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100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

दतिया में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब जानलेवा स्टंट में बदलती जा रही है। बड़ौनी नगर पंचायत क्षेत्र में युवकों द्वारा 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर रील और वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि एक युवक पाइप के सहारे टंकी से नीचे खिसकते हुए उतर गया। यदि जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पेयजल टंकी की सुरक्षा व्यवस्था फेल गल्ला मंडी के पास बनी यह पानी की टंकी नगर की पेयजल व्यवस्था का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लचर नजर आ रही है। टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही कोई निगरानी व्यवस्था मौजूद है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां युवा सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए खतरनाक हरकतें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर पंचायत को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि अब यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। बड़े हादसे का बना खतरा सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर किसी की जान भी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। टंकी के आसपास सुरक्षा गार्ड की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और सख्त निगरानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गई हैं। सीएमओ ने दिया गोलमोल जवाब नगर पंचायत के सीएमओ से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मूवी रिव्यू- एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा:शानदार कलाकारों के बावजूद, कमजोर पटकथा और ढीली रफ्तार के कारण मिस्ट्री थ्रिलर असर छोड़ने में नाकाम

मूवी रिव्यू- एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा:शानदार कलाकारों के बावजूद, कमजोर पटकथा और ढीली रफ्तार के कारण मिस्ट्री थ्रिलर असर छोड़ने में नाकाम

मिस्ट्री-थ्रिलर जॉनर में बनी ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट के साथ शुरू होती है, लेकिन कमजोर कहानी और धीमी रफ्तार के कारण यह फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती। रजत कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शानदार स्टारकास्ट तो है, मगर कंटेंट उस स्तर का नहीं बन पाया, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रख सके। यह फिल्म ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। इस फिल्म की लेंथ 1 घंटा 4 0 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी एक पार्टी से शुरू होती है, जहां दोस्तों का एक ग्रुप एनिवर्सरी सेलिब्रेशन के लिए इकट्ठा होता है। इसी दौरान सोहराब हांडा नाम का एक व्यक्ति मृत पाया जाता है, जिसकी हत्या गला काटकर की गई होती है। इसके बाद शुरू होती है जांच, जिसमें हर किरदार शक के घेरे में आता है और उनके बीच छिपे राज सामने आने लगते हैं। हालांकि कहानी का प्लॉट दिलचस्प है, लेकिन स्क्रीनप्ले काफी कमजोर है। फिल्म कई जगह भटकती नजर आती है और मिस्ट्री का असर उतना मजबूत नहीं बन पाता, जितना होना चाहिए था। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है। विनय पाठक अपने किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं और उनकी परफॉर्मेंस काफी नेचुरल लगती है। सौरभ शुक्ला भी अपने रोल में दमदार नजर आते हैं और स्क्रीन पर पकड़ बनाए रखते हैं। वहीं रणवीर शौरी और रजत कपूर जैसे कलाकार भी अपने अनुभव का असर दिखाते हैं। हालांकि बाकी सहायक कलाकारों की एक्टिंग सामान्य है और वे ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाते। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष कैसा है? डायरेक्शन की बात करें तो रजत कपूर का प्रयास साफ दिखता है, लेकिन कहानी और पटकथा कमजोर होने की वजह से फिल्म प्रभावित होती है। फिल्म शुरू से अंत तक दर्शकों को बांधे रखने में असफल रहती है। तकनीकी रूप से फिल्म ठीक-ठाक है, लेकिन इसमें कोई खास नई बात या प्रभावशाली ट्रीटमेंट देखने को नहीं मिलता। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर कैसा है? फिल्म में कोई खास गाने नहीं हैं, जिससे इसका एंटरटेनमेंट वैल्यू थोड़ा कम हो जाता है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी सामान्य है और कई जगह सीन के असर को मजबूत करने में नाकाम रहता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखे या नहीं? अगर आप मिस्ट्री फिल्मों के शौकीन हैं और सिर्फ अच्छे कलाकारों की एक्टिंग देखना चाहते हैं, तो इसे एक बार देखा जा सकता है। लेकिन अगर आप एक कसावट भरी कहानी और मजबूत थ्रिल की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।

गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के मालीवाड़ा गांव में हुए फायरिंग कांड की जांच में तीसरे दिन नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक आरोपी शरद पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना अब सिर्फ गोलीबारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के बीच खुलकर टकराव देखने को मिल रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आईडी पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। घायल महिला सविता के पति ऋषिराज पटेल ने दूसरे पक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। वहीं, दूसरे पक्ष के शुभम पटेल ने आईडी से लाइव के जरिए खुद को जान का खतरा बताते हुए पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने इन वीडियो और पोस्ट्स को जांच में शामिल कर लिया है। इनमें दिख रहे लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। अस्पताल में भर्ती एक पक्ष के कुछ लोग अचानक वहां से गायब हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस पहलू पर भी जांच जारी है। एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में गोटेगांव पुलिस ने मालीवाड़ा गांव में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। हालांकि, अभी तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल से गायब हुए आरोपी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घायल दोनों पक्षों के आरोपी सविता पटेल और गिरवर पटेल को जबलपुर के एक अस्पताल किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान दोनों वहां से गायब हो गए।

खतरे की घंटी! शरीर में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान, हो सकता है प्री-डायबिटीज; जानें लक्षण और बचाव का तरीका

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Signs of insulin resistance : डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो दबे पांव आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज होने से पहले हमारा शरीर हमें आगाह करता है? इस स्थिति को प्री-डायबिटीज (Prediabetes) कहा जाता है. चौंकाने वाली बात यह है कि प्री-डायबिटीज के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए इसे ‘साइलेंट किलर’ की शुरुआत माना जा सकता है. हेल्‍थलाइन के मुताबिक, अगर समय रहते इसे पहचान लिया जाए, तो आप खुद को गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बचा सकते हैं. आइए जानते हैं प्री-डायबिटीज से जुड़ी हर जरूरी बात. प्री-डायबिटीज में भले ही आपको बीमार महसूस न हो, लेकिन आपकी त्वचा कुछ संकेत दे सकती है. शरीर पर दिखने वाला इकलौता संकेत:प्री-डायबिटीज में भले ही आपको बीमार महसूस न हो, लेकिन आपकी त्वचा कुछ संकेत दे सकती है. कई लोगों में एकेंथोसिस निग्रिकन्स (Acanthosis Nigricans) नामक स्थिति देखी जाती है. इसमें त्वचा के कुछ हिस्से काले, मोटे और मखमली (velvety) होने लगते हैं. यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का सीधा संकेत है. यह कालापन अक्सर गर्दन के पीछे का हिस्सा, बगल (Armpits), कोहनी और घुटने, उंगलियों के जोड़ (Knuckles) दिखाई देता है. कब प्री-डायबिटीज बन जाता है टाइप-2 डायबिटीजअगर आपको प्री-डायबिटीज डायग्नोज़ हुआ है और आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस होने लगें, तो समझ लें कि स्थिति गंभीर हो रही है: बार-बार प्यास लगना: गला सूखना और बहुत ज्यादा पानी पीना.अधिक पेशाब आना: खासकर रात के समय बार-बार टॉयलेट जाना.थकान और धुंधली दृष्टि: हर वक्त सुस्ती महसूस होना और आंखों के आगे धुंधलापन आना.घाव का न भरना: शरीर पर लगी चोट या खरोंच के ठीक होने में लंबा समय लगना. कैसे पहचानें? ब्लड शुगर का गणितप्री-डायबिटीज को पहचानने के लिए आपको अपनी ब्लड शुगर रिपोर्ट को समझना होगा: नॉर्मल (Fasting): 99 mg/dL या उससे कम.प्री-डायबिटीज: 100 से 125 mg/dL के बीच.डायबिटीज: 125 mg/dL से ज्यादा. किसे है सबसे ज्यादा खतरा? (Risk Factors)शोध बताते हैं कि प्री-डायबिटीज लाइफस्टाइल और जेनेटिक्स से गहराई से जुड़ा है. CDC के आंकड़ों के अनुसार, कुछ विशेष समूहों में इसकी दर अधिक देखी गई है: -45 साल से अधिक उम्र और 25 से ज्यादा BMI वाले लोग.-पुरुषों में 40 इंच और महिलाओं में 35 इंच से अधिक कमर होने पर जोखिम बढ़ जाता है.–अफ्रीकी अमेरिकी, एशियाई अमेरिकी (Asian American), हिस्पैनिक और पैसिफिक आइलैंडर समुदायों में यह दर अधिक पाई गई है, जिसका एक बड़ा कारण स्वास्थ्य संसाधनों तक पहुंच की कमी भी हो सकता है.-पीसीओएस (PCOS), हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल या फैटी लीवर की समस्या. कैसे करें बचाव? (Prevention Tips)-अच्छी खबर यह है कि प्री-डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है. CDC के अनुसार, यदि आपका वजन अधिक है, तो अपने कुल वजन का मात्र 5% से 7% हिस्सा कम करके आप टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक टाल सकते हैं. फाइबर युक्त भोजन: अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और नट्स शामिल करें.मीठे से दूरी: सोडा, मीठी चाय और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स का सेवन सीमित करें.शारीरिक सक्रियता: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट (रोजाना लगभग 30 मिनट) एक्सरसाइज करें.तनाव प्रबंधन: योग और ध्यान (Meditation) का सहारा लें. प्री-डायबिटीज एक चेतावनी है, अंत नहीं. अगर आप अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करते हैं, तो आप एक स्वस्थ और लंबा जीवन जी सकते हैं. यदि आपको संदेह है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट करवाएं.

हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध:परिक्रमा स्थल पर पुलिस की तैनाती, विशेष निगरानी के आदेश; धंछो से आगे जाने पर रोक

हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध:परिक्रमा स्थल पर पुलिस की तैनाती, विशेष निगरानी के आदेश; धंछो से आगे जाने पर रोक

हिमाचल प्रदेश के चंबा में ‘मणिमहेश यात्रा’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। SDM भरमौर ने पुलिस थाना प्रभारी को आदेश दिए कि परिक्रमा स्थल धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश में पुलिस जवानों की तैनाती कर विशेष निगरानी शुरू की जाए। किसी भी यात्री को धंछो से आगे न जाने दिया जाए। कुछ यात्री प्रशासन को सूचित किए बगैर चोरी-छिपे मणिमहेश जाने लगे हैं, जबकि भरमौर में अभी चार-पांच फीट से भी ज्यादा बर्फ है। दो दिन पहले भी यहां ताजा हिमपात हुआ है। मणिमहेश जाने वाले रास्ते 2025 की भारी बरसात और बादल फटने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में मणिमहेश की यात्रा जानलेवा साबित हो सकती है। कार्तिक स्वामी मंदिर के 14 अप्रैल को खुल रहे कपाट SDM भरमौर ने अपने आदेशों में कहा कि ‘कार्तिक स्वामी मंदिर’ के कपाट 14 अप्रैल को खुल रहे हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी कुछ भक्त अभी से कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचने लगे हैं। इस दौरान कुछ लोग मणिमहेश की ओर जा रहे हैं। किसी को भी परिक्रमा मार्ग (धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश) पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हड़सर के मेन गेट पर गाड़ियों की जांच के निर्देश SDM ने निर्देश दिए कि हडसर मेन गेट पर वाहनों की नियमित जांच की जाए। साथ ही, मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर जाने से रोका जाए और उन्हें मार्ग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पंचायतों को सूचना बोर्ड लगाने की हिदायत SDM ने ग्राम पंचायत हडसर और आसपास की पंचायतों को भी निर्देश दिए कि वे सूचना बोर्ड व पोस्टर लगाकर स्थानीय जनता और यात्रियों को मार्ग की स्थिति और संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक करें। 25 हजार लोग फंसे, 26 की गई थी जान बता दें कि बीते साल भारी बारिश और बादल फटने से भरमौर यात्रा पर गए 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए थे। इस यात्रा के दौरान लगभग 26 यात्रियों की मौत हुई थी। सड़क व रास्तों का नामोनिशान तक मिट गया था। मणिमहेश जाने वाले रास्ते अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा अगस्त माह में कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होती है और राधाष्टमी पर संपन्न होती है।

रोज़ एक ही खाना खाने से कम होता है वजन! शोध में हुआ खुलासा, मिल गया वेट लूज़ करने का सबसे सिंपल तरीका

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Last Updated:April 10, 2026, 09:40 IST Benefits of eating same food daily : आजकल वजन घटाने के लिए लोग नए-नए डाइट प्लान और फैंसी वर्कआउट आजमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे आसान तरीका आपकी थाली में ही छिपा है? हाल ही में हुए एक दिलचस्प शोध ने सभी को चौंका दिया है. ‘हेल्थ साइकोलॉजी’ (Health Psychology) जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जो लोग रोजाना एक ही तरह का भोजन (Repeat Meals) करते हैं और अपनी कैलोरी की मात्रा को स्थिर रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में तेजी से वजन कम कर पाते हैं. Weight loss tips in Hindi : आजकल वजन घटाने के लिए लोग नए-नए डाइट प्लान और फैंसी वर्कआउट आजमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे आसान तरीका आपकी थाली में ही छिपा है? हाल ही में हुए एक दिलचस्प शोध ने सभी को चौंका दिया है. ‘हेल्थ साइकोलॉजी’ (Health Psychology) जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जो लोग रोजाना एक ही तरह का भोजन (Repeat Meals) करते हैं और अपनी कैलोरी की मात्रा को स्थिर रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में तेजी से वजन कम कर पाते हैं. इस शोध के दौरान विशेषज्ञों ने 112 वयस्कों के खाने की आदतों का गहराई से विश्लेषण किया. ये सभी प्रतिभागी 12 हफ्तों के एक विशेष वेट लॉस प्रोग्राम का हिस्सा थे. परिणामों में देखा गया कि जिन लोगों ने अपने भोजन में बहुत अधिक बदलाव करने के बजाय एक ही रूटीन को फॉलो किया, उन्होंने उन लोगों के मुकाबले कहीं ज्यादा वजन घटाया जो हर दिन अलग-अलग तरह के पकवान खाते थे. अध्ययन में वजन घटाने की इस सफलता को दो पैमानों पर मापा गया—पहला ‘कैलोरी स्थिरता’ (Caloric Stability) और दूसरा ‘भोजन की पुनरावृत्ति’ (Dietary Repetition). शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अपने भोजन को बार-बार दोहराते थे, उनके शरीर के वजन में औसतन 5.9% की कमी आई. वहीं, जो लोग अपनी डाइट में बहुत अधिक वैरायटी रखते थे, वे केवल 4.3% वजन ही कम कर सके. यह अंतर बताता है कि सादगी ही सफलता की कुंजी है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञों का मानना है कि जब हम रोज एक ही जैसा खाना खाते हैं, तो हमारे दिमाग को ‘फूड चॉइस’ यानी क्या खाएं, इसका फैसला लेने में कम मेहनत करनी पड़ती है. क्लीवलैंड क्लिनिक की डायटीशियन क्रिस्टिन किर्कपैट्रिक का कहना है कि खाने में निरंतरता और पूर्वानुमान (Predictability) होने से लोग बेहतर चुनाव कर पाते हैं. इससे अनहेल्दी जंक फूड या ओवरईटिंग की गुंजाइश काफी कम हो जाती है. स्टडी में एक और अहम बात सामने आई कैलोरी का उतार-चढ़ाव. शोध के अनुसार, रोजाना की कैलोरी में हर 100 कैलोरी का बदलाव वजन घटने की रफ्तार को 0.6% तक कम कर देता है. इसका मतलब है कि अगर आप हफ्ते के दिनों में कम खाते हैं और वीकेंड पर ज्यादा, तो आपकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. वजन कम करने के लिए शरीर को एक स्थिर और तय कैलोरी बजट की आदत डालना बहुत जरूरी है. फैमिली मेडिसिन फिजिशियन डॉ. डेविड कटलर कहते हैं कि ज्यादातर लोग वैसे भी हफ्ते भर में घूम-फिरकर वही 20 से 30 खाद्य पदार्थ ही खाते हैं. ऐसे में सफल वेट लॉस करने वाले लोग बस उन विकल्पों को थोड़ा और सीमित और हेल्दी कर देते हैं. जब आप जानते हैं कि आपके खाने में कितनी कैलोरी है, तो उसे मैनेज करना बहुत आसान हो जाता है. यह ‘सिंपल फूड चॉइस’ आपको कठिन माहौल में भी अपने लक्ष्य पर टिकाए रखती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने एक सावधानी भी साझा की है. किर्कपैट्रिक के अनुसार, यह फॉर्मूला तभी काम करता है जब आपके ‘फिक्स मील’ पोषक तत्वों से भरपूर हों. अगर आप रोज एक ही चीज खा रहे हैं और उसमें जरूरी विटामिन्स या प्रोटीन की कमी है, तो शरीर में पोषण का अभाव हो सकता है. इसलिए, अपना ‘गो-टू मील’ चुनते समय फाइबर और प्रोटीन का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि कमजोरी महसूस न हो. यह शोध साबित करता है कि वजन घटाने के सफर में ‘वैरायटी’ से ज्यादा ‘कंसिस्टेंसी’ यानी निरंतरता मायने रखती है. हालांकि यह अध्ययन पूरी तरह से अनुशासन और रूटीन पर आधारित है, लेकिन यह उन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो डाइट प्लान बनाने के झंझट से थक चुके हैं. तो अगर आप भी वजन घटाना चाहते हैं, तो अपनी पसंदीदा हेल्दी डिश चुनें और उसे अपना डेली पार्टनर बना लें! First Published : April 10, 2026, 09:40 IST

सेंसेक्स 750 अंक चढ़कर 77,400 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 240 अंक चढ़कर 24,000 पर पहुंचा; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी

सेंसेक्स 750 अंक चढ़कर 77,400 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 240 अंक चढ़कर 24,000 पर पहुंचा; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार 10 अप्रैल को सेंसेक्स 750 अंक (0.99%) की तेजी के साथ 77,400 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 240 अंकों (1.01%) की तेजी है, ये 24,000 पर पहुंच गया है। आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी है। एशियाई बाजारों में भी तेजी अमेरिकी बाजारों में 9 अप्रैल को तेजी रही कल सेंसेक्स 931 अंक गिरकर 76,632 पर बंद हुआ था शेयर बाजार में कल 9 अप्रैल को गिरावट रही। सेंसेक्स 931 अंक (1.20%) नीचे 76,632 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 222 अंक (0.93%) गिरकर 23,775 पर आ गया। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही। मेटल और फार्मा शेयरों में तेजी रही।

उमरिया में बाघिन का शिकार, पांच गिरफ्तार:करंट लगाकर ली थी जान, 7 दिन बाद मिला था शव

उमरिया में बाघिन का शिकार, पांच गिरफ्तार:करंट लगाकर ली थी जान, 7 दिन बाद मिला था शव

उमरिया में बाघिन के शिकार मामले में गुरुवार रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के चंदिया परियोजना परिक्षेत्र के चंदवार बीट में कक्ष क्रमांक पीएफ 111 के राजस्व क्षेत्र में सोमवार को एक बाघिन का शव मिला था। निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने जांच के बाद यह गिरफ्तारी की है। पूछताछ में सामने आया कि शिकारियों ने 28 और 29 मार्च की रात को जंगली सूअर, चीतल सहित अन्य वन्य प्राणियों के शिकार के लिए बिजली का करंट बिछाया था। इसी करंट की चपेट में आने से बाघिन की मौत हो गई। बाघिन की मौत के बाद शिकारी दहशत में आ गए और उन्होंने उस क्षेत्र में जाना बंद कर दिया। राजस्व क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण और किसान वहां से गुजरते थे। इसी दौरान उन्हें बाघिन का शव दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। इनको किया गिरफ्तार वन विभाग की टीम ने सोमवार को शव को जब्त कर जांच शुरू की। मंगलवार को हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि मृत बाघिन की उम्र लगभग सात वर्ष थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेश, नाथू, पुरुषोत्तम, संजय और अल्लू शामिल हैं। टीम ने गुरुवार को इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। करंट लगाकर किया था शिकार संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि बाघिन का शव 6 अप्रैल को मिला था और तभी से जांच जारी थी। उन्होंने पुष्टि की कि शिकारियों ने बिजली लाइन से करंट लगाकर शिकार किया था। सभी शिकारी मझगंवा गांव के निवासी हैं।

रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार

रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार

हरियाणा के हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल 11 साल 4 माह बाद आज जेल से बाहर आएगा। हत्या के 2 मामलों में कोर्ट के आदेश के बाद 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा कराए गए। हालांकि दोपहर 1:30 बजे तक कोर्ट से उसके रिहाई दस्तावेज नहीं पहुंचे थे। जेल सुपरिटेंडेंट रमेश कुमार के मुताबिक, कोर्ट से रिहाई दस्तावेज आने में थोड़ा टाइम लग सकता है। उधर, दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर गाड़ी जेल में पहुंच गई है। इसके अलावा काले रंग की स्कॉर्पियो भी जेल में पहुंची है, जिसमें रामपाल का परिवार आया है। चर्चा है कि रामपाल यहां से सीधे सोनीपत आश्रम जा सकता है। इसे देखते हुए कई नाकों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बता दें कि, सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। देशद्रोह से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ। पहले जानिए वो मामला, जिसमें रामपाल को मिली जमानत 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले में रामपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब देशद्रोह के मामले में जमानत मिलने और बेल बॉन्ड जमा होने के बाद उसकी रिहाई संभव हुई। रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता ऐसे हुआ साफ… रामपाल की रिहाई के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…

पार्थ पवार ने नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली | “बारामती और मेरे पिता के लिए” | न्यूज18

पार्थ पवार ने नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली | "बारामती और मेरे पिता के लिए" | न्यूज18

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