केरल चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव के कुल, 883 उम्मीदवार मैदान में, कल वोट से पहले जान सहयोगी सब

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रत्न यू.के. केलकर ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए नौ अप्रैल को होने वाले मतदान के सभी हिस्से पूरे कर लिए गए हैं, जिसमें 883 दावेदार राज्य के 2.71 करोड़ का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे। केलकर ने बताया कि राज्य में 30,495 मतदान केंद्र स्थापित किये गये हैं. उन्होंने बताया कि इनमें 24 सहायक मतदान केंद्र भी शामिल हैं, संविधान आवश्यकता सूची के विशेष गहन पुनीक्षण (एसआईआर) के बाद पोस्ट किया गया। केलकर के अनुसार, केरल के कासरगोड, कब्लॉकर, पलक्क, मलप्पुरम और एर्नाकुलम में नए मतदान केंद्र की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन वोटिंग वोटिंग में 352 का ऑपरेशन महिलाएं और 37 का ऑपरेशन डायलॉग लोग शामिल होंगे। केलकर के, 140 वितरण और संग्रह केंद्र स्थापित किये गये हैं और मैटपैटर्न की गिनती 140 ‘स्ट्रांग रूम’ में की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘चुनाव प्रक्रिया के प्रबंधन के तहत, हमने 1.46 लाख प्रशिक्षण चुनाव अधिकारियों की स्थापना की है। ‘कानून-व्यवस्था द्वारा बनाए गए भंडार और प्लास्टिक वोटिंग के लिए 76,000 पुलिस और सेंट्रल सीलिंग की स्थापना की गई है।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)कन्नूर(टी)कासरगोड(टी)पलक्कड़(टी)रतन यू. केलकर(टी)मलप्पुरम(टी)एर्नाकुलम(टी)केरल चुनाव(टी)केरल चुनाव 2026(टी)कन्नूर(टी)मलप्पुरम(टी)रतन यू केलकर(टी)कन्नूर(टी)केरल चुनाव 2026(टी)के बॉलर(टी)कासरगोड(टी)पलक्क(टी)रत्न यू केलकर(टी)मलप्पुरम(टी)एर्नाकुलम(टी)केरल चुनाव(टी)केरल चुनाव 2026
रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती

इस बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। यानी लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी दी। इससे पहले फरवरी में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं किया था। RBI ने दिसंबर में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वे इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की बड़ी बातें रेपो रेट पर लिए गए फैसले की वजह हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई है। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अक्सर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं यानी बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।
दिन में 4 बार खाना खाया, फिर भी 2 महीने में घटा लिया 12 किलो वजन ! शख्स ने बताया अनोखा वेट लॉस प्लान

Last Updated:April 08, 2026, 09:46 IST Easy Weight Loss Formula: इंस्टाग्राम पर एक शख्स ने बताया है कि उसने दिन में 4 बार खाना खाया और इसके बावजूद 2 महीने में 12 किलो वजन घटाने में कामयाबी हासिल कर ली. उसने वेट लॉस के लिए हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर डाइट ली और चीनी व जंक फूड से दूरी बनाई. शख्स की जर्नी यह दिखाती है कि छोटे-छोटे बदलाव से भी तेजी से वजन घटाया जा सकता है. वेट लॉस करने के लिए सही खानपान की जरूरत होती है. Amazing Weight Loss Tips: आज के दौर में मोटापा सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. बड़ी संख्या में युवा ओवरवेट और मोटापे का शिकार हो रहे हैं. अगर शरीर का वजन ज्यादा हो जाए, तो इससे डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर, लिवर डिजीज समेत कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में तमाम लोग अपना वजन कम करने की कोशिश करते हैं. आमतौर पर वजन कम करने के लिए लोग कम खाना खाते हैं और दिनभर भूखा रहने की कोशिश करते हैं. हालांकि अगर खानपान में सुधार कर लिया जाए, तो बिना फास्टिंग और वर्कआउट के भी वेट लॉस किया जा सकता है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति ने यह साबित कर दिखाया कि बिना अत्यधिक सख्ती के भी सिर्फ सही खान-पान और छोटे बदलावों से वजन घटाया जा सकता है. उसने दिन में 4 बार बैलेंस्ड डाइट लेकर मात्र दो महीनों में 12 किलो वजन कम कर लिया. ईशान कार्डे नाम के युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी वेट लॉस जर्नी साझा की. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 82 किलो से 70 किलो तक वजन घटाया और वह भी बिना किसी चीट मील के. उन्होंने अपनी डाइट में पूरी तरह अनुशासन बनाए रखा- न चीनी, न चिप्स, न बिस्कुट. खाने में सिर्फ हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर फूड्स. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ईशान अपने दिन की शुरुआत एक पौष्टिक और प्रोटीन-रिच नाश्ते से करते थे, जिसमें ओट्स, लगभग 150 मिलीलीटर दूध और एक स्कूप व्हे प्रोटीन शामिल था. उनका मानना था कि दिन की शुरुआत सही पोषण से करने पर पूरे दिन भूख कंट्रोल रहती है. इस नाश्ते से उन्हें अच्छी मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मिलते थे, जिससे उन्हें एनर्जी भी मिलती थी और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता था. दोपहर के खाने यानी लंच में उन्होंने डाइट का विशेष ध्यान रखा. वह 200 ग्राम चिकन ब्रेस्ट या पनीर के साथ 2 रोटी, हल्की ग्रेवी और सलाद लेते थे. लंच में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा संतुलन होता था, जिससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता था और वजन घटाने की प्रक्रिया भी प्रभावित नहीं होती थी. शाम के समय भूख को कंट्रोल करने के लिए उन्होंने हल्का, लेकिन पौष्टिक स्नैक्स चुना. इसमें एक फल, थोड़े सूखे मेवे और 5 अंडों की सफेदी शामिल थी. यह कॉम्बिनेशन उन्हें पर्याप्त प्रोटीन देता था और अनावश्यक स्नैकिंग से बचाता था. रात के खाने में ईशान ने हल्का और लो-कार्ब खाना लिया. वह 200 ग्राम चिकन या पनीर के साथ सलाद लेते थे, जिससे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलता था, लेकिन कैलोरी कम रहती थी. इस तरह दिनभर में 4 बार संतुलित भोजन करके उन्होंने अपने शरीर की जरूरतों को पूरा किया और धीरे-धीरे वजन कम किया. अगर आप भी वजन कम करना चाहते हैं, तो यह वेट लॉस प्लान फॉलो कर सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 09:46 IST
'फेक रिफंड स्कैम' से ठगी के दो मामले दर्ज:मंडला में अपराधी फर्जी SMS भेजकर पैसे वापस मंगाकर कर रहे धोखाधड़ी

मंडला जिले में साइबर ठगी के हाल के मामलों के बाद पुलिस ने आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है। अपराधी ‘फेक रिफंड स्कैम’ का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग पहले फोन कर बताते हैं कि गलती से आपके खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए हैं। इसके बाद फर्जी एसएमएस या स्क्रीनशॉट भेजकर पैसे आने का भ्रम पैदा किया जाता है। फिर भावनात्मक दबाव डालकर तुरंत रकम वापस भेजने के लिए कहा जाता है। पुलिस ने हाल ही में दो मामले दर्ज पहले मामले में एक दुकानदार को फर्जी बैंक मैसेज भेजकर 50 हजार रुपए लौटवाए गए। दूसरे मामले में बैंक में काम करने वाली महिला को 9 हजार रुपए लौटाने के लिए फंसाया गया, जबकि उसके खाते में कोई पैसा आया ही नहीं था। पुलिस ने जारी किया अलर्ट एसपी रजत सकलेचा ने लोगों से कहा कि केवल एसएमएस या स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें। पहले अपने बैंक बैलेंस की पुष्टि करें और किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिफंड या खाते में पैसे जमा होने के लिए कभी भी ओटीपी साझा करने की जरूरत नहीं होती। किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, मंडला पुलिस हेल्पलाइन 7049141561 या साइबर क्राइम की बेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।
उमरिया में सुबह से तेज बारिश, गेंहू की फसलें बर्बाद:कटाई में देरी और रंग फीका पड़ने से भाव गिरने की आशंका

उमरिया में बुधवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे किसान चिंतित हैं। फसल कटाई में देरी और गेहूं का रंग फीका पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पाली क्षेत्र में भी सुबह से हो रही बारिश जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में बुधवार सुबह 5 बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई, जो बाद में तेज बारिश में बदल गई। सुबह 8:30 बजे तक बारिश की तीव्रता और बढ़ गई। पाली क्षेत्र में भी सुबह से तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दूध पहुंचाने वाले भी रेनकोट पहनकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। मौसम में आए इस बदलाव से जिले में ठंडक बढ़ गई है। किसान बोले-बारिश से गेहूं की फसलों का रंग होगा खराब बारिश से किसान विशेष रूप से चिंतित हैं। किसान गुड्डा ने बताया कि इस बारिश से सभी फसलों पर असर पड़ेगा, खासकर गेहूं की फसल का रंग खराब हो जाएगा। इससे बाजार में गेहूं का सही भाव नहीं मिल पाएगा। सुबह से आसमान में बादल भी छाए हुए हैं। जिले में 8 अप्रैल को लगभग 3 घंटे में 2.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। तापमान में भी गिरावट आई है; जहां 7 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 8 अप्रैल को यह 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी रजनीश यादव के मुताबिक, जिले में बूंदाबांदी जारी रह सकती है।
5 घंटे तालाब में छिपा रहा 400 चोरियों का मास्टरमाइंड:कमल की डंठल से लेता रहा सांस, AC कोच से महिला का पर्स खींचकर भागा था

जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया। वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया। घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है। एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ (RPF) की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागने लगा। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला के एक गहरे और काई से भरे तालाब में जा कूदा। रात के अंधेरे और घनी शैवाल के कारण वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया। तीन विजुअल से समझें घटनाक्रम आरोपी ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। शातिर चोर ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था। केवल एक पाइपनुमा कमल-नाल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई के बीच से ढूंढ़ निकाला। देखिए दो तस्वीरें पुराने फोटो ने खोली पोल, ‘सनी’ नाम सुनते ही उगली असलियत गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को कुछ शक हुआ। उन्हें याद आया कि 2018 में उन्होंने एक वाॅन्टेड चोर का फोटो मोबाइल फोन में सेव किया था। जैसे ही उन्होंने आरोपी को उसके पुराने नाम सनी से पुकारा। आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी। यूपी के बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है। उसकी उम्र 32 साल है। वह यूपी के बिजनौर का रहने वाला है। वह अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है। 2018 में 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे 2018 में आरोपी के पास से 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे। उसने अवंतिका एक्सप्रेस ट्रेन से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया था। वह हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता। बिना टिकट सफर करता था। 8 राज्यों की पुलिस को थी तलाश हरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और मुंबई समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था। कभी कोई पहचान-पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है। ………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी मध्य प्रदेश के खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। बंगला परिसर में बने स्टोर रूम से अज्ञात चोर ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड उड़ा ले गए हैं। वारदात 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात की है। इसका खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ है। पढ़ें पूरी खबर
रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। देखिए, 7 तस्वीरें… इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कलेक्टर जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…
गर्मी में डाइट में शामिल करें हरी सब्जी, फल और सलाद, स्किन पर बना रहेगा ग्लो, दिखेंगे सबसे स्मार्ट

Last Updated:April 08, 2026, 08:26 IST Summer skin care tips: अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू जैसी परिस्थितियां न सिर्फ सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और झुलसी हुई नजर आने लगती है.इसलिए जरूरी है कि अप्रैल की गर्मी में स्किन का खास ख्याल रखा जाए, ताकि त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहे. अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाने लगती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू जैसी परिस्थितियां न सिर्फ सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो त्वचा रूखी, बेजान और झुलसी हुई नजर आने लगती है.इसलिए जरूरी है कि अप्रैल की गर्मी में स्किन का खास ख्याल रखा जाए, ताकि त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहे. दरअसल रायबरेली जिले की ब्यूटीशियन आरती सिंह बताती है कि अप्रैल की तेज गर्मी में भी त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है. नियमित देखभाल से स्किन न सिर्फ हेल्दी रहेगी, बल्कि प्राकृतिक चमक भी बनी रहेगी. सबसे पहले धूप से बचाव करना बेहद जरूरी है. तेज धूप में बाहर निकलने से पहले चेहरे और खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. कम से कम एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा धूप में निकलते समय टोपी, छाता या स्कार्फ का उपयोग करें, ताकि त्वचा पर सीधी धूप का असर कम पड़े. Add News18 as Preferred Source on Google दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है, इसलिए इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. गर्मी के मौसम में त्वचा को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी है. शरीर में पानी की कमी का असर सीधे त्वचा पर दिखाई देता है. दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं. नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन भी त्वचा को अंदर से ठंडक देता है. इसके साथ ही चेहरे को दिन में दो से तीन बार ठंडे पानी से धोने से भी त्वचा ताजा बनी रहती है. गर्मी में ऑयली स्किन की समस्या भी बढ़ जाती है. हफ्ते में एक या दो बार घरेलू फेस पैक लगाना भी फायदेमंद होता है. जैसे बेसन, दही और हल्दी का पैक त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है. खीरा, एलोवेरा जेल और गुलाब जल भी त्वचा को ठंडक देने में मदद करते हैं. इसके अलावा खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है. तली-भुनी और मसालेदार चीजों की जगह हरी सब्जियां, फल और सलाद को अपनी डाइट में शामिल करें.तरबूज, खरबूज और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं. पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद पूरी न होने से त्वचा थकी हुई नजर आती है. First Published : April 08, 2026, 08:26 IST
ग्रामीण इलाकों में आम सा दिखने वाला मकोय का पौधा, पेट की गंभीर बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट की सलाह पर करें उपयोग

Last Updated:April 08, 2026, 08:16 IST वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि मकोय का पौधा लीवर से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. पीलिया के मरीजों को इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यह पेट से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी राहत देता है. यह पौधा आमतौर पर गांव में नजर आता है. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. खेतों और आसपास के इलाकों में आसानी से मिलने वाला मकोय का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे लंबे समय से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. मकोय लीवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल पुराने समय से घरेलू इलाज के रूप में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसके पत्तों का रस या काढ़ा बनाकर पीते हैं, जिससे लीवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है. मकोय में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में सहायक होते हैं. मकोय पेट से जुड़ी समस्याओं में भी काफी लाभकारी माना जाता है. आजकल बदलती खानपान की आदतों की वजह से गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें आम हो गई है, ऐसे में मकोय एक आसान घरेलू उपाय बन सकता है. लोग इसके पत्तों का साग बनाकर खाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कम कर सकता है.
मंदसौर में आंधी-तूफान, बोट से गिरी युवती की मौत:शादी समारोह में जा रही थी आशा, रात में मिला शव

मंदसौर जिले में मंगलवार देर शाम से रात तलक आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते जहां कई जगह पेड़ गिर गए, वहीं शादी समारोहों के लिए लगाए गए पंडाल तक उखड़ गए। इस बीच एक दर्दनाक हादसे में मोटर बोट (स्टीमर) से नदी में गिरने पर एक युवती की मौत हो गई। नदी में डोली बोट, युवती गिरी पानी में जानकारी के अनुसार, गांव कुशालपुरा निवासी 24 वर्षीय आशा पिता कन्हैयालाल सूर्यवंशी, गांव खात्याखेड़ी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। इसी दौरान ग्राम ढौर्री के पास नदी पार करते समय तेज हवा के झोंकों से मोटर बोट अनियंत्रित हो गई। बोट के डोलने से आशा संतुलन खो बैठी और नदी में गिर गई। घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन, देर रात मिला शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने स्थानीय गौताखोरों और एसडीईआरएफ की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और घंटों की खोजबीन के बाद मंगलवार देर रात युवती का शव नदी से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र नाहरगढ़ लाया गया है। बुधवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार में पसरा मातम, इलाके में शोक की लहर अचानक हुए इस हादसे से मृतका के परिवार में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवती की मौत नदी में गिरने से होना सामने आया है। मंगलवार देर शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने जिलेभर में व्यापक असर डाला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और शादी के पंडाल उखड़ने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।






