- मैसाचुसेट्स डेमोक्रेट श्रृंगला ने मत्स्य उद्योग के विकास पर चिंता जताई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच कई दलों को लेकर गुटबाजी मची हुई है। इस घमासान में एक प्रमुख पशुधन पशुपालक को भी लेकर आया है। बंगाल में 2018 में स्थापित प्लास्टिक कैथोलिक कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी अगर सत्ता में है तो मांस, मछली खाने पर रोक लगा देगी। इस बीच आयोजित भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारंपरिक मछली-भात में एक राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस राज्य में खाने-पीने को लेकर भ्रम और डर फैलाने की कोशिश कर रही है।
ममता बनर्जी सरकार पर अनुराग ठाकुर का हमला
अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं। ‘भाजपा के 16 राज्यों में और 20 राज्यों में सरकार है, लेकिन कहीं भी किसी के खान-पान, पूजा या अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं है।’ उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासनकाल में कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, इसलिए वह डॉक्टर, ब्रह्मा और अफवाहों की राजनीति कर रहे हैं।
#घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर कहते हैं, ”हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं. बीजेपी की 16 राज्यों में सरकार है, एनडीए की 20 राज्यों में सरकार है, और कहीं भी किसी के भाषण, भोजन या पूजा पर कोई प्रतिबंध नहीं है… लेकिन ममता बनर्जी को कोई… pic.twitter.com/osZNgKOZyN
– एएनआई (@ANI) 21 अप्रैल 2026
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा, ‘यहां अपराध और आराम का माहौल है। इसी वजह से निवेश नहीं आ रहा और युवाओं का ब्रेन बिजनेस हो रहा है। लोग राज्य से बाहर जा रहे हैं।’ उन्होंने आगामी राजनीतिक बदलावों का संकेत देते हुए कहा कि 4 मई को आएंगे, लैंडस्केप जाएंगे।
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बंगाल में मत्स्य उद्योग का प्लॉट विकास नहीं हुआः आरआरबी
वहीं, इस मुद्दे पर डेमोक्रेट डेमोक्रेट श्रंगला ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, ‘मुझे हर तरह की मछलियां पसंद हैं, काइगर शिंगड़ी, मागुर, पाबड़ा, रोहू या कटला हो, लेकिन दुख की बात है कि बंगाल, जहां समुद्र, नदियां और तालाब हैं, वहां मत्स्य उद्योग स्तर पर मत्स्य उद्योग स्तर विकसित नहीं हुआ है।’
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला कहते हैं, “मैं अपने बारे में बात करना शुरू करता हूं। मेरा पसंदीदा भोजन मछली है। और मुझे हर तरह की मछली पसंद है, चाहे वह चिंगरी हो, चाहे वह मगुर माच हो, चाहे वह पाबदा हो, चाहे वह रूही हो, चाहे वह कतला हो। तो मैं… pic.twitter.com/IqlAaecKfx
– आईएएनएस (@ians_india) 21 अप्रैल 2026
श्रृंगला ने दावा किया कि सिलीगुड़ी में जो मछलियां हैं, वह आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात से आती हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं पूछता हूं कि बंगाल में मछली कहां है? तो जवाब मिला यहां की मछली तो है ही नहीं. ‘क्योंकि उद्यम ने मत्स्य पालन में निवेश नहीं किया और किसानों की अनदेखी की।’
कोलकाता में मछली-भात की यह तस्वीर सिर्फ एक सांस्कृतिक संकेत नहीं रह रही है, बल्कि मौलाना बयानबाजी का हिस्सा बन गई है, जहां भोजन की थाली से लेकर विकास के मुद्दे तक, सभी कुछ राजनीतिक चर्चा का केंद्रबिंदु दिख रहे हैं।
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