Saturday, 24 Oct 2026 | 10:42 PM

Trending :

बच्चों के पार्क में ड्रग्स बेचने वालों का कब्जा:कुणाल कोहली ने जताई चिंता, बोले- बिना कपड़ों के सोते हैं लोग; मुंबई पुलिस से की शिकायत सलमान की ‘मातृभूमि’ को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं:दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी अटकी फिल्म; सेंसर सर्टिफिकेट और रिलीज डेट पर सस्पेंस कायम Kuldeep Rathore Success Story | JEE Advanced Failure to IIT Madras Startup टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा बीजेपी पर फिर भड़के नसीरुद्दीन शाह:अपशब्द कहते हुए झूठी पार्टी बताया; छात्रों को धमकाने और हॉस्टल खाली कराने का लगाया आरोप
EXCLUSIVE

गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

मन्दसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां बसे दो चीतों ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने प्रवास का एक वर्ष सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल वन विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। दरअसल, इन दोनों चीतों को चीता प्रोजेक्ट के तहत 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया था। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। नए माहौल में बेहतर तालमेल के संकेत एक साल के इस सफर में ‘प्रवास’ और ‘पावक’ ने नए वातावरण में खुद को सफलतापूर्वक ढालते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों चीते स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों में स्वाभाविकता दिखाई दे रही है, जो इस परियोजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है। हाईटेक निगरानी में सुरक्षित हैं चीते वन विभाग द्वारा दोनों चीतों की लगातार और सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम, जीपीएस कॉलर और विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से उनके खान-पान, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो और वे प्राकृतिक परिवेश में सुरक्षित रह सकें। जैव विविधता संरक्षण में मील का पत्थर विशेषज्ञों का मानना है कि इन चीतों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करना मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल जैव विविधता को सशक्त करेगा, बल्कि भविष्य में अन्य वन्यजीव पुनर्वास परियोजनाओं के लिए भी एक सफल मॉडल के रूप में उभरेगा। भविष्य में बनेगा चीतों का स्थायी घर आने वाले समय में उम्मीद जताई जा रही है कि ‘प्रभास’ और ‘पावक’ न केवल यहां स्थायी रूप से बसेंगे, बल्कि गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों का यह एक वर्ष का सफल सफर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की एक नई कहानी लिख रहा है, जो आने वाले वर्षों में और भी बड़े परिणाम लेकर सामने आ सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Sweety Boora & Deepak Hooda Divorce

April 11, 2026/
9:26 am

हिसारकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक दीपक हुड्‌डा और स्वीटी बूरा की 2022 में धूमधाम से शादी हुई थी। दोनों...

NHAI की कंस्ट्रक्शन कंपनी में महिला मजदूर से रेप:खंडवा में पीड़िता बोली- नहाते वक्त बाथरूम में घुसा आरोपी; सीधी जिले की रहने वाली है

March 10, 2026/
7:02 pm

खंडवा जिले के मांधाता (ओंकारेश्वर) थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही एक कंपनी के कैंप में महिला...

होममेड मटका कुल्फी रेसिपी: बाजार में बिकने वाली मटका मलाई कुल्फी अब घर पर, न गैस और न दूध की चिंता; नोट करें रेसिपी

March 21, 2026/
11:35 pm

21 मार्च 2026 को 23:35 IST पर अद्यतन किया गया होममेड मटका कुल्फी रेसिपी: गर्मियों के मौसम में ठंडा मटका...

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

June 1, 2026/
4:30 am

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

मन्दसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां बसे दो चीतों ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने प्रवास का एक वर्ष सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल वन विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। दरअसल, इन दोनों चीतों को चीता प्रोजेक्ट के तहत 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया था। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। नए माहौल में बेहतर तालमेल के संकेत एक साल के इस सफर में ‘प्रवास’ और ‘पावक’ ने नए वातावरण में खुद को सफलतापूर्वक ढालते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों चीते स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों में स्वाभाविकता दिखाई दे रही है, जो इस परियोजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है। हाईटेक निगरानी में सुरक्षित हैं चीते वन विभाग द्वारा दोनों चीतों की लगातार और सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम, जीपीएस कॉलर और विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से उनके खान-पान, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो और वे प्राकृतिक परिवेश में सुरक्षित रह सकें। जैव विविधता संरक्षण में मील का पत्थर विशेषज्ञों का मानना है कि इन चीतों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करना मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल जैव विविधता को सशक्त करेगा, बल्कि भविष्य में अन्य वन्यजीव पुनर्वास परियोजनाओं के लिए भी एक सफल मॉडल के रूप में उभरेगा। भविष्य में बनेगा चीतों का स्थायी घर आने वाले समय में उम्मीद जताई जा रही है कि ‘प्रभास’ और ‘पावक’ न केवल यहां स्थायी रूप से बसेंगे, बल्कि गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों का यह एक वर्ष का सफल सफर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की एक नई कहानी लिख रहा है, जो आने वाले वर्षों में और भी बड़े परिणाम लेकर सामने आ सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.