Wednesday, 07 Oct 2026 | 09:55 AM

Trending :

जबलपुर में एक घर से मिले 50 चाइनीज चाकू:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया; अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने एसपी के निर्देश

जबलपुर में एक घर से मिले 50 चाइनीज चाकू:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया; अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने एसपी के निर्देश

जबलपुर में अवैध चाकू सप्लाई के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और माढ़ोताल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मदर टेरेसा क्षेत्र में दबिश देकर पारस जैन को पकड़ा और उसके पास से करीब 50 चाइनीज चाकू बरामद किए। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि माढ़ोताल के एक घर में बड़ी संख्या में चाकू रखकर सप्लाई की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की। घर की तलाशी में 50 चाइनीज चाकू मिले दबिश के दौरान घर में मौजूद पारस जैन को हिरासत में लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब 50 चाइनीज चाकू बरामद हुए, जिन्हें बेचने की तैयारी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर माढ़ोताल थाना पुलिस के हवाले किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि चाकू कहां से लाए गए और किन लोगों को सप्लाई किए जाने थे। एसपी के निर्देश पर चल रही सख्त कार्रवाई जिले में अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने के लिए एसपी संपत उपाध्याय ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। गढ़ा थाना में पहले भी हुआ था चाकू बरामदगी मामला करीब तीन महीने पहले गढ़ा थाना पुलिस ने एक जनरल स्टोर से 50 चाइनीज चाकू बरामद किए थे। मामले में ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया गया था, जिसने ओमती के एक व्यक्ति से थोक में चाकू खरीदने की जानकारी दी थी। वर्तमान मामले को उसी नेटवर्क से जोड़कर जांच की जा रही है।

अगले हफ्ते धोनी IPL में वापसी कर सकते हैं:वानखेड़े या चेपॉक में खेल सकते हैं;अभी काफ इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं

अगले हफ्ते धोनी IPL में वापसी कर सकते हैं:वानखेड़े या चेपॉक में खेल सकते हैं;अभी काफ इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं

चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अगले हफ्ते IPL में वापसी कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने टीम सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि उनकी चोट में तेजी से सुधार हो रहा है और वह आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। धोनी को IPL शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान पिंडली में खिंचाव आ गया था। इसी वजह से वह टूर्नामेंट के शुरुआती तीन हफ्तों में नहीं खेल पाए। अब उनकी वापसी को लेकर कयास तेज हो गए हैं। संभावना है कि धोनी 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में मैदान पर उतर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो वह 26 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ चेपॉक स्टेडियम में खेलते नजर आ सकते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे चेन्नई सुपर किंग्स का अगला मुकाबला शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होना है। हालांकि, इस मैच में धोनी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। CSK के सूत्रों ने कहा,’धोनी अभी रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। हम उनकी फिटनेस के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, इसलिए उन्हें पूरी तरह फिट होने का समय दिया जा रहा है।’ प्रैक्टिस सेशन में की लंबी बल्लेबाजी, रेंज हिटिंग पर फोकस भले ही धोनी मैच नहीं खेल रहे हैं, लेकिन वे नेट प्रैक्टिस में लगातार पसीना बहा रहे हैं। धोनी ने हाल ही में नेट्स पर लंबी बल्लेबाजी की है। इस दौरान उन्होंने अपनी ‘रेंज हिटिंग’पर खास काम किया। नेट सेशन के दौरान धोनी पुराने अंदाज में लंबे छक्के लगाते दिखे, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि वे अपनी लय हासिल कर चुके हैं। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर हो सकता है इस्तेमाल धोनी की वापसी के बाद CSK उन्हें किस भूमिका में रखेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। वर्तमान में संजू सैमसन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और संभावना है कि वे ही इसे जारी रखेंगे। ऐसे में टीम धोनी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। इससे धोनी पर विकेटकीपिंग और दौड़ने का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और टीम उनकी पावर-हिटिंग का फायदा उठा सकेगी। चेन्नई ने 5 में से 2 मैच जीते हैं चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक 5 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है और वह अंक तालिका में फिलहाल 8वें स्थान पर है। धोनी की वापसी न केवल टीम के मध्यक्रम को मजबूती देगी, बल्कि उनकी रणनीतिक सूझबूझ से CSK को प्लेऑफ की दौड़ में वापस आने में मदद मिलेगी।

अगले हफ्ते धोनी IPL में वापसी कर सकते हैं:वानखेड़े या चेपॉक में खेल सकते हैं;अभी काफ इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं

अगले हफ्ते धोनी IPL में वापसी कर सकते हैं:वानखेड़े या चेपॉक में खेल सकते हैं;अभी काफ इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं

चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अगले हफ्ते IPL में वापसी कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने टीम सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि उनकी चोट में तेजी से सुधार हो रहा है और वह आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। धोनी को IPL शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान पिंडली में खिंचाव आ गया था। इसी वजह से वह टूर्नामेंट के शुरुआती तीन हफ्तों में नहीं खेल पाए। अब उनकी वापसी को लेकर कयास तेज हो गए हैं। संभावना है कि धोनी 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में मैदान पर उतर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो वह 26 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ चेपॉक स्टेडियम में खेलते नजर आ सकते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे चेन्नई सुपर किंग्स का अगला मुकाबला शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होना है। हालांकि, इस मैच में धोनी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। CSK के सूत्रों ने कहा,’धोनी अभी रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। हम उनकी फिटनेस के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, इसलिए उन्हें पूरी तरह फिट होने का समय दिया जा रहा है।’ प्रैक्टिस सेशन में की लंबी बल्लेबाजी, रेंज हिटिंग पर फोकस भले ही धोनी मैच नहीं खेल रहे हैं, लेकिन वे नेट प्रैक्टिस में लगातार पसीना बहा रहे हैं। धोनी ने हाल ही में नेट्स पर लंबी बल्लेबाजी की है। इस दौरान उन्होंने अपनी ‘रेंज हिटिंग’पर खास काम किया। नेट सेशन के दौरान धोनी पुराने अंदाज में लंबे छक्के लगाते दिखे, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि वे अपनी लय हासिल कर चुके हैं। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर हो सकता है इस्तेमाल धोनी की वापसी के बाद CSK उन्हें किस भूमिका में रखेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। वर्तमान में संजू सैमसन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और संभावना है कि वे ही इसे जारी रखेंगे। ऐसे में टीम धोनी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। इससे धोनी पर विकेटकीपिंग और दौड़ने का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और टीम उनकी पावर-हिटिंग का फायदा उठा सकेगी। चेन्नई ने 5 में से 2 मैच जीते हैं चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक 5 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है और वह अंक तालिका में फिलहाल 8वें स्थान पर है। धोनी की वापसी न केवल टीम के मध्यक्रम को मजबूती देगी, बल्कि उनकी रणनीतिक सूझबूझ से CSK को प्लेऑफ की दौड़ में वापस आने में मदद मिलेगी।

स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह:इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी

स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह:इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी

इसरो की ‘इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025’ के मुताबिक, 2025 में भारत को अपने सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखने के लिए बहुत सतर्कता बरतनी पड़ी। 2025 में इसरो के सैटेलाइट्स के लिए करीब डेढ़ लाख से ज्यादा क्लोज अप्रोच अलर्ट जारी हुए। ये अलर्ट अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अधिक सटीक ऑर्बिटल डेटा के साथ किया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लो-अर्थ ऑर्बिट (लियो) अब खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाला हो चुका है। अंतरिक्ष में मलबों के आपस में टकराने के खतरों से बचने के लिए इसरो को कुल 18 बार ‘कोलोजन अवॉइडेंस मैन्यूवर’ करना पड़ा जो 14 बार लियो सैटेलाइट्स के लिए और 4 बार जियो सैटेलाइट्स के लिए किया गया। इन मैन्यूवर्स में सैटेलाइट की गति और ऊंचाई में बदलाव कर संभावित टकराव को टाला जाता है। चिंता: चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर भविष्य के जोखिम को देखते हुए भी इसरो को 84 बार अपनी ऑर्बिट मैन्यूवर प्लानिंग बदलनी पड़ी। गहरे अंतरिक्ष में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के लिए 2 बार प्लान बदला गया, ताकि नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर से टकराव से बचा जा सके। अकेले चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर किए गए। इसरो ने 2025 में अपने सभी 5 लॉन्च के लिए लिफ्ट-ऑफ से पहले कोलोजन अवॉइडेंस एनालिसिस किया। एक मामले में एलवीएम3-एम6 मिशन की लॉन्चिंग को 41 सेकंड तक टालना पड़ा, ताकि मलबे से दूरी सुनिश्चित की जा सके। 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 मलबों से खतरा अंतरिक्ष अब कचरे का डिब्बा: आईएसएसएआर 2025 और डब्ल्यूईएफ 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष अब ‘कचरे का डिब्बा’ बनता जा रहा है। डराने वाले हैं ये आंकड़े: शोध के अनुसार, अंतरिक्ष में 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 और 1 सेंटीमीटर से बड़े करीब 12 लाख मलबे के टुकड़े मौजूद हैं। तेजी से बढ़ रही स्पेस में भीड़: 2025 में 328 लॉन्च प्रयास हुए जिससे 4,198 सैटेलाइट्स स्थापित हुए और कुल 4,651 नए स्पेस ऑब्जेक्ट्स जुड़ गए। बुलेट से भी होती है तेज रफ्तार: स्पेस में कचरा 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से घूम रहा है। एक छोटा सा पेंच भी सैटेलाइट को तबाह कर सकता है। दूसरे देश कैसे कर रहे सैटेलाइट की सुरक्षा अमेरिका: उन्नत रडार नेटवर्क और सेंसर से से 40 हजार मलबों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी: अत्याधुनिक कोलिजन अवॉइडेंस सॉफ्टवेयर। चीन: विशाल ग्राउंड-बेस्ड टेलीस्कोप और अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को एक कक्षा से दूसरी में ले जाने वाली ‘ऑन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग’ तकनीक। जापान: निजी कंपनियों के साथ मिलकर चुंबकीय और बिजली के तारों जैसी तकनीकों से मलबे को खींचकर वापस धरती के वातावरण में लाने का प्रयोग। —————————— ये खबर भी पढ़ें… गगनयान मिशन का दूसरा क्रू मॉड्यूल टेस्ट सफल:चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया; पैराशूट के साथ समुद्र में सेफ लैंडिंग भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में बड़ी कामयाबी मिली है। ISRO ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरी खबर पढ़ें…

स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह:इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी

स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह:इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी

इसरो की ‘इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025’ के मुताबिक, 2025 में भारत को अपने सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखने के लिए बहुत सतर्कता बरतनी पड़ी। 2025 में इसरो के सैटेलाइट्स के लिए करीब डेढ़ लाख से ज्यादा क्लोज अप्रोच अलर्ट जारी हुए। ये अलर्ट अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अधिक सटीक ऑर्बिटल डेटा के साथ किया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लो-अर्थ ऑर्बिट (लियो) अब खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाला हो चुका है। अंतरिक्ष में मलबों के आपस में टकराने के खतरों से बचने के लिए इसरो को कुल 18 बार ‘कोलोजन अवॉइडेंस मैन्यूवर’ करना पड़ा जो 14 बार लियो सैटेलाइट्स के लिए और 4 बार जियो सैटेलाइट्स के लिए किया गया। इन मैन्यूवर्स में सैटेलाइट की गति और ऊंचाई में बदलाव कर संभावित टकराव को टाला जाता है। चिंता: चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर भविष्य के जोखिम को देखते हुए भी इसरो को 84 बार अपनी ऑर्बिट मैन्यूवर प्लानिंग बदलनी पड़ी। गहरे अंतरिक्ष में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के लिए 2 बार प्लान बदला गया, ताकि नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर से टकराव से बचा जा सके। अकेले चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर किए गए। इसरो ने 2025 में अपने सभी 5 लॉन्च के लिए लिफ्ट-ऑफ से पहले कोलोजन अवॉइडेंस एनालिसिस किया। एक मामले में एलवीएम3-एम6 मिशन की लॉन्चिंग को 41 सेकंड तक टालना पड़ा, ताकि मलबे से दूरी सुनिश्चित की जा सके। 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 मलबों से खतरा अंतरिक्ष अब कचरे का डिब्बा: आईएसएसएआर 2025 और डब्ल्यूईएफ 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष अब ‘कचरे का डिब्बा’ बनता जा रहा है। डराने वाले हैं ये आंकड़े: शोध के अनुसार, अंतरिक्ष में 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 और 1 सेंटीमीटर से बड़े करीब 12 लाख मलबे के टुकड़े मौजूद हैं। तेजी से बढ़ रही स्पेस में भीड़: 2025 में 328 लॉन्च प्रयास हुए जिससे 4,198 सैटेलाइट्स स्थापित हुए और कुल 4,651 नए स्पेस ऑब्जेक्ट्स जुड़ गए। बुलेट से भी होती है तेज रफ्तार: स्पेस में कचरा 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से घूम रहा है। एक छोटा सा पेंच भी सैटेलाइट को तबाह कर सकता है। दूसरे देश कैसे कर रहे सैटेलाइट की सुरक्षा अमेरिका: उन्नत रडार नेटवर्क और सेंसर से से 40 हजार मलबों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी: अत्याधुनिक कोलिजन अवॉइडेंस सॉफ्टवेयर। चीन: विशाल ग्राउंड-बेस्ड टेलीस्कोप और अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को एक कक्षा से दूसरी में ले जाने वाली ‘ऑन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग’ तकनीक। जापान: निजी कंपनियों के साथ मिलकर चुंबकीय और बिजली के तारों जैसी तकनीकों से मलबे को खींचकर वापस धरती के वातावरण में लाने का प्रयोग। —————————— ये खबर भी पढ़ें… गगनयान मिशन का दूसरा क्रू मॉड्यूल टेस्ट सफल:चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया; पैराशूट के साथ समुद्र में सेफ लैंडिंग भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में बड़ी कामयाबी मिली है। ISRO ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरी खबर पढ़ें…

तेलंगाना में SC-ST सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े:राज्य की 242 में से 135 बहुत पिछड़ी; 3.55 लाख लोगों पर सर्वे

तेलंगाना में SC-ST सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े:राज्य की 242 में से 135 बहुत पिछड़ी; 3.55 लाख लोगों पर सर्वे

तेलंगाना में पिछले साल हुए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े हैं। वहीं, ओबीसी वर्ग 2.7 गुना पिछड़ा है। एससी का पिछड़ापन सूचकांक स्कोर 96, एसटी का 95 और ओबीसी का 86 है। नियम कहता है कि स्कोर जितना ज्यादा होगा, पिछड़ापन उतना ही अधिक होगा। यानी तेलंगाना में इन जाति वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक स्थिति बहुत पिछड़ी है। सामान्य वर्ग का स्कोर 31 है, जो बेहतर स्थिति है। राज्य में 242 जातियां हैं। इनमें से 67% आबादी यानी 135 जातियां बहुत पिछड़ी हैं। यह रिपोर्ट पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले पैनल ने सर्वे के बाद तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी है। सर्वे पिछले साल राज्य के 3.55 करोड़ लोगों के बीच कराया गया था। सर्व की 7 बड़ी बातें सबसे पिछड़ा, सबसे संपन्न समुदाय कौन सा? सबसे पिछड़ा है एससी वर्ग का दक्कल समुदाय (स्कोर 116)। सामान्य वर्ग का कापु समुदाय सबसे संपन्न (12) है। जैन का स्कोर 13 और ब्राह्मण का 22 है। 1 लाख से कम कमाने वाले एससी परिवार का पिछड़ापन स्कोर 49 है, जबकि उतनी ही आय वाले सामान्य परिवार का स्कोर केवल 16 है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने 17 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला:10 साल में गरीबी दर 14% घटी; वर्ल्ड बैंक ने हालिया रिपोर्ट में बताया वर्ल्ड बैंक ने अपनी ‘पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ रिपोर्ट में बताया कि भारत बीते एक दशक में गरीबी को कम करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक- भारत ने 2011-12 से 2022-23 के बीच बेहद गरीबी में रह रहे 17.1 करोड़ लोगों को बाहर निकाला। पूरी खबर पढ़ें…

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: केरल में स्टंट से पहले ही सीएम पद को लेकर कांग्रेस में बड़ी गुटबाजी! सरकार बनीं तो कौन होगा मुख्यमंत्री

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: केरल में स्टंट से पहले ही सीएम पद को लेकर कांग्रेस में बड़ी गुटबाजी! सरकार बनीं तो कौन होगा मुख्यमंत्री

23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा जबकि 23 अप्रैल को सभी विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा। असम, केरल, पुडुचेरी सहित पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के नतीजे चार मई को एक साथ आएंगे। दो राज्यों में वोटिंग से पहले बयान और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. असम सीएम ममता बनर्जी पर हमलाअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उनके भाषण शासन से बड़े पैमाने पर राजनीतिक रणनीति की आलोचना पर केंद्रित हैं। सरमा ने कहा कि बिहार के एक जिले में एक रहस्यमयी शख्सियत का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी अपने भाषणों में बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करती हैं और लोगों में भय का माहौल बनाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा, “उनके भाषण विकास कार्य पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर बड़े पैमाने पर हमले हो रहे हैं।” परिसीमन के मुद्दे पर असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यह प्रक्रिया लागू होती है तो पूर्वी राज्यों को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में पात्रता की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। सरमा ने कहा, “अगर परिसीमन होता है तो पूर्वी क्षेत्र को आरक्षित के दावों से सबसे अधिक लाभ होगा,” और कहा कि इसी जनसंख्या वाले राज्यों के पक्ष में प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रह सकता है। तमिलनाडु में अंतिम चुनाव का आंशिक पूरा चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, नागरिक और मेक्सिको के तरीकों से हटाने के लिए सख्ती की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डाॅ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर राज्य में सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक की। तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को एक चरण में 234 विधानसभा पर मतदान होगा। शुक्रवार को आयोजित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 326 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया. इनमें 136 सामान्य पर्यवेक्षक, 40 पुलिस पर्यवेक्षक और 150 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। तमिलनाडु के मुख्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए. तमिलगा वेट्ट्री कशगम के घोषणापत्र में क्या-क्या भाजपा नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कशगम (टीवीके) के घोषणापत्र में गुरुवार को तीखा हमला बोला और इसे “वास्तविक और वित्तीय रूप से गैर-जिम्मेदार” करार दिया। प्रसाद ने एक बयान में कहा कि पत्र में घोषणा की गई है कि डीजे वादों को लागू करने के लिए कम से कम 6 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि तेल का कर्ज़ 2026-27 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में इन वादों की व्यवहारिकता पर गंभीर प्रश्न उठते रहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्पष्ट वित्तीय संस्थानों के इतने बड़े वादे के बिना राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाला जा सकता है और भविष्य के विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ सकता है।

सर्वे में देरी:सैटेलाइट सर्वे में उलझा 3 लाख किसानों का पंजीयन, मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर

सर्वे में देरी:सैटेलाइट सर्वे में उलझा 3 लाख किसानों का पंजीयन, मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर

मप्र के किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। वे वे किसान हैं, जिनके खेतों का सेटेलाइट सर्वे होना है। यह ​जिम्मा राजस्व विभाग का है। पटवारी, आरआई को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे सर्वे पूरा कर लें, लेकिन सर्वे करने में लगातार देरी की जा रही है। यदि जरा सा भी डेटा मिसमैच ​हो रहा है तो वह पुनर्सत्यापन में चला जाता है। सर्वे पूरा नहीं होने के कारण किसान पंजीयन के लिए जाता है तो उसका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। मप्र के 55 जिलों में ऐसे करीब 3 लाख किसान हैं। किसानों ने बताया कि तहसील में जवाब दिया जाता है कि पुनरीक्षण होना है, इसलिए अटका है। सेटेलाइट सर्वे में वे किसान उलझे हुए हैं, जिनके पास दो एकड़ से अधिक जमीन है। इस मामले में खाद्य विभाग से जानकारी ली तो पता चला कि मप्र में कलेक्टरों की जांच में करीब 45 हजार खसरे ऐसे सामने आए हैं, जिनमें कोई निर्माण हो चुका है। मंदिर है, मकान हैं या अन्य कोई शेड है। वहीं ऐसे भी खसरे सामने आए हैं, जिनमें नदी, तालाब आ चुके हैं। ऐसे खसरों का पुर्नसत्यापन कराया जा रहा है। इसलिए सर्वे में देरी हो रही है। हालांकि पहले भी दो बार सर्वे हो चुका है। सर्वे से जुड़े पटवारियों ने बताया कि जग गिरदावरी जमा की गई थी, तब पहली सर्वे हुआ था और दूसरी बार फसल कटने पर। किसानों के सहयोग के लिए एक भी अधिकारी नियुक्त नहीं भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख राहुल धूत ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों से शिकायत आ रही है कि किसानों की समस्या हल करने के लिए एक भी अधिकारी तकनीकी सहयोग के लिए नियुक्त नहीं किया गया है। धूत ने बताया कि तीन लाख से अधिक किसान सेटेलाइट सर्वे, सर्वर में उलझकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि हमने इस संबंध में जब कृषि विभाग के अफसरों से बात की तो उन्होंने क​हा कि यह राजस्व का काम है। जब राजस्व से बात करो तो बोलते हैं डेटा कृषि विभाग को भेज दिया। धूत का आरोप है कि इस सरकारी लेतलाली से किसान औने–पौने दामों में अपनी उपज बाहर बाजार में बेचने के लिए मजबूर हो गया है। सर्वर डाउन की भी बड़ी समस्या सभी जिलों में सहकारी समितियों को 13 अप्रैल को जिला प्रबंधक की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि बिना स्लॉट बुक कोई तुलाई नहीं करें। लेकिन जब किसान पंजीयन के लिए सोसायटी जाते हैं तो बार–बार सर्वर डाउन की समस्या सामने आ जाती है। 45 हजार खसरों में गड़बड़ी संज्ञान में आया था कि कुछ खसरों में नदी, तालाब या अन्य कुछ आ रहा है। सभी कलेक्टरों को कहा है कि इसकी बारीकी से जांच करवाए। अब तक 45 हजार खसरों में गड़बड़ी सामने आई है। कर्मवीर शर्मा, आयुक्त, खाद्य आपू​र्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण

भूत बंगला में अक्षय के प्रैंक से कर्जदार बनीं वामिका-मिथिला:सेट पर गेम्स, बॉन्डिंग और डिसिप्लिन ने दिया यादगार एक्सपीरियंस

भूत बंगला में अक्षय के प्रैंक से कर्जदार बनीं वामिका-मिथिला:सेट पर गेम्स, बॉन्डिंग और डिसिप्लिन ने दिया यादगार एक्सपीरियंस

हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ की स्टार कास्ट में शामिल वामिका गब्बी और मिथिला पालकर ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने शूटिंग अनुभव साझा किए हैं। दोनों ने बताया कि सेट पर जहां एक तरफ प्रोफेशनल डिसिप्लिन था, वहीं दूसरी तरफ मस्ती और हल्के-फुल्के माहौल की कोई कमी नहीं थी। अक्षय कुमार के मजेदार प्रैंक्स और पूरी टीम की बॉन्डिंग ने शूट को यादगार बना दिया। साथ ही, दोनों अभिनेत्रियों ने अपनी जर्नी, शुरुआती संघर्ष और इंडस्ट्री में अपने अनुभवों पर भी खुलकर बात की है। फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल कैसा था? वामिका गब्बी- बिल्कुल, बाहर से देखने पर यही लगता है कि सब कुछ मस्ती-मजाक में हुआ होगा। लेकिन असल में सेट पर बहुत सीरियस काम भी चल रहा था। हां, मस्ती बहुत होती थी और वही माहौल हमें और सहज बना देता था। मेरे लिए तो ये एक फैमिली जैसा एक्सपीरियंस बन गया था। आपका किरदार कैसा है? क्या ये एक टिपिकल बहन है या उसमें कोई ट्विस्ट भी देखने को मिलेगा? मिथिला पलकर- मैं ज्यादा कुछ बताना नहीं चाहूंगी, वो तो आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा। लेकिन हां, ये एक ऐसी बहन है जिसकी कोई भी जिद हो, उसका भाई उसे जरूर पूरा करता है उनके रिश्ते में वही खूबसूरती है। इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करना जैसे अक्षय कुमार, परेश रावल और निर्देशक प्रियदर्शन कैसा अनुभव रहा? वामिका गब्बी- शुरुआत में थोड़ा इंटिमिडेशन था क्योंकि मैंने उन्हें हमेशा स्क्रीन पर देखा है। लेकिन सेट पर उन्होंने माहौल इतना आसान और कम्फर्टेबल बना दिया कि कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं इतने बड़े लोगों के साथ काम कर रही हूं। हर कोई बहुत सपोर्टिव था। इतने टैलेंटेड लोगों के बीच रहना ही अपने आप में एक सीख है। उनकी एनर्जी, उनका काम करने का तरीका सब कुछ बहुत इंस्पायरिंग था। अपने किरदार की तैयारी के दौरान कोई चैलेंज आया? मिथिला पलकर- नहीं, क्योंकि प्रियदर्शन सर ने सब कुछ बहुत आसान बना दिया। उन्होंने मुझे हर चीज में गाइड किया, जैसे हैंड-होल्डिंग करते हुए। मेरा सिर्फ एक ही डर था इतने बड़े कलाकारों के सामने परफॉर्म करना, लेकिन उन्होंने वो भी आसान कर दिया। इतने बड़े स्टार कास्ट के साथ काम करने का अनुभव और आपकी पर्सनल जर्नी यूट्यूब से फिल्मों तक,आप इसे कैसे देखती हैं? मिथिला पलकर- सच कहूं तो विश्वास ही नहीं होता है। इतने लेजेंड्स के साथ काम करना एक सपना जैसा है। शुरुआत में थोड़ा डर था, लेकिन सभी ने बहुत प्यार से अपनाया। जहां तक मेरी जर्नी की बात है, मेरा हमेशा से एक ही गोल था एक अच्छा एक्टर बनना। इंटरनेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है और उसी की वजह से मुझे ये मौका भी मिला। मैं बस अच्छा काम करना चाहती हूं, चाहे वो किसी भी भाषा या प्लेटफॉर्म पर हो। सेट पर अक्षय कुमार के मशहूर प्रैंक्स का अनुभव कैसा रहा? क्या आप भी कभी उनका शिकार बनीं? वामिका गब्बी- एक सीन था जहां मुझे टेबल पर जंप करना था। मैं पूरी तैयारी के साथ शॉट दे रही थी, तभी अक्षय सर ने मुझे हल्का सा पुश कर दिया और मैं पूरी तरह चौंक गई! सब लोग हंसने लगे और मुझे तब समझ आया कि ये एक प्रैंक था। इसके अलावा हम सब सेट पर कार्ड्स, लूडो और अलग-अलग गेम्स खेलते थे। एक लेजर गेम भी खेलते थे, जिसमें ऊपर लगे बॉक्स पर निशाना लगाना होता था। उसमें तो मैं हारते-हारते करीब 12,000 रुपये की ‘कर्जदार’ हो गई थी! मिथिला पलकर- नहीं, मेरे साथ उन्होंने कोई प्रैंक नहीं किया। शायद वो एक प्रोटेक्टिव भाई की तरह थे। लेकिन हम सेट पर बहुत गेम्स खेलते थे जैसे लूडो। उसमें मैंने काफी पैसे हार दिए थे! लेकिन आखिरी दिन अक्षय सर के साथ खेलते-खेलते मैंने सब जीत लिए और मेरा ‘कर्ज’ उतर गया।

चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के मामले में चंडीगढ़ पुलिस 9 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई, जिन्हें कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। इस दौरान क्राइम सीन रिक्रिएशन करवाया गया और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की गई। इस दौरान डीएसपी धीरज कुमार और थाना 39 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार मौजूद रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी गुरतेज और अमनप्रीत बीजेपी ऑफिस के सामने सेक्टर-24 वाली साइड, जहां से उन्होंने बस स्टॉपेज से बस पकड़ी थी, वहां पूरे घटनाक्रम का फिर से क्राइम सीन रिक्रिएशन किया गया। पहले कैसे रेकी की, कहां-कहां गए, कितने दिन रेकी की इन सभी पहलुओं को लेकर आरोपियों से पूछताछ की गई। गौरतलब है कि बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा, जबकि दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। चंडीगढ़ पुलिस से पहले SSOC ने पकड़े चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की सभी जांच एजेंसियां, पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और AGTF समेत अन्य एजेंसियां छापेमारी कर रही थीं। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस से पहले मोहाली की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल यानी SSOC ने मुख्य दो आरोपियों को हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया। इनमें रतनगढ़ मोरिंडा के रहने वाले अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह शामिल हैं। इन पर आरोप है कि अमनप्रीत सिंह ने बम फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इसका वीडियो बनाया था। उनके पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है। हालांकि इससे पहले SSOC पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनमें बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा शामिल हैं। इसके बाद पंजाब DGP गौरव यादव ने कहा था कि इनकी 6 महीने पहले मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसमें अटैक का 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था, जिसके लिए इन्हें 2 लाख रुपए देने की बात कही गई थी। इस पूरी साजिश के तार पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की पंजाब में अफरातफरी फैलाने की कोशिश थी। उसके बाद पुलिस ने दो और आरोपी नवदीप और हरजन सिंह को गिरफ्तार किया। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान से ग्रेनेड और हथियार मंगवाने में मदद की थी। डीजीपी ने ये बड़ी बातें कहीं थी… सोशल मीडिया पर दोनों की मुलाकात हुई: डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को हरियाणा एसटीएफ की मदद से गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त रूप से चलाया गया। दोनों आरोपियों को रेवाड़ी से काबू किया गया। करीब 6 महीने पहले इनकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था: उन्होंने कहा कि 28 मार्च को गुरतेज को टास्क दिया गया था कि वह बलाचौर से ग्रेनेड और हथियार लेकर आए। इसके बाद वह रूबल और मंदीप शर्मा को साथ लेकर जसबीर जस्सी से मिला, जहां उन्हें दो ग्रेनेड, एक पिस्टल और 10 कारतूस दिए गए। बलजोत सिंह ने गुरतेज को रेकी करने और टारगेट की पहचान की जिम्मेदारी दी थी। वहीं, अमनप्रीत की भर्ती भी गुरतेज ने ही की थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल: डीजीपी के मुताबिक, दोनों मुख्य आरोपी रैपिडो में काम करते थे। घटना वाले दिन जब अमनप्रीत ने ग्रेनेड फेंका, तो गुरतेज ने उसकी वीडियो बनाई थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल था, जो इनसे वीडियो बनवाकर एक तरह का माहौल (परसेप्शन) तैयार करना चाहता था। उसने इन्हें ऑनलाइन ही निर्देश दिए और यह भी बताया कि ग्रेनेड को कैसे एक्टिव करना है। आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई: इस काम के लिए आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई थी, लेकिन यह रकम पूरी नहीं दी गई थी। पूरा ऑपरेशन तकनीकी माध्यमों और दूर बैठे हैंडलर के निर्देशों के आधार पर चलाया गया। पाकिस्तान-ISI से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा DGP के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था। इस नेटवर्क को विदेश में बैठे हैंडलर्स चला रहे थे, जिनकी लोकेशन पुर्तगाल और जर्मनी में बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें अलग-अलग स्तर पर कई लोग जुड़े हुए थे और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों के पास हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की खेप पहुंचाई गई थी। यह खेप कई लोगों के जरिए आगे बढ़ाई गई और आखिर में हमले को अंजाम देने वालों तक पहुंचाई गई। बताया जा रहा है कि पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर पूरे हमले की साजिश रची गई और उसे अंजाम दिया गया। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावा इससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए थे। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दिए। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं।