मूवी रिव्यूः भूत बंगला:भूल भुलैया जैसी उम्मीद देकर अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जोड़ी ने किया निराश, डर-कॉमेडी में अधूरापन, कहानी और म्यूजिक भी बेअसर

रेटिंग- 2.5/5 रनटाइम- 174 मिनट 57 सेकंड स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, तबू, परेश रावल, राजपाल यादव डायरेक्टर- प्रियदर्शन अक्षय कुमार और प्रियदर्शन जब भी साथ आते हैं, दर्शकों को भूल भुलैया, हेरा फेरी, भागम भाग जैसी एंटरटेनिंग फिल्मों की उम्मीद होती है। लेकिन फिल्म भूत बंगला में ये जोड़ी इस बार वैसा कमाल नहीं दिखा पाती। फिल्म हॉरर, कॉमेडी और मिस्ट्री का मिक्स तो है, लेकिन इसका असर हर जगह बराबर नहीं दिखता। एक नजर भूत बंगला के रिव्यू पर- कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी की शुरुआत होती है श्रापित गांव मंगलपुर से, जहां यह माना जाता है कि शादी करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि यहां नई दुल्हन को वधुसुर नाम का राक्षस उठा ले जाता है। अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) लंदन में अपने पिता वासुदेव और बहन मीरा के साथ रहते हैं। मीरा की शादी तय होती है, तभी उन्हें पता चलता है कि उनके दादा 500 करोड़ की संपत्ति और मंगलपुर की हवेली मीरा के नाम कर गए हैं। अर्जुन, मीरा की शादी उसी पुश्तैनी हवेली में करने के लिए मंगलपुर पहुंचता है। लेकिन जैसे-जैसे शादी करीब आती है, हवेली में अजीब और डरावनी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। इसी दौरान अर्जुन के सामने कई पुराने राज खुलते हैं और उसे पता चलता है कि मीरा ही वधुसुर के निशाने पर है, क्योंकि उसे मारकर वधुसुर अमर हो सकता है। अब कहानी इस सवाल पर आकर टिकती है कि क्या अर्जुन अपनी बहन और मंगलपुर को इस खतरे से बचा पाएगा। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अक्षय कुमार इस बार उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते। उनकी कॉमिक टाइमिंग, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है, यहां बनावटी और ज्यादा मेहनत करती हुई लगती है। राजपाल यादव फिल्म के असली मजबूत सहारा बनकर उभरते हैं, उनकी कॉमेडी ही कई जगह फिल्म को संभालती है। परेश रावल का काम ठीक-ठाक है, लेकिन उनसे जो उम्मीद रहती है, वो यहां नजर नहीं आती। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने आधे मन से अभिनय किया हो। फिल्म की लीड एक्ट्रेस वामिका गब्बी को बहुत कम स्क्रीन टाइम मिला है और अक्षय के साथ उनकी केमिस्ट्री भी जबरदस्ती की लगती है। तब्बू, मिथिला पालकर और जेस्सु सेनगुप्ता जैसे कलाकारों का इस्तेमाल भी सीमित और अधूरा लगता है। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू? प्रियदर्शन इस बार अपने ही बनाए मापदंडों पर खरे नहीं उतरते। फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ महसूस होता है, जहां पहला भाग काफी खिंचा हुआ और उबाऊ लगता है, वहीं दूसरा भाग थोड़ी रफ्तार पकड़ता है और कहानी को कुछ हद तक संभालता है। हॉरर एलिमेंट्स में साउंड का इस्तेमाल कुछ जगह असरदार है, लेकिन डर का माहौल लगातार नहीं बन पाता। VFX कई जगह कमजोर और बनावटी लगता है, जिससे फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है। डायलॉग्स औसत हैं और कॉमिक पंच कई बार ऐसे लगते हैं जैसे पहले से सुने हुए हों, जिससे हंसी कम और निराशा ज्यादा होती है। कुल मिलाकर निर्देशन में वो धार और कसावट नहीं दिखती, जिसकी इस जोड़ी से उम्मीद की जाती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक इसका सबसे कमजोर पक्ष है। भूल भुलैया के गाने आज भी लोगों को याद हैं, लेकिन भूत बंगला का एक भी गाना ऐसा नहीं जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट:फिल्म देखें या नहीं? भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो भूल भुलैया की याद दिलाती है, लेकिन उस स्तर का मनोरंजन नहीं दे पाती। कमजोर स्क्रीनप्ले, फीका म्यूजिक और औसत अभिनय इसे पूरी तरह असरदार बनने से रोकते हैं। अगर आप हल्की-फुल्की हॉरर-कॉमेडी और राजपाल यादव की कॉमेडी के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो एक बार देख सकते हैं।
सीहोर के ब्लैकलिस्टेड वेयरहाउस में सरकारी अनाज:उसी परिसर में नए नाम से खरीदी केंद्र खोला, सरकार किराया भी दे रही

सीहोर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्टर द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए चार वेयरहाउसों में अभी भी सरकारी अनाज भरा हुआ है, जिसका किराया सरकारी खजाने से दिया जा रहा है। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हीं ब्लैकलिस्टेड परिसरों में नए नाम से खरीदी केंद्र खोलकर फिर से अनाज की खरीदी शुरू कर दी गई है। पिछले साल गेहूं उपार्जन के दौरान जिले के चार प्रमुख वेयरहाउसों में बड़ी अनियमितताएं पाई गई थीं। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने इन वेयरहाउसों को वर्ष 2026-27 तक के लिए ब्लैकलिस्ट और निलंबित कर दिया था। नियम- तुरंत खाली किया जाता है ब्लैकलिस्ट वेयरहाउस नियमों के अनुसार, जिन वेयरहाउसों को ब्लैकलिस्ट किया जाता है, उनसे सरकारी माल तुरंत खाली कराया जाना चाहिए। हालांकि, निलंबन के बावजूद इन वेयरहाउसों में अभी भी गेहूं का स्टॉक जमा है और सरकार इन वेयरहाउस मालिकों को किराया दे रही है। यह सवाल उठता है कि जब इन केंद्रों को अपात्र घोषित कर दिया गया है, तो सरकारी खजाने से इन्हें किराया क्यों दिया जा रहा है। उसी परिसर में नए नाम से ले लिया वेयरहाउस इस मामले में चरनाल में सबसे चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसी परिसर में अब एक नया केंद्र खोल लिया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस नए नाम वाले वेयरहाउस को इस साल खरीदी के लिए चयनित भी कर लिया गया है और वहां काम भी शुरू हो चुका है। इस पूरे मामले पर जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिए। नोडल अधिकारी इमरतलाल सूर्यवंशी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अलग नाम से वेयरहाउस ले सकता है। समितियों और आपूर्ति विभाग का काम है कि वे इसकी जांच करें। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का माल उठ चुका है, लेकिन 2025 का माल केंद्र कब उठाएगा, यह तय नहीं है। श्यामपुर वेयरहाउस की शाखा प्रबंधक दीप्ति सिंह ने कहा कि प्रोपराइटर बदलकर आवेदन कर सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर इसमें गड़बड़ी पाई जाती है या नियमों का उल्लंघन होता है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
विद्युत जामवाल की हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ का ट्रेलर रिलीज:इंटेंस और डार्क रोल में नजर आए एक्टर, 16 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होगी

पैरामाउंट पिक्चर्स की फिल्म स्ट्रीट फाइटर का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज कर दिया। फिल्म में नोआ सेंटिनियो, जेसन मोमोआ और एंड्रयू कोजी मुख्य भूमिकाओं में हैं। खास बात यह है कि इसमें बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल धाल्सिम के रोल में नजर आएंगे। फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म से विद्युत हॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। ट्रेलर में विद्युत पूरी तरह बाल्ड लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनके शरीर पर बने टैटू और रग्ड स्टाइलिंग दिख रही है। इसके साथ ही उनका लीन और मस्कुलर फिजीक धाल्सिम के योगा-आधारित फाइटिंग स्टाइल को बखूबी दर्शाता है। ट्रेलर में धाल्सिम का किरदार पारंपरिक शांत योगी की इमेज से थोड़ा अलग नजर आ रहा है। विद्युत की इंटेंस आंखें और खतरनाक एक्सप्रेशन उनके किरदार को एक डार्क और पावरफुल ट्विस्ट देते हैं। ट्रेलर में फिल्म के एक्शन और फाइट सीक्वेंस की झलक दिखाई गई है। फिल्म को 1993 की पृष्ठभूमि में सेट किया गया है, जहां रयू और केन मास्टर्स फिर से एक बड़े मुकाबले में उतरते हैं। कहानी में चुन-ली उन्हें वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट के लिए तैयार करती है। इस टूर्नामेंट के पीछे एक साजिश छिपी है, जो दोनों को आमने-सामने खड़ा करती है और उनके अतीत से जुड़ी चुनौतियों को सामने लाती है। फिल्म की स्टारकास्ट फिल्म का डायरेक्शन किताओ सकुराई ने किया है। इसमें नोआ सेंटिनियो (केन मास्टर्स), एंड्रयू कोजी (रयू), कैलिना लियांग (चुन-ली), जो अनोआई (अकुमा), डेविड डास्टमलचियन (एम. बाइसन), कोडी रोड्स (गाइल), एंड्रयू शुल्ज (डैन हिबिकी), एरिक आंद्रे (डॉन सॉवेज), विद्युत जामवाल (धाल्सिम), ऑरविल पेक (वेगा), ओलिवियर रिच्टर्स (जैंगिफ), हिरोकी गोटो (ई. होंडा), रैना वल्लैंडिंघम (जुली), अलेक्जेंडर वोल्कानोव्स्की (जो), कर्टिस ‘50 सेंट’ जैक्सन (बालरॉग) और जेसन मोमोआ (ब्लांका) शामिल हैं।
आम ही नहीं इसकी गुठली में भी छिपे हैं बेशुमार फायदे, जान लेंगे तो भूलकर भी नहीं फेकेंगे गुठलियां

Last Updated:April 17, 2026, 09:12 IST गर्मियों में आम आते ही सभी उसकी अलग-अलग डिश बनाकर खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन उसकी गुठली फेंक देते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि क्यों इसकी गुठली फेंकना गलती हो सकती है. आम फलों का राजा यूं ही नहीं कहलाता, उसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चे-बूढ़े सभी उसे खाना पसंद करते हैं. इसके मीठे स्वाद के सभी दीवाने होते हैं. कुछ इसे साबुत खाना पसंद करते हैं, तो कुछ को इसका शेक बनाकर पीना ज्यादा रास आता है, तो कुछ को आम रस भाता है. एक आम के अनेकों रूप आपको हमारे घरों में मिल जाएंगे, लेकिन एक बात कॉमन है. वह है, आम खाकर सभी उसकी गुठली फेंक देते हैं, लेकिन आज हम आपको इसके कुछ ऐसे फायदे बताने वाले हैं, जो आपने पहले शायद ही सुने हो. आम की गुठली में कई विटामिन, मिनरल और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह सेहत के लिए इतना फायदेमंद होता है. इसे सुखाकर, उसका पाउडर बना सकते हैं, उसका बटर या ऑयल भी बना सकते हैं, जो आपको कई हैरान करने वाले फायदे पहुंचा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google डैंड्रफ की समस्या सिर्फ सर्दी ही नहीं बल्कि, गर्मियों में भी आपको परेशान कर सकती है. इससे छुटकारा दिलाने में आम की गुठली काफी मददगार हो सकती है. इससे बने बटर को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें. इससे स्कैल्प मॉइस्चराइज होगी और बालों में चमक भी आएगी. कोलेस्ट्रॉल की ज्यादा मात्रा जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसलिए बैंड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है. इसे कंट्रोल करने में आम की गुठली फायदेमंद हो सकती है. इसके पाउडर की मदद से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के साथ-साथ ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है. मोटापा कई बीमारियों के खतरे को दोगुना कर देता है. इसलिए हेल्दी वजन होना बहुत जरूरी है. वजन कम करने में आम की गुठली मददगार हो सकती है. यह मेटाबॉलिक रेट तेज करता है, जिससे फैट बर्न होता है और वजन कम होता है. आम की गुठली दस्त की समस्या को ठीक करने में भी मदद कर सकती है. इससे बने पाउडर से दस्त से आराम मिलता है, लेकिन इसे खाने की मात्रा का ध्यान रखें. वहीं, दांतो की ठीक से सफाई न होने पर उनमें सड़न और दर्द की समस्या हो सकती है, ऐसे में आम की गुठली से बना पाउडर दांतों से प्लेग साफ करने में मदद कर सकता है. इसके पाउडर से ब्रश करने से दांत मजबूत और हेल्दी बनते हैं. आम की गुठली कोलेस्ट्रॉल तो कम करती ही है. साथ ही यह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को भी कम करने में कारगर हो सकती है. हाई ब्लड प्रेशर की वजह से स्ट्रोक का भी खतरा रहता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है. इसलिए आम की गुठली दिल को हेल्दी बनाए रखने में मददगार होती है. एक्ने की वजह से चेहरे पर दाग-धब्बे और निशान हो सकते हैं. आम की गुठली एक्ने की समस्या को कम करने में मददगार हो सकती है. इसके पाउडर में टमाटर का रस मिलाएं और स्क्रब करें. इससे डेड स्किन सेल्स हटेंगे और त्वचा निखरी हुई नजर आएगी. वहीं, आम की गुठली से बना तेल स्किन को मॉइस्चराइज करता है, जिससे त्वचा रूखी और खिंची-खिंची नजर नहीं आती. यह स्किन को बहुत ऑयली भी नहीं बनाता, जो इसकी खास बात है. आम की गुठली होठों की ड्राईनेस दूर करने में भी मदद करते हैं. इससे बने बटर को लिप बाम के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे होंठ मॉइस्चराइज होते हैं और फटते नहीं है. साथ ही यह प्राकृतिक होता है, जिससे नुकसान का खतरा भी कम होता है. आम की गुठली न केवल डैंड्रफ कम करने में मददगार है, बल्कि यह बालों को मजबूती और पोषण भी देता है. इसमें मौजूद फैटी एसिड्स बालों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इससे बाल मजबूत बनते हैं और उनका टूटना व झड़ना कम होता है. First Published : April 17, 2026, 09:12 IST
अवैध हथियार समेत चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े:कार में बैठे थे कट्टा कारतूस बरामद, अरोपियों में दो बाल अपाचारी

मुरैना में नगरा पुलिस ने एक कार से चार युवकों को गिरफ्तार किया है कार की तलाशी लेने पर उसमें एक कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने चारों युवकों को पकड़ पूछताछ की तो उसमें दो बाल आपाचारी निकले। पुलिस ने चारों पर मामला दर्ज कर लिया है। कार और हथियार को जब्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वारदात की फिराक में थे नगरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि बस स्टैंड के पास एक कार क्रमांक HR 55 AD 0549 खड़ी है उसमें चार युवक बैठे हैं जिनके पास हथियार भी हैं। किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस के द्वारा दो टीम बनाकर घेरा बंदी की और कार में बैठे चारों युवकों को पकड़ा और कार की तलाशी ली तो उसमें अवैध हथियार कट्टा और चार कारतूस बरामद हुए। कार और हथियार जब्त कर आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ़्तार किया गया। थाने में पूछताछ में इनमें दो बाला आपाचारी निकले। एसडीओपी रवी भदौरिया के अनुसार मुखबिर की सूचना पर कार में चार युवक पकड़े पूछताछ में दो बाल आपाचारी निकले। सभी को गिरफ्तार किया गया है
पंजाब- AAP मंत्री-2 पार्टनरों पर ED रेड:लुधियाना-जालंधर, गुरुग्राम-चंडीगढ़ में 13 ठिकाने खंगाल रही टीमें; CM बोले- लोकतंत्र की हत्या

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दिग्गज मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की रेड हुई है। जांच एजेंसी की टीमें शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे ही लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित उनके घर (कोठी नंबर- 3311) में पहुंच गईं। इसके बाद बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर अंदर-बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई। जिस वक्त रेड हुई, मंत्री घर पर नहीं थे। लुधियाना के अलावा जालंधर में भी रियल एस्टेट कारोबारी हेमंद सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर ED ने रेड की है। सूद हैम्पटन होम्स के डायरेक्टर हैं और संजीव अरोड़ा के करीबी माने जाते हैं। हेमंत सूद के लुधियाना में सराभा नगर स्थित कोठी नंबर 175-I पर भी रेड चल रही है। अग्रवाल की भी अरोड़ा के रियल एस्टेट कारोबार में पार्टनरशिप है। मंत्री और उनके पार्टनर्स के लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ स्थित कुल 13 ठिकानों पर ED की टीमें जांच कर रही हैं। ED से जुड़े सोर्सेज के अनुसार मंत्री पर यह रेड जमीन सौदे को लेकर हुई है। सोर्सेज के मुताबिक ED को शक है कि मंत्री अरोड़ा ने सूद के साथ मिलकर हैम्पटन होम्स वाली जमीन का चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) गलत तरीके से किया। जिसके बाद इंडस्ट्रियल जमीन को रेजिडेंशियल में बदल दिया गया। इसमें नियमों को अनदेखा किया गया। ED की रेड होते ही केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया पर मंत्री संजीव अरोड़ा की फोटो लगाकर लिखा- सब फड़े जाणगे (सब पकड़े जाएंगे)। रेड के बाद CM भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कहा- पिछले कुछ समय से लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे काटा जा रहा है। नॉन बीजेपी सरकारों को तंग किया जा रहा है। डराने-धमकाने की राजनीति जारी है। BJP लोगों से नहीं बल्कि सीबीआई, ED, चुनाव आयोग या डराने वाले दफ्तरों के जरिए चुनाव जीतती है। मैं कहना चाहता हूं कि 2027 की तैयारी करनी है तो लोगों के बीच जाकर करो, ED या CD से नहीं। वहीं, मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपने X हैंडल पर लिखा- मैं देश का जिम्मेदार नागरिक हूं और एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा। मुझे विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी। नीदरलैंड के दौरे पर मंत्री अरोड़ा सूत्रों के मुताबिक संजीव अरोड़ा गुरुवार रात को इन्वेस्ट पंजाब के तहत निवेशकों से मुलाकात करने के लिए नीदरलैंड के दौरे पर रवाना हुए। वह एम्स्टर्डम में वहां के उद्यमियों से मुलाकात करेंगे और पंजाब में निवेश करने को लेकर चर्चा करेंगे। ED रेड से जुड़े बड़े अपडेट्स… मंत्री पर ED रेड से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
होटल रूम तौलिया: होटल के कमरे में रखें हर तौलिये का खास मतलब, इस्तेमाल का ये नियम जान लें; नहीं तो उड़ सकता है मजाक

17 अप्रैल 2026 को 08:46 IST पर अपडेट किया गया होटल के कमरे का तौलिया: विला के होटल में प्रवेश करते समय ही सफेद तौलिये का ढेर दिखाई देता है। अक्सर लोग केवल सजावट या साधारण तटस्थता समझकर किसी भी काम में इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन होटल के ढहने के अनुसार, हर आकार के शोलिये का एक खास मतलब होता है। आइए जानते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)होटल तौलिया शिष्टाचार(टी)होटलों में तौलिये के प्रकार(टी)स्नान चटाई बनाम स्नान तौलिया(टी)होटल तौलिये का उपयोग कैसे करें(टी)होटल के कमरे की स्वच्छता युक्तियाँ(टी)स्नान शीट बनाम स्नान तौलिया(टी)चेहरा तौलिया क्या है(टी)होटल हाथ तौलिया का उपयोग(टी)होटलों में अलग तौलिये का महत्व(टी)होटल बाथरूम शिष्टाचार
कर्नाटक कांग्रेस में एक और दरार, इस बार अल्पसंख्यक एमएलसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 08:45 IST आरडीपीआर और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने मामला उठाते हुए तर्क दिया कि जब्बार और नसीर अहमद के खिलाफ उठाए गए कदम “जल्दबाजी” और “कठोर” थे। प्रियांक खड़गे (बाएं) और ईश्वर खंड्रे (दाएं)। (छवि: पीटीआई) दो एमएलसी, जो प्रमुख अल्पसंख्यक नेता भी हैं, के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के बाद कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जिससे सिद्धारमैया कैबिनेट में तीव्र विभाजन शुरू हो गया। एमएलसी अब्दुल जब्बार को हाल ही में दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव से जुड़ी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए 15 अप्रैल को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। पार्टी सूत्रों ने कहा कि जब्बार पर चुनाव के दौरान आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया था, स्थानीय नेताओं की शिकायतों और आलाकमान को सौंपी गई रिपोर्ट में अंदर से “तोड़फोड़” की ओर इशारा किया गया था। उसी समय, एमएलसी नसीर अहमद को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से हटा दिया गया, यह कदम उसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के हिस्से के रूप में देखा गया। हालांकि किसी भी औपचारिक सार्वजनिक स्पष्टीकरण में आरोपों की पूरी सीमा का विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि कार्रवाई आंतरिक असंतोष और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक मजबूत संदेश भेजने के लिए थी। हालाँकि, दोनों निर्णय निर्विरोध नहीं हुए। मामला कैबिनेट में फैल गया, जहां कार्रवाई के समय और तरीके दोनों पर बड़ी असहमति हो गई। आरडीपीआर और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने मामला उठाते हुए तर्क दिया कि जब्बार और नसीर अहमद के खिलाफ उठाए गए कदम “जल्दबाजी” और “कठोर” थे। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह की कार्रवाई को अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को निशाना बनाने के रूप में देखा जा सकता है, जिन्होंने पारंपरिक रूप से कांग्रेस का समर्थन किया है, और राज्य भर में संभावित राजनीतिक नतीजों की चेतावनी दी। खड़गे का समर्थन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि पार्टी को “जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए जिससे अल्पसंख्यक समर्थन खो सकता है।” उन्होंने सवाल किया कि क्या दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के निहितार्थों पर पूरी तरह से विचार किया गया था। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि फैसले के पहलू मुस्लिम समुदाय को गलत संकेत भेज सकते हैं और वहां पहले से ही असंतोष बढ़ रहा है। इसका उत्तर कर्नाटक के मंत्रियों ईश्वर खंड्रे और एसएस मल्लिकार्जुन, जो चुनाव प्रचार में शामिल थे, के तीव्र प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। मल्लिकार्जुन के बेटे शमंत को टिकट दिया गया और स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने यह कहते हुए विरोध किया कि दावणगेरे दक्षिण में मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा अल्पसंख्यक हैं और तत्कालीन विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा ने अगली बार सीट से एक मुस्लिम को टिकट देने का वादा किया था। हाल ही में शमनूर के निधन के बाद दावणगेरे उपचुनाव जरूरी हो गया था। खंड्रे और मल्लिकार्जुन ने खड़गे और राव का विरोध करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि नेता की पृष्ठभूमि कुछ भी हो, अनुशासन बरकरार रखा जाना चाहिए और कार्य करने में विफलता से संगठनात्मक अधिकार कमजोर हो जाएगा। चर्चा के दौरान व्यक्त की गई भावना यह थी, “एक स्पष्ट संदेश जाना चाहिए।” एक अन्य वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकीहोली ने हस्तक्षेप किया, जिससे बहस में एक और आयाम जुड़ गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अब्दुल जब्बार से बात की है और मुस्लिम समुदाय के वर्गों के बीच यह धारणा बढ़ रही है कि कार्रवाई में अल्पसंख्यक नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी टिप्पणियों ने इस बात पर चिंता जताई कि ज़मीनी स्तर पर विकास को किस तरह से स्वीकार किया जा रहा है, यहां तक कि स्थानीय मुस्लिम नेता भी बेहद निराश हैं और इस समय कांग्रेस का विरोध कर रहे हैं। जैसे-जैसे कैबिनेट की चर्चा तेज होती गई, बैठक तनावपूर्ण होती गई। मंत्री अपने रुख पर अड़े रहे, खड़गे और राव ने अपनी आपत्तियां दोहराईं, जबकि खंड्रे और मल्लिकार्जुन अनुशासन लागू करने पर अड़े रहे। असहमति इस हद तक बढ़ गई कि मल्लिकार्जुन और खंड्रे दोनों कथित तौर पर चर्चा के बीच में ही बैठक से बाहर चले गए। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी बैठक बीच में छोड़कर चले गए, जिससे आंतरिक कलह बढ़ने की आशंका बढ़ गई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 08:45 IST समाचार राजनीति कर्नाटक कांग्रेस में एक और दरार, इस बार अल्पसंख्यक एमएलसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस अनुशासनात्मक कार्रवाई(टी)कर्नाटक राजनीतिक संकट(टी)कांग्रेस आंतरिक असंतोष(टी)अब्दुल जब्बार निलंबन(टी)नसीर अहमद को हटाना(टी)सिद्धारमैया कैबिनेट में दरार(टी)अल्पसंख्यक नेता विवाद(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव
नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति की सराहना की | पीएम मोदी: यह बिल लोकतंत्र के पक्ष में होगा | News18 अपडेट

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छिंदवाड़ा में 'छोटा हाथी’ ने मां-बेटे को रौंदा, मौत:तेज रफ्तार ‘छोटा हाथी’ ने मां-बेटे को रौंदा, दोनों की मौत

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में मां-बेटे की जान चली गई। ग्राम रिछेड़ा के पास तेज रफ्तार टाटा एस (छोटा हाथी) वाहन ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रिछेड़ा निवासी गणेश यदुवंशी के अनुसार, वह गुरुवार कों बाजार से लौट रहा था। इसी दौरान सामने चल रहे छोटा हाथी वाहन ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार निकुंज यदुवंशी (18) और उसकी मां सपना यदुवंशी (36) सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सपना यदुवंशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल निकुंज को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, हादसे को अंजाम देने वाले वाहन चालक की पहचान अम्बाड़ा निवासी शुभम पिता राजू उईके के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125 (ए) और 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।







