खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

देश में वित्त वर्ष 2025-26 में कारों की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 47 लाख रही, लेकिन लग्जरी कारों की हिस्सेदारी 1% ही है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह बरार के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव ने खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे वे बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी व सीईओ संतोष अय्यर ने भी माना कि वैश्विक हालात के कारण इस साल लग्जरी मार्केट फ्लैट रह सकता है। हालांकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 19,363 यूनिट्स की बिक्री की, जो किसी एक वित्त वर्ष का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पिछले साल 18,928 यूनिट्स बेची थी। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा। लग्जरी कारों में ईवी की मांग 83% बढ़ी ईंधन की कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की ओर बढ़ रहे हैं। जनवरी-मार्च में बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 83% उछाल के साथ 1,185 तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 26% है। मर्सिडीज की 1.4 करोड़ रुपए से महंगी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी 85% बढ़ी है। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा।
मंदिर के कुएं के पास मिला तीन माह का नवजात:चिलचिलाती धूप में रोने के आवाज सुन पहुंचे लोग, डॉक्टर बोले- तेज बुखार है

मैहर के देवीजी चौकी इलाके स्थित शिव मंदिर परिसर में बने कुएं के पास तीन माह का नवजात पड़ा मिला है। रविवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के देवीजी इलाके में मंदिर जा रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि दोपहर में कुछ लोग मंदिर के पास से गुजर रहे थे। उन्हें बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। वे जब कुएं के पास पहुंचे तो कपड़े में नवजात मिला। वे लोग बच्चे को लेकर सीथे चौकी पहुंचे। यहां से हम लोग उसे अस्पताल लेकर गए। उसे समय पर उपचार मिल सका और उसकी जान बच गई। बच्चे को अस्पताल की एनबीएसयू (न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट) में भर्ती किया गया है। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. पृथ्वीराज सिंह ने बताया कि बच्चे की उम्र लगभग 2 से 3 महीने है और उसे बुखार भी है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उसके पोषण व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। देवीजी क्षेत्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि मासूम को वहां कौन और किन परिस्थितियों में छोड़कर गया।
पहली बार असंगठित निर्माण क्षेत्र का विश्लेषण:करीब एक करोड़ परिवारों ने अपने घर खुद बनाए, 75% मकान गांवों में बने

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एनएसओ) ने एक तकनीकी रिपोर्ट जारी की है जिसमें गैर-पंजीकृत (अन-इनकॉरपोरेटेड) निर्माण एजेंसियों और परिवारों द्वारा बीते साल भर में किए गए कंस्ट्रक्शन पर एक पायलट अध्ययन के प्रमुख नतीजे बताए गए हैं। एनएसओ के अनुसार देश में अन-इनकॉरपोरेटेड कंस्ट्रक्शन में मुख्य गतिविधि करीब 1 करोड़ (सही संख्या 98.5 लाख) परिवारों द्वारा खुद के रहने के लिए खुद बनवाए जा रहे मकानों की वजह से है। कंस्ट्रक्शन में लगीं अन-इनकॉरपोरेटेड एजेंसियों की संख्या करीब 11 लाख थी। महाराष्ट्र (1.3 लाख), केरल (94,000) और कर्नाटक (90,000) में गैर-पंजीकृत निर्माण एजेंसियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश (13.8 लाख), ओडिशा (7.6 लाख) और महाराष्ट्र (7.5 लाख) घरेलू स्तर पर निर्माण में आगे थे। 97% परिवारों को खुद की आय पर ज्यादा भरोसा रिपोर्ट के मुताबिक 97% परिवारों ने निर्माण के लिए अपनी आय पर भरोसा किया। उन्होंने कुल खर्च का करीब 77% अपने पास से लगाया। 21% परिवारों ने लागत का करीब 17% संस्थागत कर्ज लिया। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों (23%) की भागीदारी शहरी (13%) की तुलना में अधिक थी। ये औपचारिक ऋण तक पहुंच में सुधार का संकेत है। निर्माण लागत में 75% हिस्सा मटेरियल का था। लेबर कॉस्ट करीब 22% थी। ईंट, सीमेंट, स्टील जैसी सामग्रियों का कुल मटेरियल कॉस्ट में 60% हिस्सा था। घरेलू निर्माण खर्च का तीन-चौथाई मटेरियल पर मद – घरेलू – संस्थान ईंट – 20.7% – 13.3% लोहा और स्टील – 20.6% – 16.4% सीमेंट/उत्पाद – 19.4% – 19.6% लकड़ी – 6.7% – 7.3% प्लास्टिक उत्पाद – 4.1% – 4.7% पेंट, वार्निश आदि – 5.6% – 10.7% सेनिटरी वेयर – 3.1% – 2.0% अन्य खर्च – 19.8% – 26.0% शहरों के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण अधिक जुलाई से दिसंबर 2025 तक हुए इस अध्ययन में पाया गया है कि निर्माण गतिविधियों में ग्रामीण क्षेत्रों का दबदबा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 6.5 लाख गैर-पंजीकृत एजेंसी निर्माण कार्यों में संलग्न थीं। शहरी इलाकों में ये संख्या करीब 3.7 लाख थी। घरेलू निर्माण में 75.1 लाख ग्रामीण इलाकों में हुए, शहरों में करीब 23.4 लाख निर्माण हुए।
अमेरिका के 60 मेडिकल संस्थानों में ‘पाक-कला’ कोर्स में:सिर्फ डाइट नहीं बदलेंगे डॉक्टर, खाना बनाने का तरीका बताकर भी बीमारी दूर करेंगे

लॉरेन एस्टेस के हाथ बहुत सधे हुए हैं। टफ्ट्स मेडिकल स्कूल की यह छात्रा जब सुआ की पत्तियों को काटती है, तो एकाग्रता वैसी ही होती है जैसी सर्जन की ऑपरेशन थिएटर में। लॉरेन का सपना एक दिन बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी कराना है, पर अभी प्राथमिकता कुछ और है… बेहतरीन ‘छोले’ बनाना। लॉरेन अकेली नहीं है। साथ में 14 और छात्र-जो भविष्य के डॉक्टर, डेंटिस्ट व डाइटिशियन हैं, इन दिनों रसोई में पसीना बहा रहे हैं। यह आम कुकिंग क्लास नहीं है, बल्कि टफ्ट्स यूनिवर्सिटी का ‘कलिनरी मेडिसिन’ कोर्स है। अमेरिका के 60 से ज्यादा मेडिकल संस्थानों में यह पाठ्यक्रम अपनाया जा रहा है, जहां डॉक्टरों को किताबी पोषण ही नहीं, बल्कि रसोई साक्षरता भी सिखाई जा रही है। इसका मुख्य विचार ‘फूड इज मेडिसिन’ (भोजन ही औषधि है) अभियान को बढ़ावा देना है, ताकि डॉक्टर सिर्फ डाइट बदलने की सलाह ही न दें, बल्कि उन्हें यह भी समझा सकें कि स्वस्थ भोजन कैसे बनाएं। यानी सिर्फ ये बताना काफी नहीं है कि खाना सेहत के लिए अच्छा है। उन्हें सीखना होगा कि डायबिटीज, किडनी व दिल के रोगों में कौन सी सब्जी दवा की तरह काम कर सकती है। रिटायर्ड पुलिस अफसर चक सेल्फ इस बदलाव के बड़े गवाह हैं। 4 साल पहले उन्हें डायबिटीज व दिल की बीमारी ने इस कदर जकड़ा था कि पैर काटने तक की नौबत आ गई थी। इंसुलिन इंजेक्शन जिंदगी का हिस्सा बन चुके थे। डॉक्टर ने दवाइयों के साथ-साथ ‘मेडिकली टेलर्ड भोजन’ का पर्चा लिखा। चक बताते हैं,‘डॉक्टर्स ने मुझे वह खिलाया जो हमारे पूर्वज खाते थे- बीन्स, दालें, मोटा अनाज।’ नतीजे चमत्कारिक थे। चक का वजन घटा, शुगर लेवल सुधरा और दवाइयां कम हो गई। वे कहते हैं, भोजन ने मुझे फिर से जीना सिखाया।’ यह बदलाव डॉक्टरों को भी बदल रहा है। शेफ मिशेल निशन कहते हैं,‘कई डॉक्टर ‘टॉप शेफ’ जैसे कुकिंग शो के दीवाने हो गए हैं।’ जब एक डॉक्टर करछुल थामता है, तो वह इलाज की नई परिभाषा लिखता है, जहां स्वास्थ्य की नींव अस्पताल के बेड पर नहीं, बल्कि रसोई में रखी जाती है। यह पहल ऐसी मेडिकल व्यवस्था की शुरुआत है, जहां डॉक्टर सिर्फ,‘बीमारी का इलाज’ नहीं, बल्कि ‘पूर्ण स्वास्थ्य का निर्माण’ करेंगे। जैसे इन दिनों लॉरेन प्रोजेक्ट के लिए हैती की गर्भवती महिला के लिए भिंडी और मसूर की दाल मिलाकर कुछ नया रच रही हैं जो उसकी सांस्कृतिक पसंद के करीब हो और साथ ही भ्रूण के विकास के लिए जरूरी तत्वों से भरपूर भी हो। शोध भी यही बताते हैं कि यदि डॉक्टर खुद खाना पकाने के बारे में जानते हैं, तो वे इलाज में भोजन को प्रभावी उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर आश्वस्त होते हैं। सलाह काफी नहीं, पूरी जानकारी होना जरूरी कलिनरी मेडिसिन कोर्स की डायरेक्टर नादिन तासाबेजी कहती हैं,‘मरीज को प्रोटीन खाने की सलाह देना काफी नहीं है। डॉक्टर को उस वस्तु के दाम, पकाने में लगने वाला समय और वह मरीज के स्वाद व परंपरा की अनुसार हैं भी या नहीं… पता होना चाहिए।’
Asha Bhosle Death: क्या सीने में इंफेक्शन के कारण आशा भोसले को आया कार्डियक अरेस्ट? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

Last Updated:April 12, 2026, 12:57 IST Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोसले का मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया है. उनकी उम्र 92 साल थी और उन्हें कार्डियक अरेस्ट के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने अपने इंस्टाग्राम में बताया कि सिंगर को थकावट और चेस्ट इंफेक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कार्डियोलॉजिस्ट की मानें तो चेस्ट इंफेक्शन के कारण भी कार्डियक अरेस्ट आ सकता है और यह जानलेवा हो सकता है. 92 साल की उम्र में दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है. Asha Bhosle Death News: दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. शनिवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. हालांकि रविवार को उनके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह अत्यधिक थकान और सीने में इंफेक्शन बताया था. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर किसी व्यक्ति को सीने में इंफेक्शन हो जाए, तो इसकी वजह से भी कार्डियक अरेस्ट आ सकता है और जान जा सकती है. खासतौर से बुजुर्गों में सीने का इंफेक्शन ज्यादा घातक हो सकता है और कार्डियक इश्यूज की वजह बन सकता है. इस बारे में डॉक्टर से जरूरी बातें जान लेते हैं. नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया कि अगर किसी व्यक्ति को सीने में सीवियर इंफेक्शन हो जाए, तो इससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है. इससे सडन कार्डियक अरेस्ट आ सकता है. अगर किसी शख्स की उम्र 90 साल से ज्यादा है, तो इस कंडीशन में कार्डियक इश्यूज हो जाते हैं और ऐसे में इंफेक्शन जानलेवा हो सकता है. इससे सेप्सिस हो सकता है, जिसकी वजह से कार्डियक अरेस्ट आ जाता है. हालांकि जांच के बाद इसका सटीक कारण पता चल सकता है. कार्डियक अरेस्ट के अधिकतर मामलों में मरीज की मौत हो जाती है. क्या होता है कार्डियक अरेस्ट? डॉक्टर वनीता अरोरा ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट में हार्ट स्टैंड स्टिल पोजीशन में चला जाता है. हार्ट एक पंप की तरह होता है और जिस तरह से इलेक्ट्रिकल शार्ट शर्किट की वजह से पंप कार्य करना बंद कर देता है ठीक उसी तरह से कार्डियक अरेस्ट में हार्ट काम करना बंद कर देता है. जो नार्मल हार्ट बीट 70 से 90 रहती है वो कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में 300 से 400 पहुंच जाती है. कार्डियक अरेस्ट होने पर सिर्फ कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर के जरिए ही मरीज की जान बचाई जा सकती है. अगर कार्डियक अरेस्ट होने पर 10 मिनट के अंदर सीपीआर नहीं शुरू किया गया तो मरीज को बचाना संभव नहीं है. कार्डियक अरेस्ट से बचने का एक मात्र तरीका सीपीआर ही है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 12:57 IST
उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र के पनपथा गांव में मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वे खेत में गेहूं कटाई का काम कर रहा था। मृतक की पहचान गोविंद जायसवाल (65) के रूप में हुई है। वे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित सोसायटी के पास खेत में गेहूं कटाई के बाद बोझा बांध रहे थे। मधुमक्खियों के हमले से किसान की हुई मौत इसी दौरान खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड बाहर निकला और गोविंद जायसवाल पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके पूरे शरीर को घेर लिया। मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद ने बताया कि यह हादसा गेहूं कटाई के बाद बोझा बांधते समय हुआ।
कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में | बेंगलुरु-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 12:42 IST कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान उन रिपोर्टों से बहुत परेशान है कि कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में एक एसडीपीआई उम्मीदवार को वित्त पोषित और समर्थन किया था। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (पीटीआई फ़ाइल) कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एक बड़ी आंतरिक दरार पैदा हो गई है, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव नसीर अहमद को हटाए जाने की संभावना है और दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के साथ कथित संबंधों को लेकर वरिष्ठ मंत्री ज़मीर अहमद खान गहन जांच के दायरे में आ रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान उन रिपोर्टों से बहुत परेशान है कि राज्य इकाई के भीतर कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में एक एसडीपीआई उम्मीदवार को वित्त पोषित और समर्थन किया, एक गंभीर पार्टी विरोधी गतिविधि के रूप में देखा गया। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के बढ़ते दबाव के बीच, मुख्यमंत्री और कांग्रेस आलाकमान के बीच शनिवार को कथित तौर पर देर रात विचार-विमर्श हुआ। 2 रिपोर्ट सूत्रों ने संकेत दिया कि दो अलग-अलग रिपोर्ट – एक खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई और दूसरी एआईसीसी सचिव अभिषेक दत्त द्वारा प्रस्तुत – ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में नसीर अहमद, मंत्री ज़मीर अहमद खान और एमएलसी जब्बार की कथित संलिप्तता को चिह्नित किया। कथित तौर पर रिपोर्ट में वैकल्पिक उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने से लेकर एसडीपीआई उम्मीदवार अफसर कोडलिपेटे को कथित फंडिंग तक के उदाहरणों का विवरण दिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि खुफिया सूचनाओं ने दावणगेरे दक्षिण में एसडीपीआई उम्मीदवार के समर्थन में इनमें से कुछ नेताओं से कथित तौर पर जुड़े वित्तीय लेनदेन की ओर इशारा किया है। कहा जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से चिंतित है कि एसडीपीआई को प्रोत्साहित करना अंततः पार्टी के लिए दीर्घकालिक राजनीतिक चुनौती पैदा कर सकता है। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस के साथ खड़ा होना होगा: रिजवान अरशद कांग्रेस एमएलसी रिजवान अरशद, जिन्हें दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान स्थिति को संभालने के लिए पार्टी द्वारा नियुक्त किया गया था, ने कहा, “कुछ लोगों ने कांग्रेस के वोटों को विभाजित करने की कोशिश की और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने वोटों को विभाजित करने के लिए अपने समर्थकों को भी भेजा। यह सब पार्टी को पता है, और मुझे इसे बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं हुए।” अरशद ने कहा, “कुछ लोग ‘मैं’ के संदर्भ में सोच सकते हैं, लेकिन हमारे लिए कोई ‘मैं’ नहीं है। हमारी असली चिंता भाजपा और संघ परिवार की विचारधारा है। हमें संविधान के साथ खड़ा होना चाहिए। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ा होना चाहिए, जो संविधान के लिए खड़ी है- अन्यथा, हमारे लिए कोई भविष्य नहीं होगा।” विवाद विवाद की जड़ उपचुनाव से पहले उम्मीदवार चयन तनाव भी है। सूत्रों ने कहा कि तीन नेताओं ने दावणगेरे दक्षिण में एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार – सादिक पेलवान – के लिए जोरदार दबाव डाला था। कथित तौर पर स्थिति आंतरिक असंतोष में बदल गई, जिससे मुख्यमंत्री को वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेताओं द्वारा बंद कमरे में विचार-विमर्श करने के बाद गुस्सा शांत करने के लिए रिजवान अरशद और सलीम अहमद जैसे दूसरी पंक्ति के मुस्लिम नेताओं पर भरोसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। समझा जाता है कि आलाकमान इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि कथित तौर पर असंतोष मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले नेताओं से उत्पन्न हुआ है। एमएलसी जब्बार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और नसीर अहमद को उनके पद से हटाए जाने की संभावना के बाद अब ध्यान मंत्री जमीर अहमद खान की ओर है। सूत्रों ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री आसन्न फेरबदल के दौरान ज़मीर को मंत्रिमंडल से हटाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आगे की कार्रवाई आसन्न हो सकती है क्योंकि पार्टी दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव विवाद के नतीजों को रोकने का प्रयास कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 12:41 IST समाचार शहर बेंगलुरु-समाचार कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस में दरार(टी)सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव(टी)नसीर अहमद को हटाना(टी)ज़मीर अहमद खान एसडीपीआई लिंक(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव(टी)एसडीपीआई उम्मीदवार फंडिंग(टी)कांग्रेस आंतरिक असंतोष(टी)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल
विराट कोहली की जर्सी पाकर खुश हुईं कोरियन कंटेंट क्रिएटर:RCB की जर्सी को किस किया, कहा- मैं कोरियन RCB फैन हूं

IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की फैन और दक्षिण कोरियाई कंटेंट क्रिएटर मिशेल का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे भारत से आए एक पार्सल को अनबॉक्स करती नजर आईं। पार्सल में RCB की लाल जर्सी थी, जिस पर नंबर 18 और विराट कोहली लिखा हुआ था। जर्सी देखते ही मिशेल ने इसे गले से लगाया और पहनकर अपनी खुशी जाहिर की। मिशेल ने अपने वीडियो में कहा कि लोग कहते हैं RCB के पास ग्लोबल फैंस नहीं हैं, लेकिन वे कोरिया से टीम को पूरा सपोर्ट करती हैं। कंटेंट क्रिएटर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘मैं एक कोरियन RCB फैन हूं। मुझे जर्सी भले ही देर से मिली हो, लेकिन टीम के लिए मेरा प्यार कभी देर से नहीं आया।’ वीडियो पर लोगों के जबरदस्त रिएक्शन सामने आए मिशेल के वीडियो पर कई लोगों ने रिएक्शन दिया। एक यूजर ने लिखा, “RCB का फैन होकर मैं बहुत खुश हूं।” वहीं, दूसरे ने कहा, “RCB सिर्फ एक फ्रेंचाइजी नहीं, हमारी भावनाएं हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “कोई इन्हें RCB मैच का टिकट दिला दो।” मिशेल RCB पर कई वीडियो बना चुकी हैं मिशेल इंस्टाग्राम पर @sausabe के नाम से जानी जाती हैं। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब 32.6K फॉलोअर्स हैं। वो अपने इंस्टाग्राम पर मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, ट्रैवल से जुड़े वीडियो शेयर करती हैं। उन्होंने RCB, विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट टीम से रिलेटेड कई कंटेंट भी पोस्ट किए हैं। वे अक्सर RCB की जर्सी पहनकर वीडियो बनाती हैं। मिशेल भारत की यात्रा कर चुकी हैं और उन्होंने यहां की कई ट्रैवल रील्स शेयर की हैं।
क्या आप प्लास्टिक वाली अरहर दाल खा रहे हैं? घर पर 2 मिनट में करें वॉटर टेस्ट, तुरंत पकड़ी जाएगी मिलावट

Last Updated:April 12, 2026, 12:02 IST Is Your Arhar Dal Safe: बाजार में मिलने वाली अरहर दाल में खतरनाक मिलावट हो रही है. दाल का रंग चटक करने के लिए इसमें मेटानिल येलो नामक केमिकल मिलाया जाता है, जो सेहत के लिए खतरनाक होता है. हालांकि घर पर पानी टेस्ट के जरिए मिलावट को आसानी से पहचान सकते हैं. इससे आपको पता लग जाएगा कि दाल में रंग मिलाया गया है या नहीं. अरहर दाल की मिलावट वॉटर टेस्ट से चेक की जा सकती है. How to Identify Fake Arhar Dal At Home: आजकल बाजार में मिलने वाली अधिकतर चीजों में भयंकर मिलावट हो रही है. दूध, दही, पनीर, फल, सब्जी से लेकर दालों में खतरनाक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है. दालों में खतरनाक केमिकल्स और रंगों की मिलावट पाई जाती है. कई जगह आपने प्लास्टिक जैसी चमकदार अरहर दाल बिकते हुए देखी होगी, जो नेचुरल से काफी ज्यादा पीली होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जिस केमिकल से यह दाल पीली की जाती है, वह खाने लायक नहीं होता है और उसका इस्तेमाल कपड़ों और चमड़े की चीजों में किया जाता है. ऐसी दाल को खाने से पहले एक बार वॉटर टेस्ट जरूर करना चाहिए, ताकि पता चल सके कि दाल में मिलावट है या नहीं. अरहर दाल में कौन सा रंग मिलाया जाता है? एक्सपर्ट्स की मानें तो अरहर दाल को प्लास्टिक जैसा चमकदार बनाने के लिए इसमें मेटानिल येलो (Metanil Yellow) नामक सिंथेटिक केमिकल मिलाया जाता है. इसका उपयोग आमतौर पर कपड़ा और चमड़ा इंडस्ट्री में किया जाता है. यह केमिकल खाने लायक नहीं होता है, लेकिन फिर भी इसे दाल, हल्दी और अन्य खाद्य पदार्थों में चमक बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है. यह शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है और लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है. इसका ज्यादा सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा सकता है. दाल में रंग की मिलावट कैसे पहचानें? दाल में मिलावट पहचानने का सबसे आसान तरीका वॉटर टेस्ट है. आप घर पर इस आसान तरीके से दाल में रंग की मिलावट पहचान सकते हैं. इसके लिए एक गिलास पानी लें और उसमें कुछ मिनट के लिए अरहर दाल डालें. अगर दाल में कोई कृत्रिम रंग मिला होगा, तो पानी का रंग पीला या हल्का बदरंग हो जाएगा. असली और बिना मिलावट वाली दाल पानी में सामान्य रहेगी और उसका रंग नहीं छोड़ेगी. यह आसान टेस्ट घर पर ही 2 मिनट में मिलावट पकड़ने में मदद कर सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. मिलावटी दाल खाने से क्या नुकसान हैं? मिलावटी दाल का नियमित सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे पेट दर्द, उल्टी, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक मेटानिल येलो जैसे केमिकल्स का सेवन लवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. यह मिलावट आम लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है. दाल खरीदते वक्त जरूर बरतें ये सावधानी दाल खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें. बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से पीली दाल से बचें. पैकेज्ड दाल पर FSSAI मार्क जरूर देखें. साथ ही, घर पर पानी परीक्षण जैसे सरल तरीकों से समय-समय पर मिलावट की जांच करते रहें. थोड़ी सावधानी आपकी सेहत को बड़े खतरे से बचा सकती है. खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जो हमारी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है. चमकदार दाल दिखने में भले ही अच्छी लगे, लेकिन इसके पीछे छिपे खतरनाक केमिकल्स शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इसलिए जागरुक रहें और सतर्क रहें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 12:02 IST
भिंड में प्रेमी से करवाई पति की हत्या:पत्नी ने रची लूट की झूठी कहानी; अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ आरोपी

भिंड के खिरिका गांव निवासी नीलेश जाटव की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी पत्नी रूबी जाटव ने ही अपने प्रेमी विशाल जाटव के साथ मिलकर बुधवार रात 8 बजे रमटा गांव के पास इस वारदात को अंजाम दिया था। प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर रूबी ने पर्स गिरने का बहाना कर बाइक रुकवाई और घात लगाए बैठे विशाल ने नीलेश को गोली मार दी। पुलिस ने महिला की लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। पर्स गिरने के बहाने रुकवाई बाइक, प्रेमी ने पीठ में मारी गोली वारदात 3 दिन पहले रची गई योजना के तहत हुई। रूबी अपनी 3 साल की बेटी को डॉक्टर को दिखाने के बहाने देर तक भिंड में रुकी और अंधेरा होने पर पति के साथ घर के लिए निकली। पूर्व योजना के तहत विशाल अपने साथी राजेश कुशवाह के साथ रमटा गांव के पास घात लगाकर बैठा था। रूबी ने पर्स गिराकर बाइक रुकवाई। जैसे ही नीलेश उतरा, विशाल ने 12 बोर के कट्टे से उसकी पीठ में गोली मार दी। इसके बाद राजेश डरकर बाइक से और विशाल खेतों के रास्ते भाग गया। पत्नी ने की ड्रामेबाजी, कहा- लूट करने आए थे गोली चलने के बाद मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। महिला सड़क किनारे बैठकर ड्रामेबाजी करने लगी और खुद को अनजान बताती रही। उसने गुमराह करते हुए पुलिस और परिजनों से कहा- “पीछे पीछे आए। गोली मार दी। लूट करने के लिए आए थे। दो को देखा है दोनों ने चेहरा ढक रखा था। अंधेरे में भागे।” घटना के बाद रूबी और विशाल ने आपस में संपर्क बंद कर दिया और कॉल हिस्ट्री भी डिलीट कर दी थी। मृतक का चचेरा भाई है आरोपी, अंतिम संस्कार में मौजूद रहा नीलेश और आरोपी विशाल के दादा सगे भाई थे। दोनों का गांव में आमने-सामने मकान भी है। करीबी रिश्तेदारी के चलते विशाल पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों के बीच शामिल रहा और पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखता रहा। शादी से पहले से चल रहे इस प्रेम प्रसंग पर उम्र के अंतर के कारण परिवार ने आपत्ति जताई थी और रूबी की शादी नीलेश से करा दी थी। दिल्ली से लौटकर पत्नी पर रख रहा था नजर नीलेश के दिल्ली में रहने के दौरान रूबी कई बार विशाल के साथ भिंड आती-जाती थी। जब नीलेश को इस अवैध संबंध की जानकारी हुई, तो वह जनवरी से गांव में ही रहने लगा और दोनों पर नजर रखने लगा। नीलेश को दोनों की बातचीत पर आपत्ति थी और यही हत्या का कारण बनी, जिसके चलते रूबी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।







