श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक समिति अध्यक्ष का निधन:गुरनाम सिंह डंग का 65 वर्ष की उम्र में देहांत; आज भक्तन की बावड़ी में होगा अंतिम संस्कार

श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग (65) का कुछ दिनों की बीमारी के बाद मंगलवार रात निधन हो गया। शिक्षा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से समिति के अध्यक्ष पद पर थे। वर्तमान में उनका अंतिम संस्कार 8 अप्रैल (बुधवार) को भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा और उनके निधन के चलते समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। 16 साल से थे अध्यक्ष, सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष भी रहे शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में अग्रणी गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष थे। इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ केंद्रीय श्री गुरु सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते मंगलवार रात उनका देहांत हो गया। उनके परिवार में एक भाई सतपाल सिंह, दो बेटे अंकित डंग व अर्पित डंग और एक बेटी सोनल है। दोपहर 1 बजे निवास से निकलेगी अंतिम यात्रा गुरनाम सिंह डंग की अंतिम यात्रा 8 अप्रैल (बुधवार) को दोपहर 1 बजे राज गार्डन के सामने बरबड़ रोड स्थित उनके निवास स्थान से निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में रहेगा अवकाश अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा संचालित स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। इसके तहत श्री गुरु बहादुर एकेडमी और श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में 8 अप्रैल को पूर्ण रूप से अवकाश रहेगा।
सूजी का हलवा: घर में असली भंडारे वाला सूजी का हलवा, हलवाई भी हो जाएगी फेल; नोट करें आसान रेसिपी

सूजी का हलवा बनाने की विधि: अगर आपने कभी मंदिर या भंडारे का सूजी का हलवा खाया है, तो आपको उसका स्वाद जरूर याद आया होगा, जो घी से भरा, स्वादिष्ट और बिल्कुल शानदार होता है। बता दें कि अब आप यह स्वाद घर पर भी आसानी से बना सकते हैं, वो भी बिना किसी खास मेहनत के। तो जानें सूजी का हलवा बनाने की सबसे आसान विधि- सूजी का हलवा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री अन्य युक्तियाँ: अब आपको बाहर जाने के लिए सूजी का हलवा जैसे भंडारे की जरूरत नहीं है। इस आसान रेसिपी की मदद से आप घर पर ही स्वादिष्ट और स्वादिष्ट हलवा बना सकते हैं।
ईरान-अमेरिका में 2 हफ्ते का सीजफायर:40वें दिन जंग रुकी; ईरान होर्मुज भी खोलेगा, नागरिकों से कहा- जीत का जश्न मनाएं

ईरान और अमेरिका 2 हफ्ते के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया, ईरान की तरफ से तुरंत होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्त पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने के लिए राजी हूं। ट्रम्प ने कहा, “मैंने यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के अपील के बाद लिया है। हमें ईरान से 10 पॉइंट का प्रस्ताव मिला है। दोनों देशों के बीच सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अगले दो हफ्ते समझौते को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने के लिए जरूरी होंगे।” ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि आगे की बातचीत 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी। ईरान ने दो हफ्ते के लिए होर्मुज खोलने की जानकारी दी और अपने नागरिकों से कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखना और जीत का जश्न मनाना पूरी ताकत से जारी रखें। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों से कहा:जिन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका, वहां का अध्ययन करें- कैसे लागू किया, क्या चुनौती आई

मध्यप्रदेश अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी में है। असम और गुजरात के बाद मप्र भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि यूसीसी का अध्ययन करें, इसे राज्य में लागू करना . सीएम के संकेत के बाद गृह विभाग में प्रक्रिया तेज हो गई है, क्योंकि यूसीसी बिल तैयार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। सूत्रों के अनुसार, जल्द राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित होगी। राज्य सरकार छह माह के भीतर यूसीसी बिल लाने की तैयारी में है। इसके लिए दिल्ली से भी मप्र को संकेत मिल चुके हैं। उत्तराखंड-गुजरात-असम जैसे बहुविवाह के नियम बदलेंगे, लिव इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी Q. यूसीसी लागू होने पर मूल बदलाव क्या होगा? – सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने के नियम एक समान हो जाएंगे। अलग-अलग पर्सनल लॉ खत्म हो जाएंगे। Q. शादी और तलाक के नियम कैसे बदलेंगे? – अभी हर धर्म के अपने नियम हैं। यूसीसी के बाद विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। न्यूनतम आयु समान होगी, तलाक के कानूनी आधार सभी के लिए एक होंगे। Q. बहुविवाह और विरासत के नियमों पर क्या असर? – कई पर्सनल लॉ में एक से अधिक विवाह की अनुमति या गुंजाइश है। यूसीसी लागू होते ही पूरी तरह प्रतिबंधित। – बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार मिलेगा। यह नियम सभी धर्मों पर समान लागू होगा। Q. यूसीसी लागू करने में मप्र में सबसे बड़ी चुनौती क्यों मानी जा रही है? – मप्र में बड़ी संख्या में जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जहां पारंपरिक विवाह पद्धतियां प्रचलित हैं। इन परंपराओं को यूसीसी में शामिल करना या अलग प्रावधान चुनौती होगी। दापा प्रथा: वधु मूल्य देना। भगेली/लम्सना विवाह: युवक-युवती भागकर शादी करते हैं, बाद में समाज मान्यता देता है। सेवा विवाह: वधु मूल्य न देने पर लड़का ससुराल में रहकर सेवा करता है। नातरा प्रथा: विधवा पुनर्विवाह या साथी बदलने की अनुमति। Q. किन राज्यों में यूसीसी लागू या प्रक्रिया में है? उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास, 27 जनवरी 2025 से लागू। गुजरात: मार्च 2026 में बिल पास, लागू करने की तैयारी। गोवा: 1867 के पुर्तगाली सिविल कोड के कारण यहां यूसीसी पहले से लागू। असम: नवंबर 2025 में बहुविवाह निषेध कानून पास, यूसीसी की दिशा में कदम उत्तर प्रदेश: यूसीसी लागू की तैयारी चल रही है। एसटी 3 राज्यों में कानून से बाहर Q. उत्तराखंड मॉडल में क्या है? -स्वतंत्र भारत का पहला राज्य जहां यूसीसी लागू हुआ। शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लिव-इन रिलेशनशिप का 30 दिन में रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया। ऐसा न करने पर 3 महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। Q. गुजरात मॉडल की खास बातें क्या हैं? -उत्तराखंड जैसा ढांचा। धोखे, दबाव या पहचान छिपाकर शादी अपराध है। इस पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव-इन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संपत्ति में बेटा-बेटी बराबर होंगे। एसटी को कानून से बाहर रखा गया है। Q असम का मॉडल क्या है? – यहां यूसीसी पूरी तरह लागू नहीं। बहुविवाह अपराध घोषित किया है। छठी अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर।
शिमला के नारकंडा-कुफरी में बर्फबारी:हिमाचल में रातभर तेज बारिश, आज 5 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

हिमाचल प्रदेश में शिमला जिला के मशहूर पर्यटन स्थल नारकंडा और कुफरी समेत लाहौल स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर सुबह 6 बजे के बाद बर्फबारी शुरू हुई। इससे पहले, पूरे प्रदेश में रात भर तेज बारिश हुई। कई जगह तूफान भी चला। मौसम विभाग ने आज भी पांच जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट दे रखा है। बारिश व बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। पहाड़ों पर लोग सर्दी के गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए है। राज्य के कई शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। बर्फबारी के बाद इसमे और गिरावट आएगी। ऊना के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 9.2 डिग्री की गिरावट आने के बाद पारा 23.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। सोलन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 9.1 डिग्री कम होने के बाद 23.6 डिग्री, कांगड़ा का 6.1 डिग्री लुढ़कने के बाद 26 डिग्री, सुंदरनगर का 5.6 डिग्री कम होने के बाद 23.3 डिग्री सेल्सियस रह गया है। 3 जगह जमाव बिंदू के आसपास पहुंचा रात का पारा बीते 24 घंटे में कल्पा का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री, कुकुमसैरी का 0.4, ताबो का पारा 1.1 डिग्री, मनाली का 5.5 डिग्री, सियोबाग 5.8 डिग्री, सोलन 8.5, भुंतर व शिमला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन में कई शहरों का पारा माइनस में जाने की संभावना है। आज पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD के अनुसार- अगले 48 घंटे भी ठंड से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का पूर्वानुमान है। कल भी पूरे प्रदेश में खराब रहेगा मौसम अगले कल भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। नौ अप्रैल के लिए मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट दिया गया है। 10 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, इस दिन अधिक ऊंचे पहाड़ों पर ही हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 11 व 12 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। सेब की फसल पर संकट ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सेब बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। बर्फ के भार से सेब को ओलो से बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट और बांस टूट रहे है। सेब की फ्लावरिंग के वक्त अत्यधिक ठंड के कारण फसल पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि फ्लावरिंग के दौरान औसत तापमान 14 से 15 डिग्री जरूरी होता। मगर आज दो दिन से औसत पारा 6 से 7 डिग्री तक गिर गया है।
Health Tips: गर्मी में कुडजू स्टार्च का करें सेवन, पसीना, थकान और गर्मी से मिलेगी राहत, शरीर को मिलेगा जबरदस्त फायदा

Last Updated:April 08, 2026, 05:20 IST Kudzu Starch Drink Benefits : कुडज़ू और कसावा स्टार्च पेय गर्मी में ठंडक और सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. पलामू के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने कहा कि इससे पथरी की आशंका भी दूर हो जाती है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला पेय पदार्थ है. कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर से बना पेय लंबे समय से गर्मियों में इस्तेमाल किया जाने वाला पारंपरिक और ताजगी देने वाला पेय माना जाता है. यह सस्ता होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक देता है और कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है. खासतौर पर गर्मी के मौसम में लोग इसे शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए पीते हैं. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल 18 को बताया कि यह पेय रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और गुर्दे की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है. उन्होंने कहा कि कई लोगों में यह धारणा है कि कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर के ज्यादा सेवन करने से गुर्दे की पथरी बन सकती है. हालांकि यह पूरी तरह गलतफहमी है. चिकित्सा साहित्य में अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि कुडज़ू पाउडर के सेवन से पथरी बनती है. इसमें ऐसे सक्रिय तत्व नहीं पाए जाते हैं. जो पथरी बनने का कारण बनें. साथ ही कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार कुडज़ू की जड़ का स्वाद मीठा और प्रकृति तटस्थ होती है. यह शरीर की गर्मी कम करने, प्यास बुझाने, बुखार, खसरा, फोड़े-फुंसी और सर्दी में राहत देने में उपयोगी मानी जाती है. इसके अलावा यह हैंगओवर से राहत दिलाने में भी प्रभावी बताई जाती है. गर्मी के दिनों में इसे ठंडक देने वाले प्राकृतिक पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि कुडज़ू स्टार्च पाउडर रक्त संचार को बेहतर बनाने, रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और रक्तचाप कम करने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, यकृत कोशिकाओं की रक्षा करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करता है. यह श्वसन संक्रमण से बचाव और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. साथ ही कहा कि यह लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. इसे रोजाना एक गिलास से अधिक सेवन न करने की सलाह देते हैं. इसे शहद के साथ मिलाकर नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है. सुबह इसका सेवन बेहतर माना जाता है. जबकि शाम को पीने से बचने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि कसावा स्टार्च का शीतल प्रभाव अधिक होता है, इसलिए छोटे बच्चों को कम मात्रा में ही देना चाहिए. कच्चा सेवन करने से पेट खराब या दस्त की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे पकाकर देना बेहतर है. गर्भवती महिलाओं को शरीर में गर्मी महसूस होने पर इसका सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन ठंड, थकान या लो ब्लड प्रेशर होने पर इसे नहीं पीना चाहिए. आगे कहा कि कुडज़ू स्टार्च पेय बनाने के लिए 2–3 चम्मच स्टार्च में थोड़ा गर्म पानी मिलाकर घोल तैयार करें. इसमें ताजा दूध, गाढ़ा दूध, कुमक्वाट या नींबू और स्वादानुसार चीनी की चाशनी मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ठंडा परोसें. यह पेय गर्मी में ताजगी देने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देता है. उन्होंने आगे कहा कि शुद्ध कुडज़ू स्टार्च सफेद रंग के बड़े दानों के रूप में होता है, जिसमें प्राकृतिक सुगंध होती है. इसे चबाने पर यह कुरकुरा लगता है और जल्दी घुल जाता है. वहीं मिलावटी उत्पाद का रंग धुंधला होता है और उसमें तेज या कृत्रिम गंध हो सकती है. सही गुणवत्ता वाला पाउडर चुनना ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जरूरी माना जाता है. First Published : April 08, 2026, 05:20 IST
वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया:यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे, राजस्थान की दूसरी फास्टेस्ट टीम फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 13वें मैच में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हरा दिया। मंगलवार देर रात गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में रोचक मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। बारिश की वजह से मैच देरी से शुरू हुआ। वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर सिक्स लगा दिया। वहीं यशस्वी जायसवाल ने IPL में अपने 100 सिक्स पूरे किए। राजस्थान ने महज 2.4 ओवर में 50 रन बनाकर IPL इतिहास की दूसरी सबसे तेज टीम फिफ्टी लगाई। पढ़िए RR Vs MI मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. राजस्थान ने अपने रिकॉर्ड की बराबरी की राजस्थान रॉयल्स ने अपनी ही सबसे तेज टीम फिफ्टी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। टीम ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 2.4 ओवर में 50 रन पूरे किए। इससे पहले भी राजस्थान ने 2023 में 2.4 ओवर में ही कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी। सबसे तेज टीम फिफ्टी का रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नाम है, जिन्होंने 2011 में कोच्चि टस्कर्स केरल के खिलाफ 2.3 ओवर में 50 रन बनाए थे। 2. वैभव 19 या उससे कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बैटर वैभव सूर्यवंशी 19 साल या उससे कम उम्र में IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 10 पारियों में 35 सिक्स लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋषभ पंत (30) और ईशान किशन (30) को पीछे छोड़ा। 3. यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे यशस्वी जायसवाल ने IPL में अपने 100 सिक्स पूरे किए। वे राजस्थान रॉयल्स के लिए 100 या उससे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इस मामले में संजू सैमसन (192) टॉप पर हैं, जबकि जोस बटलर (135) और शेन वॉटसन (109) उनसे आगे हैं। यहां से खास टॉप-5 मोमेंट्स… 1. बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ गुवाहाटी में बारिश ने खेल बिगाड़ दिया। MI और RR का मुकाबला तय समय से 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ। मौसम की वजह से ओवर घटाकर मैच 11-11 ओवर का किया गया। 2. यशस्वी ने पहले ओवर में 5 बाउंड्री लगाई यशस्वी जायसवाल ने पहले ओवर में 4 चौके और एक सिक्स लगा दिया। उन्होंने दीपक चाहर के खिलाफ 22 रन बटोरे। इस ओवर में जायसवाल ने पहली ही गेंद पर चौका लगा दिया। उन्होंने दूसरी गेंद पर सिक्स जड़ा और फिर तीसरी व चौथी गेंद पर लगातार बाउंड्री लगाईं। ओवर की आखिरी गेंद पर भी चौका लगा दिया। 3. वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगा दिया। 4. यशस्वी की चौके से 17वीं IPL फिफ्टी यशस्वी जायसवाल ने चौके के साथ अपनी 17वीं IPL फिफ्टी पूरी की। उन्होंने हार्दिक पंड्या की गेंद को कट शॉट खेलते हुए डीप पॉइंट बाउंड्री तक पहुंचाया। इस चौके के साथ जायसवाल ने लगातार दूसरी फिफ्टी भी लगाई। 5. रदरफोर्ड का सिक्स दर्शक को लगा शेरफेन रदरफोर्ड का एक सिक्स स्टैंड में बैठे दर्शक को जा लगा। 8वें ओवर में तुषार देशपांडे की फुल लेंथ गेंद पर उन्होंने शॉट खेला और गेंद डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से स्टैंड में गई। 92 मीटर लंबा यह सिक्स स्टैंड में बैठी एक बच्ची को जा लगा।
वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया:यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे, राजस्थान की दूसरी फास्टेस्ट टीम फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार को IPL 2026 के 13वें मैच में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हरा दिया। बारिश के कारण यह मैच 11-11 ओवर का ही हुआ। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में हुए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर सिक्स लगा दिया। यशस्वी जायसवाल ने IPL में 100 सिक्स पूरे कर लिए। वैभव और यशस्वी की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर राजस्थान ने महज 2.4 ओवर में 50 रन बनाकर IPL इतिहास की दूसरी सबसे तेज टीम फिफ्टी लगाई। पढ़िए RR Vs MI मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. राजस्थान ने अपने रिकॉर्ड की बराबरी की राजस्थान रॉयल्स ने अपनी ही सबसे तेज टीम फिफ्टी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। टीम ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 2.4 ओवर में 50 रन पूरे किए। इससे पहले भी राजस्थान ने 2023 में 2.4 ओवर में ही कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी। सबसे तेज टीम फिफ्टी का रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नाम है, जिन्होंने 2011 में कोच्चि टस्कर्स केरल के खिलाफ 2.3 ओवर में 50 रन बनाए थे। 2. वैभव 19 या उससे कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बैटर वैभव सूर्यवंशी 19 साल या उससे कम उम्र में IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 10 पारियों में 35 सिक्स लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋषभ पंत (30) और ईशान किशन (30) को पीछे छोड़ा। 3. यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे यशस्वी जायसवाल ने IPL में अपने 100 सिक्स पूरे किए। वे राजस्थान रॉयल्स के लिए 100 या उससे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इस मामले में संजू सैमसन (192) टॉप पर हैं, जबकि जोस बटलर (135) और शेन वॉटसन (109) उनसे आगे हैं। यहां से खास टॉप-5 मोमेंट्स… 1. बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ गुवाहाटी में बारिश ने खेल बिगाड़ दिया। MI और RR का मुकाबला तय समय से 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ। मौसम की वजह से ओवर घटाकर मैच 11-11 ओवर का किया गया। 2. यशस्वी ने पहले ओवर में 5 बाउंड्री लगाई यशस्वी जायसवाल ने पहले ओवर में 4 चौके और एक सिक्स लगा दिया। उन्होंने दीपक चाहर के खिलाफ 22 रन बटोरे। इस ओवर में जायसवाल ने पहली ही गेंद पर चौका लगा दिया। उन्होंने दूसरी गेंद पर सिक्स जड़ा और फिर तीसरी व चौथी गेंद पर लगातार बाउंड्री लगाईं। ओवर की आखिरी गेंद पर भी चौका लगा दिया। 3. वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगा दिया। 4. यशस्वी की चौके से 17वीं IPL फिफ्टी यशस्वी जायसवाल ने चौके के साथ अपनी 17वीं IPL फिफ्टी पूरी की। उन्होंने हार्दिक पंड्या की गेंद को कट शॉट खेलते हुए डीप पॉइंट बाउंड्री तक पहुंचाया। इस चौके के साथ जायसवाल ने लगातार दूसरी फिफ्टी भी लगाई। 5. रदरफोर्ड का सिक्स दर्शक को लगा शेरफेन रदरफोर्ड का एक सिक्स स्टैंड में बैठे दर्शक को जा लगा। 8वें ओवर में तुषार देशपांडे की फुल लेंथ गेंद पर उन्होंने शॉट खेला और गेंद डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से स्टैंड में गई। 92 मीटर लंबा यह सिक्स स्टैंड में बैठी एक बच्ची को जा लगा। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान की IPL-19 में लगातार तीसरी जीत:मुंबई को 27 रन से हराया; जायसवाल ने नाबाद 77 रन बनाए, 3 बॉलर्स को 2-2 विकेट राजस्थान रॉयल्स (RR) ने IPL-2026 के 13वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को 27 रन से हरा दिया। मंगलवार को मिली इस जीत से रॉयल्स की टीम 19वें सीजन की पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ गई है। टीम ने लगातार तीसरा मैच जीता है। वहीं, मुंबई लगातार दूसरा मैच हारी है। पूरी खबर IPL में आज DC vs GT:दिल्ली ने शुरुआती दोनों मैच जीते, गुजरात के कप्तान गिल की वापसी संभव IPL 2026 के 14वें मैच में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम 7:00 बजे होगा। DC और GT का इस सीजन पहला मैच होगा। पूरी खबर
मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे:79 हजार करोड़ की लागत से हुई तैयार, दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के लिए रिफाइनरी के अलग मायने हैं। प्रोजेक्ट से बाड़मेर-जैसलमेर में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स व सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। जनवरी से ही रिफाइनरी के पहले चरण के ट्रायल रन (कच्चे तेल का प्रसंस्करण) की तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसमें जल्द कमर्शियल उत्पादन शुरू हो जाएगा। मोदी 2 महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है। रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यास पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ था। उस समय तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37,230 करोड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2018 को फिर से इसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया। इस समय इसकी लागत बढ़कर 43 हजार 129 करोड़ रुपए हो गई थी। इसका काम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। भजनलाल सरकार में कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। इसके बाद इसकी लागत बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए हो गई है। रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। 28 फरवरी को अजमेर आए थे मोदी इस साल की बात करें तो पीएम मोदी पिछले दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। इससे पहले मोदी 28 फरवरी 2026 को अजमेर दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से प्रदेश में 16,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था और 21 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। बीएस-6 मानक और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज रिफाइनरी पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। यहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज परियोजना है, यानी क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान किसी भी तरह का तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा। यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 9 मिलियन टन रिफाइन क्षमता, अरब देशों से आएगा क्रूड पचपदरा रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है। साथ ही यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स भी स्थापित किया गया है। रिफाइनरी के लिए कुल 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा, जबकि प्रदेश में उत्पादित करीब 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग किया जाएगा। 12 किमी नई रेल लाइन बिछेगी करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस रिफाइनरी से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और बायो-प्रोडक्ट्स के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। कुछ महीने पहले ही इसका सर्वे हुआ था। बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी साइट तक करीब 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन एचआरआरएल की ओर से बिछाई जाएगी।
दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने मंगलवार को मंत्रियों की बैठक में इसके संकेत दिए। इसको लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी। दीवाली से पहले एमपी में इसे लागू किया जा सकता है। गोवा, उत्तराखंड के मॉडल का अध्ययन करेंगे एमपी के अधिकारी सूत्र बताते हैं कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित मॉडल तैयार किया जा सके। ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। केन्द्र से मिली हरी झंडी सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है। राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट को कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बताया था। एमपी सरकार को केन्द्र से इसे लागू करने की सहमति भी मिल गई है। सामाजिक संतुलन यूसीसी में चुनौती मप्र में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, खासकर आदिवासी समुदायों की परंपराएं, यूसीसी को लागू कराने में एक अलग प्रकार की चुनौती हैं। 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सरकार हर वर्ग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। क्या बदल सकता है यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम लागू हो सकते हैं। बहुविवाह पर रोक लग सकती है। महिलाओं को समान अधिकार मिल सकते हैं। संपत्ति और उत्तराधिकार में एकरूपता जैसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूसीसी वाले राज्यों के मॉडल भी समझ लीजिए उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ। देश में उत्तराखंड पहला राज्य है। जहां यूसीसी लागू किया गया। वहां शादी और तलाक का पंजीयन कराना जरूरी है। लिव इन रिलेशनशिप का 30 दिन में पंजीयन जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। गुजरात: संपत्ति में बेटा, बेटी को बराबरी का हक होगा। एसटी को इस कानून से बाहर रखा गया है। पहचान छिपाकर धोखे से शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यहां मार्च 2026 में बिल पास हुआ। जल्द ही लागू हो जाएगा। असम: यहां बहुविवाह को अपराध माना गया है। छठीं अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर रखे गए हैं। हालांकि यहां यूसीसी कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।






