Wednesday, 07 Oct 2026 | 08:35 AM

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ग्वालियर के घाटीगांव में चीते की मूवमेंट VIDEO:मवेशियों के बीच खेतों में घूम रहा चीता, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका

ग्वालियर के घाटीगांव में चीते की मूवमेंट VIDEO:मवेशियों के बीच खेतों में घूम रहा चीता, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका

कूनो नेशनल पार्क से लौटकर आए चीता KGP-1 का मूवमेंट घाटीगांव स्थित सोनचिरैया अभयारण्य, आसपास लगे जंगलों और जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में देखा जा रहा है। वह यहां आसान शिकार के चलते आया है। दरअसल, यह चीता इसी क्षेत्र में करीब तीन महीने रह चुका है। वन कर्मचारी कॉलर आईडी से चीता को ट्रेक कर रहे हैं। वहीं लोगों को जंगल नहीं जाने की सलाह दी है। नेशनल पार्क से लगभग 15 दिन पहले निकला यह चीता आरोन व सिमरैया क्षेत्रों से होते हुए घाटीगांव के जंगलों तक पहुंचा है। हालांकि अब तक उसने किसी भी ग्रामीण या उनके मवेशियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन अहतियात के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपने मवेशियों का खुद ख्याल रखने को कहा है। मवेशियों के बीच घूम रहा चीता ग्रामीणों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें चीता खेत पर चारा खा रहे मवेशियों के बीच में घूम रहा है। आसपास ग्रामीण भी मौजूद हैं। हालांकि चीता ने इस दौरान भी कुछ नहीं किया। लगातार ट्रेक कर रहे कर्मचारी चीता को कॉलर आईडी लगी है। जिसके माध्यम से वन विभाग की टीम चीता को ट्रेक कर रही है। टीम के सदस्य चीता से कुछ दूरी पर ही चल रहे हैं।

दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में गुरुवार रात एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। इस हादसे में नगर पालिका के एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि शोरूम संचालक के बेटे सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा के मुख्य बाजार में प्रहलाद सोनी का दो मंजिला इलेक्ट्रॉनिक शोरूम है। गुरुवार रात नगर पालिका कर्मचारी कमलेश लोधी, बांदीपुरा गांव के देवेंद्र लोधी के साथ शोरूम में खरीदारी करने पहुंचे थे। देवेंद्र के घर में शादी थी। उनके साथ शोरूम संचालक का बेटा भी मौजूद था। तीनों युवक शादी का सामान लेकर लिफ्ट के जरिए ऊपर से नीचे आ रहे थे। तभी अचानक लिफ्ट का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज गति से नीचे आ गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कमलेश लोधी, शोरूम संचालक का छोटा बेटा और देवेंद्र लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को गंभीर हालत में तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। जबलपुर में इलाज के दौरान नगर पालिका कर्मचारी कमलेश लोधी की मौत हो गई। अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। इस मामले में अभी तक कोई भी फरियादी पुलिस थाने नहीं पहुंचा है, इसलिए पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। फरियादी के थाने पहुंचने पर ही पुलिस मामले की आगे की जांच शुरू करेगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक मॉल में लगाई गई लिफ्ट एक लोडिंग लिफ्ट है,जिसका इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाना था। बताया जा रहा है इसका उपयोग ग्राहकों को ऊपर-नीचे लाने के लिए किया जा रहा था। शिकायत पर एक्शन लेंगे तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया की रात में उन्हें इस बात की जानकारी नहीं लगी। सुबह थाने से जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक कोई भी फरियादी थाने नहीं पहुंचा है। जैसे ही फरियादी थाने पहुंचते हैं मामले में जांच शुरू की जाएगी।

गर्मियों में खीरा या ककड़ी, आपकी सेहत के लिये क्या खाना है ज्यादा फायदेमंद? जानें

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गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में खीरा और ककड़ी दोनों ही ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो पानी से भरपूर होते हैं और गर्मी से राहत दिलाते हैं. अक्सर लोग इन्हें एक‑दूसरे का विकल्प मान लेते हैं, लेकिन असल में दोनों के गुण और फायदे थोड़े अलग‑अलग हैं. आइए जानते हैं कि गर्मियों में आपकी सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है. खीरा: तेज गर्मी में ठंडक का साथीखीरा लगभग 95% पानी से बना होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. खीरे के प्रमुख फायदे:शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है.पाचन को दुरुस्त करता है और कब्ज से भी राहत देता है.त्वचा को हाइड्रेट रखता है और सनबर्न से भी बचाव में मदद करता है.वजन घटाने वालों के लिए बेहतरीन, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है.ब्लड प्रेशर और शरीर की सूजन को भी कम करता है. खीरा सलाद, रायता या सीधे नमक के साथ खाने में बेहद लोकप्रिय है और ज्यादा पसीना आने पर तुरंत राहत भी देता है. ककड़ी: हल्की और पाचन के लिए ज्यादा बेहतरककड़ी स्वाद में खीरे से हल्की और थोड़ी मीठी होती है. इसमें भी पानी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन खीरे की तुलना में यह पाचन के लिए ज्यादा हल्की मानी जाती है. ककड़ी के लाभ:पेट को ठंडा और शांत रखती है.एसिडिटी और जलन की समस्या में आराम देती है.शरीर की गर्मी को कम करने में मददगार.लू से बचाव में मदद करती है.बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से पच जाती है. खासकर जिन लोगों को खीरा खाने से गैस, भारीपन या डकार की समस्या होती है, उनके लिए ककड़ी बेहतर विकल्प मानी जाती है. आखिर गर्मियों में क्या ज्यादा फायदेमंद? अगर आपको ज्यादा पसीना, थकान और पानी की कमी महसूस होती है, तो आपके लिये खीरा ज्यादा बेहतर है.अगर आपको पेट की गर्मी, एसिडिटी या पाचन समस्या रहती है, तो आपके लिये ककड़ी ज्यादा फायदेमंद होगी. गर्मी में खीरा और ककड़ी दोनों ही सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप दोनों को अपनी डाइट में शामिल करें और अपने शरीर की जरूरत के अनुसार इनका चुनाव करें. इससे गर्मी भी कम लगेगी और आपकी सेहत भी बनी रहेगी.

गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने:मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा; ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स लिस्ट में 19वें नंबर पर पहुंचे

गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने:मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा; ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स लिस्ट में 19वें नंबर पर पहुंचे

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, उनकी नेटवर्थ 92.6 अरब डॉलर (यानी करीब 8.59 लाख करोड़ रुपए) हो गई है। अभी तक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स थे। उनकी नेटवर्थ 90.8 अरब डॉलर (यानी करीब 8.42 लाख करोड़ रुपए) है। इलॉन मस्क ब्लूमबर्ग की लिस्ट में टॉप पर हैं। गौतम अडाणी 19वें और मुकेश अंबानी 20वें नंबर पर हैं। एशिया के 5 सबसे अमीर व्यक्ति इस साल अडाणी की संपत्ति 8.1 अरब डॉलर बढ़ी साल 2026 की शुरुआत से अब तक दोनों कारोबारियों की संपत्ति में विपरीत रुझान देखने को मिला है: एक दिन में अडाणी की संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़ी शेयर बाजार के पिछले कारोबारी सत्र में जहां सेंसेक्स में 123 अंकों की गिरावट रही, वहीं अडाणी ग्रुप के शेयर बढ़े। महज एक दिन में गौतम अडाणी की वेल्थ में 3.56 अरब डॉलर यानी 33.01 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। इसी उछाल ने उन्हें मुकेश अंबानी से आगे निकलने में मदद की। हालांकि, अंबानी की संपत्ति में भी 7.67 करोड़ डॉलर यानी 71.14 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अडाणी की रफ्तार के सामने कम रही। इलॉन मस्क दुनिया में सबसे अमीर व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में इलॉन मस्क 656 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज (286 अरब डॉलर) दूसरे और जेफ बेजोस तीसरे नंबर पर हैं। इस साल दुनिया के कई बड़े अमीर व्यक्तियों की संपत्ति घटी है, जिनमें बर्नार्ड अर्नाल्ट (44 अरब डॉलर का नुकसान), बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे नाम शामिल हैं। ग्लोबल अमीरों की लिस्ट में टॉप-20 में भारत के दो उद्योगपतियों का होना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। अडाणी और अंबानी के बीच यह ‘नंबर वन’ की जंग काफी समय से चल रही है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और पोर्ट सेक्टर में अडाणी ग्रुप के विस्तार ने उनकी रैंकिंग सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। ————- ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,100 पर कारोबार कर रहा: निफ्टी में भी 50 अंकों की तेजी, 24,250 पर पहुंचा; FMCG शेयरों में खरीदारी आज यानी गुरुवार, 17 अप्रैल को सेंसेक्स 150 अंक (0.21%) की तेजी के साथ 78,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.13%) की तेजी है, ये 24,250 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में FMCG में सबसे ज्यादा खरीदारी है, जबकि मेटल के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। पूरी खबर पढ़ें…

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: बदलते मौसम में अगर बार-बार पड़ रहे हैं बीमार? किचन की ये नाश्ता बड़ाओइम्युनिटी

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: बदलते मौसम में अगर बार-बार पड़ रहे हैं बीमार? किचन की ये नाश्ता बड़ाओइम्युनिटी

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: मौसमी मौसम के साथ अगर आपको बार-बार झुर्रियाँ, गले में खराश या थकान महसूस होती है, तो यह आपकी ख़राब इम्युनिटी का संकेत हो सकता है। लाइफ़स्टाइल ख़राब और सस्ते दामों पर सेक्स की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में सामने आए कुछ सामान्य नीजी से तैयार किए गए एक ड्रिंक ड्रिंक से आप अपनी सेहत को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इस इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक को बनाने के लिए आपको अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, शहद और नींबू की जरूरत पड़ेगी। इनमें सभी परमाणुओं में कोलेजन और एंटी-साइंटेंट गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर के अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। हालाँकि, अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है या आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, तो इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह से जरूर लें। इस ड्रिंक को तैयार करने के लिए एक गिलास पानी लें। इसमें शामिल किया गया आधा कद्दू कद्दू। इसके बाद चुटकीभर हल्दी, 2 से 3 काली मिर्च और दालचीनी का छोटा टुकड़ा। इन सभी को 5 से 7 मिनट तक ग्रेट से प्रेमियों, ताकि बाकी पोषक तत्व पानी में डूब जाएं। इसके बाद गैस बंद हो गई और पानी थोड़ा ठंडा हो गया। जब यह गुनगुना रह जाए, तब इसमें थीम का रस और एक मैगज़ीन का मूल आधार होता है। ध्यान रखें कि शहद को बहुत गर्म पानी में न रखें। इस ड्रिंक का सबसे बड़ा फायदा पाने के लिए इसे सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले पिया जा सकता है। नियमित रूप से इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है। दिन में एक बार मास का सेवन समसामयिक माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक(टी)इम्युनिटी के लिए घरेलू उपाय(टी)अदरक हल्दी ड्रिंक के फायदे(टी)प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्ट(टी)स्वस्थ जीवनशैली टिप्स(टी)आयुर्वेदिक ड्रिंक रेसिपी(टी)घरेलू स्वास्थ्य टिप्स(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ

बाजार वाले प्रोटीन पाउडर को भूल जाइए, गेहूं के आटे में मिलाइए ये 1 गुप्त चीज; झटके से वजन कम होगा और मांसपेशियाँ बढ़ेंगी

बाजार वाले प्रोटीन पाउडर को भूल जाइए, गेहूं के आटे में मिलाइए ये 1 गुप्त चीज; झटके से वजन कम होगा और मांसपेशियाँ बढ़ेंगी

आज के समय में फिट रहना और एक मस्कुलर बॉडी पाना हर किसी का सपना है। लेकिन जैसे ही हम ‘प्लॉटीन’ का नाम दर्ज करते हैं, हमारे दिमाग में कीमती पत्थरों के नमूने और केमिकल से लेकर अन्य बाजारू पाउडर शामिल हो जाते हैं। कई लोग तो बजट कम होने की वजह से अपने फिटनेस जर्नी बीच में ही छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में छिपा है एक ऐसा खजाना, जो बड़े-बड़े प्रोटीन ब्रांड्स को दे सकता है मात? अगर आप अपने साधारण आहार में बस एक ‘सीक्रेट चीज’ यानी सोया चैंक्स का पाउडर मिलाते हैं, तो आपका साधारण खाना एक सुपरफूड में बदल जाएगा। इसके खाने के फायदे हैं। आइए जानते हैं। आमतौर पर हम जो कहते हैं उसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और प्रोटीन कम होता है। वहीं दूसरी ओर, सोया चैंक्स को शाकाहारियों की ‘मीट’ कहा जाता है। इसमें लगभग 52% प्रोटीन होता है। जब आपके दस्तावेजों में सोया चैंक्स को पीसकर मिलाया जाता है, तो रोटी की ‘अमीनो एसिड प्रोफाइल’ पूरी हो जाती है, जो मसल्स बनाना बेहद जरूरी है। ‘प्लॉटिन रिच’ आटा कैसे तैयार करें? 5 किलो आटे का आटा और 1 किलो सोया चंक्स लें। सबसे पहले सोया चैंक्स को प्रभाव सा रोस्ट कर लें, ताकि उसके अंदर की लाइब्रेरी निकल जाए। अब इंजेक्शन के लिए प्लास्टिक पीसकर पाउडर बनाएं।इस तैयार सोया पाउडर को अपने घरों के अवशेषों में अच्छी तरह से मिलाएं।अगर आप स्टार्ट करते हैं तो इसमें थोड़ा सा काला चना भी पिसवाकर डाल सकते हैं, जिससे मात्रा की मात्रा और बढ़ जाएगी। सोया प्रोटीन और ओमेगा से भरपूर होता है। जब आप इस मिश्रण की रोटियां खाते हैं, तो आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। आप बार-बार अनहेल्दी मशीनरी से बच जाते हैं। साथ ही, इसमें लो-ग्लाइकसेमिक शरीर में वाल्व को कंट्रोल में रखा गया है, जिससे जिद्दी चर्बी को मूल में मदद मिलती है। रामबाण है सोया चंक्स के लिए मसल गेन शरीर के लिए मसल्स बनाने के लिए ‘नाइट्रोजन मैट्रिक्स’ बनाए रखना जरूरी है, जिसमें सिर्फ प्रोटीन होना संभव है। जिम जाने वाले युवाओं के लिए यह सस्ता और टिकाऊ विकल्प है। सोया में मौजूद हाई प्रोटीन चैंपियनशिप को तेज किया जाता है। जिसके बाद प्लांट की टोकरी जल्दी मिलती है। नोट – यदि आपको स्टेरॉयड या हार्मोन से जुड़ी कोई समस्या है, तो इसे शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। (टैग अनुवाद करने के लिए)उच्च प्रोटीन रोटी(टी)सोया चंक्स पाउडर(टी)गेहूं के आटे का मिश्रण(टी)मांसपेशियों का निर्माण करने वाला भोजन(टी)शाकाहारी प्रोटीन(टी)वजन घटाने वाला आहार(टी)स्वस्थ आटा(टी)प्रोटीन युक्त भोजन(टी)घरेलू उपचार(टी)आहार योजना

भोजशाला मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई:हिंदू पक्ष रख चुका अपना पक्ष; अब अंतरसिंह की याचिका पर होगी बहस

भोजशाला मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई:हिंदू पक्ष रख चुका अपना पक्ष; अब अंतरसिंह की याचिका पर होगी बहस

धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। आज शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे से मामले की सुनवाई फिर शुरू होगी, जिसमें विभिन्न पक्षों की अहम बहस होने की संभावना है। यह जानकारी याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने दी। आशीष गोयल के अनुसार, अब तक हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और अधिवक्ता विनय जोशी ने न्यायालय में अपना पक्ष विस्तार से रखा है। गोयल ने बताया कि मुख्य याचिकाकर्ता के तौर पर उन्होंने भी कोर्ट के समक्ष अपने तर्क प्रस्तुत किए हैं। आगामी सुनवाई में अंतरसिंह व अन्य की याचिका पर बहस शुरू होने की संभावना है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ए. के. चितले अपनी दलीलें प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, हिंदू पक्ष की अन्य याचिकाओं में हस्तक्षेपकर्ताओं (इंटरविनर) की ओर से भी बहस होने की उम्मीद है। गोयल ने बताया कि मामले की सुनवाई निरंतर जारी रहेगी। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण तर्क न्यायालय के समक्ष रखे जाएंगे, जिससे इस प्रकरण में आगे की दिशा तय होगी। उल्लेखनीय है कि भोजशाला विवाद लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का विषय रहा है, जिस पर क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी जांच शुरू:7 पूर्व PM, 3 राष्ट्रपति, राजा की संपत्ति की जांच, 100 मंत्री अधिकारी भी दायरे में

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी जांच शुरू:7 पूर्व PM, 3 राष्ट्रपति, राजा की संपत्ति की जांच, 100 मंत्री अधिकारी भी दायरे में

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने 5 सदस्यीय न्यायिक पैनल बनाया है, जो 2006 से लेकर 2025-26 तक सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों की संपत्ति की जांच करेगा। इस जांच के दायरे में 2005-06 के बाद के सभी 7 प्रधानमंत्रियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इनमें गिरिजा प्रसाद कोईराला, पुष्प कमल दहल, माधव कुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, बाबूराम भट्टराई, केपी शर्मा ओली और शेर बहादुर देउबा शामिल हैं। इसके साथ ही दो अंतरिम सरकारों के प्रमुख खिलराज रेग्मी और सुशीला कार्की भी जांच के दायरे में आएंगे। इसमें पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह भी आएंगे। इसके अलावा तीन राष्ट्रपति राम बरन यादव, विद्या देवी भंडारी और मौजूदा राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल भी जांच के घेरे में होंगे। यह जांच सिर्फ बड़े नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मंत्री, संवैधानिक पदों पर बैठे 100 से ज्यादा लोग और वरिष्ठ नौकरशाह भी शामिल होंगे। मृत नेताओं के संपत्ति की भी जांच यह जांच नेपाल में राजशाही खत्म होने के बाद के पूरे दौर को कवर करेगी। इसका मतलब 2006 के बाद का लगभग पूरा राजनीतिक नेतृत्व अब जांच के दायरे में आ गया है। खास बात यह है कि यह जांच शाह सरकार के अपने राजनीतिक दायरे तक भी जा सकती है। पोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल, मंत्री बिराजभक्त श्रेष्ठ और शिशिर खानाल, और अपनी ही पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने भी जांच के दायरे में आ सकते हैं, क्योंकि वे पहले भी सार्वजनिक पदों पर रह चुके हैं। खास बात यह है कि यह जांच उन नेताओं तक भी पहुंचेगी जो अब जीवित नहीं हैं। ऐसे में उनके परिवार और राजनीतिक वारिसों की संपत्ति भी जांची जा सकती है। इसमें गिरिजा प्रसाद कोईराला और सुषिल कोईराला जैसे नेताओं के परिवार शामिल हो सकते हैं। 2006 के जनआंदोलन के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था शुरू हुई। इसके बाद से लगातार भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के आरोप सामने आते रहे हैं। इनकी जांच अक्सर सीमित दायरे में होती थी या राजनीतिक विरोधियों तक ही सीमित रहती थी। लेकिन इस बार सत्ता, विपक्ष, पूर्व राजा और मौजूदा सिस्टम सब एक साथ शामिल हैं। नेपाल में लगातार गठबंधन सरकारें रही हैं। किसी के पास इतना मजबूत जनादेश नहीं था कि बड़े स्तर पर जांच शुरू कर सके। इस बार बालेन शाह के पास प्रचंड बहुमत है। रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज करेंगे आयोग की अध्यक्षता इस 5 सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज राजेंद्र कुमार भंडारी कर रहे हैं। यह पैनल 5 मार्च के चुनाव के कुछ हफ्तों बाद बनाया गया है, जिसमें शाह की पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की थी। यह जीत पिछले साल हुए युवाओं के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद मिली थी। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह सबूतों और कानून के आधार पर निष्पक्ष तरीके से होगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से नेपाल की राजनीति में हलचल बढ़ेगी और आने वाले समय में बड़े खुलासे हो सकते हैं। बालेन शाह ने सत्ता में आने से पहले जनता से यह वादा किया था कि नेपाल से भ्रष्टाचार मिटाएंगे, दोषी अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 27 मार्च को कैबिनेट ने 15 दिनों के अंदर ऐसा तंत्र बनाने का फैसला किया था, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। नेपाल में जांच आयोग कैसे काम करेगा? नेपाल सरकार ने जिस 5 सदस्यीय न्यायिक पैनल का गठन किया है, उसका काम सिर्फ आरोप देखना नहीं, बल्कि संपत्ति की वैधता साबित करना होगा। 1. संपत्ति का डाटा जुटाया जाएगा सभी नेताओं, मंत्रियों, अधिकारियों द्वारा पहले दिए गए एसेट डिक्लेरेशन (संपत्ति विवरण) को आधार बनाया जाएगा चुनाव आयोग, टैक्स विभाग और सरकारी रिकॉर्ड से डेटा लिया जाएगा बैंक अकाउंट, जमीन, कंपनियों में हिस्सेदारी, विदेशों में संपत्ति की जानकारी भी जुटाई जाएगी 2. क्रॉस-वेरिफिकेशन आयोग देखेगा कि घोषित आय (सैलरी, बिजनेस, विरासत) के मुकाबले संपत्ति कितनी बढ़ी अगर आय से ज्यादा संपत्ति पाई जाती है, तो उसे अवैध संपत्ति माना जा सकता है शेल कंपनियों, बेनामी संपत्ति और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्ति भी जांच में शामिल होगी 3. समन और पूछताछ की शक्ति पैनल को कोर्ट जैसी शक्तियां दी जा सकती हैं किसी भी व्यक्ति को समन भेजकर बुलाया जा सकता है दस्तावेज पेश करने, जवाब देने और गवाही देने के लिए बाध्य किया जा सकता है नेपाल के बड़े भ्रष्टाचार मामले भूटानी शरणार्थी घोटाला (2023): इस मामले में आरोप है कि कुछ नेताओं, अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर एक रैकेट चलाया। इस रैकेट के तहत नेपाल के आम नागरिकों को फर्जी तरीके से भूटानी शरणार्थी दिखाया जाता था, ताकि उन्हें अमेरिका जैसे देशों में बसाया जा सके। इसमें लोगों से 50 लाख रुपए तक वसूले जाते थे। इस मामले में पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खाण तक का नाम आया था। ललिता निवास भूमि घोटाला (2021): काठमांडू के बालुवाटार क्षेत्र में सरकारी और राजकीय जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी लोगों के नाम ट्रांसफर किया गया। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल और बाबूराम भट्टराई सहित कई नेताओं और नौकरशाहों पर आरोप लगे। वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट डील घोटाला (2018): नेपाल एयरलाइंस द्वारा एयरबस विमान खरीद में करीब अरबों रुपए की अनियमितताओं का आरोप लगा। इसमें तत्कालीन पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों और एयरलाइंस प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठे। भूकंप राहत घोटाला (2015): 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और पुनर्वास के लिए आए फंड और सामग्री के वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगे। स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेटवर्क पर मदद के दुरुपयोग के आरोप सामने आए। सुदूर दूरसंचार/टेलीकॉम लाइसेंस घोटाला (2009): टेलीकॉम लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी और घूसखोरी के आरोप लगे। इसमें उच्च स्तर के सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत की बात सामने आई।

भिंड में आज से संत कालिदास महाराज की पदयात्रा:गौ रक्षा, बेटी का सम्मान और नदियों के संरक्षण का देंगे संदेश, गांव-गांव पहुंचेंगे संत

भिंड में आज से संत कालिदास महाराज की पदयात्रा:गौ रक्षा, बेटी का सम्मान और नदियों के संरक्षण का देंगे संदेश, गांव-गांव पहुंचेंगे संत

भिंड में सामाजिक जागरूकता और जनसंदेश के उद्देश्य से संत कालिदास महाराज की पदयात्रा शुक्रवार से शुरू हो गई। संत समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज ने सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच अटेर रोड स्थित बड़े हनुमान मंदिर से पैदल यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा, गौ संरक्षण, बेटियों के सम्मान, नशा मुक्ति और नदियों के संरक्षण को लेकर जनजागरण फैलाना है। पदयात्रा का शुभारंभ दंदरौआ हनुमान मंदिर के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज की मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर जिलेभर के संतों की उपस्थिति रही। यात्रा के दौरान “सबकी बेटी हमारी बेटी” का संदेश देते हुए समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जाएगा। यात्रा के पहले दिन संतों का दल भिंड से फूप तक पहुंचेगा। दूसरे दिन यात्रा फूप से उमरी पहुंचेगी, जहां त्रिमूर्ति धाम मंदिर में विश्राम होगा। इसके बाद उमरी से बघेली बहादुरपुर स्थित कालका देवी मंदिर तक यात्रा जाएगी। आगामी चरणों में यह पदयात्रा विभिन्न गांवों से होते हुए बालाजी मंदिर, लहार के वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, चौरई और आलमपुर क्षेत्रों तक पहुंचेगी। इस दौरान संत समाज गांव-गांव जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं की रक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेगा। संत कालिदास महाराज ने स्पष्ट संदेश दिया कि गांव की हर बेटी पूरे समाज की जिम्मेदारी है और उसके प्रति किसी भी प्रकार की गलत नजर नहीं डाली जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय घरों में सुरक्षित रखने और नदियों में हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने की अपील की। गौरतलब है कि कालिदास महाराज पिछले दो वर्षों से नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में हुए आंदोलनों के बाद सरकार को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। हाल ही में टोल प्लाजा पर हुए आंदोलन के दौरान शासन ने हाईवे चौड़ीकरण को लेकर लिखित आश्वासन भी दिया है। परशुराम सेना के अध्यक्ष देवेश शर्मा के अनुसार, यह कालिदास महाराज की दूसरी बड़ी पदयात्रा है, जिसके माध्यम से वे जिले के सुदूर गांवों तक पहुंचकर सात प्रमुख सामाजिक संदेशों का प्रसार करेंगे।

मूवी रिव्यूः भूत बंगला:भूल भुलैया जैसी उम्मीद देकर अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जोड़ी ने किया निराश, डर-कॉमेडी में अधूरापन, कहानी और म्यूजिक भी बेअसर

मूवी रिव्यूः भूत बंगला:भूल भुलैया जैसी उम्मीद देकर अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जोड़ी ने किया निराश, डर-कॉमेडी में अधूरापन, कहानी और म्यूजिक भी बेअसर

रेटिंग- 2.5/5 रनटाइम- 174 मिनट 57 सेकंड स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, तबू, परेश रावल, राजपाल यादव डायरेक्टर- प्रियदर्शन अक्षय कुमार और प्रियदर्शन जब भी साथ आते हैं, दर्शकों को भूल भुलैया, हेरा फेरी, भागम भाग जैसी एंटरटेनिंग फिल्मों की उम्मीद होती है। लेकिन फिल्म भूत बंगला में ये जोड़ी इस बार वैसा कमाल नहीं दिखा पाती। फिल्म हॉरर, कॉमेडी और मिस्ट्री का मिक्स तो है, लेकिन इसका असर हर जगह बराबर नहीं दिखता। एक नजर भूत बंगला के रिव्यू पर- कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी की शुरुआत होती है श्रापित गांव मंगलपुर से, जहां यह माना जाता है कि शादी करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि यहां नई दुल्हन को वधुसुर नाम का राक्षस उठा ले जाता है। अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) लंदन में अपने पिता वासुदेव और बहन मीरा के साथ रहते हैं। मीरा की शादी तय होती है, तभी उन्हें पता चलता है कि उनके दादा 500 करोड़ की संपत्ति और मंगलपुर की हवेली मीरा के नाम कर गए हैं। अर्जुन, मीरा की शादी उसी पुश्तैनी हवेली में करने के लिए मंगलपुर पहुंचता है। लेकिन जैसे-जैसे शादी करीब आती है, हवेली में अजीब और डरावनी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। इसी दौरान अर्जुन के सामने कई पुराने राज खुलते हैं और उसे पता चलता है कि मीरा ही वधुसुर के निशाने पर है, क्योंकि उसे मारकर वधुसुर अमर हो सकता है। अब कहानी इस सवाल पर आकर टिकती है कि क्या अर्जुन अपनी बहन और मंगलपुर को इस खतरे से बचा पाएगा। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अक्षय कुमार इस बार उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते। उनकी कॉमिक टाइमिंग, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है, यहां बनावटी और ज्यादा मेहनत करती हुई लगती है। राजपाल यादव फिल्म के असली मजबूत सहारा बनकर उभरते हैं, उनकी कॉमेडी ही कई जगह फिल्म को संभालती है। परेश रावल का काम ठीक-ठाक है, लेकिन उनसे जो उम्मीद रहती है, वो यहां नजर नहीं आती। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने आधे मन से अभिनय किया हो। फिल्म की लीड एक्ट्रेस वामिका गब्बी को बहुत कम स्क्रीन टाइम मिला है और अक्षय के साथ उनकी केमिस्ट्री भी जबरदस्ती की लगती है। तब्बू, मिथिला पालकर और जेस्सु सेनगुप्ता जैसे कलाकारों का इस्तेमाल भी सीमित और अधूरा लगता है। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू? प्रियदर्शन इस बार अपने ही बनाए मापदंडों पर खरे नहीं उतरते। फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ महसूस होता है, जहां पहला भाग काफी खिंचा हुआ और उबाऊ लगता है, वहीं दूसरा भाग थोड़ी रफ्तार पकड़ता है और कहानी को कुछ हद तक संभालता है। हॉरर एलिमेंट्स में साउंड का इस्तेमाल कुछ जगह असरदार है, लेकिन डर का माहौल लगातार नहीं बन पाता। VFX कई जगह कमजोर और बनावटी लगता है, जिससे फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है। डायलॉग्स औसत हैं और कॉमिक पंच कई बार ऐसे लगते हैं जैसे पहले से सुने हुए हों, जिससे हंसी कम और निराशा ज्यादा होती है। कुल मिलाकर निर्देशन में वो धार और कसावट नहीं दिखती, जिसकी इस जोड़ी से उम्मीद की जाती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक इसका सबसे कमजोर पक्ष है। भूल भुलैया के गाने आज भी लोगों को याद हैं, लेकिन भूत बंगला का एक भी गाना ऐसा नहीं जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट:फिल्म देखें या नहीं? भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो भूल भुलैया की याद दिलाती है, लेकिन उस स्तर का मनोरंजन नहीं दे पाती। कमजोर स्क्रीनप्ले, फीका म्यूजिक और औसत अभिनय इसे पूरी तरह असरदार बनने से रोकते हैं। अगर आप हल्की-फुल्की हॉरर-कॉमेडी और राजपाल यादव की कॉमेडी के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो एक बार देख सकते हैं।