हैं। चुनाव की मित्रता को देखते हुए सुरक्षा टाइट कर रखा गया है। साथ ही हजारों की संख्या में सर्जिकल बूथ और अति स्टूडियो बूथ के रूप में सुझाव दिया गया है। कॉन्सेट्रल के भारी पैमाने पर वास्तुशिल्प और क्वेश्चन पर्यवेक्षण व्यवस्था लागू होती है। इसके अलावा लक्ष्मी शेयर बाजार भी इस चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। इस बार के चुनाव प्रचार में राज्य से नाम, नागरिकता, विदेशी, गद्दार और गद्दार जैसे गद्दार काबला बोल रहे हैं। (इस बार चुनावी प्रचार के छा रहे ये 10 मुख्य मुद्दे…) ‘हटा दिया नाम’ और दुश्मनी पर बहस इस बार का चुनावी प्रचार प्रचारक सूची से नाम निकलने के मुद्दे का अंत-गिरद रहा। आरोप है कि नाम गायब होने से नागरिकता को खतरा है। बीजेपी ने इसे गलत तरीके से बनाए गए दस्तावेज़ को हटाने की प्रक्रिया जारी रखी है। सर पर विवाद इस बार के चुनाव में एस अमीर एक बड़ी राजनीतिक प्रतिष्ठा है। इस प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने राज्य से 91 लाख करोड़ का नाम हटा दिया है। 27 लाख लाॅकहाउस के नाम तारामंडल की श्रेणी में हैं। टीएमसी का आरोप है कि असली वोटर्स को उम्मीदवार बनाया जा रहा है. बीजेपी का कहना है कि ये वोटर लिस्ट की सफाई है. महिला प्राकृतिक बिल पर विवाद 2029 तक महिलाओं के लिए 33% आरक्षण संसद में लागू नहीं होना पाना एक संभावना है। ममता बनर्जी का कहना है कि बीजेपी ने इसे परिसीमन से जोड़ा है, और इसे चमकीला कदम बताया है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने टीएमसी पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. विदेशी / विदेशी / नागरिकता का नैरेटिव बीजेपी अवैध बांग्लादेशी सामान और घुसपैठियों का सामान उठा रही है। वहीं अन्यत्र का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी अल्पसंख्यकों और बैलरों की पहचान का आधार है। ईडी की छापेमारी और I-PAC विवाद ईडी की निष्पक्ष कार्रवाई में इस बार के चुनाव प्रचार पर असर पड़ा है. I-PAC पर हुई कार्रवाई चुनाव प्रचार के काम में आई. यह कंपनी ममता बनर्जी की ब्लॉकचेन रणनीति है। टीएसमी ने इसमें राजनीतिक बदलाव की भावना से की गई कार्रवाई बताई है। वहीं बीजेपी ने इसके खिलाफ कार्रवाई भी सही दी है. मछली बनाम मछलीघर’ की राजनीति राज्य में भाट मछली एक अनोखी सांस्कृतिक खोज है। टीएमसी का दावा है कि बीजेपी मछली, मांस और अंडे (जो बंगाली खाने का मुख्य हिस्सा हैं) पर रोक लगा सकती है। भाजपा इस डर को दूर करने के लिए मछली पकड़ने के साथ चुनावी प्रचार कर रही है। पीएम का झालमुड़ी वाला पल मोदी की झारग्राम रैली के बाद झालमुड़ी खाने वाले वीडियो ने राज्य के लोगों का दिल जीत लिया है. यह इस चुनाव का वायरल खुलासा हुआ है। समकालीन ने इसे राजनीतिक नाटक और नाटक बताया है। बाहरी बनाम भद्रलोक का नैरेटिव इधर, इंदौर एक तरफा बीजेपी को बाहरी बता रही है। तो फिर भाजपा राष्ट्रीय एकता के तहत जवाब दे रही है। सीमा पर आक्रमण और जनसंख्या में परिवर्तन इस बार के चुनाव में बीजेपी ने अतिक्रमण और जनसंख्या में बदलाव लाये। यह भाजपा की मुख्य सूची है। बीजेपी का दावा है कि घुसपैठ की वजह से जनसंख्या में बदलाव भी हुआ है. .साथ ही इसे भी कहते हैं डर की राजनीति. किशोर-किशोरी बनाम पहचान की राजनीति उद्योग एक तरफ अपनी सरकारी मंजूरी को जनता के सामने रख रही है, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इस बार सोनार थोक बाजार में निवेशकों की संख्या बढ़ा रही है। 2011 से सत्य में है स्वर्ग पिछली बार पश्चिम बंगाल में जबरदस्त वोटिंग हुई थी। कुल 83.18% वोटिंग हुई थी. कैथोलिक कांग्रेस राज्य में पिछले 2011 से सत्ता में है। ममता बनर्जी का रिकॉर्ड चौथी बार सत्य में एक प्रयास कर रही है। बीजेपी का ध्यान से जुड़े संघ, स्वायत्तशासी एसोसिएटेड एसोसिएशन और सत्ता-विरोधी लहर पर केंद्रित होने से यह मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है। जिन स्थापत्य पर होनहार है वोट उन स्थानों पर क्या हाल है? अगर पश्चिम बंगाल में पहले चरण की रेज़्यूमे पर नजर डालें तो यहां इवेंट के करीब 92 बाकी हैं, तो वहीं बीजेपी के करीब 59 पर नजर डालें। इनमें से एक है. करीब 3.6 करोड़ वोटर्स पहले चरण में वोट डालेंगे। इनमें 1.84 पुरुष मतदाता हैं, तो वहीं महिला मतदाता 1.75 करोड़ हैं। इन रेज़्यूमे पर 149 प्रतियोगी हैं, तो वहीं फ़्लोरिडा के 152 प्रतियोगी हैं। वहीं कांग्रेस के 151 अभ्यर्थी हैं. सीपीएम ने उम्मीवारों पर 98 पोस्ट किए हैं। सीपीआई के 13 उम्मीदवार और एआईएमआईएम के 9 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन दस्तावेज़ों पर नजर रहेगी इस चुनाव में पूर्व मेदिनीपुर की नंदीग्राम विधानसभा सीट से बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को पवित्र कर से टक्कर दी है. अधिकारी ममता बनर्जी के मुखर विरोधी हैं. इसके अलावा दक्षिण मेदिनीपुर में खड़गपुर सदर सेबीजेपी ने दिलीप घोष
लखनऊ में LSG का RR से मुकाबला कल:मार्करम बोले- घर में दम दिखाना होगा, जुरैल ने कहा- सचिन ने मेरी विकेट कीपिंग देखी

इकाना में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मंगलवार को IPL मैच खेला जाएगा। मुकाबले से पहले PC कर दोनों टीमों ने जीत का दावा किया है। LSG के एडम मार्करम ने साफ कहा- घरेलू मैदान पर बेहतर खेल दिखाना ही होगा। वहीं RR के ध्रुव जुरैल ने कहा- होम ग्राउंड पर खेलने को लेकर एक्साइटेड हूं। मार्कम ने कहा- घर पर खेल रहे हैं, तो हमें इसका फायदा उठाना होगा। टीम बैलेंस्ड है। युवा वैभव सूर्यवंशी को ग्रेट टैलेंट बताते हुए कहा कि बॉलर्स उनके खिलाफ प्लान के साथ उतरेंगे। जुरैल ने कहा-जब सचिन तेंदुलकर ने मेरी विकेटकीपिंग देखी, वो मेरे लिए खास पल था। जुरैल बोले- वापसी के लिए तैयार, 3-4 मैच जीतेंगे जुरैल ने कहा- तैयारी अच्छी है। यह मेरा होम ग्राउंड है, एक्साइटमेंट ज्यादा है। हमने जीत से शुरुआत की, दो मैच हारे, लेकिन अब लगातार जीत की कोशिश रहेगी। जुरैल ने रवि विश्नोई को मिडिल ओवर का अहम गेंदबाज बताया और कहा- उन्हें अंडर-19 से जानता हूं, उन्होंने शानदार वापसी की है। साथ ही कुमार संगकारा से सीखने को टीम के लिए बड़ा मौका बताया। सचिन ने देखा, सपना पूरा जुरैल ने कहा- जब सचिन तेंदुलकर ने मेरी विकेटकीपिंग देखी, वो मेरे लिए खास पल था। ऐसा लगा जैसे सपना सच हो गया। मैच डे पर सोशल मीडिया से दूरी रखते हैं ताकि फोकस बना रहे। जुरैल ने कहा-वैभव ने 6 में 4-5 मैचों में शानदार शुरुआत दी है। ओपनर्स के रन बनाने से टीम को क्लैरिटी रहती है कि आगे कैसे खेलना है। टीम की बल्लेबाजी लय में नहीं एडम मार्करम ने माना है कि टीम की बल्लेबाजी इस समय पूरी लय में नहीं है। कहा- कई बार बड़े शॉट खेलने की कोशिश में गेंद सीधे फील्डर के पास चली जाती है। इससे रन नहीं बन पाते और स्ट्राइक रेट पर भी असर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने इसे चिंता का विषय नहीं बताया और कहा कि उनका फोकस टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है। पूरी बल्लेबाजी का एक साथ संघर्ष कम देखने को मिलता मार्करम ने कहा- एक-दो खिलाड़ियों का खराब फॉर्म में होना सामान्य बात है, लेकिन पूरी बल्लेबाजी का एक साथ संघर्ष करना कम ही देखने को मिलता है। पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच का जिक्र करते हुए कहा- उस मुकाबले में टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। होम ग्राउंड को बनाना चाहते हैं मजबूत किला हर टीम चाहती है कि उसका घरेलू मैदान मजबूत किले की तरह बने। यहां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर टीम फैंस को खुशी देना चाहती है। ओपनिंग जोड़ी में बदलाव को लेकर मार्करम ने कहा- मौजूदा समय में खिलाड़ियों को हर परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। पिछले सीजन में टीम को अच्छी शुरुआत मिली थी, लेकिन इस बार वैसा नहीं हो पाया। फिर भी उन्हें खिलाड़ियों की क्षमता पर पूरा भरोसा है और नई ओपनिंग जोड़ी बेहतर शुरुआत दे सकती है। पूरन पर जताया भरोसा वहीं, निकोलस पूरन को लेकर कहा- वह बड़े खिलाड़ी हैं। उनके फॉर्म को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आता है, लेकिन जब पूरन लय में होते हैं तो अकेले दम पर मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। …………………………… संबंधित खबर भी पढ़ें राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जॉयंट्स टीम राजधानी पहुंची:कल इकाना में IPL मैच, ब्लू टी-शर्ट और ब्लैक पैंट में दिखे वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स की टीम सोमवार देर शाम लखनऊ पहुंची। एयपरपोर्ट से खिलाड़ी सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेंट्रम होटल पहुंचे। यहां पर उनका जोरदार वेलकम हुआ। यह खबर भी पढ़ें
विदिशा में गेहूं उपार्जन पर कांग्रेस का प्रदर्शन:रैली निकालकर उठाई किसानों की आवाज; समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा जिले में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उपार्जन प्रक्रिया में बड़े किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं, जबकि वे भी KCC के जरिए कर्ज लेकर खेती करते हैं। सैटेलाइट आधारित स्लॉट बुकिंग को उन्होंने जटिल बताया। कांग्रेस ने कहा कि कई केंद्रों पर तुलाई में विसंगतियां हैं। कहीं कम रकबे पर ज्यादा स्लॉट, तो कहीं ज्यादा रकबे पर कम स्लॉट मिल रहे हैं। तुलाई के बाद भुगतान में देरी, बारदाने की कमी और वेयरहाउस में सीमित तुलाई जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। क्षमता से कम हो रही खरीदी, किसानों को नुकसान जहां प्रतिदिन 2500-3000 क्विंटल तुलाई होनी चाहिए, वहां केवल 1500 क्विंटल ही हो पा रही है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने शनिवार की छुट्टी खत्म कर उस दिन भी तुलाई शुरू करने की मांग की, ताकि कम समय में अधिक उपार्जन हो सके। नेताओं ने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण खुले में रखा गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है, जिससे किसानों को और नुकसान हो सकता है। प्रदेश सचिव आनंद प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की व्यवस्था ऐसी है, जिससे किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर व्यापारियों को बेचने को विवश हो रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 25 मई तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जिले की सभी समितियों पर मुख्यमंत्री का ‘आंख बंद’ पुतला रखकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
गुजरात में फूड पॅाइजनिंग से 200 लोग बीमार:59 को अस्पताल में भर्ती, शादी में आम का जूस पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी

गुजरात के दाहोद जिले में शादी के दौरान फूड पॅाइजनिंग से 200 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इनमें से 59 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना सोमवार रात की है। शादी में 400 से ज्यादा लोग पहुंचे थे। रात 8 बजे के आसपास डिनर शुरू हुआ। कुछ लोगों के मुताबिक, आम का जूस पीने के बाद तबीयत बिगड़ने लगी। बीमार लोगों को तुरंत नजदीकी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बाद में यह संख्या 200 से ज्यादा हो गई। देखें तस्वीरें… लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द दाहोद कलेक्टर योगेश निर्गुडे ने बताया कि अभलोड गांव में शादी के दौरान खाना खाने के बाद 230 लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टर डॉ. राजीव डामोर ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत ठीक है।
बैतूल में कचरे से भड़की आग पेड़ों तक पहुंची:कॉलेज चौक पर पेड़ जले, धनोरा में डीपी क्षतिग्रस्त; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

मंगलवार को बैतूल के कॉलेज चौक के पास कचरे में लगी आग तेजी से फैलकर पास खड़े पेड़ों तक पहुंच गई। लपटें और धुआं उठते देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दूसरी घटना धनोरा क्षेत्र में हुई, जहां आग की चपेट में आने से बिजली विभाग की डीपी जल गई। इस दौरान धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि ट्रांसफार्मर सुरक्षित रहा और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी और सूखे कचरे को आग लगने की वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से खुले में कचरा न जलाने और सावधानी बरतने की अपील की है। 4 तस्वीरों में देखिए आग…
केरलम में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 13 की मौत:10 शव बरामद, 3 लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे मिले; 40 मजदूर काम कर रहे थे

केरलम के त्रिशूर जिले में मंगलवार दोपहर 3.30 बजे पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। फैक्ट्री में कई लोग झुलस गए। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, मौके से 10 शव मिले, जबकि 3 लोगों के शरीर के हिस्से बरामद हुए। हादसे के समय शेड में करीब 40 लोग मौजूद थे। फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन रुक-रुक कर विस्फोट होने से रेस्क्यू में दिक्कत आई। हादसे के बाद की 3 तस्वीरें… मृतकों के परिवार को 2-2 लाख का मुआवजा पीएम मोदी ने हादसे में मरने वाले लोगों के लिए संवेदना जताई और मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार के मुआवजे का ऐलान किया है। पीएम ने कहा- जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। रविवार को तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था, 25 जानें गईं तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 मजदूर काम कर रहे थे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान एक और विस्फोट हुआ। इसमें पुलिस, फायर और रेस्क्यू टीम के 13 लोग घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु फैक्ट्री ब्लास्ट- मरने वालों की संख्या 25 हुई:इनमें 20 एक ही गांव के; शेड में 4 की जगह 40 मजदूर काम कर रहे थे तमिलनाडु के विरुधुनगर में रविवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। हादसे में मृत लोगों के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और विरुधुनगर में सड़क जाम कर विरोध शुरू कर दिया। वे हर पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता में मछली-भात के शौकीन अनुराग ठाकुर, ऐसा क्या बोले कि बंगाल की राजनीति में हंगामा!

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित मैसाचुसेट्स डेमोक्रेट श्रृंगला ने मत्स्य उद्योग के विकास पर चिंता जताई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच कई दलों को लेकर गुटबाजी मची हुई है। इस घमासान में एक प्रमुख पशुधन पशुपालक को भी लेकर आया है। बंगाल में 2018 में स्थापित प्लास्टिक कैथोलिक कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी अगर सत्ता में है तो मांस, मछली खाने पर रोक लगा देगी। इस बीच आयोजित भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारंपरिक मछली-भात में एक राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस राज्य में खाने-पीने को लेकर भ्रम और डर फैलाने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी सरकार पर अनुराग ठाकुर का हमला अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं। ‘भाजपा के 16 राज्यों में और 20 राज्यों में सरकार है, लेकिन कहीं भी किसी के खान-पान, पूजा या अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं है।’ उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासनकाल में कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, इसलिए वह डॉक्टर, ब्रह्मा और अफवाहों की राजनीति कर रहे हैं। #घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर कहते हैं, ”हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं. बीजेपी की 16 राज्यों में सरकार है, एनडीए की 20 राज्यों में सरकार है, और कहीं भी किसी के भाषण, भोजन या पूजा पर कोई प्रतिबंध नहीं है… लेकिन ममता बनर्जी को कोई… pic.twitter.com/osZNgKOZyN – एएनआई (@ANI) 21 अप्रैल 2026 उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा, ‘यहां अपराध और आराम का माहौल है। इसी वजह से निवेश नहीं आ रहा और युवाओं का ब्रेन बिजनेस हो रहा है। लोग राज्य से बाहर जा रहे हैं।’ उन्होंने आगामी राजनीतिक बदलावों का संकेत देते हुए कहा कि 4 मई को आएंगे, लैंडस्केप जाएंगे। यह भी पढ़ें: ‘बंगाल-तमिलनाडु’ में ‘प्रमोशन का शोर’, अब 23 अप्रैल को अचानक आया फैसला बंगाल में मत्स्य उद्योग का प्लॉट विकास नहीं हुआः आरआरबी वहीं, इस मुद्दे पर डेमोक्रेट डेमोक्रेट श्रंगला ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, ‘मुझे हर तरह की मछलियां पसंद हैं, काइगर शिंगड़ी, मागुर, पाबड़ा, रोहू या कटला हो, लेकिन दुख की बात है कि बंगाल, जहां समुद्र, नदियां और तालाब हैं, वहां मत्स्य उद्योग स्तर पर मत्स्य उद्योग स्तर विकसित नहीं हुआ है।’ कोलकाता, पश्चिम बंगाल: राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला कहते हैं, “मैं अपने बारे में बात करना शुरू करता हूं। मेरा पसंदीदा भोजन मछली है। और मुझे हर तरह की मछली पसंद है, चाहे वह चिंगरी हो, चाहे वह मगुर माच हो, चाहे वह पाबदा हो, चाहे वह रूही हो, चाहे वह कतला हो। तो मैं… pic.twitter.com/IqlAaecKfx – आईएएनएस (@ians_india) 21 अप्रैल 2026 श्रृंगला ने दावा किया कि सिलीगुड़ी में जो मछलियां हैं, वह आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात से आती हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं पूछता हूं कि बंगाल में मछली कहां है? तो जवाब मिला यहां की मछली तो है ही नहीं. ‘क्योंकि उद्यम ने मत्स्य पालन में निवेश नहीं किया और किसानों की अनदेखी की।’ कोलकाता में मछली-भात की यह तस्वीर सिर्फ एक सांस्कृतिक संकेत नहीं रह रही है, बल्कि मौलाना बयानबाजी का हिस्सा बन गई है, जहां भोजन की थाली से लेकर विकास के मुद्दे तक, सभी कुछ राजनीतिक चर्चा का केंद्रबिंदु दिख रहे हैं। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: पीएम मोदी पर बड़ा बयान, फिर दी सफाई, भड़की बीजेपी बोली- मांगो मार्जिन
एबीपी ग्राउंड रिपोर्ट: दक्षिण दिनाजपुर में बंद पड़ी लाइब्रेरी बनी बेरोजगारी, शिक्षा संकट पर किससे आम जनता का साथ?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित शिक्षा, रोजगार की कमी से लोग नाराज, दिशाहीन। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पहले चरण का नामांकन शोर शांत हो चुका है और अब 23 तारीख को पहले चरण का मतदान होना है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की हलचल के बीच, बिजला जिला दक्षिण दिनाजपुर एक अलग तरह की हलचल से गुजर रहा है। यहां ऑक्सफोर्ड शोर के पीछे एक मानवीय संकट गहराता दिख रहा है, पुरानी और पारंपरिक लाइब्रेरी का बंद होना। शिक्षा का यह ढाँचागत ढाँचा धीरे-धीरे ख़त्म होता जा रहा है और स्थानीय लोग इसे सिर्फ तीन साल के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के साथ-साथ पढ़ते हुए मान रहे हैं। बालुराघाट से लेकर हिली तक का रास्ता इस संकट की गवाही देता है। सड़क किनारे लगे कई सरकारी पुस्तकालय अब बंद शटर और जंग किनारे के पीछे स्थित हैं। कभी जहां छात्र-छात्रा स्कायर में डूबे रहते थे, वहीं अब छात्रा पसरा है। एक स्थानीय यात्री छात्र हैं, ‘यह लाइब्रेरी सालभर बंद रहती है। पहले हम ‘नोटबुक’ लेकर अध्ययन करते थे।’ वहीं एक युवा छात्र ने कहा, ‘मुझे तो पता ही नहीं था कि यह लाइब्रेरी है।’ यह सिर्फ एक या दो जगह की कहानी नहीं है. जिले भर में 57 पुस्तकालयों में से अधिकांश या तो बंद हैं या बेहद खराब स्थिति में चल रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सूरज दास कर्मचारी हैं, ‘पिछले 10-15 वर्षों से पुस्तकालय बंद होने का डर था। अब हालात ये हैं कि लाइब्रेरी में करीब 90 प्रतिशत स्टाफ की भारी कमी है। कई जगह प्रोटोटाइप कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।’ शिक्षा से गहरा संकट स्थानीय शिक्षण वर्ग का मानना है कि यह केवल वास्तुशिल्प का विनाश नहीं है, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक पतन की शुरुआत है। यह लाइब्रेरी कभी सिर्फ कथावाचक का केंद्र नहीं रही, यह संवाद, विचार और समाज के निर्माण की जगह थी। अब उनका समापन एक पूरी पीढ़ी के उत्कृष्ट विकास पर प्रभाव डाल सकता है। दक्षिण दिनाजपुर जैसे पुरातात्विक जिले में, जहां पहले से ही पुस्तकालय की कमी है, वहां पुस्तकालय का महत्व और विकास हो रहा है, लेकिन स्थिर असमानताओं में यह पुरातात्विक संरचना ही दम तोड़ती नजर आ रही है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: पीएम मोदी पर बड़ा बयान, फिर दी सफाई, भड़की बीजेपी बोली- मांगो मार्जिन झील क्षेत्र: प्रतिस्पर्धी प्रतिस्पर्धा, कई परतें राजनीतिक रूप से यह जिला इस बार बेहद दिलचस्प ग्राहकों का गवाह है। मुख्य लड़ाई कैथोलिक कांग्रेस और भाजपा के बीच मनी जा रही है, लेकिन कांग्रेस और वाम दल भी अपना खोया आधार वापस पाने की कोशिश में हैं। 2021 विधानसभा चुनाव में कुल 6 मंजिलों में से 3 मंजिलें और 3 मंजिलें भाजपा में शामिल हुईं। कश्मीरी ने कुशमंडी, कुमारगंज और हरिरामपुर पर कब्जा कर लिया, जबकि बीजेपी ने बालुरघाट, तपन और गंगारामपुर पर कब्जा कर लिया। 2024 के चुनाव में दोनों दल अपने-अपने गढ़ से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन इस बार अलग-अलग दिख रहे हैं। बीजेपी का हमला: ‘पूरी तरह विफल सरकार’ जिले के भाजपा अध्यक्ष सुरजीत चौधरी का सरकार पर आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है, राजमार्ग परियोजना भूमि अधिग्रहण के कारण रुकी हुई है और शिक्षा व्यवस्था खराब हो रही है। दक्षिण दिनाजपुर में वर्जिन पूरी तरह से विफल रही है। लाइब्रेरी की समस्या खुद बताएं कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। बीजेपी का दावा है कि वह 2021 और 2024 के गठबंधन में इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी और जिलों में अपनी पकड़ मजबूत बनाएगी। यह भी पढ़ें: ‘बंगाल-तमिलनाडु’ में ‘प्रमोशन का शोर’, अब 23 अप्रैल को अचानक आया फैसला वैज्ञानिक का उत्तर: ‘राजनीतिक सिद्धांत’ वैश्विक इस मुद्दे को स्वीकार तो किया जाता है, लेकिन इसे चुनावी हथियार के रूप में पेश किये जाने का विरोध किया जाता है। बालुराघाट से प्रत्याशित अल्पास्था घोषा को सभी लोगों द्वारा नामांकित किया जाता है, लेकिन इसे दूर करने के लिए भविष्य में कदम रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘भाजपा जब से बंगाल में दूसरे स्थान पर है, वह यहां की मजबूती की कोशिश कर रही है। ये खतरनाक है. बालुराघाट की अपनी एक पहचान थी, जो अब बदल रही है।’ निर्भय घोष का दावा है कि जातीय विभाजन और बाहरी हस्तक्षेप जैसे सामाजिक आंदोलन को लेकर जनता में असंतोष है, जो भाजपा के खिलाफ हो सकता है। जमीनी हकीकत: नामांकित है, लेकिन दिशा अज्ञात है जमीनी स्तर पर बात करने पर साफ होता है कि लोगों में पेपर-पिलिटरी शिक्षा, रोजगार और फुटपाथ-बिस्तरों को लेकर आती है, लेकिन यह पेपर किस राजनीतिक दिशा में जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एक कॉलेज के छात्र कहते हैं, ‘हमें लाइब्रेरी चाहिए, नौकरी चाहिए। नेता आते हैं, वादे करते हैं, लेकिन कुछ नहीं बदलते।’ एक स्थानीय व्यापारी का कहना है, ‘यहां निवेश नहीं हो रहा है।’ युवा बाहर जा रहे हैं. चुनाव में हम उसी को वोट देंगे जो कुछ ठोस होगा.’ दक्षिण दिनाजपुर का बड़ा सवाल दक्षिण दिनाजपुर में इस बार का चुनाव सिर्फ नामांकन की लड़ाई नहीं है। यह विकास मॉडल, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक वर्गीकरण की दिशा तय करने वाला चुनाव बनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में कुल छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं और ये सभी बालुरघाट भी आंध्र प्रदेश में आते हैं। इनमें कुशमंडी (एससी), कुमारगंज, बालूरघाट, तपन (एसटी), गंगारामपुर (एससी) और हरिरामपुर शामिल हैं। ये सभी क्षेत्रीय क्षेत्र आगामी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अहम माने जा रहे हैं। (रिपोर्टः दीपक घोष) यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: ‘भ्रष्ट है टीएमसी, सुरक्षित नहीं है बंगाल’, ममता के नारे पर शिक्षा मंत्री, प्रधान मंत्री ने बताया बीजेपी के लिए क्या है मुद्दा
39वें नेशनल गेम्स की तैयारी:मंत्री रेखा आर्या का अल्टीमेटम- 24 घंटे में दें नेशनल गेम्स का एक्शन प्लान, इस बार हमें ज्यादा मेडल चाहिए

नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में होने वाले आगामी 39वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड का पूरा फोकस पदकों की संख्या में भारी इजाफा करने पर है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में खेल विभाग की अहम समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी का पूरा एक्शन प्लान उनके टेबल पर होना चाहिए। नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों को देंगे अपना इंफ्रास्ट्रक्चर खेल मंत्री ने अधिकारियों को एक अहम निर्देश देते हुए कहा कि अगर मेघालय या अन्य नॉर्थ-ईस्ट राज्यों के पास साइकिलिंग और शूटिंग जैसे खेलों के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, तो उन्हें उत्तराखंड में ये सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया जाए। इसके साथ ही, खिलाड़ियों के लिए सघन प्रशिक्षण शिविर लगाने, खेल संघों के साथ तालमेल बिठाने और नेशनल गेम्स से पहले उत्तराखंड में ज्यादा से ज्यादा नेशनल चैंपियनशिप आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। जुलाई से शुरू हो जाएगी हल्द्वानी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बैठक में हल्द्वानी के गौलापार में बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के काम की भी समीक्षा की गई। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जुलाई से यहां पहला शैक्षणिक सत्र शुरू करने का लक्ष्य है। इसके लिए जरूरी ‘करिकुलम कमेटी’ और ‘परिनियमावली कमेटी’ का गठन कर दिया गया है। साथ ही, पदों के सृजन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा गया है। स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी के लिए विभाग में ही बनेंगे पद उत्तराखंड के होनहार खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने के मामले में विभाग ने नई रणनीति बनाई है। खेल विभाग चाहता है कि इसके लिए किसी अन्य विभाग पर निर्भर रहने के बजाय खेल विभाग में ही अधिसंख्य पद बनाए जाएं। अधिकारियों को इस पर तेजी से कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन नीतियों में भी होगा बड़ा बदलाव: मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और संविदा प्रशिक्षक नीति के शासनादेश में जरूरी संशोधन किए जाएंगे, ताकि इन योजनाओं का सीधा फायदा खिलाड़ियों तक पहुंच सके। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार राज्य में “एक जनपद एक खेल” नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। बैठक में विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई और उपनिदेशक शक्ति सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
झंडा दिवस निधि में हरदा प्रदेश में दूसरे स्थान पर:लक्ष्य से दोगुनी राशि संग्रह, 11 साल से टॉप तीन में, राज्यपाल के हाथों कलेक्टर सम्मानित

भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि संग्रहण में हरदा जिले को पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। इस उपलब्धि के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को सम्मानित किया। हरदा जिले ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित लक्ष्य 2,75,900 रुपए के मुकाबले 6,20,725 रुपए की राशि एकत्रित की। यह राशि निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक है, जिसके कारण जिले को यह सम्मान प्राप्त हुआ। यह सम्मान लोक भवन, भोपाल में आयोजित समामेलित विशेष निधि प्रबंधन समिति की 25वीं वार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया। बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की, जिन्होंने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्टर जैन को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी भेंट की। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि हरदा जिला पिछले 11 वर्षों से लगातार “झंडा दिवस निधि” के लिए लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहण के मामले में प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहा है।







