Tuesday, 06 Oct 2026 | 05:07 PM

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लू और डिहाइड्रेशन की न करें फिक्र, बाहर निकलने से पहले पी लें यह चमत्कारी ड्रिंक, गर्मी में शरीर रहेगा कूल-कूल

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X लू-डिहाइड्रेशन की न करें फिक्र, बाहर निकलने से पहले पी लें यह चमत्कारी ड्रिंक   गर्मी का मौसम शुरू होते ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और पेट से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप घर से निकलने से पहले एक खास देसी ड्रिंक पी लें, तो इन दिक्कतों से काफी हद तक बचा जा सकता है. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर डॉ. अनिल पटेल बताते हैं कि सत्तू एक पारंपरिक और बेहद असरदार पेय है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और लू से बचाव में भी कारगर साबित होता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और एनर्जी बनी रहती है.

रील लाइफ में देशभक्ति पर जोर:‘बॉर्डर 2’ के बाद अब 'ऑपरेशन सिंदूर' से भी वरुण बदलेंगे इमेज

रील लाइफ में देशभक्ति पर जोर:‘बॉर्डर 2’ के बाद अब 'ऑपरेशन सिंदूर' से भी वरुण बदलेंगे इमेज

वरुण धवन और मृणाल ठाकुर की जोड़ी जल्द ही ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में 22 मई में नजर आनी है। ‘बॉर्डर 2’ के बाद जहां वरुण अपनी इमेज को नए सिरे से गढ़ने के मिशन पर हैं, वहीं मृणाल लगातार स्क्रिप्ट-आधारित चुनावों से करियर को नई दिशा दे रही हैं। ट्रेड सूत्रों के मुताबिक 2027 दोनों कलाकारों के लिए सिर्फ एक और साल नहीं, बल्कि निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, जहां हर प्रोजेक्ट उनके करियर ग्राफ को नई दिशा देगा। खासतौर पर वरुण के लिए विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ काफी अहम है। प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है फिल्म, स्क्रिप्ट हुई तैयार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है और साल की शुरुआत में रिलीज के लिए आगे बढ़ रही है। वहीं नाग अश्विन वाली फिल्म भी मृणाल के साथ स्क्रिप्टिंग फेज में है और 2027 के मध्य तक रिलीज विंडो देख रही है। अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्क्रिप्ट सुनने के बाद वरुण का क्या फैसला होगा। वह अगले साल के लिए सबसे बड़े नैरेटिव को दिशा दे सकता है। अश्विन के एक प्रोजेक्ट में भी दिखेंगी मृणाल वहीं मृणाल की ‘डकैत’ को काफी सराहना मिली है। नाग अश्विन जैसे निर्देशकों द्वारा मधुबाला और स्मिता पाटिल से की गई तुलना ने उनके लिए स्केल काफी ऊंचा कर दिया है। यही वजह है कि मृणाल अब बेहद सोच-समझकर प्रोजेक्ट्स चुन रही हैं। वह रैंडम फिल्मों से दूरी बना रही हैं और 2027 के लिए ऐसे किरदारों पर फोकस कर रही हैं, जिनमें डेप्थ हो और उन्हें सोलो लीड के तौर पर स्थापित कर सकें, साथ ही नाग अश्विन के एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती बातचीत भी जारी है, जिसकी शूटिंग 2027 के मध्य में शुरू हो सकती है। वरुण के लिए इम्तिहान के जैसी होगी ये फिल्म वरुण के करियर के लिए “ऑपरेशन सिंदूर’ काफी अहम मानी जा रही है। भूषण कुमार के साथ बनने वाली इस फिल्म के लिए वरुण को अप्रोच किया गया है, हालांकि वे स्क्रिप्ट और विजन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही अंतिम फैसला लेंगे। फिल्म को 2027 की शुरुआत में रिलीज करने की प्लानिंग है। इसका विषय एक संवेदनशील सैन्य ऑपरेशन पर बेस्ड है, जो राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छेड़ सकता है। वरुण के लिए एक बार फिर से यथार्थवादी किरदार निभाने का मौका होगा, जिसे ट्रेड उनकी असल परीक्षा मान रहे हैं। ‘है जवानी तो…’ के बाद भी साथ दिख सकते हैं वरुण और मृणाल डेविड के निर्देशन में बनी ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के बाद भी वरुण और मृणाल की जोड़ी एक थ्रिलर फिल्म में साथ दिखेगी। कई प्रोडक्शन हाउस अपनी निवेश रणनीति दोनों की केमिस्ट्री पर टिका कर बैठे हैं और “है जवानी…’ की सफलता का इंतजार कर रहे हैं।

सागर चौपाटी पर 8-10 नकाबपोश बदमाशों का उत्पात:दुकानों और गाड़ियों में की तोड़फोड़, मची भगदड़; CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी

सागर चौपाटी पर 8-10 नकाबपोश बदमाशों का उत्पात:दुकानों और गाड़ियों में की तोड़फोड़, मची भगदड़; CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी

सागर में कटरा और मोतीनगर के बाद अब सिविल लाइन चौराहे के पास स्थित चौपाटी पर शनिवार रात 8-10 नकाबपोश बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। मुंह पर कपड़ा बांधकर आए इन बदमाशों ने बिना किसी बात के दुकानों के काउंटर तोड़े और पार्किंग में खड़े वाहनों को लात मारकर गिरा दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया है और सिविल लाइन पुलिस फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। गाड़ियों से पहुंचे थे बदमाश, अचानक मचाने लगे उत्पात जानकारी के अनुसार, शनिवार रात सिविल लाइन चौराहे के पास बनी चौपाटी पर दुकानें खुली हुई थीं। तभी अचानक गाड़ियों से 8-10 बदमाश वहां पहुंचे। इन सभी ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। इन्होंने बगैर किसी कारण और बातचीत के चौपाटी पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। फुटपाथ पर खड़ी बाइकों को लात मारकर गिराने लगे और दुकानों के काउंटर में तोड़फोड़ की। यह उत्पात देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई और लोग जान बचाकर भागने लगे। पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुए आरोपी, दुकानदार दहशत में घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी बदमाश फरार हो चुके थे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। कैमरों में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। फुटेज में कुछ युवक दुकानों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय दुकानदार दहशत में हैं। थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि उत्पात मचाकर भागे बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।

Cooler Cooling युक्तियाँ: तेज़ गर्मी में भी काम के रूप में काम करता है, ये आसान ट्रिक्स मिनटों में कर दें ठंडा

Cooler Cooling युक्तियाँ: तेज़ गर्मी में भी काम के रूप में काम करता है, ये आसान ट्रिक्स मिनटों में कर दें ठंडा

19 अप्रैल 2026 को 14:56 IST पर अपडेट किया गया कूलर कूलिंग युक्तियाँ: यदि आपका घनत्व भी गर्मियों में तेज गर्म लपेटे हुए लगता है, तो अब चिंता की कोई बात नहीं है। क्योंकि कुछ आसान टिप्स हैं जिनका उपयोग करके ग्लूकोज़ से मिनटों में ठंडी हवा मिलना शुरू हो जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एयर कूलर कूलिंग टिप्स(टी)कूलर गर्म हवा का समाधान देता है(टी)कूलर को ठंडी हवा कैसे बनाएं(टी)ग्रीष्मकालीन कूलिंग हैक्स(टी)कूलर रखरखाव टिप्स(टी)आर्द्रता कम करें कूलर टिप्स(टी)घरेलू कूलिंग ट्रिक्स(टी)कूलर दक्षता में सुधार करें

सतर्क रहें, नमी वाली गर्मी नया खतरा:मध्यम तापमान में लू भी संभव, 80 साल से ज्यादा के डेटा का विश्लेषण

सतर्क रहें, नमी वाली गर्मी नया खतरा:मध्यम तापमान में लू भी संभव, 80 साल से ज्यादा के डेटा का विश्लेषण

भारत में ‘नमी वाली गर्मी’ जलवायु परिवर्तन का सबसे खतरनाक रूप बनती जा रही है। यह तेज तापमान और ज्यादा नमी का ऐसा गठजोड़ है, जिसमें शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता। जर्नल क्लाइमेट डायनैमिक्स में छपी नई स्टडी के मुताबिक केरल में इसका सबसे ज्यादा खतरा है। भारत में अब तक हीटवेव की पहचान ज्यादातर तापमान की सीमा से होती रही है, लेकिन स्टडी कहती है कि सिर्फ तापमान से असली खतरा नहीं समझ आता। ज्यादा नमी में पसीना जल्दी नहीं सूखता, शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल होने लगता है, कोर बॉडी टेम्परेचर बढ़ता है और कुछ मामलों में कुछ देर में हीटस्ट्रोक तक हो सकता है। ऐसे में ज्यादा नमी में मध्यम तापमान भी जानलेवा बन सकता है। यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अक्षय देओरस के नेतृत्व में हुई रिसर्च में 80 साल से ज्यादा के मौसम डेटा का विश्लेषण किया गया। खतरे की टाइमिंग और जगह तय करने में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बड़ी भूमिका है। देओरस के मुताबिक मानसून के पैटर्न को 4 हफ्ते पहले तक अनुमान लगाया जा जा सकता है, इसलिए लोगों को पहले से चेतावनी देकर तैयारी का मौका मिल सकता है। केरल में अब दिन के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं केरल में अब दिन गर्म होने के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं। इससे शरीर को रिकवरी का समय कम मिलता है। शहरों में गर्मी ज्यादा देर तक फंस रही है और समुद्री हवाएं भी पहले जैसी नहीं रहीं। इससे हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है। ऐसे में अगर तापमान हीटवेव की मान्य सीमा से नीचे है, फिर भी लोगों को गंभीर परेशानी हो रही है। तापमान नहीं, ‘वेट-बल्ब’ ज्यादा सही पैमाना कई वैज्ञानिक वेट-बल्ब तापमान को भरोसेमंद मानते हैं। यह गर्मी और नमी दोनों को जोड़कर खतरा बताता है। वेट-बल्ब तापमान 35° सेल्सियस हो जाए, तो छाया में बैठा स्वस्थ इंसान भी 6 घंटे में खतरे में आ सकता है। क्योंकि ऐसे में शरीर खुद को ठंडा करने में पूरी तरह असमर्थ हो जाता है। बारिश में उत्तर भारत में रहता है ज्यादा जोखिम जब मानसून अपने ‘सक्रिय चरण’ में होता है, तो मध्य और उत्तरी भारत में भारी बारिश होती है। इस दौरान हवा में नमी (उमस) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। अध्ययन कहता है कि इस स्थिति में उत्तरी भारत में नमी वाले लू चलने की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है। अध्ययन के अनुसार, घातक नमी वाली गर्मी के लिए मानसून की आंतरिक हलचल जिम्मेदार है। इससे बारिश रुकने पर भी खतरा बना रहता है। ‘ब्रेक’ मानसून में प्रायद्वीपीय भारत में बढ़ जाता है खतरा जब मानसून ‘ब्रेक फेज’ में जाता है, तो बारिश रुक जाती है और बादल छंट जाते हैं, जिससे सूरज की सीधी गर्मी बढ़ती है। बारिश तो रुक जाती है, लेकिन हवा में मौजूद नमी गायब नहीं होती, वह वहीं टिकी रहती है। यह वह समय होता है जब केरल और दक्षिण भारत के अन्य राज्य सबसे अधिक असुरक्षित हो जाते हैं। इन्हें ज्यादा खतरा – बिना कूलिंग सुविधा वाले परिवार। – बुजुर्ग, जिनके घरों में वेंटिलेशन कम है। – बाहर काम करने वाले मजदूर।

चीन में शादी बचाओ अभियान फेल:तलाक के 70% केस महिलाएं कर रहीं; आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति में बढ़ोतरी का असर

चीन में शादी बचाओ अभियान फेल:तलाक के 70% केस महिलाएं कर रहीं; आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति में बढ़ोतरी का असर

चीन में तलाक तेजी से बढ़े हैं। खासकर महिलाओं की ओर से तलाक की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। समाजशास्त्री कहते हैं कि तलाक की बढ़ती प्रवृत्ति का एक बड़ा कारण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति में बढ़ोतरी है। शहरों में रहने वाली आधुनिक महिलाएं अब ‘खराब रिश्तों से बाहर निकलने’ के लिए तलाक का विकल्प चुन रही हैं, बजाय समाज के दबाव में जीवन गुजारने के। वहीं सरकार ने तलाक को चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए ‘कूलिंग-ऑफ’ नियम लागू किया है, जिसमें तलाक तुरंत मंजूर नहीं होता। इसके बावजूद तलाक के केस बढ़ रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में सहमति से हुए तलाक की संख्या 5 साल में सबसे ज्यादा थी, जब 27 लाख से ज्यादा तलाक दर्ज हुए। यह 2021 की तुलना में 28% अधिक है। तलाक के करीब 70% केस महिलाएं दायर कर रही हैं। वहीं, 1980 के बाद विवाह दर में ऐतिहासिक गिरावट आई। पिछले 44 साल में सबसे कम शादियां हुई। ‘सिंगल’ रहना नया स्टेटस सिंबल बन रहा है। आर्थिक मंदी और पारिवारिक संरचना में बदलाव ने इस प्रवृत्ति को और तेज किया है। समाज वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव चीनी समाज में ‘पारंपरिक परिवार मॉडल’ के अंत और ‘निजी आजादी’ की ओर एक बड़ा कदम दर्शाता है।’ अब महिलाएं अपनी अलग पहचान और आत्मसम्मान के लिए तलाक को नए सामाजिक अधिकार की तरह देख रही हैं। यह सामाजिक बदलाव और महिलाओं के बढ़ते अधिकारों का संकेत है। अब बराबरी, सम्मान व पसंद-नापसंद को लेकर मुखर चीन की सरकार ने 2021 में नया नियम 30 दिन का ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लागू किया। यानी तलाक रजिस्ट्रेशन से पहले 30 दिन की अनिवार्य ‘सोचने की मोहलत’ रखी गई। इससे शुरुआत में तलाक घटे, लेकिन फिर बढ़ गए। महिलाएं रिश्तों में बराबरी, सम्मान और पसंद-नापसंद को लेकर पहले से ज्यादा मुखर हैं। शंघाई में फैमिली लॉ की वकील गुई फांगफांग बताती हैं, ‘पहले महिलाएं तलाक के लिए आम तौर पर बड़े अत्याचारों का हवाला देती थीं। जैसे- घरेलू हिंसा, विवाहेतर संबंध या जुए जैसी गैर-जिम्मेदार आदतें। अब महिलाएं कारण बताती हैं- ‘शादी की क्वालिटी अच्छी नहीं’ या ‘हमारे मूल्य मेल नहीं हो पा रहे हैं।’

सागर में B.Com के छात्र ने लगाई फांसी:रहली में 21 साल के युवक का शव फंदे पर मिला; मोबाइल कॉल डिटेल की जांच होगी

सागर में B.Com के छात्र ने लगाई फांसी:रहली में 21 साल के युवक का शव फंदे पर मिला; मोबाइल कॉल डिटेल की जांच होगी

सागर जिले के रहली स्थित वार्ड क्रमांक-6 में रविवार सुबह 21 वर्षीय बीकॉम के छात्र ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार रात वह कमरे में मोबाइल चला रहा था और सुबह मां ने उसे फंदे पर लटके देखा। रहली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए युवक का मोबाइल जब्त कर कॉल डिटेल की जांच कर रही है। मां कमरे में पहुंची तो फंदे पर झूल रहा था बेटा पुलिस के अनुसार, वार्ड क्रमांक-6 (रहली) निवासी यशवंत बेलदार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यशवंत ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर का बेटा गौरव बेलदार (21) सागर के ऑर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से बीकॉम सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात करीब 12 बजे यशवंत घर पर टीवी देख रहे थे और गौरव अपने कमरे में मोबाइल चला रहा था। इसके बाद यशवंत सो गए। रविवार सुबह करीब 5 बजे पत्नी संध्या सोकर उठीं। कुछ देर बाद वह कमरे में गईं, तो देखा कि गौरव फंदे पर झूल रहा है। रस्सी काटकर अस्पताल ले गए, डॉक्टर ने किया मृत घोषित पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग कमरे में पहुंचे। परिजनों ने फंदे की रस्सी काटकर गौरव को नीचे उतारा और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर रहली पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। युवक के आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल निकाली जा रही है।

कैथल के युवक की अमेरिका में एक्सीडेंट में मौत:ट्रक ने मारी पीछे से टक्कर, जिंदा जला, 10 साल पहले गया था विदेश

कैथल के युवक की अमेरिका में एक्सीडेंट में मौत:ट्रक ने मारी पीछे से टक्कर, जिंदा जला, 10 साल पहले गया था विदेश

कैथल जिले के गांव बाकल के करीब 26 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। युवक रास्ते में हुए एक एक्सीडेंट के चलते अपने ट्रक समेत साइड में रुका हुआ था। उसके ट्रक में केमिकल भरा हुआ था। पीछे से अचानक दूसरा ट्रक आया और ट्रक के पीछे टक्कर मार दी। इससे युवक के ट्रक में भरे केमिकल में आग लग गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 2016 में अमेरिका गया था गांव बाकल का रहने वाला सिमरनजीत सिंह करीब 10 साल पहले वर्ष 2016 में अमेरिका गया था और वहां पर केलिफोर्निया में ट्रक चलाता था। बीती रात हादसे के कारण ट्रक में आग लग गई जिससे उसकी मौत हो गई। वह ट्रक में ही जल गया। परिवार ने युवक का अंतिम संस्कार करने के लिए उसका शव भारत लाने में सहायता करने की सरकार से गुहार लगाई है। विदेश में ट्रक चलाता था चचेरा भाई : इंद्रपाल मृतक युवक के चेहरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसके चाचा का लड़का सिमरनजीत सिंह अमेरिका में ट्रक चलाता था। परिवार ने युवक को इस उम्मीद से विदेश भेजा था कि वह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन जैसे ही उनके पास युवक की मृत्यु होने की सूचना पहुंची तो परिवार के लोगों को काफी आघात पहुंचा। दो बहनें भी अमेरिका में रहती हैं इंद्रपाल ने बताया कि सिमरनजीत सिंह के परिवार में उसके पिता सरदार गुरनाम सिंह और माता सुरजीत कौर के अलावा तीन बहनें और हैं। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है, जिनमें से दो बहनें अमेरिका में रहती है, जबकि एक बहन कैथल में ही रहती है। उन्होंने बताया कि परिवार ने करीब 50 लाख रुपए राशि लगाकर उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा था। सिमरनजीत सिंह के पिता 8 एकड़ जमीन के जमींदार हैं और बुजुर्ग हो चुके हैं। वे गांव में ही रहते हैं। युवक की शादी करने की सोच रहा था परिवार उन्होंने बताया कि सिमरनजीत सिंह का रिश्ता हो चुका था। अब समय निकालकर परिवार उसकी शादी करने के बारे में सोच रहा था, लेकिन परिवार को नहीं पता था कि उनके बेटे की शादी की सपना अधूरे रह जाएंगे। परिवार के लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को अंतिम दर्शन के लिए भारत लाने में सहायता की जाए।

गर्मी की छुट्टियां मनाने जा रहे हैं बाहर, बैग में तुरंत रख लें 5 चीजें, तबीयत बिगड़ने का नहीं रहेगा खतरा

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Last Updated:April 19, 2026, 14:18 IST Summer Travel Essentials: गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने जाते हैं, लेकिन सफर के वक्त तबीयत बिगड़ना कॉमन है. गंगाराम हॉस्पिटल की डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार गर्मियों में ट्रैवल करते समय ORS, दवाइयां, सनस्क्रीन, पानी और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजें अपने साथ रखें. इससे आप अपनी यात्री को सेफ और आरामदायक बना सकते हैं. गर्मी में बाहर जाते वक्त अपने बैग में ORS, पैरासिटामोल, पानी की बोतल जैसी चीजें जरूर रखें. Doctor Tips To Avoid Health Issues: गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने का प्लान बनाते हैं. इसके लिए लोग अच्छे तरीके से पैकिंग करते हैं और ट्रैवलिंग के दौरान फुल एंजॉयमेंट का प्लान बनाते हैं. इस दौरान लोग अक्सर कपड़े, टिकट और होटल की तैयारी तो कर लेते हैं, लेकिन हेल्थ से जुड़ी जरूरी चीजें पैक करना भूल जाते हैं. तेज धूप, डिहाइड्रेशन और मौसम में बदलाव की वजह से तबीयत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप कुछ जरूरी चीजें अपने बैग में पहले से रख लें, तो सफर के दौरान होने वाली छोटी-मोटी परेशानियों से आसानी से बच सकते हैं. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया घर से निकलते वक्त आप अपने बैग में ओआरएस का पैकेट जरूर रख लें. गर्मी में शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकलते हैं, जिससे कमजोरी और चक्कर आने की समस्या हो सकती है. ORS का घोल शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को तुरंत पूरा करता है, इसलिए ट्रैवलिंग के दौरान इसे हमेशा साथ रखें. इसके अलावा पैरासिटामोल टेबलेट्स भी बैग में जरूर रख लें. मौसम बदलने या थकान की वजह से सिरदर्द या हल्का बुखार आ सकता है. ऐसे में पैरासिटामोल एक बेसिक और सुरक्षित दवा मानी जाती है, जो तुरंत राहत देने में मदद करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि तेज धूप में बाहर घूमते समय स्किन को नुकसान से बचाने के लिए सनस्क्रीन बेहद जरूरी है. यह सनबर्न, टैनिंग और स्किन डैमेज से बचाती है. खासकर अगर आप लंबे समय तक धूप में रहने वाले हैं, तो सनस्क्रीन ले जाना बिल्कुल न भूलें. इसके अलावा घर से निकलते वक्त बैग में पानी की बोतल जरूर रखें. सफर के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. हमेशा अपने साथ साफ पानी की बोतल रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके. अगर संभव हो, तो पानी की 2-3 बोतलें साथ रखें. इससे आपको बाहर से पानी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एक्सपर्ट के मुताबिक ट्रैवल करते वक्त हैंड सैनिटाइजर भी अपने साथ जरूर रखना चाहिए. यात्रा के दौरान कई जगहों पर साफ-सफाई की कमी हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में हाथों को साफ रखने के लिए सैनिटाइजर बहुत काम आता है और आपको बीमारियों से बचाता है. गर्मी की छुट्टियों में सिर्फ मजा ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. अगर आप इन आसान चीजों को अपने बैग में रख लेते हैं, तो सफर के दौरान होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं और अपनी छुट्टियों का पूरा आनंद उठा सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 19, 2026, 14:18 IST

रथ पर विराजे भगवान परशुराम, देखिए PHOTOS:अशोकनगर में निकली शोभायात्रा; विशेष विमान रहा मुख्य आकर्षण

रथ पर विराजे भगवान परशुराम, देखिए PHOTOS:अशोकनगर में निकली शोभायात्रा; विशेष विमान रहा मुख्य आकर्षण

अशोकनगर शहर में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पुराना बाजार स्थित परशुराम धर्मशाला से शुरू हुई यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी, जिसमें विशेष रूप से सजाया गया विमान और रथ पर विराजमान भगवान परशुराम आकर्षण का केंद्र रहे। वर्तमान में शहर के विभिन्न स्थानों पर सभी समाजों द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया है और दिनभर पूजा-पाठ का दौर जारी है। ढोल-नगाड़ों पर नाचे श्रद्धालु, झांकियों ने मोहा मन शोभायात्रा पुराना बाजार स्थित परशुराम धर्मशाला से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य चौराहों से गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जो ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते चल रहे थे। यात्रा में भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। एक रथ पर फरसा धारण किए भगवान परशुराम विराजमान थे। वहीं, उनके छायाचित्र को एक सुसज्जित छोटे वाहन में स्थापित किया गया था। इस दौरान विशेष रूप से सजाया गया एक विमान झांकी का मुख्य आकर्षण रहा। इंदिरा और गांधी पार्क में हुआ स्वागत, सभी समाज हुए शामिल यात्रा के दौरान शहर के इंदिरा पार्क, गांधी पार्क सहित विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने फूल बरसाए और भगवान परशुराम की आरती उतारकर पूजन-अर्चन किया। शोभायात्रा से पहले सुबह से ही पूजा-पाठ का क्रम शुरू हो गया था। शोभायात्रा का मुख्य आयोजन ब्राह्मण समाज द्वारा किया गया था। इस आयोजन में ब्राह्मण समाज के साथ-साथ सभी समाजों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश देखने को मिला। देखिए तस्वीरें….