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काला या लाला… गर्म‍ियों में किस मटके का पानी होता है ज्यादा ठंडा? जानिए आपके सवाल का जवाब

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X काला या लाला… गर्म‍ियों में किस मटके का पानी होता है ज्यादा ठंडा? जानिए   लाल मटका Vs काला मटका: भीषण गर्मी के बीच देसी मटकों की मांग तेजी से बढ़ गई है. ऐसे में लोग बाजार में काले और लाल मटकों को लेकर लोग कंफ्यूज हैं. सीधी के कुम्हार रोमी प्रजापति ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही मटकों की डिमांड अचानक बढ़ जाती है. लोग खासतौर पर काले रंग के मटकों को ज्यादा पसंद करते हैं. ये मटके पूरी तरह हाथों से तैयार किए जाते हैं और इन्हें बनाने में सोन नदी की मिट्टी और पीली मिट्टी का उपयोग होता है. पारंपरिक चाक पर इन्हें आकार देने के बाद भट्टी में पकाया जाता है. इस प्रक्रिया के कारण मटके में हल्की झरझराहट रहती है, जिससे पानी धीरे-धीरे बाहर की ओर नमी छोड़ता है और प्राकृतिक रूप से ठंडा बना रहता है. वहीं इसके विपरीत लाल रंग के मटके ज्यादातर मशीनों से बनाए जाते हैं. इनमें काले मटकों जैसी झरझराहट कम होती है, इसलिए ये पानी को उतना ठंडा नहीं रख पाते. हालांकि आजकल कुछ लाल मटकों में भी झरने की क्षमता विकसित की जा रही है लेकिन वे काले मटकों जितने प्रभावी नहीं माने जाते.

विवाहिता ने एसिड पिया, दस दिन बाद मौत:पारिवारिक विवाद के बाद बैतूल, भोपाल, नागपुर में चला इलाज

विवाहिता ने एसिड पिया, दस दिन बाद मौत:पारिवारिक विवाद के बाद बैतूल, भोपाल, नागपुर में चला इलाज

बैतूल के टिकारी इलाके में एक विवाहिता की एसिड पीने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। अंजली (30) ने 29 मार्च को घर में किसी बात से नाराज होकर एसिड पी लिया था। उसे बैतूल, भोपाल और नागपुर के अस्पतालों में करीब दस दिनों तक उपचार दिया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद अंजली की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे भोपाल रेफर किया गया। भोपाल में भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजन उसे नागपुर ले गए। नागपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंजली की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, अंजली की शादी लगभग दो साल पहले टिकारी निवासी रमाकांत सोलंकी (56) से हुई थी, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। यह दोनों की दूसरी शादी थी। रमाकांत की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है। अंजली का भी पहले पति से तलाक हो चुका था और उसका एक बेटा है। इस मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। चूंकि यह नवविवाहिता से जुड़ा मामला है, इसलिए तहसीलदार द्वारा भी बयान दर्ज कर जांच की गई है। अस्पताल पुलिस चौकी ने मर्ग डायरी तैयार कर कोतवाली पुलिस को भेज दी है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

केरल चुनाव 2026: त्रिशूर में वोट डालने के लिए लगी लाइन, 62 साल से चल रही वोटिंग, हुई मौत

केरल चुनाव 2026: त्रिशूर में वोट डालने के लिए लगी लाइन, 62 साल से चल रही वोटिंग, हुई मौत

केरल में 140 विधानसभा पर मतदान जारी है। इस बीच केरल के त्रिशूर जिले के वानियामपारा से मतदान के दिन एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक 62 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के वोट के तुरंत बाद गिरा दिया गया और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान विनोद के रूप में हुई है, जो वानियामपारा के पास रामनचिरा के रहने वाले थे। वे गुरुवार की सुबह वानियामपारा स्थित ईकेईएम यूपी स्कूल के लिए अपना वोट वोट डालने गए। जानकारी के अनुसार, विनोदन करीब एक घंटे से अधिक समय तक कतार में रहे। इसके बाद उन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी का प्रयोग किया। लेकिन वोटिंग सेंटर से बाहर सुपरमार्केट का समय सुबह करीब 10 बजे 45 मिनट पर वे अचानक से आकाशवाणी गिर पड़े। मस्जिद पर मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश की और उन्हें कुर्सी पर बिठा दिया, लेकिन उनका नतीजा लगातार खराब हुआ। कुछ ही देर में एंटरप्राइज़ मशीनरी पर ऑपरेशंस और उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। विद्वानों ने मृत घोषित कर दिया अस्पताल के वकीलों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और घटना की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि मृतकों के सही तथ्यों का पता लगाया जा सके। यह घटना मतदान के सामने दिन आई उन पर्वत को भी छोड़ देती है, जहां लंबी दूरी और शारीरिक परेशानी के लिए कुछ लोगों को जोखिम बन सकता है। केरल में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प है केरल विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. राज्य में कुल 883 अभ्यर्थी मैदान में हैं, यानी हर सीट पर औसत छह से सात अभ्यर्थी अपनी-अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इससे साफ है कि चुनाव में मुकाबला काफी बढ़ गया है। हालाँकि कई प्रारंभिक स्थिति और भी जटिल हो गई है, क्योंकि बागी और प्रतियोगी प्रतियोगी भी बड़ी संख्या में चुनावी लड़ाई में हैं। वास्तविक कारणों से कई इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बहुकोणीय हो गई है, जहां नतीजों का आकलन करना आसान नहीं है। कंपनी की बात करें तो राज्य में करीब 27 लाख वोटर्स हैं, जो 30,000 से ज्यादा वोटिंग पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इतने बड़े स्तर पर व्यापक तैयारी की है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह से संभव हो सके। ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: केरल में कांग्रेस ने किया जीत का दावा, सीएम कौन होगा इस पर दिया बड़ा बयान (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव समाचार(टी)त्रिशूर घटना(टी)वोट डालने के बाद मौत(टी)विनोदन की मौत केरल(टी)चुनाव समाचार हिंदी(टी)मतदान के दिन की घटना(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव समाचार

गर्मियों में चाय पीने का सेहत पर क्या होता है असर? जानिये इसके फायदे और नुकसान

नरवाई से नोटों की बरसात! एक घंटे में साफ खेत, भूसे से तगड़ी कमाई

गर्मियों में चाय पीना भारतीय आदतों में शामिल है. चाहे तेज़ धूप हो या लू चल रही हो, बहुत से लोग बिना चाय के दिन की शुरुआत अधूरी ही मानते हैं. बेसक पसीना निकल रहा हो, लेकिन चाय पीना कई लोगों के लिये बहुत ही जरूरी होता है. लेकिन असली सवाल यह है कि गर्मियों में चाय पीना फायदेमंद है या नुकसानदायक? आइए इसके फायदे और नुकसान दोनों को विस्तार से समझते हैं. गर्मियों में चाय पीने के फायदे 1. थकान और सुस्ती दूर करती हैचाय में मौजूद कैफीन दिमाग को अलर्ट करता है. गर्मियों में अक्सर सुस्ती और थकान महसूस होती है, ऐसे में एक कप चाय ताजगी और ऊर्जा देने में बहुत मदद करती है. 2. पाचन को बेहतर बनाती हैहल्की मात्रा में चाय पीने से पाचन क्रिया बेहतर हो सकती है. जिन लोगों को भारी भोजन के बाद गैस या अपच की समस्या होती है, उनके लिए चाय राहत दे सकती है. 3. तनाव और सिरदर्द में राहतगर्मी के मौसम में चिड़चिड़ापन और सिरदर्द आम समस्या है. चाय पीने से दिमाग को सुकून मिलता है और मूड बेहतर होता है. 4. गर्म पेय शरीर को ठंडा महसूस करवा सकता हैयह सुनने में अजीब लगे, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सीमित मात्रा में गर्म चाय पीने से शरीर पसीना छोड़ता है, जिससे नेचुरल कूलिंग होती है. गर्मियों में चाय पीने के नुकसान 1. डिहाइड्रेशन का खतराचाय की तासीर मूत्रवर्धक (diuretic) होती है. ज्यादा चाय पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो गर्मियों में खतरनाक साबित हो सकती है. 2. एसिडिटी और गैस की समस्याखाली पेट या अधिक मात्रा में चाय लेने से पेट में जलन, साथ ही एसिडिटी और गैस की शिकायत बढ़ जाती है. 3. लू लगने का जोखिमतेज धूप में बाहर निकलने से पहले या बहुत गर्म समय पर चाय पीने से शरीर का तापमान अचानक से और भी बढ़ सकता है, जिससे लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. 4. नींद और बेचैनी की परेशानीगर्मियों के मौसम में रात की नींद पहले से ही प्रभावित होती है. शाम या रात में चाय पीने से अनिद्रा, बेचैनी और दिल की धड़कन और भी तेज़ होने की समस्या हो सकती है. कितना और कैसे पिएं चाय? दिन में 1–2 कप से ज्यादा न पिएंखाली पेट चाय पीने से सावधान रहेंआपके लिये दूध वाली चाय की जगह ग्रीन टी या हर्बल टी एक बेहतर विकल्प हो सकती हैचाय के साथ-साथ पानी और मौसमी फल ज़रूर लेते रहें गर्मियों में चाय पूरी तरह नुकसानदायक भी नहीं होती है, लेकिन अधिक मात्रा में चाय पीना सेहत के लिए ज्यादा सही भी नहीं हैं. संतुलित मात्रा और सही समय पर ली गई चाय फायदे दे सकती है, जबकि लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए गर्मी के मौसम में चाय का आनंद समझदारी से लें.

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

एआई दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक ने बुधवार को दुनिया का सबसे ताकतवर मॉडल ‘क्लॉड मिथोस’ पेश किया, लेकिन इसे आम यूजर के लिए लॉन्च नहीं किया गया। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल खुद जिम्मेदारी से काम करता है, लेकिन इसकी ताकत गलत हाथों में बेहद खतरनाक हो सकती है। बैंक, अस्पताल, बिजली ग्रिड और सरकारी सिस्टम सब इसके निशाने पर आ सकते हैं। एंथ्रोपिक ने इसे फिलहाल प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत अमेजन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी 12 बड़ी कंपनियों और 40 से अधिक संस्थाओं को दिया है, ताकि वे पहले अपने सिस्टम की सुरक्षा दुरुस्त कर सकें। प्रोजेक्ट ग्लासविंग नाम एक पारदर्शी पंखों वाली तितली से लिया गया है। यह खुले में होने पर भी नजर नहीं आती। ठीक वैसे ही जैसे सॉफ्टवेयर की खामियां छुपी रहती हैं। एंथ्रोपिक ने 850 करोड़ रु. के क्रेडिट व ओपन सोर्स संस्थाओं को 34 करोड़ रु. की मदद का वादा किया है। 90 दिनों बाद कंपनी बताएगी कि मॉडल ने कितनी खामियां पकड़ी। ऐतिहासिक – 50 लाख टेस्ट में नहीं पकड़ी खामी, इसने पहली बार में ढूंढ़ी पायलट में मॉडल ने कई ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में हजारों गंभीर साइबर खामियां खोजीं। सबसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम ओपनबीएसडी में 27 साल पुरानी खामी ढूंढी। वीडियो सॉफ्टवेयर एफएफएमपेग में 16 साल पुरानी खामी जो 50 लाख बार स्कैन में भी नहीं मिली। इसने पहली बार में पकड़ा। लिनक्स कर्नेल में कई खामियां जोड़कर पूरे सिस्टम का नियंत्रण हासिल करने का रास्ता भी इसी मॉडल ने दिखाया। बेंचमार्क – साइबर परीक्षण में 100%, कोडिंग में 93.9% स्कोर साइबर सुरक्षा के सबसे कठिन परीक्षणों में इस मॉडल ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। कोडिंग बेंचमार्क में 93.9% जबकि पिछले मॉडल का स्कोर 80.8% था। साइबरजिम परीक्षण में 83.1%, पिछले मॉडल का 66.6% स्कोर था। बता दें कि इस मॉडल के लॉन्च के साथ एंथ्रोपिक की सालाना आय भी तीन गुना से अधिक बढ़कर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गई है। सीईओ अमोडेई बोले- मिथोस मॉडल से खतरा बहुत हमने मिथोस को साइबर सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि कोडिंग के लिए बनाया था। लेकिन कोडिंग की ताकत का साइड इफेक्ट यह निकला कि यह साइबर हमलों में भी उतना ही माहिर हो गया। यदि यह सही हाथों में रहा तो यह तकनीक पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित इंटरनेट और दुनिया बना सकती है। लेकिन अगर गलत हुआ तो खतरा बहुत है।’

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ने वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टर टी. बी. युवराजा ने मुंबई में बैठकर ओमान के मस्कट के मेडिकल सिटी अस्पताल में 55 साल की महिला का रोबोटिक किडनी ऑपरेशन किया। यह क्रॉस-बॉर्डर रिमोट रोबोटिक सर्जरी भारत से पहली बार मानी जा रही है। यह सर्जरी एडवांस्ड ‘मेडबॉट ट्युमाई’ रोबोटिक सिस्टम और रियल-टाइम कनेक्टिविटी के जरिए की गई। डॉक्टर ने दूर बैठकर पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल किया और सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की। कोकिलाबेन अस्पताल में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. टी. बी. युवराजा ने कहा कि यह हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव है। उनके मुताबिक अब मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि डॉक्टर ही तकनीक के जरिए मरीज तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास 4200 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी का अनुभव है और यह उपलब्धि सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर व्यवस्था का संकेत है। इससे दुनिया भर में इलाज की पहुंच आसान हो सकती है। अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO डॉ. संतोष शेट्टी ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की तकनीकी क्षमता और पहले किए गए रिमोट ऑपरेशन के अनुभव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस बार भारत की क्लिनिकल क्षमता को मस्कट के कैंसर मरीज तक पहुंचाया गया। अस्पताल के मुताबिक, यह सर्जरी सभी जरूरी नियमों के तहत की गई। इसमें CDSCO की गाइडलाइंस का पालन किया गया, ताकि सुरक्षा, नैतिकता और क्लिनिकल स्टैंडर्ड बनाए रखें। यह जरूरी है क्योंकि रिमोट सर्जरी अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर लागू होने की दिशा में बढ़ रही है। अस्पताल ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब सिर्फ मेडिकल टूरिज्म का केंद्र नहीं, बल्कि दुनिया भर में रियल-टाइम मेडिकल एक्सपर्टीज देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे यह भी साबित हुआ कि अब सर्जरी देश की सीमाओं से बाहर निकल रही है। कोकिलाबेन अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए एक बड़ा सेंटर है और यहां तीन एडवांस्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। अस्पताल के पास भारत का पहला मेडबॉट ट्युमाई सिस्टम भी है, जिससे ऐसी सर्जरी संभव हो पाई। अस्पताल के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मरीज-केंद्रित सोच पर आधारित है। बिना यात्रा किए जटिल सर्जरी होने से मरीज को सुविधा मिलती है और बेहतर नतीजे मिलने की संभावना भी बढ़ती है। अब मरीजों को इलाज के लिए विदेश जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे समय बचेगा, खर्च कम होगा और इलाज जल्दी मिल सकेगा। यह उपलब्धि कोकिलाबेन अस्पताल को ग्लोबल लेवल पर एक ऐसे सेंटर के रूप में स्थापित करती है, जहां से टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में इलाज दिया जा सकता है। अस्पताल का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी रिमोट सर्जरी हेल्थकेयर के भविष्य को बदल सकती है।

फेफड़ों में जमा कफ तुरंत आएगा बाहर, रातभर की खांसी भी होगी दूर, अदरक-गुड़ का ये घरेलू नुस्खा देगा राहत

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Last Updated:April 09, 2026, 12:58 IST Home Remedy For Cough: कई बार लोगों को कफ की बहुत ज्यादा समस्या हो जाती है और वे रात-रातभर खांसते रहते हैं, सो नहीं पाते. इसका इलाज झारखंड की राजधानी रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं. वे कहते हैं एक गिलास पानी में आपको अदरक, थोड़ा सा गोल मिर्च, थोड़ा सा तेज पत्ता, थोड़ा सा गुड़ इन सभी चीजों को मिलाकर पानी को आधा कर लेना है और फिर इस पानी को रात में सोते समय पी लेना है. उसके बाद पानी नहीं पीना है. आप देखेंगे सुबह तक आपको काफी हद तक आराम मिल जाएगा. दिन में तीन टाइम ऐसा करना है. क्योंकि इन सारी चीजों की तासीर गर्म होती है और ये प्राकृतिक रूप से फेफड़ों को साफ करने का काम करता है. फेफड़ों में जितनी भी कफ जमी होती है, धीरे-धीरे यह बाहर निकालने का काम करता है. कई बार रात के सोते समय अधिक खांसी आती है, इससे भी निजात मिल जाएगी. दरअसल, अदरक, गोल मिर्च, गुड़, तेज पत्ता ये सारी चीजें जो हैं, ये विटामिन सी, जिंक, मैग्नीशियम व कॉपर इन सभी से भरपूर हैं और ये सभी लंग्स के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती हैं. विटामिन सी तो प्राकृतिक रूप से फेफड़े को साफ करने का काम करता है. अगर आपको हल्की खांसी शुरू हो गई है, तभी से ही आप सेवन कर लें, तो कोई गंभीर स्थिति देखने को नहीं मिलेगी. इसके अलावा कोशिश करें डाइट में संतरे को शामिल करें. ऐसा करना काफी फायदेमंद रहता है. संतरा में भी विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है. ऐसे में अगर आपको सर्दी खांसी बार-बार होती है, तो यह सारी चीज जल्दी आपको देखने को नहीं मिलेगी. Add News18 as Preferred Source on Google जिनको सर्दी खांसी बार-बार होती है, उनको तो डाइट में नींबू और संतरा की दोनों चीजें शामिल जरूर करना चाहिए. इसके अलावा खांसी के लिए एक टॉनिक ड्रिंक भी है. सुबह खाली पेट आपको गर्म पानी एक गिलास लेना है और उसमें एक चम्मच शहद डालना है और आधा नींबू पूरा निचोड़ कर डालना है. फिर देखिए इसका सेवन करने के बाद कैसे आपको खांसी से राहत मिलती है. इस ड्रिंक को आप सालभर सेवन कर सकते हैं. प्रचुर मात्रा में आपको कई सारे पोषक तत्वों के साथ विटामिन सी मिलता रहेगा. First Published : April 09, 2026, 12:58 IST

बिहार में सत्ता परिवर्तन: 14 अप्रैल को इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार, पद के लिए सम्राट चौधरी का समर्थन | राजनीति समाचार

Displaced people fleeing Israeli strikes sleep at Martyrs' Square in Lebanon. (AP)

आखरी अपडेट:09 अप्रैल, 2026, 12:57 IST बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेता नीतीश कुमार के राज्यसभा की तैयारी के लिए 14 अप्रैल को इस्तीफा देने की उम्मीद है। जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार (फाइल तस्वीर/पीटीआई) सूत्रों ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेता नीतीश कुमार के 14 अप्रैल को इस्तीफा देने की उम्मीद है क्योंकि वह राज्यसभा के लिए तैयारी कर रहे हैं, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा। न्यूज18. कुमार कल 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक नीतीश कुमार ने कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कहा है कि सीएम का पद खाली नहीं रह सकता। सूत्रों से पता चला है कि वह चाहते हैं कि उनके डिप्टी और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी पदभार ग्रहण करें और उन्होंने पार्टी नेतृत्व को अपनी प्राथमिकता बता दी है। इस बीच 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं. समृद्धि यात्रा सहित कई सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान, नीतीश कुमार ने संकेत दिया है कि सम्राट चौधरी को भविष्य के नेता के रूप में देखा जाना चाहिए। पहले प्रकाशित: 09 अप्रैल, 2026, 12:57 IST समाचार राजनीति बिहार में सत्ता परिवर्तन: नीतीश कुमार 14 अप्रैल को इस्तीफा देंगे, पद के लिए सम्राट चौधरी का समर्थन किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)नीतीश कुमार राज्यसभा(टी)सम्राट चौधरी बीजेपी(टी)बिहार की राजनीति(टी)जेडीयू बीजेपी गठबंधन(टी)बिहार सीएम पद(टी)शपथ ग्रहण समारोह

शराब पार्टी में 37 वर्षीय युवक का सिर कुचला:खंडवा के सुक्ता डैम के पास मिली लाश; शिनाख्त के बाद संदेही दोस्त हिरासत में

शराब पार्टी में 37 वर्षीय युवक का सिर कुचला:खंडवा के सुक्ता डैम के पास मिली लाश; शिनाख्त के बाद संदेही दोस्त हिरासत में

खंडवा जिले के बोरगांव चौकी क्षेत्र अंतर्गत सुक्ता डैम के पास बुधवार सुबह एक 37 वर्षीय युवक का सिर कुचला हुआ खून से लथपथ शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान ग्राम आरूद निवासी विशाल (पिता दशरथ डोंगरे) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में शराब पार्टी के दौरान आपसी कहासुनी में हत्या होने की आशंका सामने आई है। वर्तमान में पुलिस ने इस मामले में मृतक के एक संदेही दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और गुरुवार सुबह 11 बजे ग्राम आरूद पहुंचकर शव परिजनों को सौंप दिया है। शौच गए युवक ने देखी खून से लथपथ लाश जानकारी के अनुसार, मामला बोरगांव चौकी क्षेत्र में सुक्ता डैम का है। बुधवार सुबह करीब 8 बजे हेमगीर गांव का रहने वाला अक्षय जाधव नाम का युवक जब शौच के लिए गया, तो उसे खून से लथपथ एक लाश पड़ी दिखाई दी। उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में डेडबॉडी की पहचान नहीं हो पा रही थी, लेकिन पुलिस ने अगले दिन सुबह तक शव की शिनाख्त ग्राम आरूद निवासी 37 वर्षीय विशाल के रूप में कर ली और हत्या के मामले को सुलझाने तक पहुंच गई। चौकी प्रभारी बोले- 2 दिन पहले दोस्त के साथ दिखा था मृतक पुलिस को जांच के दौरान सुराग मिला कि मृतक अपने एक दोस्त के साथ 2 दिन पहले दिखाई दिया था और उसी दिन उसकी हत्या हुई थी। इस आधार पर पुलिस ने संदेही दोस्त को हिरासत में लिया है। बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले ने बताया कि, “हत्या की जांच में जुटी पुलिस को क्लू मिला कि मृतक उसके एक दोस्त के साथ दो दिन पहले दिखाई दिया था। उसी दिन उसकी हत्या हुई थी, पुलिस ने आज गुरूवार सुबह 11 बजे ग्राम आरूद पहुंचकर मृतक के शव को उसके परिजनों के सुपुर्द किया, वहीं संदेही दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैं। मामला शराब पार्टी के दौरान आपसी कहासुनी के बीच हत्या का प्रतीत होता हैं। ठोस वजह का पूछताछ के बाद ही खुलासा हो पाएगा।”

पुडुचेरी चुनाव 2026: मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने किया सत्य में वापसी का दावा, जानिए क्या कहा?

पुडुचेरी चुनाव 2026: मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने किया सत्य में वापसी का दावा, जानिए क्या कहा?

विधानसभा चुनाव 2026: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग के बीच बीजेपी ने अगली सरकार बनाने का विश्वास जताया है। मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने सत्य में वापसी का दावा किया है। 2021 विधानसभा चुनाव में 82 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज होने के साथ-साथ अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ता की भागीदारी में पिछले हिस्से से अधिक की भागीदारी हो सकती है, जो नामांकन प्रक्रिया में जनता की मजबूत भागीदारी को शामिल करती है। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने अपना वोट वोट डालने से पहले अपने आवास के पास स्थित एक मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस मौक़े पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को सरकार बनाने के लिए स्वर्ग की प्राप्ति पूरी तरह से विश्वसनीय है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.पी. रामलिंगेम ने शानदार जीत का दावा किया है। आईएएनएस से बात करते हुए रामलिंगम ने कहा, “आज का दिन बहुत अच्छा है। सभी नागरिक अपने देश के लिए मतदान करने में बड़ी रुचि दिखा रहे हैं। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है। आकल्पन सरकार बनाने जा रही है।” रामलिंगम राजनीतिक विधानसभा क्षेत्र से चुनावी लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार आर. कुमारन स्कूल के उम्मीदवार विग्नेश कन्नन से हैं, जिससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। 1,099 वोटिंग वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। अधिकारियों ने इस बात पर हस्ताक्षर किए हैं कि प्लास्टिक और स्ट्रेंथ वोटिंग प्रक्रिया के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक आश्रमों के मैदान में होने के कारण, केंद्र शासित प्रदेश पर नियंत्रण हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा के बीच प्रतिस्पर्धा होने की उम्मीद है। अखिल भारतीय एन.आर. में अवलोकन पुडुचेरी कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन की सरकार है. चुनाव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,791 पुलिस बल और केंद्रीय सशस्त्र बल बलों की 30 इकाइयों के सहयोग से कुल 4,836 मतदान परिषदों को शामिल किया गया है। कुल 209 मतदान याचिकाओं को सज्जन और पांच को अत्यंत संवेदनशील घोषित किया गया है। इन प्लेस पर सीक्वल निगरानी रखी जा रही है। वयोवृद्ध और कैथोलिक लोगों की सहायता के लिए लगभग 2,000 छात्र स्वयंसेवकों ने मतदान किया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)विधानसभा चुनाव(टी)पुडुचेरी(टी)मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी(टी)वीपी रामलिंगम(टी)आर। कुमारन (टी) विग्नेश कन्नन (टी) पुडुचेरी चुनाव 2026 (टी) एन। रंगास्वामी(टी)विधानसभा चुनाव(टी)पुडुचेरी(टी)चुनाव 2026