जुलाई में ₹2.11 लाख करोड़ GST कलेक्शन:ये पिछले साल के मुकाबले 15.4% ज्यादा, जून में ₹1.94 लाख करोड़ रहा था

जुलाई महीने में 2.11 लाख करोड़ रुपए GST कलेक्शन हुआ। ये पिछले साल यानी जुलाई 2025 से 15.4% ज्यादा है। पिछले साल जुलाई 2025 में GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपए था। अप्रैल-जुलाई के दौरान कलेक्शन का हाल चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई 2026) के दौरान GST कलेक्शन 10.1% बढ़कर 8.4 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.6 लाख करोड़ रुपए था। इस दौरान GST कलेक्शन 9.2% बढ़कर 7.21 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल 6.61 लाख करोड़ रुपए था। राज्यों के आंकड़ों में अंतर प्रमुख राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र का जीएसटी राजस्व 13% बढ़कर 32,210 करोड़ रुपए रहा। गुजरात में 19% की वृद्धि के साथ 12,923 करोड़ रुपए, कर्नाटक में 12% की वृद्धि के साथ 13,854 करोड़ रुपए, तेलंगाना में 19% की वृद्धि के साथ 5,819 करोड़ रुपए और उत्तर प्रदेश में 15% की वृद्धि के साथ 9,651 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ। वहीं, कुछ राज्यों में गिरावट भी देखी गई। तमिलनाडु का जीएसटी राजस्व 1%, आंध्र प्रदेश का 5% और मध्य प्रदेश का 10% घटा है। सिक्किम में 59%, हिमाचल प्रदेश में 22% और उत्तराखंड में 18% की गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अनंतिम हैं और अंतिम रूप दिए जाने पर इनमें मामूली बदलाव हो सकता है। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में F-35B फाइटर जेट क्रैश; पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब

अमेरिका के सैन डिएगो में शुक्रवार सुबह मरीन कॉर्प्स का F-35B फाइटर जेट मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई, जिसे दमकलकर्मियों ने बुझा दिया। मरीन कॉर्प्स के मुताबिक, पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बाहर निकल आया। उसे मामूली चोटें आई हैं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने इस हादसे को ‘क्लास A मिसहैप’ घोषित किया है। यह सैन्य विमान हादसों की सबसे गंभीर श्रेणी होती है। इसमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हो या किसी सैनिक की मौत हो जाए। एक F-35B फाइटर जेट की कीमत करीब 109 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) बताई जाती है। क्यों खास है F-35B? F-35B अमेरिका का एडवांस्ड स्टील्थ फाइटर जेट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम दूरी से उड़ान भर सकता है और हेलीकॉप्टर की तरह सीधा उतर (वर्टिकल लैंडिंग) भी सकता है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, नेवी और एयर फोर्स करती हैं। यह पिछले एक महीने में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के F-35B से जुड़ा दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले वॉशिंगटन में भी एक F-35B जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। अब इस नए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में F-35B फाइटर जेट क्रैश; पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब

अमेरिका के सैन डिएगो में शुक्रवार सुबह मरीन कॉर्प्स का F-35B फाइटर जेट मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई, जिसे दमकलकर्मियों ने बुझा दिया। मरीन कॉर्प्स के मुताबिक, पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बाहर निकल आया। उसे मामूली चोटें आई हैं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने इस हादसे को ‘क्लास A मिसहैप’ घोषित किया है। यह सैन्य विमान हादसों की सबसे गंभीर श्रेणी होती है। इसमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हो या किसी सैनिक की मौत हो जाए। एक F-35B फाइटर जेट की कीमत करीब 109 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) बताई जाती है। क्यों खास है F-35B? F-35B अमेरिका का एडवांस्ड स्टील्थ फाइटर जेट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम दूरी से उड़ान भर सकता है और हेलीकॉप्टर की तरह सीधा उतर (वर्टिकल लैंडिंग) भी सकता है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, नेवी और एयर फोर्स करती हैं। यह पिछले एक महीने में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के F-35B से जुड़ा दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले वॉशिंगटन में भी एक F-35B जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। अब इस नए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
जोमैटो-ब्लिंकइट के 1 लाख डिलीवरी पार्टनर्स ने फाइल किया ITR:₹18 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला; 905 शहरों में 73% पहली बार टैक्सपेयर बने

जोमैटो और ब्लिंकिट ने इस साल देश के 905 शहरों में अपने एक लाख से ज्यादा डिलीवरी पार्टनर्स को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में मदद की है। इस पहल से डिलीवरी पार्टनर्स को अब तक 18 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स रिफंड मिल चुका है। गिग वर्कर के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख में अभी एक महीना बाकी है, जो कि 31 अगस्त 2026 है। 73% डिलीवरी पार्टनर्स ने पहली बार भरा ITR इस साल रिटर्न फाइल करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स में से लगभग 73% ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहली बार ITR फाइल किया है। जोमैटो या ब्लिंकिट के पास इनके पिछले सालों के रिटर्न फाइल करने का कोई रिकॉर्ड नहीं था। यह आंकड़ा दिखाता है कि प्लेटफॉर्म की मदद से अब गिग वर्कर भी औपचारिक वित्तीय प्रणाली (फॉर्मल फाइनेंशियल सिस्टम) से तेजी से जुड़ रहे हैं। ITR से मिलेगा लोन, क्रेडिट कार्ड और रेंटल एग्रीमेंट में फायदा ITR को एक विश्वसनीय वित्तीय दस्तावेज के रूप में मान्यता प्राप्त है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स को अपनी वित्तीय साख बनाने में मदद मिलती है। इसका उपयोग वे पर्सनल लोन, FD-बैकड क्रेडिट कार्ड, रेंटल एग्रीमेंट और अन्य सेवाओं के आवेदन के दौरान अपनी वित्तीय हिस्ट्री साबित करने के लिए कर सकते हैं।
जोमैटो-ब्लिंकइट के 1 लाख डिलीवरी पार्टनर्स ने फाइल किया ITR:₹18 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला; 905 शहरों में 73% पहली बार टैक्सपेयर बने

जोमैटो और ब्लिंकिट ने इस साल देश के 905 शहरों में अपने एक लाख से ज्यादा डिलीवरी पार्टनर्स को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में मदद की है। इस पहल से डिलीवरी पार्टनर्स को अब तक 18 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स रिफंड मिल चुका है। गिग वर्कर के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख में अभी एक महीना बाकी है, जो कि 31 अगस्त 2026 है। 73% डिलीवरी पार्टनर्स ने पहली बार भरा ITR इस साल रिटर्न फाइल करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स में से लगभग 73% ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहली बार ITR फाइल किया है। जोमैटो या ब्लिंकिट के पास इनके पिछले सालों के रिटर्न फाइल करने का कोई रिकॉर्ड नहीं था। यह आंकड़ा दिखाता है कि प्लेटफॉर्म की मदद से अब गिग वर्कर भी औपचारिक वित्तीय प्रणाली (फॉर्मल फाइनेंशियल सिस्टम) से तेजी से जुड़ रहे हैं। ITR से मिलेगा लोन, क्रेडिट कार्ड और रेंटल एग्रीमेंट में फायदा ITR को एक विश्वसनीय वित्तीय दस्तावेज के रूप में मान्यता प्राप्त है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स को अपनी वित्तीय साख बनाने में मदद मिलती है। इसका उपयोग वे पर्सनल लोन, FD-बैकड क्रेडिट कार्ड, रेंटल एग्रीमेंट और अन्य सेवाओं के आवेदन के दौरान अपनी वित्तीय हिस्ट्री साबित करने के लिए कर सकते हैं।
पाकिस्तान में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई पर हमला:ल्यारी में अज्ञात हमलावरों ने घर के बाहर गोली मारी, हालत गंभीर

पाकिस्तान के कराची में जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला हुआ। कराची के लियारी इलाके में उनके घर के बाहर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में 40 साल जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां जुबैर की सर्जरी की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायल राहगीरों में से एक की हालत भी गंभीर है। गैंगवार और पुरानी रंजिश की जांच साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सैयद असद रजा ने बताया कि पुलिस हमले की हर पहलू से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में गैंगवार, पुरानी दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखा गया है। फिलहाल किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, जुबैर बलोच 2012 में सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हुआ था। वह इसी साल जनवरी 2025 में जेल से रिहा होकर बाहर आया था। अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में है। इलाके में गैंगवार फिर से शुरू होने की चर्चा इस घटना के बाद लियारी में एक बार फिर गैंगवार की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुबैर ने हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी जॉइन की थी और कुछ महीने पहले इलाके में पार्टी के झंडे भी लगाए थे। उनका दावा है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई गैंगस्टरों के दोबारा लौटने की चर्चाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गैंगवार फिर शुरू होने का डर बढ़ गया है। उजैर बलोच पर कई गंभीर मामले दर्ज उजैर बलोच कभी कराची के सबसे ताकतवर गैंग लीडरों में गिना जाता था। उसे लियारी का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत का दाहिना हाथ माना जाता था। पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत के मारे जाने के बाद उजैर ने लियारी के अपराध जगत की कमान संभाल ली और धीरे-धीरे इलाके का सबसे प्रभावशाली गैंगस्टर बन गया। फिलहाल उजैर बलोच पाकिस्तान की जेल में बंद है। इसी साल मार्च में आतंकवाद विरोधी अदालत ने हत्या, पुलिस पर हमले और विस्फोटक रखने समेत सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उस पर 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का भी आरोप है। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। हाल के दिनों में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से भी चर्चा में रहा है। फिल्म में उसके किरदार को अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है।
मार्सिया का सक्सेस मंत्र; ब्लिस से खड़े किए 5 ब्रांड:1000 करोड़ की मालकिन की सलाह, पहले सर्वाइवल जरूरी, बिजनेस की प्लानिंग बाद में

मार्सिया किलगोर (57) का ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन ब्यूटी ब्रांड ‘ब्यूटी पाई’ इंडस्ट्री में गेम-चेंजर माना जाता है। 2016 में ब्यूटी पाई शुरू करने से पहले किलगोर लग्जरी स्पा ब्रांड ब्लिस, मेकअप-स्किनकेयर ब्रांड सोप एंड ग्लोरी और फुटवियर ब्रांड फिटफ्लॉप जैसे 4 बिजनेस खड़े कर चुकी थीं। तंगी के चलते कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। पर्सनल ट्रेनर की नौकरी और शाम को ब्यूटी क्लासेज लेनी शुरू की। यहीं से उनके पांच दशक लंबे आंत्रप्रेन्योर सफर की नींव पड़ी। उन्होंने अपनी सफलता के पांच सूत्र साझा किए हैं… 1. परफेक्ट प्लान की जरूरत नहीं – किलगोर कहती हैं कि शुरू में कोई बिजनेस प्लान नहीं था। हालात ने मजबूर किया तो उन्होंने जो हुनर था उसी से कमाना शुरू किया। आगे रास्ता खुद-ब-खुद बनता गया। उनका मानना है कि सर्वाइवल पहले जरूरी है, प्लानिंग बाद में अपने आप हो जाती है। 2. जिसमें महारत, वही काम शुरू करें – ब्लिस स्पा की लंदन ब्रांच में भीड़ बढ़ने पर जब ट्रेंड किए गए कई स्टाफ डर कर नौकरी छोड़ गए। किलगोर खुद वैक्सिंग और फेशियल करने में सक्षम थीं क्योंकि उन्होंने हर काम खुद सीखा था। उनकी सलाह है कि जिस क्षेत्र की गहरी जानकारी हो, वहीं कारोबार शुरू करें, ताकि मुश्किल वक्त में कोई और आपको निर्भर न बना दे। 3. अपने आइडिया को खुद चुनौती दें – किलगोर सुझाव देती हैं कि अगर कोई अपने आइडिया की अहमियत एक वाक्य में नहीं समझा सकता, तो आइडिया अधूरा है। वे ‘ओनरशिप बायस’ से बचने की सलाह देती हैं। यानी सिर्फ इसलिए आइडिया को शानदार मत मानिए क्योंकि वह आपका है। उनके मुताबिक अब एआई किसी भी नए उद्यमी के लिए सस्ता कंसल्टेंट बन गया है, जो आइडिया को चुनौती देकर बेहतर बना सकता है। 4. त्याग के लिए तैयार रहें, दयालु बनें – किलगोर ने तय किया कि वे ऐसी इंसान बनेंगी, जिसके साथ लोग रहना पसंद करें। मेहनत व नम्रता से छोटा सैलून महीनों पहले बुक होने लगा। वे मानती हैं कि बिजनेस के लिए बड़े त्याग जरूरी हैं। हालांकि बच्चों के स्कूल कार्यक्रम व पारिवारिक छुट्टियां नहीं छोड़ीं। 5. डेथबेड टेस्ट अपनाएं – किलगोर बड़े फैसले से पहले खुद से पूछती हैं कि क्या यह प्रोजेक्ट जीवन के आखिरी पल में भी सार्थक लगेगा। इससे पता चलता है कि कौन-सा आइडिया समय देने लायक है। ब्यूटी पाई – अनोखा बिजनेस मॉडल, सालाना आय 1,000 करोड़- किलगोर ने अब तक 5 लाइफस्टाइल ब्रांड खड़े किए। ब्लिस, सोप एंड ग्लोरी, फिटफ्लॉप और ब्यूटी पाई इनमें प्रमुख हैं। ब्यूटी पाई की शुरुआत 2016 में हुई थी और यह पूरी तरह ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन मॉडल पर आधारित है। इसे इंडस्ट्री में अनोखा प्रयोग माना जाता है। ब्यूटी पाई की सालाना आय 1,000 करोड़ रुपए है।
मार्सिया का सक्सेस मंत्र; ब्लिस से खड़े किए 5 ब्रांड:1000 करोड़ की मालकिन की सलाह, पहले सर्वाइवल जरूरी, बिजनेस की प्लानिंग बाद में

मार्सिया किलगोर (57) का ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन ब्यूटी ब्रांड ‘ब्यूटी पाई’ इंडस्ट्री में गेम-चेंजर माना जाता है। 2016 में ब्यूटी पाई शुरू करने से पहले किलगोर लग्जरी स्पा ब्रांड ब्लिस, मेकअप-स्किनकेयर ब्रांड सोप एंड ग्लोरी और फुटवियर ब्रांड फिटफ्लॉप जैसे 4 बिजनेस खड़े कर चुकी थीं। तंगी के चलते कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। पर्सनल ट्रेनर की नौकरी और शाम को ब्यूटी क्लासेज लेनी शुरू की। यहीं से उनके पांच दशक लंबे आंत्रप्रेन्योर सफर की नींव पड़ी। उन्होंने अपनी सफलता के पांच सूत्र साझा किए हैं… 1. परफेक्ट प्लान की जरूरत नहीं – किलगोर कहती हैं कि शुरू में कोई बिजनेस प्लान नहीं था। हालात ने मजबूर किया तो उन्होंने जो हुनर था उसी से कमाना शुरू किया। आगे रास्ता खुद-ब-खुद बनता गया। उनका मानना है कि सर्वाइवल पहले जरूरी है, प्लानिंग बाद में अपने आप हो जाती है। 2. जिसमें महारत, वही काम शुरू करें – ब्लिस स्पा की लंदन ब्रांच में भीड़ बढ़ने पर जब ट्रेंड किए गए कई स्टाफ डर कर नौकरी छोड़ गए। किलगोर खुद वैक्सिंग और फेशियल करने में सक्षम थीं क्योंकि उन्होंने हर काम खुद सीखा था। उनकी सलाह है कि जिस क्षेत्र की गहरी जानकारी हो, वहीं कारोबार शुरू करें, ताकि मुश्किल वक्त में कोई और आपको निर्भर न बना दे। 3. अपने आइडिया को खुद चुनौती दें – किलगोर सुझाव देती हैं कि अगर कोई अपने आइडिया की अहमियत एक वाक्य में नहीं समझा सकता, तो आइडिया अधूरा है। वे ‘ओनरशिप बायस’ से बचने की सलाह देती हैं। यानी सिर्फ इसलिए आइडिया को शानदार मत मानिए क्योंकि वह आपका है। उनके मुताबिक अब एआई किसी भी नए उद्यमी के लिए सस्ता कंसल्टेंट बन गया है, जो आइडिया को चुनौती देकर बेहतर बना सकता है। 4. त्याग के लिए तैयार रहें, दयालु बनें – किलगोर ने तय किया कि वे ऐसी इंसान बनेंगी, जिसके साथ लोग रहना पसंद करें। मेहनत व नम्रता से छोटा सैलून महीनों पहले बुक होने लगा। वे मानती हैं कि बिजनेस के लिए बड़े त्याग जरूरी हैं। हालांकि बच्चों के स्कूल कार्यक्रम व पारिवारिक छुट्टियां नहीं छोड़ीं। 5. डेथबेड टेस्ट अपनाएं – किलगोर बड़े फैसले से पहले खुद से पूछती हैं कि क्या यह प्रोजेक्ट जीवन के आखिरी पल में भी सार्थक लगेगा। इससे पता चलता है कि कौन-सा आइडिया समय देने लायक है। ब्यूटी पाई – अनोखा बिजनेस मॉडल, सालाना आय 1,000 करोड़- किलगोर ने अब तक 5 लाइफस्टाइल ब्रांड खड़े किए। ब्लिस, सोप एंड ग्लोरी, फिटफ्लॉप और ब्यूटी पाई इनमें प्रमुख हैं। ब्यूटी पाई की शुरुआत 2016 में हुई थी और यह पूरी तरह ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन मॉडल पर आधारित है। इसे इंडस्ट्री में अनोखा प्रयोग माना जाता है। ब्यूटी पाई की सालाना आय 1,000 करोड़ रुपए है।
‘रामायण’ के ट्रेलर की पाकिस्तान में हुई तारीफ:कंटेंट क्रिएटर्स ने VFX और मेकिंग को बताया शानदार, रणबीर कपूर की भी सराहना की

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज होने के बाद भारत के साथ पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और फिल्म क्रिटिक्स ने ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग की तारीफ की। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर ‘काम वाली बात’ के नाम से पहचाने जाने वाले माविया उमर फारूकी ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर की समीक्षा करते हुए कहा कि फिल्म का बड़ा बजट उसके विजुअल्स में साफ नजर आता है। फारूकी ने हॉलीवुड स्टूडियोज के साथ VFX पर किए गए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘एक पाकिस्तानी के तौर पर मैं बोलूंगा कि भाई, मैं ट्रेलर देखकर तो एक्साइटेड हो गया हूं कि फिल्म के अंदर क्या है, फिल्म के अंदर क्या देखने को मिलेगा।’ साथ ही उन्होंने रणबीर कपूर और यश की परफॉर्मेंस की भी तारीफ की। वहीं, पाकिस्तानी यूट्यूबर और फिल्म क्रिटिक हस्नात खान ने भी अपने यूट्यूब रिव्यू में ट्रेलर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर जो हाइप बनी थी, ट्रेलर उसे पूरी तरह सही साबित करता है। उनके मुताबिक, ट्रेलर का हर सीन शानदार है और मेकर्स ने विजुअल्स, CGI, लाइटिंग, एनिमेशन और स्टंट्स पर बेहतरीन काम किया है। उन्हें कहीं भी लो क्वालिटी या कमजोर VFX नहीं दिखे। हस्नात खान ने यश की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रेलर की शुरुआत ही यश के दमदार अंदाज से होती है। नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
इंपैक्ट फीचर:वित्तीय लेनदेन और निवेश में लालच से बचें, सही समय पर सही निवेश ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी

आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य’ के तहत पटना में आयोजित निवेश जागरूकता कार्यशाला में विशेषज्ञों ने निवेशकों को वित्तीय अनुशासन, साइबर सुरक्षा और दीर्घकालिक निवेश के महत्व से अवगत कराया। निवेश केवल धन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। इसी उद्देश्य के साथ आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य’ के अंतर्गत पटना में निवेश जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वित्तीय विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश, वित्तीय अनुशासन और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। पैसे की बचत करना पर्याप्त नहीं मुख्य वक्ता मोहम्मद आमिर सुलेमान ने कहा कि केवल पैसे की बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही समय पर सही जगह निवेश करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी आय का बजट बनाकर नियमित बचत करनी चाहिए और दीर्घकालिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निवेश की योजना बनानी चाहिए। उन्होंने निवेशकों को लालच में आकर अवास्तविक रिटर्न के वादों पर भरोसा न करने की सलाह दी। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बचत और निवेश के बीच का अंतर भी विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि बचत केवल धन को सुरक्षित रखने का माध्यम है, जबकि निवेश उस धन को समय के साथ बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। सही वित्तीय योजना और अनुशासित निवेश से ही आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है। धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें साइबर सुरक्षा सत्र में डिजिटल वित्तीय लेनदेन से जुड़े बढ़ते जोखिमों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर अपनी बैंकिंग अथवा निवेश संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, साइबर क्राइम पोर्टल और संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचित करने की सलाह दी गई, ताकि वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके। नियमित निवेश और विश्वसनीय वित्तीय साधन चुनें कार्यक्रम के दौरान निवेशकों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए, जहां म्यूचुअल फंड, दीर्घकालिक निवेश, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय योजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि निवेश करते समय धैर्य बनाए रखना, नियमित निवेश करना और विश्वसनीय वित्तीय साधनों का चयन करना ही बेहतर रिटर्न और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाना और उन्हें जागरूक, जिम्मेदार एवं आत्मविश्वास के साथ निवेश करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निवेशकों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।








