अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी कंपनियां सोमवार से नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकती हैं। इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा टैरिफ रिफंड माना जा रहा है, जिसमें 166 अरब डॉलर (करीब 13.8 लाख करोड़ रुपए) लौटाए जाने हैं। रिफंड लौटाने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ है। कोर्ट ने कहा था कि ट्रम्प प्रशासन ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए थे। इसके बाद कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने इंपोर्टर्स को उनकी जमा राशि और ब्याज लौटाने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के तहत करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी, जिन्होंने पिछले साल कार पार्ट्स से लेकर स्मार्टफोन तक पर भारी टैक्स चुकाया था CAPE पोर्टल से होगा आवेदन US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने कंसोलिडेटेड एडमि निस्ट्रेशन एंड प्रॉसेसिंग ऑफ एंट्रीस (CAPE) नाम का नया पोर्टल लॉन्च किया है। यह ACE (Automated Commercial Environment) सिस्टम का हिस्सा है। इसके जरिए इंपोर्टर्स “CAPE डिक्लेरेशन” दाखिल कर अपने क्लेम सबमिट कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने का दावा किया गया है। 60-90 दिनों में मिलेगा पैसा रिफंड पाने के लिए “इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड” और अधिकृत कस्टम ब्रोकर्स को ACE पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक अकाउंट डिटेल्स देनी होंगी। CBP के मुताबिक, सही और पूरी जानकारी वाले आवेदन पर 60-90 दिनों में भुगतान किया जा सकता है। दस्तावेजों में कमी या जांच की जरूरत होने पर देरी संभव है। पहले चरण में सीमित इंपोर्टर्स को राहत CBP ने साफ किया है कि पहले चरण में सभी इंपोर्टर्स को रिफंड नहीं मिलेगा। फिलहाल केवल “अनलिक्विडेटेड एंट्रीज” (जिनका टैक्स आकलन अभी पूरा नहीं हुआ) और 80 दिनों के भीतर की एंट्रीज को शामिल किया गया है। बाकी मामलों को आगे के चरणों में लिया जाएगा। 56 हजार इंपोर्टर्स ने रजिस्ट्रेशन कराए कोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स ने कुल 166 अरब डॉलर का टैरिफ भुगतान किया था। 9 अप्रैल तक इनमें से केवल 56,500 इंपोर्टर्स ने ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराया है, जो रिफंड पाने के लिए जरूरी है। उपभोक्ताओं को कितना फायदा? न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के मुताबिक, टैरिफ का लगभग 90% बोझ कंपनियों और उपभोक्ताओं ने मिलकर उठाया था। कुछ कंपनियों जैसे लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर ने ग्राहकों को राहत देने का संकेत दिया है, लेकिन आम उपभोक्ताओं तक इसका कितना लाभ पहुंचेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कानूनी लड़ाई अभी जारी टैरिफ को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कॉस्टको जैसी कंपनियों ने पहले ही टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रेड कोर्ट ने संकेत दिया है कि कई मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाएगा। वहीं, सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकती है, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। 10% ग्लोबल टैरिफ पर भी उठे सवाल इस बीच, कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जजों ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। 24 राज्यों (ज्यादातर डेमोक्रेट शासित) और छोटे व्यवसायों ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या केवल व्यापार घाटा इतना बड़ा कदम उठाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है।
नीमच में 15 लाख की MD ड्रग्स पकड़ाई:तीन तस्कर गिरफ्तार, वाहन चेकिंग में इनके पास डोडाचूरा भी मिला

नीमच सिटी पुलिस ने तीन ड्रग तस्करों को पकड़ा है, जिनके पास से 15 लाख रुपए की एमडी ड्रग्स और 6 किलो डोडाचूरा मिला है। यह पकड़-धकड़ नीमच-मनासा रोड पर गाड़ियों की चेकिंग के दौरान हुई। थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान की टीम करंट वाले बालाजी मंदिर के पास खड़ी थी। तभी मालखेड़ा की तरफ से एक पल्सर बाइक पर तीन युवक आते दिखे। पुलिस को देखते ही इन लड़कों ने भागने के लिए बाइक मोड़ ली, लेकिन घेराबंदी कर खड़ी पुलिस ने उन्हें वहीं दबोच लिया। 15 लाख की ड्रग्स और डोडाचूरा मिला तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 150 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है। साथ ही 20 हजार रुपए का पिसा हुआ डोडाचूरा भी बरामद हुआ। पुलिस ने नशीले सामान के साथ उनकी पल्सर बाइक भी जब्त कर ली है। नीमच के ही रहने वाले हैं तीनों आरोपी पकड़े गए युवकों के नाम मोहम्मद अशरफ उर्फ बब्बू (20 साल), अजरखान उर्फ समीर (24 साल) और फरदीन (24 साल) हैं। ये तीनों नीमच शहर के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। कहां से लाए थे माल, जांच जारी सब-इंस्पेक्टर असलम पठान ने बताया कि अब इन लड़कों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह ड्रग्स कहां से लाए थे और शहर में किसे देने जा रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आएंगे। इस काम में साइबर सेल की टीम ने भी मदद की।
तमिलनाडु फैक्ट्री ब्लास्ट- मरने वालों की संख्या 25 हुई:इनमें 20 एक ही गांव के; शेड में 4 की जगह 40 मजदूर काम कर रहे थे

तमिलनाडु के विरुधुनगर में रविवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। इनमें 20 लोग एक ही गांव के थे। मरने वालों में 22 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। पुलिस के मुताबिक, कई शव इतने बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। गहनों के आधार पर उन्हें पहचानने की कोशिश की जा रही है। हादसा मुथुमणिक्कम गांव की वनजा फायरवर्क्स यूनिट में हुआ है। फैक्ट्री मालिक फरार है। जिला कलेक्टर वीपी जयसीलन ने बताया कि फैक्ट्री रविवार को बंद रहने के बावजूद बिना अनुमति के चल रही थी। ब्लास्ट केमिकल मिक्स करने वाले शेड में हुआ, जहां करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। नियमों के मुताबिक एक शेड में अधिकतम 4 लोगों को ही काम कर सकते है। लड़की बोलीं- मेरी मां ही घर चलाती थीं हादसे में 25 साल से इस फैक्ट्री में काम कर रही 46 साल की इंद्राणी की भी मौत हो गई। उनकी बेटी मधुबाला ने कहा कि मेरी मां ही घर चलाती थीं। पिता दिव्यांग हैं। मैं पेट्रोल पंप पर काम करती हूं, अब भाई की फीस कौन भरेगा? हमें सरकारी नौकरी दी जाए। एक महिला ने बताया कि मेरे पिता और मां दोनों की मौत हो गई। अब हमारे पास इस दुख को झेलने के अलावा कुछ नहीं है। फैक्ट्री के पास के सीरवैक्कारमपट्टी गांव के रंगनाथन ने बताया कि धमाके के साथ काला धुआं आसमान में फैल गया। कुछ भी पहचान में नहीं आ रहा था। हमने शवों को चार-चार करके गाड़ियों में ले जाते देखा। नियमों के खिलाफ हो रहा था काम पटाखा और माचिस निर्माता संघ के जिला अध्यक्ष पीएन देवा ने बताया कि फैक्ट्री को 25 मजदूर रखने की अनुमति थी, लेकिन मौके पर इससे ज्यादा लोग काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक केमिकल मिक्सिंग सुबह 8 से 10 बजे के बीच ही होनी चाहिए, जबकि विस्फोट दोपहर करीब 3 बजे हुआ। इससे साफ है कि मिक्सिंग तय समय से बाहर भी जारी थी। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता, तो नुकसान कम हो सकता था। मौके पर मौजूद विस्फोटक सामान के बार-बार फटने से रेस्क्यू में कई घंटे लग गए। मलबा हटाने के दौरान शाम 7:20 बजे दूसरा धमाका हुआ, जिसमें 12 लोग घायल हो गए। इनमें 8 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। परिजनों का प्रदर्शन, मालिक की गिरफ्तारी की मांग पीड़ित परिवारों ने सोमवार को सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। सड़क पर बैठकर थोड़ी देर के लिए रोड बंद कर दिया। एसपी एन. श्रीनाथा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। फैक्ट्री मालिक और उसके सहयोगियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। सीएम एमके स्टालिन ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। मंत्रियों को राहत काम की निगरानी के निर्देश दिए हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 23 की मौत:इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। पुलिस के मुताबिक, हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है। 6 घायलों को ICU में भर्ती कराया गया है। अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है। इनमें 16 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। पूरी खबर पढ़ें…
गर्मियों में किसी अमृत से कम नहीं मटके का पानी, यहां एक्सपर्ट से जानें इसके जबरदस्त फायदे

Last Updated:April 20, 2026, 16:19 IST डॉ. जितेन्द्र शर्मा के ने कहा कि फ्रिज का ठंडा पानी सेहत के लिए कभी भी फायदेमंद नहीं हो सकता है. फ्रिज का पानी पीने के कई नुकसान हैं. ठंडा पानी वात दोष को बढ़ाता है. फ्रिज का पानी पीने से कब्ज और एसिडिटी होने की भी संभावना रहती है. इससे आंतें सिकुड़ जाती हैं, और मल आंतों में सड़ता रहता है. फ्रिज का पानी आपको घड़े के पानी जितना अतिरिक्त मिनल्स भी नहीं दे सकता है. फ्रिज का पानी थोड़ी देर के लिए आपको भले ही राहत प्रदान करता हो मालवा मे अप्रैल की शुरुआत के साथ भीषन गर्मी का दौर चालू हो चुका है. अक्सर देखा जाता है कि गर्मियों में बढ़ती तपिश के बीच हर कोई ठंडी चीजों की ओर आकर्षित होता है. चाहे वह ठंडा पानी हो, जूस हो या कोल्ड ड्रिंक, ऐसे में लोग अक्सर फ्रिज के पानी और मिट्टी के मटके के पानी के बीच चुनाव करते हैं. फ्रिज का पानी तुरंत ठंडक जरूर देता है. लेकिन कई बार यह गले और पाचन पर असर डाल सकता है. वहीं, मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. यह न सिर्फ पाचन को बेहतर बनाता है. मटका हर वर्ग की पहुंच में होता है. इसलिए गर्मी में सही पानी का चुनाव आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन आखिर बड़े-बुजुर्ग फ्रिज का पानी न पीने और मटके का पानी पीने क्यों सलाह देते है. आइए जानते है. एम. बी.बी. एस., आर.सी.जी.पी. डॉ. जितेन्द्र शर्मा चिकित्सा अधिकारी से फायदे व नुकसान. क्या फ्रिज का पानी फायदेमंद हो सकता डॉ. जितेन्द्र शर्मा के अनुसार, फ्रिज का ठंडा पानी सेहत के लिए कभी भी फायदेमंद नहीं हो सकता है. फ्रिज का पानी पीने के कई नुकसान हैं. ठंडा पानी वात दोष को बढ़ाता है. फ्रिज का पानी पीने से कब्ज और एसिडिटी होने की भी संभावना रहती है. इससे आंतें सिकुड़ जाती हैं, और मल आंतों में सड़ता रहता है. फ्रिज का पानी आपको घड़े के पानी जितना अतिरिक्त मिनल्स भी नहीं दे सकता है. फ्रिज का पानी थोड़ी देर के लिए आपको भले ही राहत प्रदान करता हो, मगर लंबे समय तक आपको संतुष्टि प्रदान नहीं करता है. यानि आपकी प्यास केवल घड़े के पानी से ही बुझेगी. कुल मिलाकर अगर कहा जाये, तो फ्रिज का पानी पीने के फायदे बहुत कम हैं मगर नुकसान बहुत ही अधिक हैं. जबकि मटके का पानी पीने से आपको सिर्फ फायदे ही फायदे मिलेंगे.कोई भी नुकसान नहीं मिलेगा. इसलिए गर्मियों में अगर आपके घर में नल का ताजा पानी नहीं है तो पानी को घड़े में रखकर पीजिए, यह फ्रिज की अपेक्षा काफी फायदेमंद है. मटके का पानी पीने के फायदेगर्मी के मौसम में लू और उमस के कारण शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है. जिससे पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में ठंडा पानी पीना जरूरी होता है. लेकिन फ्रिज के बर्फ जैसे ठंडे पानी की बजाय मटके का पानी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. मिट्टी के घड़े में रखा पानी प्राकृतिक तरीके से ठंडा होता है, जो शरीर को संतुलित ठंडक देता है. अचानक गले या पाचन तंत्र पर असर नहीं डालता. मटके का पानी न केवल स्वाद में बेहतर होता है, बल्कि इसमें मिट्टी की हल्की सोंधी खुशबू भी होती है, जो इसे और ताजगीभरा बनाती है. आयुर्वेद में इसे अमृत समान माना गया है. यह पाचन को बेहतर करता है और शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह गले, पेट और आंतों के लिए लाभकारी होता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh First Published : April 20, 2026, 16:19 IST
सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। अभिनेता-निर्देशक रितेश देशमुख ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान की एंट्री कन्फर्म कर दी है। रितेश देशमुख ने यह घोषणा हाल ही में ‘बिग बॉस मराठी सीजन 6’ के दौरान की। उन्होंने साफ कहा कि सलमान खान इस फिल्म में एक बड़ा और अहम रोल निभाने वाले हैं। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है और फैंस अब सलमान के किरदार को लेकर कयास लगा रहे हैं। हालांकि, फिल्म में सलमान खान किस भूमिका में नजर आएंगे, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज के करीबी सहयोगी जीवा महाला का किरदार निभा सकते हैं, लेकिन मेकर्स ने इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है, जो मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, वीरता और नेतृत्व पर आधारित है। इस फिल्म में रितेश देशमुख खुद शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं और इसके निर्देशन की कमान भी उन्होंने ही संभाली है। फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी दमदार है। इसमें अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन और जेनेलिया देशमुख समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। सलमान खान के जुड़ने से फिल्म का स्केल और भी बड़ा हो गया है, जिससे इसे पैन-इंडिया स्तर पर जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल, सलमान खान के रोल को लेकर बना सस्पेंस ही इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा बन चुका है।
सुभाषचंद्र बोस को 'राष्ट्रपुत्र' घोषित करने की मांग खारिज:सुप्रीम कोर्ट बोला- पब्लिसिटी के लिए सब करते हो, कोर्ट में एंट्री बैन कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को ‘राष्ट्रपुत्र’ घोषित करने और आजाद हिंद फौज (INA) को भारत की आजादी का श्रेय देने की मांग वाली PIL खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को “न सुधरने वाला” बताया और सख्त टिप्पणी की। सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिकाकर्ता पिनाकपानी मोहंती को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि वह पहले भी इसी तरह की याचिका दाखिल कर चुके हैं और अब अदालत का समय बर्बाद कर रहे हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो याचिकाकर्ता के सुप्रीम कोर्ट में आने पर भी रोक लगाई जा सकती है। साथ ही रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया कि भविष्य में उनकी कोई PIL मंजूर न की जाए। याचिकाकर्ता की 3 मांगें 2 साल पहले भी खारिज हो चुकी याचिका मोहंती ने इससे पहले 2024 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत की जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका दायर की थी। उस मामले में, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने याचिकाकर्ता के इरादों पर सवाल उठाया था। साथ ही चुनावों के संदर्भ में याचिका दायर करने के समय पर सवाल पूछा था।
सुभाषचंद्र बोस को 'राष्ट्रपुत्र' घोषित करने की मांग खारिज:सुप्रीम कोर्ट बोला- पब्लिसिटी के लिए सब करते हो, कोर्ट में एंट्री बैन कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को ‘राष्ट्रपुत्र’ घोषित करने और आजाद हिंद फौज (INA) को भारत की आजादी का श्रेय देने की मांग वाली PIL खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को “न सुधरने वाला” बताया और सख्त टिप्पणी की। सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिकाकर्ता पिनाकपानी मोहंती को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि वह पहले भी इसी तरह की याचिका दाखिल कर चुके हैं और अब अदालत का समय बर्बाद कर रहे हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो याचिकाकर्ता के सुप्रीम कोर्ट में आने पर भी रोक लगाई जा सकती है। साथ ही रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया कि भविष्य में उनकी कोई PIL मंजूर न की जाए। याचिकाकर्ता की 3 मांगें 2 साल पहले भी खारिज हो चुकी याचिका मोहंती ने इससे पहले 2024 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत की जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका दायर की थी। उस मामले में, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने याचिकाकर्ता के इरादों पर सवाल उठाया था। साथ ही चुनावों के संदर्भ में याचिका दायर करने के समय पर सवाल पूछा था।
झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। छात्र नेता दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और दूरदर्शन के एंकर की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या NSUI जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को अपमानजनक बताया। अमलियार ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक होने के बावजूद दूरदर्शन विशेष विचारधारा के प्रचार का माध्यम बन गया है। रिहाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि छात्र संगठन के लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बंद की जाए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। बड़ी संख्या में छात्र नेता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई नेता निलेश गणावा, जिला महामंत्री विनोद गणावा और मॉडल कॉलेज अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन मंत्री अनिल भाबोर और सतीश मेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा बल तैनात किया था।
Cabbage Cleaning tips: पत्तागोभी में मिला सांप का बच्चा, FSSAI की चेतावनी- बंदगोभी खा रहे तो न करें ये गलती

सब्जी से लेकर नूडल्स, मोमोज जैसे चायनीज डिशेज में पत्तागोभी का इस्तेमाल आंख बंद करके किया जाता है. यही आदत आपको खतरे में डाल सकती है. इसमें कोई दोराय नहीं कि पत्ता गोभी या बंदगोभी एक पौष्टिक सब्जी है. इसमें विटामिन C, विटामिन K, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन, इम्यूनिटी और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं. लेकिन इसे साफ करते समय थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में एक महिला को पत्तागोभी के अंदर एक रेंगता लंबा जीव मिला, जिसके बारे में लोगों का अंदाजा है कि ये छोटा सांप या कीड़ा हो सकता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये सिर्फ इत्तफाक की बात नहीं है. पत्तागोभी में इस तरह के कीड़े होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है. ऐसे में यदि आप पत्तागोभी खाते हैं, तो खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा सब्जियों और फलों को साफ करने से संबंधित जारी किए गए गाइडलाइन्स को अच्छी तरह से जानें और रोजाना फॉलो करें. (फोटो सांकेतिक है) पत्तागोभी में कीड़े कैसे होते हैं.पत्तागोभी जमीन से बहुत सटकर उगती है. साथ ही इसकी परत दर परत बनावट इसे छोटे रेंगने वाले जीवों को छिपने के लिए आसान जगह बनाती है. ऐसे में इन परतों के अंदर कीड़ों और उनके अंडों के छिपने और बढ़ने की संभावना अधिक होती है. इसके अलावा, पत्ता गोभी में ऐसे प्राकृतिक तत्व भी होते हैं जो कुछ कीड़ों को आकर्षित करते हैं, जैसे कि कैबेज वर्म. सब्जियों को धोने का सही तरीका – फलों, सब्जियों और पैक्ड सामान को छूने से पहले और बाद में हाथों को अच्छे से धोएं.– सभी फलों और सब्जियों को साफ पानी से अच्छे से धोएं या रगड़ें. अगर कोई चीज पहले से “Pre-Washed” लिखी हो, तो भी सावधानी रखें.– कटे हुए, छीले हुए या पके हुए खाने को 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रखें. इस दौरान फ्रिज का तापमान 40°F (लगभग 4°C) या उससे कम होना चाहिए.– कटिंग बोर्ड, किचन स्लैब और बर्तनों को इस्तेमाल से पहले और बाद में गर्म साबुन वाले पानी से साफ करें.– फलों और सब्जियों को कच्चे मांस, मछली और चिकन से अलग रखें, क्योंकि इनसे बैक्टीरिया फैल सकते हैं. फलों और सब्जियों के लिए अलग कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करना बेहतर होता है.– पत्तेदार सब्जियों को काटने से पहले इन्हें नमक, विनेगर या बेकिंग सोडा मिले पानी में कुछ मिनटों तक भिगोंकर रखना इनसे छिपके सूक्ष्म जीवों को निकालने का काम करता है. FAQ कैबेज वर्म क्या होता है?कैबेज वर्म एक छोटा हरा कीड़ा होता है, जो तितली के लार्वा का रूप होता है और पत्तागोभी जैसी सब्जियों को खाता है. इसके अलावा भी मिट्टी में रहने वाले कीड़े पत्तागोभी में छिपे हो सकते हैं. क्या पत्तागोभी के कीड़े इंसानों के लिए हानिकारक हैं?ये आमतौर पर जहरीले नहीं होते. लेकिन कई बार जब सब्जी को अच्छी तरह से पकाया न गया हो तो इनके अंडे शरीर में पहुंच सकते हैं और ब्रेन में सूजन कर सकते हैं. ऐसा होने पर व्यक्ति को मिर्गी के दौरे आते हैं. पत्तागोभी में कीड़े क्यों हो जाते हैं?तितलियां पत्तों पर अंडे देती हैं और उनसे निकले कीड़े पत्तागोभी की परतों के अंदर छिपकर बढ़ते हैं. पत्तागोभी में छिपे कीड़ों को कैसे साफ करें?पत्तागोभी के एक-एक पत्ते को अलग करके इन्हें नमक वाले पानी में भिगोकर, फिर बहते पानी से अच्छी तरह धोकर साफ करना सबसे ज्यादा सुरक्षित होता है.
इंदौर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:उज्जैन और खाटू श्याम ले जाकर होटल में किया शोषण; आरोपी पर केस दर्ज

इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने दोस्ती कर शादी का झांसा दिया और करीब तीन महीने तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान वह उसे उज्जैन और खाटू श्याम जी मंदिर भी लेकर गया, जहां होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। आजाद नगर पुलिस के अनुसार पीड़िता की शिकायत पर बाला प्रसाद पुत्र कैलाश प्रसाद निवासी इंदिरा एकता नगर मूसाखेड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी मूल रूप से गुना का रहने वाला है और इंदौर में युवती के घर के पास किराए से रहता था, जिससे दोनों के बीच पहचान हुई। पहचान हुई तो दोनों ने मोबाइल नंबर ले लिए युवती ने बताया कि कुछ समय पहले दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और उन्होंने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। 12 जनवरी की अलसुबह आरोपी ने उसे कॉल कर घर मिलने पहुंचा, जहां उसने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद भी वह लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन बात टालता रहा। आरोप है कि 15 मार्च को आरोपी ने फिर युवती को कॉल कर सुबह घर के बाहर बुलाया और अपने साथ उज्जैन ले गया। वहां दर्शन कराने के बाद होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे खाटू श्याम लेकर गया, वहां भी होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। परिजनों से शादी की बात कहकर छोड़ गया 17 मार्च को आरोपी युवती को इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र में छोड़कर यह कहकर चला गया कि वह गुना जाकर परिवार से शादी की बात करेगा और वापस आएगा। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया और संपर्क खत्म कर दिया। घटना से आहत पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद रविवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी शादी की, बेटी होने पर पत्नी को किया प्रताड़ित हीरानगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ रविवार को दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार 24 वर्षीय प्राची जाधव निवासी ग्राम छापरा तहसील सनावद ने बताया कि वह अभी मेघदूत नगर इंदौर में रह रही है। उनकी शादी अखिलेश जाधव से हुई थी। प्राची ने शिकायत में बताया कि शादी के 3-4 महीने बाद रिश्तेदारों से उन्हें पता चला कि अखिलेश पहले से ही शादीशुदा है। जब उन्होंने इस बारे में पति से सवाल किया तो वह विवाद करने लगा। पीड़िता के अनुसार लॉकडाउन में शादी होने के कारण मायके पक्ष से दहेज नहीं दिया गया था। इसी बात को लेकर पति अखिलेश शराब पीकर अक्सर मारपीट करता था। पीड़िता के पिता ने एक्टिवा गाड़ी दिलवाई, लेकिन उसने उसे भी बेच दिया। प्राची ने बताया कि 19 जुलाई 2022 को उसने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद से पति और अधिक नाराज रहने लगा और उसे बेटी होने के ताने देता था। आरोपी का कहना था कि उसे बेटा चाहिए था। परेशान होकर उसने मामले में पुलिस को शिकायत की है।







