मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 में आग:रनवे एरिया से धुआं उठा, गेट बंद किए; कुछ उड़ानें रोकी गईं

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पास में गुरुवार शाम आग लग गई। आग लगने के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी टीमों को मौके पर पहुंची। उन्होंने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट प्रवक्ता के मुताबिक, आग शाम 6:10 बजे लगी। शुरुआती जांट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। रनवे एरिया से धुआं उठने के बाद एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट के गेट बंद किए गए, जिससे यात्रियों की लाइन लग गई। टर्मिनल-1 की कुछ फ्लाइट एहतियात के तौर पर रोकी गईं। अधिकारियों ने आग को मामूली बताया है। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग से जुड़ी तीन तस्वीरें…
नारियल पानी और सब्जा सीड्स का कॉम्बिनेशन है जबरदस्त, गर्मियों में बनाएं सुपरड्रिंक, शरीर को होंगे अद्भुत फायदे

Last Updated:April 09, 2026, 21:13 IST Sabja seeds in coconut water Benefits: नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं. जब इसमें सब्जा सीड्स मिलाकर पीते हैं तो यह मिश्रण और ज्यादा प्रभावी हो जाता है. सब्जा सीड्स पानी को सोखकर जेल जैसा बनाते हैं, जो शरीर में लंबे समय तक हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं. नारियल पानी और सब्जा सीड्स का कॉम्बिनेशन सेहत को क्या लाभ पहुंचा सकते हैं, जानिए यहां. गर्मियों में नारियल पानी और सब्जा सीड्स का कॉम्बिनेशन है फायदेमंद. Sabja seeds in coconut water Benefits: गर्मियों के मौसम में तेज धूप, ज्यादा पसीना और लगातार थकान शरीर को जल्दी कमजोर बना देते हैं. ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती शरीर को हाइड्रेट रखने और ऊर्जा बनाए रखने की होती है. डॉक्टर मानते हैं कि इस मौसम में खानपान का सही चुनाव बेहद जरूरी है. प्राकृतिक पेय पदार्थ, खासकर वे जिनमें इलेक्ट्रोलाइट्स और पोषक तत्व भरपूर हों, शरीर को गर्मी से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इसी कड़ी में नारियल पानी और सब्जा सीड्स का मिश्रण एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि कई तरह से स्वास्थ्य को भी फायदा पहुंचाता है. सबसे पहले बात करें शरीर में पानी की कमी की, तो गर्मियों में यह समस्या बहुत आम हो जाती है. ज्यादा पसीना आने से शरीर से जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं. नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को तेजी से पूरा करते हैं. जब इसमें सबजा सीड्स मिलाए जाते हैं, तो यह मिश्रण और ज्यादा प्रभावी हो जाता है. सब्जा सीड्स पानी को सोखकर जेल जैसा बनाते हैं, जो शरीर में लंबे समय तक हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करता है. यही कारण है कि इसे पीने से थकान और कमजोरी जल्दी दूर होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. पाचन तंत्र के लिए भी यह मिश्रण काफी फायदेमंद माना जाता है. वैज्ञानिक तौर पर देखा जाए तो सब्जा सीड्स में घुलनशील फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो आंतों की सफाई और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है. इससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं. वहीं नारियल पानी पेट को ठंडक देता है और एसिडिटी को नियंत्रित करने में मदद करता है. दोनों का एक साथ सेवन करने से पेट हल्का महसूस होता है और खाना आसानी से पचता है. ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में भी यह कॉम्बिनेशन काफी असरदार है. गर्मी में शरीर जल्दी थक जाता है क्योंकि पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है. नारियल पानी में मौजूद प्राकृतिक शर्करा तुरंत ऊर्जा देती है, जबकि सब्जा सीड्स धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करते हैं. इससे शरीर लंबे समय तक एक्टिव बना रहता है और बार-बार थकान महसूस नहीं होती. यही वजह है कि इसे दिन के बीच में पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. वजन नियंत्रित करने के लिहाज से भी यह मिश्रण लाभकारी है. सब्जा सीड्स पेट में जाकर फूल जाते हैं, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती. इससे बार-बार खाने की आदत कम होती है और अनावश्यक कैलोरी लेने से बचाव होता है. नारियल पानी भी कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए यह वजन घटाने या संतुलित रखने वालों के लिए अच्छा विकल्प है. नियमित सेवन से शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है. त्वचा और इम्यूनिटी पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिलता है. शरीर में जब पानी की कमी नहीं होती और टॉक्सिन्स बाहर निकलते रहते हैं, तो त्वचा अपने आप साफ और चमकदार दिखने लगती है. नारियल पानी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करते हैं. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 09, 2026, 21:13 IST
विधानसभा चुनाव 2026: केरल-असम और पुडुचेरी में जोरदार वोट, मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- दुनिया के लिए लोकतंत्र का उदाहरण

देश के दो राज्यों असम, केरलम और साथ में केंद्र प्रदेश पुडुचेरी में चल रहे विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर 9 अप्रैल 2026 यानी गुरुवार को चल रही क्रिसमस शाम 6 बजे तक है। अबाबोर पेटी में कई धुरंधरों की किस्मत कैद हो गई है। चुनाव आयोग ने नासिक और वीवीपेट सील करना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 5 बजे तक असम में 84.42%, केरलम में 75.01% और पुडुचेरी में 86.92% वोटिंग हुई। पुड्डुचेरी में सीएम रंगास्वामी ने वोट डाला, केरल में रक्षा मंत्री ने एके एंटनी वोट डाला। इसके अलावा असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कामाख्या मंदिर में पूजा की, अपनी पत्नी के साथ जालुक बाबा में वोट डाला. अब सभी को 4 मई का इंतजार है, जब राज्यों के चुनाव नतीजे सामने आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 2026 के चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण हैं। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदर्शित राज्यों के सभी जिलों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह लोकतांत्रिक भागीदारी एक शानदार है। सीईसी ने अपने संदेश में “चुनाव का पर्व, लोकतंत्र का गौरव” का उल्लेख करते हुए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और लोकतंत्र के प्रति उनके प्रतीक चिन्ह का उल्लेख किया। असम की इन पर नजर अगर असम की बात करें तो यहां 3 बड़े दर्शन, जिनपर सभी के संबंध हैं। इनकी पहली तिमाही जलुक बबंरी विधानसभा है. यहां बीजेपी के उम्मीदवार और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा मैदान में हैं. उनके खिलाफ बिदिशा नियोग कांग्रेस से मैदान में उतरे हैं। यहां लगातार पांच बार से हिमंत चुनाव जीत रहे हैं। यह बीजेपी का गढ़ माना जाता है. दिसपुर बीजेपी के उम्मीदवार प्रद्युत बोर्डोलोइ इलिनोइस मैदान में हैं. यहां से कांग्रेस ने मीरा बोरठाठाकुर को टाउनशिप मैदान में उतारा है। यह कांग्रेस की पारंपरिक सीट चल रही है, लेकिन गुटसी उद्योग की कंपनी है। असम की तीसरी सीट जोरहाट पर भी सभी के परस्पर विरोधी हैं। यहां से हितेंद्र नाथ गोस्वामी बीजेपी से चुनावी लड़ाई लड़ रहे हैं. तो गौरव गोई कांग्रेस से इलिनोइस मैदान में हैं। गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। केरल की इन प्रवेश द्वार पर नजर केरल की दो बड़ी परियोजनाएं हैं, जिनपर सभी के परस्पर विरोधी हैं। नेमोम सीट सेबीजा पार्टिसिपेंट्स राजीव गांधी सचिवालय मैदान में हैं। उनके खिलाफ वी. शिवनकुट्टी सी.पी.आई.एम. से चुनावी मैदान में हैं। धर्मदम सीट बीजेपी के सीके पद्मनाभन टाउनशिप मैदान में हैं। सी.पी.पी. उम्मीदवार पिनाराई विजयनगरम मैदान में हैं। पुड्डुचेरी में बीजेपी डबल एकजुटता गठबंधन सरकार? अगर पुड्डुचेरी की करें तो यहां 30 प्रमुख जगहें हैं। यहां 20 डेवलपर्स के 294 उम्मीदवार मैदान में हैं। सभी की किस्मत का स्टॉक और वीवीपेट में कैद हो गया है। पुद्दचेरी की राजनीति में हमेशा से गठबंधन कायम है। यहां कभी बीजेपी भारी रही तो कभी कांग्रेस ने अपना स्टार्टअप बनाया। यहां उद्योग संघ और पेट्रोकेमिकल इंजीनियर्स गबंधन की सरकार है। उनके पास कुल 16 सीटें हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस बार बीजेपी गठबंधन इस चुनाव में अपनी जीत को दोहराएगा। यह भी पढ़ें: त्रिशूर में वोट देने की कतार में 62 साल का वोट पाना, मतदान करना ही हुई मौत (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)केरल(टी)पुडुचेरी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)बड़ी खबर(टी)हिंदी समाचार(टी)चुनाव समाचार(टी)असम(टी)केरल(टी)पुडुचेरी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)बड़ी खबर(टी)हिंदी समाचार(टी)चुनाव समाचार
असम के असम में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा

असम विधानसभा चुनाव 2026: मंगलवार के बीच जोरहाट विधानसभा चुनाव का एक ऐसा नजारा सामने आया, जिसमें राजनीतिक मोरचा में एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया गया. आम तौर पर इलिनोइस सरगर्मी के दौरान जहां आरोप-प्रत्यारोप और झारखंड बयानबाजी देखने को मिलती है, वहीं इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। भाजपा हितैषी हितेंद्र नाथ गोस्वामी और कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई एक ही जगह पर साथ में चाय की चुस्की लेते नजर आए। दोनों नेता, जो चुनावी मैदान में एक-दूसरे के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं, बेहद सहज और आत्मीय अंदाज में बातचीत करते हैं। उनके बीच किसी तरह की राजनीतिक कटुता का भाव नहीं दिखा, बल्कि यह मित्रवत सम्मान और मित्रता का प्रतीक उभर कर सामने आया। आसपास मौजूद लोगों ने भी इस पल को खास रुचि के साथ देखा और इसे अपने पहाड़ों में कैद कर लिया। इस तरह की तस्वीरें कम देखने को मिलती हैं इस तरह की कम ही तस्वीरें देखने को मिलती हैं, जहां विरोधी आश्रम के नेता सार्वजनिक रूप से आश्रम में रहते हैं और मित्रतापूर्ण तरीके से संवाद करते हैं। यह दृश्य न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा है, बल्कि सामाजिक और जनचर्चा में भी तेजी से जगह बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता की प्रतिष्ठा नहीं है, बल्कि सेवा और समाज की प्रति जिम्मेदारी का माध्यम भी है। उनका मानना है कि नेताओं के बीच इस तरह का व्यवहारिक लोकतांत्रिक शेयरवर्क मजबूत होता है और समाज में सकारात्मक संदेश मिलता है। बेटियाँ ने इस तस्वीर को क्या लेकर कहा है? अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस प्रकार के स्मारकों में राजनीतिक संस्कृति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैयक्तिक पद पर अलग-अलग पदों पर रहते हुए भी सम्मान बनाए रखा जा सकता है। कुल मिलाकर, जोर हाट के स्टालिनवादी तानाशाही में यह चित्र शामिल है, जिसमें कलाकारों के साथ-साथ सैमुअल और डायलॉग भी शामिल हैं। यह पैलेस प्लाजा के बीच न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि राजनीति में शालीनता और पुरातनपंथी का एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है। यह भी पढ़ें:पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- ‘1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम चुनाव 2026(टी)चाय पे चर्चा(टी)राजनीतिक मर्यादा का प्रदर्शन जोरहाट चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)चाय बैठक(टी)नवीनतम समाचार अपडेट(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम चुनाव 2026(टी)चाय पे चर्चा(टी)जोरहाट चुनाव में राजनीतिक मैनर्स की मिसाल(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)चाय पर बैठक(टी)ताजा समाचार अद्यतन
बड़वानी में किसानों का कलेक्ट्रेट पर धरना:फसल मुआवजे और ऋण तिथि बढ़ाने की मांग; सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

बड़वानी जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सीएम के नाम तहसीलदार हितेंद्र भावसार को ज्ञापन देकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। किसानों ने ऋण अदायगी की समय सीमा बढ़ाने, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और फसल नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया। ऋण जमा करने की तिथि 31 मई करने की मांग महासंघ के जिलाध्यक्ष मदन मुलेवा ने बताया कि वर्तमान में ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल निर्धारित है। किसानों की मांग है कि सरकार इसे बढ़ाकर 31 मई करे ताकि नियमित किसानों को इसका लाभ मिल सके। किसानों के अनुसार अभी मक्का खेतों में है और गेहूं की खरीदी व चने के उचित भाव न मिलने से आर्थिक संकट बना हुआ है। ई-टोकन खाद व्यवस्था पर उठाए सवाल ज्ञापन में निमाड़ जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ई-टोकन खाद व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त फार्मर आईडी न होने और सर्वर डाउन रहने की वजह से उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। महासंघ ने इस व्यवस्था को किसानों की परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की मांग की है। नष्ट फसलों के तत्काल सर्वे की अपील जिले में पिछले दिनों हुई असमय बारिश से मक्का, गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक नष्ट हुई फसलों का न तो सर्वे शुरू हुआ है और न ही मुआवजे की कोई योजना बनी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर घेराव की चेतावनी तहसीलदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना और उन्हें उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन या ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी समय में कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
धुरंधर 2 देखने पहुंचे प्रभास और संदीप रेड्डी वांगा:थिएटर में मुस्कुराते नजर आए प्रभास; संदीप ने फिल्म की आलोचना करने वालों को दिया जवाब

साउथ एक्टर प्रभास और ‘एनिमल’ फेम डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा फिल्म ‘धुरंधर 2’ देखने सिनेमाघर पहुंचे। फैंस ने प्रभास और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा को एक लोकल थिएटर की प्रीमियम सीटों पर स्पॉट किया। दोनों अपनी अगली फिल्म ‘स्पिरिट’ के काम से छोटा सा ब्रेक लेकर सिनेमाघर पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें प्रभास बड़े पर्दे पर फिल्म देखते हुए मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। संदीप बोले- इंडस्ट्री बिल्ली की तरह चुप बैठी रही संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म ‘धुरंधर 2’ का रिव्यू देते हुए X पर लिखा, “लेखकों और एक्टर्स ने प्रोपेगेंडा के दम पर अपने करियर बनाए और पूरी इंडस्ट्री बिल्ली की तरह चुप बैठी रही। अब वही गुट ‘धुरंधर’ का मजाक उड़ा रहा है। अगर आपकी पहली सोच ही किसी का मजाक उड़ाना है, तो खुद को लिबरल कहना बंद कर दीजिए। समझ नहीं आता कि सच को प्रोपेगेंडा कब से कहा जाने लगा… अजीब समय है। मुद्दे की बात पर आते हैं… मैं आदित्य धर और रणवीर सिंह से कहना चाहता हूं कि ये काली नजर ऐसे नहीं जाएगी। मुट्ठी भर लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा, इसके लिए पूरा खेत जलाना पड़ेगा। कल रात ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ देखी… शानदार फिल्म है।” आदित्य धर ने संदीप को दिया जवाब आदित्य ने संदीप के पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा मेरे प्यारे संदीप मुझे सच में यह बहुत अच्छा लगता है कि तुम अपनी बात पर डटे रहते हो और सही समय पर उसका जवाब भी देते हो। इसमें एक सच्चाई और भरोसा दिखता है, जिसका मैं दिल से सम्मान करता हूं। मैं हमेशा इस बात की तारीफ करता रहा हूं कि तुम बिना किसी शक या शोर-शराबे के अपने सिनेमा के साथ खड़े रहते हो। तुम्हारा यह भरोसा हम सबको अपनी आवाज़ पर विश्वास करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।प्रभास सर को मेरी तरफ से प्यार देना। तुम्हारे लिए ढेर सारा प्यार और फिल्म ‘स्पिरिट’ के लिए शुभकामनाएं। मैं इसे देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं। और अगर कभी मैं किसी तरह मदद कर सकूँ, तो मुझे सच में खुशी होगी। एक बार फिर धन्यवाद। दीपिका की एग्जिट के बाद चर्चा में ‘स्पिरिट’ प्रभास और वांगा की आने वाली फिल्म ‘स्पिरिट’ हाल ही में स्टार कास्ट में बदलाव के कारण चर्चा में थी। पहले इस फिल्म में दीपिका पादुकोण लीड रोल निभाने वाली थीं, लेकिन उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका ने काम के लिए 8 घंटे की शिफ्ट और मोटी फीस की मांग रखी थी, जिस पर बात नहीं बन पाई। अब उनकी जगह फिल्म में तृप्ति डिमरी की एंट्री हो चुकी है। 2027 में आएगी फिल्म ‘स्पिरिट’ संदीप रेड्डी वांगा और प्रभास की ‘स्पिरिट’ को लेकर फैंस के बीच काफी हाइप है। यह फिल्म साल 2027 में रिलीज होने की उम्मीद है। फिल्म में प्रभास और तृप्ति डिमरी के अलावा विवेक ओबेरॉय और प्रकाश राज भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। प्रभास फिलहाल अपने पाइपलाइन के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में बिजी हैं, जिसके बाद वे पूरी तरह ‘स्पिरिट’ के काम में जुटेंगे। प्रभास की फिल्म ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड टूटा प्रभास का यह फिल्म देखना इसलिए भी खास है क्योंकि ‘धुरंधर 2’ ने उनकी अपनी फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ का करीब एक दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ‘बाहुबली 2’ का लाइफटाइम इंडिया नेट कलेक्शन लगभग 1,033 करोड़ रुपए था। वहीं, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ अब घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 1,041.27 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर उनसे आगे निकल चुकी है।
धुरंधर 2 देखने पहुंचे प्रभास और संदीप रेड्डी वांगा:थिएटर में मुस्कुराते नजर आए प्रभास; संदीप ने फिल्म की आलोचना करने वालों को दिया जवाब

साउथ एक्टर प्रभास और ‘एनिमल’ फेम डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा फिल्म ‘धुरंधर 2’ देखने सिनेमाघर पहुंचे। फैंस ने प्रभास और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा को एक लोकल थिएटर की प्रीमियम सीटों पर स्पॉट किया। दोनों अपनी अगली फिल्म ‘स्पिरिट’ के काम से छोटा सा ब्रेक लेकर सिनेमाघर पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें प्रभास बड़े पर्दे पर फिल्म देखते हुए मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। संदीप बोले- इंडस्ट्री बिल्ली की तरह चुप बैठी रही संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म ‘धुरंधर 2’ का रिव्यू देते हुए X पर लिखा, “लेखकों और एक्टर्स ने प्रोपेगेंडा के दम पर अपने करियर बनाए और पूरी इंडस्ट्री बिल्ली की तरह चुप बैठी रही। अब वही गुट ‘धुरंधर’ का मजाक उड़ा रहा है। अगर आपकी पहली सोच ही किसी का मजाक उड़ाना है, तो खुद को लिबरल कहना बंद कर दीजिए। समझ नहीं आता कि सच को प्रोपेगेंडा कब से कहा जाने लगा… अजीब समय है। मुद्दे की बात पर आते हैं… मैं आदित्य धर और रणवीर सिंह से कहना चाहता हूं कि ये काली नजर ऐसे नहीं जाएगी। मुट्ठी भर लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा, इसके लिए पूरा खेत जलाना पड़ेगा। कल रात ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ देखी… शानदार फिल्म है।” आदित्य धर ने संदीप को दिया जवाब आदित्य ने संदीप के पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा मेरे प्यारे संदीप मुझे सच में यह बहुत अच्छा लगता है कि तुम अपनी बात पर डटे रहते हो और सही समय पर उसका जवाब भी देते हो। इसमें एक सच्चाई और भरोसा दिखता है, जिसका मैं दिल से सम्मान करता हूं। मैं हमेशा इस बात की तारीफ करता रहा हूं कि तुम बिना किसी शक या शोर-शराबे के अपने सिनेमा के साथ खड़े रहते हो। तुम्हारा यह भरोसा हम सबको अपनी आवाज़ पर विश्वास करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।प्रभास सर को मेरी तरफ से प्यार देना। तुम्हारे लिए ढेर सारा प्यार और फिल्म ‘स्पिरिट’ के लिए शुभकामनाएं। मैं इसे देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं। और अगर कभी मैं किसी तरह मदद कर सकूँ, तो मुझे सच में खुशी होगी। एक बार फिर धन्यवाद। दीपिका की एग्जिट के बाद चर्चा में ‘स्पिरिट’ प्रभास और वांगा की आने वाली फिल्म ‘स्पिरिट’ हाल ही में स्टार कास्ट में बदलाव के कारण चर्चा में थी। पहले इस फिल्म में दीपिका पादुकोण लीड रोल निभाने वाली थीं, लेकिन उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका ने काम के लिए 8 घंटे की शिफ्ट और मोटी फीस की मांग रखी थी, जिस पर बात नहीं बन पाई। अब उनकी जगह फिल्म में तृप्ति डिमरी की एंट्री हो चुकी है। 2027 में आएगी फिल्म ‘स्पिरिट’ संदीप रेड्डी वांगा और प्रभास की ‘स्पिरिट’ को लेकर फैंस के बीच काफी हाइप है। यह फिल्म साल 2027 में रिलीज होने की उम्मीद है। फिल्म में प्रभास और तृप्ति डिमरी के अलावा विवेक ओबेरॉय और प्रकाश राज भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। प्रभास फिलहाल अपने पाइपलाइन के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में बिजी हैं, जिसके बाद वे पूरी तरह ‘स्पिरिट’ के काम में जुटेंगे। प्रभास की फिल्म ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड टूटा प्रभास का यह फिल्म देखना इसलिए भी खास है क्योंकि ‘धुरंधर 2’ ने उनकी अपनी फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ का करीब एक दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ‘बाहुबली 2’ का लाइफटाइम इंडिया नेट कलेक्शन लगभग 1,033 करोड़ रुपए था। वहीं, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ अब घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 1,041.27 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर उनसे आगे निकल चुकी है।
5 साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.5 किलो:SAM रोग से जूझ रहा था; भोपाल एम्स में लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट से मिली नई जिंदगी

भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने कुपोषण की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया। 5 साल का बच्चा, जिसका वजन महज 5.5 किलो था, गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से जूझ रहा था। हालत इतनी खराब थी कि बच्चा खाना तक नहीं खा पा रहा था और शरीर में पानी की भी कमी हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कर 10 दिन तक लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट दिया गया। डॉक्टरों की टीम की निगरानी और विशेष पोषण आहार की मदद से बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे नई जिंदगी मिल सकी। भोपाल एम्स में 58 माह के इस बच्चे को अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, खाना न खाने और पेशाब कम होने की शिकायत के साथ लाया गया था। जांच में सामने आया कि बच्चा गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) का शिकार है। उसका वजन केवल 5.5 किलोग्राम था, जबकि इस उम्र में सामान्य वजन करीब 18 किलोग्राम होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चे को एनीमिया, शरीर में पानी की कमी और विटामिन D की कमी जैसी समस्याएं भी थीं। PICU में शुरू हुआ लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत पीआईसीयू (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने लगातार निगरानी में इलाज शुरू किया। SAM प्रोटोकॉल के तहत उसे विशेष पोषण आहार F-75 और F-100 दिया गया, जिससे धीरे-धीरे उसकी स्थिति स्थिर हुई। इसके बाद ऐसा डाइट प्लान तैयार किया गया, जिसे घर पर भी जारी रखा जा सके। 10 दिन में दिखा असर, बढ़ा वजन करीब 10 दिनों के इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार दिखने लगा। उसका वजन बढ़कर 6.06 किलोग्राम हो गया और वह सामान्य रूप से खाना लेने लगा। डिस्चार्ज के समय डॉक्टरों ने परिजनों को नियमित फॉलो-अप, संतुलित आहार और बच्चे की ग्रोथ पर नजर रखने की सलाह दी। एक महीने में और सुधार इलाज के एक महीने बाद जब बच्चे की दोबारा जांच की गई, तो उसका वजन बढ़कर 7.8 किलोग्राम हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सुधार इस बात का संकेत है कि सही समय पर इलाज और पोषण मिलने से गंभीर कुपोषण को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे के माता-पिता को भी प्रशिक्षित किया। उन्हें बताया गया कि घर पर किस तरह से उच्च कैलोरी और संतुलित आहार तैयार करें और बच्चे को सही तरीके से खिलाएं। इससे बच्चे के लंबे समय तक स्वस्थ रहने की संभावना बढ़ जाती है। कुपोषण को हल्के में न लें विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चे का वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुपोषण केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी असर डालता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अभिभावक नियमित रूप से बच्चों का वजन जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रभसिमरन सिंह बोले- 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम से युवाओं को फायदा:टीम इंडिया में एंट्री के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी

IPL में पंजाब किंग्स (PBKS) के ओपनिंग बैटर प्रभसिमरन सिंह ने ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम का समर्थन किया है। जहां कई सीनियर प्लेयर्स इस नियम को खराब बता चुके हैं, वहीं 25 साल के प्रभसिमरन इसे युवाओं के लिए एक बड़े मौके के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि इस नियम की वजह से अब टीमें 250 से ज्यादा का स्कोर आसानी से बना रही हैं। 4 साल बाहर बैठा, अब मौके ज्यादा प्रभसिमरन ने कहा, “एक युवा खिलाड़ी के तौर पर मैं इसे मौका मानता हूं। मुझे IPL में आए 8 साल हो गए हैं, लेकिन शुरुआती 4 साल मुझे मौके नहीं मिले। मैं बाहर बैठकर सोचता था कि टीम में कैसे जगह बनाऊं। ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ की वजह से अब मौके बढ़ गए हैं। हालांकि कुछ लोग इसे पसंद नहीं करते, क्योंकि इससे जोखिम भरा क्रिकेट बढ़ गया है, लेकिन इससे बैटिंग में गहराई आती है।” श्रेयस अय्यर को बताया ‘बेस्ट कैप्टन’ पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ करते हुए प्रभसिमरन ने कहा कि अय्यर ने उन्हें ‘सीनियर प्लेयर’ जैसा सम्मान दिया है। वे खिलाड़ियों को फ्रीडम देते हैं। अगर आप फ्लॉप भी हों, तो वे पास आकर तनाव दूर करते हैं। कोच और कप्तान की ओर से साफ मैसेज है कि पावरप्ले में अटैकिंग खेलना है। अब 170-180 का जमाना गया, अब नजरें 250+ स्कोर पर रहती हैं। अभिषेक शर्मा से ‘हेल्दी कॉम्पिटिशन’ टीम इंडिया में जगह बनाने को लेकर उन्होंने कहा, “कॉम्पिटशन बहुत ज्यादा है। सिर्फ अच्छा करना काफी नहीं है, आपको कुछ ‘एक्स्ट्रा’ करना होगा। मेरे पंजाब के साथी अभिषेक शर्मा भारतीय टीम में खेल रहे हैं, यह मेरे लिए मोटिवेशन है। जब भी मेरा चयन नहीं होता, मैं समझ जाता हूं कि मेरी मेहनत अभी कम है और मुझे और बेहतर करना है।” विकेटकीपर के तौर पर निभा रहे हैं लीडरशिप प्रभसिमरन ने बताया कि वे खुद को टीम के लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा, “विकेट के पीछे से मैच का सबसे अच्छा व्यू मिलता है। जब कप्तान बाउंड्री पर होता है और शोर ज्यादा होता है, तब मैं फील्डिंग एंगल और गेंदबाजों से बातचीत की जिम्मेदारी संभालता हूं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी करने का अनुभव यहां काम आ रहा है।” 1 शतक लगा चुके हैं प्रभसिमरन प्रभसिमरन ने 2019 में पंजाब के लिए IPL डेब्यू किया था। 2022 तक वे 6 मैच ही खेल सके। 2023 में पूरा सीजन खेला और एक शतक लगाकर 358 रन बना दिए। अगले सीजन 334 और पिछले सीजन 549 रन बनाए। तीनों सीजन स्ट्राइक रेट 150 से ज्यादा का रहा। इस सीजन 3 मैचों में 80 रन बना चुके हैं।
तमिलनाडु चुनाव: जब 30 साल पहले इस निर्वाचन क्षेत्र में 1,033 उम्मीदवारों ने जबरन किताबी शैली में मतदान कराया था | भारत समाचार

आखरी अपडेट:09 अप्रैल, 2026, 18:29 IST अधिकारियों द्वारा उपेक्षित महसूस करते हुए, किसानों ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर, अभूतपूर्व तरीके से अपना विरोध बढ़ाने का फैसला किया जटिलताओं के बावजूद, मतदान प्रतिशत मजबूत रहा, जो लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति मतदाताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। (प्रतीकात्मक छवि) तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में सबसे असाधारण और परेशान करने वाली घटनाओं में से एक 1996 में इरोड जिले के मोदाकुरिची निर्वाचन क्षेत्र में सामने आई, जिसने न केवल पूरे भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया। उथल-पुथल के केंद्र में किसानों के बीच गहरा गुस्सा था, जिनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। अपर्याप्त सिंचाई सुविधाओं, खराब जल आपूर्ति और सार्थक कृषि सहायता योजनाओं की अनुपस्थिति जैसे मुद्दों ने व्यापक निराशा को बढ़ावा दिया है। अधिकारियों द्वारा उपेक्षित महसूस करते हुए, किसानों ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर, अभूतपूर्व तरीके से अपना विरोध बढ़ाने का फैसला किया। इसके बाद जो हुआ वह देश के चुनावी इतिहास में किसी अन्य से अलग क्षण था। एक ही निर्वाचन क्षेत्र से आश्चर्यजनक रूप से 1,033 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिनमें से अधिकांश किसान और आम नागरिक थे। चुनाव एक पारंपरिक राजनीतिक प्रतियोगिता नहीं रह गया और इसके बजाय सामूहिक असंतोष की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति बन गया। भागीदारी के व्यापक पैमाने ने चुनाव आयोग के लिए महत्वपूर्ण तार्किक चुनौतियाँ खड़ी कर दीं। मानक मतपत्र अपर्याप्त साबित हुए, जिससे सभी उम्मीदवारों के नाम और प्रतीकों को सूचीबद्ध करने वाली बुकलेट शैली के मतपत्रों की शुरुआत हुई। मतदान एक समय लेने वाली प्रक्रिया बन गई, क्योंकि मतदाता असामान्य रूप से लंबी सूची के माध्यम से आगे बढ़े। स्थिति ने चुनाव के पुनर्निर्धारण को भी मजबूर कर दिया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्र प्रबंधन और मतदान प्रक्रियाओं को बड़े पैमाने पर फिर से काम करना पड़ा। यह अभ्यास चुनाव निकाय के लिए एक प्रमुख प्रशासनिक परीक्षा के रूप में उभरा। जटिलताओं के बावजूद, मतदान प्रतिशत मजबूत रहा, जो लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति मतदाताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अंत में, DMK उम्मीदवार सुब्बुलक्ष्मी जगदीसन विजयी हुईं और विधान सभा के लिए चुनी गईं। चुनाव के बाद स्थायी परिवर्तन आये। गैर-गंभीर प्रतियोगियों को हतोत्साहित करने और इस तरह के भारी मतदान की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उम्मीदवारों के लिए सुरक्षा जमा राशि बढ़ाने जैसे उपाय पेश किए गए थे। दशकों बाद, मोदाकुरिची चुनाव को इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण के रूप में उद्धृत किया जाता है कि कैसे सामूहिक सार्वजनिक कार्रवाई राजनीतिक प्रक्रिया को बाधित और नया आकार दे सकती है। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 09 अप्रैल, 2026, 18:29 IST न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु चुनाव: जब 30 साल पहले इस निर्वाचन क्षेत्र में 1,033 उम्मीदवारों ने जबरन किताबी शैली में मतदान कराया था अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मोदाकुरिची चुनाव 1996(टी)तमिलनाडु राजनीतिक इतिहास(टी)उम्मीदवारों की रिकॉर्ड संख्या(टी)किसानों का विरोध भारत(टी)इरोड जिला निर्वाचन क्षेत्र(टी)भारतीय चुनाव रसद(टी)डीएमके सुब्बुलक्ष्मी जगदीसन(टी)सुरक्षा जमा उम्मीदवार







