अप्रैल से जून तक ही मिलता ये अनोखा फल, बस इसी 2 महीने तक बाजार में ढूंढते हैं लोग, जान लें कौन सा…

Last Updated:April 20, 2026, 23:11 IST Khirni Rare fruit in market available only for 2 month: गर्मियों में मिलने वाला मौसमी फल खिरनी दांतों हड्डियों के लिए फायदेमंद, फाइबर विटामिन एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, ऊर्जा और त्वचा की सेहत में भी मददगार माना जाता है. ख़बरें फटाफट खिरनी को पकने के बाद सीधे खाया जाता है. गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में आम, लीची, तरबूज और खरबूजे जैसे फल नजर आने लगते हैं, लेकिन इन्हीं के बीच एक ऐसा फल भी मिलता है जिसे बहुत कम लोग जानते हैं. यह है खिरनी, जिसे कई जगहों पर रायण नाम से भी जाना जाता है. यह फल आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ही बाजार में दिखाई देता है, इसलिए इसका सीजन काफी छोटा माना जाता है. यही वजह है कि जो लोग इसके स्वाद और फायदे जानते हैं, वे इसके मौसम का बेसब्री से इंतजार करते हैं. खिरनी छोटा, गोल और पीले या हल्के नारंगी रंग का फल होता है. पकने पर इसका स्वाद बेहद मीठा और सुगंधित हो जाता है. इसका गूदा नरम होता है और खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है. ग्रामीण इलाकों और कुछ राज्यों में यह फल काफी लोकप्रिय है, लेकिन शहरों में यह कम मात्रा में देखने को मिलता है. इसकी सीमित उपलब्धता ही इसे खास और अनोखा बनाती है. अप्रैल से जून तक ही क्यों मिलता है? खिरनी एक मौसमी फल है, जो गर्मियों की शुरुआत से लेकर जून तक पककर तैयार होता है. इसका पेड़ सालभर रहता है, लेकिन फल सिर्फ खास मौसम में ही आता है. इसलिए बाजार में यह बहुत कम समय के लिए नजर आता है. कई जगहों पर यह मई महीने में सबसे ज्यादा मिलता है. दांतों के लिए क्यों माना जाता है अमृतखिरनी को दांतों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं, जो दांतों और हड्डियों की मजबूती में मदद कर सकते हैं. पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इसके सेवन से मसूड़ों को भी फायदा मिलता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसे दांतों की सेहत के लिए अच्छा फल माना जाता रहा है. ऊर्जा देने वाला फलगर्मी के मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है. ऐसे में खिरनी प्राकृतिक शुगर और पोषक तत्वों की वजह से शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकती है. इसे खाने से ताजगी महसूस हो सकती है. खिरनी में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद करता है. इसे सीमित मात्रा में खाने से पेट हल्का रखने और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. इस फल में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं. गर्मियों में मौसमी फलों का सेवन शरीर को जरूरी पोषण देता है. त्वचा के लिए भी फायदेमंदखिरनी में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देने में मदद कर सकते हैं. पानी और विटामिन से भरपूर फल गर्मियों में स्किन को ताजा रखने में सहायक माने जाते हैं. कैसे खाएं खिरनीखिरनी को पकने के बाद सीधे खाया जाता है. इसका स्वाद मीठा और हल्का मलाईदार होता है. कुछ लोग इसे ठंडा करके खाना पसंद करते हैं. इसका शेक या देसी मिठाइयों में भी उपयोग किया जाता है. खिरनी पूरे साल आसानी से उपलब्ध नहीं होती, इसलिए इसका मौसम आते ही लोग इसे बाजार में ढूंढते हैं. स्वाद, सीमित उपलब्धता और सेहतमंद गुणों की वजह से यह फल खास माना जाता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 20, 2026, 23:11 IST
कैंसर सेल खत्म करने में कारगर?, पटना की लैब में हल्दी पर बड़ी रिसर्च

Last Updated:April 20, 2026, 22:56 IST Nanoparticle Grinding Machine Patna: पटना स्थित आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर में वैज्ञानिकों ने एक अनोखी खोज की है, जहां सामान्य हल्दी को खास मशीन से पीसकर नैनो पार्टिकल में बदलने पर उसका रंग पीले से लाल हो गया. इस बदलाव के साथ उसके मॉलिक्यूल स्तर में भी परिवर्तन देखने को मिला, जो कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों की रोकथाम में उपयोगी हो सकता है. शुरुआती परीक्षणों में यह पाया गया कि यह नैनो पाउडर कैंसर सेल को नष्ट करने में प्रभावी है, वहीं इसी तकनीक से तैयार किए गए करेले के नैनोपार्टिकल भी कई गंभीर बीमारियों के इलाज में नई संभावनाएं दिखा रहे हैं. रिपोर्ट- सच्चिदानंद अमूमन हल्दी को पीसने पर वह पीले रंग का पाउडर बन जाता है. पटना के वैज्ञानिकों ने हल्दी को स्पेशल चक्की में पीस कर नैनो पार्टिकल में तोड़ा तो उसका कलर लाल हो गया है. इस लाल रंग वाले हल्दी का ऐसा मॉलिक्यूल तैयार हुआ जो कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के रोकथाम के लिए उपयोग किया जा सकता है. आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर में यह खास चक्की मौजूद है. इसका उपयोग नॉर्मल चीजों को नैनो पार्टिकल में तोड़ने के लिए किया जाता है. इस बारे में जानकारी देते हुए नैनो साइंस विभाग के एचओडी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने लोकल 18 को बताया कि यह सामान्य चक्की का ही एडवांस्ड वर्जन है. चीजों को नैनो पार्टिकल में बदलने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. इसका उपयोग रिसर्च के लिए किया जाता है. नैनो साइंस विभाग की एमटेक की छात्रा श्वेता सिन्हा ने बताया कि इस मशीन के जरिए नैनो पार्टिकल तैयार किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google नॉर्मल हल्दी के टुकड़े को जब इस मशीन में डालकर अलग अलग टाइम के लिए पिसा गया तो इसका रंग पीला की जगह लाल हो गया. इस सुपर फाइन पाउडर यानी नैनो पाउडर का जब अध्ययन किया गया तो यह पाया गया कि मॉलिक्यूल लेवल बदलने से इसका रंग बदला है. नैनो साइज की वजह से हल्दी का रंग पीला से लाल हो गया. इसके सैंपल को महावीर कैंसर संस्थान और पीजीआई लखनऊ में भेजा गया. इसकी टेस्टिंग चूहों के कैंसर सेल पर की गई. इसमें यह पता चला कि यह कैंसर सेल नष्ट करने में कारगर है. एमटेक स्टूडेंट श्वेता सिन्हा ने आगे बताया कि इसी मशीन से करेले को टुकड़ों में काटकर ऊपर मौजूद क्लॉज्ड चैंबर में डालकर थोड़ी देर तक मशीन चालू रखा तो करेले का सुपर फाइन पाउडर यानी नैनोपार्टिकल डेवलप हुआ. यह सामान्य करेले के मॉलीक्यूल स्ट्रक्चर से बिल्कुल अलग पाया गया. इसके नैनी पार्टिकल कैंसर के सेल की ग्रोथ रोकने में सहायक हैं. इसके अलावा मधुमेह सहित अन्य बीमारियों में भी इसका उपयोग किया जा सकता है. रिसर्च के दौरान जैसे-जैसे इसका पार्टिकल छोटा किया गया तो पता चला कि इसकी चुम्बकीय शक्ति बढ़ती गई. हालांकि, नॉर्मल करेले में कोई चुम्बकीय शक्ति नहीं होती है. चुंबकीय गुण की वजह से शरीर इस पाउडर को तुरंत अवशोषित कर लेगा. यह कई बीमारियों पर कारगर साबित होगा. First Published : April 20, 2026, 22:56 IST
Cancer: पैरों में दिख रहे ये 4 बदलाव हो सकते हैं खतरनाक कैंसर का संकेत, तुरंत हो जाएं सतर्क

Last Updated:April 20, 2026, 22:48 IST Cancer: पैरों में दिखाई देने वाले इन बदलावों को सिर्फ सामान्य दर्द या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो बिना देर किए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी जांच जरूर करवाएं. यह कैंसर शुरुआती चरण में अक्सर बिना बड़े लक्षणों के बढ़ता रहता है. इसी वजह से कई मामलों में इसका पता देर से चलता है और इलाज मुश्किल हो सकता है. अगर बिना चोट या किसी स्पष्ट कारण के एक या दोनों पैरों में सूजन आ जाए, तो यह सामान्य बात नहीं हो सकती. यह रक्त प्रवाह में रुकावट या खून के थक्के का संकेत हो सकता है. पैरों की मांसपेशियों में लगातार या असहनीय दर्द महसूस हो, खासकर चलते या खड़े होने पर, तो इसे सिर्फ थकान न समझें. यह डीप वेन थ्रोम्बोसिस का संकेत हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर पैर अचानक लाल, नीला या असामान्य रंग का दिखने लगे, तो यह खून के थक्के या रक्त संचार में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. ऐसे बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है. अगर सूजे हुए हिस्से को छूने पर वह शरीर के बाकी हिस्सों से ज्यादा गर्म लगे, तो यह अंदरूनी सूजन या ब्लड क्लॉट की ओर इशारा कर सकता है. कुछ सामान्य दिखने वाले लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं. आंखों या त्वचा का पीला पड़ना, भूख कम लगना, तेजी से वजन घटना, पेट दर्द या मल त्याग में बदलाव जैसे संकेत भी अग्नाशय कैंसर से जुड़े हो सकते हैं. पैरों में दर्द, सूजन या ऊपर बताए गए बदलाव बार-बार नजर आएं, तो देरी न करें. विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेकर सही समय पर जांच करवाना सबसे बेहतर कदम है. अगर पर्याप्त आराम करने के बाद भी लगातार कमजोरी, सुस्ती या थकान महसूस हो रही है, तो यह शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षणों पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. First Published : April 20, 2026, 22:48 IST
गंजबासौदा में नरवाई में लगी आग:दूसरे खेतों तक फैली, किसान भूसा बनाने की तैयारी कर रहे थे

बरेठ रेलवे स्टेशन से भटनी जाने वाले रास्ते पर रविवार रात करीब 9 बजे एक खेत में भीषण आग लग गई। खेत में पड़ी नरवाई की वजह से आग तेजी से फैली और लपटों के साथ धुएं का गुबार आसमान में छा गया। किसान गजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि आग उनके खेत से काफी दूर लगी थी, लेकिन तेज हवा के कारण वह उनके खेत तक आ पहुंची। गनीमत रही कि गांव वालों ने समय पर खबर दे दी, जिससे उन्होंने खेत में रखे सिंचाई के पाइपों को फौरन हटा लिया, वरना वे जलकर खाक हो जाते। भूसा नहीं बनने से हजारों का नुकसान किसान ने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद वे नरवाई से भूसा बनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आग लगने के कारण अब ऐसा करना मुमकिन नहीं है। इससे उन्हें हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। मूंग की फसल पर भी मंडराया खतरा एक अन्य किसान राजकुमार सिंह ने बताया कि कई लोगों ने खेतों में मूंग की फसल बो रखी है। आसपास के खेतों में आग लगने से मूंग की फसल को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों ने की कार्रवाई की मांग इलाके के किसानों का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर अपने खेतों में आग लगा रहे हैं, जो बाद में फैलकर दूसरों का नुकसान कर रही है। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि खेतों में आग लगाने वालों की जांच की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
30 हजार की फड के साथ 4 जुआरी धराए:हरसूद पुलिस ने रेवापुर के जंगल में दबिश दी, दो बाइक भी बरामद

खंडवा जिले में अवैध जुआ-सट्टा पर कार्रवाई के तहत हरसूद पुलिस ने रेवापुर जंगल में दबिश देकर चार आरोपियों को जुआ खेलते रंगे हाथों पकड़ा है। पुलिस ने मौके से 30 हजार 800 रुपए नकद, 52 ताश के पत्ते और दो बाइक जब्त की हैं। थाना प्रभारी हरसूद को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेवापुर जंगल में कुछ लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने सोमवार रात 8 बजे के करीब मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों नरसिंह पटेल (निवासी खिरकिया), मुकेश भारद्वाज (निवासी छिपाबड़, जिला हरदा), आजाद खान (निवासी चैनपुर सरकार) और विनोद देवड़ा (निवासी मुगल) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से नकद राशि, ताश के पत्ते और दो मोटरसाइकिल जब्त की गईं। टीआई राजकुमार राठौर के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ थाना हरसूद में जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी फिलहाल पुलिस गिरफ्त में हैं।
संजय पाठक का हाईकोर्ट के जज से संपर्क का मामला:सुप्रीम कोर्ट बोला- याचिकाकर्ता HC में कार्यवाही में मदद के लिए आवेदन दे सकते

सुप्रीम कोर्ट ने कटनी के हाई-प्रोफाइल मामले में याचिकाकर्ता आशुतोष दीक्षित को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने की इजाजत दे दी है। यह पूरा मामला बीजेपी विधायक संजय सत्येंद्र पाठक का हाईकोर्ट के एक जज से संपर्क करने की कोशिश से जुड़ा है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि दीक्षित अब हाईकोर्ट में चल रही अवमानना की कार्यवाही में मदद के लिए आवेदन दे सकते हैं। विधायक पर जज को प्रभावित करने का आरोप मामले की शुरुआत तब हुई जब आशुतोष दीक्षित ने विधायक की कंपनियों पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए एक याचिका लगाई थी। इस केस की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा ने खुद को मामले से अलग कर लिया। उन्होंने आदेश में साफ लिखा कि विधायक की तरफ से उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई थी। इस खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने विधायक के खिलाफ अवमानना का केस शुरू किया, लेकिन दीक्षित की पुरानी याचिका को बंद कर दिया था। इसी के खिलाफ दीक्षित सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। जांच की मांग और कोर्ट की टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट में दीक्षित के वकील ने दलील दी कि एक विधायक के जज को प्रभावित करना न्यायपालिका की गरिमा पर हमला है। उन्होंने मांग की कि सिर्फ अवमानना की कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। वकील ने डर जताया कि विधायक सिर्फ माफी मांगकर इस गंभीर मामले से बच सकते हैं। हाईकोर्ट में फिर शुरू होगी कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ने भरोसा दिलाया है कि अगर जज से संपर्क करने की बात सच है, तो कानून अपना काम करेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी। अब आशुतोष दीक्षित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चल रहे अवमानना के मामले में एक पक्ष के रूप में शामिल होंगे और अपना पक्ष रखेंगे।
कम उम्र में स्किन पर नजर आ रहे ओपन पोर्स, स्टेप बाई स्टेप फॉलो करें ये घरेलू नुस्खा, पाएं दमकती त्वचा

Home remedies for open pores: कई लोगों के चेहरे पर ओपन पोर्स (रोमछिद्रों का खुला होना) नजर आते हैं. इससे चेहरा देखने में खराब लगता है. कई बार ओपन पोर्स जेनेटिक्स,अत्यधिक तेल या सीबम के प्रोडक्शन, अधिक उम्र होना, सन एक्सपोजर, हॉर्मोनल चेंजेज आदि कारणों से होता है. स्किन के पोर्स में गंदगी, डेड सेल्स, ऑयल आदि जमा होने से ये रोमछिद्र बड़े और खुले हुए से दिखने लगते हैं. इससे चेहरा भद्दा नजर आता है. आपके चेहरे पर भी ओपन पोर्स नजर आने लगे हैं, वह भी कम उम्र से ही तो आप यूट्यूब चैनल Preity प्रेरणा पर बताए गए इन घरेलू नुस्खों को स्टेप बाई स्टेप फॉलो करके देखिए. आपकी स्किन के भी पोर्स बड़े और खुले नजर आ रहे हैं तो इस वीडियो में बताए गए टिप्स और घरेलू तरीके को एक बार आजमाकर देखिए.
धार के स्विमिंग पूल में क्लोरीन गैस रिसाव:पानी में तैर रहे दो बच्चों की हालत बिगड़ी; 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा

धार शहर के जिस स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया जाता है, वहीं सोमवार रात करीब 8 बजे एक गंभीर लापरवाही सामने आई। पूल में क्लोरीन गैस के पाइप से अचानक रिसाव शुरू हो गया। उस समय कई बच्चे पानी में तैराकी कर रहे थे, जिन्हें गैस फैलते ही सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे पानी के भीतर ही छटपटाने लगे। स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद परिजनों और कोच ने तुरंत बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इस दौरान बसंत विहार कॉलोनी की 4 वर्षीय प्रकृति और 7 वर्षीय हर्षित की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। दोनों बच्चों को तत्काल प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को खतरे से बाहर बताया, लेकिन एहतियातन उन्हें 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले बच्चों को उल्टी भी हुई थी। इस घटना ने पूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह स्विमिंग पूल पहले से ही विवादों में रहा है। कुछ दिन पहले यहां युवकों और कोच के बीच विवाद हुआ था, जिसमें कोच के साथ मारपीट तक की घटना सामने आई थी। इसके बाद कोच यहां से चले गए थे और दो दिन बाद नए कोच नियुक्त किए गए थे। अब गैस लीकेज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाही जानकारों के अनुसार, स्विमिंग पूल के पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जाता है, जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक जीवों को खत्म करती है। लेकिन इसके उपयोग में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
मुरैना में मंत्री कंसाना के घर पहुंचे सीएम मोहन यादव:नतिनी की शादी पर दिया आशीर्वाद; केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए

प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना की नतिनी की शादी में आशीर्वाद देने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज (सोमवार) मुरैना पहुंचे। मंत्री एदल सिंह के निवास पर पहुंच वर वधू को आशीर्वाद दिया। शादी रविवार (19 अप्रैल) को हो चुकी थी। आज इन नेताओं के द्वारा घर पर पहुंच आशीर्वाद दिया। शिवराज बोले- बंगाल में ममता का सूपड़ा साफ शादी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री शिवराज ने बंगाल चुनाव पर बयान देते हुए कहा कि अब बंगाल में ममता बनर्जी का सूपड़ा साफ है। महिला आरक्षण बिल पर कहा कि कांग्रेस को महिलाएं-बहनें कभी माफ नहीं करेंगी।
फोरलेन पर महिला की हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद:रतलाम में रेप के बाद हत्या कर शव फेंक दिया था; 5 साल बाद कोर्ट का फैसला

5 साल पहले महिला की हत्या कर शव को बिलपांक के पास फोरलेन के नीचे फेंकने के मामले में कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं 6 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया l कोर्ट में अभियोजन ने 20 गवाहों के बयान एवं 77 दस्तावेज पेश किए गए थे। फैसला तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर की कोर्ट ने सुनाया। अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 18 जून 2021 की रात्रि की है। आरोपी सुरेश (47) पिता बंसीलाल जाटव निवासी बड़ी मोहल्ला राव इंदौर अपने वाहन आयशर ट्रक से सामान लेकर इंदौर से रतलाम के लिए निकला था। आरोपी ने अपने साथ श्रमिक कॉलोनी शमशान घाट के पास राऊ निवासी पीड़िता को भी ट्रक में बैठाया। रास्ते में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। रास्ते में फेंका शव आरोपी इंदौर से रतलाम के बिलपांक टोल नाके को पार किया। वापस इंदौर की तरफ जाकर प्रकाश नगर पुलिया के नीचे अंधेरे में महिला के शव को फेंक दिया था l सुबह शव दिखने पर गांव के लोगों ने बिलपांक पुलिस थाने पर सूचना दी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की। टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज निकाले। जिसमें आरोपी एवं महिला दिखाई दिए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार न्यायालय में अभियोग पत्र धारा 201, 302, 376 भारतीय दंड संहिता का प्रस्तुत किया था। सीडीआर एवं सीसीटीवी फुटेज बने आधार महिला के अज्ञात होने के कारण पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्र को सूचना दी थी। चोकला एवं चिकलिया टोल नाके के फुटेज भी प्राप्त किए। आरोपी के मोबाइल की सीडीआर से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। अज्ञात महिला के मिलने का स्थान, आरोपी की गाड़ी खराब होने के स्थान की सीसीडीआर लोकेशन से महिला का आरोपी के साथ होना पाया गया। मृतका के शव मिलने के स्थान पर आरोपी की उपस्थिति होना प्रमाणित माना गया। हत्या कर दूसरे दिन सामान देने गया आरोपी सुरेश महिला की हत्या कर शव फेंकने के दूसरे दिन रतलाम में सामान देने आया था। पूरी सुनवाई के बाद तृतीय सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने की।







