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तमिलनाडु चुनाव: जब 30 साल पहले इस निर्वाचन क्षेत्र में 1,033 उम्मीदवारों ने जबरन किताबी शैली में मतदान कराया था | भारत समाचार

IPL 2026, Kolkata Knight Riders vs Lucknow Super Giants: Eden Gardens pitch & Kolkata weather prediction (PTI)

आखरी अपडेट:09 अप्रैल, 2026, 18:29 IST अधिकारियों द्वारा उपेक्षित महसूस करते हुए, किसानों ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर, अभूतपूर्व तरीके से अपना विरोध बढ़ाने का फैसला किया जटिलताओं के बावजूद, मतदान प्रतिशत मजबूत रहा, जो लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति मतदाताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। (प्रतीकात्मक छवि) तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में सबसे असाधारण और परेशान करने वाली घटनाओं में से एक 1996 में इरोड जिले के मोदाकुरिची निर्वाचन क्षेत्र में सामने आई, जिसने न केवल पूरे भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया। उथल-पुथल के केंद्र में किसानों के बीच गहरा गुस्सा था, जिनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। अपर्याप्त सिंचाई सुविधाओं, खराब जल आपूर्ति और सार्थक कृषि सहायता योजनाओं की अनुपस्थिति जैसे मुद्दों ने व्यापक निराशा को बढ़ावा दिया है। अधिकारियों द्वारा उपेक्षित महसूस करते हुए, किसानों ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर, अभूतपूर्व तरीके से अपना विरोध बढ़ाने का फैसला किया। इसके बाद जो हुआ वह देश के चुनावी इतिहास में किसी अन्य से अलग क्षण था। एक ही निर्वाचन क्षेत्र से आश्चर्यजनक रूप से 1,033 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिनमें से अधिकांश किसान और आम नागरिक थे। चुनाव एक पारंपरिक राजनीतिक प्रतियोगिता नहीं रह गया और इसके बजाय सामूहिक असंतोष की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति बन गया। भागीदारी के व्यापक पैमाने ने चुनाव आयोग के लिए महत्वपूर्ण तार्किक चुनौतियाँ खड़ी कर दीं। मानक मतपत्र अपर्याप्त साबित हुए, जिससे सभी उम्मीदवारों के नाम और प्रतीकों को सूचीबद्ध करने वाली बुकलेट शैली के मतपत्रों की शुरुआत हुई। मतदान एक समय लेने वाली प्रक्रिया बन गई, क्योंकि मतदाता असामान्य रूप से लंबी सूची के माध्यम से आगे बढ़े। स्थिति ने चुनाव के पुनर्निर्धारण को भी मजबूर कर दिया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्र प्रबंधन और मतदान प्रक्रियाओं को बड़े पैमाने पर फिर से काम करना पड़ा। यह अभ्यास चुनाव निकाय के लिए एक प्रमुख प्रशासनिक परीक्षा के रूप में उभरा। जटिलताओं के बावजूद, मतदान प्रतिशत मजबूत रहा, जो लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति मतदाताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अंत में, DMK उम्मीदवार सुब्बुलक्ष्मी जगदीसन विजयी हुईं और विधान सभा के लिए चुनी गईं। चुनाव के बाद स्थायी परिवर्तन आये। गैर-गंभीर प्रतियोगियों को हतोत्साहित करने और इस तरह के भारी मतदान की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उम्मीदवारों के लिए सुरक्षा जमा राशि बढ़ाने जैसे उपाय पेश किए गए थे। दशकों बाद, मोदाकुरिची चुनाव को इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण के रूप में उद्धृत किया जाता है कि कैसे सामूहिक सार्वजनिक कार्रवाई राजनीतिक प्रक्रिया को बाधित और नया आकार दे सकती है। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 09 अप्रैल, 2026, 18:29 IST न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु चुनाव: जब 30 साल पहले इस निर्वाचन क्षेत्र में 1,033 उम्मीदवारों ने जबरन किताबी शैली में मतदान कराया था अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मोदाकुरिची चुनाव 1996(टी)तमिलनाडु राजनीतिक इतिहास(टी)उम्मीदवारों की रिकॉर्ड संख्या(टी)किसानों का विरोध भारत(टी)इरोड जिला निर्वाचन क्षेत्र(टी)भारतीय चुनाव रसद(टी)डीएमके सुब्बुलक्ष्मी जगदीसन(टी)सुरक्षा जमा उम्मीदवार

शिवपुरी में किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का धरना प्रदर्शन:गेहूं खरीदी में देरी पर एसडीएम को ज्ञापा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

शिवपुरी में किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का धरना प्रदर्शन:गेहूं खरीदी में देरी पर एसडीएम को ज्ञापा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदेशव्यापी किसान आंदोलन के तहत गुरुवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी में कांग्रेस ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में दोपहर 1 बजे माधव चौक चौराहे पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में जिले भर से कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान कांग्रेस, युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए उन पर तीखा हमला किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गेहूं उपार्जन की तिथियों को बार-बार आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों के कारण किसान अपनी उपज 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं, जबकि अन्य राज्यों में खरीदी समय पर शुरू हो चुकी है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम एसडीएम आनंद राजावत को ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगें, जिसके लिए ज्ञापन दिया दोपहर लगभग 3 बजे एसडीएम आनंद राजावत धरना स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम टॉप पर:4 गोल्ड, 2 सिल्वर समेत 10 मेडल जीते; जरीन-लवलीना के नाम ब्रॉन्ज

एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम टॉप पर:4 गोल्ड, 2 सिल्वर समेत 10 मेडल जीते; जरीन-लवलीना के नाम ब्रॉन्ज

मंगोलिया में हुए एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला टीम ने टॉप किया। टीम ने 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज समेत कुल 10 मेडल जीते। टीम की हर खिलाड़ी मेडल जीतकर लौटी। कोच सैंटियागो निवा की अगुआई में मीनाक्षी (48kg), प्रीति (54kg), प्रिया (60kg) और अरुंधति (70kg) ने गोल्ड जीते। मीनाक्षी ने पहले गोल्ड दिलाया मीनाक्षी ने मंगोलिया की नोमुंदारी एन्ख-अमगालन को 5-0 से हराकर पहला गोल्ड दिलाया। इसके बाद प्रीति ने चीनी ताइपे की तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन हुआंग शियाओ-वेन को 5-0 से हराया। प्रीति ने टोक्यो ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हुआंग के खिलाफ दबदबा बनाए रखा। वहीं, प्रिया घनघास ने नॉर्थ कोरिया की वोन उन-ग्योंग को 3-0 से हराकर गोल्ड जीता। अरुंधति चौधरी ने कजाकिस्तान की बाकित सेइदीश को 4-1 से हराकर भारत के लिए चौथा गोल्ड जीता। चारों भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल जीतकर टॉप पोडियम हासिल किया। 57 KG के फाइनल में जैसमीन 57kg फाइनल में भारत को झटका लगा। जैसमीन लांबोरिया को थाईलैंड की पुनरावी रूएनरोस ने 5-0 से हराया। अल्फिया पठान (80+kg) ने सिल्वर मेडल जीता, लेकिन फाइनल में कजाकिस्तान की दीना इस्लामबेकोवा से 0-5 से हार गईं। वह जैसमीन के साथ दूसरी भारतीय रहीं जिन्हें सिल्वर मिला। जरीन-लवलीना के नाम ब्रॉन्ज इससे पहले हफ्ते में निकहत जरीन (54kg), अंकुशिता बोरों (65kg), लवलीना बोरगोहेन (75kg) और पूजा रानी (80kg) ने सेमीफाइनल में हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। कुछ वेट कैटेगरी में कम खिलाड़ियों की वजह से लवलीना, पूजा और अल्फिया को केवल भाग लेने पर ही मेडल मिल गया। पुरुष वर्ग में विश्वनाथ सुरेश (48kg) और सचिन सिवाच (60kg) शुक्रवार को अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे। ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत गुजरात टाइटंस ने बुधवार को IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। डेविड मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पूरी खबर…

2026 की दुनियाभर की टॉप-10 फिल्मों में शामिल हुई धुरंधर-2:क्रिस हेम्सवर्थ और जेंडया की फिल्मों को पीछे छोड़ा, ₹1656 करोड़ हुआ वर्ल्डवाइड कलेक्शन

2026 की दुनियाभर की टॉप-10 फिल्मों में शामिल हुई धुरंधर-2:क्रिस हेम्सवर्थ और जेंडया की फिल्मों को पीछे छोड़ा, ₹1656 करोड़ हुआ वर्ल्डवाइड कलेक्शन

आदित्य धर की स्पाई ड्रामा फिल्म धुरंधर: द रिवेंज इस साल दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गई है। बॉक्स ऑफिस मोजो की लिस्ट के अनुसार रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने क्रिस हेम्सवर्थ और जेंडया जैसे हॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स की फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इस लिस्ट में ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’, ‘द सुपर मारियो गैलेक्सी मूवी’ और ‘वुदरिंग हाइट्स’ जैसी बड़ी फिल्में शामिल हैं। फिल्म ने चीनी एनिमेटेड मूवी ‘बूनी बीयर्स: द हिडन प्रोटेक्टर’ (139 मिलियन डॉलर) को पीछे छोड़कर इस एलीट लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। सिनेमाघरों में अपने तीसरे हफ्ते के अंत तक ‘धुरंधर 2’ ने भारत में 1000 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन (1246 करोड़ ग्रॉस) कर लिया है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 1656 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म धुरंधर 2 भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म है। इसके अलावा गल्फ देशों में रिलीज न होने के बावजूद, फिल्म ने नॉर्थ अमेरिका में 26 मिलियन डॉलर और अन्य क्षेत्रों में 15 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की है। हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों को दी मात रणवीर सिंह की इस फिल्म ने कमाई के मामले में कई हॉलीवुड एक्टर्स की फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। क्रिस हेम्सवर्थ की फिल्म ‘क्राइम 101’ ने फरवरी में रिलीज होने के बाद 72 मिलियन डॉलर कमाए थे, जो ‘धुरंधर 2’ के मुकाबले काफी कम है। इसी तरह फिल्म ने राचेल मैकएडम्स की ‘सेंड हेल्प’ (94 मिलियन डॉलर) और रिज अहमद की ‘हैमलेट’ (78 मिलियन डॉलर) को भी मात दी है। जेंडया और रॉबर्ट पैटिनसन की फिल्म ‘द ड्रामा’ ने अब तक सिर्फ 26 मिलियन डॉलर कमाए हैं, जबकि ‘धुरंधर 2’ ने अपने ओपनिंग वीकेंड में ही 80 मिलियन डॉलर बटोर लिए थे। पार्ट 1 के लाइफटाइम रिकॉर्ड को 10 दिन में तोड़ा इस फिल्म की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट के ओवरसीज लाइफटाइम कलेक्शन को महज 10 दिनों में ही पीछे छोड़ दिया था। यह सबसे तेजी से 1000 करोड़ रुपए (वर्ल्डवाइड) कमाने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म ने भारत में 100 करोड़ से लेकर 1000 करोड़ तक के सभी माइलस्टोन सबसे कम समय में हासिल किए हैं। साथ ही, यह अब तक की सबसे बड़ी हिंदी ओपनर और सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड देने वाली फिल्म भी बन चुकी है।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मोदी के मास्टरस्ट्रोक से पहले पार्टी संकल्प पत्र की घोषणा, बंगाल में 6 सीटों का ऐलान

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मोदी के मास्टरस्ट्रोक से पहले पार्टी संकल्प पत्र की घोषणा, बंगाल में 6 सीटों का ऐलान

भाजपा शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए संकल्प पत्र की घोषणा कर रही है। संकल्प पत्र की घोषणा सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता के लिए छह महत्वपूर्ण गारंटी की घोषणा की। पिछले कई चुनावों की बात करें तो बीजेपी ने मोदी की साख पर एक बड़ा सवाल उठाया है। बीजेपी का दावा है कि मोदी की जनता पर पूरी तरह से विश्वास है और उनका फायदा चुनाव में है। मोदी ने इन गारंटियों के साथ आकांक्षा संकल्प दिया प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन में मजबूती लाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सशक्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री द्वारा दी गई गारंटी में कहा गया है कि राज्य में भाजपा सरकार डर गई और सुरक्षा का माहौल खत्म हो गया और कानून के शासन में लोगों का विश्वास बहाल हो गया। साथ ही लोकतांत्रिक तंत्र को पूरी तरह से जनता के प्रति उत्तर बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर समर्थक, भ्रष्टाचारी के मामले, महिलाओं के खिलाफ अपराध और बलात्कार के मामलों की सामूहिकता खुलेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीएम मोदी ने टीएमसी के शासन में शामिल किए गए को लेकर सारसाहित्य तैयार किया बैसाखी में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को शामिल करने के लिए वह मंत्री हो या किसी अन्य को भी शामिल नहीं किया जाएगा और सभी को कानून के सिद्धांतों में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, मठ को संविधान प्रदत्त के खिलाफ सभी अधिकारों और मांगों का वादा किया गया है, जबकि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा, जिससे राज्य के सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. यह गारंटी देता है कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास को लेकर भाजपा की एकजुटता को खत्म किया जाए। यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के गढ़ में ओवैसी की एंट्री, यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी का सवाल? (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)नरेंद्र मोदी(टी)बीजेपी का घोषणापत्र शुक्रवार को जारी(टी)नरेंद्र मोदी 6 गारंटी(टी)चुनाव समाचार(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)समाचार हिंदी(टी)पश्चिम बंगाल में नरेंद्र मोदी का भाषण(टी)पश्चिम बंगाल मोदी का भाषण(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)ट्रेंडिंग समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)नरेंद्र मोदी(टी)शुक्रवार को बीजेपी का घोषणापत्र जारी(टी)नरेंद्र मोदी की 6 गारंटी(टी)चुनाव समाचार(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)हिंदी समाचार

TCS को चौथी तिमाही में ₹13,718 करोड़ का मुनाफा:सालाना आधार पर प्रॉफिट 12% बढ़ा, टोटल इनकम 9% बढ़कर ₹71,455 करोड़ पर पहुंची

TCS को चौथी तिमाही में ₹13,718 करोड़ का मुनाफा:सालाना आधार पर प्रॉफिट 12% बढ़ा, टोटल इनकम 9% बढ़कर ₹71,455 करोड़ पर पहुंची

देश की सबसे बड़ी आईटी (IT) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने गुरुवार को अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12% बढ़कर 13,718 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा 12,247 करोड़ रुपए था। रेवेन्यू में 10% की बढ़त, 70 हजार करोड़ के पार मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू में भी बढ़त देखी गई है। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 10% बढ़कर 70,698 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी की इस मजबूत ग्रोथ के पीछे 12 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) की तीन मेगा डील्स रही। FY26 की चौथी तिमाही में TCS को ₹13,718 करोड़ का मुनाफा सालाना आधार पर तिमाही आधार पर नोट: आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। 31 रुपए प्रति शेयर लाभांश देगी TCS कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 31 रुपए का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को भी देती हैं, इसे ही लाभांश कहा जाता है। CEO बोले- हर सेक्टर में दिखा मजबूत प्रदर्शन TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हमारी ‘फाइव पिलर स्ट्रेटेजी’ और AI पर फोकस काम कर रहा है। राहत की बात यह है कि यह ग्रोथ किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के बड़े बाजारों और लगभग सभी इंडस्ट्रीज में देखने को मिली है। 1 साल में 20% गिरा TCS का शेयर TCS का शेयर आज यानी 9 अप्रैल को 1.20% यानी 30.80 रुपए चढ़कर 2,590 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक महीने में कंपनी का शेयर 2.48% चढ़ा है। एक साल में करीब 20% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 11.71 लाख करोड़ रुपए है। 1968 में हुई थी TCS की स्थापना टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनी है। यह टाटा ग्रुप की एक सहायक कंपनी है। TCS की स्थापना 1968 में ‘टाटा कंप्यूटर सिस्टम्स’ के रूप में हुई थी। 25 अगस्त 2004 को TCS पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी। 2005 में इन्फॉरमेटिक्स मार्केट में जाने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी। अप्रैल 2018 में 100 अरब डॉलर मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की पहली IT कंपनी बनी। यह 46 देशों में 149 लोकेशन पर काम करती है।

मंडला में सड़क के बीच से हटेगा बिजली पोल:नेहरू स्मारक-बिंझिया रोड निर्माण में लापरवाही के बाद बिजली विभाग ने की कार्रवाई

मंडला में सड़क के बीच से हटेगा बिजली पोल:नेहरू स्मारक-बिंझिया रोड निर्माण में लापरवाही के बाद बिजली विभाग ने की कार्रवाई

मंडला में नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक निर्माणाधीन सड़क के बीच में खड़े बिजली के पोल शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। 94 लाख रुपए की लागत वाली इस सड़क के डामरीकरण में बाधा बन रहे खंभों को हटाए बिना ही काम किए जाने पर विभाग ने संज्ञान लिया है। डामरीकरण से पहले पोल नहीं हटाया नगर की 800 मीटर लंबी इस सड़क का निर्माण बिना बिजली के पोल और पेड़ों को हटाए शुरू कर दिया गया था। सड़क के बीचों-बीच खड़े इन खंभों के कारण भविष्य में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी, जिसे देखते हुए अब पोल हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। स्थानीय निवासी आनंद प्रकाश तिवारी सहित अन्य नागरिकों ने पोल शिफ्टिंग कार्य शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान की गई इस अनदेखी से आमजन की सुरक्षा खतरे में थी, जो अब पोल हटने से सुधरेगी। बिजली कंपनी ने संभाला मोर्चा लापरवाही उजागर होने के बाद बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी कार्य शुरू किया। हालांकि, इस संबंध में बिजली विभाग के एसई अयूब खान से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल बिना बाधाओं को हटाए सड़क निर्माण कार्य शुरू किए जाने से लोगों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब शेष डामरीकरण का कार्य खंभे हटने के बाद निर्धारित मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।

सतीश शाह का पिंडदान 'साराभाई' की कास्ट ने किया था:राजेश कुमार ने बताया- निःसंतान होने पर गया में पूरी टीम ने निभाई परंपरा

सतीश शाह का पिंडदान 'साराभाई' की कास्ट ने किया था:राजेश कुमार ने बताया- निःसंतान होने पर गया में पूरी टीम ने निभाई परंपरा

एक्टर राजेश कुमार ने हाल ही में बताया कि दिवंगत एक्टर सतीश शाह के लिए टीवी शो साराभाई वर्सेज साराभाई की पूरी कास्ट ने गया में पिंडदान किया था क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी। राजेश कुमार ने बॉलीवुड बबल से बात करते हुए सतीश शाह को बहुत जिंदादिल और पॉजिटिव इंसान बताया। उन्होंने कहा कि सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम के बावजूद, उन्होंने कभी भी अपने दर्द को अपने व्यवहार या काम पर असर नहीं पड़ने दिया। राजेश के मुताबिक, सतीश शाह डायलिसिस पर थे और उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी निराशा नहीं दिखाई। वे शम्मी कपूर से काफी प्रेरित थे, जिन्होंने जीवन के आखिरी समय में भी हिम्मत नहीं हारी। सतीश शाह आखिरी दिनों तक खुशमिजाज थे राजेश ने कहा कि सतीश शाह अपने निधन से कुछ दिन पहले भी नॉर्मल और खुशमिजाज मूड में थे। एक्टर ने कहा, “मैंने उनसे चार दिन पहले बात की थी और वह तब भी खुशमिजाज और एनर्जी से भरे हुए थे।” पिंडदान को लेकर राजेश कुमार ने कहा कि वे गया से हैं, जहां यह परंपरा निभाई जाती है। सतीश शाह के निःसंतान होने के कारण शो की पूरी टीम ने मिलकर उनका पिंडदान किया। यह एक इमोशनल फैसला था। सतीश शाह का अक्टूबर 2025 में निधन हुआ था सतीश शाह का निधन 25 अक्टूबर 2025 को 74 साल की उम्र में मुंबई में हुआ। शाह के निधन को लेकर शुरुआत में किडनी फेलियर की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में राजेश कुमार ने साफ किया था कि उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। सतीश शाह फिल्म और टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना नाम थे। उन्होंने साराभाई वर्सेज साराभाई और जाने भी दो यारो जैसे प्रोजेक्ट्स से पहचान बनाई। इसके अलावा वे फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, मैं हूं ना, रा.वन और इश्क विश्क में भी नजर आए थे।

108 देशों में एक साथ गूंजा नवकार महामंत्र:जवाहर चौक जैन मंदिर में सामूहिक पाठ; विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना

108 देशों में एक साथ गूंजा नवकार महामंत्र:जवाहर चौक जैन मंदिर में सामूहिक पाठ; विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना

विश्व शांति, मानव कल्याण और सभी के मंगलमय जीवन की कामना के साथ राजधानी में नवकार महामंत्र की स्वर लहरियां गूंज उठीं। इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन जीतो के तत्वावधान में भारत सहित दुनिया के 108 देशों में एक साथ नवकार महामंत्र का पाठ किया गया। भोपाल में यह आयोजन जवाहर चौक स्थित जैन मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आचार्य विद्यासागर महाराज एवं आचार्य समय सागर महाराज के शिष्य निर्यापक मुनि संभव सागर महाराज के सानिध्य में सामूहिक पाठ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मंत्र जाप किया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। दिल्ली में अमित शाह रहे मुख्य अतिथि राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांतों में क्षमा और नवकार मंत्र विश्व शांति के लिए एक सशक्त आधार हैं। यह अनुष्ठान सार्वभौमिक संदेश देता है। भोपाल में घर-घर हुआ पाठ जीतो के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत जैन और सचिव वैभव चौधरी ने बताया कि इस आयोजन के तहत भोपाल में भी घर-घर नवकार महामंत्र का पाठ किया गया। इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश गया। मुनि संभव सागर महाराज ने कहा कि नवकार महामंत्र शाश्वत और अनंत गुणों का धारक है। इसमें पंच परमेष्ठियों का स्मरण कर आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। जनप्रतिनिधि और समाजजन रहे मौजूद कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति आयुक्त जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसमें डॉ. प्रशांत जैन, वैभव चौधरी, सुनील जैन, मनोज पारेख, प्रतिभा टोंग्या, पूजा जैन, प्रखर चौधरी, आयुष मोदी और अन्य सदस्य शामिल हुए। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि जीतो संस्था देश-विदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। यह आयोजन भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और मानवता का कल्याण है।

पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- ‘1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील’

पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- '1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील'

पश्चिम बंगाल की सूची में हलचल मच गई है। युवा कांग्रेस (टीएमसी) ने हुमायूँ कबीर से एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो जारी किया है। पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में कबीर और बीजेपी के बड़े नेताओं के बीच करोड़ों रुपये की डील की बातचीत सामने आई है। टीएमसी ने इस मामले की पूरी जांच की मांग भी की है. स्टिंग वीडियो में क्या दावा?टीएमसी के मुताबिक, हुमायूं कबीर के जारी किए गए वीडियो में कथित तौर पर 1000 करोड़ रुपये की डील की बात कही जा रही है, जिसमें 300 करोड़ रुपये की अग्रिम प्रस्तुति का भी जिक्र किया गया है। किन नेताओं ने लिया नाम?पार्टी का आरोप है कि इस कथित घोटालेबाज में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं. इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और भी शामिल हैं। टीएमसी की प्रेस कॉन्फ्रेंसइस मामले को लेकर टीएमसी नेता फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और प्रशांत घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे ‘बड़ा खुलासा’ किया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो बेहद गंभीर है और इससे बड़ी राजनीतिक गठजोड़ की साजिश का संकेत है। ईडी जांच की मांगटीएमसी ने इस मामले में पूरे की जांच निदेशालय निदेशालय (ईडी) से की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बड़े पैमाने पर वित्तीय वित्तीय लेन-देन के सहयोगियों की जांच जरूरी है। उद्योगपति के वकील का हुमायूं कबीर ने दिया जवाब. उन्होंने कहा, ‘वो स्टिंग ऑपरेशन एआई से बनाया गया है। ये सब कुछ टीएमसी के संस्थापक पर हुआ है।’ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘हुमायूँ कबीर कबीले के लिए काम कर रहे हैं? उनके पास इतने पैसे कहां से आए कि वे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं? लोगों को अनाउंस कौन कर रहा है, लोग इस पर जरूर विचार करेंगे।’ चुनाव से पहले आर्टिकल घमासानटीएमसी ने इसे पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी साजिश बताया है और दावा किया है कि यह एक बड़ा राजनीतिक खेल है। इस खुलासे के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और आरोप-प्रत्यारोप तेजी से हो गए हैं.