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बीजेपी बंगाल मेनिफेस्टो 2026: बंगाल के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र- बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3 हजार रुपये, 6 महीने में UCC, जानिए क्या-क्या बड़ा ऐलान

बीजेपी बंगाल मेनिफेस्टो 2026: बंगाल के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र- बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3 हजार रुपये, 6 महीने में UCC, जानिए क्या-क्या बड़ा ऐलान

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को बंगाल के लिए संकल्प पत्र जारी किया है, जिसे पार्टी ने प्रतिज्ञा का शपथ पत्र नाम दिया है। संकल्प पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह पश्चिम बंगाल की जनता के लिए विश्वास का दस्तावेज है और इसमें जनता से जुड़े अहम वादे शामिल हैं। अमित शाह ने कहा कि संकल्प पत्र लोगों को नया रास्ता बताएं। महिलाओं को डराने-धमकाने का प्रयास। इन लोगों को नई आशा और भरोसेमंद उम्मीदें। इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा विकसित भारत का रोड मैप और लोगों को आगमन से आगमन का रास्ता भी बताया गया है। बीजेपी ने संकल्प पत्र जारी करने के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार डर के शहर में काम कर रही है. बीजेपी के संकल्प पत्र की बड़ी बातें गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने पर केंद्र की सख्त रुख अपनाएगी और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम होगा। इसके तहत घुसपैठियों की पहचान करना, उनका नाम दर्ज करना और उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। यानी एडिट, डिलीट और डिपोर्ट। अमित शाह ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी पेंशनभोगियों के लिए स्कीम यानी डीए सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार बनने के 45 दिन बाद सातवां आयोग वेतन लागू करेगा। अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 3 हजार रुपये देगी, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। पश्चिम बंगाल में आयुष्मान योजना लागू की जाएगी, जिससे लोगों को इलाज में राहत मिलेगी। सरकार समान बनने के छह महीने के भीतर राज्य में नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में काम करेगी। युवाओं को हर महीने 3 हजार रुपये का बजट दिया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार मिलने तक आर्थिक मदद मिल सके। बंगाल की सीमाओं को सील कर दिया गया है। 75 लाख महिलाओं को बनाया गया लक्ष्य। गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। राज्य के दस्तावेज़ में महिलाओं का सफर मुफ़्त में किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी की ओर से बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब मन से बदलाव चाहती है और राज्य में बदलाव की भावना साफ दिखाई दे रही है। अमित शाह ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में बीजेपी ने एक मजबूत और जिम्मेदार कार्यकर्ता की भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वतंत्रता संग्राम का उदाहरण पेश किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि भारत, जिसे पहले कई मामलों में पीछे माना जाता था, आज मोदी सरकार के नेतृत्व में दुनिया के सामने एक मजबूत और आगे बढ़ने वाला देश उभर रहा है। बंगाल की जनता के सामने-अमित शाह अमित शाह ने यह भी बताया कि बीजेपी ने सबसे पहले बंगाल की जनता के सामने एक राक्षस राकी थी, जिसमें पिछली 15 साल की सरकार को लेकर असंतोष की बात कही गई थी. अब पार्टी का संकल्प पत्र लोगों की आस्था का प्रतीक है और इस राज्य से बाहर निकलने का पूरा रोडमैप दिया गया है। कोलकाता के विकास के लिए बीजेपी का काम बीजेपी ने कोलकाता के विकास को लेकर एक बड़ी योजना पेश की है। पार्टी का लक्ष्य है कि कोलकाता को विश्व स्तर का शहर बनाया जाये। इसके लिए मेट्रो नेटवर्क का पूरा विस्तार किया जाएगा, पुलों को मजबूत करने का समयबद्धता कार्यक्रम और बंदरगाह, विशेष रूप से हल्दिया पोर्ट का बड़े स्तर पर विकास किया जाएगा। व्यापार को आसान बनाने के लिए नई फैक्ट्री लाई मेटल और सिंडिकेट सिस्टम को खत्म करने का वादा किया गया है। किसानों के लिए किसानों के लिए भी योजना बनाई गई है, ताकि आलू, धान और आम की खेती करने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। चाय उद्योग को मजबूत बनाने और चाय बागानों को फिर से बेहतर बनाने के लिए और भी मजबूत कदम उठाएं। उत्तर बंगाल के विकास पर खास जोर दिया गया वहां आईआईटी, एम्स, आईआईएम और फैशन डिजाइन जैसे बड़े इंस्टीट्यूट की बात कही गई है। इसके अलावा वंदे मातरम सिद्धांत और वंदे मातरम मिशन के माध्यम से बंगाल की संस्कृति को बनाए रखने और बढ़ावा देने की योजना है। कानूनी व्यवस्था को लेकर बीजेपी का लक्ष्य कानूनी व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने कहा है कि विश्वव्यापी सरकार के संपूर्ण पद पर श्वेत पत्र लाया जाएगा। इसमें तर्क, राजनीतिक संघर्ष और कानून व्यवस्था की स्थिति सामने रखी गई है। राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए एक बैराज जज की प्रगति आयोग बनाया जाएगा। बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि उनके शासन में भय, भेदभाव और गरीबी को बढ़ावा मिला है. पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को मजबूती मिली है और उसी मॉडल को बंगाल को भी आगे बढ़ाया जाएगा. कुल मिलाकर, बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र के माध्यम से विकास, सुरक्षा, रोजगार और बेहतर शासन का वादा किया है और एकजुट होकर काम किया है। ये भी पढ़ें: बारामती उपचुनाव के बीच पार्थ सुपरस्टार ने दिव्यांग पिता, प्रतियोगी माता और पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा की

DIY डिओडोरेंट: अंडरआर्म्स के दाग और कालेपन को दूर करती है ये सस्ती घरेलू दवा, सिर्फ 12 रुपए में खरीदें डिओडोरेंट, जानें आसान तरीका

DIY डिओडोरेंट: अंडरआर्म्स के दाग और कालेपन को दूर करती है ये सस्ती घरेलू दवा, सिर्फ 12 रुपए में खरीदें डिओडोरेंट, जानें आसान तरीका

10 अप्रैल 2026 को 13:35 IST पर अद्यतन किया गया DIY डिओडोरेंट: गर्मियों में बार-बार अंडरआर्म्स में प्लास्टिक से बने पदार्थ आते हैं। ऐसे में बाहर मिलने वाले डियोडोरेंट में केमिकल्स मिलते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं साथ ही काफी महंगे भी होते हैं। लेकिन अब घर पर भी सिर्फ 12 रुपये में डियोडोरेंट बनवा सकते हैं। (टैग अनुवाद करने के लिए) DIY प्राकृतिक डिओडोरेंट (टी) घर का बना डिओडोरेंट (टी) अंडरआर्म गंध उपाय (टी) पसीने की गंध समाधान (टी) प्राकृतिक त्वचा देखभाल युक्तियाँ (टी) रसायन मुक्त डिओडोरेंट (टी) अंडरआर्म देखभाल (टी) सौंदर्य घरेलू उपचार (टी) एलोवेरा डिओडोरेंट (टी) फिटकरी डिओडोरेंट

साकिब सलीम बोले- रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में है:डेब्यू फिल्म के लिए 7-8 महीने ऑडिशन दिए, पहला एड नहीं मिलता तो फैमिली बिजनेस संभालता

साकिब सलीम बोले- रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में है:डेब्यू फिल्म के लिए 7-8 महीने ऑडिशन दिए, पहला एड नहीं मिलता तो फैमिली बिजनेस संभालता

वेब सीरीज ‘कप्तान’ को लेकर साकिब सलीम चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने किरदार, तैयारी और एक्टिंग प्रोसेस साझा किया। वे प्रोजेक्ट चुनने से पहले स्क्रिप्ट और डायरेक्टर का विजन समझते हैं। ‘कप्तान’ में किरदार को रियल बनाने के लिए फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ ह्यूमर और इंसानी कमजोरियां जोड़ीं। उन्होंने फिल्म 83 के 6 महीने के क्रिकेट ट्रेनिंग एक्सपीरियंस को करियर का खास फेज बताया। साथ ही शुरुआती दिनों, यश राज फिल्म्स के साथ डेब्यू और ऑडिशन स्ट्रगल पर बात की। उन्होंने कहा कि आज भी वे सीखने और खुद को बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं। पेश हैं साकिब सलीम से बातचीत के प्रमुख अंश: सवाल: ‘कप्तान’ को लेकर रोल चुनने का प्रोसेस क्या है? जवाब: मैं पहले स्क्रिप्ट पढ़ता हूं। कहानी समझ आए और मज़ा आए, तभी करता हूं। फिर डायरेक्टर के विज़न के अनुसार खुद को ढालता हूं। मेरा मानना है कि हर फिल्म और शो का प्रोसेस अलग होता है, क्योंकि हर डायरेक्टर की सोच अलग होती है। सवाल: ‘कप्तान’ में आपके किरदार ‘समर’ को लेकर आपने क्या इनपुट दिए? जवाब: मेरा एक ही फीडबैक था कि किरदार सिर्फ सीरियस या हीरोइक ना लगे। उसमें ह्यूमर और इंसानी कमजोरियां भी होनी चाहिए। हमने कोशिश की कि वह एक रियल इंसान लगे, जो गलतियां भी करता है और उनसे सीखता भी है। सवाल: इस रोल के लिए कितनी तैयारी की? जवाब: काफी मेहनत की। करीब 7-8 किलो वजन कम किया। किरदार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का है, जो हमेशा फील्ड पर रहता है, इसलिए फिटनेस और एजिलिटी जरूरी थी। सवाल: आपने कहा कि हर प्रोजेक्ट का प्रोसेस अलग होता है, क्या आप कोई उदाहरण देना चाहेंगे? जवाब: कबीर खान की फिल्म ‘83’ का प्रोसेस अलग था। उन्होंने 6 महीने तक सिर्फ क्रिकेट खेलने को कहा। एक्टिंग बाद में, पहले टीम बनानी थी। यह मेरे करियर का यूनिक अनुभव था। सवाल: ‘83’ में क्या चुनौती रही? जवाब: सबसे बड़ी चुनौती थी कि पुरानी स्टाइल भूलनी पड़ी। मोहिंदर अमरनाथ की तरह खेलना, उनका चलना और बैटिंग स्टाइल सीखना था। जो चीज पहले से आती है, उसे भूलकर नई चीज सीखना मुश्किल होता है। सवाल: आपका एक्टिंग करियर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरी शुरुआत दिलचस्प रही। मैं एक दोस्त के साथ ऑडिशन देने गया था, उसका नहीं हुआ और मेरा हो गया। पहला काम एक ऐड में मिला, जिसके लिए 25 हजार रुपए मिले। मैं टाइमपास के लिए गया था। शाम को फोन आया कि आप सिलेक्ट हो गए हैं, 25 हजार का बजट है। मैं घबरा गया और बोला कि मेरे पास 25 हजार नहीं हैं देने के लिए, लगा मुझे पैसे देने पड़ेंगे। फिर उन्होंने हंसकर कहा कि आपको पैसे मिलेंगे। अगर पहला ऐड नहीं मिलता, तो मैं दिल्ली जाकर फैमिली बिजनेस संभालता। मैं पापा से कहकर आया था कि एक साल खुद को एक्सप्लोर करना चाहता हूं। थोड़ा झूठ बोला, क्योंकि सीधे बोलता तो शायद मानते नहीं। उसी साल फिल्म मिल गई, फिर उन्हें मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। सवाल: डेब्यू फिल्म कैसे मिली? जवाब: लंबा ऑडिशन प्रोसेस चला। यश राज फिल्म्स की कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा ने 7-8 महीने तक अलग-अलग सीन करवाए। कभी गाना, कभी एक्टिंग। ऐसा लगा जैसे वर्कशॉप चल रही हो। फिर यश राज फिल्म्स की ‘मुझसे फ्रेंडशिप करोगे’ मिली। मैं खुद को लकी मानता हूं कि शुरुआत इतनी बड़ी कंपनी के साथ हुई। सवाल: करियर का सबसे बड़ा चैलेंज क्या रहा? जवाब: मैं हंसते-बोलते रहता हूं, इसलिए कई बार लोग सीरियसली नहीं लेते। उन्हें मेरी मेहनत नहीं दिखती। अब सीख लिया है कि लोगों का परसेप्शन बदलने की कोशिश नहीं करनी, बस काम ईमानदारी से करना है। सवाल: इतने सालों के करियर में इंस्पिरेशन कहां से मिलती है? जवाब: मैं हर किसी से सीखता हूं। मैंने सलमान खान, रणवीर सिंह, वरुण धवन, तापसी पन्नू और रानी मुखर्जी जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। सभी से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। सवाल: क्या अब भी आप ऑडिशन देने के लिए तैयार रहते हैं? जवाब: बिल्कुल। अगर मुझे किसी फिल्ममेकर के साथ काम करना है, तो मैं खुद जाकर ऑडिशन देने को तैयार हूं। रिजेक्शन से डरना नहीं चाहिए, यह एक्टर के काम का हिस्सा है। सवाल: लेकिन कई एक्टर्स रिजेक्शन से डरते हैं, आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: देखिए, रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में होता है। हमें इसे पर्सनली नहीं लेना चाहिए। कई बार रोल आपके लिए नहीं होता, इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छे एक्टर नहीं हैं। मैं तो आज भी ऑडिशन देने में शर्माता नहीं हूं, क्योंकि यही हमारे काम का हिस्सा है। सवाल: बढ़ती एक्सपेक्टेशंस और प्रेशर को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब: मैं अपना बेस्ट देने पर ध्यान देता हूं। लोगों की सोच कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन अपनी मेहनत और ईमानदारी को कंट्रोल कर सकता हूं। आजकल कई बार गलत जानकारी भी फैलती है, इसलिए उससे बचना जरूरी है। सवाल: आज के समय में सोशल मीडिया और इंफॉर्मेशन ओवरलोड को कैसे देखते हैं? जवाब: आज बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन है, लेकिन सही से ज्यादा गलत फैल रही है। सबको सबसे पहले खबर देनी है, इसलिए कई बार सही जानकारी नहीं आती। मैं कोशिश करता हूं कि इस शोर से थोड़ा दूर रहूं। सवाल: अगर मौका मिले तो किसकी बायोपिक करना चाहेंगे? जवाब: मैं विराट कोहली की बायोपिक करना चाहूंगा। मुझे क्रिकेट बहुत पसंद है और लोग भी कहते हैं कि मैं यह रोल कर सकता हूं। सवाल: आपको किस तरह की किताबें पढ़ना पसंद है? जवाब: मुझे स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी की किताबें पढ़ना पसंद है। जैसे युवराज सिंह, शेन वॉर्न, क्रिस गेल और आंद्रे अगासी की किताबें पढ़ी हैं। मुझे लोगों के अनुभव जानना अच्छा लगता है। सवाल: आपके लिए सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता है कि मैं 15 साल से इंडस्ट्री में हूं। मेरे माता-पिता और बहन मेरे साथ हैं, यही सबसे बड़ी बात है। बाकी जो मिल रहा है, वह बोनस है।

साकिब सलीम बोले- रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में है:डेब्यू फिल्म के लिए 7-8 महीने ऑडिशन दिए, पहला एड नहीं मिलता तो फैमिली बिजनेस संभालता

साकिब सलीम बोले- रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में है:डेब्यू फिल्म के लिए 7-8 महीने ऑडिशन दिए, पहला एड नहीं मिलता तो फैमिली बिजनेस संभालता

वेब सीरीज ‘कप्तान’ को लेकर साकिब सलीम चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने किरदार, तैयारी और एक्टिंग प्रोसेस साझा किया। वे प्रोजेक्ट चुनने से पहले स्क्रिप्ट और डायरेक्टर का विजन समझते हैं। ‘कप्तान’ में किरदार को रियल बनाने के लिए फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ ह्यूमर और इंसानी कमजोरियां जोड़ीं। उन्होंने फिल्म ‘83’ के 6 महीने के क्रिकेट ट्रेनिंग एक्सपीरियंस को करियर का खास फेज बताया। साथ ही शुरुआती दिनों, यश राज फिल्म्स के साथ डेब्यू और ऑडिशन स्ट्रगल पर बात की। उन्होंने कहा कि आज भी वे सीखने और खुद को बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं। पेश हैं साकिब सलीम से बातचीत के प्रमुख अंश: सवाल: ‘कप्तान’ को लेकर रोल चुनने का प्रोसेस क्या है? जवाब: मैं पहले स्क्रिप्ट पढ़ता हूं। कहानी समझ आए और मजा आए, तभी करता हूं। फिर डायरेक्टर के विजन के अनुसार खुद को ढालता हूं। मेरा मानना है कि हर फिल्म और शो का प्रोसेस अलग होता है, क्योंकि हर डायरेक्टर की सोच अलग होती है। सवाल: ‘कप्तान’ में आपके किरदार ‘समर’ को लेकर आपने क्या इनपुट दिए? जवाब: मेरा एक ही फीडबैक था कि किरदार सिर्फ सीरियस या हीरोइक ना लगे। उसमें ह्यूमर और इंसानी कमजोरियां भी होनी चाहिए। हमने कोशिश की कि वह एक रियल इंसान लगे, जो गलतियां भी करता है और उनसे सीखता भी है। सवाल: इस रोल के लिए कितनी तैयारी की? जवाब: काफी मेहनत की। करीब 7-8 किलो वजन कम किया। किरदार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का है, जो हमेशा फील्ड पर रहता है, इसलिए फिटनेस और एजिलिटी जरूरी थी। सवाल: आपने कहा कि हर प्रोजेक्ट का प्रोसेस अलग होता है, क्या आप कोई उदाहरण देना चाहेंगे? जवाब: कबीर खान की फिल्म ‘83’ का प्रोसेस अलग था। उन्होंने 6 महीने तक सिर्फ क्रिकेट खेलने को कहा। एक्टिंग बाद में, पहले टीम बनानी थी। यह मेरे करियर का यूनिक अनुभव था। सवाल: ‘83’ में क्या चुनौती रही? जवाब: सबसे बड़ी चुनौती थी कि पुरानी स्टाइल भूलनी पड़ी। मोहिंदर अमरनाथ की तरह खेलना, उनका चलना और बैटिंग स्टाइल सीखना था। जो चीज पहले से आती है, उसे भूलकर नई चीज सीखना मुश्किल होता है। सवाल: आपका एक्टिंग करियर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरी शुरुआत दिलचस्प रही। मैं एक दोस्त के साथ ऑडिशन देने गया था, उसका नहीं हुआ और मेरा हो गया। पहला काम एक ऐड में मिला, जिसके लिए 25 हजार रुपए मिले। मैं टाइमपास के लिए गया था। शाम को फोन आया कि आप सिलेक्ट हो गए हैं, 25 हजार का बजट है। मैं घबरा गया और बोला कि मेरे पास 25 हजार नहीं हैं देने के लिए, लगा मुझे पैसे देने पड़ेंगे। फिर उन्होंने हंसकर कहा कि आपको पैसे मिलेंगे। अगर पहला ऐड नहीं मिलता, तो मैं दिल्ली जाकर फैमिली बिजनेस संभालता। मैं पापा से कहकर आया था कि एक साल खुद को एक्सप्लोर करना चाहता हूं। थोड़ा झूठ बोला, क्योंकि सीधे बोलता तो शायद मानते नहीं। उसी साल फिल्म मिल गई, फिर उन्हें मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। सवाल: डेब्यू फिल्म कैसे मिली? जवाब: लंबा ऑडिशन प्रोसेस चला। यश राज फिल्म्स की कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा ने 7-8 महीने तक अलग-अलग सीन करवाए। कभी गाना, कभी एक्टिंग। ऐसा लगा जैसे वर्कशॉप चल रही हो। फिर यश राज फिल्म्स की ‘मुझसे फ्रेंडशिप करोगे’ मिली। मैं खुद को लकी मानता हूं कि शुरुआत इतनी बड़ी कंपनी के साथ हुई। सवाल: करियर का सबसे बड़ा चैलेंज क्या रहा? जवाब: मैं हंसते-बोलते रहता हूं, इसलिए कई बार लोग सीरियसली नहीं लेते। उन्हें मेरी मेहनत नहीं दिखती। अब सीख लिया है कि लोगों का परसेप्शन बदलने की कोशिश नहीं करनी, बस काम ईमानदारी से करना है। सवाल: इतने सालों के करियर में इंस्पिरेशन कहां से मिलती है? जवाब: मैं हर किसी से सीखता हूं। मैंने सलमान खान, रणवीर सिंह, वरुण धवन, तापसी पन्नू और रानी मुखर्जी जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। सभी से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। सवाल: क्या अब भी आप ऑडिशन देने के लिए तैयार रहते हैं? जवाब: बिल्कुल। अगर मुझे किसी फिल्ममेकर के साथ काम करना है, तो मैं खुद जाकर ऑडिशन देने को तैयार हूं। रिजेक्शन से डरना नहीं चाहिए, यह एक्टर के काम का हिस्सा है। सवाल: लेकिन कई एक्टर्स रिजेक्शन से डरते हैं, आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: देखिए, रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में होता है। हमें इसे पर्सनली नहीं लेना चाहिए। कई बार रोल आपके लिए नहीं होता, इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छे एक्टर नहीं हैं। मैं तो आज भी ऑडिशन देने में शर्माता नहीं हूं, क्योंकि यही हमारे काम का हिस्सा है। सवाल: बढ़ती एक्सपेक्टेशंस और प्रेशर को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब: मैं अपना बेस्ट देने पर ध्यान देता हूं। लोगों की सोच कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन अपनी मेहनत और ईमानदारी को कंट्रोल कर सकता हूं। आजकल कई बार गलत जानकारी भी फैलती है, इसलिए उससे बचना जरूरी है। सवाल: आज के समय में सोशल मीडिया और इंफॉर्मेशन ओवरलोड को कैसे देखते हैं? जवाब: आज बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन है, लेकिन सही से ज्यादा गलत फैल रही है। सबको सबसे पहले खबर देनी है, इसलिए कई बार सही जानकारी नहीं आती। मैं कोशिश करता हूं कि इस शोर से थोड़ा दूर रहूं। सवाल: अगर मौका मिले तो किसकी बायोपिक करना चाहेंगे? जवाब: मैं विराट कोहली की बायोपिक करना चाहूंगा। मुझे क्रिकेट बहुत पसंद है और लोग भी कहते हैं कि मैं यह रोल कर सकता हूं। सवाल: आपको किस तरह की किताबें पढ़ना पसंद है? जवाब: मुझे स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी की किताबें पढ़ना पसंद है। जैसे युवराज सिंह, शेन वॉर्न, क्रिस गेल और आंद्रे अगासी की किताबें पढ़ी हैं। मुझे लोगों के अनुभव जानना अच्छा लगता है। सवाल: आपके लिए सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता है कि मैं 15 साल से इंडस्ट्री में हूं। मेरे माता-पिता और बहन मेरे साथ हैं, यही सबसे बड़ी बात है। बाकी जो मिल रहा है, वह बोनस है।

शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे के जगतपुर तिराहा पर गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से दूसरी ट्रॉली ने टक्कर मार दी, जिससे आगे खड़ा ट्रैक्टर बिना ड्राइवर के ही स्टार्ट होकर अनियंत्रित दौड़ पड़ा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार, कुमरौआ गांव निवासी किसान राजेंद्र धाकड़ अपनी फसल बेचकर कोलारस अनाज मंडी से वापस गांव लौट रहे थे। उन्होंने जगतपुर तिराहा पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा कर दिया और पास की दुकान पर सामान लेने चले गए। इसी दौरान, खोंकर गांव निवासी उत्तम चंदेल अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे और पीछे से खड़े ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। बताया गया है कि राजेंद्र का ट्रैक्टर गियर में खड़ा था, जिसके कारण टक्कर लगते ही वह स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया। बिना ड्राइवर के ही ट्रैक्टर कुछ दूरी तक सड़क पर चलता रहा और फिर सड़क से उतरकर एक पेड़ से टकराकर रुक गया। घटना के वक्त आसपास कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

174 घनमीटर अवैध रेत जब्त:देवसर के मझौना में खनिज-राजस्व-पुलिस का एक्शन, भंडारणकर्ता की तलाश जारी

174 घनमीटर अवैध रेत जब्त:देवसर के मझौना में खनिज-राजस्व-पुलिस का एक्शन, भंडारणकर्ता की तलाश जारी

सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रेत परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की है। शुक्रवार को खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मझौना इलाके में दबिश दी। इस दौरान दो अलग-अलग स्थानों से अवैध रूप से भंडारित 174 घनमीटर रेत जब्त की गई। यह रेत बिना किसी वैध अनुमति के जमा की गई थी। कार्रवाई के दौरान टीम ने आराजी नंबर 551 और 555/658 की भूमि पर भंडारित रेत को जब्त किया। नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जब्त रेत की अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त रेत को संबंधित ठेकेदार को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया है। खनिज विभाग की टीम अब भूमि के वास्तविक स्वामी और रेत के भंडारणकर्ता की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को देवसर क्षेत्र के नदी-नालों से अवैध रूप से रेत निकालकर आसपास के इलाकों में भंडारण और फिर अन्य जिलों में भेजने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस अवैध गतिविधि से शासन को भारी राजस्व हानि हो रही थी। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल और सहायक खनिज अधिकारी अशोक मिश्रा के नेतृत्व में की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

IPL में आज RCB-RR का मुकाबला:विराट के सामने वैभव का चलेगा बल्ला, पिछले मैच में बुमराह की पहली बॉल पर मारा छक्का

IPL में आज RCB-RR का मुकाबला:विराट के सामने वैभव का चलेगा बल्ला, पिछले मैच में बुमराह की पहली बॉल पर मारा छक्का

IPL में आज का मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। आज विराट कोहली के साथ वैभव सूर्यवंशी के बल्ले का भी जादू चलेगा। दोनों टीमें अब तक एक मैच भी नहीं हारी है। खासकर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन ने सबको अचंभित कर दिया, जिन्होंने मुंबई के खिलाफ पिछले मैच में दुनिया के शीर्ष गेंदबाज़ों में शुमार जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था। इसके साथ ही वह IPL में 19 या उससे कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। तीन दिग्गज गेंदबाजों के पहले बॉल पर मारा था छक्का वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए थे। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया था। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगा दिया। इसके अलावा उन्होंने शार्दुल ठाकुर और ट्रेंट बोल्ट के पहले बॉल पर भी छक्का मारा था। वैभव सूर्यवंशी ने 14 बॉल पर 39 रन बनाया था। वैभव की पारी में 5 छक्के और 1 चौके शामिल हैं। वैभव 19 से कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 35 सिक्स पूरे कर लिए हैं। वह 19 साल या उससे कम उम्र में IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 10 पारियों में 35 सिक्स लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋषभ पंत (30) और ईशान किशन (30) को पीछे छोड़ा। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी की पूरी उन्होंने CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था इससे पहले गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा। पहले ओवर में उन्होंने 2 चौके जड़े थे। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। IPL में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था।

गर्मी में लाल या काला मटका, किसका पानी है सेहत के लिये ज्यादा फायदेमंद? जानिये

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गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने के लिए मटके का पानी सबसे पुराना और एक भरोसेमंद तरीका माना जाता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि लाल मिट्टी का मटका बेहतर है या काले रंग का मटका? दोनों के अपने‑अपने फायदे हैं. आइए जानते हैं इनके बीच का अंतर और किसका पानी पीना ज्यादा सेहत के लिये ज्यादा फायदेमंद होता है. लाल मटका: पारंपरिक और प्राकृतिक ठंडकलाल मटका ज्यादातर साधारण मिट्टी से ही बनाया जाता है और घरों में सदियों से इसका इस्तेमाल होता आया है. लाल मटके फायदे: लाल मटके की मिट्टी में सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिससे पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है.यह पानी में मॉडरेट मिनरल्स जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम मिलाने में मदद करता है.लाल मटके का पानी पाचन के लिए अच्छा माना जाता है.यह लू, एसिडिटी और डिहाइड्रेशन से बचाने में भी मदद करता है. कब बेहतर है:अगर आप बहुत ज्यादा ठंडा नहीं, बल्कि नेचुरल ठंडा पानी चाहते हैं, तो लाल मटका आपके लिये एक सुरक्षित और संतुलित विकल्प हो सकता है. काला मटका: ज्यादा ठंडक और तेज असरकाला मटका आमतौर पर खास मिट्टी में लोहे या कोयले के मिश्रण से बनाया जाता है, जिससे उसका रंग काला हो जाता है. काले मटके के फायदे: काले रंग की वजह से यह गर्मी ज्यादा सोखता है और पानी को जल्दी ठंडा करता है.तेज गर्मी में इसका पानी लाल मटके की तुलना में ज्यादा ठंडा महसूस होता है.यह शरीर को तुरंत ठंडक देता है और पसीने की समस्या में राहत देता है. ध्यान रखने वाली बात: बहुत ठंडा पानी कुछ लोगों में गले की परेशानी या पाचन समस्या पैदा कर सकता है.कमजोर पाचन या सर्दी‑खांसी की समस्या वालों को सावधानी रखनी चाहिए. तो किसका पानी पीना ज्यादा फायदेमंद? इसका जवाब आपकी शरीर की जरूरत और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. सामान्य स्वास्थ्य और रोज़ाना उपयोग के लिए लाल मटका बेहतर है.तेज गर्मी और बाहर से आने के बाद काले मटके का पानी राहत दे सकता है, लेकिन सीमित मात्रा में. गर्मियों में दोनों ही मटकों का पानी पीना फायदेमंद होता है, लेकिन लाल मटका एक ज्यादा संतुलित और सुरक्षित विकल्प माना जाता है. अगर आप अत्यधिक ठंडा पानी पीना सहन कर सकते हैं, तब ही काले मटके का इस्तेमाल करें. मटके के सही चुनाव से आप गर्मियों में खुद को स्वस्थ और तरोताज़ा रख सकते हैं.

वॉट्सऐप आपके प्राइवेट मैसेज पढ़ रहा:कैलिफोर्निया की कोर्ट में हर्जाने की मांग; टेलीग्राम CEO बोले ये एन्क्रिप्शन इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड

वॉट्सऐप आपके प्राइवेट मैसेज पढ़ रहा:कैलिफोर्निया की कोर्ट में हर्जाने की मांग; टेलीग्राम CEO बोले ये एन्क्रिप्शन इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक इलॉन मस्क और टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पर सवाल उठाए हैं। मस्क ने कहा कि वॉट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता। यह विवाद अमेरिका में वॉट्सऐप के खिलाफ दायर एक नए क्लास एक्शन मुकदमे के बाद शुरू हुआ है। एन्क्रिप्शन के बावजूद निजी मैसेज पढ़ रहा वॉट्सऐप अमेरिका की एक अदालत में दायर याचिका में दावा किया गया है कि वॉट्सऐप अपने यूजर्स के मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है। कंपनी दावा करती है कि उसके मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड’ हैं, यानी भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई तीसरा इन्हें नहीं पढ़ सकता। हालांकि, मुकदमे के मुताबिक मेटा इन मैसेज को एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ शेयर कर रहा है। मस्क और डुरोव बोले ‘इतिहास का सबसे बड़ा धोखा’ इलॉन मस्क ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “वॉट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता।” उन्होंने यूजर्स से X चैट का इस्तेमाल करने की अपील की और दावा किया कि वहां ‘असली प्राइवेसी’ मिलती है। वहीं, टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव ने भी कहा कि वॉट्सऐप का ‘एन्क्रिप्शन’ इतिहास का सबसे बड़ा कंज्यूमर फ्रॉड हो सकता है, जो अरबों यूजर्स को गुमराह कर रहा है। डुरोव ने दावा किया कि टेलीग्राम ने कभी ऐसा नहीं किया और न ही कभी करेगा। मेटा बोला आरोप पूरी तरह गलत और बेतुके हैं इन गंभीर आरोपों पर मेटा ने तुरंत सफाई दी है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “मुकदमे में किए गए दावे पूरी तरह से झूठे और बेतुके हैं। वॉट्सऐप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है। आपके मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई और नहीं पढ़ सकता। पुराना है मस्क और जुकरबर्ग का झगड़ा इलॉन मस्क और मार्क जुकरबर्ग के बीच विवाद कोई नया नहीं है। मस्क द्वारा ट्विटर (अब X) खरीदने के बाद जुकरबर्ग ने उसे टक्कर देने के लिए ‘थ्रेड्स’ लॉन्च किया था। 2025 में मस्क ने अपने AI चैटबॉट ‘ग्रोक’ को मेटा AI से बेहतर बताया था। जून 2023 में मस्क ने जुकरबर्ग को ‘केज फाइट’ की चुनौती भी दी थी, जिसके जवाब में जुकरबर्ग ने लोकेशन मांगी थी। कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट से हर्जाने की मांग वॉट्सऐप के खिलाफ यह क्लास एक्शन मुकदमा इसी साल जनवरी में ब्रायन वाई. शिराज़ी और निदा सैमसन नाम के दो यूजर्स ने कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर किया गया था। इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स और एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने जूरी ट्रायल की मांग की है और कंपनी से भारी हर्जाने की अपील की है। फिलहाल मामला कोर्ट में है और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं। नॉलेज बॉक्स : क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? सरल शब्दों में कहें तो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी सुरक्षा तकनीक है जो आपके मैसेज को एक गुप्त कोड में बदल देती है, जिसे सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। इसके बीच में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, हैकर या यहां तक कि सर्विस देने वाली कंपनी (जैसे वॉट्सऐप या मेटा) खुद भी आपके मैसेज, फोटो या कॉल को देख या सुन नहीं सकती है।

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

दतिया में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब जानलेवा स्टंट में बदलती जा रही है। बड़ौनी नगर पंचायत क्षेत्र में युवकों द्वारा 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर रील और वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि एक युवक पाइप के सहारे टंकी से नीचे खिसकते हुए उतर गया। यदि जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पेयजल टंकी की सुरक्षा व्यवस्था फेल गल्ला मंडी के पास बनी यह पानी की टंकी नगर की पेयजल व्यवस्था का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लचर नजर आ रही है। टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही कोई निगरानी व्यवस्था मौजूद है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां युवा सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए खतरनाक हरकतें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर पंचायत को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि अब यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। बड़े हादसे का बना खतरा सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर किसी की जान भी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। टंकी के आसपास सुरक्षा गार्ड की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और सख्त निगरानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गई हैं। सीएमओ ने दिया गोलमोल जवाब नगर पंचायत के सीएमओ से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।